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भारत में प्रसवपूर्व देखभाल व प्रेगनेंसी से जुड़े सवाल

प्रसवपूर्व देखभाल, गर्भावस्था के दौरान सावधानियां, प्रेगनेंसी के दौरान क्या करें, क्या खाये, क्या नहीं और प्रसवपूर्व देखभाल से जुड़े हाल में पूछे गए सवाल व जवाब

ऐंटेनेटल केयर क्या है ?

ऐंटेनेटल केयर प्रसव पूर्व देखभाल होती है जिसके तहत गर्भावस्था के दौरान माँ व बच्चे की सुरक्षा के लिए नियमित जांच व देखभाल की जाती है।

मुझे प्रसव पूर्व देखभाल की आवश्यकता क्यों है?

प्रसव पूर्व देखभाल आपको और आपके बच्चे को स्वस्थ रखने में मदद कर सकती है। आमतौर पर जिन महिलाओं की प्रसव पूर्व देखभाल नहीं होती उनकी तुलना में देखभाल की जाने वाली महिलाओं व उनके बच्चे का स्वास्थ्य बेहतर होता है। खासतौर पर प्रसव पूर्व देखभाल माँ व होने वाले बच्चे में वक़्त रहते किसी बीमारी का पता लगाने व उसका उपचार करने में सहायक है।

प्रसव पूर्व देखभाल के लिए पहली बार डॉक्टर के पास कब जाएँ ?

जिस वक़्त आपके पीरियड्स मिस हुए हों और आप अपनी गर्भावस्था को लेकर सुनिश्चित हो, उसी समय आपको जल्द से जल्द डॉक्टर से मिलना चाहिए।

प्रसव पूर्व देखभाल के लिए किस डॉक्टर के पास जाएँ ?

प्रसव पूर्व देखभाल के लिए आपको ओब्सटेट्रीशियन (obstetrician) स्पेशियलिटि डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

गर्भावस्था के दौरान मुझे कितनी बार अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए?

गर्भावस्था के दौरान आपके डॉक्टर आपको मीटिंग का शेड्यूल देंगे, जिसके अनुसार आप उनसे नियमित चेकअप के लिए मिल सकती हैं। आप डॉक्टर से इस प्रकार मिल सकती हैं : -

  • पहली विजिट चौथे से 13वें हफ्ते के बीच में
  • 14वें हफ्ते से लेकर 28वें हफ्ते तक, हर महीने में एक बार
  • 29वें हफ्ते से लेकर 35वें हफ्ते तक हर महीने में दो बार
  • 36वें हफ्ते से हर हफ्ते में एक बार
  • यदि आप 35 वर्ष से अधिक उम्र की हैं या आपकी गर्भावस्था में किसी प्रकार का जोखिम है, तो आप आपको कई बार डॉक्टर से मिलना पड़ सकता है

प्रसव से पहले देखभाल के सिलसिले में पहली बार डॉक्टर से मिलने पर क्या होता है ?

ऐंटेनेटल केयर के दौरान पहली बार डॉक्टर से मिलने पर :

  • वे आपसे आपके मेडिकल इतिहास के बारे में पूछ सकते हैं जैसे कोई बीमारी, ऑपरेशन या पूर्व प्रेगनेंसी
  • आपके परिवार के मेडिकल इतिहास के बारे में पूछा जा सकता है
  • आपकी पूरी जांच कर सकते हैं जिसमें पेलविक और पैप टेस्ट भी शामिल है
  • लैब टेस्ट के लिए आपके ब्लड व यूरिन का सैंपल ले सकते हैं
  • आपके ब्लड प्रेशर, लंबाई और वज़न को नोट कर सकते हैं
  • आपके ड्यू डेट का आकलन कर सकते हैं
  • आपके सवालों के जबाव देंगे

ध्यान रखें कि पहली अपॉइंटमेंट में आप अपने मन के सभी सवाल बेझिझक डॉक्टर से पूछ सकती हैं।

ऐंटेनेटल केयर रूटीन चेकअप में डॉक्टर क्या जांच करते हैं ?

आमतौर पर पहली मुलाक़ात की अवधि से आपकी अन्य मुलाक़ात कम समय की होती है। इस दौरान डॉक्टर से मुलाक़ात में शामिल है :

  • ब्लड प्रेशर की जांच
  • वज़न की जांच
  • बेबी बम्प नज़र आने के बाद, आपके ऐबडोमेन की जांच
  • बच्चे की हार्ट रेट की जांच

इसके अलावा किसी खास तरह समस्या या परिस्थिति में डॉक्टर अन्य जांच की भी सिफ़ारिश कर सकते हैं।

प्रेगनेंसी की तिमाही कैसे निर्धारित कैसे कर सकते हैं ?

प्रेगनेंसी की तिमाही को तीन भागों में बांटा गया है : -

पहली तिमाही - 1 से 13वें हफ्ते - 1 से 91 दिन

दूसरी तिमाही - 14वें से 27वें हफ्ते - 92 से 189 दिन

तीसरी तिमाही - 28वें से 40वें हफ्ते - 190 से 280 दिन

मैं कैसे जान सकती हूँ कि मैं कितने वीक प्रेग्नेंट हूँ ?

आप प्रेगनेंसी कैलकुलेटर की मदद से जान सकती हैं कि गर्भावस्था के कौन से हफ्ते में हैं। अपनी प्रेगनेंसी डेट कैलकुलेट करने के लिए अभी क्लिक करें -

प्रिनैटल टेस्टिंग क्या है और यह क्यों ज़रूरी है ?

प्रसवपूर्व परीक्षण यानि प्रिनैटल टेस्टिंग विभिन्न प्रक्रियाएं हैं जो सुनिश्चित करती हैं कि आप और भ्रूण स्वस्थ हैं। प्रिनैटल टेस्टिंग बच्चे में जन्म दोष का पता लगाने, माँ व बच्चे के स्वास्थ्य की जांच करने और अन्य जोखिमों का पता लगाने के लिए ज़रूरी है।

प्रिनैटल टेस्टिंग में कौन-कौन से टेस्ट शामिल हैं ?

प्रिनैटल टेस्टिंग में निम्न टेस्ट (पहली तिमाही से लेकर तीसरी तिमाही तक) शामिल हैं :

  • सीबीसी
  • ब्लड टाइपिंग
  • यूरिन रूटीन
  • यूरिन कल्चर
  • फस्टिंग ब्लड शुगर (एफ़बीएस)
  • रैंडम बल्ड शुगर/ पीपी ब्लड शुगर
  • ओजीटीटी (75g.,2घंटे)
  • पैप स्मियर
  • एचआईवी 1&2
  • एचबीएसएजी (हेप बी)
  • वीडीआरएल/आरपीआर
  • रूबेला, आईजीसी एयूआर आईजीएम
  • टीएसएच
  • एफ़टी3 और एफ़टी4 (फ्री थाईरॉक्साइन)
  • हेपैटाईटीस सी (एचसीवी)
  • डबल मार्कर/ट्रिपल मार्कर/ क्वाड्रैपल मार्कर
  • अल्ट्रासाउंड इंवेस्टिगेशन
  • सीटीजी मौनिट्रिंग
  • टेटनस इंजेक्शन
  • डॉक्टर आपकी व आपके बच्चे की स्थिति को देखते हुए इनमें से किसी भी टेस्ट की सलाह दे सकते हैं।

गर्भावस्था से पहले देखभाल में अल्ट्रासाउंड कब होता है और यह क्यों ज़रूरी है ?

गर्भावस्था के दौरान भ्रूण की स्थिति का जायज़ा लेने के लिए अल्ट्रासाउंड कराना बेहद ज़रूरी है। प्रेगनेंसी के दौरान इस प्रकार डॉक्टर अल्ट्रासाउंड की सिफ़ारिश कर सकते हैं : -

सातवें हफ्ते में - गर्भावस्था को सुनिश्चित करने, गर्भावस्था के मोलर या एक्टोपिक होने के साइन का पता लगाने और प्रेगनेंसी की तिथि निर्धारित करने के लिए

तीसरे से चौदहवें हफ्ते में - डाउन सिंड्रोम की संभावना को जाँचने के लिए

अठारहवें से बीसवें हफ्ते में - शिशु के अंगों में समस्याओं के साइन को पहचाने और शिशु के शारीरिक विकास की निगरानी करने के लिए

चौतीसवें हफ्ते में - भ्रूण की पोजीशन, आकर और प्लेसेंटा की पोजीशन जानने के लिए

क्या Zealthy पर मुझे ऐंटेनेटल केयर का लाभ मिल सकता है और आप हमें इसमें कैसे मदद कर सकते हैं ?

जी बिलकुल! हमारे यहाँ ऐंटेनेटल केयर पैकेज भी उपलब्ध है। ऐंटेनेटल केयर के लिए Zealthy ना सिर्फ़ सही अस्पताल और अनुभवी डॉक्टर के चुनाव में आपकी सहायता करता है बल्कि उपचार की सही और पारदर्शी लागत जानने में भी आपकी मदद करता है। इसके साथ ही उपचार के दौरान किसी भी अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के लिए हमारे सहायक आपके साथ 24*7 बनें रहते हैं।

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हमारे मेडिकल एक्सपर्ट उपचार की योजना तैयार करने में आपकी सहायता करेंगे

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