साइनस के लक्षण, कारण, घरेलू इलाज और दवा

Sinusitis symptoms and treatment at home in hindi

Sinusitis in hindi


Introduction

Introduction

आज के इस आधुनिक युग में हमारी अनियंत्रित जीवनशैली के कारण हमारी शारीरिक स्थिति बहुत नकारात्मक रूप प्रभावित होती है और कई तरह की बीमारियों का रूप ले लेती हैं।

ऐसी है एक समस्या है साइनस, जिसे मेडिकल भाषा में साइनोसाइटिस (sinusitis) कहा जाता है।

इस रोग का संबंध नाक से जुड़ा होता है, जिसमें शुरुआत में जुकाम, सांस लेने में परेशानी और चेहरे में दर्द होता है और समय के साथ गंभीर रूप ले लेता है।

ये एक फंगल या बैक्टीरियल इन्फेक्शन की तरह समय के साथ बढ़ने लगता है।

साइनस आपके माथे, नाक, चीकबोन्स और आंखों के बीच में स्थित छोटे एयर पॉकेट हैं। साइनस बलगम का उत्पादन करते हैं, जो एक पतला और बहता हुआ तरल होता है, जो कीटाणुओं को फँसा कर और दूर करके शरीर की रक्षा करता है।

कभी-कभी, बैक्टीरिया या एलर्जी के कारण बहुत अधिक बलगम बन सकता है, जो आपके साइनस के मुख को ब्लॉक कर देता और सूजन का कारण बन जाता है।

हालांकि असहज और दर्दनाक, साइनसाइटिस अक्सर अपने आप ठीक हो जाता है। हालांकि, अगर लक्षण 7 से 10 दिनों से अधिक समय तक रहते हैं, या बुख़ार या खराब सिरदर्द होता है, तो आपको अपने डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

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इस लेख़ में

 

साइनस के प्रकार क्या हैं?

Types of sinusitis in hindi

Sinusitis ke prakar

साइनसाइटिस में हमेशा नाक की सूजन और बलगम का निर्माण होता है, लेकिन विभिन्न प्रकार के होते हैं, और वे प्रकार के आधार पर आपको लम्बे या कम अवधि के लिए परेशान कर सकते हैं।

विभिन्न प्रकार के साइनसाइटिस हैं : -

1. एक्यूट साइनोसाइटिस (Acute sinusitis)

एक्यूट साइनोसाइटिस सबसे कम समय तक रहता है।

ये आमतौर पर ठंड जैसे लक्षणों के साथ शुरू होता है जैसे नाल बहना, भरी हुई नाक और चेहरे का दर्द और इसके लक्षण आपको एक से दो हफ्ते तक परेशान कर सकते हैं।

एक जीवाणु संक्रमण के मामले में, एक्यूट साइनोसाइटिस 4 सप्ताह तक रह सकता है।

मौसमी एलर्जी भी एक्यूट साइनोसाइटिस का कारण बन सकती है।

2. सबएक्यूट साइनोसाइटिस (Subacute sinusitis)

सबएक्यूट साइनोसाइटिस के लक्षण 3 महीने तक रह सकते हैं।

यह स्थिति आमतौर पर बैक्टीरियल इन्फेक्शन या मौसमी एलर्जी के कारण होती है।

3. क्रोनिक साइनोसाइटिस (Chronic sinusitis)

क्रोनिक साइनसिसिस के लक्षण आपको 3 महीने से अधिक समय तक दिख सकते हैं। ये स्थिति अक्सर कम गंभीर होती है।
बैक्टीरियल इन्फेक्शन के कारण क्रोनिक साइनसिसिस होता है।

इसके अतिरिक्त, क्रोनिक साइनसिसिस आमतौर पर लगातार एलर्जी या नाक की समस्याओं से संबंधित होती है।

4. रीकरंट साइनोसाइटिस (Recurrent sinusitis)

इस तरह का साइनोसाइटिस साल में कई बार हो सकता है। जब किसी व्यक्ति पर बार- बार इन्फेक्शन का प्रभाव पड़ता है तो उसे रीकरंट साइनोसाइटिस होने की संभावना होती है।

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साइनस के लक्षण क्या हैं?

Sinusitis symptoms in hindi

Sinus ke lakshan

साइनसिसिस के लक्षण एक सामान्य सर्दी के समान तो होते हैं लेकिन उन्हें आम सर्दी जुकाम समझने की भूल नहीं करनी चाहिए।

ऐसे में हम आपको साइनसिसिस के कुछ विशेष लक्षणों से रूबरू करने की कोशिश करने जा रहे हैं ताकि समय रहते इस बीमारी को समझ सके।

वयस्कों में साइनसिसिस के निम्नलिखित लक्षण दिख सकते हैं:

  • सूघने की क्षमता में कमी आना
  • बुखार
  • भरी या बहती हुई नाक
  • साइनस के दबाव से सिरदर्द
  • थकान
  • खांसी

हालांकि माता-पिता के लिए अपने बच्चों में साइनस इन्फेक्शन का पता लगाना मुश्किल हो सकता है लेकिन कुछ लक्षणों से आप इसे पहचान सकते हैं।

  • ठंड या एलर्जी के लक्षण, जिनमें दो हफ़्तों से किसी तरह क सुधार न दिख रहा हो
  • 102 ° F या उससे अधिक बुखार होना
  • नाक से गाढ़ा बलगम निकलना
  • खांसी, जो 10 दिनों से अधिक समय तक रहती है

एक्यूट, सबएक्यूट और क्रोनिक साइनस संक्रमण के लक्षण समान होते हैं।

हालाँकि, आपके लक्षणों की गंभीरता और अवधि अलग-अलग होगी।

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साइनस के कारण क्या हैं?

Sinusitis causes in hindi

Sinus ke karan

ऐसे कई कारण हो सकते हैं, जिनसे साइनसाइटिस हो सकता है लेकिन अधिकतर मामलों में ये नाक में तरल पदार्थ के फंसने के कारण ये समस्या होती है।

जिस वजह से बैक्टीरिया में वृद्धि होने लगती है।

  • वायरस (Virus)

वयस्कों में, साइनसाइटिस के 90 प्रतिशत मामलों के लिए वायरस ज़िम्मेदार होते हैं।

  • बैक्टीरिया (Bacteria)

बैक्टीरिया के कारण हर 10 में से 1 व्यस्क साइनसाइटिस से प्रभावित होता है।

  • प्रदूषक (Pollutants)

हवा में मौजूद केमिकल्स या प्रदूषण या फिर धूल-मिट्टी की वजह से म्यूकस का निर्माण हो सकता है और साइनसाइटिस हो जाता है।

  • फंगी (Fungi)

हवा में फंगी होने से साइनस में एलर्जी की समस्या हो सकती है या फिर हवा में मौजूद फंगस नाक में चले जाने से साइनसाइटिस हो सकता है।

  • कुछ अन्य कारण (Other reasons)

कुछ परिस्थितियों में ट्यूमर होने के कारण या फिर नाक की हड्डी में वृद्धि होने से या नाक की हड्डी टेढ़ी होने के कारण भी ये समस्या हो सकती है।

कुछ मामलों में इसका संबंध जेनेटिक भी हो सकता है।

निम्नलिखित व्यक्ति में साइनसाइटिस विकसित होने का खतरा बढ़ सकता है :

  • पहले अगर आपको रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन हुआ हो, जैसे की सामान्य ज़ुकाम
  • जिनकी किसी बीमारी के कारण या फिर बीमारी के उपचार के कारण इम्युनिटी कमज़ोर हो गयी हो
  • नाक की हड्डी में वृद्धि होना
  • नाक की बनावट में किसी तरह का समस्या होना
  • एलर्जी से जुड़ा इतिहास होना
  • दांत से जुड़ा संक्रमण
  • जिन्हें अस्थमा की समस्या हो क्योंकि अस्थमा और क्रोनिक साइनसाइटिस में संबंध होता है
  • जिन्हें धूल-मिट्टी या फिर जानवरों के बाल से एलर्जी हो
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साइनस का परीक्षण

Diagnosis of sinusitis in hindi

Sinusitis ka parikshan

एक साइनस संक्रमण का निदान करने के लिए, आपके डॉक्टर आपके लक्षणों के बारे में पूछेंगे और एक शारीरिक परीक्षा करेंगे।

वे आपके आपके सिर और गाल पर उंगली दबाकर दबाव और कोमलता की जांच कर सकते हैं।

वे सूजन के लक्षण देखने के लिए आपकी नाक के अंदर की जांच भी कर सकते हैं।

अधिकतर मामलों में, डॉक्टर आपके लक्षणों और एक शारीरिक परीक्षा के परिणामों के आधार पर एक साइनस संक्रमण का पता लगा सकते हैं।

हालांकि, क्रोनिक इन्फेक्शन होने पर डॉक्टर आपके नाक के रास्ते की और साइनस की जांच करने के लिए इमेजिंग परीक्षणों (imaging tests) की सिफारिश कर सकते हैं।

ये परीक्षण म्यूकस ब्लॉकेज और किसी भी असामान्य संरचनाओं का पता लगाने में मदद कर सकती है जैसे कि पॉलीप्स (polyps)।

एक सीटी स्कैन (CT scan) की मदद से आपके साइनस की 3-डी तस्वीर (3-D picture) मिल सकती है।

एक एमआरआई (MRI) नाक के अंदर की बनावट की छवियों को निकालने के लिए एक शक्तिशाली मैग्नेट का उपयोग करता है।

आपका डॉक्टर एक फाइबरऑप्टिक स्कोप का भी उपयोग कर सकते हैं, जो एक रोशनी वाली ट्यूब होती है, जो आपकी नाक से होकर गुज़रती है।

इसका उपयोग सीधे आपके नाक मार्ग और साइनस के अंदर की छवि को देखने के लिए किया जाता है।

इसके अलावा एक एलर्जी टेस्ट किया जाता है जिससे एलर्जी किस चीज़ से हुई उसका पता लगाया जाता है।

एक रक्त परीक्षण उन रोगों की जांच कर सकता है, जो प्रतिरक्षा प्रणाली (immune system) को कमज़ोर करते हैं, जैसे एचआईवी(HIV)।

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साइनस का इलाज क्या है?

Sinusitis treatments in hindi

Sinus ka ilaj

साइनसाइटिस का उपचार लक्षणों के कारण, गंभीरता और अवधि पर निर्भर करता है।

1. एक्यूट साइनसाइटिस

एक्यूट साइनसाइटिस की समस्या से ग्रसित 70% लोग बिना किसी प्रेस्क्राइब दवा के ठीक हो जाते हैं। अगर बैक्टीरियल इन्फेक्शन आपके साइनसाइटिस का कारण है, तो एंटीबायोटिक की मदद से एक्यूट साइनसिसिस के पीरियड को कम किया जा सकता है और लक्षणों की गंभीरता को भी कम करने में मदद मिल सकती है।

उपचार के अन्य विकल्पों में शामिल हैं:

  • डीकंजेस्टेंट्स (Decongestants) या नाक के लिए इस्तेमाल किये जाने वाले स्प्रे से आपको साइनसाइटिस के लक्षणों से राहत मिल सकती हैं और नाक में जमे इन्फेक्शन को बाहर निकालने में मदद सकती है।
  • साइनस खारा नुस्खा (saline recipe) का उपयोग करके बहुत से लोग राहत पाते हैं।
  • भरपूर आराम करें, और दिन में कई गिलास पानी पीकर अपने शरीर को हाइड्रेट रखें।
  • एस्पिरिन, एसिटामिनोफेन (टाइलेनॉल, अन्य) या इबुप्रोफेन (एडविल, मोट्रिन, अन्य) जैसे ओवर-द-काउंटर दर्द निवारक फायदेमंद हो सकते हैं।
    18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को एस्पिरिन न दें।

2. क्रोनिक साइनसाइटिस

क्रोनिक साइनसाइटिस आमतौर पर एक बैक्टीरियल इन्फेक्शन के कारण नहीं होता है, इसलिए इस स्थिति में एंटीबायोटिक दवाओं का सहारा लेना सही नहीं होता है।

ऐसे में आपको इन गतिविधियों और स्थानों से बचने की कोशिश करनी चाहिए, जो आपके लक्षणों को बढ़ा सकते हैं, खासकर अगर आपके लक्षण एक एलर्जी से संबंधित हैं।

3. रेकरेंट साइनसाइटिस

इंट्रानासल कॉर्टिकोस्टेरॉइड स्प्रे (Intranasal corticosteroid sprays) रेकरेंट साइनसाइटिस के लिए उपयुक्त हो सकता है, लेकिन डॉक्टर की सलाह पर ही। अगर फंगी के कारण साइनसाइटिस की समस्या है तो आपके डॉक्टर एक एंटिफंगल दवा लिख ​​सकते हैं।

अगर किसी एलर्जी / इम्यूनोलॉजिस्ट ने एलर्जी का निदान किया है, तो इन एलर्जी का इलाज ट्रिगर्स से बचने या दवाओं या एलर्जी शॉट्स के साथ करने से साइनसाइटिस को फिर से होने में रोकने में मदद मिल सकती है।
यह उपचार रणनीति सर्जरी की आवश्यकता को रोक सकती है या सर्जरी के बाद बीमारी को फिर से होने से रोक सकती है।

4. सर्जरी

नाक की संरचना से जुड़े मामलों में, जैसे कि विचलित सेप्टम (deviated septum) जैसी स्थिति में सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है। पॉलीप्स (polyps) होने पर सर्जरी की सलाह दी जा सकती है, या अगर साइनसिसिस उपयुक्त उपचारों की मदद के बावजूद सफल नहीं होता है।

फंक्शनल एंडोस्कोपिक साइनस सर्जरी (Functional endoscopic sinus surgery) उपचार के लिए उपयोग की जाने वाली मुख्य प्रक्रिया है, लेकिन अन्य सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है क्योंकि नाक के अन्य हिस्से अक्सर प्रभावित होते हैं।

अगर एक विचलित सेप्टम बार-बार संक्रमण पैदा कर रहा है, उदाहरण के लिए, टेढ़ी या बढ़ी हुई हड्डी को ठीक करने या सीधा करने के लिए एक सेप्टोप्लास्टी (septoplasty) का उपयोग किया जाएगा।

और पढ़ें:खुजली के लक्षण, कारण और उपाय
 

साइनस का घरेलू इलाज क्या है?

Sinusitis home remedies in hindi

Sinus ka gharelu ilaj

अगर आप साइनोसाइटिस का इलाज घरेलू उपायों को अपनाकर करना चाहती हैं तो ये संभव है।

जी हां, आपके घर में मौजूद कुछ चीज़ों के इस्तेमाल से इस समस्या आपको राहत मिल सकती है।

आइए जानते हैं साइनोसाइटिस के घरेलू इलाज के बारे में:

1. साइनोसाइटिस से राहत पाने के लिए कैसे करें शहद का इस्तेमाल

इसके लिए आपको चाहिए : -

  • शहद - 2 चमच्च
  • नींबू का रस - 1 चमच्च

विधि

  • इसके लिए सबसे पहले पानी गर्म कर लें।
  • आप गर्म पानी में सिर्फ शहद मिलाकर सुबह-शाम पी सकती हैं या फिर इसमें नींबू का रस भी डाल सकती हैं।

क्यों होता है फायदेमंद

एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल और एंटी-सेप्टिक गुणों से समृद्ध शहद साइनोसाइटिस की समस्या आपको निजात पाने में मदद कर सकता है।

प्रतिदिन इसका सेवन गले और नाक के संक्रमण से आपका बचाव करने में मदद करता है।

2. साइनोसाइटिस से राहत पाने के लिए कैसे करें टमाटर का इस्तेमाल

इसके लिए आपको चाहिए

  • टमाटर- 2
  • लहसुन - 1 कली
  • नमक - स्वाद के अनुसार
  • पानी- 1 1/2

विधि

  • सबसे पहले टमाटर और लहसून को अच्छी तरह से मिक्सी में ग्राइंड कर लें।
  • अब पानी में इस पेस्ट को डाल दें और नमक मिला दें।
  • इसके बाद गैस पर इस मिश्रण को 10 मिनट तक पकाते रहें।
  • जिसके बाद ये मिश्रण सूप की तरह बनकर तैयार हो जायेगा।
  • आप प्रतिदिन इसका सेवन कर सकते हैं।

क्यों होता है फायदेमंद

टमाटर क्वेरसेटिन (Quercetin) का मुख्य स्रोत होता है और ये नेचुरल एंटी-हिस्टामाइन (anti-histamine) होता है, जो किसी भी तरह की सूजन को कम करने में सहायक हो सकता है।

गुणकारी होने के कारण ये संक्रमण से भी आपका बचाव करता है।

3. साइनोसाइटिस से राहत पाने के लिए कैसे करें नारियल तेल का इस्तेमाल

इसके लिए आपको चाहिए

  • नारियल तेल - 2 चमच्च

विधि

  • इसके लिए आपको तेल को मुँह में रखकर जबड़ा हिलाते रहना है।
  • लगभग 8-10 मिनट बाद तेल को थूक दें।
  • नियमित रूप से ऐसा सुबह-शाम करने से फायदा होगा

क्यों होता है फायदेमंद

एंटी-ऑक्सीडेंट गुण से भरपूर नारियल तेल का इस्तेमाल मसूड़े और दांत से संबंधित समस्याओं के लिए प्राचीन समय से चलता आ रहा है।

नारियल तेल में जीवाणु नाशक तत्व होता हो है, जो साइनस इन्फेक्शन से लड़ने में मददगार साबित हो सकता है।

और पढ़ें:गले में दर्द के कारण और इलाज
 

अगर साइनसाइटिस अनुपचारित छोड़ दिया जाएगा तो क्या होगा

What will happen if sinusitis left untreated in hindi

Sinusitis se jude complications kya hain

साइनस संक्रमण का इलाज संभव है और अधिकांश मामलों में डॉक्टर को मिले बिना एंटीबायोटिक्स की मदद से लोग ठीक हो जाते हैं।

हालांकि, आपको अपने डॉक्टर से मिलने की आवश्यकता है अगर आपको बार-बार ये समस्या हो रही है या फिर क्रोनिक साइनस संक्रमण से जुड़े मामले हैं।

वहीं अगर समस्या गंभीर होने पर भी आप डॉक्टर से नहीं मिलते हैं या फिर इसे अनुपचारित छोड़ देते हैं तो कई और समस्याएं हो सकती हैं।

अगर अनुपचारित छोड़ दिया जाता है, तो साइनस संक्रमण दुर्लभ जटिलताओं का कारण बन सकता है, जैसे : -

  • साइनसाइटिस की सबसे आम जटिलता एक संक्रमण है, या तो साइनस या आसपास की संरचनाओं में।
    अनुपचारित छोड़ दिया गया एक संक्रमण फैल सकता है और गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है।
  • गंध की भावना में कमी आना
  • श्लेष्मा (mucocele), म्यूकस से बना सिस्ट, जो नाक या साइनस को ब्लॉक कर सकता है
  • मैनिंजाइटिस (meningitis), जीवन के लिए खतरनाक संक्रमण, जो मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी को नुकसान पहुंचा सकता है
  • ऑर्बिटल सेल्युलाइटिस(orbital cellulitis), आंखों के आसपास के ऊतक का एक संक्रमण
  • ऑस्टियोमाइलाइटिस (osteomyelitis), एक हड्डी से जुड़ा संक्रमण

साइनस संक्रमण बहुत आम है।

लक्षण आमतौर पर 10 दिनों के भीतर अपने आप चले जाते हैं।

ओटीसी दवाएं और प्राकृतिक उपचार आपके लक्षणों को दूर करने में मदद कर सकते हैं।

यदि आपके लक्षण 10 दिनों से अधिक रहते हैं, तो अपने डॉक्टर से बात करें।

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आर्टिकल की आख़िरी अपडेट तिथि: : 06 Apr 2020

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