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भारत में नॉर्मल डिलीवरी का खर्च

जानें, भारत में नॉर्मल डिलीवरी के खर्च की पूरी जानकारी। नार्मल डिलीवरी की लागत का करें आकलन और पाएं उपचार का उचित मूल्य।

नॉर्मल डिलीवरी उपचार का भारत में खर्च

निम्नतम लागत

उच्चतम लागत

15,00080,000

भारत में नॉर्मल डिलीवरी खर्च के बारे में अधिक जानें


भारत में नॉर्मल डिलीवरी का ख़र्च औसतन कितना है ?

What is the average cost of normal delivery in भारत in hindi

भारत mei samanya prasav ki austan lagat kitni hai in hindi

औसतन रूप से देखा जाये तो भारत में सामान्य डिलीवरी का ख़र्च लगभग 15,000 से 25,000 तक आ सकता है।

भारत में सामान्य प्रसव का ख़र्च कई कारकों पर निर्भर करता है। अस्पताल के स्थान (location) और स्वास्थ्य सेवा प्रदाता (health care provider) के आधार पर भी भारत में नॉर्मल डिलीवरी की लागत भिन्न हो सकती है और साथ ही आपके रूम टाइप पर भी भारत में नॉर्मल डिलीवरी का ख़र्च निर्भर करता है।

उदाहरण के लिए, भारत के सबसे पॉश एरिया में स्थित अस्पताल में डिलीवरी की औसत लागत बहुत अधिक हो सकती है या फिर बहुत प्रतिष्ठित स्थान में स्थित अस्पताल में नॉर्मल डिलीवरी की लागत और अधिक हो सकती है।

वहीं दूसरी ओर एक सामान्य से अस्पताल में भारत में नॉर्मल डिलीवरी का ख़र्च कम आता है। इन कारणों से एक ही शहर के अंदर, अलग-अलग अस्पतालों में नॉर्मल डिलीवरी की लागत अलग-अलग हो सकती है।

भारत में सरकारी अस्पताल में नॉर्मल डिलीवरी का ख़र्च कितना है ?

How much a normal delivery cost in a government hospital in भारत in hindi

bharat me Sarkari aspatal mein samanya delivery ki lagat kitni hai in hindi

देशभर में कहीं भी सरकार की योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में बच्चे की डिलीवरी मुफ्त है। इसके लिए आपको किसी भी तरह से पैसे ख़र्च करने की आवश्यकता नहीं होती है।

हालांकि अगर आप गवर्नमेंट हॉस्पिटल में मौजूद प्राइवेट वार्ड लेते हैं तो आपको अतिरिक्त पैसे देने होंगे और साथ ही अगर आपको अस्पताल में मौजूद अन्य सेवाओं की आवश्यकता होती है जैसे दवा, इंजेक्शन आदि तो इसके लिए आपको अलग से ख़र्च लग सकता है।

औसतन, गवर्नमेंट हॉस्पिटल में भारत में सामान्य डिलीवरी का ख़र्च 2,000 से 4,000 तक आ सकता है।

भारत में प्राइवेट अस्पताल में नॉर्मल डिलीवरी का ख़र्च कितना आता है?

How much a normal delivery cost in private hospital in भारत in hindi

भारत ke private aspatal mein normal delivery ki lagat kitni hai in hindi

निजी अस्पतालों में नार्मल डिलीवरी की लागत कई चीज़ों पर निर्भर करती है और उसमें सबसे प्रमुख है रूम टाइप।

इसका मतलब है कि आप जिस तरह का कमरा लेते हैं उससे सामान्य प्रसव की लागत प्रभावित होती है। इसके अलावा आपने किस तरह के अस्पताल का चयन किया है और अस्पताल किस स्थान पर है, इससे भी भारत में नॉर्मल जन्म की लागत प्रभावित हो सकती है।

हालांकि, भारत में नॉर्मल डिलीवरी के ख़र्च में दवाएं और उपभोग की जाने वाली वस्तुओं (consumables) का ख़र्च शामिल नहीं होता है।

कमरे की श्रेणीदो दिनों के लिए सामान्य प्रसव की लागत
न्यूनतम लागतअधिकतम लागत
सामान्य (Shared Room)1500025000
प्राइवेट (Private Room)2000030000
डिलक्स (Deluxe room)3000050000

भारत में सरकारी अस्पताल में जुड़वा बच्चों की नॉर्मल डिलीवरी का ख़र्च कितना है?

What is the cost of normal delivery for twins in a government hospital in भारत in hindi

भारत ke sarkari aspatal mein judwaa bachon ki normal delivery ka kharch

सरकारी अस्पताल में डिलीवरी मुफ्त होती है, चाहे गर्भ में एक बच्चा हो या फिर एक से अधिक। इसके लिए आपको किसी भी तरह से अतिरिक्त शुल्क देने की ज़रूरत नहीं होती है। हालांकि अगर सरकारी अस्पताल में मौजूद निजी वार्ड में रहती हैं तो आपको इसके लिए पैसे देने होंगे।

इसके अलावा अगर आप कोई अन्य सेवा ले रहीं हैं तो आपको भुगतान करना पड़ता है। इसके साथ ही जुड़वाँ बच्चे को अधिक देखभाल की ज़रूरत होती है, जिसके कारण भारत में सामान्य प्रसव का ख़र्च अधिक आ सकता है। कुल मिलकर औसत लागत 5,000-12,000 तक आ सकती है।

भारत में प्राइवेट अस्पताल में जुड़वां बच्चों की नॉर्मल डिलीवरी का ख़र्च कितना है?

What is the cost of normal delivery for twins in a private hospital in भारत in hindi

भारत ke niji aspatal mein judwaa bachon ki normal delivery ka kharch

इसके अलावा जुड़वाँ बच्चे के होने पर आपको दो दिन से अधिक हॉस्पिटल मे रहना पड़ सकता है, जिस कारण भी सामान्य प्रसव का ख़र्च बढ़ जाता है। कुल मिलाकर प्राइवेट हॉस्पिटल में जुड़वा बच्चे की भारत में सामान्य डिलीवरी की लागत 30000 - 50000 आ सकती है।

जुड़वां बेबी होने पर अधिक दवाओं या इंजेक्शन के साथ-साथ अस्पताल के अन्य सेवाओं की भी अधिक आवश्यकता होती है, साथ ही नर्सरी और न्यूनेटल आईसीयू (neonetal ICU) के इस्तेमाल का चार्ज भी दोगुना हो जाता है।

इसके अलावा जुड़वाँ बच्चे के होने पर आपको दो दिन से अधिक हॉस्पिटल मे रहना पड़ सकता है, जिस कारण भी भारत में सामान्य प्रसव का ख़र्च बढ़ जाता है।

कुल मिलाकर प्राइवेट हॉस्पिटल में भारत में जुड़वा बच्चे की सामान्य डिलीवरी की लागत 30000 - 50000 आ सकती है।

भारत में नॉर्मल डिलीवरी के ख़र्च को प्रभावित करने वाले कारक कौन से हैं ?

What factors affect the cost of normal delivery in भारत in hindi

Normal delivery ki laagt ko prabhavit karne wale karak in hindi

भारत में सामान्य प्रसव की लागत निम्नलिखित कारकों पर निर्भर करती है :

1. नॉर्मल डिलीवरी की सामान्य लागत

  • सामान्य प्रसव के लिए अस्पताल में रहने की अवधि
  • कमरे की चुनी गई श्रेणी
  • अस्पताल के बुनियादी ढांचे और टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल
  • अन्य स्वास्थ्य जटिलताओं की उपस्थिति
  • अनुभवी स्त्रीरोग विशेषज्ञ (gynaecologists) और प्रसूति विशेषज्ञों (obstetricians) की उपलब्धता
  • उन्नत तकनीकों का उपयोग

नार्मल डिलीवरी में माँ और बच्चे के बिल अलग-अलग होते हैं।

2. मां के लिए नॉर्मल डिलीवरी के ख़र्च

  • कमरे की लागत और माँ को दिया जाने वाला खाना
  • लेबर, डिलीवरी और रिकवरी के लिए अस्पताल का चार्ज
  • निगरानी और सेवा शुल्क
  • डॉक्टर के आने की फीस (प्रतिदिन अधिकतम दो बार आना)
  • सामान्य नर्सिंग देखभाल

3. बच्चे के लिए ख़र्च

  • नियोनेटोलॉजिस्ट (neonatologist) शुल्क
  • बच्चे की देखभाल
  • नियोनेटोलॉजिस्ट का दौरा (प्रति दिन अधिकतम एक दौरा इसमें शामिल है)
  • बच्चे की सुनने की क्षमता का परीक्षण (Baby’s hearing test in emergency cases)

भारत में उच्च जोखिम अथवा हाई रिस्क प्रेग्नेंसी मे नॉर्मल डिलीवरी का ख़र्च कितना है ?

What is the cost of normal delivery in high risk pregnancy in भारत in hindi

भारत mei uchh jokhim wale pregnancy mein normal delivery ki laagat kitni hai?

उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था यानि हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की स्थिति में भारत में नॉर्मल डिलीवरी की लागत 25,000 से 60,000 तक आ सकती है, जो भारत में सामान्य प्रसव की औसत लागत से लगभग दोगुनी है।

उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था के कारण किसी भी गंभीर जटिलता की उपस्थिति, मां या बच्चे के स्वास्थ्य को प्रभावित करती है, जिससे भारत में प्रसव की लागत में वृद्धि हो सकती है।

इसके अलावा हाई रिस्क प्रेगनेंसी के दौरान लगातार मॉनिटरिंग की जाती है और बच्चे के जन्म के बाद उसे अधिक देखभाल की आवश्यकता होती है, जो आपके ख़र्च को बढ़ा सकता है।

एक नॉर्मल प्रेग्नेंसी की तुलना में हाई रिस्क प्रेग्नेंसी में माँ और बच्चे को अस्पताल में 3-4 दिनों तक रहने की भी आवश्यकता होती है, जो भारत में नॉर्मल डिलीवरी का खर्च बढ़ा सकता है।

भारत में नॉर्मल डिलीवरी और सी-सेक्शन प्रसव के ख़र्च में क्या अंतर है ?

What is the difference between the cost of normal delivery and C-section in hindi

Normal delivery aur C-Section delivery ke kharch mein kya antar hai in hindi

नॉर्मल डिलीवरी की अपेक्षा में सी-सेक्शन प्रसव का ख़र्च अधिक होता है। भारत में नॉर्मल डिलीवरी की लागत व सिजेरियन सेक्शन की लागत के बीच 10,000 से 15,000 तक का अंतर हो सकता है।

इसका कारण है सिजेरियन सेक्शन में अस्पताल में 3 से चार दिन रुकना पड़ता है वहीं नॉर्मल डिलीवरी में 1 से 2 दिनों में डिस्चार्ज मिल जाता है।

इसके अलावा सी-सेक्शन के केस में ओटी, अनेस्थेसीया व इमर्जेंसी के लिए विशेषज्ञों की आवश्यकता होती है, जिससे भारत में सिजेरियन डिलीवरी की लागत बढ़ जाती है।

क्या भारत में नॉर्मल डिलीवरी का ख़र्च मातृत्व बीमा के अंतर्गत आता है ?

Does normal delivery expenses get cover under maternity insurance in भारत in hindi

Normal delivery ke liye maternity insurance in hindi

आमतौर पर आपके हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के साथ मैटरनिटी इंश्योरेंस एक फैसिलिटी है। इस इंश्योरेंस में सामान्य और सिजेरियन दोनों विकल्पों से जुड़ी लागत शामिल होती है।

हालांकि अलग-अलग इंश्योरेंस सर्विस देने वाले अपने हिसाब से प्रसव पर हुए कुछ ख़र्च को शामिल करते हैं।इंश्योरेंस के अंतर्गत अस्पताल में रहने का ख़र्च शामिल होता है और साथ ही नर्सिंग और कमरे का चार्ज, सर्जन शुल्क, डॉक्टर और एनेस्थेटिस्ट कंसल्टेशन जैसे व्यय भी शामिल होते हैं।

सामान्य डिलीवरी के लिए मैटरनिटी इंश्योरेंस में आप सिर्फ 15,000 - 30,000 का क्लेम कर सकते हैं और सीजेरियन डिलीवरी में 25,000-50,000 तक का क्लेम कर कर सकते हैं।

हालांकि, आपकी पॉलिसी के नियमों और शर्तों के आधार पर रकम भिन्न हो सकती है और ये सीमा एक बहुत ही सामान्य सीमा है।

वहीं ये क्लेम प्राइवेट हॉस्पिटल में लगने वाली रकम से बहुत कम है, लेकिन इससे ख़र्च का बोझ हल्का होता है। वहीं मेटरनिटी इंश्योरेंस का लाभ 45 वर्ष से अधिक उम्र की महिला को नहीं दिया जाता।

क्या भारत में नॉर्मल डिलीवरी के ख़र्च के लिए मेडिकल लोन मिल सकता है ?

Is there any facility of loan for normal delivery in भारत in hindi

Normal delivery ke liye loan in hindi

अगर आपके आर्थिक हालत ठीक नहीं है या फिर एक साथ आप अधिक राशि अदा नहीं कर सकते है, तो आप भारत में सामान्य प्रसव के लिए मेडिकल लोन ले सकते हैं।

सबसे अच्छी बात ये है कि मेडिकल लोन में कुछ गिरवी रखने की आवश्यकता नहीं होती है। Zealthy आपको सामान्य प्रसव के लिए 0% इंटरेस्ट पर मेडिकल लोन दिलवाने में सहायता कर सकता है।

भारत में सामान्य प्रसव पैकेज की लागत कितनी है ?

What is the cost of normal delivery packages in भारत in hindi

Bharat mei samanya prasav package ki laagat kitni hai in hindi

प्रेग्नेंसी पैकेज को मैटरनिटी पैकेज भी कहते हैं। भारत में नॉर्मल डिलीवरी पैकेज में गर्भावस्था के दौरान होने वाले डॉक्टर व सर्जन का ख़र्च, ओटी का ख़र्च व अस्पताल में स्टे का ख़र्च शामिल होता है।

आमतौर पर भारत में सामान्य प्रसव पैकेज की लागत 25 हज़ार से लेकर 40 हज़ार तक होती है। मैटरनिटी पैकेज का उद्देश्य है प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाले विभिन्न ख़र्चों को संयुक्त रूप से एक पैकेज बनाना ताकि आपको इसके तहत प्रेगेंसी से जुड़ी सुविधाएं उचित लागत पर एक साथ मिल पाए।

Zealthy आपको उपलब्ध कराता है भारत में सस्ते नॉर्मल डिलीवरी पैकेज यानि उचित ख़र्च पर बेहतरीन मैटरनिटी पैकेज। ज्यादा जानकारी के लिए अभी हमसे संपर्क करें।

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