Breast me ganth kya hai in hindi

स्तन गांठ

Breast Lump in hindi

stan ki gaanth kya hoti hai hindi mein hindi

 

स्तन गांठ महिलाओं से जुड़ी एक समस्या है जो पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अधिक विकसित होती हैं।

किसी भी उम्र की महिला को ब्रेस्ट लम्प (Breast Lump) हो सकता हैं। अधिकतर स्तन गांठ कैंसर मुक्त (non -cancerous) होती हैं जो संक्रमण (Infection) या सिस्ट (Cyst) के कारण होती हैं।

जरूरी नहीं है कि हर स्तन गांठ, ब्रैस्ट कैंसर ही हो लेकिन संभावना कैंसर की हो सकती है। हालाँकि स्तन कैंसर जानलेवा नहीं होता है, इसका इलाज संभव हैं।

स्तन में गांठ को नज़रअंदाज़ करना सही नहीं हैं। हम आपको यह सलाह देते हैं कि भूलकर भी इन गांठों को नजरअंदाज ना करें। सीने में चुभन, दर्द हो या ना हो, इसे डॉक्टर को दिखाएं।

स्तन में गांठ उत्पन्न होने का प्रमुख कारण शरीर में हार्मोनल असंतुलन (Hormonal imbalance) होता है।

महिलाओं मे स्तन गांठ के लक्षण कई हो सकते है जो हर महिला में भिन्न होते हैं। इन लक्षणों को समझने के बाद ही डॉक्टर स्तन गाँठ का उपचार शुरू करते हैं।

 

स्तन गांठ क्या हैं

What is breast lump in hindi

Stan ganth kya hai in hindi

Stan ganth kya hai in hindi

स्तन गांठ, स्तन में होने वाली सूजन, उभार, बदलाव या विरूपता का ही एक प्रकार है।

स्तन गांठ, ब्रैस्ट टिश्यू (Breast tissue) का एक समूह (group) होता है जो अनियमित आकार में स्तन या निप्पल (Nipples) के किसी भी हिस्से में विकसित हो सकता हैं।

इस समूह को हम गांठ (lump) कहते हैं जो आकार में बड़ी या छोटी, ठोस या नरम और तरल पदार्थ से भरी हुई हो सकती हैं।
कुछ स्तन गांठ दर्दरहित (Painless) और कुछ दर्दनाक (Painfull) होती हैं। स्तन गांठ कैंसरयुक्त और कैंसरमुक्त दोनों प्रकार की हो सकती हैं।

स्तन गांठ का मुख्य कारण हार्मोनल असंतुलन (Hormonal imbalance) होता है लेकिन कुछ अन्य कारणों जैसे मासिक धर्म के समय हार्मोन में परिवर्तन, एक से अधिक बार गर्भधारण, अत्यधिक वजन कम होना, यूवी रेस (UV rays) का ओवरएक्सपोजर (Overexposure), पोषक तत्वों की कमी, शारीरिक दुर्बलता, मेनोपॉज़ (Menopause) आदि हो सकते हैं।

 

स्तन गांठ के प्रकार

Types of breast lump in hindi

breast lump ke prakar in hindi

Stan ganth ke prakar in hindi

स्तन गांठ मुख्य तौर पर दो प्रकार की होती है -

  1. कैंसरमुक्त स्तन गांठ (Non-Cancerous breast lump))
  2. कैंसरयुक्त स्तन गांठ (Cancerous breast lump)

कैंसरमुक्त स्तन गांठ - Non Cancerous breast lump

  1. ब्रेस्ट सिस्ट (Breast cyst)

    एक प्रकार की छोटी स्तन गांठ होती हैं जो सौम्य (Benign), नरम और तरल पदार्थ से भरी हुई होती हैं।

    कुछ ब्रेस्ट सिस्ट दर्द रहित (Painless) होते हैं, जबकि कुछ दर्दनाक (Painfull) होते हैं।

    ब्रेस्ट सिस्ट का आकर लगभग 2.5 से 5 सेंटीमीटर (cm) के बीच होता जो केवल अल्ट्रासाउंड स्कैन (Ultrasound scan) से दिखाई देती हैं।

  2. स्तन फोड़े (Breast abscesses)

    स्तन में विकसित होने वाली ऊतक की ठोस गांठ (solid lump of tissue) होती हैं जो बैक्टीरियल संक्रमण (bacterial infection) के कारण बनती हैं।

    फोड़े होने से स्तन के आस-पास की त्वचा लाल हो जाती है। स्तनपान कराने वाली महिलाओं में स्तन फोड़े अधिक विकसित होते हैं।

  3. ब्रेस्ट एडेनोमा (Adenoma)  

    30 साल से कम उम्र की महिलाओं को अधिक प्रभावित करने वाली एडेनोमा, ऊतक की ठोस गांठ का एक प्रकार है।

    जो स्तन की ग्रंथियों के टिश्यू में असामान्य रूप से विकसित होती है। एडेनोमा के कारण फाइब्रोएडेनोमा (Fibroadenoma) होने का खतरा रहता हैं।

  4. इंट्राडक्टल पैपिलोमा (Intraductal Papilloma)

    एक ऐसी स्थिति है जिसमे स्तन की निप्पल के नीचे स्तन डक्ट (Milk duct) में वार्ट (Wart) विकसित हो जाता है जिसके कारण कभी-कभी स्तनों से खून निकलने लगता है।

    इंट्राडक्टल पैपिलोमा का मुख्य कारण मीनोपॉज (Menopause) और उसे सम्बंधित समस्यायें होती हैं।

  5. फैट नेक्रोसिस (Fat necrosis)

    फैट नेक्रोसिस की स्थिति में स्तन में फैटी टिश्यू डैमेज (Fatty tissue damage ) हो जाता है जो आमतौर पर दर्दनाक होता  हैं।

  6. लिपोमा (Lipoma)

    लिपोमा (lipoma) एक मुलायम स्तन गांठ है, जो दर्द रहित और जंगम (Movable) होती है। यह स्तन में फैट टिश्यू के ज्यादा होने के कारण होती है।

कैंसरयुक्त स्तन में गांठ - Cancerous breast lump

  1. इन्वेसिव डक्टल कार्सिनोमा (Invasive Ductal Carcinoma)

    ये स्तन गांठ मिल्क डक्ट्स (milk ducts) में विकसित होती है। इस प्रकार का कैंसर डक्ट वॉल (Duct wall) से होते हुए स्तन के चर्बी वाले हिस्से में फैल जाता है।

  2. इन्फ्लेमेटरी कार्सिनोमा (Inflammatory Carcinoma)

    इन्फ्लेमेटरी कार्सिनोमा में स्तन गांठ निप्पल पर होते हैं। इससे त्वचा में परिवर्तन और निप्पल से डिस्चार्ज (discharge ) होना आम हैं।

    इन्फ्लेमेटरी कार्सिनोमा ब्रेस्ट कैंसर का सबसे आक्रामक प्रकार कैंसर हैं।

  3. पेजेट्स डिज़ीज़ (Paget's disease)

    पेजेट्स डिज़ीज़ (Paget's disease) में निप्पल पर साटन गांठ होने से निप्पल के आसपास रक्त जमा हो जाता है और उसके चारों और का हिस्सा काला पड़ने लगता है।

    इसमें निप्पल क्रस्टिंग (nipple crusting), ईचिंग (itching) होना, स्तनों में दर्द होता हैं।

 

स्तन गांठ के लक्षण क्या हैं

What are symptoms of having breast lump in hindi

Breast ganth ke lakshan kya hai in hindi

Breast ganth ke lakshan kya hai in hindi

स्तन गांठ के होने पर आप स्वयं स्तन जांच (self breast examination ) करके स्तन या निप्पल में होने वाले परिवर्तनों को जान सकते हो।

अगर कुछ भी सामान्य से अलग परिवर्तन दिखाई दें तो आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

  1. स्तन में चुभन होना, दर्द होना और स्तन त्वचा का लाल होना।
  2. निप्पल में किसी तरह की सूजन या लाल होना या डिंपल पड़ना या सिकोड़ आना या किसी प्रकार का ब्लड या डिस्चार्ज आना।
  3. स्तन पर कुछ उभरा हुआ दिखाना।
  4. स्तन में अल्सर या किसी ठोस गांठ की उपस्थति का महसूस होना।
  5. स्तन के किसी एक हिस्से का बाकी हिस्सो की तुलना में अलग दिखना या विकृत होना।
  6. स्तन के आकार में अंतर होना।
  7. स्तनों में सूजन आना।
 

स्तन गांठ के कारण क्या है

What are the causes of breast lump in hindi

breast lump or ganth ke karan in hindi

Stan ganth ke karan kya hai in hindi

स्तन में गांठ होने के कई कारण हो सकते हैं जिसमे से मुख्य कारण हार्मोनल बदलाव (Hormonal changes) होता हैं।

आइये हम आपको बताते है स्तन में गांठ होने के क्या-क्या कारण हो सकते है: 

  1. ब्रैस्ट सिस्ट (Breast cysts)

    ब्रेस्ट सिस्ट स्तन के अंदर द्रव से भरी थैली होती है जो आमतौर पर कैंसरमुक्त होती हैं।

    ब्रेस्ट सिस्ट एक या दोनों स्तनों में हो सकते हैं। जब तक ब्रेस्ट सिस्ट आकार में बड़ा और दर्दनाक या असुविधाजनक नहीं होता तब तक इसके उपचार की आवश्यकता नहीं होती है।

    मीनोपॉज (menopause) से पहले महिलाओं में ब्रेस्ट सिस्ट होना सामान्य हैं लेकिन ये हार्मोन थेरेपी (hormone therapy) लेने वाली पोस्टमेनोपॉज़ल (postmenopausal) महिलाओं में भी हो सकते हैं।

  2. मिल्क सिस्ट (Milk cysts) और प्लगड डक्ट्स (Plugged ducts)

    मिल्क सिस्ट और प्लगड डक्ट्स स्तनपान की एक आम समस्या हैं।

    आमतौर पर मिल्क सिस्ट छोटे, कठोर, टेंडर नोड्यूल (Tender Nodules) होते है जिन्हे किसी भी उपचार की आवश्यकता नहीं होती हैं।

    मिल्क सिस्ट आमतौर पर स्तनपान ना करवाने वाली महिलाओ में अधिक पाए जाते हैं।  

  3. फाइब्रोसाइटिक स्तन (Fibrocystic breasts)

    फाइब्रोसिस्टिक स्तन परिवर्तन सामान्य माना जाता है। फाइब्रोसिस्टिक स्तन में कभी-कभी कुछ लक्षण नहीं होते हैं लेकिन कुछ महिलाओं में स्तनों के ऊपरी, और बाहरी क्षेत्र में स्तन दर्द, ब्रेस्ट टेंडरनेस (Breast tenderness) और गांठ का महसूस होना देखा गया हैं।

    फाइब्रोसिस्टिक स्तन परिवर्तन मासिक धर्म से ठीक पहले अधिक देखे जाते है और अधिक कष्टदायक होते हैं।

  4. फाइब्रोडेनोमा (Fibroadenoma)

    फाइब्रोडेनोमा ठोस और कैंसर मुक्त स्तन गांठ होती हैं। फाइब्रोडेनोमा गांठ दर्द रहित फर्म (Firm), स्मूथ (Smooth), रबरी (Rubbery) या कठोर(Rigid) महसूस होती हैं।

  5. हामार्टोमा (hamartoma)

    हामार्टोमा एक ट्यूमर(tumour) के आकार की नोडूल गांठ होती हैं।

  6. इंट्राडक्टल पेपिलोमा (Intraductal Papilloma)

    इंट्राडाल पेपिलोमा ये सौम्य(Benign) कैंसरमुक्त गांठे या ट्यूमर होते हैं जो मिल्क डक्ट (Milk duct) के अंदर बनते हैं। ये ग्लैंड टिश्यू (Gland tissue), फ़िब्रोस टिश्यू(Fibrous tissue ) और ब्लड वेसल्स-फाइब्रोवास्कुलर (Blood vessels - Fibrovascular tissue) से बने होते हैं।

  7. लिपोमा (lipoma)

    लिपोमा स्तन में एक सौम्य ट्यूमर(Benign tumour) होता है जो फैट टिश्यू (Fat tissue) से बना होता हैं।

  8. मास्टिटिस (Mastitis)

    मास्टिटिस में स्तन संक्रमण हो जाता है जिसमे स्तन में सूजन आना और मिल्क सप्लाई (Milk supply) का रुक जाना सामान्य हैं।  

  9. चोट के कारण

    स्तनों के फैटी टिशू में किसी प्रकार की चोट या घाव के कारण गांठ की समस्या हो सकती है।

  10. स्तन कैंसर

    स्तन में गांठ, ब्रेस्ट कैंसर भी हो सकता है। यदि शुरू में इसकी पहचान हो जाय तो इलाज संभव हैं।

 

स्तन गांठ का इलाज क्या है

Treatment of breast lump in hindi

Breast lump or ganth ka ilaj in hindi

Breast ganth ka ilaj kya hai in hindi

स्तन गांठ के होने पर आप स्वयं स्तन जांच (self breast examination) करके स्तन या निप्पल में होने वाले परिवर्तनों को जान सकते हो।

सामान्य परिवर्तन होने पर आप कुछ नुस्खों की मदद से स्तन गांठ का इलाज़ कर सकते है - जैसे डाइटरी फाइबर (Dietary fibre), गुड फैट (Good fat), ओमेगा -3 फैटी एसिड (Omega-3-fatty acid), जैतून का तेल(Olive oil), एवोकाडोस (Avocados), बीज, नट्स (Nuts), आयोडीन (Iodine) आदि के सेवन से स्तन गांठ के दर्द और सूजन को कम किया जा सकता हैं।

अगर कुछ भी सामान्य से अलग परिवर्तन दिखाई दें तो आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

डॉक्टर स्तनों की शारीरिक परीक्षा (physical exam) और स्तन गांठ के लक्षण जानने के बाद ही इसका इलाज निर्धारित करता है, स्तन गांठ का इलाज उसके आकार और स्थान पर भी निर्भर करता हैं।

डॉक्टर स्तन गांठ की जांच के लिए कुछ टेस्ट जैसे मैमोग्राम परीक्षण (Mammogram test), अल्ट्रासाउंड (Ultrasound), चेस्ट एमआरआई (Chest MRI) आदि भी करता हैं।

  1. यदि स्तन गांठ का कारण स्तन संक्रमण है, तो डॉक्टर एंटीबायोटिक्स (Antibiotics) खाने की सलाह देता हैं।
  2. यदि स्तन गांठ का कारण सिस्ट है तो इसमें उपस्थित तरल पदार्थों को सुई से बाहर निकाला जाता हैं। कुछ सिस्ट ऑटो डिसॉल्व (auto dissolve) होते है जो बिना किसी इलाज़ के अपने आप ठीक हो जाते हैं।
  3. फाइब्रोएडीनोमा (Fibroadenomas) और इंट्राडक्टल पैपिलोमा (Intraductal Papillomas) के उपचार के लिए शल्य चिकित्सा (Surgery) की जाती है।
  4. कैंसरयुक्त स्तन गांठ (Cancerous breast lump) होने उपचार प्रक्रिया स्तन गांठ और स्तन कैंसर के प्रकार, आकार और स्थान पर निर्भर करती है -  मास्टेक्टॉमी (Mastectomy), कीमोथेरेपी (Chemotherapy), विकिरण थेरेपी (Radiation therapy) , लुम्पेक्टोमी (Lumpectomy) इत्यादि उपचार के लिए की जाती है।
 

सारांश

जरूरी नहीं है कि हर स्तन गांठ कैंसर ही हो लेकिन संभावना कैंसर की हो सकती है इसलिए स्तन में गांठ को नज़रअंदाज़ करना सही नहीं हैं।

स्तन गांठ के होने पर आप स्वयं स्तन जांच (self breast examination) करके स्तन या निप्पल में होने वाले परिवर्तनों को जान सकते हो।

सामान्य परिवर्तन होने पर आप कुछ नुस्खों की मदद से स्तन गांठ का इलाज़ कर सकते है लेकिन कुछ भी असामान्य महसूस हो तो आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।