यौन सम्बन्ध के दौरान दर्द

यौन सम्बन्ध के दौरान दर्द

Pain during intercourse in hindi

mahilao mein sambhog ke doran dard in hindi

यह सब जानते है की सेक्स एक पति और पत्नी के जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

शारीरिक संबंध हमेशा से तन और मन को स्फूर्ति और आनंद देने में सहायक रहे हैं।

सेक्स से पति और पत्नी का रिश्ता और भी मजबूत हो जाता है।

अगर यह ठीक तरीके से किया जाये तो रिश्ते में मिठास घोल के आनंद का अनुभव कराता है।

इसके साथ ही पति और पत्नी के रिश्ते को मजबूत कर सकता है।

हम सहमत हों या न हों, रिश्ते में शारीरिक संबंध मायने रखते हैं।

लेकिन कभी-कभी यौन संबंध प्रक्रिया में पुरुष या महिला को दर्द का सामना करना पड़ता है।

यूँ तो सेक्स के दौरान दर्द महिला और पुरुष दोनों को हो सकता हैं लेकिन महिलाओं में सेक्स के दौरान दर्द पुरुषों की तुलना में अधिक होता हैं।

शोध में यह सिद्ध हुआ है कि विश्व में लगभग 4 में से 3 महिलाओं को सेक्स प्रक्रिया में दर्द का सामना करना पड़ता है।

मेडिकल भाषा में सेक्स के दौरान अक्सर होने वाले दर्द को डिस्पेर्यूनिया(Dyspareunia) कहते हैं।

हालांकि कुछ महिलाओं के लिए यह एक अस्थायी अवस्था होती है तो वहीं कुछ महिलाएं सेक्स के दौरान दर्द के कारण शारीरिक संबंध स्थापित करने से हिचकिचाने लगती हैं।

आइये जानते हैं, सेक्स के दौरान दर्द के क्या कारण हैं और सेक्स में होने वाले दर्द को कैसे दूर करे।

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इस लेख़ में/\

  1. सेक्स के दौरान दर्द असमान्य कब होता है
  2. सेक्स के दौरान दर्द के मेडिकल कारण
  3. सेक्स के दौरान दर्द के गैर-मेडिकल कारण
  4. सेक्स के दौरान होने वाले दर्द का उपचार
  5. क्या काउंस्लिंग से सेक्स के दौरान दर्द को कम करने में मदद मिलती है
  6. सारांश
 

1.सेक्स के दौरान दर्द असमान्य कब होता है

When pain during sex is not normalin hindi

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महिलाओं को सेक्स प्रक्रिया में होने वाले दर्द के कारण कुछ सामान्य होते हैं तो कुछ असामान्य होते हैं।

डिस्पेर्यूनिया(Dyspareunia) में सेक्स करते वक़्त योनि मुँह पे या गहराइयों में दर्द हो सकता है।

सेक्स प्रक्रिया में होने वाले दर्द असामान्य होने पर निम्न रूपों में प्रकट हो सकते हैं:

  1. पुरुष लिंग का महिला योनि में केवल प्रवेश के समय दर्द होना।
  2. महिला योनि में पुरुष लिंग के अलावा टैंपून लगाने के समय भी दर्द होना।
  3. सेक्स प्रक्रिया में पुरुष लिंग के आंतरिक सतह तक पहुँचने में हर बार असहनीय दर्द होना।
  4. योनि में हर समय दर्द या जलन महसूस होना भी सेक्स के दौरान दर्द का कारण बन सकता हैं।
  5. सेक्स प्रक्रिया के अंतिम क्षणों में तीव्र दर्द का हर बार महसूस होना।

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2.सेक्स के दौरान दर्द के मेडिकल कारण

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यौन सम्बन्धों में होने वाले दर्द के कारण इस बात पर निर्भर करता है कि दर्द महिला को सेक्स प्रक्रिया में किस समय होता है।

अर्थात सेक्स के शुरुआत में जब पुरुष लिंग महिला की योनि में प्रवेश करता है या फिर सेक्स के दौरान या बाद में योनि में दर्द होता है।

सेक्स प्रक्रिया के शुरू में दर्द के कारण:

  1. एस्ट्रोजन (estrogen) की कमी

महिला के शरीर में एस्ट्रोजेन हार्मोन की कमी से योनि में सूखापन आ जाता है।

ऐसे में लिंग के प्रवेश करने पर महिला को योनि में दर्द महसूस हो सकता है।

  1. सर्जरी या दुर्घटना (Surgery or accident)

कभी-कभी महिला को किसी सर्जरी, दुर्घटना आदि के कारण योनि में जख्म हो जाता है, तब भी योनि में दर्द हो सकता है।

  1. संक्रमण (infection)

अगर महिला योनि के आसपास की स्किन में इन्फेक्शन, या पेशाब के इन्फेक्शन से प्रभावित है तब भी सेक्स प्रक्रिया के शुरुआत में दर्द हो सकता है।

  1. मांसपेशियों में तनाव

कई बार महिला की योनि की मांसपेशियों में अपने आप तनाव आ जाने के कारण वो लिंग को सहज रूप से प्रवेश करने में सहयोग नहीं दे पाती हैं और महिला को दर्द की अनुभूति होती है।

  1. जन्मजात विसंगति (congenital anomaly)

अगर महिला के शरीर में जन्मजात कोई परेशानी जैसे योनि की बनावट में कोई कमी होना जैसे की सेपरेट वुलवा(septate vulva), टफ हाइमन (Hymen) की बनावट में भिन्नता होना जैसी स्थिति हो, तब भी महिला को सेक्स प्रक्रिया के शुरू में दर्द हो सकता है।

  1. वुलवोडीनिया (Vulvodynia)

वुलवोडीनिया (Vulvodynia) यह महिलाओं मे रहने वाले पुराने दर्द को संदर्भित करता है जो एक महिला के बाहरी यौन अंगों को प्रभावित करता है - जिसे सामूहिक रूप से योनि या वल्वा(vulva) कहा जाता है - जिसमें लैबिया(labia), क्लिटोरिस(clitoris) और योनि का मुख(vaginal opening) शामिल है।

वुलवोडीनिया की स्तिथि में महिलाओं की योनी में जलन, खुजली और योनी में दर्द की शिकायत होती है, इस तरह के योनी में दर्द को किसी विशिष्ट कारण से नहीं जोड़ा जा सकता।

वल्वोदय्निआ (Vulvodynia) में महिलाओं को संभोग के साथ दर्द का अनुभव हो सकता है।

  1. डीप पेनेट्रेशन (deep penetration)

डीप पेनेट्रेशन (deep penetration) विशेष रूप से गर्भाशय ग्रीवा (uterine cervix) में जलन और ऐंठन का कारण बन सकती है।

गर्भाशय ग्रीवा की चोट या संक्रमण डीप पेनेट्रेशन (deep penetration) में योनि को अधिक संवेदनशील बना सकती है।

  1. ओवुलेशन (ovulation)

हर महीने, अंडाशय में से एक फॉलिकल बढ़ता है जिसमें एक परिपक्व अंडा होता है।

एक महिला की अवधि से लगभग 2 सप्ताह पहले, वह फॉलिकल ब्रेक हो जाता है, और संभावित निषेचन(fertilization ) और गर्भाधान के लिए अंडे को जारी करता है इस प्रक्रिया को ओवुलेशन कहते है

इस समय के आसपास सेक्स करने से कुछ लोगों में पेट में दर्द या ऐंठन हो सकती है।

  1. वजिनिस्मुस (Vaginismus)

इसे योनि का संकुचन कहा जाता है।

यह एक सामान्य स्थिति है।

इसमें , कभी-कभी चोट लगने के डर के कारण योनि की मांसपेशियों में एक अनैच्छिक ऐंठन निर्माण होती है।

यह स्थिति लिंग के प्रवेश के समय, योनि चिकित्सा परीक्षा के दौरान और साथ ही जब कोई महिला टैम्पोन का उपयोग करने की कोशिश करती है उस समय भी निर्माण हो सकती है।

  1. योनिशोथ (vaginitis)

वैजिनाइटिस (vaginitis) योनि की सूजन है जिसके परिणामस्वरूप योनि में डिस्चार्ज, खुजली और दर्द हो सकता है।

इस कारण महिलाये सेक्स के दौरान चरमसुख का आनंद नहीं ले पति है।

  1. श्रोणि सूजन की बीमारी (Pelvic inflammatory disease (PID))

पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (पीआईडी) महिला प्रजनन प्रणाली में एक संक्रमण है

पीआईडी ​​के में, योनि के अंदर रहने वाले टिश्यू में बुरी तरह से सूजन हो जाते हैं और संभोग में दबाव के कारण योनि में गहरा दर्द महसूस होता है।

  1. मीनोपॉज (menopause)

रजोनिवृत्ति या मेनोपॉज़ के बाद योनि की दीवारों के पतले होने और सूखने के कारण, कुछ महिलाओं की ये मानना है कि रजोनिवृत्ति के बाद सेक्स अधिक दर्दनाक हो गया है।

सेक्स प्रक्रिया के दौरान या बाद में दर्द होना:

पुरुष लिंग के महिला में योनि में प्रवेश करने के कुछ समय बाद जब दर्द होता है तब उसके कारण निम्न हो सकते हैं:

यदि महिला किसी प्रकार की शारीरिक परेशानी जो महिला के मूत्राशय या पेशाब का इन्फेक्शन), गर्भाशय (गर्भाशय फाइब्राइड) या पाचन तंत्र में होती है तब भी महिला को सेक्स करते समय दर्द हो सकता है।

  1. अंडाशय पुटिका (Ovary vesicle)
  • अंडाशय या ओवरी गर्भाशय के दोनों ओर स्थित होते हैं।
  • कभी-कभी अल्सर अंडाशय में बढ़ता है।
  • जबकि ये अल्सरआमतौर पर खतरनाक नहीं होते हैं, वे सेक्स के बाद दर्द या परेशानी पैदा कर सकते हैं।
  1. झुका हुआ गर्भाशय (Tilted uterus)

कुछ महिलाओं में, गर्भाशय आगे की ओर झुकाव के बजाय पीछे की ओर झुका हुआ रहता है।

इस स्थिति को पोस्टेरिअर यूटेरस(posterior uterus) कहते है।

पोस्टेरिअर गर्भाशय वाले लोगों में, संभोग के दौरान लिंग गर्भाशय पर दबाव डाल सकता है, जिससे योनि में ऐंठन या दर्द हो सकता है।

  1. एंडोमेट्रिओसिस (endometriosis)

एंडोमेट्रियोसिस में गर्भाशय के ऊतक या टिश्यू गर्भाशय के बाहर की ओर बढ़ते है।

यह सेक्स के दौरान और बाद दोनों में गंभीर ऐंठन और पेट दर्द का कारण बन सकता है।

एंडोमेट्रियोसिस के अन्य लक्षणों में मासिक धर्म के दौरान भारी रक्तस्राव और असामान्य रूप से दर्दनाक पीरियड्स भी शामिल हैं।

  1. सर्विसटिस (cervicitis)

सर्विसिटिस गर्भाशय ग्रीवा(cervix ) की सूजन है।

गर्भाशय ग्रीवा या सर्विक्स गर्भाशय का निचला भाग है जो योनिमें खुलता है।

सर्विसिटिस से सेक्स के दौरान दर्द होना एक बहुत ही सामान्य लक्षण है।

  1. बारथोलिन-ग्लैंड सिस्ट (bartholin gland cyst)

बर्थोलिन ग्रंथियां योनि के मुख के प्रत्येक तरफ स्थित हैं।

ये ग्रंथियां द्रव का स्राव करती हैं जो योनि को चिकनाई देने में मदद करता है।

कभी-कभी इन ग्रंथियों के द्वार बाधित हो जाते हैं, जिससे द्रव ग्रंथि में वापस आ जाता है और बाहर की ओर स्त्रावित नहीं हो पता।

यदि ग्रथि के भीतर तरल पदार्थ संक्रमित हो जाता है, और सिस्ट का निर्माण करती है इसे बारथोलिन-ग्लैंड सिस्ट (bartholin gland cyst) कहते है।

इसमें सूजन आकर पस(pus) निर्माण होता है।

ये संक्रमित सिस्ट सेक्स के दौरान योनि में दर्द निर्माण करता है।

  1. पेरिनेऑल चोट का निसान (perineal scar)

कई बार, विभिन्न कारण से योनिअच्छी तरह से चिकनाई निर्माण नही कर पाती है।

उन कारणोंमे शामिल है पेरिनिअल टिअर(perineal tear) या पेरिनिअल स्कार(perineal scar)जो वैजिनल डिलीवरी या वैजिनल ऑपरेशन्स में निर्माण होता है।

इस घटना में, लिंग आसानी से प्रवेश करने में असमर्थ होता है, और परिणामस्वरूप सेक्स के समय योनि में दर्द निर्माण होता है।

  1. सर्वाइकल कैंसर (Cervical cancer)

सर्वाइकल कैंसर एक प्रकार का कैंसर है जो गर्भाशय ग्रीवा की कोशिकाओं में होता है।

इसमें ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) का संक्रमण योनि की कोशिकाओं मे होता है।

इस कारण भी योनि में सेक्स के दौरान दर्द होता है।

  1. ओवेरियन सिस्ट (Ovarian cyst)

ओवेरियन सिस्ट जो एक महिला के अंडाशय पर विकसित होता है।

ओवेरियन सिस्ट के कारण भी सेक्स के दौरान योनि में दर्द महसूस हो सकता है।

  1. यदि महिला की सर्जरी जैसे गर्भाशय का निकालना, कैंसर का इलाज आदि स्थिति हो तब भी महिला को सेक्स करते समय या करने के बाद दर्द हो सकता है।

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3.सेक्स के दौरान दर्द के गैर-मेडिकल कारण

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महिलाओं को सेक्स के दौरान या बाद में दर्द के कुछ कारण ऐसे भी होते हैं जो शारीरिक परेशानी के वजह से नहीं होते हैं।

इन कारणों को भावनात्मक परिवर्तन और मानसिक कारणों के रूप में जाना जाता है। इन कारणों से प्रभावित महिला को सेक्स के समय या बाद में दर्द होना सामान्य कारण माने जाते हैं।

यह कारण निम्न रूपों में प्रकट हो सकते हैं:

  1. किसी प्रकार का मन में डर होना जैसे की चिंता, अवसाद, आपकी शारीरिक गठन के बारे में चिंता, अंतरंगता या रिश्ते की समस्याओं के डर से पूर्ण रूप से मिलन में भाग नहीं ले पाना।
  2. शारीरिक सम्बन्धों के प्रति अरुचि होना।
  3. हार्मोनल परिवर्तनों के कारण मूड में परिवर्तन होना।
  4. महिला का भारी मानसिक तनाव की स्थिति में होना।

इस प्रकार के दर्द इन कारणों के दूर होते ही स्वयं ही ठीक हो जाते हैं।

लेकिन जब किसी प्रकार का मानसिक या भावनात्मक दबाव न हो और उस समय महिला को सेक्स प्रक्रिया के समय या बाद में दर्द होता है तब इसे असामान्य कारण माना जा सकता है।

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4.सेक्स के दौरान होने वाले दर्द का उपचार

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सेक्स प्रक्रिया में दर्द होने पर जब महिला चिकित्सक के पास जाती हैं तब पेलविक जांच (Pelvic Check) के जरिये दर्द का कारण ढूंढने का प्रयास करते हैं।

आपका चिकित्सक आपके दर्द के बारे में पूछेगा- यह कब शुरू हुआ, कहाँ और कब दर्द होता है, यह कैसा लगता है, और आपने इसे राहत देने के लिए क्या किया है - और आपके साथी के साथ आपके संबंधों के बारे में प्रश्न हो सकते हैं।

इसके साथ ही आपके स्त्रीरोगों के इतिहास (जैसे, सर्जरी और प्रसव) और किसी भी चिकित्सा स्थितियों या चिंताओं के बारे में डॉक्टर प्रश्न पूछ सकते है ।

इसकी गहन जांच के बाद जब कारण का निर्धारण हो जाता है तब उस दर्द को कम करने के लिए उपचार के निम्न प्रयास किए जा सकते हैं:

दवा के माध्यम से उपचार:

इस क्रीम का उपयोग महिला सेक्स शुरू करने से पहले योनि में कर सकती हैं।

इससे योनि में जरूरी नमी और चिकनाई आने से पुरुष लिंग के प्रवेश में कोई परशानी नहीं आती है इसकारण योनि में सेक्स के दौरान दर्द मेहसूस नहीं होता है।

  • यदि शरीर में एस्ट्रोजेन हार्मोन की कमी का पता लगता है तब उसके लिए उपयुक्त दवा दी जा सकती है;
  • योनि वलय- (एस्ट्रिंग) - Vaginal ring (astring)

इस लचीली रिंग को योनि में डाला जाता है

यह योनि के ऊतकों में धीरे धीरे एस्ट्रोजन कम मात्रा में लगातार छोड़ती है।

इस रिंग को हर 3 सप्ताह में बदल दिया जाता है।

  • योनि क्रीम (एस्ट्रेस, प्रेमारिन) - Vaginal Cream (Astrace, Premarin)

योनि में हार्मोनल क्रीम लगाना अक्सर योनि शोष और सूखापन के लिए एक प्रभावी उपचार है।

इसकारण योनि में सेक्स के दौरान दर्द से छुटकारा मिलता है।

  • योनि गोली (वजिफेम) - Vaginal tablet (vagifem)

योनि टैबलेट (Vagifem) को सप्ताह में दो बार एक एप्लीकेटर या आपकी उंगली के साथ योनि में रखा जाता है।

इससे सेक्स के दौरान दर्द को कम करने में मदत मिलती है।

  • यदि पेशाब में इन्फेक्शन की स्थिति हो तब उसका सही इलाज करके उसे दूर किया जा सकता है।

पेशाब में इन्फेक्शन का कारन बैक्टीरिया या यीस्ट होता है।

बैक्टीरिया या यीस्ट के कारण संक्रमण का इलाज एंटीबायोटिक या एंटी-फंगल दवाओं द्वारा किया जा सकता है।

और अगर सेक्स के दौरान दर्द किसी सूजन या जलन के वजह से हो रहा है तब डॉक्टर के पास जाये , जांच करे , इलाज कराये और डॉक्टर के सारे सलाह का पालन करे।

बिना दवा के उपचार:

  • डॉक्टर महिला को योनि को आराम पहुंचाने वाले व्यायाम की सलाह दे सकते हैं।

इसमें केगेल एक्सर्साइज़ (Kegel Exercise) की सलाह प्रमुख रूप से दी जाती है।

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5.क्या काउंस्लिंग से सेक्स के दौरान दर्द को कम करने में मदद मिलती है

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अगर महिला को लंबे समय तक दवा के बावजूद भी सेक्स प्रक्रिया में किसी प्रकार का दर्द होता है तब काउंस्लिंग थेरेपी का सहारा भी लिया जा सकता है।

इस प्रक्रिया में काउन्सलर महिला व पुरुष से बात करके दोनों के मध्य खड़ी अदृश्य दीवार को गिराने का प्रयास करते हैं।

इस प्रक्रिया में यदि पुरुष व महिला के मध्य कोई ऐसी समस्या है, जिसका हल वे नहीं निकाल पा रहे हैं तो डॉक्टर उसे हल करने का प्रयास करते हैं।

इस प्रकार सरल तरीके से हल निकाल कर सेक्स को एक दर्दनाक के स्थान पर आनंदायक प्रक्रिया बना दिया जाता है।

इन उपयोंके साथ ही आप कुछ घरेलू उपाय भी इस्तेमाल कर सकते है और अपने सेक्स जीवन को सुख कारक बना सकते है।

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6.सारांश

Summary</strong>in hindi

सामान्य रूप से सेक्स प्रक्रिया में सहने लायक दर्द होना कोई आम बात है।

लेकिन अगर यह दर्द लंबे समय तक रहे और महिला इसके कारण सेक्स से जी चुराने लगे, तब निश्चय ही डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

डॉक्टर सही जांच से दर्द के सही कारण का पता लगाकर उसे ठीक करने के लिए दवा या काउंसलर की सलाह लेने का सुझाव दे सकते हैं।

आर्टिकल की आख़िरी अपडेट तिथि: 10 Jun 2020

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