ब्रेकअप: क्या, कब और क्यों

ब्रेकअप: क्या, कब और क्यों

Breakup: What, when and why in hindi

Breakup - kya, kab aur kyun hota haiin hindi

रिश्ते बहुत ही नाज़ुक होते हैं, जिन्हें बनाये रखने के लिए बहुत-सी बातों का ध्यान रखना पड़ता है।

हर एक रिश्ते को निभाने के लिए एक दूसरे को समझने की और एक दूसरे के साथ प्यार से रहने की ज़रूरत होती है। जब दो लोग रिलेशनशिप में होते हैं तो वे आपस में एक-दूसरे से इतना जुड़ जाते हैं कि उनके लिए अलग होना मुश्किल हो जाता है।

लेकिन फिर भी एक दूसरे की कई आदतों के कारण उनके बीच झगड़े होने लगते हैं, जिसके कारण उनके संबंध में दूरियाँ आने लगती है और धीरे-धीरे रिश्ता टूटने की नौबत आ जाती है जिसे आजकल 'ब्रेकअप' के नाम से जाना जाता है।

ब्रेकअप के कारण

Reasons for breakup in hindi

aakhir breakup hota kyon hai in hindi

किसी भी रिश्ते को निभाने के लिए शायद कोई कारण ना होता हो लेकिन रिश्ते टूटने के पीछे हमेशा कोई न कोई कारण ज़रूर होता है।

हर रिश्ते की नींव को कमज़ोर वाले कुछ आम कारण हैं:

  • एक दूसरे को ना समझना

  • दोनों में मतभेद होना

  • किसी तीसरे को और महत्व देना

  • अपने रिश्ते को वक्त ना देना

  • एक दूसरे के साथ खुश ना होना

  • प्यार और विश्वास की कमी

  • थोड़ा भी कंप्रोमाइज (compromise) या एडजस्टमेंट (adjustment) न करना

रिश्ता टूटने की कगार पर होने के लक्षण

Signs and symptoms that your relationship is going through a rough patch in hindi

kaise jaane ki rishta tootne wala hai in hindi

रिश्ता टूट सकता है इसके कई लक्षण सामने आने लगते हैं, लेकिन पार्टनर्स इन्हें नज़रअंदाज़ कर देते हैं जिससे ब्रेकअप हो जाता है।

कुछ ऐसे ही लक्षण हैं:

  1. बार-बार ताने मारना

    बहस होने या किसी गलती पर पार्टनर को ताने मारने से झगड़े बढ़ जाते हैं जिससे रिलेशनशिप कमजोर होने लगती है।

    यदि आपके साथी से किसी तरह की गलती हो जाती है तो उसे उसका एहसास अवश्य करवाएं लेकिन उसे बार-बार एक ही बात के लिए ताने ना मारें।

  2. गुज़रे हुए कल की बातें करना

    अपने साथी को उसके गुज़रे हुए कल या पास्ट (past) में उसके द्वारा की गयी किसी गलती के लिए बार-बार शर्मिंदा महसूस करवाना रिलेशनशिप के लिए बहुत नकारात्मक व्यवहार है।

    बार-बार पूर्व में की गई ग़लतियों को दोहराना पार्टनर को चिड़चिड़ा बना सकता है जिससे संबंधों में दरार आ सकती है।

  3. कम बातचीत

    सभी बातों पर शांत दिमाग से खुल कर बात न करने से या कम बात करने से पार्टनर्स में दूरियाँ आने लगती हैं।

    रोज़ाना एक दूसरे से बातचीत ना करना, अपने साथी की पूरी बात ना सुनना या अनसुना करना आपसी सम्बन्ध में दूरियाँ लाता है।

  4. अपने पुराने साथी के बारे में बात करना

    अपने आज के रिश्तों में पहले रहे पार्टनर्स या साथी के बारे में बात करना सही नहीं होता। बार-बार अपने गुज़रे हुए कल के पलों को याद करने से आपके साथी या पति को इरिटेशन हो सकती है जिस वजह से रिलेशनशिप में ग़लतफ़हमी आने लगती हैं।

ब्रेकअप करने का सही समय

Right time to break up in hindi

kab tod dena chahiye rishte ko in hindi

किसी भी रिश्ते को निभाना आसान नहीं है, हर रिश्ते में उतार-चढ़ाव आते हैं। लेकिन यदि रिश्तों में सिर्फ गलतफ़हमी बढती जा रही हैं, तो इसी में भलाई है कि ब्रेकअप कर लिया जाए।

यह समझना कि किसी रिश्ते को कब खत्म करना है बहुत सारी परेशानियों से बचा सकता है।

  1. प्यार से ज्यादा सिर्फ लड़ाई होना

    जब साथियों में असहमति और झगड़े अधिक होने लगे और खत्म होने का नाम ही न लें और आत्मा को दुख पहुँचने लगे तो ऐसे रिश्ते को आगे नहीं लेकर जाना चाहिए।

  2. पार्टनर लगातार विश्वास तोड़े

    यदि साथी एक दूसरे का विश्वास तोड़ने लगें और एक दूसरे को दुःख पहुँचाने लगें तो खुद पर दोष लेने से बेहतर है रिश्ते को खत्म करना।

    धोखा खाने पर भी अपने साथी पर हर स्थिति में विश्वास करना प्यार में स्वाभाविक हो सकता है लेकिन यदि यह आदत बन जाए तो यह आपके रिश्ते के लिए एक नकारात्मक संकेत है।

  3. रिश्ते की हर अच्छी बात खत्म हो चुकी हो

    एक अच्छे और मजबूत सम्बन्ध में अच्छी समझ और सोच का मिलना बहुत जरूरी है लेकिन अंत में रिश्ते की नींव अच्छाई पर ही टिकी होती है जिसका अर्थ है एक दूसरे को सहारा और प्यार देना, एक दूसरे का सम्मान करना, वफ़ादार (loyal) रहना और एक दूसरे को भरोसा दिलाना कि कुछ भी हो वह एक दूसरे के साथ रहेंगे।

    लेकिन यदि ऐसा कुछ न हो तो ऐसे रिश्ते को खत्म कर देना चाहिए और आगे बढ़ना चाहिए।

  4. केवल पास्ट के बारे में सोचा जाए

    जब आप अपने पिछले दिनों को याद करके ही खुशी ज़ाहिर कर पाएँ तो समझ लेना चाहिए कि आपके रिश्ते में आकर्षण और प्यार कम होने लगा है।

    और यदि समझ आने के बाद भी इस स्थिति में कोई बदलाव नही आ पा रहा है तो इसका मतलब यह है कि ऐसे रिश्ते को आगे ले जाने का कोई मतलब नहीं है।

  5. रिलेशन में केवल आप के द्वारा तालमेल बिठाने की कोशिश हो

    यदि अपने रिश्ते में सिर्फ आप ही ख़ुशी बनाएँ रखने की कोशिश कर रहे हो, स्थिति को संभालने के लिए समझौता या बात करने को तैयार रहते हो, लेकिन दूसरा पार्टनर बदले में ऐसा कुछ ना कर रहा हो तो इसका मतलब है कि यह एक वन साइडेड रिलेशनशिप (one sided relationship) बन गया है और इसको आगे ले जाना सही नही रहेगा।

  6. रिश्ते में घुटन महसूस होना

    अगर आपका रिश्ता आपको एक बोझ लगने लगे, आप उसमें बिल्कुल भी सामान्य महसूस नहीं कर रहे हैं और पार्टनर के साथ होते हुए भी ख़ुशी का अनुभव ना हो तो यह संकेत है कि रिलेशनशिप को आगे ले जाने से कोई फ़ायदा नहीं होगा।

  7. एक दूसरे का अनादर करना

    किसी भी रिलेशनशिप में अपने साथी की रिस्पेक्ट (respect) करना बहुत ज़रूरी है।

    एक दूसरे के साथ किये जाने वाले व्यवहार से व्यक्ति के चरित्र और भावनाओं का पता चलता है।

    लेकिन जब साथी एक दूसरे का जाने अनजाने में अनादर करने लगें तो यह समझना लेना आवश्यक है कि रिश्ते में सम्मान कम होने लगा है और रिश्ते को खत्म कर देना ही सही है।

  8. पार्टनर धोखा दे रहा हो लेकिन कोई पछतावा ना हो रहा हो

    यदि आपका साथी आपको काफी अरसे से धोखा दे रहा है और इसका उसे थोड़ा भी पछतावा नहीं हुआ हो तो समझ लेना चाहिए कि उसे आपके साथ की कोई भी कदर नहीं है।

    ऐसे में इस रिश्ते से बाहर निकलना ही बेहतर है।

ब्रेकअप होने के नकारत्मक प्रभाव

Side effects of break up in hindi

breakup ke side effects in hindi

अलग होना किसी के लिए भी आसान नहीं होता है।

जब किसी का प्यार का रिश्ता खत्म होता है तो उससे जुड़ी भावनाओं और तनाव का हर किसी के शरीर पर अलग-अलग तरह नकारात्मक प्रभाव देखने को मिलते हैं।

  • अत्यधिक तनाव एवं चिंता

  • नींद ना आना

  • वजन बढ़ना और भूख ना लगना

  • मांसपेशियों में ऐठन और सूजन

  • स्किन प्रोब्लम जैसे मुँहासे या बाल झड़ना

  • सीने में दर्द

  • आंखों में जलन

पैचअप से पहले रखें इन बातों का ध्यान

Things to keep in mind before patch up in hindi

apne purane rishte ko jodne se pehle in baaton ka dhyan rakhein in hindi

कई बार सम्बन्ध टूटने के बाद एहसास होता है कि शायद गलती हो गई और अपने रिश्ते को एक मौका और दिया जा सकता था।

यह भावना तब भी आती है जब आपका साथी वापस आ जाता है और माफ़ी मांग लेता है। ऐसे में क्या सही है क्या गलत यह समझना मुश्किल हो जाता है।

अगर आप भी ऐसे ही किसी भावना के दौर से गुज़र रहे हैं और पुराने पार्टनर के पास वापस जाने के बारे में विचार कर रहे हैं तो इन बातों का अवश्य ध्यान रखें:

  • अपने टूटे रिश्ते को जोड़ने से पहले उससे जुड़े हर अच्छे और बुरे अनुभव को याद कर लेना चाहिए जिनकी वजह से ब्रेकअप हुआ था।ईमानदारी के साथ यह सोचना ज़रूरी है कि आपकी भावनाएं सच्ची हैं या फिर सिर्फ कुछ कमजोर पलों की देन हैं। यदि आपकी भावना सच्चे मन से ना आ रही हो तो आगे नही बढ़ना चाहिए।

  • अपने उन अवसाद के पलों को याद कर लेना चाहिए जिनका सामना ब्रेकअप के बाद आपने अकेले किया था। अगर ऐसा फिर से होता है तो क्या आप उसका सामना कर पाएंगी, इसका उत्तर सोच के ही आगे बढ़ने का निर्णय लेना चाहिए।

  • जब कोई भी सम्बन्ध या रिश्ता टूटता है तो सबसे पहले विश्वास खत्म होता है इसलिए ऐसा कोई भी फैसला सोच-समझकर ही लेना चाहिए।

  • प्यार के किसी भी रिश्ते में हर चीज़ बहुत अच्छी लगती हैं लेकिन किसी भी कारण से यही सम्बन्ध यदि टूट जाता है तो आत्मविश्वास भी आहत होता ही है, इसलिए ऐसे विचार मन में कभी ना लाएँ कि आपको कोई और अच्छा साथी नहीं मिल सकता।

  • पुराने साथी के साथ अपने रिश्ते को एक मौका देने से पहले यह ज़रूर विचार कर लें कि पहली बार में ही आपका सम्बन्ध टूटा ही क्यों था! अपने लिए अच्छा जीवन चुनना हर एक का हक है और इसलिए एक ऐसा साथी होना ज़रूरी है जो आपका सम्मान करे।

  • टूटे रिश्ते को जोड़ने से पहले एक बार इस बात की पुष्टि कर लें, कि वह सिंगल ही है और आप के मन में उस के लिए सच में दिलचस्पी है।

  • यदि आप अपने पुराने रिश्ते को एक बार फिर से शुरू करने की चाह रख रहें है तो सब से पहले उन ग़लतियों को स्वीकार करें जो पहले आपसे जाने अनजाने हुई थी और उनकी ज़िम्मेदारी भी अपने ऊपर लें।

  • यदि आपका साथी आपसे किसी भी तरह का दुर्व्यवहार करता था, शारीरिक, भावनात्मक या मानसिक, तो उस के साथ एक बार फिर अपने रिश्ते को कायम करने की कोशिश ना करें।

सारांश

Summary in hindi

जब हम किसी इंसान के काफ़ी करीब होते है तब हम उस इंसान से ज़्यादा अपेक्षा करने लगते है। इसी के चलते कई बार कुछ परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है जो समय के साथ खुद ही खत्म भी हो जाती हैं।

लेकिन अगर ऐसा किसी रिश्ते में नहीं हो रहा है तो यह मानसिक रूप से नुकसान पहुँचाने के साथ-साथ आपको शारीरिक रूप से कमजोर कर सकता है और आपके अंदर जीने की इच्छा खत्म कर सकता है जिससे आपका भविष्य पूरी तरीके से पलट सकता है।

अपनी जिंदगी में ऐसे सम्बन्ध को इतना आगे लेकर जाना की पीछे देखने का अवसर ना मिले से बेहतर है कि सही दिशा में कदम उठाएं जाएँ और ऐसे रिश्ते में पछतावा झेलने से बेहतर है इसे खत्म करके आगे बढ़ जाना।

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