सुरक्षित सम्भोग

सुरक्षित सम्भोग एवं यौन संचारित बीमारियां

Safe sex and Sexually Transmitted Diseases (STD) in hindi

yon sancharit bimari ke kaise bach sakte hai in hindi

जब आप अपने साथी के साथ सुरक्षा के साधनों का प्रयोग करते हुए सम्बन्ध बनाते हैं, तो उसे सुरक्षित सेक्स कहा जाता है।

अनचाहे गर्भ (Unwanted pregnancy) और यौन संचारित बीमारियों से बचने के लिए सुरक्षित सेक्स को ही बढ़ावा दिया जाता है।

सुरक्षित सेक्स में वीर्य (Sperms), वजाइनल फ्लूइड (Vaginal fluid) और रक्त (Blood) का आदान-प्रदान (exchange) नहीं होता है।

जिससे आप कई अनचाही बीमारियों और गर्भधारण से बच सकते हैं।

सुरक्षित सेक्स के लिए क्या करें

How to practice safe sex in hindi

safe sex ke liye kya kare in hindi

  1. कंडोम (Condom)

    कंडोम सुरक्षित सेक्स के लिए सबसे प्रसिद्ध और आसान तरीका है।

    बाजार में आसानी से पुरुष और महिला कंडोम उपलब्ध हैं। इसका उपयोग करना भी आसान है।

    अगर कंडोम का उपयोग सही प्रकार से किया जाए तो, ये एसटीडी से और अनचाहे गर्भ से बचाने में काफी मददगार साबित होता है।

  2. साथी की स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी (Health information of your partner)

    क्या आपके साथी को कभी यौन संचारित रोग यानी की एसटीडी हुआ है? अगर हाँ, तो कौन से बीमारी के लिए स्क्रीनिंग (screening) की गयी थी? उसके बाद उन्होंने कौन सी सावधानियां बरती।

    डॉक्टर की सलाह पर अमल किया या नहीं। या किसी अन्य साथी के साथ असुरक्षित सेक्स तो नहीं किया।

  3. एक ही पार्टनर के साथ सम्बन्ध बनाये (Sexual relationship with one partner)

    एक समय में एक ही पार्टनर के साथ रिश्ते में हैं तो एसटीडी का खतरा काफी कम हो जाता है।

    एक से अधिक पार्टनर के साथ संक्रमण और बीमारियां बढ़ने का खतरा बना रहता है।

    इसलिए अपने पार्टनर के साथ ईमानदार रहें।

  4. गर्भनिरोधक तरीकों का इस्तेमाल (Uses of contraception)

    कंडोम के अलावा अन्य गर्भनिरोधक तरीकें हैं, जिनका इस्तेमाल कर आप अनचाहे गर्भ से बच सकते हैं। जैसे गर्भनिरोधक गोलियां (Birth control pills), कॉपर-टी (Copper-T), इंजेक्शन या कुछ और।

    इनका इस्तेमाल अनचाहे गर्भ से तो बचाता है पर एसटीडी से तभी बचाएगा, जब आपका पार्टनर इससे संक्रमित ना हो।

यौन संचारित बीमारियां (एसटीडी) क्या हैं

What is Sexually transmitted diseases (STDs) in hindi

yon sankraman bimari kya hai in hindi

एसटीडी, सेक्स संबंधी रोग है जिसके कई सारे कारण हो सकते हैं। ये महिला और पुरुष दोनों के शरीर को काफी नुकसान पहुंचा सकते हैं।

कुछ यौन संचारित संक्रमण जन्म से (by birth), इंजेक्शन द्वारा (sharing same needle) या स्तनपान (Breastfeeding) के द्वारा भी संचारित होते हैं।

इसके अलावा सेक्स से जुड़े ऐसे कई पहलू हैं जिनकी जानकारी का अभाव यौन संचारित रोग व संक्रमण (एसटीडी या एसटीआई) की वजह बन सकता है।

यौन संक्रमित बिमारियों के प्रकार

Types of STD yon sankramit bimari ke prakar in hindi in hindi

  1. क्लैमाइडिया (Chlamydia)

    एसटीडी का सबसे आम रूप है क्लैमाइडिया। क्लैमिडिया यौनसंचारित रोग है जो क्लैमिडिया ट्रैकोमेटिस (Chlamydia trachomatis) नामक जीवाणु से होता है।

    क्लैमिडिया यूरीन नली (यूरेथ्रा -Urethra), योनि या गर्भग्रीवा के आस-पास का क्षेत्र (Vaginal and Cervix area), और गुदा (Anal) को संक्रमित कर सकता है।

  2. गोनोरिया (Gonorrhoea)

    गोनोरिया नीसेरिया (Neisseria gonorrhoeae) नामक जीवाणु के कारण गोनोरिया होता है। ये जीवाणु महिलाओं व पुरुषों में तेजी से फैलती हैं।

    ओरल सेक्स की वजह से इसके बैक्‍टीरिया संक्रमण करते है जिस वजह से सूजन व दर्द होने लगता है।

  3. ह्यूमन पैपीलोमा वायरस - एचपीवी (Human Papillomavirus - HPV)

    ह्यूमन पैपीलोमा वायरस (HPV) के कारण जननांगों में मस्से हो जाते हैं। यह सिर्फ जननांगो में ही नहीं मुँह या गले के अंदर भी हो सकता है, जिसका कारण असुरक्षित ओरल सेक्स है।

    ह्यूमन पैपीलोमा वायरस मुँह और गले का कैंसर का कारण भी होता है।

    एक अध्ययन के अनुसार 35 प्रतिशत मामलों में एचपीवी वायरस ही मुँह और गले के कैंसर का कारक होता है।

    विशेषज्ञों की माने तो एचपीवी वायरस ओरल सेक्स के दौरान एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में संक्रमित होती है।

    इसलिए ओरल सेक्स को कैंसर का एक कारक माना जाता है।

  4. हेपेटाइटिस ए और बी (Hepatitis A and B)

    हेपेटाइटिस ए और बी दोनों ही वायरस जनित रोग हैं। ये संक्रामक रोग हैं।

    हेपेटाइटिस बी तो काफी गंभीर बीमारी है, जो की अप्राकृतिक सेक्स करने वाले लोगों में अत्यधिक फैलती है।

  5. एच.आई.वी (HIV)

    एचआईवी एक यौन संचारित बीमारी है। जो आपके इम्यून सिस्टम (immune system) को प्रभावित कर सकता है।

    अगर वक़्त पर इसका इलाज़ नहीं किया जाये तो ये एच.आई.वी स्टेज 3 में पहुँच सकता है, जिसे हम एड्स (AIDS) के रूप में जानते हैं।

    एचआईवी का खतरा सबसे ज्यादा गुदा सम्भोग (Anal sex) से होता है। गुदा सम्भोग के दौरान जो साथी नीचे होते हैं उसमे एचआईवी का खतरा कई गुणा बढ़ जाता है।

    क्योंकि रेक्टम (rectum) लाइन पतली होती है जिससे एचआईवी वायरस ज्यादा आसानी से खून में जा सकते हैं।

  6. सिफलिस (Syphilis)

    यह एक जीवाणु संक्रमण है। जो यौन सम्बन्ध द्वारा संचारित होता है। इसके शुरूआती चरणों में किसी का ध्यान नहीं जाता। इसमें आपके जननांग, गुदा या मुँह पर दर्दरहित घाव हो जाता है।

    इस घाव में दर्द नहीं होता पर यह घाव बहुत संक्रामक होता है। इसलिए लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

  7. दाद (Herpes)

    दाद - हरपीज सिम्पलेक्स वायरस (Herpes simplex virus -HSV) से होता है। ये सबसे सामान्य यौन संचारित रोग है। एच.एस.वी वायरस के दो प्रकार हैं। एचएसवी-1 (HSV-1) और एचएसवी-2 (HSV-2)।

    एचएसवी- 1 आमतौर पर मौखिक दाद का कारण बनते हैं और ओरल सेक्स से ज्यादा फैलते हैं। वहीँ एचएसवी-2 मुख्य रूप से जननांग दाद का कारण बनते हैं।

  8. प्यूबिक लाइस (Pubic lice)

    जैसे बालों में या शरीर के अन्य हिस्सों मे जूं हो जाती है वैसे ही जननांगों के बालों में भी जूं हो जाती है। ये कीड़े भी अन्य जूं की तरह खून पीते हैं।

    त्वचा से त्वचा के संपर्क, एक ही तौलिये का उपयोग, एक ही बिस्तर में सोने से भी ये जूं फैलते हैं।

  9. ट्रिचोमोनिआसिस (Trichomoniasis)

    ट्रिचोमोनिआसिस को "ट्रिच" (Trich) के रूप में भी जाना जाता है। यह एक छोटे प्रोटोजोआ जीव (Protozoan organism) के कारण होता है, जो सेक्सुअल सम्बन्ध के दौरान एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के शरीर में चला जाता है।

    और दूसरा व्यक्ति भी ट्रिच से संक्रमित हो जाता है।

यौन संक्रमित बीमारियों के कारण

Causes of Sexually transmitted disease (STD) in hindi

kaise ho jati hai sex se hone wali bimari in hindi

असुरक्षित यौन सम्बन्ध के कारण यौन संक्रमित रोग फैलते हैं। फिर चाहे वो वजाइनल सम्भोग हो (Vaginal route), ओरल सेक्स (Oral sex) हो या गुदा सम्भोग (Anal sex)।

अगर सुरक्षा साधनों का उपयोग किये बगैर सम्बन्ध बनाया तो यौन संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

यौन संक्रमित रोग के लक्षण

Symptoms of STD in hindi

sex karne se hone wali bimari ke lakshan in hindi

यौन संचारित रोग के निम्नलिखित लक्षण हैं। ये लक्षण हम मुख्यतः महिलाओं को ध्यान में रखते हुए लिख रहे हैं। पुरुषों में भी ऐसे या इससे कुछ अलग लक्षण देखने को मिलते हैं।

  1. खुजली और स्राव (Itching and Discharge)

    औरतों में योनि के आस -पास खुजली और गाढ़ा स्राव होता है। अगर आपको असामान्य यौनि स्राव और खुजली हो रही है तो डॉक्टर से संपर्क करना आवश्यक है।

  2. सम्भोग में पीड़ा (Pain during sex)

    सेक्स करते वक़्त असहनीय दर्द होता है।

  3. पेशाब में जलन (Dysuria)

    पेशाब में जलन और दर्द होता है।

  4. लाल जख्म (Red wound)

    जननांगों के आस-पास दर्द रहित लाल जख्म होता है।

  5. मस्से (Wart)

    जननांगों या गले और मुँह में मस्से होना।

  6. गुदा के अंदर या आस पास दर्द (Pain around or inside anus)

    गुदा सम्भोग के बाद अगर संक्रमण हुआ है तो गुदा के आस-पास या अंदर दर्द होता हैं।

  7. थकावट (Fatigue)

    हमेशा थकान महसूस होना। ऐसी थकावट जिसका कारण ना समझ आये। रात को पसीना आना।

  8. वजन घटना (Weight loss)

    वजन का अप्रत्याशित रूप से कम होना।

  9. रक्त स्राव या योनि से तेज बदबू (Bleeding or vaginal smell)

    महिलाओं को यदि सेक्स करने के बाद खून आए तो यह किसी यौन रोग के कारण हो सकता है। इसके साथ ही योनि से तेज बदबू भी आ सकती है।

यौन संक्रमित रोगो से बचाव

Prevention for sexually transmitted diseases in hindi

kaise bach sakte hai sex se failne wali bimari se in hindi

एसटीडी से बचने का सबसे मुख्य और कारगर उपाय सुरक्षित सेक्स ही है। हालांकि हम अन्य उपायों से भी आपको अवगत करा रहे हैं।

  1. कंडोम का उपयोग (Uses of condoms)

    कंडोम का उपयोग सबसे आसान तरीका है यौन संक्रमित रोगों से बचने का।

    ये आसानी से उपलब्द्ध भी है, और इसका उपयोग भी आसान है।

  2. अंतरंग क्षेत्रों को साफ़ रखना (Keeping private parts clean)

    सेक्स के पहले और बाद में अपने जननांग को साफ़ कर एसटीडी फैलने के खतरे को एक हद तक रोका जा सकता है।

    अपना तौलिया और अंतरंग वस्त्र किसी के साथ साझा नहीं करना चाहिए, इससे भी एसटीडी फैलने का खतरा बढ़ता है।

  3. माउथवास का इस्तेमाल (Use of Mouthwash)

    ये आमतौर पर ओरल सेक्स से फैलने वाले एसटीडी के लिए उपयोग किया जाता है।

    एक अध्ययन के अनुसार अगर आप "लीस्टरीन" (Listerine) से मुँह धोते हैं या गार्गल (gargle) करते हैं तो ओरल सेक्स से फैलने वाले एसटीडी के खतरे को 70 % तक कम किया जा सकता है।

  4. हेपेटाइटिस-बी का टीकाकरण (Hepatitis-B Vaccination)

    एसटीडी का एक प्रकार हेपेटाइटिस-बी भी है। जिसका टीकाकरण उपलब्ध है।

    टीकाकरण कराने से आप हेपेटाइटिस बी के खतरे से निश्चिंत हो जाएंगे। ये टीकाकरण 3 स्लॉट (3 slots) में होता है और आसानी से उपलब्ध है।

  5. अस्वास्थ्यकर जीवनशैली से बचे (Avoiding unhealthy lifestyle)

    यदि आप अत्यधिक धूम्रपान (smoking), ड्रग्स (drugs) या शराब (alcohol) के आदि हैं, तो आप सुरक्षित यौन सम्बन्ध रखने में सक्षम नहीं होंगे।

    जो आपको विभिन्न प्रकार के एसटीडी से ग्रसित होने के चान्सेस बड़ा सकता है। अगर आप स्वस्थ जीवनशैली अपनाएंगे तो स्वस्थ यौन जीवन का आनंद उठा सकते हैं।

सारांश

Summary in hindi

saransh in hindi

एसटीडी असुरक्षित यौन संबंधो के कारण ही अधिकतर होती है।

इसलिए संयम इन रोगों से बचने का सबसे बड़ा तरीका है। अपनी और अपने पार्टनर की सुरक्षा का ख्याल रखें।

ताकि आपकी छोटी सी गलती कहीं आपको किसी भयावह बीमारी से ना ग्रसित कर दे। लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।

zealthy contact

कॉल

zealthy whatsapp contact

व्हाट्सप्प

book appointment

अपॉइंटमेंट बुक करें