प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम (पीएमएस) और प्रीमेन्स्ट्रुअल डिस्फोरिक डिसऑर्डर (पीएमडीडी)

Premenstrual syndrome (PMS) And Premenstrual Dysphoric Disorder (PMDD) in hindi

PMS ki janki aur PMDD ki jankari in hindi


Introduction

पीएमएस

अपने प्रजनन वर्षों में कई महिलाएं अपनी माहवारी के आसपास शारीरिक और भावनात्मक परिवर्तनों का अनुभव करती हैं।

मासिक धर्म चक्र के दौरान कम से कम 90% महिलाएं, पीरियड्स के आसपास अप्रिय शारीरिक या मनोवैज्ञानिक लक्षणों को महसूस करती हैं।

ज़्यादातर महिलाओं के लिए, ये लक्षण हल्के और सहन करने लायक होते हैं। लेकिन कुछ महिलाओं में ये लक्षण काफी गंभीर हो सकते हैं और उनके जीवन में बाधाएँ पैदा कर सकते हैं।

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इस लेख़ में

 

प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम क्या है

Premenstrual syndrome (PMS) in hindi

PMS kya hota hai in hindi

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प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम एक व्यापक शब्द है, जो आमतौर पर, मासिक धर्म शुरू होने से 1-2 सप्ताह पहले, होने वाले शारीरिक, भावनात्मक और व्यवहार संबंधी लक्षणों (physical, emotional and behavioral symptoms) के लिए इस्तेमाल होता है।

पीएमएस काफी आम है और प्रजनन उम्र की 30-80% महिलाओं को प्रभावित करता है।

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प्रीमेन्स्ट्रुअल डिस्फोरिक डिसऑर्डर

Premenstrual Dysphoric Disorder (PMDD) in hindi

PMDD kya hota hai in hindi

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प्रीमेन्स्ट्रुअल डिस्फोरिक डिसऑर्डर, प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम का एक अधिक गंभीर रूप है, जिसकी पहचान है, गंभीर मूड डिस्टर्बेंस (mood disturbances) जो अक्सर मूड स्विंग्स (mood swings) और चिड़चिड़ापन के साथ होती है।

PMDD के लक्षण मासिक चक्र (Menstrual cycle) शुरू होने से 1-2 सप्ताह पहले तक उभर सकते हैं और आम तौर पर मासिक धर्म की शुरुआत के साथ हल हो जाते हैं।

यह मूड की गड़बड़ी सोशल और प्रॉफेश्नल (social and professional) हानि का कारण बन सकती है, और पारस्परिक रिश्तों पर इसका सबसे गहरा असर होता है।

20 से 40 प्रतिशत महिलाएं मध्यम दर्जे के मासिक धर्म के लक्षणों (पीएमएस) का अनुभव करती हैं और 3 से 8 प्रतिशत महिलाएं गंभीर लक्षणों का, जो उन्हें सामान्य दैनिक जीवन में कार्य करने से रोकते हैं। ये गंभीर लक्षण

प्रीमेंस्ट्रुअल डिस्फोरिक डिसऑर्डर (PMDD) कहलाते हैं।

प्रीमेंस्ट्रुअल डिस्फोरिक डिसऑर्डर (PMDD) और प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम (PMS) के बीच अंतर यह है कि पीएमडीडी के लक्षण गंभीर होते हैं।

पीएमडीडी में शारीरिक और मनोवैज्ञानिक लक्षणों का एक समूह शामिल होता है जो दैनिक जीवन को प्रभावित करता है और व्यक्ति की मेंटल हैल्थ के लिए खतरा होता है।

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प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम (पीएमएस) के लक्षण

Symptoms of Premenstrual syndrome (PMS) in hindi

PMS ke lakshan kya hote hai in hindi

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पीएमएस के कई लक्षण हैं, और लक्षणों की गंभीरता हर महिला में अलग होती है। इसके अलावा, लक्षणों की गंभीरता महीने-दर-महीने भिन्न हो सकती है।

पीएमएस के सामान्य लक्षणों में शामिल हैं:

  1. मनोवैज्ञानिक लक्षण (Psychological Symptoms)

    1. गुस्सा (Anger)
    2. चिंता (Anxiety)
    3. डिप्रेशन (Depression)
    4. चिड़चिड़ापन (Irritability)
    5. अस्वीकृति के प्रति संवेदनशीलता (Sensitivity to rejection)
    6. समाज से दूरी बनाना (Social withdrawal)
  2. शारीरिक लक्षण (Physical Symptoms)

    1. पेट की सूजन (Abdominal bloating)
    2. अत्यधिक भूख (Increased Appetite)
    3. स्तन कोमलता (Breast tenderness)
    4. सिर दर्द (Headaches)
    5. सुस्ती या थकान (Lethargy or fatigue)
    6. मांसपेशियों या जोड़ों का दर्द (Muscle aches or joint pain)
    7. नींद की गड़बड़ी (Sleep disturbance)
  3. व्यवहार लक्षण (Behavioral Symptoms)

    1. थकान (Fatigue)
    2. विस्मृति (Forgetfulness)
    3. कमज़ोर एकाग्रता (Poor Concentration)
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प्रीमेन्स्ट्रुअल डिस्फोरिक डिसऑर्डर (पीएमडीडी) के लक्षण

Symptoms of Premenstrual Dysphoric Disorder (PMDD) in hindi

PMDD ke lakshan kya hote hai in hindi

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पीएमडीडी और पीएमएस दोनों के लक्षण आमतौर पर आपकी माहवारी शुरू होने से 7-10 दिन पहले शुरू होते हैं और पीरियड्स के कुछ दिनों पहले तक जारी रहते हैं।

हालांकि, पीएमडीडी में, इनमें से कम से कम एक भावनात्मक और व्यवहार संबंधी लक्षण काफी गंभीर होता है :

  1. दुःख या निराशा (Sadness or hopelessness)
  2. चिंता या तनाव (Anxiety or tension)
  3. अत्यधिक मनोदशा (Extreme moodiness)
  4. चिड़चिड़ापन या गुस्सा (Marked irritability or anger)
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पीएमएस और पीएमडीडी के कारण

Causes of PMS And PMDD in hindi

kyu hota hai PMS ya PMS ke karan in hindi

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हालांकि, पीएमडीडी और पीएमएस का सटीक कारण पता नहीं चल पाया है, यह माना जाता है कि मासिक धर्म चक्र के दौरान एक महिला के हार्मोन के उतार-चढ़ाव के फलस्वरूप, मस्तिष्क (brain) की असामान्य प्रतिक्रिया से पीएमएस या पीएमडीडी होता है।

कुछ महिलाओं को पीएमडीडी होने की संभावना दूसरों की तुलना में अधिक होती है। इनमें वो महिलाएं शामिल हैं जिनका डिप्रेशन या मूड डिसोर्डर (mood disorders) का पारिवारिक इतिहास (family history) रहा है।

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पीएमएस और पीएमडीडी का निदान

Diagnosis of PMS and PMDD in hindi

kaise kare PMS ya PMDD ko diagnose in hindi

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पीएमडीडी और पीएमएस का निदान करने के लिए कोई सिंगल परीक्षण नहीं है। इसका निदान पूरी तरह से डॉक्टर के साथ आपकी चर्चा पर निर्भर है।

मेडिकल टेस्ट में रोगी के लक्षणों और मेडिकल हिस्टरी, शारीरिक परीक्षा, स्त्री रोग संबंधी परीक्षा और बुनियादी प्रयोगशाला परीक्षण (basic laboratory tests) शामिल होने चाहिए।

  1. पीएमएस लक्षण डायरी (PMS Symptoms Diary)

    आपका डॉक्टर आपको लक्षणों की गंभीरता की जांच करने के लिए एक डायरी रखने के लिए कह सकता है। ऐसा करने से, आप देख सकती हैं कि आपके लक्षण आपके मासिक चक्र के आसपास दिखाई पड़ते हैं या नहीं।

  2. थायराइड परीक्षण (Thyroid test)

    क्योंकि महिलाओं में थायरॉयड विकार आम हैं, और पीएमएस के कुछ लक्षण - जैसे वजन बढ़ना, डिप्रेशन, थकान आदि थायराइड के लक्षणों से मिलते-जुलते हैं, इसलिए आपका डॉक्टर थायराइड टेस्ट का आदेश दे सकता है।

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पीएमएस और पीएमडीडी का उपचार

Treatment of PMS and PMDD in hindi

kaise kare PMS aur PMDD ka treatment in hindi

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पीएमएस और पीएमडीडी के उपचार में शामिल हैं वो उपाय जो इनके लक्षणों को रोकने या कम करने के लिए किया जाते हैं।

इनमें शामिल हो सकते हैं:

  1. एंटीडिप्रेसन्ट (Antidepressants)

    सेरोटोनिन रीपटेक इनहिबिटर (Selective serotonin reuptake inhibitors - SSRIs) जैसे कि फ्लुओक्सेटीन (Fluoxetine), प्रोज़ैक (Prozac), सराफम (Sarafem), और सेराट्रलाइन ज़ोलॉफ्ट (Sertraline Zoloft) थकान, भोजन की गड़बड़ी और नींद की समस्या आदि लक्षणों को कम कर सकते हैं।

  2. गर्भनिरोधक गोलियाँ (Birth control pills)

    जन्म नियंत्रण की गोलियाँ कुछ महिलाओं में पीएमएस और पीएमडीडी लक्षणों को कम कर सकती हैं।

  3. पोषक तत्वों की खुराक (Nutritional supplements)

    प्रतिदिन 1,200 मिलीग्राम (mg) कैल्शियम सप्प्लीमेंट का सेवन कुछ महिलाओं में पीएमएस और पीएमडीडी के लक्षणों को कम कर सकता है।

    विटामिन बी-6 (Vitamin B-6), मैग्नीशियम (Magnesium) और एल-ट्रिप्टोफैन (L-tryptophan) भी मदद कर सकते हैं, लेकिन किसी भी सप्प्लीमेंट को लेने से पहले अपने डॉक्टर से बात करें।

  4. भोजन और जीवनशैली में बदलाव (Diet and lifestyle changes)

    नियमित व्यायाम अक्सर प्रीमेंस्ट्रुअल लक्षणों को कम करता है। कैफीन को काटना, शराब से बचना और धूम्रपान को रोकना भी पीएमएस और पीएमडीडी के लक्षणों को कम कर सकता है।

    पर्याप्त नींद और विश्राम लेना, ध्यान और योग भी मदद कर सकते हैं। तनावपूर्ण और भावनात्मक ट्रिगर से बचें और वाद-विवाद या तर्क से दूर रहें।

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सारांश

Summaryin hindi

saransh

प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम एक हार्मोन-आधारित मूड डिसऑर्डर है, जो मासिक धर्म के समय विभिन्न प्रकार के मनोवैज्ञानिक समस्याओं का कारण बनता है। प्रीमेन्स्ट्रुअल डिस्फोरिक डिसऑर्डर, प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम का एक और अधिक गंभीर रूप है।

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आर्टिकल की आख़िरी अपडेट तिथि: : 10 May 2019

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