7हफ़्ते प्रेग्नेंट

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Week 7 of your pregnancy | Zealthy

आपकी गर्भावस्था का सातवां हफ्ता

Week 7 of your pregnancy in hindi

Aapki garbhavastha ka satvan hafta in hindi

गर्भावस्था के 7वें हफ्ते में आप किस तिमाही (your trimester) में हैं : आप गर्भावस्था की पहली तिमाही (first trimester) में हैं।

गर्भावस्था के सांतवे हफ्ते में आप कितने महीने की गर्भवती हैं : आप गर्भावस्था के दूसरे महीने में हैं।

कितने हफ्ते बचे हैं : 33 हफ्ते (231 दिन) बचे हैं।

गर्भावस्था के सातवें हफ्ते में बच्चा कितना बड़ा हुआ है :

  • इस समय आपका शिशु अब ब्लूबेरी (blueberry) के आकार का है।
  • आपके शिशु की लम्बाई लगभग 0.4 इंच (1 cm) है।
  • गर्भावस्था के सातवें हफ्ते में शिशु का वज़न लगभग 2 ग्राम (2 gm) होता है।

प्रेगनेंसी के सातवें हफ्ते में आपका स्वागत है, जहां से आपको प्रेग्नेंट होने का अब अनुभव होना पूरी तरह से शुरू हो जाएगा।

इस हफ्ते में आपके साथ-साथ आपके होने वाले बच्चे में कई तरह बदलाव आने शुरू हो जाते हैं।

इसके साथ ही आपके चेहरे पर अब गर्भावस्था की चमक भी दिखने लगेगी। हालांकि इस हफ्ते भी गर्भावस्था के लक्षणों से आपको दो-चार होना पड़ेगा लेकिन लक्षणों को भूलकर आप आने वाली ख़ुशी के बारे में सोचेंगी तो फिर आपको किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।

वहीं इस सप्ताह के दौरान, आपका शिशु जल्दी विकसित होना जारी रखेगा।

महत्वपूर्ण अंग प्रणालियों (vital organ) का विकास जारी है, और अब अधिकतर विकास सिर और चेहरे के क्षेत्रों में होंगे।

इस समय आपको क्या करना चाहिए :

  • प्रीनेटल विटामिन लेना जारी रखें।
  • एक दिन में लगभग 8 से 12 गिलास पानी पीना जारी रखें।
  • यदि आवश्यक हो तो फाइबर और मैग्नीशियम के अपने सेवन को बढ़ाएं।
  • अपने डॉक्टर की अनुमति के बिना दवाएं न लें।
  • नियमित अंतराल पर थोड़ा-थोड़ा भोजन करें।
  • भोजन करने के तुरंत बाद सोएं नहीं।
  • अपने डॉक्टर से पूछें कि क्या आपको सप्ताह 8 में अल्ट्रासाउंड की उम्मीद करनी चाहिए।

गर्भावस्था के सातवें हफ्ते में आपका शरीर

Your body at week 7 of pregnancy in hindi

Garbhavastha ke satve hafte mein aapka sharir in hindi

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अगर आप सोच रही हैं कि इस हफ्ते आपको देखकर कोई आपके प्रेग्नेंट होने का कोई अनुमान लगा सकता है तो इसके लिए आपको अभी थोड़ा इंतज़ार और करना होगा। दरअसल सातवें हफ्ते में आपको बाहर से देखकर कोई प्रेग्नेंट होने का अंदाज़ा नहीं लगा सकता है लेकिन आंतरिक रूप से इस समय बड़े पैमाने पर परिवर्तन हो रहे हैं। इस वक़्त आपके शिशु का विकास तेज़ी से हो रहा होता है, जिस कारण पेट में आपको ऐंठन की समस्या हो सकती है।

सातवां सप्ताह आपके वज़न बढ़ने का भी हो सकता है, ऐसे में अब आपको ढीले कपड़े पहनना शुरू कर देना चाहिए। साथ ही प्रेगनेंसी के लक्षण के रूप में आपके चेहरे पर दाने हो सकते हैं और सुबह में आलस का अनुभव हो सकता है या फिर सिरदर्द हो सकता है। हालांकि कुछ महिलाओं को जहां इस समय मुहांसे या दाने होते हैं तो वहीं दूसरी ओर गर्भावस्था के दौरान रक्त के प्रवाह (blood flow) में भारी वृद्धि के कारण कुछ महिलाओं के चेहरे पर गुलाबी चमक (rosy glow) आ जाती है।

वहीं बदलाव के तौर पर प्रेजेस्ट्रोन के बढ़ते स्तर के कारण इस हफ्ते म्यूकस प्लग (mucus plug) का विकास होता है। इस दौरान सर्विक्स प्लग (cervix plug) बनने लगता है जो यूट्रस (uterus) की हिफाज़त करता है और साथ ही साथ आपके बच्चे को सुरक्षित और स्वस्थ रखने में मदद भी करता है।

सातवें हफ्ते की गर्भावस्था के दौरान पेट में बदलाव (7 weeks pregnant belly)

इस हफ्ते भी गर्भवती स्त्री को देखकर उसके प्रेग्नेंट होने का कोई अंदाज़ा नहीं लगा सकता है। दरअसल अगर महिला पहली बार प्रेग्नेंट होती है तो बारह हफ़्तों तक उसका पेट बाहर नहीं निकलता है। वहीं दूसरी बार प्रेग्नेंट होने वाली महिलाएं गर्भाशय और पेट में मांसपेशियों के खिंचाव का अनुभव कर सकती हैं।

सातवें हफ्ते की गर्भावस्था के लक्षण (7 Weeks pregnant symptoms)

जैसे-जैसे आपका शिशु बढ़ता जा रहा है, आपको गर्भावस्था के शुरुआती लक्षणों का अनुभव होना शुरू हो जाएगा। अगर आप पहले से ही कई लक्षणों का अनुभव कर रही हैं तो इस हफ्ते कुछ और लक्षणों से आपको दो-चार होना पद सकता है, जो इस प्रकार है :

  • मतली और उल्टी (nausea and vomiting)
  • वज़न बढ़ना या कम होना (weight gain or loss)
  • खाने की इच्छा जगना (food cravings)
  • जलन और अपच (heartburn and indigestion)
  • बार-बार पेशाब लगना (frequent urination)
  • थकान होना (fatigue)
  • हल्का पैल्विक ऐंठन होना (mild pelvic cramping)

गर्भावस्था के सातवें हफ्ते में शारीरिक और भावनात्मक परिवर्तन (Physical and emotional changes at 7 week of pregnancy)

सातवें हफ्ते में भी आप उल्टी होने से परेशान रह सकती हैं और साथ ही इस समय आपको सीने में जलन की भी समस्या का भी अनुभव हो सकता है। वहीं शरीर में तेज़ी से रक्त संचार होने के कारण आपको गर्मी अधिक लग सकती है। इसके अलावा इस हफ्ते में कुछ महिलाओं का वज़न बढ़ जाता है तो कुछ प्रेग्नेंट लेडीज़ का वज़न कम हो जाता है, जो बिल्कुल सामान्य है और इसमें घबराने या चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है। इस हफ्ते में चेहरे पर मुहांसे होने से आपकी सुंदरता भी प्रभावित हो सकती है।

वहीं भावनात्मक तौर पर कुछ खास बदलाव इस समय नहीं होते हैं। हालांकि महिलाएं अपने शरीर को देखकर कई बार ये विश्वास नहीं कर पाती हैं कि वो वाकई प्रेग्नेंट हैं या नहीं।

गर्भावस्था के सातवें हफ्ते में आपका बच्चा

Your baby at week 7 of pregnancy in hindi

Garbhavastha ke satve hafte mein aapka baccha in hindi

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भले ही पिछले सप्ताह से आपके शिशु का आकार दोगुना हो गया है, लेकिन इस सप्ताह के अंत तक लगभग एक इंच और लंबा हो जाएगा। जबकि बच्चे के मुंह, नासिका (nostril), कान और आंखों का विकास पिछले हफ्ते में ही विकसित हो गए थे लेकिन इस सप्ताह वे सभी अधिक से अधिक परिभाषित दिखने लगे हैं। बच्चे की पलकें और जीभ भी विकसित होने लगी हैं।

गर्भावस्था के सातवें हफ्ते के दौरान भ्रूण का विकास (Growth of the baby at 7 week pregnancy)

सातवें हफ्ते में आपके बच्चे का विकास बहुत तेजी से होता है और इस समय तक बच्चे का आकार ब्लूबेरी (blueberry) के जितना या 13 मिमी लंबा हो जाता है। मुंह और जीभ के बनने के कारण बच्चे के चेहरे के विकास पर सारा ध्यान जाने लगता है।

सातवें सप्ताह की गर्भवती होने पर, आपके बच्चे के विकास में कई बदलाव होते हैं। इस हफ्ते में गर्भ में पल रहे बच्चे का चेहरा दिखने लगता है। इस समय शिशु के जीभ और दांत बनने लगते हैं। आँखों के भी विकसित होने का सिलसिला शुरू हो जाता है, इसके साथ ही लेंस (lense) और रेटिना (retina) का भी जुड़ाव हो जाता है।

इस हफ्ते में शिशु में निम्न बदलाव होते हैं :

  • इस हफ्ते से शिशु में खून का भी विकास होने लगा है।
  • सिर, हाथ और कंधे भी बनने शुरू हो गए हैं।
  • रीढ़ की हड्डी (spinal cord) का भी विकास हो रहा है।
  • मस्तिष्क (brain) का भी विकास जारी है।
  • दिल, फेफड़े और आंतों का भी विकास भी जारी है।
  • घुटने और टखने आकार ले रहे हैं, और पैर अब आपके बच्चे के आकार के अनुपात में है।
  • पैर के अंगूठे के नाखून (toenails) भी बनने लगे हैं।
  • अतिरिक्त विकास और ताकत के साथ मांसपेशियों का विकास भी जारी है।
  • गुर्दे (kidneys) परिपक्व (mature) हो रहे हैं और काम करने लगे हैं और अगले कुछ हफ्तों में शिशु यूरिन भी पास करने लगेगा।

सातवें हफ्ते की गर्भवती अवस्था में शिशु की स्थिति (Baby position at 7 weeks pregnant)

सातवें हफ्ते में जहां शिशु का तेज़ी से विकास हो रहा है वहीं अब उसकी पोज़िशन के बारे में भी धीरे-धीरे पता चलने लगा है। छठे हफ्ते की ही तरह सातवें हफ़्ते में भी बच्चे का सिर ऊपर की ओर रहता है।

गर्भावस्था के सातवें हफ्ते में माँ बनने वाली महिला के लिए आहार, स्वास्थ्य टिप्स और दिनचर्या

Diet, fitness tips and lifestyle for to be moms at 7 week of pregnancy in hindi

Garbhavastha ke satve hafte mein maa banne wali mahila ke liye diet, fitness or dincharya in hindi

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प्रेगनेंसी के हिसाब से सातवां हफ्ता बहुत मायने रखता है और इस वक़्त आपको अपने खान-पान को लेकर किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।

ज़ाहिर सी बात गर्भ में पल रहे आपके बच्चे के विकास के लिए उसे आपके माध्यम से पोषक तत्व मिलते हैं, तो ऐसे में सभी पोषक-तत्वों को अपने डाइट में शामिल करना चाहिए। इसके अलावा आपको इस हफ्ते एक्टिव रहना चाहिए क्योंकि आप जितना एक्टिव रहेंगी आपकी डिलीवरी उतनी ही आसानी से होगी।

शरीर को सक्रीय बनाये रखने लिए वॉक करना जारी रखें और साथी ही मन की शांति के लिए आप मेडिटेशन भी कर सकती हैं।

प्रेगनेंसी के सातवें हफ्ते में आपको क्या खाना चाहिए (What you should eat at 7 week of pregnancy)

  • गर्भावस्था के १3वें हफ्ते तक या पूरी प्रेगनेंसी के दौरान भी गर्भवती स्त्री को नियमित रूप से फोलिक एसिड का सेवन करना चाहिए और ४00-600 माइक्रोग्राम का डोज़ लेना चाहिए। इसकी पूर्ती या तो आप आहर के माध्यम से कर सकती हैं या फिर सप्लीमेंट के रूप में इसे ले सकती हैं। हालांकि इसे लेने से पहले इस संदर्भ में अपने डॉक्टर से भी बात ज़रूर कर लें। खाद्य-पदार्थ में पालक फोलिक एसिड का बहुत अच्छा स्रोत होता है।
  • रेड ब्लड सेल्स (red blood cells) के प्रोडक्शन को बढ़ाने और एनीमिया होने से रोकने के लिए आयरन (iron) युक्त डाइट लें। ये हरी, पत्तेदार सब्जियों, लाल मीट, मटर और सेम जैसे पदार्थों में पाया जाता है।
  • इस हफ्ते में गर्भवती स्त्री को कब्ज़ की भी समस्या होने लगती हैं और ऐसे में इससे निजात पाने के लिए ज़्यादा-से-ज़्यादा रेसे युक्त (fiber rich foods) खाद्य-पदार्थों का सेवन करना चाहिए।
  • प्रोटीन को भी अपने भोजन में शामिल करें क्योंकि सेल्स के ग्रोथ और रिपेयर के लिए प्रोटीन की आवश्यकता होती है। प्रोटीन मांस, मछली, और डेयरी उत्पाद, अंडे, नट, और दाल और बीन्स में पाया जाता है।
  • शिशु के दांत और हड्डियों के विकास के लिए कैल्शियम का सेवन करना चाहिए और इसलिए आपको नियमित रूप से दूध पीना चाहिए।

प्रेगनेंसी के सातवें हफ्ते में आपको क्या नहीं खाना चाहिए (What you should not eat or avoid at week 7 of pregnancy)

  • बिना पके, मसालेदार, गहरे तले और वसायुक्त भोजन के सेवन से बचें।
  • कैफीन के सेवन से हो सके तो दूरी बनाने की कोशिश करें।
  • शराब और धूम्रपान को पूरी तरह से त्याग दें।
  • गर्भवती स्त्री को कोल्ड ड्रिंक भी पीने से बचना चाहिए।

गर्भावस्था के सातवें हफ्ते में कौन सा व्यायाम सबसे अच्छा है (Which exercise is best at 7 week of pregnancy)

अमेरिकन कॉलेज ऑफ ओब्स्टेट्रिशियन एंड गायनेकोलॉजिस्ट (The American College of Obstetricians and Gynecologists ) एक स्वस्थ गर्भावस्था का समर्थन करने के लिए प्रतिदिन 30 मिनट व्यायाम करने का सुझाव देते हैं। इसमें हल्के व्यायाम करना, टहलना (walk) और स्विमिंग (swimming) करना शामिल है।

गर्भावस्था के सातवें हफ्ते में किन लक्षणों को देखते हुए डॉक्टर से जल्द-से-जल्द मिलना चाहिए?

Which symptoms raise an alarm to visit doctor at 7 week of pregnancy? in hindi

Garbhavastha ke satve hafte mein kin lakshano ko dekhte hue doctor se jald se jald milna chahiye in hindi

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पहली तिमाही तक सबसे ज़्यादा गर्भपात और एक्टोपिक प्रेगनेंसी होने का ख़तरा बना रहता है। ऐसे में लक्षणों को पहचान कर बिना समय गवाएं आपको अपने डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

गर्भपात और एक्टोपिक प्रेगनेंसी लक्षण इस प्रकार हैं :

  • योनि से असामान्य रक्तस्राव (abnormal vaginal bleeding)
  • ब्लड प्रेशर घट जाना (low blood pressure)
  • कंधे का दर्द (shoulder pain)
  • गंभीर, तेज, अचानक पैल्विक दर्द होना (severe, sharp, sudden pelvic pain)
  • अधिक मात्रा में गुलाबी वजाइनल फ्लूइड निकलना (gush of pink vaginal fluid)
  • चक्कर आना, आलस्य, या बेहोशी (dizziness, lightheadedness, or faintness)

इनमें से किसी भी लक्षण का आप अनुभव करती हैं तो आपको डॉक्टर से तुरंत मिलना चाहिए या उन्हें बुलाना चाहिए।

गर्भावस्था के सातवें हफ्ते में डॉक्टर से क्या उम्मीद करें?

What to expect from your doctor in the seventh week of pregnancy? in hindi

Garbhavastha ke satve hafte mein doctor se kya umeed karein in hindi

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प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती स्त्री की डॉक्टर से पहली मुलाकात 4-१3 सप्ताह के बीच में होती है।

वहीं इस समय डॉक्टर के यहाँ आपके रक्तचाप (blood pressure) और वज़न (weight) की जाँच की जाएगी। डॉक्टर आपसे कई प्रश्न पूछ सकते हैं जैसे कि आपके पिछले मासिक धर्म की तारीख, पिछली गर्भावस्था, और दवाओं या किसी अन्य चीज़ से एलर्जी ।

आपके द्वारा साझा की गई जानकारी के आधार पर, वे एक विशिष्ट आहार (specific diet) और सप्लीमेंट्स (supplements) और अगर आवश्यक हो तो किसी भी दवा का सुझाव दे सकती हैं। इसलिए शुरुआती जांच के दौरान अपनी डॉक्टर से खुलकर बातें करें।

सातवें हफ्ते की गर्भावस्था के दौरान अल्ट्रासाउंड या किसी अन्य परीक्षण की आवश्यकता है?

Whether ultrasound or any other tests required during the seventh week of pregnancy? in hindi

Satve hafte ki garbhavastha ke dauran kya ultrasound ya any kisi parikshan ki avashyakta hai in hindi

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प्रेगनेंसी के सातवें हफ्ते में अल्ट्रासाउंड व अन्य परीक्षण :

  • अल्ट्रासाउंड (Ultrasound)

प्रेगनेंसी के पचास दिनों के बाद या 7 वें सप्ताह में अल्ट्रासाउंड, भ्रूण के दिल (fetal heart) और भ्रूण की स्थिति (fetal position) को देखने के लिए किया जाता है। स्कैन की मदद से ये देखा जाता है कि भ्रूण गर्भाशय के अंदर बढ़ रहा है या किसी अन्य स्थान की तरह विकसित हो रहा है।

इसके अलावा अल्ट्रासाउंड की मदद से ड्यू डेट का भी पता लगाया जाता है।

  • टेस्ट (Test)

गर्भावस्था के 4-13 सप्ताह के बीच आपका ब्लड टेस्ट होगा। ब्लड में एचसीजी हार्मोन (HCG hormone) के स्तर को निर्धारित करने के लिए ये रक्त परीक्षण किया जाता है।अगर एचसीजी या प्रोजेस्टेरोन स्तर में कोई महत्वपूर्ण गिरावट होती है, तो यह एक अस्थानिक गर्भावस्था (ectopic pregnancy) का संकेत दे सकता है।

यह परीक्षण ग्लूकोज स्तर, रेड ब्लड सेल्स काउंट (red blood cells count) , एचआईवी (HIV), सिफलिस ((syphilis), हेपेटाइटिस बी (hepatitis B) और चिकनपॉक्स (chickenpox) और मीज़ल्स (measles) के खिलाफ एंटीबॉडी की उपस्थिति की भी जांच करता है।

प्रेगनेंसी के 4-13 हफ्ते के बीच पैप स्मीयर टेस्ट (Pap smear test) की भी सलाह दी जाती है। यह परीक्षण क्लैमाइडिया (chlamydia) और गोनोरिया (gonorrhea) जैसे किसी भी संक्रमण की जांच के लिए किया जाता है।

गर्भवस्था के 4-१३ सप्ताह के बीच शुगर (sugar), प्रोटीन (protein) के स्तर और संक्रमण के संकेतों की जाँच के लिए मूत्र परीक्षण (urine test) भी किया जाता है।

गर्भावस्था के सातवें हफ्ते में सेक्स

Sex in the seventh week of pregnancy in hindi

Garbhavastha ke satve hafte mein sex in hindi

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जब तक कि आपके डॉक्टर आपको किसी तरह की सावधानी बरतने की सलाह नहीं देते हैं, तब तक आपकी गर्भावस्था के दौरान आपकी सेक्स लाइफ सामान्य हो सकती है।

गर्भावस्था के सातवें हफ्ते में पिता के लिए टिप्स

Tips for father during seventh week of pregnancy in hindi

Garbhavastha ke satve hafte mein pita ke liye tips in hindi

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निम्न तरीके से आप अपने साथी की मदद कर सकते हैं :

  • डॉक्टर से मिलने दोनों साथ जाएं।
  • रोज़ाना घर के कामों में मदद करें।
  • सैर या एक्सरसाइज के दौरान उसका साथ दें।
  • कुछ ऐसा प्लान करें जिससे आपके बच्चे की होने वाली माँ खुश हो जाये।
  • नवजात शिशु के स्वागत के लिए अपनी योजनाओं पर चर्चा करें।
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