choose right hospital with zealthy

भारतमेंबेस्ट सीजर ऑपरेशन डिलीवरीहॉस्पिटल

भारत में बेस्ट सीजर ऑपरेशन डिलीवरी हॉस्पिटल की लिस्ट से चुनें सभी सुविधाओं व आधुनिक उपकरणों से लैस अस्पताल। पाएं ऑपरेशन डिलीवरी हॉस्पिटल की जानकारी।

हमारे हॉस्पिटल

सिजेरियन सेक्शनसे जुडें सवाल

चिकित्सा विशेषज्ञ सेमुफ्त परामर्श*

zealthy-logo

Dr Nikitaऔर टीम

Zealthy एक्सपर्ट

सिजेरियन सेक्शन स्पेशलिस्ट

अभी उपलब्ध है

1200+मरीजों का अनुभव

vote92% वोट्स

अभी संपर्क करें

* यह चिकित्सकीय परामर्श नहीं है

Alambagh, lucknow

500
0मुफ्तपहला कंसल्टेशन

Stanley Road, allahabad

500
0मुफ्तपहला कंसल्टेशन

mansarovar, jaipur

500
0मुफ्तपहला कंसल्टेशन

gurgaon

500
0मुफ्तपहला कंसल्टेशन

baner, pune

500
0मुफ्तपहला कंसल्टेशन

सिजेरियन सेक्शन उपचार के हॉस्पिटल की अधिक जानकारी

भारत में सीजर डिलीवरी ऑपरेशन के लिए सर्वश्रेष्ठ अस्पताल कौन से होते हैं ?

Who are the best hospitals for C- section delivery in hindi

Cesarean prasav ke liye sarvshreshth aspatal ka chayan kaise karein

ऑपरेशन डिलीवरी के लिए सर्वश्रेष्ठ अस्पताल का चयन करना मुश्किल है। सीजर डिलीवरी के लिए अस्पताल का चयन करते वक़्त अस्पताल की सुविधाओं पर जरूर ध्यान दें। सबसे अच्छे सीजर डिलीवरी हॉस्पिटल में बेहतर नर्स-सेवा, पीडियट्रीशियन, एनआईसीयू, इमर्जेंसी-ओटी, और एनेसथेलोजिस्ट (anesthesiologist) मुख्य रूप से मौजूद होते हैं।

भारत में सीजर डिलीवरी ऑपरेशन के लिए बेहतर अस्पताल का चयन करने वाले कारक कौन-कौन से होते हैं?

What are the factors for choosing best hospitals for cesarean delivery operation in India in hindi

Operation delivery ke liye sabse behtar aspatal kaun se hot

ऑपरेशन डिलीवरी के लिए सबसे बेहतर अस्पताल वो माने जाते हैं जहां सभी तरह की मेडिकल सुविधा मौजूद हो। अगर आपकी गर्भावस्था में किसी तरह का रिस्क जुड़ा है तो ऐसे में आपके और आपके बच्चे के लिए अधिक निगरानी की आवश्यकता पड़ सकती है। ऐसे में एक सर्वश्रेष्ठ सी-सेक्शन अस्पताल भारत में खोजने के दौरान आपको पहले मुख्य तौर पर निम्लिखित बातों का ख़्याल रखना चाहिए :

1. प्रसूति की क्षमता (Ability of the obstetrician)

सबसे अच्छे मातृत्व अस्पताल चुनने से पहले विचार करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण बिंदुओं में से एक प्रसूति की क्षमता है। ये जानने के लिए आप अस्पताल का दौरा कर सकते हैं और चिकित्सा कर्मचारियों, बाल रोग विशेषज्ञों और नर्सों से डॉक्टर के बारे में पूछताछ कर सकते हैं। सिजेरियन डिलीवरी को लेकर डॉक्टर के अनुभव और उनकी सफलता पर विचार करें। इसके साथ ही प्रसूति-विशेषज्ञ का चयन करते समय, गर्भवती महिला के प्रति डॉक्टर के रवैये क्या है, क्या डॉक्टर आपकी समस्याओं को स्पष्ट और पूरी तरह से समझ रहे हैं और क्या आप डॉक्टर के साथ सहज अनुभव कर रही हैं, जैसे कारकों पर भी विचार करें।

2. अस्पताल में नवजात गहन चिकित्सा इकाई (Neonatal Intensive Care Unit)

अगर आपकी गर्भावस्था को उच्च जोखिम वाली है, तो पूछताछ करें कि क्या अस्पताल में नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) है। अगर बच्चे को जन्म के बाद कोई जटिलता महसूस होती है, तो उन्हें इस यूनिट में रखा जाएगा। इसके अलावा यह भी सुनिश्चित करें कि एनआईसीयू में प्रशिक्षित डॉक्टर और नर्स मौजूद हों।

3. बाल रोग विशेषज्ञ की उपलब्धता (Availability of Pediatrician)

सिजेरियन डिलीवरी हो या फिर नार्मल, दोनों में बच्चे के जन्म के बाद बाल रोग विशेषज्ञ की भूमिका अहम होती है क्योंकि वे बच्चे की स्थिति और स्वास्थ्य की जांच करते हैं। इतना ही नहीं अगर एमर्जेन्सी की स्थित है, तो बच्चे के जन्म के दौरान एक बाल रोग विशेषज्ञ का उपस्थित होना बेहद जरूरी है। एक बाल रोग विशेषज्ञ जन्म के बाद आपके बच्चे का मूल्यांकन करने और यह तय करने में सक्षम होंगे कि आपका बच्चा कितना स्वस्थ है। प्रसव पूर्व जन्म के मामले में, नवजात शिशु की उचित गहन देखभाल सुनिश्चित करने में प्रसव के बाद बाल रोग विशेषज्ञ महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

4. नर्स/स्टाफ से मरीज के अनुपात (Nurse/staff-to-patient ratio)

प्रसव के लिए अस्पताल चुनते समय, उनके नर्स-से-रोगी अनुपात की समीक्षा करें। अनुपात आपको बता सकते हैं कि डिलीवरी के बाद आप कितने समर्थन की उम्मीद कर सकती हैं। दरअसल डिलीवरी के बाद गर्भवती महिला शारीरिक रूप से उठने-बैठने में परेशानी होती है और साथ ही ऑपरेशन के कारण हल्का दर्द भी रहता है। ऐसे में अस्पताल में मौजूद नर्स और स्टाफ ही आपकी मदद करने के लिए आगे आते हैं लेकिन अगर उनका व्यवहार अच्छा नहीं होता है तो आप उनके साथ असहज अनुभव कर सकती हैं। इसलिए डिलीवरी ऑपरेशन के लिए अस्पताल का चयन करते समय वहां के नर्स और स्टाफ का व्यवहार बहुत मायने रखता है।

5. घर से अस्पताल की दूरी (Distance of hospital from home)

घर से अस्पताल की दूरी, बेहतर अस्पताल का चयन करते समय ध्यान में रखा जाने वाला एक महत्वपूर्ण कारक है। अपने घर के निकट एक अच्छा अस्पताल चुनने की कोशिश करें, जहाँ आप पीक ट्रैफिक के दौरान भी लगभग आधे घंटे में पहुँच सके। इससे समय, ऊर्जा, धन की बचत होती है और लेबर के दौरान दूरी या ट्रैफिक को कवर कर पाना आसान हो जाता है। अस्पताल आपके घर के जितना करीब होगा उतना बेहतर है।

6. मातृत्व इकाई और सुविधाएं (Maternity Unit and facilities)

ऑपरेशन के माध्यम से होने वाले डिलीवरी से जुड़ी कई समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में एक अच्छे अस्पताल में आधुनिक मातृत्व इकाइयां (maternity unit), 24 घंटे की आपातकालीन सेवाएं और ब्लड बैंक की सुविधाएँ होनी चाहिए ताकि किसी भी आपात स्थिति से किसी भी समय निपटा जा सके।

अस्पताल में आईसीयू (ICUs) और इनक्यूबेटर (incubators) सहित बच्चों के अलग वार्ड जैसी सुविधाएँ भी होनी चाहिए। इसके अलावा न्यू बॉर्न बच्चे और मां की देखभाल के लिए प्रशिक्षित डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की एक टीम होनी चाहिए। इन सुविधाओं के आधार पर सामान्य प्रसव आसान और ख़तरों से मुक्त हो सकती है।

7. अस्पताल की सफाई (Cleanliness of hospital)

अस्पताल या नर्सिंग होम की गुणवत्ता उपकरण, कर्मचारी, कमरे और बाथरूम की स्वच्छता के स्तर से देखी जा सकती है। नर्सिंग होम या अस्पताल का दौरा करते समय ध्यान दें कि :

क्या बेडशीट को नियमित रूप से बदल दिया जाता है?

क्या भोजन को स्वच्छता से तैयार किया जाता है?

क्या कमरे रोज़ाना साफ किए जाते हैं?

क्या चिकित्सा उपकरण स्टेरलाइज़्ड है?

इसके अलावा हमेशा बाथरूम की जाँच करें। खासकर सिजेरियन डिलीवरी के बाद आपको 3-5 दिन तक रहना पड़ सकता है और ऐसे में बाथरूम की सफाई एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता हैं और अगर वे ठीक से साफ नहीं किए जाते हैं तो यह संक्रमण का कारण बन सकता है।

भारत में सिजेरियन डिलीवरी ऑपरेशन के लिए डॉक्टर के पास कब जाएँ?

When to visit a doctor for a cesarean delivery operation in hindi

Cesarean delivery ke liye doctor ke pass kab jaye

कुछ सिजेरियन ऐच्छिक होते हैं, जो गर्भावस्था के दौरान योजनाबद्ध (planned) होते हैं, और अन्य आपातकालीन स्थिति में किए जाते हैं।

यदि सिजेरियन की योजना बनाई गई है तो आपके डॉक्टर को आपको 38वें हफ्ते के बाद डिलीवरी कराने की सलाह दे सकते हैं क्योंकि इस समय तक बच्चा पूरी तरह से विकसित हो जाता है और किसी भी तरह की जटिलताएं भी नहीं होती है। गर्भावस्था के 38वें सप्ताह से पहले एक नियोजित सिजेरियन नहीं किया जाएगा, जब तक कि आपके स्वास्थ्य या आपके बच्चे के स्वास्थ्य को लेकर किसी भी तरह की समस्या या रिस्क न जुड़ा हो।

सिजेरियन एक आपातकाल के रूप में किया जा सकता है जब आपके बच्चे को जल्दी से पैदा होने की आवश्यकता होती है और लेबर में जाने का इंतज़ार नहीं किया जा सकता है।

और पढ़ें

भारतमेंबेस्ट स्त्री रोग विशेषज्ञ (गायनेकोलॉजिस्ट)

भारत में सर्वश्रेष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ की लिस्ट से चुनें सीजर डिलीवरी ऑपरेशन के लिए अनुभवी व नज़दीकी बेस्ट डॉक्टर। पाएं ऑपरेशन डिलीवरी के डॉक्टर की पूरी जानकारी।

चिकित्सा विशेषज्ञ से निःशुल्क परामर्श

zealthy-logo

Dr Priyankaऔर टीम

सिजेरियन सेक्शन स्पेशलिस्ट

अभी उपलब्ध है

1000+मरीजों का अनुभव

अभी संपर्क करें

भारतमेंसिजेरियन डिलीवरी ऑपरेशनका खर्च

जानें, भारत में सिजेरियन डिलीवरी के खर्च की पूरी जानकारी। डिलीवरी ऑपरेशन की लागत का करें आकलन और पाएं उपचार का उचित मूल्य।

सिजेरियन सेक्शन उपचार का

भारत में खर्च

निम्नतम लागत

70,000

उच्चतम लागत

1,50,000

भारतमेंसिजेरियन डिलीवरी ऑपरेशनसे जुड़े सवाल

भारत में क्या है सिजेरियन डिलीवरी की लागत, डिलीवरी ऑपरेशन के लिए सबसे अच्छे डॉक्टर व हॉस्पिटल कौन से हैं? सिजेरियन डिलीवरी ऑपरेशन से जुड़े सवाल व जवाब

पूछें बेस्ट फर्टिलिटी विशेषज्ञ सेमुफ्त सवाल

qa-iconडॉक्टर से पूछें

सी-सेक्शन क्या है?

सीजेरियन डिलीवरी (Caesarean delivery), सी-सेक्शन के नाम से भी जानी जाती है। यह एक डिलीवरी की तकनीक है जिसके तहत सर्जरी व मेडिकल प्रक्रिया के द्वारा शिशु का जन्म होता है।

सी-सेक्शन कब किया जाता है?

सिजेरियन डिलीवरी कई कारणों से की जाती है :

  • यदि महिला की पहली डिलीवरी सी-सेक्शन द्वारा की गयी हो
  • यदि बच्चा ब्रीच की स्थिति में हो
  • अगर बच्चा बहुत बड़ा हो
  • अगर माँ प्रसव में किसी मेडिकल प्रक्रिया का हस्तक्षेप नहीं चाहती हो
  • अगर माँ को को हृदय रोग, मधुमेह, उच्च रक्तचाप या किडनी की बीमारी हो
  • यदि एमनियोटिक द्रव (amniotic fluid) कम हो
  • यदि मां 12 घंटे से अधिक समय से प्रसव पीड़ा में है और बच्चे की धड़कन कम हो रही हो
  • यदि माँ जुड़वाँ या तीन बच्चों से गर्भवती हो
  • यदि प्लेसेंटा प्रॉब्लेम्स के साथ गर्भवती माँ को प्रसव पीड़ा होने लगे

इन सभी स्थितियों में नॉर्मल डिलीवरी, माँ और बच्चे दोनों के लिए खतरनाक हो सकती है।

मैं सिजेरियन डिलीवरी की तैयारी कैसे करूँ?

सी-सेक्शन की तैयारी बहुत हद तक नॉर्मल डिलीवरी की तैयारी जैसी ही होती है। आपको अस्पताल के लिए एक बैग पैक करना होगा और बच्चे के जन्म के बाद के लिए एक योजना तैयार करनी होगी। आपके डॉक्टर समय से पहले आपके साथ दर्द प्रबंधन विकल्पों पर भी चर्चा करेंगे। अगर यह एक शेड्यूल सी-सेक्शन है, तो आपको एक रात पहले कुछ खाने से मनाही होगी। उपचार से पहले डॉक्टर आमतौर पर आपसे सहमति फॉर्म पर हस्ताक्षर करने के लिए कहेंगे।

Zealthy क्यों चुनें ?

कॉल

व्हाट्सप्प

अपॉइंटमेंट बुक करें