पेट दर्द के कारण, लक्षण और घरेलू उपाय

Stomach pain symptoms, home remedies in hindi

Pet dard ke karan, symptoms aur home remedies in hindi


एक नज़र

  • पाचन समस्याओं को पेट दर्द का सबसे आम कारण माना जाता है।
  • ज्यादातर पेट दर्द के मामले बिना चिकित्सा के खुद-ब-खुद सुलझते हैं।
  • अचानक या तीव्र दर्द के लिए तत्काल चिकित्सा की आवश्यकता होती है।
  • ओवर-द-काउंटर दवा हल्के पेट दर्द के लक्षणों को कम कर सकती है।
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Introduction

Introduction

प्रदूषण, गलत खान-पान और खाना स्किप करने के कारण कई लोगों के पेट में दर्द होता है। आज के दिनों में पेट दर्द एक आम समस्या बन चुकी है।

पेट दर्द छाती और श्रोणि क्षेत्रों (pelvic region) के बीच होता है। हालाँकि, गलत खान-पान के अलावा पेट दर्द के कारण अन्य भी हो सकते हैं।

पेट में अंगों को प्रभावित करने वाली सूजन या बीमारियां पेट दर्द का कारण बन सकती हैं।

पेट और आंतों को प्रभावित करने वाले वायरल, बैक्टीरियल या अन्य संक्रमण भी पेट दर्द का कारण हो सकते हैं।

आइये इस लेख के माध्यम से जानते हैं कि पेट दर्द के विभिन्न कारण क्या हो सकते हैं और क्या हो सकते हैं पेट दर्द के इलाज के विकल्प और घरेलु उपचार!

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इस लेख़ में

 

पेट दर्द के कारण क्या हैं?

Causes of stomach pain in hindi

Pet dard ke kaaran in hindiपेट दर्द कई स्थितियों के कारण हो सकता है। हालांकि, मुख्य कारण संक्रमण, असामान्य वृद्धि, सूजन, और आंतों के विकार हैं।

गले, आंतों या रक्त के संक्रमण से बैक्टीरिया आपके पाचन तंत्र में प्रवेश कर सकते हैं, जिसके परिणामस्वरूप पेट में दर्द होता है।

इन संक्रमणों से दस्त या कब्ज भी हो सकती है।

मासिक धर्म से जुड़े ऐंठन भी निचले पेट दर्द का एक संभावित स्रोत है, लेकिन अधिक सामान्यतः ये श्रोणि दर्द (pelvic pain) का कारण होते हैं।

पेट दर्द के अन्य सामान्य कारण निम्नलिखित हो सकते हैं:

  • कब्ज
  • दस्त
  • आंत्रशोथ (पेट फ्लू)
  • एसिड भाटा (acid reflux - ऐसी स्थिति जिसमें आपको निचली छाती क्षेत्रो में जलन और दर्द महसूस होता है, सामान्य भाषा में सीने में जलन)
  • उल्टी
  • तनाव

पाचन तंत्र को प्रभावित करने वाले निम्न रोग भी पेट में दर्द का कारण बन सकते हैं : -

  • गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स रोग या गर्ड (gastroesophageal reflux disease-GERD)

पेट में मौजूद एसिड या तत्व की भोजन नली (esophagus) में वापस आ जाने की स्थिति, जिससे पेट में जलन या दर्द हो सकता है।

  • इर्रिटेबल बावेल सिंड्रोम या स्पास्टिक कोलन (Irritable bowel syndrome or spastic colon)

यह एक ऐसा विकार है जो पेट में दर्द, ऐंठन और बावेल मूवमेंट (bowel movement) में परिवर्तन का कारण बनता है।

  • क्रोहन रोग (Crohn’s disease)

यह एक प्रकार की आंतों की सूजन है।

  • लैक्टोज असहिष्णुता (Lactose intolerance)

लैक्टोज (दूध और दूध उत्पादों में पाई जाने वाली चीनी) को पचाने में असमर्थता।

गंभीर पेट दर्द के कारण निम्लिखित हो सकते हैं : -

  • अंगों का फटना (organ rupture) जैसे एपेंडिक्स का फटना या एपेंडिसाइटिस (appendicitis)
  • पित्ताशय की पथरी (gallbladder stones)
  • पथरी (kidney stones)
  • गुर्दे में संक्रमण (kidney infection)
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पेट दर्द के प्रकार क्या हैं?

Types of stomach pain in hindi

Pet dard ke prakar in hindi

पेट दर्द के तीन प्रकार होते हैं : -

  • पेट दर्द स्थानीयकृत (Localized)

स्थानीयकृत दर्द पेट के एक क्षेत्र तक सीमित रहता है।

इस प्रकार का दर्द अक्सर किसी विशेष अंग में समस्याओं के कारण होता है।

स्थानीयकृत दर्द का सबसे आम कारण पेट का अल्सर है (पेट के अंदरूनी परत पर खुले घाव)।

  • ऐंठन जैसा (Cramp-like)

ऐंठन जैसा दर्द दस्त, कब्ज, सूजन या पेट फूलना की वजह से हो सकता है।

महिलाओं में, यह मासिक धर्म, गर्भपात, या महिला प्रजनन अंगों में जटिलताओं से जुड़ा हो सकता है।

यह दर्द आता है और चला जाता है, और बिना उपचार के भी ठीक हो सकता है।

  • कोलिकी (Colicky)

कोलिकी दर्द अधिक गंभीर स्थितियों का लक्षण है, जैसे कि पित्ताशय की पथरी या गुर्दे की पथरी।

यह दर्द अचानक होता है और मांसपेशियों में गंभीर ऐंठन जैसा महसूस हो सकता है।

और पढ़ें:अनिद्रा (नींद न आना) घरेलू और आयुर्वेदिक उपाय
 

पेट दर्द के लक्षण

Stomach pain symptoms in hindi

Pet dard ke lakshan in hindiतीव्र (अचानक और गंभीर) या पुराने पेट दर्द को चिकित्सा और उपचार की आवश्यकता होती है।

पेट दर्द के के गंभीर लक्षण (जिसमें चिकित्सा ज़रूरी हो जाती है) में शामिल हैं : -

  • वजन घटना
  • थकावट
  • बावेल मूवमेंट में परिवर्तन या गड़बड़ी, जैसे कि पुरानी कब्ज या दस्त, जो कुछ घंटों या दिनों में हल नहीं होते हैं
  • मल में रक्त
  • असामान्य योनि स्राव
  • पुराना दर्द जो निर्धारित दवाओं को लेने के बाद या ओवर-द-काउंटर दवाओं के बाद जारी रहती है
  • मूत्र पथ के संक्रमण के संकेत

आपातकालीन देखभाल की जरूरत वाले लक्षणों में शामिल हैं : -

  • अचानक, गंभीर दर्द, खासकर अगर 102 ° F से अधिक बुखार के साथ
    गंभीर दर्द जो बहुत केंद्रित है
  • खूनी या काला मल जो चिपचिपा हो सकता है
  • बेकाबू उल्टी, खासकर अगर उल्टी में खून भी शामिल हो
  • ऐसा पेट दर्द जो स्पर्श के प्रति संवेदनशील है
  • पेशाब करने में असमर्थ होना
  • बेहोशी
  • ऐसा पेट दर्द जो अचानक से गंभीर हो जाता है
  • छाती में दर्द, विशेष रूप से पसलियों के आसपास
  • पेट का गंभीर दर्द जो एलईटी जाने पर कम हो जाता है

ऊपर दिये गए लक्षणों का यदि आप अनुभव करती हैं, तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएँ।

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पेट दर्द से बचाव कैसे हो सकता है?

Prevention of stomach pain in hindi

Pet dard se bachav in hindiपेट दर्द के सभी प्रकार रोके नहीं जा सकते। हालांकि, आप निम्नलिखित करके पेट दर्द के जोखिम को कम कर सकती हैं।

पेट दर्द से बचाव के उपाय निम्न हैं : -

  • स्वस्थ आहार खाएं
  • बार-बार पानी पिएं
  • नियमित रूप से व्यायाम करें
  • एक बार में थोड़ा खाना (कम खाना) खाएं

यदि आपको आंत संबंधी विकार है, जैसे कि क्रोहन रोग, तो अपने चिकित्सक द्वारा आपको असुविधा को कम करने के लिए दिए गए आहार का पालन करें।

यदि आपको गर्ड (GERD) है, तो भोजन के दो घंटे बाद सोएँ।

खाने के तुरंत बाद नीचे लेटने से भी सीने में जलन और पेट में दर्द हो सकता है।

खाना खाने के बाद कम से कम दो घंटे इंतजार करें।

और पढ़ें:एसिडिटी या पेट में जलन के लक्षण, कारण, इलाज और डाइट टिप्स
 

पेट दर्द का इलाज कैसे किया जा जाता है?

Stomach pain treatment in hindi

Pet dard ka ilaj in hindi

कई ऐसे खाद्य पदार्थ और प्राकृतिक उपचार हैं जो पेट दर्द में राहत दे सकते हैं।

साथ ही कई ऐसी ओवर-द-काउंटर (ओटीसी) दवाएं भी हैं जो पेट दर्द में आपको आराम दे सकती हैं।

किसी भी घरेलू उपचार या दवा का उपयोग करने से पहले अपने चिकित्सक से ज़रूर सलाह लें।

पेट दर्द के घरेलू उपायों और ओवर-द-काउंटर (ओटीसी) दवाओं में शामिल हैं : -

  • खाना कम खाएं
  • थोड़ा-सा बेकिंग सोडा लें
  • नींबू या नींबू के रस का प्रयोग करें
  • लक्षण से राहत के लिए एक या एक दिन तक केवल केला, चावल, सेब और टोस्ट खाएं
  • धूम्रपान न करें या शराब न पियें
  • कुछ स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर अदरक लेने,  पुदीने का सेवन करने या कैमोमाइल चाय पीने की भी सलाह देते हैं।
और पढ़ें:खुजली के लक्षण, कारण और उपाय
 

पेट दर्द की दवा क्या है?

Medicines for stomach ache in hindi

Pet dard ki dawa in hindi

पेट दर्द में राहत पहुंचाने वाली दवाओं में शामिल हैं : -

  • बिस्मथ सबसालिसिलेट -पेप्टो-बिस्मोल (bismuth subsalicylate - Pepto-Bismol)
  • लोपरामाइड – इमोडियम (loperamide - Imodium)
  • रैनिटिडिन - ज़ांटैक (ranitidine Zantac) और
  • अन्य ओवर-द-काउंटर दवाएं

इनमें से कुछ लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं, लेकिन यदि लक्षण बने रहते हैं, तो चिकित्सीय सहायता की तलाश करें।

एस्पिरिन या एन.एस.ए.आई.डी (NSAIDs) लेने से तब तक बचना चाहिए, जब तक कि दर्द के कारण का निदान न हो जाए क्योंकि ये दवाएँ कुछ कारणों को बदतर बना सकती हैं।

उदाहरण के लिए, पेप्टिक अल्सर, आंतों से रक्तस्राव आदि।

इसलिए हम हमेशा यही सलाह देते हैं कि कोई भी दवा लेने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर बात करें।

और पढ़ें:गले में दर्द के कारण और इलाज
 

पेट दर्द में क्या खाना चाहिए?

What to eat during stomach pain in hindi

Pet dard me kya khana chahiye in hindi

निम्न खाद्य पदार्थों के सेवन से पेट दर्द में राहत मिलती है : -

1. केले

केले, आपके जीआई ट्रैक्ट (GI tract) को जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स (electrolytes) प्रदान कर उसे दुरुस्त करने में मदद करते हैं।

इनमें मौजूद पोटेशियम दस्त और उल्टी होने पर आपके पेट को राहत देते हैं।

2. स्टार्चयुक्त सफ़ेद चावल

सफेद चावल बहुत आसानी से पचने वाले होते हैं।

ये पेट के अस्तर को कोट करने में भी मदद करते हैं और पेट के टॉक्सिन सोखने में भी सहायक हैं।

3. आलू

आलू भी पोटेशियम की कमी दूर करने में मदद करता है और पेट को शांत करता है।

4. नारियल पानी

नारियल पानी इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर होता है और पेट दर्द से राहत में काम करता है।

नारियल पानी पोटेशियम का भी अच्छा स्रोत है और यह सुनिश्चित करने में सहायता करेगा कि आप डिहायड्रेशन का शिकार न हों।

5. पपीता

पपीते में पैपैन (papain) नामक एक एंजाइम होता है, जो पाचन में साहयक होता है।

पपीता न सिर्फ एक स्वस्थ अम्लीय वातावरण (healthy acidic environment) को बढ़ावा देता है, बल्कि कब्ज को भी ठीक करता है।

और पढ़ें:डायरिया के कारण, लक्षण और घरेलू उपाय
 

पेट दर्द में क्या खाने से बचें?

What to avoid during stomach pain in hindi

Pet dard me kya khana avoid karen in hindi

कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जो पेट दर्द की समस्या को गंभीर बना सकते हैं।

यदि आपको पेट में किसी भी प्रकार की तकलीफ़ है तो इनसे बचें:

1. दूध और दूध उत्पाद

दूध और दूध उत्पादों में पाया जाने वाला लैक्टोज पचाने में मुश्किल हो सकता है।

यदि यह ठीक से पचता नहीं है, तो गैस और सूजन पैदा कर पाचन में कठिनाइयाँ पैदा करता है।

2. अम्लीय खाद्य पदार्थों (acidic foods) से बचें

संतरे का रस, अनानस, टमाटर आदि अम्लीय खाद्य पदार्थों के सेवन से पेट की समस्याएँ बदतर हो सकती हैं, खासकर तब जब आप गैस्ट्रेटिस या अल्सर से ग्रस्त हों।

3. चिकनाई युक्त खाना

पेट दर्द में अत्यधिक तेल या घी युक्त खाना खाने ये तली हुई चीजें खाने से बचें क्योंकि इसको पचाना मुश्किल होता है।

4. चाय/कॉफी

कैफेन के सेवन से गैस, जलन आदि की समस्या बढ़ सकती है और आपके पेट दर्द को और बदतर बना सकती है।

5. कच्चे फल और सब्जियां

कई कच्चे फल और सब्जियां इन्सैल्युबल फाइबर (insoluble fiber) में भरपूर होते हैं और इन्हें पचाने के लिए आपके पाचन तंत्र को कड़ी मेहनत करनी पड़ती है।

इसलिए पेट दर्द के दौरान इनका सेवन न करना ही बेहतर है।

और पढ़ें:थाइराइड क्या है - थायराइड के लक्षण, कारण, इलाज और घरेलू उपचार
 

निष्कर्ष

Conclusionin hindi

Nishkarsh

पेट दर्द एक बहुत ही आम और सामान्य तकलीफ़ है जिससे हर किसी को कभी न कभी ज़रुर गुजरना पड़ता है।

पेट दर्द अधिकांश सामान्य कारणों से ही होता है और आपके डॉक्टर आसानी से इसका निदान और उपचार कर सकते हैं।

कभी-कभी, हालांकि, यह एक गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है।

यदि सामान्य घरेलू उपचारों से आपको पेट दर्द में राहत न मिले तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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आर्टिकल की आख़िरी अपडेट तिथि: : 06 Apr 2020

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