Vitamins : types, deficiency and functions in hindi

विटामिन : प्रकार, कमी और कार्य

Vitamins : types, deficiency and functions in hindi

Vitamin ke prakar, kami aur Karyain hindi

 

विटामिन एक प्रकार के पदार्थ होते हैं जो हमारे शरीर की विभिन्न प्रक्रियाओं को सुचारू रूप से चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इनकी कम मात्रा ही शरीर के लिए उपयोगी होती है इसलिए इन्हें सूक्ष्म पोषक तत्व भी कहा जाता है।

ज्यादातर विटामिन हमारे शरीर में नहीं बनते, सिर्फ विटामिन D ही ऐसा विटामिन है जिसे हमारा शरीर बनाने में सक्षम है।

इसके अलावा नियासिन (एक प्रकार का विटामिन B) की कुछ मात्रा भी शरीर में बन जाती है।

आइये जानते हैं विटामिन्स के प्रकार के बारे में, इनकी फ़ायदों के बारे में, इनकी कमी से होने वाले रोगों के बारे में इस लेख के माध्यम से। 

 

विटामिन कितने प्रकार के होते हैं ?

What are the various types of vitamins in hindi

Vitamin kitne prakar ke hote hai ? in hindi

हमारे शरीर को दुरुस्त और स्वस्थ बनाए रखने के लिए कई पोषक तत्व की जरूरत होती है।

इन्हीं पोषक तत्वों में से एक है विटामिन।

विटामिन के कई प्रकार होते हैं

इनमें विटामिन A, B-कॉम्प्लेक्स , C, D, E, और K प्रमुख हैं।

इन विटामिनों के नाम इनकी खोज के क्रम में रखे गये हैं।

केवल विटामिन-K ही ऐसा विटामिन है जिसका नाम हेनरिक डाम (Henrik Dam) ने कोएगुलेशन (koagulation) के नाम पर रखा था।

विटामिन B के कई प्रकार होते है जैसे B1, B2, B3, B5, B6, B9, और B12।

प्रत्येक विटामिन का अलग-अलग कार्य होता है और इनकी कमी से कई तरह के रोग हो सकते हैं।

 

विटामिन्स के क्या फ़ायदे हैं ?

What are the benefits of vitamins in our body ? in hindi

Vitamin ka shareer mein kya kaam hai in hindi

विटामिन्स हमारे शरीर की ज़रुरत है। इनके बिना शारीरिक प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाना लगभग नामुमकिन है।

विटामिन्स हमारे शरीर की लगभग हर प्रक्रिया में भाग लेते हैं और कई सारे कार्य करते हैं जैसे :

  • रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना (Enhancing immunity) 

    विटामिन्स शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं।

    हमारे शरीर में प्रतिरोधक सेल्स (cells) विटामिनों की उपस्थिति में अच्छे तरीके के काम करते हैं।

  • तंत्रिका आवेगों को बढ़ाना (Improve conduction of nerve impulses) 

    कई विटामिन्स जैसे B6, B9 और B12 तंत्रिका तंत्र को सुचारू रूप से चलाते हैं।

    ये विटामिन मांसपेशियों को भी मज़बूती देते हैं।

  • कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करना (Reduces the level of cholesterol) 

    कोलेस्ट्रॉल का अधिक स्तर हृदय रोगों का ख़तरा बढ़ाता है।

    विटामिन, खासकर विटामिन B3 कोलेस्ट्रॉल स्तर को कम करता है।

  • ऊर्जा का उत्पादन करना (Produces energy)

    ऊर्जा उत्पादन प्रक्रिया विटामिन्स के बिना सही तरीके से नहीं हो पाती है।

    विटामिन ऊर्जा उत्पादन प्रक्रिया में भाग लेते हैं।

  • बाल और नाखून को स्वस्थ रखना (Healthy hairs and nails)

  • कुछ विटामिन्स बाल और नाखूनों के स्वास्थ्य का ख्याल रखते हैं।

  • मेटाबोलिज्म का प्रबंधन करना (Manages metabolism)

    हम जो भी खाना खाते हैं उसका मेटाबोलिज्म होना ज़रूरी है नहीं तो हमें ऊर्जा नहीं मिल पाएगी और पाचन तंत्र में भी समस्या हो सकती है।

    विटामिन्स मेटाबोलिज्म को बढ़ाते हैं।

  • घाव को सही करना (Wound healing)

    घाव को सही करने के लिए नए सेल्स (cells) का बनना ज़रूरी है।

    विटामिन्स सेल्स के बनने की गति को बढ़ाते हैं।

  • खून का बहाव रोकना (Prevents bleeding)

    चोट लगने के बाद खून का बहाव रोकना आवश्यक है अन्यथा अधिक खून बहने से जान भी जा सकती है।

    विटामिन K खून के बहाव को रोकने में मदद करता है।

  • त्वचा की सुंदरता बनाए रखना (Maintaining healthy skin)

    त्वचा की सुंदरता को बनाये रखने के लिए विटामिन E और विटामिन C बहुत ही लाभदायक हैं।

  • आँखों की देखभाल करना (Eye care)

    आंखों की रौशनी को बरकरार रखने के लिए कई विटामिन्स, जैसे विटामिन A और विटामिन B12 की ज़रुरत होती है।

 

विटामिनों के प्रमुख स्त्रोत क्या हैं ?

What are the important sources of vitamins ? in hindi

Vitamino ke pramukh strot kya hain? in hindi

विटामिनों के प्रमुख स्त्रोत निम्न है:

  • विटामिन A : (Vitamin A)

    विटामिन A लीवर, दूध, पनीर, बटर, गाजर, हरे पत्ते वाली सब्जियों, और आम में अच्छी मात्रा में पाया जाता है।

  • विटामिन B : (Vitamin B)

    विटामिन B1 संतरे, अंडे, चावल, सोयाबीन, गेहूं, एवं मूंगफली में पाया जाता है।

    विटामिन B2 मछली, खमीर, दाल, एवं अंडे में होता है।

    दूध और इससे बने पदार्थ जैसे की मेवा में विटामिन B3 अच्छी मात्रा में होता है।

    विटामिन B6 दूध माँस, और अनाज में पाया जाता है।

    दही, दूध, दाल, अनाज, एवं हरी सब्ज़ियाँ विटामिन B12 का प्रमुख स्रोत हैं।

  • विटामिन C : (Vitamin C)

    कीवी, संतरा, अमरुद, नीम्बू, शिमला मिर्च, ब्रोकोली एवं गोभी विटामिन C के प्रमुख स्रोत हैं। 

  • विटामिन D : (Vitamin D)

    विटामिन D की ज्यादातर पूर्ति शरीर के द्वारा ही पूरी कर ली जाती है।

    विटामिन D हमारा शरीर सूरज की रौशनी में बनाता है।

    इसके अलावा विटामिन D की मात्रा अंडे, ज्यादा तेल वाली मछली, और मांस में अच्छी होती है।

  • विटामिन E : (Vitamin E)

    विटामिन E अच्छी मात्र में वनस्पति तेलों जैसे की सोयाबीन का तेल एवं सूरजमुखी के तेल में पाया जाता है।

    इसके अलावा विटामिन E अखरोट, बादाम एवं मूंगफली में भी पाया जाता हैं।

  • विटामिन K : (Vitamin K)

    पालक, कोलार्ड, शलजम, चुकंदर, ब्रसेल्स स्प्राउट्स, एवं ब्रोकोली विटामिन K के प्रमुख स्रोत हैं।

    इसके अलावा विटामिन K दूध से बने उत्पादों एवं मांस में भी पाया जाता है।

 

फैट-सॉल्युबल (fat-soluble) और वाटर-सॉल्युबल (water-soluble) विटामिन्स क्या होते हैं? What are fat soluble and water soluble vitamins in hindi ?

Fat soluble aur water soluble vitamins kya hote hain? in hindi

विटामिन्स को घुलनशीलता के आधार पर बाँटा गया है। इनके दो भाग इस प्रकार हैं : - 

  • फैट-सॉल्युबल विटामिन्स - (Fat-soluble vitamins)

    कुछ विटामिन ऐसे होते हैं जो वसा (fat) में घुलते हैं। इन्हें फैट-घुलनशील विटामिन कहा जाता है।

    इस श्रेणी में विटामिन A, D, E और K आते हैं।

    ये विटामिन शरीर से बहार नहीं निकलते और लीवर में जमा हो जाते हैं। 

  • वॉटर-सॉल्युबल विटामिन्स - (Water-soluble vitamins)

    कुछ विटामिन ऐसे होते हैं जो पानी में घुलते हैं।

    इन्हें वॉटर सॉल्युबल विटामिन्स कहा जाता है।

    इस श्रेणी में विटामिन B कॉम्प्लेक्स और विटामिन C आते हैं।

    ये विटामिन शरीर से बाहर निकल जाते हैं इसलिए इनकी कुछ मात्रा रोज़ाना शरीर में जाना ज़रूरी है।

 

विटामिन्स की कमी से होने वाले रोग कौन से हैं ?

What are the various diseases caused due to deficiency of vitamins ? in hindi

Vitamino ki kami se hone waale rog kaun se hain in hindi

हमारा शरीर विटामिन का निर्माण नहीं कर सकता।

इसके लिए हमें खाद्य सामग्रियों पर ही निर्भर रहना पड़ता है।

इसलिए हमारे शरीर की पोषण सम्बन्धी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए संतुलित भोजन आवश्यक है।

संतुलित भोजन करने से सभी तरह के विटामिन संतुलित मात्रा में शरीर को मिल जाते हैं।

शरीर में विटामिन की कमी से निम्न लक्षण नज़र आते हैं : - 

  • शारीरिक कमज़ोरी (Weakness and fatigue) 

    विटामिन उन प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है जो कि शरीर को ऊर्जा देती है।

    अगर विटामिन की कमी होगी तो हमारे शरीर को ऊर्जा नहीं मिल पाएगी और हम थका हुआ एवं कमजोर महसूस करेंगे |

  • तंत्रिका तंत्र में दिक्कत (Problem in nervous system)

    तंत्रिका तंत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए विटामिन्स की उपस्थिति आवश्यक है।

    विटामिन की कमी से दर्द, सुन्नता एवं मांसपेशियों में कमज़ोरी आदि हो सकती है।

  • हृदय-सम्बन्धी दिक्कतें (Heart-related disorder)

    विटामिन की उपस्थिति में ही लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण होता है।

    अगर विटामिन की कमी होगी तो एनीमिया (anemia) होने का ख़तरा बढ़ जाता है।

    इसके अलावा विटामिन की कमी से हृदय की बीमारियों का भी ख़तरा बढ़ जाता है।

  • अजन्मे बच्चे में समस्याएं (Fetal defects)

    गर्भवती महिला में विटामिन की कमी से अजन्मे बच्चे में समस्याएं हो सकती हैं।

    ऐसे में बच्चे का विकास ठीक से नहीं होगा एवं बच्चे में जन्म-जात बीमारी जैसे स्पिना बिफिडा (spina bifida) होने का ख़तरा भी बढ़ जाएगा। 

  • रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी (Reduced immunity)

    कुछ विटामिन्स जैसे विटामिन C रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं।

    ऐसे विटामिन्स की कमी से रोगग्रस्त होने की संभावना बढ़ जाती है।

  • हड्डी सम्बन्धी रोग (Bone-related disorders)

    विटामिन D हमारे शरीर में हड्डियों को मजबूत रखने में मदद करता है।

    इस विटामिन की कमी से हड्डियाँ कमजोर हो जायेंगी और हड्डी टूटने का जोखिम बढ़ जाएगा।

 

निष्कर्ष

Conclusion in hindi

Nishkarsh in hindi

हमारे शरीर को सुचारु रूप से चलाने में विटामिनो का महत्वपूर्ण योगदान है।

विटामिनों को घुलनशीलता के आधार पर बांटा जा सकता है।

कुछ विटामिन वसा (fat) में और कुछ विटामिन पानी में घुलते हैं।

विटामिन्स की कमी से कई तरह की बीमारियाँ हो सकती हैं।

विटामिन हमारी कई शारीरिक प्रक्रियाओं में मदद करता है।

हमारा शरीर विटामिन का निर्माण नहीं कर सकता।