टेस्टोस्टेरोन हार्मोन टेस्ट का महत्व

Importance of testosterone hormone test in fertility in hindi

Mahila ki prajnan kshamta mein testosterone hormone ka mahatva


एक नज़र

  • टेस्टोस्टेरोन एक महत्वपूर्ण हार्मोन है जो महिला की एनर्जी, लैंगिकता और कामेच्छा को प्रभावित करता है।
  • टेस्टोस्टेरोन, ऐसे हार्मोन को स्रावित करने में मदद करता है, जो महिला के मासिक धर्म चक्र के लिए महत्वपूर्ण हैं।
  • टेस्टोस्टेरोन प्यूबिक क्षेत्र, चेहरे और अंडरआर्म्स में बालों के विकास का कारण है।
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Introduction

testosterone_hormone_test_in_Hindi

टेस्टोस्टेरोन हार्मोन टेस्ट, शरीर में टेस्टोस्टेरोन के स्तर को मापने के लिए किया जाने वाला एक साधारण ब्लड टेस्ट है। ज्यादातर लोग, पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन की भूमिका के बारे में जानते हैं, लेकिन यह केवल कुछ ही समझते हैं कि यह महिलाओं के स्वास्थ्य और प्रजनन क्षमता में क्या भूमिका निभाता है। भले ही महिलाएं पुरुषों की तुलना में बहुत कम टेस्टोस्टेरोन का उत्पादन करती हैं, लेकिन यह उनके लिए एक महत्वपूर्ण हार्मोन है जो उनकी ऊर्जा, लैंगिकता और कामेच्छा को प्रभावित करता है।

टेस्टोस्टेरोन एक एंड्रोजन (androgen) है, जिसका अर्थ है कि यह एक पुरुष हार्मोन है। वैसे तो, टेस्टोस्टेरोन अक्सर पुरुष सेक्स हार्मोन माना जाता है, लेकिन महिला की ओवरी भी कम मात्रा में टेस्टोस्टेरोन स्रावित करती हैं। टेस्टोस्टेरोन पुरुष और महिला दोनों के स्वास्थ्य और प्रजनन क्षमता के लिए महत्वपूर्ण है। महिलाओं में टेस्टोस्टेरोन का हाई लेवल यौवन के दौरान होता है, और यह आमतौर पर 20 के दशक की शुरुआत में होता है। रजोनिवृत्ति यानि मेनोपॉज की स्थिति में पहुंचने तक एक महिला के टेस्टोस्टेरोन का स्तर 50% तक गिर जाता है। टेस्टोस्टेरोन हार्मोन लेवल टेस्टिंग किसी भी फर्टिलिटी असेसमेंट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

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इस लेख़ में

  1. 1.टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की भूमिका क्या है?
  2. 2.टेस्टोस्टेरोन टेस्ट क्यों किया जाता है?
  3. 3.टेस्टोस्टेरोन के स्तर का परीक्षण कैसे किया जाता है और आपको इसके लिए कैसे तैयार
  4. 4.महिला और पुरुष में टेस्टोस्टेरोन का सामान्य स्तर
  5. 5.टेस्टोस्टेरोन टेस्ट के परिणाम को समझें
  6. 6.प्रजनन क्षमता और टेस्टोस्टेरोन के बीच क्या संबंध है?
  7. 7.महिलाओं में टेस्टोस्टेरोन का स्तर बैलेंस करने के प्राकृतिक तरीके
  8. 8.निष्कर्ष
 

टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की भूमिका क्या है?

What is the role of testosterone hormone in hindi

testosterone hormone ka role kya hai

महिलाओं में, टेस्टोस्टेरोन हार्मोन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। टेस्टोस्टेरोन हार्मोन, एस्ट्रोजन हार्मोन के साथ, महिला के प्रजनन टिशू और हड्डियों के विकास, रख-रखाव और रिपेरियरिंग में मदद करता है। टेस्टोस्टेरोन, महिलाओं में स्वस्थ, कामेच्छा और प्रजनन क्षमता को बनाए रखने में भी मदद करता है।

महिलाओं के अंडाशय यानि ओवरी और अधिवृक्क ग्रंथियों (adrenal glands) में टेस्टोस्टेरोन का उत्पादन होता है। शरीर में उत्पादित टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का स्तर हर दिन और पूरे दिन बदलता रहता है। टेस्टोस्टेरोन का स्तर सुबह के समय सबसे अधिक होता है और दिन गुजरने के साथ धीरे-धीरे कम होता जाता है।

ओवरी से उत्पादित टेस्टोस्टेरोन, ओवरी के भीतर एस्ट्राडियोल हार्मोन (estradiol hormone) में बदल जाता है। टेस्टोस्टेरोन का उत्पादन मिड-मासिक धर्म को बढ़ाता है, जो महिलाओं में स्वस्थ ओव्यूलेशन का संकेत देता है। यह महिला के प्रमुख गर्भाधान समय यानि ओव्यूलेशन के दौरान यौन इच्छा को बढ़ावा देने में भी मदद करता है। टेस्टोस्टेरोन, गर्भाशय ग्रीवा बलगम यानि सर्वाइकल म्यूकस (cervical mucus) के उत्पादन में भी सुधार करता है, जो बदले में पेल्विक क्षेत्र में सर्कुलेशन को बढ़ाकर प्रजननता को प्रोत्साहित करता है। [1]

पुरुषों में, टेस्टोस्टेरोन सबसे महत्वपूर्ण पुरुष हार्मोन में से एक माना जाता है। टेस्टोस्टेरोन हार्मोन एक पुरुष में सब कुछ प्रभावित करता है, कामुकता और प्रजनन प्रणाली से लेकर मसल मास और रिप्रोडक्टिव सिस्टम तक। यह शरीर की निम्नलिखित प्रणाली को भी प्रभावित करता हैं,

  • इंडोक्राइन प्रणाली (Endocrine System)
  • प्रजनन प्रणाली (Reproductive System)
  • लैंगिकता (Sexuality)
  • सेंट्रल नर्वस सिस्टम (Central Nervous System)
  • त्वचा और बाल (Skin and Hair)
  • मांसपेशियों, वसा, और हड्डी (Muscle, Fat, and Bone)
  • सर्कुलेट्री प्रणाली (Circulatory System)
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टेस्टोस्टेरोन टेस्ट क्यों किया जाता है?

Why is testosterone test performed in hindi

testosterone test kyun kiya jata hai

महिलाओं में, टेस्टोस्टेरोन परीक्षणों की सिफारिश एक डॉक्टर के द्वारा तब की जा सकती है जब वे शरीर में होने वाले लक्षणों और परिवर्तनों को नोटिस करते हैं या जब महिलाएं इनके बारे में डॉक्टर से खुद बताती हैं।

महिलाओं में उच्च टेस्टोस्टेरोन स्तर के कारण होने वाले परिवर्तनों और लक्षण में निम्न शामिल हैं: [2]

  • अत्यधिक, मेल पैटर्न हेयर ग्रोथ, जैसे चेहरे के बालों का अत्यधिक विकास, (idiopathic hirsutism)
  • पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम (पीसीओएस - हार्मोनल असंतुलन की एक स्थिति जिसमें ओवरी पर सिस्ट का विकास हो जाता है जो टेस्टोस्टेरोन के स्तर को असामान्य रूप से बढ़ाता है)
  • अनियमित या अनुपस्थित पीरियड्स
  • बांझपन
  • स्तन के आकार में कमी
  • मांसपेशियों में वृद्धि
  • सिर के बाल इस तरह झड़ना की सकैल्प में पैच नजर आए
  • आवाज़ का गहरा होना
  • अच्छे कोलेस्ट्रॉल की कमी
  • क्लिटोरिस (clitoris) की वृद्धि
  • मोटापा
  • सेक्स ड्राइव में कमी

इसके अलावा आमतौर पर रजोनिवृत्त महिलाओं में टेस्टोस्टेरोन की कमी होती है, लेकिन हाल ही में प्रीमेनोपॉज़ल महिलाओं की बढ़ती संख्या भी कम टेस्टोस्टेरोन से प्रभावित पाई गई है। ब्लड या सलाइवा टेस्ट यह पुष्टि कर सकता है कि आपका टेस्टोस्टेरोन सामान्य है या नहीं। कम टेस्टोस्टेरोन के लक्षण, लो थायराइड या अवसाद या उम्र बढ़ने के संकेत से मिलते-जुलते होते हैं।

टेस्टोस्टेरोन के कम स्तर के लक्षण निम्न हैं : - [3]

यदि आप ऊपर दिए गए किसी भी लक्षण का अनुभव करते हैं तो आपको डॉक्टर से मिलकर टेस्टोस्टेरोन स्तर की जांच करवानी चाहिए।

पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन के स्तर का परीक्षण कई स्थितियों के निदान के लिए किया जा सकता है, जिसमें शामिल हैं:

  • सेक्स ड्राइव में कमी
  • बांझपन
  • नपुंसकता
  • टेस्टीकल का ट्यूमर
  • लड़कों में जल्द या देर से यौवन
और पढ़ें:इंफर्टिलिटी में हिस्टेरोसाल्पिंगोग्राफ्री टेस्ट (एचसीजी) का महत्व
 

टेस्टोस्टेरोन के स्तर का परीक्षण कैसे किया जाता है और आपको इसके लिए कैसे तैयारी करनी चाहिए?

How is the testosterone level test done and how should you preparein hindi

testosterone level test kaise hota hai

टेस्टोस्टेरोन स्तर के परीक्षण के दौरान, आपके हेल्थ केयर प्रोवाइडर, एक छोटी सुई के साथ आपके हाथ के नस से ब्लड सैंपल लेंगे। आप प्रक्रिया के दौरान मामूली पिंच जैसा महसूस कर सकते हैं। ब्लड सैंपल के कलेक्शन में पांच मिनट से कम समय लगता है। रक्त के अलावा, लार से भी टेस्टोस्टेरोन के स्तर का भी पता लगाया जा सकता है। इस विधि में एक सुई या ब्लड सैंपल की आवश्यकता नहीं होती है। परीक्षण के इस तरीके के लिए होम-टेस्टिंग किट उपलब्ध हैं। बहुत कम डॉक्टर टेस्टोस्टेरोन परीक्षण के इस तरीके की सलाह देते हैं क्योंकि बहुत कम अध्ययन इसकी वैधता का समर्थन करते हैं।

टेस्टोस्टेरोन टेस्ट के लिए किसी विशेष तैयारी की आवश्यकता नहीं होती है। रक्त परीक्षण करवाना ज्यादातर जोखिम रहित होता है। जिस जगह पर आपको सुई लगी है, वहाँ आपको हल्का दर्द या सनसनी महसूस हो सकती है। सनसनी जल्द दूर हो जाती है।

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महिला और पुरुष में टेस्टोस्टेरोन का सामान्य स्तर

Normal Testosterone levels in female and male in hindi

Mahila aur purush mein testosterone ka samanye star

टेस्टोस्टेरोन का स्तर नैनोलोग्राम प्रति डेसीलीटर (एनजी / डीएल - ng/dL) में एक रक्त परीक्षण के साथ मापा जाता है। टेस्टोस्टेरोन की मात्रा पूरे जीवन में भिन्न हो सकती है। टेस्टोस्टेरोन के स्तर को सुबह के ब्लड सैंपल से मापा जाता है, क्योंकि टेस्टोस्टेरोन का स्तर पूरे दिन उतार-चढ़ाव में रहता है और सुबह में सबसे ज्यादा होता है। टेस्टोस्टेरोन का स्तर एक व्यक्ति की उम्र, लिंग और स्वास्थ्य स्थितियों पर निर्भर करता है। पुरुषों में आमतौर पर महिलाओं की तुलना में टेस्टोस्टेरोन का स्तर अधिक होता है।

पुरुषों और महिलाओं के लिए टेस्टोस्टेरोन के स्तर निम्न होते हैं : -

महिला में [4]

  • आयु 17 से 18 वर्ष: 20-75 एनजी / डीएल
  • आयु 19 वर्ष और उससे अधिक: 8-60 एनजी / डीएल

पुरुषों में

  • आयु 17 से 18 वर्ष: 300-1,200 एनजी / डीएल
  • आयु 19 वर्ष और उससे अधिक: 240-950 एनजी / डीएल

इस स्वस्थ सीमा के अंदर लोगों में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन के विभिन्न स्तर होते हैं। यदि आपके परिणाम सामान्य नहीं हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आपको कोई चिकित्सीय समस्या है जिसे उपचार की आवश्यकता है। शराब और कुछ दवाएं भी आपके परिणामों को प्रभावित कर सकती हैं। यदि आपको अपने टेस्ट रिजल्ट को लेकर कोई समस्या है, तो अपने डॉक्टर से बात करें।

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टेस्टोस्टेरोन टेस्ट के परिणाम को समझें

Understanding testosterone test resultsin hindi

testosterone test ke parinam ko samjhe

टेस्टोस्टेरोन लेवल टेस्ट का परिणाम, लिंग और उम्र के आधार पर अलग-अलग लोगों के लिए अलग-अलग मतलब रख सकता है। [5] टेस्टोस्टेरोन परीक्षण के परिणाम महिला से पुरुष में भिन्न होते हैं।

आइए समझने का प्रयास करें कि आपके टेस्ट रिजल्ट का क्या मतलब हो सकता है : -

महिलाओं के लिए :

महिलाओं में टेस्टोस्टेरोन का उच्च स्तर पॉलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम (polycystic ovarian syndrome) या पीसीओएस नामक स्थिति का संकेत हो सकता है। पीसीओएस एक हार्मोन विकार है, जो महिलाओं को गर्भधारण की उम्र में प्रभावित करता है। यह महिला बांझपन का एक प्रमुख कारण भी है।

उच्च टेस्टोस्टेरोन का स्तर, अधिवृक्क ग्रंथियों (adrenal glands) या अंडाशय के कैंसर का भी संकेत दे सकता है। टेस्टोस्टेरोन के उच्च स्तर के साथ महिलाओं के चेहरे के बाल बढ़ सकते हैं, आवाज़ गहरी हो सकती है, या स्तन के आकार में कमी हो सकती है। इससे महिलाओं को मुंहासे भी हो सकते हैं।

यदि शरीर में टेस्टोस्टेरोन का स्तर बहुत अधिक बढ़ जाता है, तो यह जन्मजात अधिवृक्क हाइपरप्लासिया (CAH - Congenital Adrenal hyperplasia) की स्थिति पैदा कर सकता है। सीएएच एक आनुवंशिक विकार है, जिसके परिणामस्वरूप, कोर्टिसोल का कम स्तर और पुरुष हार्मोन का उच्च स्तर हो सकता है, जिससे महिलाओं में पुरुष विशेषताओं का विकास होता है और लड़कों और लड़कियों दोनों में यौवन जल्द आ सकता है।

टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का कम स्तर सामान्य माना जाता है, लेकिन अगर हार्मोन का स्तर बहुत कम है, तो यह एडिसन रोग (addison disease) का संकेत है, जो पिट्यूटरी ग्रंथि (pitutary gland) विकार है। महिलाओं में टेस्टोस्टेरोन का कम स्तर यौन इच्छा और संतुष्टि में कमी, मूड स्विंग या उदासी, मांसपेशियों में कमजोरी का कारण भी हो सकता है।

पुरुषों के लिए :

पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का उच्च स्तर अधिवृक्क ग्रंथियों (adrenal glands) या अंडकोष (testicles) में ट्यूमर की ओर संकेत करता है। लड़कों (boys) में उच्च टेस्टोस्टेरोन का स्तर आमतौर पर अधिवृक्क ग्रंथियों या अंडकोष में कैंसर का संकेत होता है।

पुरुष में टेस्टोस्टेरोन के निम्न यानि कम स्तर का मतलब है कि कोई पुरानी या आनुवंशिक बीमारी है। इसका मतलब यह भी हो सकता है कि पिट्यूटरी ग्रंथि (pituitary gland) के साथ कोई समस्या है। कम टेस्टोस्टेरोन के स्तर के कारण, कम सेक्स ड्राइव, स्तंभन समस्या (erection problem), स्तन के ऊतकों का विकास (development of breast tissue), प्रजनन समस्याएं, बालों का झड़ना, कमजोर हड्डियां और मांसपेशियों की कमी होती है।

लड़कों में टेस्टोस्टेरोन का कम स्तर यह संकेत दे सकता है कि अंडकोष के साथ कुछ अन्य समस्या है, जैसे कि कोई चोट।

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प्रजनन क्षमता और टेस्टोस्टेरोन के बीच क्या संबंध है?

What is the connection between testosterone and fertility in hindi

Prajnan kshamta aur testosterone ke beech kya sambandh hai

टेस्टोस्टेरोन हार्मोन, पुरुषों और महिलाओं दोनों में अच्छे प्रजनन स्वास्थ्य को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पुरुषों की तुलना में महिलाओं को केवल थोड़ी मात्रा में टेस्टोस्टेरोन की आवश्यकता होती है। बहुत अधिक या बहुत कम टेस्टोस्टेरोन, महिलाओं की प्रजनन क्षमता में हस्तक्षेप कर सकता है यानि बाधा डाल सकता है। आइए महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य को बनाए रखने में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की भूमिका को समझते हैं।

टेस्टोस्टेरोन हार्मोन फॉलिकल्स के विकास को बढ़ावा देने में मदद करता है (संरचनाएं जो ओव्यूलेशन के दौरान अंडे को होल्ड और रिलीज करती हैं), लेकिन उच्च टेस्टोस्टेरोन का स्तर अंडे के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद नहीं हैं। जब टेस्टोस्टेरोन का स्तर बहुत अधिक होता है जैसे कि पीसीओएस वाली महिलाओं के मामले में, तो फॉलिकल्स और अंडे की गुणवत्ता में गिरावट आती है। टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का उच्च स्तर भी ओव्यूलेशन के साथ हस्तक्षेप करता है, जिससे अनियमित मासिक धर्म और गर्भाधान में समस्याएं होती हैं।

टेस्टोस्टेरोन कामेच्छा और सेक्स ड्राइव से भी संबंधित है, अप्रत्यक्ष रूप से महिलाओं की प्रजनन क्षमता को प्रभावित करता है। उच्च टेस्टोस्टेरोन का स्तर महिलाओं में एक संभावित प्रजनन समस्या का संकेत कर सकता है। [6] गर्भावस्था के दौरान एलिवेटेड मैटर्नल टेस्टोस्टेरोन (elevated maternal testosterone) का स्तर भ्रूण के विकास प्रतिबंध (restriction) से जुड़ा हुआ है।

पुरुषों में, शुक्राणु बनाने में टेस्टोस्टेरोन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। लो स्पर्म काउन्ट गर्भ धारण को कठिन बना देती है और इससे बांझपन भी हो सकता है।

सामान्य प्रजनन स्वास्थ्य के अलावा, टेस्टोस्टेरोन हार्मोन, आईवीएफ उपचार के दौरान भी मदद करता है। एक अध्ययन के अनुसार, इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) में कम ओवेरीयन प्रतिक्रिया वाली महिलाओं को टेस्टोस्टेरोन थेरेपी से लाभ हो सकता है। टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (TRT) इंजेक्शन, टेस्टोस्टेरोन हार्मोन पैच, टेस्टोस्टेरोन जैल के रूप में उपलब्ध है। एक अध्ययन से पता चलता है कि टेस्टोस्टेरोन जेल का आईवीएफ चक्रों पर खराब प्रतिक्रिया देने वाली महिलाओं के प्रजनन दर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।[7]

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महिलाओं में टेस्टोस्टेरोन का स्तर बैलेंस करने के प्राकृतिक तरीके

Natural ways to balance testosterone level in Womenin hindi

Mahilaon mein testosterone ka level balance karne ke prakritik tarike

नोट: यदि आप ओरल गर्भनिरोधक ले रही हैं, तो आपको पता होना चाहिए कि ये टेस्टोस्टेरोन और कुछ अन्य हार्मोन को प्रभावित करते हैं।

जीवनशैली में उचित बदलाव करना पुरुषों और महिलाओं दोनों में टेस्टोस्टेरोन के स्तर को प्रभावित कर सकता है। जीवनशैली में कुछ बदलाव करने से महिलाओं में उच्च टेस्टोस्टेरोन कम हो सकता है, जबकि अन्य बदलाव, टेस्टोस्टेरोन असंतुलन के लक्षणों को मैनेज करते हैं।

व्यायाम टेस्टोस्टेरोन के स्त्राव को बूस्ट करता है (Exercise! boosts testosterone secretion)

व्यायाम महिलाओं में टेस्टोस्टेरोन के उत्पादन को बढ़ाता है। अगर आपका मसल मास अधिक है तो टेस्टोस्टेरोन का उत्पादन भी अधिक होगा।

हालांकि, प्रजनन के लिए, आप बहुत अधिक टेस्टोस्टेरोन का स्तर नहीं चाह सकते हैं। इसके लिए अत्यधिक व्यायाम और बॉडी बिल्डिंग से बचने की सलाह दी जाती है। हाइकिंग, पैदल चलना, प्रजनन योग, या जिम में कम प्रभाव वाले उपकरण के साथ वर्कआउट करने की सलाह दी जाती है।

नोट: यदि आप में टेस्टोस्टेरोन का स्तर उच्च है, तो भी व्यायाम के फायदे, टेस्टोस्टेरोन के उच्च स्तर के दुष्प्रभावों पर भारी पड़ते हैं खासकर अगर आपको पीसीओएस है या आपको अपना बीएमआई को कम करने की आवश्यकता है।

तनाव को कम करने के लिए सक्रिय रूप से काम करें (Actively Work to Reduce Stress)

अधिक तनाव कोर्टिसोल हार्मोन (cortisol hormone) के उत्पादन को बढ़ाता है, जो पुरुषों और महिलाओं दोनों में टेस्टोस्टेरोन के उत्पादन को प्रभावित करता है। डेली स्ट्रेस मैनेजमेंट (daily stress management) प्राकृतिक प्रजनन क्षमता को प्रोत्साहित करने और महिलाओं में सभी प्रजनन हार्मोन को संतुलित करने में सहायक है।

कार्बोहाइड्रेड और चीनी के सेवन को कम करें (Cut back on refined carbohydrates and sugar)

रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और शुगर, इंसुलिन स्पाइक्स (insulin spikes) को ट्रिगर करते हैं और असंतुलित टेस्टोस्टेरोन का भी कारण बनते हैं। जो महिलाएं इंसुलिन प्रतिरोधी हैं, उनमें उच्च टेस्टोस्टेरोन का स्तर होता है। असंतुलित टेस्टोस्टेरोन और खाने में बहुत अधिक चीनी का सेवन का एक संकेत ठोड़ी क्षेत्र के आसपास मुँहासे के रूप में जाना जाता है।

टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम होने पर अधिक लो फैट डाइट लेने से बचें (Avoid an extremely low-fat diet if you have low testosterone)

खाने के लिए मामले में बहुत सारे प्रतिबंध (restrictions) और कम वसा वाला आहार का सेवन समग्र स्वास्थ्य और हार्मोन संतुलन के लिए अच्छा नहीं है। डाइट्री फैट और टेस्टोस्टेरोन के स्तर के बीच एक मजबूत संबंध है। इसलिए, आपको अपने टेस्टोस्टेरोन के स्तर को संतुलित रखने के लिए अपने आहार में कद्दू के बीज, एवोकैडो, जैतून का तेल, नारियल तेल और ऑर्गैनिक मीट को शामिल करना चाहिए। आपको अपने आहार में उच्च प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थों को लेने से बचना चाहिए क्योंकि ये टेस्टोस्टेरोन कम करते हैं।

जिंक का सेवन करें (Include zinc-rich food in your diet)

महिलाओं में, अंडे के विकास, उचित हार्मोन रेगुलेशन और फॉलिक्यूलर फ्लूइड के उत्पादन के लिए जिंक आवश्यक है। जिंक के कम स्तर से गर्भपात का खतरा बढ़ जाता है। आपको ऐसे खाद्य पदार्थों को शामिल करना चाहिए जो जिंक से समृद्ध हों जैसे ऑर्गेनिक चिकन, अंडे, पालक, वाइल्ड सी फूड, स्पाइरुलिना (spirulina), फलियां, कद्दू के बीज, और नट्स आदि!

  • टेस्टोस्टेरोन को संतुलित करने के लिए जड़ी बूटियों का उपयोग करें (Use herbs to help balance testosterone)

स्पीयरमिंट (Spearmint)

शोध में पाया गया है कि स्पीयरमिंट की चाय पीने से डीएचईए (DHEA) या कुल टेस्टोस्टेरोन को प्रभावित किए बिना, फ्री टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम हो सकता है। यह पीसीओएस के साथ महिलाओं में एण्ड्रोजन हार्मोन (androgen hormones) को कम करने में भी मदद करता है।

सॉ पाल्मेटो (Saw palmetto)

सॉ पाल्मेटो 5-अल्फा रिडक्टेस (5-alpha reductase) पर अंकुश लगाकर अतिरिक्त टेस्टोस्टेरोन को रेगुलेट करने में मदद करता है। 5-अल्फा रिडक्टेस एक एंजाइम है जो बालों के झड़ने और चेहरे के बालों के विकास से जुड़ा होता है।

जिनसेंग (Ginseng)

भले ही इस बात का कोई सबूत नहीं है कि जिनसेंग महिलाओं में टेस्टोस्टेरोन बढ़ा सकता है, लेकिन यह एंटी-स्ट्रेस सपोर्ट के लिए एक बढ़िया विकल्प है। यह कामेच्छा को भी बढ़ावा देता है और थकान से लड़ता है।

मैका (Maca)

मैका टेस्टोस्टेरोन, प्रोजेस्टेरोन और एस्ट्रोजन के उत्पादन का समर्थन करता है, भले ही इसमें खुद हार्मोन मौजूद नहीं होते हैं। इसमें कामोद्दीपक (aphrodisiac) गुण भी होते हैं और पेल्विक क्षेत्र में सर्कुलेशन में मदद करते हैं।

उच्च स्तर के लिए जड़ी-बूटी (Herbs for High levels)

यदि आप पाते हैं कि आपके टेस्टोस्टेरोन का स्तर उच्च है, तो निम्नलिखित खाद्य पदार्थ और जड़ी बूटियाँ इसे कम करने में सहायक होती हैं :

  • सन का बीज (Flaxseed)
  • ग्रीन टी (Green tea)
  • वनस्पति तेल (Vegetable oil)
  • चैस्ट ट्री (Chaste tree/ berry)
  • सोया (Soy)
  • मुलैठी की जड़ (Licorice root)
  • ब्लैक कोहोश (Black cohosh)
  • रेईशी (Reishi)
  • नट्स (Nuts)
  • व्हाइट पीओनी (White peony)

अपने आहार में इनमें से किसी भी खाद्य पदार्थ को शामिल करने से पहले, अपने हेल्थ केयर प्रोवाइडर के साथ परामर्श करें कि ये खाद्य पदार्थ किसी अन्य दवाओं के साथ या उपचार के दौरान लिए जाये, तो यह किस तरह उपचार या अन्य दवाओं के असर को प्रभावित कर सकते हैं।

मेनोपौजल महिलाओं में टेस्टोस्टेरोन थेरेपी का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है। टेस्टोस्टेरोन थेरेपी उपयुक्त है अगर महिलाओं को सर्जिकल रूप से प्रेरित रजोनिवृत्ति के बाद सेक्स ड्राइव, अवसाद और थकान जैसे लक्षण दिखाई देते हैं और जब एस्ट्रोजन थेरेपी ने आपको लक्षणों से राहत नहीं दिलाई है। [8]

और पढ़ें:प्रोजेस्टेरोन टेस्ट और महिला के प्रजनन क्षमता में इसका महत्व
 

निष्कर्ष

Conclusionin hindi

Nishkarsh

हार्मोन ट्रिकी केमिकल के रूप में जाने जाते हैं। छोटी मात्रा में उतार-चढ़ाव होने से बड़े पैमाने पर प्रतिक्रियाएँ हो सकती हैं, बुरे और अच्छे दोनों! हार्मोन पैनल (hormone panel) लेने के बारे में विचार करें और संकेतों पर नज़र रखें कि स्तर कम कब होता है। संतुलित टेस्टोस्टेरोन के स्तर को प्रोत्साहित करने के लिए प्राकृतिक चिकित्सा एक बेहतरीन विकल्प है। जीवनशैली में बदलाव और लॉन्ग टर्म के लिए स्वस्थ आहार योजनाएं हार्मोन के असंतुलन के समाधान के लिए सबसे बेहतर विकल्प हैं।

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references

संदर्भ की सूचीछिपाएँ

1 .

Vineet Tyagi, Michael Scordo, et al. “Revisiting the role of testosterone: Are we missing something?”. Rev Urol. 2017; 19(1): 16–24, PMID: 28522926.

2 .

Sheryl Kraft and Barb DePree. “Signs of High Testosterone in Women”. healthywomen.org, 19 Jun 2017.

3 .

gurumd.net. “Low Testosterone in Women”. gurumd.net, 5 Aug 2020.

4 .

mayocliniclabs.com. “Test ID: TTFB-Testosterone, Total, Bioavailable, and Free, Serum”. mayocliniclabs.com, 5 Aug 2020.

5 .

medlineplus.gov. “Testosterone Levels Test”. medlineplus.gov, 31 July 2020.

6 .

Olooto WE, Amballi AA, Banjo TA. “A Review of Female Infertility: Important Etiological Factors and Management”. J Microbiol Biotech Res. 2012;2(3):379-385.

7 .

Saharkhiz N, Zademodares S, et al. “The effect of testosterone gel on fertility outcomes in women with a poor response in in vitro fertilization cycles: A pilot randomized clinical trial”. J Res Med Sci. 2018;23:3. Published 2018 Jan 29, PMID: 29456560.

8 .

Rakibul M. Islam, Robin J. Bell, et al. “Effects of testosterone therapy for women: a systematic review and meta-analysis protocol”. Published online 2019 Jan 11, PMID: 30635029.

आर्टिकल की आख़िरी अपडेट तिथि: : 28 Sep 2020

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