प्लेसेंटा एक्रीटा क्या है और क्या हैं इसके कारण, लक्षण और उपचार

What is placenta accreta, what are its causes, symptoms and treatment? in hindi

Placenta accreta ke karan, lakshan or upchar


Introduction

Placenta_accreta_ke_karan__lakshan_or_upchar

गर्भावस्था में प्लेसेंटा महिला के गर्भाशय की दीवार (uterine wall) के साथ जुड़ जाती है और बच्चे के जन्म के बाद अलग होती है।

हालांकि, जब प्लसेंटा गर्भाशय की दीवार से गहराई तक जुड़ जाती है, तो एक गंभीर गर्भावस्था जटिलता उत्पन्न हो जाती है, जिसे प्लेसेंटा एक्रीटा (placenta accreta) कहा जाता है।

प्लेसेंटा एक्रीटा (placenta accreta) होने के कारण प्रसव के बाद गंभीर रक्तस्राव (bleeding) हो सकता है।

प्लेसेंटा एक्रीटा का अनुभव लगभग 200 में एक गर्भवती महिला को होता है। कुछ मामलों में प्लेसेंटा गर्भाशय की दीवार से इतनी गहराई से जुड़ जाती है कि गर्भाशय की मांसपेशियों (muscles) से अटैच हो जाती है, इसे प्लेसेंटा इन्क्रेटा (placenta increta) कहते हैं।

जब प्लेसेंटा गर्भाशय की दीवार के माध्यम से किसी अन्य अंग में और भी अधिक गहराई तक चली जाती है, जैसे मूत्राशय (bladder) तक, तो इस स्थिति को प्लेसेंटा पर्क्रेटा (placenta percreta) कहा जाता है।

अमेरिकन प्रेग्नेंसी एसोसिएशन (american pregnancy association) के अनुमान के अनुसार जिन महिलाओं को प्लेसेंटा एक्रेटा का अनुभव होता है, उनमें से लगभग 15 प्रतिशत महिलाएं प्लेसेंटा इन्क्रेटा (placenta increta) का अनुभव करती हैं, जबकि लगभग 5 प्रतिशत को प्लेसेंटा पर्क्रेटा (placenta percreta) का अनुभव होता है।

प्लेसेंटा एक्रीटा को जीवन के लिए ख़तरनाक गर्भावस्था जोखिम माना जाता है। कभी-कभी डिलीवरी के दौरान प्लेसेंटा एक्रीटा के होने का पता चलता है लेकिन कई मामलों में, गर्भावस्था के दौरान ही इसका पता चल जाता है।

अगर प्रसव से पहले इस स्थिति का पता चल जाता है, तो डॉक्टर आमतौर पर प्रारंभिक सिजेरियन डिलीवरी करते हैं और इसके बाद महिला के गर्भाशय को निकाल देते हैं। गर्भाशय को निकालने की प्रक्रिया को हिस्टेरेक्टॉमी (hysterectomy) कहा जाता है।

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इस लेख़ में

  1. 1.प्लेसेंटा एक्रीटा और प्लेसेंटा प्रिविया में क्या अंतर है?
  2. 2.प्लेसेंटा एक्रीटा के लक्षण क्या हैं?
  3. 3.प्लेसेंटा एक्रीटा के कारण क्या हैं?
  4. 4.प्लेसेंटा एक्रीटा का ख़तरा किसे होता है?
  5. 5.प्लेसेंटा एक्रीटा से जुड़ी जटिलताएं क्या हैं?
  6. 6.प्लेसेंटा एक्रीटा का निदान कैसे किया जाता है?
  7. 7.प्लेसेंटा एक्रीटा का इलाज कैसे किया जाता है?
  8. 8.क्या प्लेसेंटा एक्रीटा को रोका जा सकता है?
 

प्लेसेंटा एक्रीटा और प्लेसेंटा प्रिविया में क्या अंतर है?

What is the difference between placenta accreta and placenta previa in hindi

Placenta previa or placenta accreta mei kya antar hai

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प्लेसेंटा एक्रीटा (placenta accreta) गर्भावस्था की एक दुर्लभ लेकिन गंभीर स्थिति है, जो तब उत्पन्न होती है जब प्लेसेंटा आपके गर्भ की मांसपेशियों और/या पास के अंग जैसे आपके मूत्राशय (bladder) में अटक जाती है।

अगर पहले आपका सिजेरियन ऑपरेशन हुआ है तो प्लेसेंटा एक्रीटा (placenta accreta) की स्थिति होना सामान्य होता है। ये जन्म के समय भारी रक्तस्राव का कारण हो सकता है।

वहीं प्लेसेंटा प्रिविया (placenta previa) तब होता है, जब प्लेसेंटा (जन्म के बाद) आपके गर्भाशय (गर्भ) के निचले हिस्से में अटैच हो जाती है, कभी-कभी पूरी तरह से गर्भाशय ग्रीवा (गर्भ की गर्दन) को कवर कर देती है।

इससे गर्भावस्था के दौरान या जन्म के समय भारी रक्तस्राव हो सकता है। अगर आपको प्लेसेंटा प्रिविया है, तो आपके बच्चे का जन्म संभवतः सिजेरियन ऑपरेशन से ही होगा।

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प्लेसेंटा एक्रीटा के लक्षण क्या हैं?

What are the symptoms of placenta accreta in hindi

Placenta accreta ke lakshan kya hain

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गर्भावस्था के दौरान प्लेसेंटा एक्रीटा (placenta accreta) के लक्षण आमतौर पर दिखाई नहीं देते हैं लेकिन कभी-कभी नियमित अल्ट्रासाउंड की मदद से डॉक्टर इसका निदान करते हैं।

हालांकि, कुछ मामलों में, प्लेसेंटा एक्रीटा की स्थिति तीसरी तिमाही (सप्ताह 27 से 40) के दौरान योनि से रक्तस्राव (bleeding) का कारण बनती है।

अगर आपको अपनी तीसरी तिमाही के दौरान योनि से रक्तस्राव का अनुभव हो, तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

अगर आप गंभीर रक्तस्राव का अनुभव करती हैं, जैसे कि ब्लीडिंग के कारण 45 मिनट के अंदर पैड का पूरी तरह से गिला हो जाना और साथ ही पेट में बहुत दर्द का अनुभव हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

और पढ़ें:अस्थानिक गर्भावस्था के लक्षण, कारण और उपचार
 

प्लेसेंटा एक्रीटा के कारण क्या हैं?

What are the causes of placenta accreta in hindi

Placenta accreta ke karan kya hain

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गर्भावस्था के दौरान प्लेसेंटा एक्रीटा जैसी जटिलता क्यों उत्पन्न होती है, इसका पता अब तक नहीं चल पाया है।

लेकिन डॉक्टरों को लगता है कि ये गर्भाशय के स्तर (uterine linning) में मौजूद अनियमितताओं और अल्फा-भ्रूणोप्रोटीन (alpha-fetoprotein - बच्चे द्वारा निर्मित एक प्रोटीन है जो मां के रक्त में पाया जा सकता है) के उच्च स्तर से जुड़ा हुआ है।

ये अनियमितताएँ सिजेरियन डिलीवरी या गर्भाशय की सर्जरी के बाद निशान पड़ने से हो सकती हैं। ये निशान नाल (placenta) को गर्भाशय की दीवार में बहुत गहराई तक बढ़ने देते हैं।

गर्भवती महिलाएं जिनकी प्लेसेंटा आंशिक रूप से या पूरी तरह से उनके गर्भाशय ग्रीवा (cervix) को कवर करती हैं, उन्हें भी प्लेसेंटा एक्रीटा का अधिक ख़तरा होता है।

लेकिन कुछ मामलों में, गर्भाशय की सर्जरी या प्लेसेंटा प्रीविया से संबंधित किसी इतिहास के बिना भी महिलाओं में प्लेसेंटा एक्रीटा (placenta accreta) होता है।

इसके अलावा सिजेरियन डिलीवरी होने से भविष्य में गर्भधारण के दौरान, महिला को प्लेसेंटा एक्रीटा होने का ख़तरा बढ़ जाता है।

एक महिला का जितनी अधिक बार सिजेरियन प्रसव होता है, प्लेसेंटा एक्रीटा के जोखिम भी उतने ही अधिक बढ़ जाते हैं।

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प्लेसेंटा एक्रीटा का ख़तरा किसे होता है?

Who is at risk of placenta accreta in hindi

Placenta accreta hone ka khatra kise hota

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कई कारक होते हैं जो महिलाओं में प्लेसेंटा एक्रीटा होने की संभावना को बढ़ा सकते हैं और गर्भावस्था के दौरान जटिलता पैदा कर सकते हैं।

प्लेसेंटा एक्रीटा की संभावना को बढ़ाने वाले कारक इस प्रकार हैं:

  • पहले हुई गर्भाशय की सर्जरी, जैसे कि सिजेरियन डिलीवरी या गर्भाशय फाइब्रॉएड को हटाने के लिए सर्जरी
  • प्लेसेंटा प्रीविया, एक ऐसी स्थिति जिसके कारण प्लेसेंटा आंशिक रूप से या पूरी तरह से गर्भाशय ग्रीवा को ढँक देती है
  • अगर प्लेसेंटा गर्भाशय के निचले हिस्से में स्थित हो
  • अगर माँ की उम्र 35 वर्ष अधिक है
  • गर्भाशय की असामान्यताएं, जैसे निशान (scars) या गर्भाशय फाइब्रॉएड (uterine fibroid)
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प्लेसेंटा एक्रीटा से जुड़ी जटिलताएं क्या हैं?

What are the complications associated with placenta accreta in hindi

Placenta accreta se judi jatiltayein kya hain

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प्लेसेंटा एक्रीटा निम्न गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकती है:

  • योनि से गंभीर रक्तस्राव, जिसके लिए खून चढ़ाने की आवश्यकता हो सकती है
  • ब्लड क्लॉट (blood clot) से जुड़ी समस्या
  • फेफड़ों (lungs) का फेल होना, या एडल्ट डिस्ट्रेस सिंड्रोम (adult respiratory distress syndrome)
  • किडनी फेल होना
  • समय से पहले जन्म (premature birth)

शरीर से प्लेसेंटा को हटाने के लिए सिजेरियन डिलीवरी या हिस्टेरेक्टोमी करना जटिलताओं का कारण बन सकता है।

इससे माँ के लिए निम्न जोखिमों की संभावना बढ़ सकती है :

  • एनेस्थीसिया के कारण रिएक्शन होना
  • ब्लड क्लॉट (blood clot)
  • घाव का संक्रमण (Wound infection)
  • ब्लीडिंग अधिक होना
  • सर्जिकल चोट
  • अन्य अंगों को नुकसान पहुँचना जैसे कि ब्लैडर, अगर प्लेसेंटा उनसे जुड़ा हुआ है

सिजेरियन डिलीवरी के दौरान बच्चे को बहुत कम जोखिम होता है, जैसे कि सर्जिकल चोट या सांस लेने में समस्या।

कभी-कभी डॉक्टर शरीर में प्लेसेंटा को ये सोचकर छोड़ देते हैं कि ये समय के साथ घुल (dissolve) जाएगा लेकिन इससे गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं।

प्लेसेंटा को शरीर में छोड़ देने से निम्न जोखिम हो सकते हैं :

  • संक्रमण
  • गंभीर रक्तस्राव, जो जीवन के लिए ख़तरा बन सकता है
  • ब्लड क्लॉट, फेफड़े में एक से अधिक आर्टरीज़ को ब्लॉक करता है या पल्मोनरी एम्बोलिस्म (pulmonary embolism)
  • भविष्य में हिस्टेरेक्टॉमी की आवश्यकता
  • भविष्य की गर्भधारण के साथ जटिलताएं जैसे गर्भपात (miscarriage), समय से पहले जन्म और प्लेसेंटा एक्रीट्रा (placenta accreta)
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प्लेसेंटा एक्रीटा का निदान कैसे किया जाता है?

How is placenta accreta diagnosed in hindi

Placenta accreta ka nidan kaise kiya jata hai

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अधिकांश मामलों में डॉक्टर एक नियमित अल्ट्रासाउंड टेस्ट के दौरान प्लेसेंटा एक्रीटा का पता लगाते हैं।

हालांकि, अगर किसी गर्भवती महिला में प्लेसेंटा एक्रीटा के जोखिम कारक होते हैं, तो डॉक्टर आमतौर पर ये सुनिश्चित करने के लिए कई परीक्षण (test) करते हैं कि प्लेसेंटा गर्भाशय की दीवार में तो नहीं बढ़ रही है।

प्लेसेंटा एक्रीटा की जांच के लिए कुछ सामान्य परीक्षणों में इमेजिंग परीक्षण (imaging tests) शामिल हैं, जैसे - अल्ट्रासाउंड या मैग्नेटिक रेज़ोनेंस इमेजिंग (ultrasound or magnetic resonance imaging (MRI) और अल्फा-फेटोप्रोटीन (alpha-fetoprotein) के उच्च स्तर की जांच के लिए ब्लड टेस्ट।

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प्लेसेंटा एक्रीटा का इलाज कैसे किया जाता है?

How is placenta accreta treated in hindi

Placenta accreta treatment kya hai

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प्लेसेंटा एक्रीटा (placenta accreta) से जुड़ा हर मामला अलग होता है।

अगर आपके डॉक्टर ने प्लेसेंटा एक्रीटा का निदान किया है, तो वे ये सुनिश्चित करने के लिए प्लान तैयार करेंगे ताकि आपके बच्चे की यथासंभव सुरक्षित रूप से डिलीवरी हो जाए।

प्लेसेंटा एक्रीटा (placenta accreta) के गंभीर मामलों का इलाज सर्जरी की मदद से किया जाता है।

सबसे पहले, डॉक्टर आपके बच्चे को निकालने के लिए सिजेरियन डिलीवरी करेंगे।

इसके बाद वे हिस्टेरेक्टॉमी (hysterectomy) कर सकते हैं या आपके गर्भाशय (uterus) को निकाल सकते हैं।

ये सर्जरी ब्लड लॉस के गंभीर नुकसान को रोकने के लिए की जाती है।

ये सर्जरी तब हो सकती है, जब बच्चे की डिलीवरी के बाद प्लेसेंटा का एक भाग या पूरा हिस्सा गर्भाशय से जुड़ा हो।

अगर एक बार फिर आप माँ बनना चाहती हैं तो बच्चे की डिलीवरी के बाद एक और उपचार विकल्प मौजूद है, जो आपकी प्रजनन क्षमता को संरक्षित कर सकता है।

ये एक सर्जिकल प्रक्रिया है, जिसके अंतर्गत आपके गर्भाशय में प्लेसेंटा का थोड़ा सा हिस्सा छोड़ दिया जाता है।

हालांकि, जो महिलाएं इस उपचार का चयन करती हैं, उनमें जटिलताओं का ख़तरा अधिक होता है।

अगर आप प्रक्रिया के बाद योनि से रक्तस्राव का अनुभव करती हैं तो आपके डॉक्टर हिस्टेरेक्टॉमी की सलाह दे सकते हैं।

हालांकि, इस प्रक्रिया के बाद गर्भवती होना बहुत मुश्किल हो सकता है।

ऐसे में अपने चिकित्सक के साथ अपने उपचार के सभी विकल्पों पर चर्चा करें।

वे आपकी व्यक्तिगत परिस्थितियों के आधार पर उपचार लेने में आपकी सहायता करेंगे।

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क्या प्लेसेंटा एक्रीटा को रोका जा सकता है?

Is there any prevention for placenta accreta in hindi

Kya placenta accreta ko roka ja sakta hai

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प्लेसेंटा एक्रीटा (placenta accreta) को रोकने का कोई तरीका नहीं है। अगर किसी गर्भवती महिला में प्लेसेंटा एक्रीटा की स्थिति का पता चलता है तो जटिलता को रोकने के लिए आपके डॉक्टर आपकी गर्भावस्था को अच्छी तरह मॉनिटर करेंगे।

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आर्टिकल की आख़िरी अपडेट तिथि: : 02 Jun 2020

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