मासिक धर्म चक्र

मासिक धर्म चक्र

Menstrual cycle in hindi

masik dharm or periods in hindi

 

मासिक धर्म चक्र शरीर को हर महीने संभावित गर्भावस्था (Pregnancy) के लिए तैयार करने की एक प्रक्रिया है।

हर महीने, महिला के अंडाशय (Ovaries) से एक अंडा जारी होता है - इस प्रक्रिया को ओव्यूलेशन (Ovulation) कहा जाता है। उसी समय, हार्मोनल परिवर्तन गर्भाशय (Uterus) को गर्भावस्था के लिए तैयार करते हैं।

यदि ओव्यूलेशन होता है और अंडा फर्टिलाइज (fertilize) नहीं होता है, तो गर्भाशय की लाइनिंग योनि से बाहर निकल जाती है। इसी को मासिक धर्म कहते हैं।

 

सामान्य मासिक धर्म चक्र क्या है

What is normal menstrual cycle in hindi

normal periods kya hote hai in hindi

सामान्य मासिक धर्म चक्र

मासिक धर्म चक्र हर महिला के लिए समान नहीं होता है। दो मासिक धर्म के बीच का अंतराल 21 से 35 दिनों का होता है और प्रवाह दो से सात दिनों तक रह सकता है।

मासिक धर्म शुरू होने के बाद पहले कुछ वर्षों में लंबे माहवारी चक्र आम हैं। हालांकि, उम्र बढ़ने के साथ-साथ ये चक्र अधिक नियमित हो जाते हैं।

पीरियड्स आमतौर पर 10 से 16 साल की उम्र के बीच शुरू होते हैं और 45 से 55 की उम्र तक जारी रहते हैं।

एक महिला के दो मासिक धर्म चक्रों के बीच का अंतराल समान्यतः 28 दिनों का होता है, लेकिन यह हर महिला में थोड़ा भिन्न होता है।

कुछ महिलाओं में यह अवधि 24 दिनों से 35 दिनों तक भिन्न हो सकती है। ज्यादातर महिलाओं में हर साल 11 से 13 मासिक धर्म होते हैं।

एक मासिक धर्म रक्तस्राव आमतौर पर लगभग 5 दिनों तक रहता है, लेकिन यह भी 2 से 7 दिनों तक भिन्न हो सकता है।

जब मासिक धर्म पहली बार शुरू होता है, तो एक नियमित साइकल स्थापित होने में 2 साल तक का समय लग सकता है।

प्युबर्टी (Puberty) के बाद, ज्यादातर महिलाओं का मासिक धर्म नियमित हो जाता है और दो मासिक धर्म चक्र के बीच की अवधि समान हो जाती है।

जब आप रजोनिवृत्ति (Menopause) के करीब हो जाते हैं, तो आपका चक्र फिर से अनियमित हो सकता है।

हालाँकि, चूंकि आपकी उम्र के साथ गर्भाशय कैंसर का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए रजोनिवृत्ति के आसपास यदि आप अनियमित रक्तस्राव (irregular bleeding) अनुभव कर रही हों तो अपने डॉक्टर के साथ चर्चा करें।

 

अपने पीरियड्स को कैसे ट्रैक करें

How to track your menstrual cycle in hindi

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पीरियड्स को कैसे ट्रैक करें

यह जानने के लिए कि आपके लिए क्या सामान्य है, एक कैलेंडर पर अपने मासिक धर्म चक्र का रिकॉर्ड रखना शुरू करें।

अपने पीरियड्स की नियमितता की पहचान करने के लिए लगातार कई महीनों तक हर महीने अपनी माहवारी की शुरुआत की तारीख पर नज़र रखें।

यदि आप अपने पीरियड्स को लेकर चिंतित हैं, तो हर महीने निम्नलिखित बातों पर भी ध्यान दें:

  1. अंतिम तिथि (Last date of periods)

    आपकी माहवारी आम तौर पर कितने समय तक चलती है? क्या यह सामान्य से अधिक लंबी या छोटी है?

  2. प्रवाह (Menstrual Flow)

    अपने प्रवाह के भारीपन को रिकॉर्ड करें। क्या यह सामान्य से हल्का या भारी लगता है? आपको कितनी बार अपनी सैनिटरी पैड (sanitary pad) को बदलने की आवश्यकता है?

    क्या आपने कोई ब्लड क्लॉट (blood clot) पास किया है?

  3. असामान्य रक्तस्राव (Irregular Bleeding)

    क्या आप दो पीरियड्स के बीच में ब्लीडिंग कर रही हैं?

  4. दर्द (Menstrual pain)

    अपनी माहवारी से जुड़े दर्द पर ध्यान दें। क्या आपका दर्द सामान्य से अधिक है?

  5. अन्य परिवर्तन (Other changes)

    क्या आपने अपनी मनोदशा या व्यवहार में कोई बदलाव महसूस किया है? क्या आपके पीरियड्स के समय कुछ नया हुआ है?

 

पीरियड्स के लक्षण जो चिंता का कारण बन सकते हैं

Period symptoms you should worry about in hindi

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पीरियड्स के लक्षण

माहावारी से संबन्धित कोई भी असामान्य लक्षण किसी बड़ी समस्या की ओर इशारा कर सकते हैं।  

हर महिला के लिए ज़रूरी है कि वो इन लक्षणों के बारे में जाने ताकि किसी भी बड़े खतरे की आसानी से पहचान हो सके।

माहावारी के वे कुछ लक्षण जो स्वास्थ्य समस्याओं की ओर इशारा करते हैं, इस प्रकार हैं:

  1. अत्यधिक दर्दनाक पीरियड्स (Excessive Painful Periods)

    पीरियड्स के दौरान हल्का दर्द सामान्य हैं। लेकिन अगर आपका दर्द दवाओं से भी कम नहीं हो रहा, या दर्द, उल्टी या दस्त का कारण बनता है, तो आपको इसे नजरंदाज नहीं करना चाहिए।

    गंभीर दर्द एंडोमेट्रियोसिस (Endometriosis) या एडिनोमायोसिस (Adenomyosis) का संकेत हो सकता है, जो कि गर्भाशय का एक विकार है।

    दर्दनाक ऐंठन पैल्विक सूजन बीमारी (Pelvic Inflammatory Disease - PID) का संकेत भी हो सकता है जो कि गर्भाशय (Uterus) अंडाशय (Ovaries) या फैलोपियन ट्यूब (Fallopian tubes) का एक गंभीर संक्रमण है।

  2. भारी रक्तस्राव (Heavy Bleeding)

    यदि आप एक घंटे में दो या अधिक पैड या टैम्पोन(tampoon) का इस्तेमाल कर रही हैं, तो इसे बहुत भारी रक्तस्राव माना जाएगा।

    असामान्य रूप से भारी रक्तस्राव बड़े स्वास्थ्य मुद्दों  की ओर संकेत कर सकता है, जैसे एंडोमेट्रियोसिस (Endometriosis), एडिनोमायोसिस (Adenomyosis) या एंडोमेट्रियल पॉलीप्स (Endometrial Polyps).

    अगर एक महिला की उम्र 40 से अधिक है और अनियमित रक्तस्राव हो रहा है, विशेष रूप से दो मासिक चक्रों के बीच रक्तस्राव होता हो और उसके हार्मोन संतुलित हैं, तो भी उसे फाइब्रॉएड के लिए जांच करवानी चाहिए।

  3. माहवारी न होना (No bleeding)

    यदि आपकी अंतिम माहवारी को 35 दिन से अधिक हो गए हैं, तो पहले प्रेग्नेंसी टेस्ट करवाएँ। यदि गर्भावस्था परीक्षण नकारात्मक (Pregnancy test negative) है, तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

    पीरियड न होना थायराइड (Thyroid) की बीमारी, किडनी या लिवर (Kidney or Liver) की समस्याओं का संकेत हो सकता है।

  4. लंबे समय तक मासिक धर्म (Periods Lasting Longer Than Usual)

    मासिक धर्म औसतन दो से सात दिनों तक रहता है। इससे अधिक लंबा मासिक धर्म चिंता का कारण हो सकता है।

    यह गर्भाशय फाइब्रॉएड (uterine fibroids) का संकेत हो सकता है, जो गर्भाशय में होने वाली खतरनाक वृद्धि है।

    ये फाइब्रॉएड भारी और लंबे समय तक मासिक धर्म, साथ ही तीव्र ऐंठन का कारण बन सकते हैं।

  5. रक्त के थक्के  (Clotting)

    अगर आपकी उम्र 25 से अधिक है और आपके पीरियड्स के साथ गंभीर क्लोट्टिंग (clotting) हो रही है, तो आपको फाइब्रॉएड (fibroids) के लिए जाँच की आवश्यकता हो सकती है।

 

नियमित पीरियड्स आपको रखें स्वस्थ

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नियमित पीरियड्स

मासिक धर्म अपने आप में एक प्राकृतिक क्लीन्ज़र (natural cleanser) है।

आपकी माहावारी आपके शरीर को प्राकृतिक रूप से विषाक्त पदार्थों (poisonous substances) को साफ करने और बाहर निकालने का अपना तरीका है।

कुछ शोधों में यह भी पाया गया है कि माहावारी के द्वारा शरीर से अतिरिक्त लोहा बाहर निकाल जाता है। अतिरिक्त आयरन (iron) को बाहर निकालने से हृदय रोग के जोखिम को कम करने में मदद मिलती है।

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