36 हफ़्ते प्रेग्नेंट

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Week 36 of your pregnancy

आपकी गर्भावस्था का छत्तीसवां सप्ताह

Week 36 of your pregnancy in hindi

Aapki garbhavastha ka chhatiswan saptah in hindi

गर्भावस्था के 36वें हफ्ते में आप किस तिमाही (your trimester) में हैं : आप गर्भावस्था की तीसरी तिमाही (third trimester) में हैं।

गर्भावस्था के छत्तीसवें हफ्ते में आप कितने महीने की गर्भवती हैं: आप गर्भावस्था के आठवें महीने में हैं।

कितने हफ्ते बचे हैं : 4 हफ्ते (28 दिन) बचे हैं।

गर्भावस्था के छत्तीसवें हफ्ते में बच्चा कितना बड़ा हुआ है :

  • इस समय आपका शिशु अब रोमेन लेट्यूस (Romaine lettuce) के आकार का है।
  • आपके शिशु की लम्बाई लगभग 19.13 इंच (48.6 cm) है।
  • गर्भावस्था के छत्तीसवें हफ्ते में शिशु का वज़न लगभग 2 किलोग्राम 63 ग्राम (2.63 kg) होता है।

बधाई हो, अब आप गर्भावस्था के छत्तीसवें हफ्ते में प्रवेश कर चुकी हैं और अगले हफ्ते आपकी गर्भावस्था का आखिरी महीना यानि कि नौवां महीना शुरू हो जाएगा।

प्रेगनेंसी के इस हफ्ते में बच्चे के जन्म की भी उम्मीद की जा सकती है क्योंकि 36-40 हफ्ते के बीच बच्चे के जन्म की उम्मीद कभी भी की जा सकती है।

आपका बच्चा भी दुनिया में आने के लिए तैयार हो गया है, और आपके पेट के अंदर गुलाबी और गोल-मटोल दिख रहा है।

हालांकि जब तक बच्चा इस दुनिया में नहीं आता है तब तक उसका विकास आपके पेट में होता रहता है।

आइए जानते हैं कि इस सप्ताह माँ और उसके बच्चे को लेकर क्या-क्या उम्मीद की जा सकती है।

इस समय आपको क्या करना चाहिए :

  • प्रीनेटल विटामिन लेना जारी रखें।
  • एक दिन में लगभग आठ से 12 गिलास पानी पीना जारी रखें।
  • केगेल व्यायाम को रोज़ाना करते रहें।
  • अपने दैनिक पेरिनेल मालिश करना जारी रखें।
  • विटामिन-के का सेवन ज़रूर करें।
  • अपने परिवार और दोस्तों से मिलें।

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इस लेख़ में /\

  1. गर्भावस्था के छत्तीसवें हफ्ते में आपका शरीर
  2. गर्भावस्था के छत्तीसवें हफ्ते में आपका बच्चा
  3. गर्भावस्था के छत्तीसवें हफ्ते में माँ बननी वाली महिला के लिए आहार, स्वास्थ्य तिस्प और दिनचर्या
  4. गर्भावस्था के छत्तीसवें हफ्ते में किन लक्षणों को देखते हुए डॉक्टर से जल्द-से-जल्द मिलना चाहिए
  5. गर्भावस्था के छत्तीसवें हफ्ते में डॉक्टर से क्या उम्मीद करें
  6. छत्तीसवें हफ्ते की गर्भावस्था के दौरान क्या अल्ट्रासाउंड या किसी अन्य परीक्षण की आवश्यकता है
  7. गर्भावस्था के छत्तीसवें हफ्ते में संभोग
  8. गर्भावस्था के छत्तीसवें हफ्ते में पिता के लिए टिप्स
 

1.गर्भावस्था के छत्तीसवें हफ्ते में आपका शरीर

Your body at week 36 of pregnancy in hindi

Garbhavastha ke chhatisvein hafte mein aapka sharir

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गर्भावस्था के 36 वें सप्ताह तक आपका वज़न 9 से 13 किलोग्राम के बीच होना चाहिए।

एक औसत महिला को 2,000 से 2,500 किलो कैलोरी/दिन की आवश्यकता होती है।

गर्भावस्था के दौरान कैलोरी की आवश्यकता 300 किलो कैलोरी/प्रतिदिन और स्तनपान के दौरान 500 किलो कैलोरी/ प्रतिदिन बढ़ जाती है।

इस हफ्ते में प्रेग्नेंट महिला को थकान, बेचैनी और अनिद्रा की समस्या परेशान कर सकती है या फिर कुछ महिलाओं को अब लेबर पेन जैसे दर्द का भी थोड़ा अनुभव होना शुरू हो जाता है।

कुछ महिलाओं को इस समय में चलने में परेशानी का अनुभव हो सकता है और कुछ महिलाओं का अब ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है और साथ ही शुगर के लेवल में भी वृद्धि हो जाती है।

छत्तीसवें हफ्ते की गर्भावस्था के दौरान पेट में बदलाव (36 weeks pregnant belly)

आपका गर्भाशय अब तक आपकी रिबकेज तक पहुँच जाता है।

हालांकि जब बच्चे का सिर आपके पेल्विस की ओर नीचे आ जाएगा, तब आपका बेबी बंप थोड़ा छोटा दिखने लगेगा।

छत्तीसवें हफ्ते की गर्भावस्था के लक्षण (36 Weeks pregnant symptoms)

एक लक्षण जिसका अनुभव लगभग अधिकांश गर्भवती महिलाओं को इस समय होता है वो है संकुचन का अनुभव।

यह इस बात का संकेत हो सकता है कि आपका बच्चा जल्द जन्म लेने वाला है या फिर यह सिर्फ ब्रेक्सटन-हिक्स संकुचन (braxton hicks contractions) हो सकता है।

लेकिन संभवतः आप इस हफ्ते भी अपने तीसरी तिमाही में अनुभव किए गए लक्षणों का ही अनुभव करेंगी।

गर्भावस्था के 34वें हफ्ते में आप निम्न लक्षणों का अनुभव कर सकती हैं :

  • थकान
  • लगातार पेशाब आना
  • सीने में जलन
  • स्तन से दोदोह जैसे तरल पदार्थ का रिसाव होना

छत्तीसवें हफ्ते में शारीरिक और भावनात्मक परिवर्तन (Physical and emotional changes at 36 weeks pregnant)

आपका शरीर गर्भावस्था के दौरान कई शारीरिक और भावनात्मक परिवर्तनों से गुजरता है।

इस सप्ताह होने वाले शारीरिक व भावनात्मक परिवर्तन निम्न हैं :

शारीरिक बदलाव

  • बढ़े हुए पेट आपके मूवमेंट्स को मुश्किल बनाते हैं और यहां तक ​​कि सोने में परेशानी का कारण बनते हैं।
    इस सप्ताह के आसपास जुड़वाँ गर्भवती होने वाली महिलाओं की डिलीवरी हो सकती है।
  • स्तन से दूधिया सफेद द्रव का स्त्राव शुरू होता है।
    इस द्रव को कोलोस्ट्रम कहा जाता है।
  • स्ट्रेच मार्क्स अब पूरी तरह स्पष्ट रूप से दिखने लगते हैं।
  • स्तनों के आकार बढ़ जाते हैं और निप्पल्स और एरोला का रंग गहरा हो जाता है।

भावनात्मक बदलाव

  • मूड में बदलाव
  • बेचैनी और घबराहट में वृद्धि
  • लेबर को लेकर तनाव में वृद्धि

और पढ़ें: गर्भावस्था के दौरान किए जाने वाले परीक्षण और उनका महत्व

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2.गर्भावस्था के छत्तीसवें हफ्ते में आपका बच्चा

Your baby at week 36 of pregnancy in hindi

Garbhavastha ke chhatisvein hafte mein aapka baccha

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एक 36-सप्ताह का बच्चा बहुत अधिक वैसा ही दिखता है, जैसे वे पैदा होने के बाद दिखेगा।

अब आपका बच्चा गुलाबी गाल के साथ गोल-मटोल हो रहा है।

यह अपनी आँखें खोल सकता है, अपना अंगूठा चूस सकता है, साँस ले सकता है और आवाज़ें पहचान सकता है।

वहीं अब बच्चे का वज़न अब ढाई किलो से ज़्यादा हो जाता है उसकी लंबाई भी अब 18 इंच के आसपास हो जाती है।

गर्भावस्था के छत्तीसवें हफ्ते के दौरान बच्चे का विकास (Growth of the baby at 36 week pregnancy)

36वें हफ्ते आपके बेबी का विकास निम्नानुसार होता है :

  • अब बेबी के सिर का आकार शरीर के आकार के अनुपात में होता है।
  • त्वचा पर सुरक्षात्मक कोटिंग, जिसे वर्निक्स (vernix) कहा जाता है, वो अब मोटी हो जाती है।
    अब बॉडी फैट में वृद्धि हो गई है।
  • फेफेड़ों (lungs) का इस सप्ताह तेज़ी से विकास होगा।
  • लानुगो (lanugo) अभी भी सिर पर रहता है लेकिन चेहरे से गायब हो जाता है।
  • इयरलोब (earlobes) जो नरम होते हैं, वो अब कार्टिलेज के साथ विकसित हो चुके होते हैं।
  • मांसपेशियां पूरी तरह से टोंड हो गई हैं, बच्चा अब सिर को मोड़ और उठा सकता है।
  • खोपड़ी की हड्डियों (skull bones) को छोड़कर शरीर की सभी हड्डियां इस समय कठोर होती रहती हैं।
  • पाचन तंत्र (digestive system) पूरी तरह से विकसित है और माँ का दूध अब पीने के लिए तैयार है।

छत्तीसवें हफ्ते की गर्भवती अवस्था में शिशु की स्थिति (Baby position at 36 weeks pregnant)

36वें सप्ताह में आने तक आपका बच्चा पेल्विस के गहराई तक नीचे की ओर आ जाता है।

हालांकि गर्भाशय में जगह की कमी होने के कारण आपको बेबी के मूवमेंट्स में कमी का अनुभव हो सकता है लेकिन आप अपने रिब्स (ribs) के आसपास बच्चे की किक का अनुभव कर सकती हैं।

और पढ़ें:30 की उम्र के बाद गर्भावस्था के जोखिम क्या हैं ?

 

3.गर्भावस्था के छत्तीसवें हफ्ते में माँ बननी वाली महिला के लिए आहार, स्वास्थ्य तिस्प और दिनचर्या

Diet, fitness tips and lifestyle for moms to be at 36 week of pregnancy in hindi

Garbhavastha ke chhatisvein hafte mein maa banne wali mahila ke liye diet, fitness or dincharya

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इस हफ्ते भी पिछले हफ्ते की ही तरह प्रेग्नेंट महिला को स्वस्थ आहार की आवश्यकता है।

खासतौर से विटामिन-के युक्त डाइट को अपने खाने के हिस्सा ज़रूर बनाये और तरल पदार्थ का सेवन भी आवश्यक है।

इसके साथ ही बॉडी को एक्टिव भी बनाए रखें।

प्रेगनेंसी के छत्तीसवें हफ्ते में आपको क्या खाना चाहिए (What you should eat at 36 week of pregnancy)

  • पोटैशियम, मैग्नीशियम, कैल्शियम और विटामिन के युक्त खाद्य-पदार्थ का सेवन करना चाहिए क्योंकि इनमें मौजूद तत्व माँ और बच्चे दोनों के शरीर के लिए लाभकारी होते हैं।
    हरी सब्ज़ियां, बीन्स, पालक, सरसों का साग, गोभी जैसे खाद्य-पदार्थ का सेवन करें।
    गर्भवती स्त्री को 500-1000 मिलीग्राम तक कैल्शियम के सप्लीमेंट नियमित रूप से लेने चाहिए।
    हालांकि अपने डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही सप्लीमेंट लें।
  • प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ, जैसे लीन मीट, स्किन के बिना चिकन, मछली, या पकाया हुआ बीन्स और मटर, आयरन के महत्वपूर्ण स्रोत हैं।
    ऐसे में सुनिश्चित करें कि आप दैनिक आहार में कई आयरन युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करती हैं।
    आप आयरन की पूर्ति करने के लिए सप्लीमेंट का भी सेवन कर सकती हैं।
    सप्लीमेंट के रूप में भी 30-60 मिलीग्राम तक आयरन लेते रहना चाहिए लेकिन इस संदर्भ में पहले आपको अपने डॉक्टर से सलाह लेने की आवश्यकता है।
  • इसके अलावा प्रेग्नेंट महिला को 400-600 माइक्रोग्राम फोलिक एसिड सप्लीमेंट प्रतिदिन लेते रहना चाहिए लेकिन डॉक्टर की सलाह के बाद।
  • इसके अलावा शरीर में पानी की कमी न हो इसके लिए होने वाली माँ को अधिक मात्रा में पानी पीना चाहिए और साथ पोषक तत्व युक्त जूस का सेवन करना चाहिए।

गर्भावस्था के छत्तीसवें हफ्ते में आपको क्या नहीं खाना चाहिए (What you should not eat or avoid at 36 week of pregnancy)

  • कार्बोनेटेड पेय, खट्टे, मसालेदार और गहरे तले हुए खाद्य पदार्थों से बचें क्योंकि इससे सीने में जलन की समस्या और बदतर हो सकती है।
  • अभी गर्भवती महिला को कोल्ड ड्रिंक भी बिल्कुल नहीं पीना चाहिए और साथ ही स्मोकिंग और अल्कोहल के सेवन से भी दूर रहना चाहिए।

गर्भावस्था के छत्तीसवें हफ्ते में कौन सा व्यायाम करना सबसे अच्छा होता है (Which exercise is best at 36 week of pregnancy)

  • इस सप्ताह गर्भवती औरत को हल्के व्यायाम करने चाहिए और हो सके तो स्ट्रेचिंग करें।
    आप इस समय स्क्वाट भी कर सकती हैं क्योंकि इससे प्रसव में मदद मिलती है।
  • वहीं सुबह-शाम वॉक करना अभी भी बेहतर हो सकता है और इससे आपकी बॉडी एक्टिव बनी रहेगी।

और पढ़ें:अनियमित माहवारी के साथ कैसे हो सकती हैं जल्द गर्भवती

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4.गर्भावस्था के छत्तीसवें हफ्ते में किन लक्षणों को देखते हुए डॉक्टर से जल्द-से-जल्द मिलना चाहिए

Which symptoms should raise an alarm to visit doctor at 36 week of pregnancy in hindi

Garbhavastha ke chhatisvein hafte mein kin lakshano ko dekhte hue doctor se jald se jald milna chahiye

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गर्भावस्था के 36वें हफ्ते में निम्नलिखित लक्षणों का अनुभव हो तो आपको डॉक्टर से जल्द-से-जल्द मिलना चाहिए :

  • अगर आपको संकुचन (contractions) का अनुभव हो रहा है।
  • अगर बेबी के मूवमेंट में आपको किसी भी तरह बदलाव दिखे या फिर उसमें बहुत अधिक कमी का एहसास हो।
  • अचानक वजन बढ़ना, धुंधला दिखाई देना, लगातार सिर में दर्द, हाथों और चेहरे पर अचानक सूजन, हल्कापन, पेट में दर्द और सांस फूलना।
  • अगर आप योनि से रक्तस्राव (vaginal bleeding), तरल पदार्थ का रिसाव (fluid leakage), या गंभीर पेट दर्द का अनुभव करते हैं।

और पढ़ें:अल्फा-फेटोप्रोटीन टेस्ट क्या है और क्यों पड़ती है इसकी ज़रूरत

 

5.गर्भावस्था के छत्तीसवें हफ्ते में डॉक्टर से क्या उम्मीद करें

What to expect from your doctor in the thirty sixth week of pregnancy in hindi

Garbhavastha ke chhatisvein hafte mein doctor se kya umeed karein

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प्रेगनेंसी की 36-40 सप्ताह के बीच महिला को हर हफ्ते डॉक्टर से मिलने की आवश्यकता है।

पिछले विज़िट की तरह इस सप्ताह भी डॉक्टर आपके ब्लड प्रेशर और वज़न के अलावा आपके फंडल हाइट की जांच करेंगी।

इसके अलावा यूरिन टेस्ट की भी सलाह डॉक्टर की ओर से दी जा सकती है।

और पढ़ें:आपकी गर्भावस्था का अट्ठाईसवां सप्ताह

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6.छत्तीसवें हफ्ते की गर्भावस्था के दौरान क्या अल्ट्रासाउंड या किसी अन्य परीक्षण की आवश्यकता है

Whether ultrasound or any other tests required during the thirty sixth week of pregnancy in hindi

Chhatisvein hafte ki garbhavastha ke dauran kya ultrasound ya anya kisi parikshan ki avashyakta hai

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36वें हफ्ते के दौरान आपको निम्न जरूरत पड़ सकती है :

  • अल्ट्रासाउंड (Ultrasound)

इस हफ्ते अल्ट्रासाउंड की मदद से शिशु के स्वास्थ्य और स्थिति की जांच करने के साथ-साथ गर्भाशय ग्रीवा के फैलाव (cervical dilation) को मॉनिटर करना है।

बच्चे की हृदय गति, लंबाई और वज़न की जांच के लिए बायोफिजिकल प्रोफाइलिंग की जाती है।

  • ग्रुप बी स्ट्रेप टेस्ट (Group B strep test)

ग्स्ट्रेप्टोकोकस ग्रुप बी इन्फेक्शन की जांच के लिए 34-36 सप्ताह के बीच के दौरान योनि स्वैब (vaginal swab) का स्क्रीनिंग टेस्ट किया जाता है।

अगर आपका ग्रुप बी स्ट्रेप टेस्ट पॉज़िटिव आता है, तो आपको लेबर (labor) शुरू होने पर एंटीबायोटिक्स (antibiotics) दिए जाएंगे।

ये बच्चे के लिए किसी भी जोखिम को कम करने में मदद करेगा।

  • आरएच टाइप टेस्ट (Rh type test)

आपके आरएच प्रकार का निर्धारण करने के लिए रक्त परीक्षण आमतौर पर प्रारंभिक गर्भावस्था में किया जाता है।

अगर आपका आरएच टाइप नेगेटिव है और आपका बच्चा आरएच पॉजिटिव है, तो आपके बच्चे का स्वास्थ्य खतरे में पड़ सकता है।

लेकिन चूंकि शिशु के रक्त के प्रकार को जन्म से पहले तक नहीं जाना जा सकता है, इसलिए आपको स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने के लिए गर्भावस्था के 28 सप्ताह के बाद 34-36 सप्ताह के दौरान एंटी-डी इंजेक्शन दिया जाएगा।

यह इंजेक्शन आपको आरएच पॉजिटिव ब्लड के लिए इम्युनिटी विकसित करने में मदद करता है।

और पढ़ें:आपकी गर्भावस्था का अठारहवां सप्ताह

 

7.गर्भावस्था के छत्तीसवें हफ्ते में संभोग

Sex in the thirty sixth week of pregnancy in hindi

Garbhavastha ke chhatisvein hafte mein sex

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यह अब असहज हो सकता है, लेकिन सेक्स अभी भी पूरी तरह से सुरक्षित है।

वास्तव में, आप अपनी नियत तिथि तक यौन संबंध रख सकती हैं और एक अच्छे और आरामदायक पोज़िशन में संभोग करें ताकि आपको असहज न महसूस हो।

और पढ़ें:आपकी गर्भावस्था का अड़तीसवां सप्ताह

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8.गर्भावस्था के छत्तीसवें हफ्ते में पिता के लिए टिप्स

Tips for father during thirty sixth week of pregnancy in hindi

Garbhavastha ke chhatisvein hafte mein pita ke liye tips

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माँ बनने वाली महिला का साथी उसका प्राइमरी सपोर्ट सिस्टम माना जाता है और ऐसे में पार्टनर को होने वाली माँ की मदद करनी चाहिए।

ऐसे में जानते जल्द पिता बनने वाले पुरुष अपने साथी के लिए क्या-क्या कर सकते हैं।

इस हफ्ते होने वाले पिता को ये निम्नलिखित कार्य करना चाहिए :

  • रोज़ाना घरेलू कामों में आपकी (होने वाली माँ) मदद करें।
  • सुनिश्चित करें कि हॉस्पिटल बैग तैयार है।
  • अपने साथ क्वालिटी टाइम बिताएं।
  • अपने आसपास के लोकेशन में एक अच्छे बाल रोग विशेषज्ञ की तलाश शुरू करें।
  • अस्पताल में प्रसव के लिए आवश्यक डाक्यूमेंट्स तैयार रखें।

आर्टिकल की आख़िरी अप्डेट तिथि: 29 Oct 2019

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