Yoga - benefits, postures, types and importance in hindi

योग - लाभ, आसन, प्रकार और महत्व

Yoga - benefits, postures, types and importance in hindi

Yog kya hai, yog ke laabh, aasan, prakaar aur mahatv in hindi

 

योग आज सिर्फ भारत का ही हिस्सा नहीं है बल्कि ये दुनियाभर में लोकप्रिय है।

योग से भारतीयों का 2000 से अधिक समय से नाता है लेकिन पिछले कुछ दशकों में दुनियाभर में योग की लोकप्रियता खूब बढ़ी है।

आज हम आपको इस लेख में योग क्या है, योग के महत्व, योग के प्रकार, योगासन प्राणायाम, योग के लाभ और योग के आसनों के बारे में बताएंगे।

 

योग क्या है

What is yoga in hindi

Yog kya hai in hindi

योग एक ऐसा शारीरिक अभ्यास है जिसके करने से आप लगभग हर तरह की बीमारी और शारीरिक समस्या को दूर कर सकते हैं।

भारत में योग को आध्यात्मिकता से जोड़ा गया है।

इसे ऐसी विधा माना गया है जिसके लगातार अभ्यास से तन, मन, मस्तिष्क और आत्मा को स्वस्थ रखा जा सकता है।

मस्तिष्क को केंद्रित करने से लेकर योग शरीर को स्वस्थ रखता है और जीवन काल को बढ़ा देता है।

ऐसा माना जाता है कि सूर्य उदय के समय या सूर्यास्त होने से दो घंटे पहले योग करना सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है।

 

योग के प्रकार

Types of yoga in hindi

Yog ke prakar in hindi

योग के कई प्रकार है।

प्राचीन ग्रंथों में योग के चार प्रकार कहे गए हैं उनमें हैं हठयोग, राजयोग, मंत्रयोग और लययोग।

योग के ये चार प्रकार आगे बढ़कर कई अलग-अलग भागों में बंट गए।

आज के समय में योग के कई प्रकार हैं जो सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं।

इनमें हैं - अष्टांग योग, हठ योग, विक्रम योग, कुंडलिनी योग और विन्यास योग।

योग के इन प्रकारों के भी कई प्रकार हैं। आइये देखें : - 

  • अष्टांग योग (Ashtanga yoga)

    अष्टांग योग को राजयोग के नाम से भी जाना जाता है।

    अष्टांग यानि आठ।

    इस योग का अर्थ है शरीर के आठों अंगों से योग करना।

    इस योग में शरीर के सभी अंगों से अलग-अलग तरह से योग होता है।

    अष्टांग योग के आठ स्वरूप हैं- यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार , धारणा, ध्यान , समाधि।

  • हठ योग (Hatha yoga)

    जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है हठ मतलब जिद करना।

    इस योग का अर्थ है किसी काम को हठ से करना।

    हठ शब्द को सूर्य और चंद्र से जोड़कर देखा जाता है।

    सूर्य और चंद्र ये दोनों ही इंसान के शरीर के दो ध्रुवों के प्रतीक माने गए हैं। 

  • विन्यास योग (Vinyasa yoga)

    विन्यास योग ब्रीथ सिंक्रोनाइज्ड् मूवमेंट के नाम से भी जाना जाता है।

    विन्यास योग के तहत सांस की गति को संतुलित किया जाता है।

    आमतौर पर विन्यास योग में तेजी से सांस ली जाती है और छोड़ी जाती है।

  • विक्रम योग (Bikram  yoga)

    विक्रम योग को हॉट योग भी कहा जाता है।

    इस योग को 40 डिग्री सेल्सियस तापमान वाले कमरे में किया जाता है।

    इस योग में 26 आसन और दो श्वसन संबंधी आसन शामिल हैं।

    इस पूरे योग को करने का समय लगभग 90 मिनट होता है।

    ये योग ग्‍लैमर वर्ल्ड में बहुत प्रचलित है। 

  • कुंडलिनी योग (Kundalini Yoga)

    कुंडलिनी योग के जरिए शरीर के सातों चक्र जाग जाते हैं।

    इस योग के लिए घंटों ध्यान करने की आवश्यकता होती है।

    इसे बिन अभ्यास के नहीं किया जा सकता।

  • पॉवर योग (Power yoga)

    इसे शक्ति योग के नाम से भी जाना जाता है।

    इसे विन्यास शैली में करते हुए पसीना बहाना होता है।

    पॉवर योग को जिम योग भी कहते हैं।

    पॉवर योग की खासियत ये है कि इसमें बिना अंतराल के एक साथ कई आसन करने होते हैं।

  • अयंगर योग (Iyengar yoga)

    अयंगर योग अन्य योग से एकदम भिन्न है।

    इसमें 200 योगासन और 14 तरह के प्रणायाम आते हैं।

    इस योग को करने में कुर्सी, बेल्ट और रस्सी की जरूरत पड़ती है।

 

योग का महत्व

Importance of yoga in hindi

yog ka mahatva in hindi

आज की भागदौड़ की जिंदगी में लोगों के पास व्यायाम करने का वक्त‍ नहीं होता वे खूब तनाव में रहते हैं।

ऐसे में योग के माध्यम से दिनभर के तनाव को आसानी से कम किया जा सकता है।

यदि किसी के आत्मविश्‍वास में कमी है तो इस समस्या को भी योग के जरिए दूर किया जा सकता है।

यदि आपका ध्यान काम पर नहीं होता तो योग के जरिए आप आसानी से काम पर ध्यान लगा सकते हैं।

मानसिक तनाव को दूर कर योग के जरिए आसानी से शरीर को स्वस्थ रखा जा सकता है।

 

योग के लाभ

Benefits of yoga in hindi

yog ke labh in hindi

योगाभ्यास करने से मानसिक और शारीरिक सेहत को दुरुस्त किया जा सकता है।

चलिए जानते हैं योग के क्या–क्या लाभ हैं : - 

  • तनाव को कम कर सकता है (Can reduce stress)

    योग के जरिए तनाव को कम कर शरीर को तनावरहित किया जा सकता है।

    इतना ही नहीं, ये तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन कोर्टिसोल को कम करने की क्षमता रखता है।

  • दिल की सेहत में सुधार कर सकता है (Can improve heart's health)

    योग के जरिए दिल की सेहत में सुधार किया जा सकता है और कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।

  • अच्छी नींद (Can treat insomnia)

    जिन लोगों को नींद ना आने की समस्या होती है या फिर ठीक से नींद नहीं आती।

    योग के जरिए ऐसे लोग अपनी नींद में सुधार कर सकते हैं।

  • माइग्रेन और डिप्रेशन को कम कर सकता है (Can reduce migraine and depression)  

    मेडिटेशन के जरिए माइग्रेन और डिप्रेशन जैसी गंभीर समस्याओं को आसानी से ठीक किया जा सकता है।

  • शारीरिक क्षमता बढ़ाता है (Increases physical ability)

    योग ना सिर्फ शरीर को लचीला बनाता है बल्कि कुछ योगासन मसल्‍स को मजबूत बनाने और शारीरिक क्षमता बढ़ाने में उपयोगी हैं। 

 

योग करते समय बरती जाने वाली सावधानियां

Precautions to be taken during yoga practice in hindi

Yoga karte samay barti jane wali savdhaniya in hindi

सेहतमंद रहने के लिए योग करना जरूरी है लेकिन योग से पहले कुछ सावधानियों पर भी ध्यान देना बहुत जरूरी है। ये सावधानियाँ कुछ इस प्रकार हैं : -

  • योगासन करने के लिए किसी बंद कमरे का चयन ना करें बल्कि हवादार कमरे को चुनें।

  • योगासन करने से पहले कुछ ना खाएं अन्यथा योग के लाभ के बजाय नुकसान हो सकता है।

  • अगर पहली बार योग कर रहे हैं तो किसी प्रशिक्षक की मदद ले लें।

  • शुरूआत में बहुत लंबे समय तक योग ना करें बल्कि अपनी शारीरिक क्षमताओं का ध्यान रखें।

  • जमीन पर योग करने के बजाय योगामैट या कोई कालीन बिछाएं।

  • योगासन करने के तुरंत बाद ना तो कुछ खाएं और ना ही नहाएं। शरीर का तापमान सामान्य होने दें।

  • गर्भावस्था के दौरान योग से पहले अपने डॉक्‍टर की सलाह लें।

  • यदि आपको कोई गंभीर समस्या है तो डॉक्टर की सलाह पर ही प्रशिक्षक के साथ योग करें।

 

निष्‍कर्ष

Conclusion in hindi

Nishkarsh in hindi

योग आपको ना सिर्फ स्वस्थ जीवनशैली देता है बल्कि ये आपके संपूर्ण स्वास्थ्य को स्वस्थ रखने में मदद करता है।

ये बिल्कुल सच है कि योग से कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं लेकिन इसे करने से पहले सही प्रशिक्षण लेना अनिवार्य है।

यदि आप बिना प्रशिक्षण के योग करेंगे तो इसके फ़ायदों के बजाय आपको नुकसान हो सकते हैं।

योग के जरिए कई गंभीर बीमारियों खासतौर पर लंबे समय से चली आ रही बीमारियों को भी जड़ से खत्म किया जा सकता है।