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भारत में आईवीएफ का खर्च

भारत में टेस्ट ट्यूब बेबी (आईवीएफ) के खर्च की पूरी जानकारी व प्रभावित करने वाले कारक। IVF ट्रीटमेंट की लागत का करें आकलन और पाएं उपचार का उचित मूल्य।

आईवीएफ उपचार का भारत में खर्च

निम्नतम लागत

उच्चतम लागत

70,0002,00,000

भारत में आईवीएफ खर्च के बारे में अधिक जानें


भारत में आईवीएफ का खर्च कितना है?

IVF treatment cost in भारत in hindi

Bharat mein IVF treatment ki lagat kitni hai in hindi

चिकित्सीय विज्ञान में, इन विट्रो फ़र्टिलाइज़ेशन यानी आईवीएफ (IVF) तकनीक उन महिलाओं के लिए वरदान है जो माँ बनने की चाह रखते हुए भी गर्भावस्था का सुख नहीं ले पाती है।

भारत में आईवीएफ तकनीक यानि टेस्ट ट्यूब बेबी प्रक्रिया बांझपन के उपचार में काफी कारगर साबित हो रही है।

भारत में टेस्ट ट्यूब बेबी की प्रक्रिया लम्बी होने के साथ-साथ महंगी भी होती है, भारत में IVF उपचार का खर्च लगभग 80, 000 रुपये से लेकर 1,50,000 तक आ सकता है।

भारत में आईवीएफ प्रक्रिया में कौन कौन-से खर्च शामिल होते हैं?

What type of expenses are covered in IVF cost in भारत in hindi

IVF treatment ki prakriya mein kon kon se kharch shamil hai in hindi

यूं तो आईवीएफ उपचार के हर चक्र में क्या शामिल होगा और क्या नहीं, यह डॉक्टर, क्लिनिक, मरीज़ के स्वास्थ्य पर निर्भर करता है।

मगर आमतौर पर आईवीएफ उपचार की लागत में प्रक्रिया के दौरान ओवेरियन स्टिमुलेशन का खर्च, अल्ट्रासाउंड परीक्षण व मॉनिटरिंग का खर्च, एग रिट्रीवल का खर्च, स्पर्म प्रीपरेशन का खर्च, फर्टिलाइजेशन और एम्ब्र्यो ट्रांसफर का खर्च शामिल होता है।

भारत में IVF पैकेज में शामिल होने वाले IVF उपचार के निम्न खर्च इस प्रकार हैं :

आईवीएफ ट्रीटमेंट के लिए ओवरियन स्टिमुलेशन

ओवरियन स्टिमुलेशन आईवीएफ ट्रीटमेंट का पहला चरण है। इस चरण में गर्भाशय को उत्तेजित करने के लिए महिला को 8 से 12 दिनों तक इंजेक्शन दिया जाता है, ताकि अधिक अंडों का उत्पादन हो सके। इस दौरान दिये जाने वाले इंजेक्शन, महिला की स्थिति के अनुसार भिन्न हो सकते हैं, जिसका खर्च भारत में IVF पैकेज में शामिल होता है।

आईवीएफ ट्रीटमेंट के लिए अल्ट्रासाउंड परीक्षण और मॉनिटरिंग

अल्ट्रासाउंड के माध्यम से महिला के गर्भाशय और अंडाशय के विकास की निगरानी की जाती है ताकि सही समय पर आगे की आईवीएफ प्रक्रिया और चरणों को पूरा किया जा सके जो आईवीएफ के सफल होने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। आईवीएफ उपचार में अल्ट्रासाउंड और मॉनिटरिंग का खर्च भी होता है, जो भारत में आईवीएफ पैकेज की लागत में शामिल होता है।

आईवीएफ ट्रीटमेंट के लिए अंडा निकालना

भारत में IVF ट्रीटमेंट पैकेज में एग रिट्रीवल का खर्च भी शामिल होता है। टेस्ट ट्यूब बेबी प्रक्रिया के इस चरण में महिला के गर्भाशय से अंडे को बाहर निकाला जाता है जो बहुत ही सावधानीपूर्वक किया जाना ज़रूरी होता है। इसके लिए महिला को बेहोश किया जाता है और सुई एवं कैथिटर (catheter) जैसे उपकरणों की मदद अंडे को बाहर निकाला जाता है, जिसमें 20-30 मिनट का समय लग सकता है।

आईवीएफ ट्रीटमेंट के लिए शुक्राणु को तैयार करना

आईवीएफ सेंटर या क्लिनिक में महिला के अंडे से भ्रूण बनाने के लिए उपयोग किये जाने वाले शुक्राणुओं को एक ख़ास प्रक्रिया के माध्यम से साफ किया जाता है, जिससे सबसे स्वस्थ शुक्राणुओं को अलग कर लिया जाता है। इस प्रक्रिया को 'स्पर्म वॉश' कहते हैं।

हालांकि, स्पर्म वॉश की प्रक्रिया अस्पताल के तकनीक के अनुसार भिन्न हो सकती है। इसका खर्च भारत में आईवीएफ उपचार पैकेज में शामिल जरूर होता है मगर यह खर्च अस्पताल-दर-अस्पताल भिन्न हो सकता है।

आईवीएफ ट्रीटमेंट के लिए प्रजनन एवं निषेचन की प्रक्रिया

प्रयोगशाला में भ्रूण बनाने की प्रक्रिया के लिए अंडे और स्वस्थ शुक्राणुओं को एक साथ मिलाया जाता है जिसकी जांच कम से कम 16 से 20 घंटों के बाद की जाती है।

इस जांच से यह पता चलता है कि निषेचन की प्रक्रिया सफल हुई है या नहीं। फर्टिलाइजेशन के बाद, विकास को सुनिश्चित करने के लिए एम्ब्र्यो को पांच-छह दिन तक प्रयोगशाला में रखा जाता है। इस पूरी प्रक्रिया का खर्च भी भारत में आईवीएफ पैकेज के खर्च में शामिल होता है।

आईवीएफ ट्रीटमेंट के लिए भ्रूण स्थानातंरण की प्रक्रिया

आईवीएफ ट्रीटमेंट के आखिरी चरण में प्रयोगशाला में विकसित भ्रूण को सही समय पर एक पतली कैथेटर ट्यूब की मदद से महिला के गर्भ में स्थानांतरित किया जाता है। भारत में आईवीएफ पैकेज की लागत में एम्ब्र्यो ट्रांसफर का खर्च भी शामिल होता है।

इन मुख्य चरणों के अलावा उपयोग में लायी जाने वाली दवाओं का खर्च, किये जाने वाले परीक्षण, इंजेक्शन, एनेस्थिसिया (anaesthesia), शैल्य क्रिया के माध्यम से की जाने वाली प्रक्रिया (procedures through operation) व उससे जुड़े उपकरणों का खर्च और भ्रूण को रखने की जगह का खर्च भी शामिल होता है जो क्लिनिक, डॉक्टर पर निर्भर करती है।

भारत में आईवीएफ प्रक्रिया के कौन-से खर्च आईवीएफ पैकेज में शामिल नहीं होते हैं और जिनके लिए अलग से भुगतान करना पड़ता है?

Which type of expenses are genrally not covered under ivf package and are payed separetly in hindi?

IVF package me

आईवीएफ पैकेज में आइवीएफ के निम्न खर्च शामिल नहीं होते हैं, इनके लिए आपको अलग से भुगतान करना पड़ता है :

  • आईवीएफ के द्वारा गर्भधारण की प्रक्रिया में भावी माता-पिता दोनों की ही कई प्रकार की जांच की जाती है जैसे खून की जांच, महिला के अंडाशय (ovary) की जांच, पुरुष के शुक्राणु (sperms) की जांच आदि। इन जांच के खर्च भारत में आईवीएफ पैकेज में शामिल नहीं होते हैं।
  • आईवीएफ की प्रक्रिया के चक्र में उपयोग किये जाने वाले डोनर विकल्प जैसे शुक्राणु, अंडे अथवा भ्रूण डोनर के खर्च खर्च भारत में आईवीएफ पैकेज की लागत में शामिल नहीं होते हैं।
  • डिम्बग्रंथि उत्तेजना (ovarian simulation) से पहले या बाद में किसी भी प्रकार की दवाओं या परीक्षण जैसे हिस्टेरोस्कोपी (hysteroscopy) या लैप्रोस्कोपी (laproscopy) में होने वाले खर्च भी भारत में आईवीएफ पैकेज में शामिल नहीं होते हैं और इनके लिए अलग से भुगतान करना पड़ता है।
  • शुक्राणु निष्कर्षण (sperm extraction) अथवा स्पर्म रिकवरी (sperm recovery) के लिए की जाने वाली प्रक्रिया जैसे टेसा (TESA), मेसा (MESA), पेसा (PESA), टेसे (TESE) आदि में होने वाले खर्च भारत में आईवीएफ पैकेज में शामिल नहीं होते हैं और जरुरत के अनुसार आपको इनके लिए भुगतान करना होता है।
  • इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (in vitro fertilisation) के लिए उपयोग की जाने वाली उन्नत प्रक्रियाएँ (advanched procedures) जैसे आईसीएसआई (ICSI), आईएमएसआई (IMSI) आदि में होने वाले खर्च भारत में आईवीएफ पैकेज की लागत में शामिल नहीं होते हैं और इनके लिए अलग से भुगतान करना पड़ता है।
  • आरोपण (implantation) से पहले भ्रूण के किसी भी प्रकार के आनुवंशिक परीक्षण जैसे पीजीडी (PGD), पीजीएस (PGS) आदि में होने वाले खर्च भी भारत में आईवीएफ पैकेज में शामिल नहीं होते हैं।
  • भ्रूण के स्वास्थ्य को बढ़ाने के लिए की जाने वाली प्रक्रिया जैसे असिस्टेड हैचिंग (assisted hatching), ईआरए (ERA) आदि में होने वाले खर्च भी भारत में आईवीएफ पैकेज में शामिल नहीं होते हैं।
  • क्रायोप्रिजर्वेशन (cryopreservation) के विकल्प जैसे शुक्राणु, अंडे या भ्रूण फ्रीजिंग में होने वाले खर्च भी IVF पैकेज में शामिल नहीं होते हैं।
  • सरोगेसी के माध्यम से आईवीएफ करवाने पर सरोगेट मदर पर होने वाले खर्च भी आईवीएफ पैकेज में शामिल नहीं होते हैं।
  • प्रसूति एवं गर्भावस्था के समय देखभाल एवं परीक्षणों में होने वाले खर्च भी IVF पैकेज की लागत में शामिल नहीं होते हैं और आपको इनके लिए अलग से भुगतान करना पड़ता है।

लेकिन आईवीएफ ट्रीटमेंट का निर्णय लेने से पहले महिला एवं उसके परिवार को अपने डॉक्टर से इससे जुड़े हर छोटे खर्च के बारे में बिना हिचकिचाहट के जानकारी ले लेनी चाहिए।

आपको अपने डॉक्टर से यह ज़रूर पूछना चाहिए कि आईवीएफ उपचार के एक चक्र में कितना खर्च होगा और यदि पहली बार में सफलता नहीं मिलती है तो आगे की उपचार प्रक्रिया में कितना ख़र्च हो सकता है।

भारत में आईवीएफ प्रक्रिया के पहले किए जाने वाले टेस्ट की लागत कितनी है?

What is the cost of IVF screening tests before treatment in भारत? In hindi

Bharat mein IVF treatment shuru karne se pehle kiye jaane wale tests ki cost kitni ha

आईवीएफ ट्रीटमेंट चिकित्सक, आईवीएफ प्रक्रिया करने से पहले स्त्री और पुरुष की कई तरह की जांच करवाते हैं जिससे उनके स्वास्थ्य से जुड़ी हर जानकारी पता चल पाए।

इसके अनुसार आईवीएफ की प्रक्रिया में कौन-सा तरीका और लगभग कितने चक्रों में सफलता प्राप्त होगी इसका अनुमान लगाया जाता है।

औसतन, आईवीएफ की साइकिल शुरू करने से पहले करवाए जाने वाले परीक्षणों में 3000 से लेकर 6000 तक का ख़र्च आता है।

भारत में आईवीएफ प्रक्रिया से पहले महिलाओं के लिए अनुशंसित परीक्षण की लागत कितनी है?

What is the cost of recommended tests for women before IVF in भारत in hindi

Bharat mein IVF se pehle mahilaon ke liye recommended tests in hindi

आईवीएफ प्रक्रिया से पहले महिलाओं के लिए अनुशंसित परीक्षण में संक्रामक रोग स्क्रीन (infectious disease screening), एफएसएच (FSH), एलएच (LH), टीएसएच (TSH), प्रोलैक्टिन (Prolactin) आदि जैसे हार्मोन परीक्षण, पेल्विक या योनि का अल्ट्रासाउंड, हिस्टेरोस्लिंग्पम (Hysterosalpingogram), आवश्यकता होने पर नैदानिक हिस्टेरोस्कोपी या लैप्रोस्कोपी और पारिवारिक इतिहास के आधार पर कुछ आनुवंशिक परीक्षण शामिल हैं।

यह ध्यान रखने योग्य बात है कि आईवीएफ के चक्र होने वाला खर्च में इन परीक्षणों का खर्च शामिल नहीं होता है यानि यह अलग से होने वाला ख़र्च है।

इसके साथ ही हर महिला को ध्यान रखना चाहिए कि हर किसी को यह सारे परीक्षण नहीं करवाने पड़ते। ये महिला के स्वास्थ्य एवं मेडिकल इतिहास पर निर्भर करते हैं।

भारत में आईवीएफ प्रक्रिया से पहले पुरुषों के लिए अनुशंसित परीक्षण की लागत कितनी है?

What is the cost of recommended tests for men before IVF in भारत? in hindi

Bharat mein IVF se pehle purushon ke liye recommended tests in hindi

आईवीएफ प्रक्रिया से पहले पुरुषों के लिए अनुशंसित परीक्षण में वीर्य विश्लेषण (semen analysis) और संक्रमण रोग स्क्रीन, रक्त कार्य (blood work), डीएनए विखंडन परीक्षण (DNA fragmentation analysis) और परिवार के इतिहास पर आधारित कुछ आनुवंशिक परीक्षण शामिल हैं।

लेकिन यह ध्यान देने योग्य बात है कि हर पुरुष को यह सभी परीक्षण नहीं करवाने पड़ते है लेकिन आईवीएफ एक जटिल प्रक्रिया है इसलिए इससे पहले पूरी चिकित्सीय इतिहास और स्वास्थ्य से संबंधित हर तरह की जानकारी होना महत्वपूर्ण है। इन सभी परीक्षणों को करवाने का औसत खर्च आईवीएफ के चक्र में शामिल नहीं होता है।

भारत में आईवीएफ प्रक्रिया का खर्च किन कारकों पर निर्भर करता है?

What factors affect the cost of IVF treatment in भारत? in hindi

bharat mein test tube baby (ivf) prakriya ka kharch kin kaarako par nirbhar karta hai in hindi

बांझपन के इलाज में, भारत में आईवीएफ तकनीक से उपचार की लागत कई कारकों पर निर्भर करती है। यदि औसतन रूप से देखा जाए तो आईवीएफ उपचार की शुरुआत करीब 65,000 रुपये से होती है, जो 3,00,000 रुपये तक जा सकती है।

यह समझना जरूरी है भारत में टेस्ट ट्यूब बेबी का खर्च कई कारकों से प्रभावित हो सकता है। IVF उपचार की प्रक्रिया में कई चरण होते हैं व यह कई चक्रों में भी किए जा सकते हैं, जिससे IVF लागत प्रभावित हो सकती है।

इसके अलावा निम्न कारणों से भी भारत में आईवीएफ प्रक्रिया की लागत प्रभावित होती है :

भारत में आईवीएफ उपचार में एग डोनर प्राइस

यदि आईवीएफ के माध्यम से गर्भवती होने की प्रक्रिया में दान किये गए अंडे का प्रयोग किया जाता है तो भारत में आईवीएफ इलाज़ की लागत बढ़ जाती है।

यह समझना ज़रूरी है कि दान किये गये अंडे का प्रयोग करना दान किये गये शुक्राणु से अधिक महँगा होता है। इस प्रक्रिया से भारत में आईवीएफ ट्रीटमेंट का खर्च लगभग ढाई लाख रूपए (2,50,000 रूपए) आता है।

भारत में आईवीएफ उपचार में स्पर्म डोनर की लागत

यदि आईवीएफ के द्वारा गर्भवती होने की प्रक्रिया में दान किये गए शुक्राणु का प्रयोग किया जाता है तो भारत में आईवीएफ उपचार की लागत बढ़ जाती है। स्पर्म डोनर की प्रक्रिया का प्रयोग करने पर औसत खर्च 8000 से 12000 रूपए तक बढ़ सकता है।

भारत में आईवीएफ उपचार में एम्ब्र्यो डोनर की लागत

यदि, आईवीएफ ट्रीटमेंट में महिला के गर्भाशय में डोनर भ्रूण डाला जाता है तो इसकी लागत कम आती है। लेकिन यदि भ्रूण को उसके जमे (frozen) स्थिति से सामान्य या अपेक्षित तापमान में लाने में असफलता प्राप्त होती है तो आईवीएफ की लागत सामान्य आईवीएफ इलाज़ के बराबर हो जाती है। इस प्रक्रिया से भारत में आईवीएफ उपचार का औसत खर्च 35000 से 55000 रूपए तक बढ़ जाता है।

भारत में आईवीएफ उपचार में सरोगेसी की लागत

यदि सरोगेसी (एक स्वस्थ महिला के गर्भाशय में मेडिकल तकनीक के माध्यम से एम्ब्र्यो डालना ताकि महिला गर्भवती हो सके) की मदद से आईवीएफ की प्रक्रिया को पूरा किया जाता है तो इसकी लागत काफी गुना बढ़ जाती है क्योंकि जिस महिला को सरोगेट (surrogate) बनाया जाता है उसके सारे चिकित्सीय संबंधित ख़र्च और कुछ मामलों में आजीवन खर्च भी देना होता है।

भारत में आईवीएफ उपचार में की एग फ्रीजिंग / स्पर्म फ्रीजिंग/एम्ब्र्यो फ्रीजिंग के साथ लागत

आईवीएफ उपचार में, फ्रीजिंग की प्रक्रिया के दौरान, महिला के अंडे अथवा पुरुष के शुक्राणु, एग बैंक या स्पर्म बैंक में भविष्य के लिए संचित कर लिए जाते हैं।

इनका आईवीएफ ट्रीटमेंट के एक से अधिक चक्र के होने पर आसानी से उपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा भ्रूण को भी प्रयोगशाला में तैयार कर के संचित कर लिया जाता है, जिसे आईवीएफ उपचार के चक्रों के दौरान महिला के शरीर में प्रत्यारोपित किया जाता है।

इन स्थितियों में प्रयोगशाला और संचित करने की जगह की लागत शामिल होती है, इसीलिए एग फ्रीजिंग / स्पर्म फ्रीजिंग / भ्रूण फ्रीजिंग प्रक्रिया से भारत में आईवीएफ उपचार का ख़र्च औसतन 30000 - 50000 रूपए तक बढ़ सकता है।

भारत में आईवीएफ उपचार की टेस्टीक्युलर स्पर्म एस्पिरेशन (TESA) प्रक्रिया के साथ लागत

आईवीएफ ट्रीटमेंट में टेसा (TESA) प्रक्रिया उन पुरुषों के लिए है जिनमें शुक्राणुओं की संख्या शून्य होती है। टेसा प्रक्रिया में पुरुष के एपीडीमिस (epidymis) से सेमिनल फ्लूइड (seminal fluid) को इंजेक्शन (injection) के माध्यम से निकाला जाता है। इसे शुक्राणु की संख्या जाँचने के लिए लैब में भेजा जाता है। टेसा के साथ भारत में आईवीएफ प्रक्रिया का औसतन खर्च 12,000 से 18,000 रूपए तक बढ़ जाता है।

भारत में आईवीएफ उपचार की माइक्रोसर्जिकल एपीडीडायमल स्पर्म एस्पिरेशन (MESA) के साथ लागत

आईवीएफ ट्रीटमेंट में मेसा (MESA) प्रक्रिया के नाम से जानी जाने वाली यह प्रक्रिया उन पुरुषों के लिए लाभदायक है जिनमें अशुक्राणुता (azoospermia) होती है।

मेसा प्रक्रिया के माध्यम से निकाले गए शुक्राणु आईसीएसआई (ICSI) के द्वारा किये जाने वाले आईवीएफ ट्रीटमेंट में उपयोग किये जाते हैं या फिर भविष्य के लिए स्टोर कर लिए जाते हैं। इसकी लागत औसतन 14,000 से 44,000 रूपए तक होती है, जो भारत में आईवीएफ उपचार का खर्च बढ़ा सकती है।

भारत में आईवीएफ उपचार की परक्यूटनेयस एपीडीडायमल स्पर्म एस्पिरेशन (PESA) के साथ लागत

आईवीएफ ट्रीटमेंट मे पेसा (PESA) प्रक्रिया के नाम से जानी जाने वाली यह प्रक्रिया उन पुरुषों के लिए लाभदायक है जिनके वास डेफेरन्स (vas deferns) में रूकावट होती है।

इस प्रक्रिया के माध्यम से निकाले गए शुक्राणु आईसीएसआई (ICSI) के द्वारा किये जाने वाले गर्भधारण की प्रक्रिया में उपयोग किये जाते हैं या फिर भविष्य के लिए स्टोर कर लिए जाते हैं। इस प्रक्रिया के कारण भी भारत में आईवीएफ ट्रीटमेंट का कॉस्ट प्रभावित हो सकता है।

भारत मेंआईवीएफ उपचार की टेस्टिकुलर स्पर्म एक्सट्रेक्शन (TESE) के साथ लागत

आईवीएफ ट्रीटमेंट मे टेसे (TESE) प्रक्रिया के नाम से जानी जाने वाली यह प्रक्रिया उन पुरुषों के लिए की जाती है जिनमें शुक्राणु उत्पन्न तो होते हैं लेकिन स्खलन नहीं हो पाता है।

टेसे प्रक्रिया मे अंडकोष मे से सुई के माध्यम से शुक्राणु निकाले जाते हैं और आईसीएसआई (ICSI) के द्वारा किये जाने वाले आईवीएफ ट्रीटमेंट में उपयोग किये जाते हैं। इसकी लागत औसतन 18,000 से 55,000 रूपए तक होती है, भारत में आईवीएफ उपचार का खर्च बढ़ा सकती है।

भारत में आईवीएफ उपचार में भ्रूण प्रत्यारोपण से पहले जेनेटिक परीक्षण (पीजीडी - PGD) आनुवांशिक रोग के निदान के साथ लागत

पीजीडी (PGD) के नाम से प्रचलित इस परीक्षण में आनुवंशिक रोगों की जांच के लिए, भ्रूण का प्रत्यारोपण से पहले मूल्यांकन किया जाता है। चूँकि यह एक अलग परीक्षण है इसकी लागत अलग से लगती है। पीजीडी प्रक्रिया का उपयोग करने पर भारत में आईवीएफ की लागत कम से कम 5000-10000 रूपए तक बढ़ जाती है।

भारत में आईवीएफ उपचार में प्री-इम्प्लांटेशन जेनेटिक स्क्रीनिंग (पीजीएस - PGS) के साथ लागत

पीजीएस (PGS) के नाम से प्रचलित इस परीक्षण में भ्रूण को महिला के गर्भाशय में प्रत्यारोपित करने से पहले भ्रूण का असामान्यताओं का पता लगाने के लिए मूल्यांकन किया जाता है।

चूँकि यह एक अलग परीक्षण है, इसलिए पीजीएस की लागत अलग से लगती है। इसके कारण भारत में आईवीएफ ट्रीटमेंट की लागत कम से कम 5000-10000 रूपए तक बढ़ जाती है।

भारत में आईवीएफ उपचार की इंट्रासायटोप्लास्मिक स्पर्म इंजेक्शन (ICSI) के साथ लागत

आईवीएफ ट्रीटमेंट मे आईसीएसआई (ICSI) प्रक्रिया के नाम से जाने वाली इस प्रक्रिया में स्वस्थ शुक्राणु को इंजेक्शन के माध्यम से सीधे अंडे में इंजेक्ट कर दिया जाता है जिससे प्रजनन की सम्भावना बढ़ जाती है।

यह उन मामलों में उपयोग किया जाता है जब पुरुष में शुक्राणु की मात्रा में कमी होती है या शुक्राणु की गुणवत्ता (sperm quality) में कमी होने के कारण शुक्राणु महिला के ओवम तक नहीं पहुँच पाते हैं।

यह एक अलग परीक्षण है इसकी लागत अलग से लगती है। आईसीएसआई (ICSI) की इस प्रक्रिया से भारत में आईवीएफ ट्रीटमेंट का खर्च लगभग दो लाख से ढाई लाख रूपए (2,00,000 - 2,50,000 रूपए) तक आता है।

भारत में आईवीएफ उपचार की इंट्रासाइटोप्लास्मिक मोरफोलॉजिकली सिलेक्टेड स्पर्म इंजेक्शन (IMSI) के साथ लागत

आईएमएसआई (IMSI) प्रक्रिया उस मामले में सहायक होती है जब पुरुष शुक्राणु की गुणवत्ता एवं संख्या के सही न होने के कारण आईवीएफ की पिछली साईकिल असफल रही हो। आईएमएसआई (IMSI) प्रक्रिया कि लागत औसतन 1,50, 000 से 2,76,000 रूपए तक होती है, जो भारत में आईवीएफ उपचार का खर्च बढ़ा सकती है।

भारत में आईवीएफ उपचार की असिस्टेड हैचिंग के साथ लागत

भ्रूण विकास के शुरू के चरणों में, भ्रूण में बाहरी परत या झिल्ली (membrane) होती है जिसे ज़ोना पेल्लुसिडा (Zona pellucida) कहा जाता है।

सफलतापूर्वक महिला के गर्भाशय में भ्रूण के आरोपण के लिए, ज़ोना पेल्लुसिडा नामक इस झिल्ली से भ्रूण का बाहर आना ज़रूरी होता है।

कई मामलों में यह नहीं हो पाता है जिसमें डॉक्टर चिकित्सीय तरीकों का उपयोग करके भ्रूण की इस झिल्ली में छेद करते हैं जिससे आरोपण की संभावना बढ़ जाती है। इस तरह के मामलों में भारत में आईवीएफ उपचार की लागत बढ़ जाती है।

भारत में आईवीएफ उपचार में एंडोमेट्रियल रिसेप्टिविटी विश्लेषण (ईरा - ERA) के साथ लागत

ईरा (ERA) के नाम से जाने जानी वाली इस प्रक्रिया में भ्रूण को गर्भाशय में प्रत्यारोपित करने से पहले गर्भाशय की दीवार (uterine wall) की जांच की जाती है। ईरा (ERA) की प्रक्रिया के कारण भारत में आईवीएफ उपचार की लागत बढ़ जाती है।

भारत में आईवीएफ प्रक्रिया का खर्च, कई चक्र होने पर कैसे प्रभावित होता है?

What is the cost of IVF treatment with multiple ivf cycles in भारत in hindi

Bharat mein IVF ki ek se jayada cycle hone par hone wala kharch

आईवीएफ प्रक्रिया के माध्यम से गर्भवती होने का प्रयास कर रही महिला का यह जानना आवश्यक है कि यह ज़रूरी नही कि पहली बार में ही गर्भधारण होगा बल्कि कई बार इसमें एक से ज्यादा चक्र लगते हैं। ऐसे में आईवीएफ में होने वाले हर चक्र के खर्च के बारे में जानकारी होना बहुत आवश्यक है।

आईवीएफ उपचार की शुरुआत करने पर डॉक्टर महिला एवं पुरुष के अंडे एवं शुक्राणु के माध्यम से एक से अधिक भ्रूण प्रयोगशाला में विकसित करते हैं। उनमें से सिर्फ दो से तीन भ्रूण ही पहली साइकिल में महिला के शरीर में प्रत्यारोपित किये जाते हैं।

इसलिए डॉक्टर दंपति को यह सलाह देते हैं कि वह बचे हुए स्वस्थ भ्रूण को फ्रीज़ कर लें ताकि यदि पहले चक्र में किसी भी कारण से महिला गर्भवती नहीं हो पाती है तो अगले चक्र में फ्रीज़ किये गये भ्रूण का उपयोग किया जा सकेगा और महिला को फिर से ओवेरियन स्टीम्यूलेशन (ovarian stimulation) के चरण से नहीं गुजरना पड़ेगा।

यदि दंपति पहले चक्र के दौरान ही भ्रूण को स्टोर करवा लेते हैं और दुर्भाग्यवश पहले चक्र में महिला गर्भवती नहीं हो पाती है तो अगले चक्र में सिर्फ भ्रूण को महिला के शरीर में आरोपित करने का ख़र्च ही देना होता है जो पहले चक्र की तुलना में काफी कम होता है।

इसके विपरीत यदि दंपति ऐसा नहीं करते हैं और उन्हें दूसरी या तीसरी बार आईवीएफ का सहारा लेना पड़ता है तो उसे फिर से हर चरण का खर्च देना पड़ता है क्योंकि इसमें डॉक्टर को डिम्बग्रंथि को उतेज्जित करने से लेकर भ्रूण को महिला के शरीर में आरोपित करने तक की सभी प्रक्रियाएँ फिर से करनी पड़ती हैं।

हालांकि पहले चक्र में भ्रूण को स्टोर करवाने पर खर्च बढ़ जाता है लेकिन इससे आगे संभावित चक्रों की लागत काफी हद तक कम हो जाती है और साथ ही उपचार में लगने वाला समय भी कम लगता है।

भारत में आईवीएफ प्रक्रिया के लिए किस तरह के पैकेज उपलब्ध हैं?

What type of IVF packages are available for IVF in hindi

IVF ke liye uplabdh packages in hindi

भारत में फ़र्टिलिटी ट्रीटमेंट पैकेज की लागत प्रसवपूर्व देखभाल के दौरान ली जाने वाली सर्विस पर निर्भर करती हैं।

भारत में बांझपन इलाज़ के पैकेज की लागत इस बात पर निर्भर करती है कि आपको डॉक्टर के पास कितनी बार विजिटी करना है, आपकी उम्र क्या है, आप फर्टिलिटी का कौन सा ट्रीटमेंट करवा रहे हैं, आपको कोई जेनेटिक बीमारी या कोई अन्य गंभीर समस्या है और उसका इलाज चल रहा है तो फर्टिलिटी के इलाज में उसी के मुताबिक आपको सेवाएं दी जाती हैं।

आमतौर पर भारत में आईवीएफ (IVF) से गर्भधारण के लिए उपलब्ध पैकेजेज़ में इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ), इंट्रासाइटोप्लास्मिक स्पर्म इंजेक्शन (आईसीएसआई), इंट्रा-साइटोप्लाज्मिक मॉर्फोलॉजिकल रूप से चयनित स्पर्म इंजेक्शन (आईएमएसआई), सहायक हैचिंग, फ्रोजन एम्ब्रियो ट्रांसफर (एफईटी) पैकेज शामिल होते हैं।

भारत में टेस्ट ट्यूब बेबी पैकेज का खर्च आपकी जरूरत के मुताबिक घटता या बढ़ता है जैसे आपका पहले गर्भपात हुआ है नहीं, पहले IVF विफल तो नहीं हुआ, कौन-कौन से टेस्ट करवाने हैं और डॉक्टर की कंसल्टेशन फीस।

भारत में टेस्ट ट्यूब बेबी पैकेज के खर्च की अधिक जानकारी के लिए आप Zealthy से संपर्क कर सकते हैं। हम आपको दिलाते हैं भारत में सस्ते दरों पर बेहतरीन आईवीएफ़ पैकेज। ज्यादा जानकारी के लिए आप हमसे संपर्क कर सकते हैं।

क्या भारत में आईवीएफ प्रक्रिया के खर्च के लिए मेडिकल लोन की सुविधा उपलब्ध है?

Is there any Medical loan facility available for IVF treatment in भारत? in hindi

Kya bharat mein IVF treatment ke liye medical loan ki facility available

आईवीएफ ट्रीटमेंट काफी महँगा होता है जिसके कारण कई बार महिलाएं इससे वंचित रह जाती हैं लेकिन अब भारत में आईवीएफ इलाज करवाने में होने वाले खर्च को आसानी से करने के लिए लोन की व्यवस्था उपलब्ध है। भारत में अभी के समय में आईवीएफ ट्रीटमेंट के लिए पांच लाख तक का लोन लिया जा सकता है।

Zealthy आईवीएफ ट्रीटमेंट के लिए 0% ब्याज दर पर लोन मुहैया करवाने में आपकी मदद कर सकता है। अधिक जानकारी के लिए आप हमें संपर्क कर सकते हैं।

क्या भारत में आईवीएफ प्रक्रिया का खर्च इंश्योरेंस में कवर होता है?

Do IVF treatment covers under Insurance in भारत? in hindi

Kya IVF treatment ke liye insurance cover hota hai?

सामान्य तौर पर आईवीएफ ट्रीटमेंट इंश्योरेंस पॉलिसी में शामिल नहीं होती है लेकिन भारत में बढ़ते आईवीएफ के मामलों को देखते हुए, कई बैंक एवं पॉलिसी दाता आईवीएफ को भी पॉलिसी के अंतर्गत लाने का निर्णय ले रहे हैं। आज के समय में ऐसी कोई पॉलिसी उपलब्ध नहीं है परन्तु Zealthy आईवीएफ के लिए 0% ब्याज़ दर पर मेडिकल लोन लेने में सहायता प्रदान करता है।

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Dr Sangeeta Ahuja

24 Mar, 2019