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Week 16 of your pregnancy | Zealthy

आपकी गर्भावस्था का सोलहवां सप्ताह

Week 16 of your pregnancy in hindi

Aapki garbhavastha ka solahwan hafta in hindi

गर्भावस्था के 16वें हफ्ते में आप किस तिमाही (your trimester) में हैं : आप गर्भावस्था की दूसरी तिमाही (second trimester) में हैं।

गर्भावस्था के सोलहवें हफ्ते में आप कितने महीने की गर्भवती हैं : आप गर्भावस्था के चौथे महीने में हैं।

कितने हफ्ते बचे हैं : 24 हफ्ते (168 दिन) बचे हैं।

गर्भावस्था के सोलहवें हफ्ते में बच्चा कितना बड़ा हुआ है :

  • इस समय आपका शिशु अब नाशपाती (pear) के आकार का है।
  • आपके शिशु की लम्बाई लगभग 4.9 इंच (12.4 cm) है।
  • गर्भावस्था के सोलहवें हफ्ते में शिशु का वज़न लगभग सौ ग्राम (100 gm) होता है।

अभी-अभी आपकी प्रेगनेंसी के चरण की शुरुआत हुई थी और अब आप गर्भावस्था के सोलहवें हफ्ते में पहुंच चुकी हैं।

इसी के साथ आपका छोटा से बच्चा अब लगातार आपके गर्भाशय में बढ़ता जा रहा है और अब वो लगभग सौ ग्राम का हो गया है।

आपकी गर्भावस्था के 16 सप्ताह तक, आप चौथे महीने में हैं। इसका मतलब है कि आप अपनी मंज़िल के आधे रास्ते तक पहुंच चुकीं हैं और केवल 5 महीने और बचे हैं।

पहली तिमाही के तकलीफ़देह लक्षण के बाद अब आपको प्रेगनेंसी के सकारात्मक लक्षणों का अनुभव होना शुरू हो जाएगा।

जी हां, अब आपके चेहरे पर प्रेगनेंसी ग्लो आ जाएगी।

इसके साथ ही जो महिला दूसरी बार माँ बनने जा रही हैं उन्हें अब अपने बच्चे की हरकतों का भी एहसास होना शुरू हो जाएगा।

आइये जानते हैं, इस हफ्ते आपके और आपके बच्चे में और क्या-क्या बदलाव होते हैं।

इस समय आपको क्या करना चाहिए:

  • प्रीनेटल विटामिन लेना जारी रखें।
  • भरपूर मात्रा में पानी पीना भी जारी रखें।
  • ज़रूरत पड़ने पर अधिक नियमित या विशेष तकिए (pillow) का इस्तेमाल करें।
  • बच्चे के नाम के बारे में सोचना शुरू करें।
  • पीठ के बल बिल्कुल न सोएं।
  • अपने साथी के साथ अपने डर और चिंता को साझा करें।
  • संतुलित और पौष्टिक आहार का पालन करें।
  • हल्के व्यायाम भी करते रहें।

गर्भावस्था के सोलहवें हफ्ते में आपका शरीर

Your body at week 16 of pregnancy in hindi

Garbhavastha ke solah vein hafte mein aapka sharir in hindi

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पहली तिमाही के परेशानियों से भरे लक्षणों के बाद गर्भवती स्त्री अब बेहतर महसूस करना शुरू कर सकती है।

16 सप्ताह के गर्भवती लक्षण ज्यादातर महिलाओं के लिए सहनीय होते हैं और आनंद से भी भरे होते हैं।

प्रारंभिक गर्भावस्था के दौरान महिलाओं की खो चुकी ऊर्जा वापस आ जाती है और वो खुलकर और ख़ुशी से किसी भी कार्य में हिस्सा ले सकती हैं।

हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि जब आप 16 सप्ताह की गर्भवती होती हैं, तो आपको नए लक्षणों की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।

16 सप्ताह की गर्भवती होने पर भी शरीर में कुछ ख़ास बदलाव होते हैं।

सोलहवें हफ्ते की गर्भावस्था के दौरान पेट में बदलाव (16 weeks pregnant belly)

दूसरे तिमाही के दौरान, आपका गर्भाशय एक पपीते के आकार का हो जाएगा और इसी के साथ अब आपकी प्रेगनेंसी बेबी बंप (baby bump) से पता चलने लगेगी।

सोलहवें हफ्ते की गर्भावस्था के लक्षण (16 Weeks pregnant symptoms)

गर्भावस्था के चौथे महीने तक पहुंचने पर, आपको प्रेगनेंसी हार्मोन में वृद्धि के परिणामस्वरूप सेक्स करने की इच्छा में वृद्धि का अनुभव हो सकता है।

इसके अलावा इस हफ्ते कई और नए लक्षणों का आप अनुभव कर सकती हैं, जो इस प्रकार है:

  • चमकदार त्वचा (रक्त प्रवाह में वृद्धि के कारण)
  • तेलीय या चमकदार त्वचा (हार्मोन के कारण)
  • कब्ज़
  • सीने में जलन
  • लगातार वज़न बढ़ना
  • बवासीर
  • नाक से खून आना
  • ध्यान केंद्रित (concentrate) करने में परेशानी होना

गर्भावस्था के सोलहवें हफ्ते में शारीरिक और भावनात्मक परिवर्तन (Physical and emotional changes 16 weeks pregnant)

शारीरिक रूप से सबसे बड़े परिवर्तन के तौर पर गर्भवती स्त्री का स्तन स्तनपान के लिए तैयार हो जाता है।

जिस कारण माँ बनने वाली महिला के स्तन का आकर बड़ा हो जाता है। वहीं दूसरी ओर एस्ट्रोजन हार्मोन के बढ़ते स्तर आपकी त्वचा को प्रभावित कर सकते हैं।

वहीं भावनात्मक रूप से प्रेग्नेंट लेडीज़ इस चरण में आने के बाद पॉज़िटिव हो जाती हैं और प्रेगनेंसी को लेकर उत्साह से लबरेज़ रहती हैं।

गर्भावस्था के सोलहवें हफ्ते में आपका बच्चा

Your baby at week 16 of pregnancy in hindi

Garbhavastha ke solah vein hafte mein aapka baccha in hindi

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16 सप्ताह में, आपके बच्चे के महत्वपूर्ण सिस्टम पहले से ही विकसित हो गए हैं।

अब अंगों को कार्य करने के लिए तैयार होने के लिए परिपक्व होने की आवश्यकता है।

आपका शिशु अब लगातार आकार और वज़न में दोगुना वृद्धि कर रहा है।

आपका बच्चा अब इतना बड़ा हो गया है कि उसका छोटा सा दिल रोज़ाना लगभग 6.6 गैलन (25 l) ब्लड पंप कर रहा है, और ये मात्रा आगे और बढ़ती जाएगी।

गर्भावस्था के सोलहवें हफ्ते के दौरान भ्रूण का विकास (Growth of the baby at 16 week pregnancy)

सोलहवें हफ्ते में आपका बच्चा सक्रीय होता जा रहा है और उसके सर्कुलेटरी (circulatory) और यूरिनरी सिस्टम (urinary system) ने भी पूरी तरह से अपना काम करना शुरू कर दिया है।

इस हफ्ते आपके शिशु में और निम्न बदलाव होते हैं:

  • बच्चे की त्वचा अभी भी पारदर्शी (transclucent) होती है और उसके नीचे की ब्लड वेसल्स (blood vessels) भी दिखाई देने लगती है।
  • गर्भाशय में शिशु अब पैर मारना भी शुरू कर देता है और साथ ही हथेलियों की मदद से झपटे मारने की भी कला उसने सीख ली है।
  • आपके बच्चे का सिर (head) भी अधिक "सामान्य" दिखाई देता है क्योंकि आँख (eyes) और कान (ears) सिर पर अपने सही जगह पर आ जाते हैं।
  • बच्चे की सुनने क्षमता की भी अब शुरुआत होने लगती है।
  • फेफड़े (lungs) के भी विकास की शुरुआत हो चुकी है और 25वें हफ्ते तक ये जारी रहेगा।
  • अब शिशु के पैरों के नाख़ून भी बढ़ने लगते हैं और वह अब अंगूठा भी चूसने लगता है।
  • इस स्तर पर बच्चा चेहरे के भाव बनाना (facial expressions) शुरू कर देता है।
  • रीढ़ की हड्डी मज़बूत होने के साथ सिर और गर्दन अधिक उभरे हुए होते हैं।

सोलहवें हफ्ते की गर्भवती अवस्था में शिशु की स्थिति (Baby position at 16 weeks pregnant)

प्रेगनेंसी के सोलहवें हफ्ते में भी आपके बच्चे की स्थिति पिछले हफ्ते जैसी ही बनी रहेगी जिसमें उसका सिर ऊपर की ओर रहेगा और उसके पैर नीचे की ओर रहते हैं।

गर्भावस्था के सोलहवें हफ्ते में माँ बननी वाली महिला के लिए आहार, स्वास्थ्य टिप्स और दिनचर्या

Diet, fitness tips and lifestyle for moms at 16 week of pregnancy in hindi

Garbhavastha ke solahvein hafte mein maa banne wali mahila ke liye diet, fitness or dincharya in hindi

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बेबी अब यूटेरस में तेज़ी से बढ़ने लगा है और गर्भावस्था में इस समय पर अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है।

यह अनुशंसा की जाती है कि आप हर दिन अतिरिक्त 300 कैलोरी का उपभोग करें।

इसके साथ ही प्रेगनेंसी को सफल बनाने के लिए गर्भवती महिला को लगातार एक्टिव रहना चाहिए।

प्रेगनेंसी के सोलहवें हफ्ते में आपको क्या खाना चाहिए (What you should eat at 16 week of pregnancy)

  • अभी आप प्रेगनेंसी के चौथे महीने में हैं और इस समय अधिकांश महिलाएं कब्ज़ की समस्या से परेशान रहती हैं।

ऐसे में इस समस्या से निजात पाने के लिए महिलाओं को हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ, साबुत अनाज और ओट्स जैसे फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए।

  • इस दौरान बच्चे को कैल्शियम की बहुत ज़रुरत होती है और इसकी आपूर्ति करने के लिए माँ को डेयरी प्रोडक्ट जैसे पनीर, दही और दूध को अपने भोजन का हिस्सा बनाना चाहिए।

गर्भावस्था के दौरान नियमित रूप से होने वाली माँ को 500-1,000 मिलीग्राम कैल्शियम का सेवन करना चाहिए।

ऐसा आप सप्लीमेंट के रूप में भी कर सकती हैं लेकिन इसे लेने से पहले अपनी डॉक्टर से बात ज़रूर कर लें।

  • फोलिक एसिड बच्चे में स्पाइनल बिफिडा (spinal bifida) सहित न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट्स जैसे जन्म दोषों को रोकने में मदद कर सकता है।

ऐसे में अपने आहार में अंडे को शामिल करना फोलेट सहित कई आवश्यक पोषक तत्वों के आपके सेवन को बढ़ावा देने का एक शानदार तरीका है।

वहीं गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को रोज़ाना 400 से 600 माइक्रोग्राम फोलेट या फोलिक एसिड का सेवन सप्लीमेंट के रूप में करना चाहिए।

हालांकि इस बात को सुनिश्चित करें कि आप सप्लीमेंट लेने से पूर्व अपनी डॉक्टर से बात ज़रूर कर लें।

  • आयरन शरीर के चारों ओर ऑक्सीजन ले जाने में मदद करता है।

गर्भावस्था के दौरान, लोहे विकासशील बच्चे को ऑक्सीजन की आपूर्ति करता है।

गर्भावस्था के दौरान नियमित रूप से 30-60 मिलीग्राम आयरन को अपने डाइट में शामिल करना चाहिए या फिर सप्लीमेंट के माध्यम से लेना चाहिए।

हालांकि, इस बात को सुनिश्चित करें कि आप सप्लीमेंट लेने से पूर्व अपनी डॉक्टर से बात ज़रूर कर लें।

गर्भावस्था के सोलहवें हफ्ते में आपको क्या नहीं खाना चाहिए (What you should not eat or avoid at 16 week of pregnancy)

  • इस दौरान अपच (indigestion)और कब्ज़ (constipation) की समस्या से दूर रहने के लिए महिलाओं को मैदा युक्त खाद्य-पदार्थों के सेवन से परहेज़ करना चाहिए।
  • गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के किसी भी स्टेज में बाहर का खाना नहीं खाना चाहिए।
  • इस दौरान माँ को मुलेठी भी नहीं खाना चाहिए क्योंकि इससे बच्चे के दिमाग पर असर पड़ता है।

गर्भावस्था के सोलहवें हफ्ते में कौन सा व्यायाम सबसे अच्छा है (Which exercise is best at 16 week of pregnancy)

  • प्रेगनेंसी के दौरान 20 मिनट से लेकर आधा घंटा तक सुबह-शाम वॉक करना फ़ायदेमंद होता है।
  • प्रेगनेंसी के समय पानी में एरोबिक्स और तैराकी करना भी अच्छा होता है।
  • इसके साथ ही योग और ध्यान करना भी माँ के लिए लाभकारी होता है।


गर्भावस्था के सोलहवें हफ्ते में डॉक्टर से क्या उम्मीद करें?

What to expect from your doctor in the sixteenth week of pregnancy? in hindi

Garbhavastha ke solahvein hafte mein doctor se kya umeed karein in hindi

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प्रेगनेंसी के दौरान आपकी डॉक्टर से दूसरी विज़िट 14-17 हफ्ते के बीच एक बार होनी चाहिए।

इस समय आपकी डॉक्टर आपके बच्चे के हार्ट रेट (heart rate) की जांच करने के लिए आपके गर्भाशय के ऊपर, एक डॉपलर (doppler) का इस्तेमाल करेंगी।

जिससे आपको अपने बच्चे के दिल की धड़कन सुन सकती हैं।

इसके साथ ही आपके खान-पान को लेकर डॉक्टर आपको कुछ सलाह दे सकती हैं।

वहीं डॉक्टर योनि(vagina), गर्भाशय (uterus), अंडाशय (ovaries) और गर्भाशय ग्रीवा (cervix) की जांच कर सकते हैं।

सोलहवें हफ्ते की गर्भावस्था के दौरान अल्ट्रासाउंड या किसी अन्य परीक्षण की आवश्यकता है?

Whether ultrasound or any other tests required during the sixteenth week of pregnancy? in hindi

Solahvein hafte ki garbhavastha ke dauran kya ultrasound ya any kisi parikshan ki avashyakta hai in hindi

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गर्भावस्था के सोलहवें हफ्ते में अल्ट्रासाउंड व अन्य परीक्षण :

  • अल्ट्रासाउंड (Ultrasound)

इस सप्ताह आपको एमनियोसेंटेसिस (amniocentesis) कराने के लिए अल्ट्रासाउंड की आवश्यकता होगी।

  • टेस्ट (Ultrasound)

पहली तिमाही के दौरान किए गए रक्त परीक्षण की तरह मल्टीप्ल सीरम स्क्रीनिंग टेस्ट (Multiple Serum Screening test) सहित कई रक्त परीक्षण (blood test) इस समय निर्धारित किये जाते हैं।

इन परीक्षणों को 'मल्टीप्ल मार्कर' (multiple marker) या 'क्वाड स्क्रीन' टेस्ट (Quad screen test) के रूप में जाना जाता है।

ये रक्त में चार पदार्थों के स्तर अर्थात् एएफपी (alpha-feto protein), एस्ट्रिओल (estridiol), इनहिबिन (inhibin) और ह्यूमन कोरियोनिक गोनाडोट्रोपिन (human chorionic gonadotropin) को निर्धारित करने के लिए और कुछ जोखिमों का पता लगाने के लिए किया जाता है।

ये जोखिम इस प्रकार हैं :

  • डाउन सिंड्रोम (Down syndrome)
  • ट्राइसॉमी 18 (Trisomy 18)
  • भ्रूण में न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट (NTD) जैसे कि स्पाइना बिफिडा
  • भ्रूण की एब्डोमिनल वाल में डिफेक्ट (Defect in the abdominal wall of the fetus)

जबकि यह स्क्रीनिंग टेस्ट 100% सटीक नहीं होता है और ऐसे में एम्नियोसेन्टेसिस टेस्ट (amniocentesis test) की जा सकती है।

यदि आपकी गर्भावस्था उच्च जोखिम वाली है, तो आपकी डॉक्टर 15 से 20 सप्ताह के बीच एमनियोसेंटेसिस (amniocentesis) कराने की सलाह दे सकती हैं।

एमनियोसेंटेसिस के दौरान अल्ट्रासाउंड का उपयोग कर डॉक्टर आपके गर्भ में एक पतली सुई की मदद से एमनियोटिक द्रव (amniotic fluid) का एक नमूना (sample) एकत्र करेंगे।

वे बाद में डाउन सिंड्रोम (down syndrome) जैसे आनुवंशिक विकारों (genetic disorder) का पता लगाने के लिए इस द्रव का परीक्षण करेंगे।

यह 35 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए रेकमेंड किया जाता है क्योंकि उस उम्र में क्रोमोसोमल असामान्यता (chromosomal abnormalities) की संभावना बहुत बढ़ जाती है।

गर्भावस्था के सोलहवें हफ्ते में संभोग

Sex in the sixteenth week of pregnancy in hindi

Garbhavastha ke solahaven hafte mein sex in hindi

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जब तक आपके डॉक्टर सेक्स न करने को लेकर किसी तरह की सलाह नहीं देते हैं, तब तक आपको चिंता करने की कोई बात नहीं है।

गर्भावस्था के सोलहवें हफ्ते में पिता के लिए टिप्स

Tips for father during sixteenth week of pregnancy in hindi

Garbhavastha ke solahvein hafte mein pita ke liye tips in hindi

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गर्भावस्था को सफ़ल बनाने की ज़िम्मेदारी माँ बनने वाली महिला पर जितनी होती है उतनी ही ज़िम्मेदारी होने वाले पिता पर भी रहती है।

ऐसे में इस समय होने वाले पिता को क्या करना चाहिए आइए जानते हैं :

  • हार्मोनल उतर-चढ़ाव के कारण महिला को अचानक बहुत गुस्सा आ सकता है, ऐसे में होने वाले पिता को अपने साथी के ऐसे व्यवहार को समझना चाहिए।
  • इस खूबसूरत चरण के दौरान उसके लिए अपना प्यार दिखाना जारी रखें ताकि जीवन भर के लिए उसका प्यार जीत सके।
  • आपके साथी (माँ बनने वाली महिला) का शरीर कई शारीरिक परिवर्तनों से गुज़रता है, जो उसे परेशान कर सकते हैं। ऐसे में आप सकारात्मक रहकर उन्हें अच्छा महसूस करा सकते हैं।
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