motapa kam se ke upay in hindi

मोटापा कम करने के उपाय और तरीके

Weight loss in hindi

motapa kam Karen ke upay aur tarike in hindi

एक नज़र

  • स्वस्थ वजन स्वस्थ शरीर को दर्शाता है।
  • वजन कम करने के कई उपाय हैं।
  • सभी उपाय सभी लोगों के लिए उपयोगी नहीं होते।

अधिक वजन इंसान के आत्मविश्वास को कम करता है।

तरीका चाहे कोई भी हो, प्रत्येक मोटा इंसान अपने शरीर के वजन को कम करना चाहता है।

वजन कम करने के कई सारे कारण हो सकते हैं जैसे की आने वाले किसी कार्यक्रम को अटेंड (attend) करना, बीमारी जैसे हाई ब्लड प्रेशर (high blood pressure) को नियंत्रित करना आदि।

कारण चाहे जो भी हो पर वजन कम करने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है अन्यथा वजन कम करने के दौरान समस्याएं हो सकती हैं।

आज हम इस लेख में वजन घटाने से जुड़ी बातें करेंगे।

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इस लेख़ में /\

  1. मोटापा कम करने के तरीके
  2. मोटापा कम करते वक़्त ध्यान देने योग्य बातें
  3. मोटापा कम करने के क्या फ़ायदे और नुकसान हैं ?
  4. मोटापा कम करने के लिए भोजन कैसा खाएं ?
  5. वजन प्रबंधन क्या है?
  6. आदर्श वजन कितना होना चाहिए ?
  7. स्वस्थ वजन के क्या लाभ हैं ?
  8. स्वस्थ वजन का कैसे पता लगाया जा सकता है ?
  9. निष्कर्ष
 

1.मोटापा कम करने के तरीके

Methods for weight loss in hindi

Motapa kam karane ke tarike

वजन को निम्न तरीकों से कम किया जा सकता है :

  • नाश्ता स्किप ना करना (Do not skip breakfast)
    कई लोग सोचते है कि नाश्ता नहीं करने से काफी कैलोरीज (calories) शरीर के अंदर नहीं जाती।
    मगर असल में ऐसा नहीं है।
    नाश्ता नहीं करने से हमारे शरीर में ऊर्जा की कमी होती है और हम दिनभर में ज्यादा खाते हैं, जिससे वज़न घटने की जगह बढ़ सकता है।
    इसलिए नाश्ता हमेशा करें।
  • सुरक्षित डाइटिंग (Safe dieting)
    छोटे लक्ष्य निर्धारित करें।
    ज्यादा तेजी से वजन कम करने का लक्ष्य आपको स्वस्थ भोजन करने से रोकेगा और इससे कुपोषित होने का जोखिम बढ़ जाएगा।
    दिन में तीन बार संतुलित भोजन लें।
  • खाने पर ध्यान देना (Concentrating on food while eating)
    टीवी या मोबाइल देखते हुए खाने से हम ज्यादा खाना खाते हैं।
    इसका कारण यह है कि हम टीवी देखने में इतने केन्द्रित हो जाते हैं कि हमे पेट भरने का एहसास ही नहीं होता।
    इसलिए कभी भी टीवी देखते हुये खाना ना खाएं।
  • व्यायाम (Exercise)
    अपने शरीर को सक्रिय रखें। सक्रिय रहने से केलोरीज़ (calories) कम होती हैं।
    साइकिलिंग (cycling) करने और जल्दी-जल्दी चलने से भी वजन कम करने में मदद मिलती है।
    75-मिनट का कठिन व्यायाम जैसे फुटबाल भी शरीर की केलोरीज़ (calories) को कम करता है।
    अपने व्यायाम में बड़ी मांसपेशियों की स्ट्रेन्थ ट्रेनिंग (strength training) ज़रूर रखें।
    योग को भी अपने व्यायाम में सम्मलित करें।
  • शराब से दूर रहना (Avoid alcohol)
    जितना हो सके शराब से दूर रहे।
    शराब का सेवन सेहत को खराब करने के साथ-साथ वजन को भी बढ़ाता है।
  • ज्यादा बार और कम-कम खाना (Eat small and frequent meals)
    एक बार में काफी सारा भोजन ना करें।
    थोड़ा-थोड़ा भोजन ज्यादा बार खाने से शरीर में भोजन का पाचन सही रहता है।

और पढ़ें:5 आहार जो घटाएंगे वजन और बढ़ाएंगे मेटाबॉलिज्म

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2.मोटापा कम करते वक़्त ध्यान देने योग्य बातें

Things to keep in mind while losing weight in hindi

motapa kam Karne ke nushkhe aur tarike in hindi

वज़न कम करने के दौरान इन बातों का ध्यान अवश्य रखें : -

  • स्वस्थ भोजन (Healthy diet)
    कुछ लोग वजन बढ़ाने के लिए अपनी कैलोरीज (calories) को एकदम से कम कर देते हैं और खाने से परहेज करते हैं।
    ऐसा कभी नहीं करना चाहिए।
    इससे शरीर में केटाबोलिक (catabolic) प्रक्रिया शुरू हो जाती है।
    इस प्रक्रिया के दौरान फैट (fat) की बजाय हमारा शरीर प्रोटीन (protein) को काम में लेना शुरू कर देता है जिससे कई सारी दिक्कतें हो सकती है।
  • फैट घटाना (Reduces fat)
    वजन घटाने के लिए अपने बॉडी के फैट प्रतिशत (body fat percentage) पर ध्यान देना चाहिए।
    मोटापे में शरीर के बेडौल आकर के लिए फैट (fat) ही जिम्मेदार होता है।
    स्ट्रेंग्थ ट्रेनिंग (strength training) के दौरान मसल प्रोटीन (muscle protein) की अहम भूमिका होती है।
    ट्रेनिंग के दौरान अगर फैट कम करके मसल प्रोटीन (muscle protein) बढ़ाया जाता है तो वजन कम नहीं होता किंतु शरीर सुडौल हो जाता है।
    सही बॉडी फैट प्रतिशत (body fat percentage) महिलाओं के लिए 25-28% एवं पुरुषों के लिए 12-15% होनी चाहिये।
  • अच्छी नींद (Sound sleep)
    अच्छी नींद लेने से शरीर को खोई हुई ऊर्जा वापस मिलती है।
    पर्याप्त व्यायाम करने के बाद नींद के दौरान ही सबसे अधिक फैट बर्निंग की प्रक्रिया (fat burning process) होता है।
  • वजन घटाने की दवाइयां (Pills for losing weight)
    वजन घटाने की दवाइयों का उपयोग कभी न करें।
    हालांकि ये आपके वजन को जल्दी घटाने का दावा करती है किंतु इनको लेने के कई साइड-इफेक्ट्स (side effects) होते हैं।
    इन्हें लेने से आपको हृदय की बीमारी, उच्च ब्लड प्रेशर (blood pressure), नींद न आना, चक्कर आना जैसी दिक्कतें हो सकती है।
    इसके अलावा ये दवाइयां उन चीज़ों पर प्रभाव नहीं डालती जिसकी वजह से आपका वजन बढ़ा है।
    इसलिए इन्हें बंद करते ही आप उस स्थिति में वापस चले जाते हैं जहाँ से शुरू किया था।
  • अपनी मेटाबोलिक रेट को बनाये रखें (Maintains metabolic rate)
    स्वस्थ खाना एवं कम कैलोरीज (calories) वजन घटाने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
    किंतु कम कैलोरीज (calories) की वजह से शरीर का मेटाबोलिज्म (metabolism) धीमा हो जाता है जिसकी वजह से वजन पर्याप्त रूप से घट नहीं पाता।
    इसके लिए सप्ताह में एक दिन ऐसा रखें जिन दिन खाने में कोई बंदिश न हो।
    आम भाषा में ऐसे दिन को चीट डे (cheat day) कहा जाता है।
    इससे शरीर की मेटाबोलिक रेट (metabolic rate) को बढ़ाया जा सकता है।
  • सबका शरीर अलग तरह से करता है प्रतिक्रिया (Each person has different response)
    सबका शरीर वजन प्रबंधन (weight management) के विभिन्न तरीकों में अलग तरह से प्रतिक्रिया (response) करता है।
    हो सकता है की जो तरीका आपके किसी रिश्तेदार या दोस्त के लिए उपयोगी हो वो आपके लिए उतना उपयोगी ना हो।
    इसलिए वजन प्रबंधन (weight management) के लिए हमेशा विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।
  • स्वस्थ वजन पाने का कोई सरल तरीका नहीं होता (No shortcut)
    वजन घटाने का कोई जादुई तरीका नहीं है।
    इसके लिए मेहनत, धैर्य एवं स्वयं पर नियंत्रण की आवश्यकता है।
    तेजी से वजन घटाने वाले भ्रमिक विज्ञापनों के चक्कर में ना पड़े।
    इससे आप अपने पैसों के साथ-साथ स्वास्थ्य का भी नुक्सान करेंगे।

और पढ़ें:5 पोषक तत्व, जो 15 से 65 वर्षीय महिलाओं के लिए ज़रूरी हैं

 

3.मोटापा कम करने के क्या फ़ायदे और नुकसान हैं ?

What are the negative & positive effects/impacts of losing weight ?in hindi

motapa kam karne ke kya fayde aur kya nuksan hai

वज़न कम करने के फ़ायदे व नुकसान इस प्रकार हैं : -

मोटापा कम करने के फ़ायदे (Benefits of weight loss)

वजन कम करने के निम्न फ़ायदे होते है:

  • उच्च ब्लड प्रेशर (blood pressure) को असंतुलित करता है।
  • डाईबिटीज (diabetes) के जोखिम को कम करता है।
  • हृदय की बीमारी को रोकता है।
  • जोड़ों के दर्द को कम करता है।
  • कोलेस्ट्रॉल (cholesterol) के स्तर को नियमित करता है।
  • अनिद्रा को दूर करता है।
  • आर्थराइटिस (arthritis) के जोखिम को कम करता है।
  • आत्मविश्वास को बढाता है।
  • शरीर को सुडौल बनता है।
  • सामाजिक सक्रियता को बढ़ावा देता है।
  • मूड को ठीक रखता है।

वजन कम करने के नुकसान (Side-effects of weight loss)

  • शरीर को पर्याप्त भोजन नहीं मिलना।
  • शारीरिक ऊर्जा की कमी हो सकती है।
  • शरीर में पोषण का अभाव हो सकता है।
  • मेटाबोलिक रेट (metabolic rate) कम हो सकती है।
  • बाल भी गिर सकते है।
  • अधिक तेजी से वजन घटने से डिप्रेशन (depression) भी हो सकता है।

और पढ़ें:5 पोषण संबंधी मिथ क्या हैं ?

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4.मोटापा कम करने के लिए भोजन कैसा खाएं ?

How to eat for reducing weight ?in hindi

motapa kam karne ke liye bhojan kaisa khayein ?

मोटापा या वजन कम करने के दौरान संतुलित भोजन करना चाहिए।

संतुलित भोजन करने से शरीर को पर्याप्त पोषण मिलता है।

नाश्ते को कभी भी नहीं छोड़े। कम कैलोरी (calorie) वाले खाने के साथ -साथ व्यायाम पर भी ध्यान दें।

हाई फैट डाइट (high fat diet) कुछ समय तक वजन कम कर सकती है किंतु इससे कई सारी बीमारियों का ख़तरा बढ़ जाता है।

थोड़ा-थोड़ा खाना ज्यादा बार खाने से खाना अच्छे से पच जाता है और भूख भी कम लगती है।

और पढ़ें:अंजीर है गुणों से भरपूर, करता है रोगों से बचाव

 

5.वजन प्रबंधन क्या है?

What is weight management ?in hindi

Wajan prabandhan kya hai ?

वजन प्रबंधन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक व्यक्ति का वजन उसकी आयु, लिंग एवं लम्बाई के हिसाब से नियंत्रित किया जाता है।

वजन प्रबंधन के तरीकों में डाइट एवं व्यायाम महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

वजन प्रबंधन प्रक्रिया में, तरीकों का इस्तेमाल, वजन के लक्ष्य को ध्यान में रखकर किया जाता हैं।

और पढ़ें:अनाज क्या हैं, अनाज के प्रकार और फ़ायदे क्या हैं

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6.आदर्श वजन कितना होना चाहिए ?

What should be your ideal weight ?in hindi

Aadharsh wajan kitna hona chahiye?

आदर्श वजन कई चीज़ों पर निर्भर करता है जैसे लम्बाई, आयु, लिंग, फैट और मांसपेशियों की संरचना आदि।

बीएमआई (BMI) आदर्श वजन को दर्शाने का सबसे चर्चित माप है।

इसमें लम्बाई और वजन को बीएमआई (BMI) कैलकुलेटर में डालकर बीएमआई (BMI) लिया जाता है।

अगर बीएमआई (BMI) 18.5 से 24.9 के बीच में तो व्यक्ति का वजन ठीक है।

अगर बीएमआई (BMI) 25 से 29.9 है तो व्यक्ति का वजन ज्यादा है और अगर बीएमआई (BMI) 30 से ऊपर है तो व्यक्ति मोटापे से पीड़ित है।

और पढ़ें:अरंडी के तेल के स्वास्थ्य और त्वचा से जुड़ें फ़ायदे

 

7.स्वस्थ वजन के क्या लाभ हैं ?

What are the advantages of healthy weight ?in hindi

swasth wajan ke kya labh hai ?

स्वस्थ वजन के निम्न लाभ है:

  • इंसान कई तरह की बीमारियों जैसे उच्च ब्लड प्रेशर (blood pressure), आर्थराइटिस (arthritis), कोलेस्ट्रोल (cholesterol) का अधिक स्तर एवं जोड़ों में दर्द से बचा रहता है।
  • व्यक्ति का शरीर सुडौल रहता है।
  • व्यक्ति की सक्रियता बनी रहती है।
  • व्यक्ति जल्दी से थकता नहीं है।
  • नींद अच्छी आती है।
  • आत्मविश्वास बढ़ता है।
  • डायबिटीज (diabetes) का खतरा कम रहता है।

और पढ़ें:अलसी के तेल के अद्भुत फ़ायदे व नुकसान

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8.स्वस्थ वजन का कैसे पता लगाया जा सकता है ?

How to determine healthy weight ?in hindi

swasth wazan ka kaise pata lagaya ja sakta hai ?

स्वस्थ वजन का पता लगाने के लिए निम्न मापों का उपयोग किया जाता है : -

  • बीएमआई (BMI)
    यह तरीका सबसे अधिक काम आता है।
    किंतु इस तरीके के कुछ नुक्सान है क्योंकि यह सिर्फ लम्बाई और वजन के अलावा किसी और घटक का उपयोग नहीं करता।
  • वेस्ट-टू-हिप अनुपात (Waist-to-hip ratio)
    यह अनुपात हमें यह बताता है कि हमारे शरीर के निचले भाग, जैसे की कमर और कूल्हे पर कितना फैट जमा हुआ है।
    स्वस्थ वजन के लिए महिलाओं में यह अनुपात 0.85 या इससे कम और पुरूषों में यह अनुपात 0.9 या इससे कम होना चाहिये।
  • वेस्ट-टू-हाईट अनुपात (Waist-to-height ratio)
    यह अनुपात स्वस्थ वजन के साथ-साथ कई बीमारियों के जोखिम की तरफ भी इशारा करता है।
    स्वस्थ वजन के लिए पुरुषों में यह 43 % से 52 % के बीच और महिलाओं में 42 % से 48 % के बीच होना चाहिये।
  • शारीरिक फैट प्रतिशत (Body fat percentage)
    शारीरिक फैट (fat) से भी स्वस्थ वजन का अनुमान लगाया जा सकता है।
    स्वस्थ वजन के लिए शारीरिक फैट (fat) का प्रतिशत आयु पर निर्भर करता है।
    उदाहरण के लिए 30-39 वर्ष की महिलाओं के लिए यह 17-25% और पुरूषों के लिए यह 12-21% होती है।

और पढ़ें:अलसी के फ़ायदे और जोखिम

 

9.निष्कर्ष

Conclusionin hindi

Nishkarsh

वजन को नियंत्रित करना महत्वपूर्ण है नहीं तो विभिन्न प्रकार की बीमारियों के होने का ख़तरा बढ़ जाता है।

वजन को कई तरीकों से कम किया जा सकता है जिसमे खान-पान एवं व्यायाम प्रमुख है।

वजन प्रबंधन के द्वारा इन तरीकों को सफलतापूर्वक उपयोग में लाया जा सकता है।

वजन घटाने के फायदे और नुक्सान हैं। कई तरीकों से स्वस्थ वजन का पता लगाया जा सकता है।

आर्टिकल की आख़िरी अप्डेट तिथि: 26 Feb 2020

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