Ovulation in hindi

ओवुलेशन के लक्षण, संकेत और प्रेगनेंसी में महत्त्व

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एक नज़र

  • महिला की ओवरी से अंडे के निकलने की प्रक्रिया को ओवुलेशन कहते है ।
  • एग रिलीज़ होने के बाद महिला के शरीर में अंडा 24 घंटे तक ही जीवित रहता है।
  • ओवुलेशन मासिक धर्म चक्र के 12वे से 16वे दिन के बीच होता है।
  • शरीर के तापमान, सर्वाइकल म्युकस में बदलाव और ओपीके किट की मदद से ओवुलेशन का पता आसानी से लगाया जा सकता है।

ओवुलेशन क्या है? एक महिला ओवुलेट कब करती है? ओवुलेशन का प्रेगनेंसी से क्या संबंध है? अगर आप गर्भवती होने की कोशिश कर रही हैं तो ये सवाल आपके मन में भी उठ रहे होंगे।

हो सकता है कि आप प्रजनन अंगों (reproductive organ) को ले कर उत्सुक हो मगर अपने डॉक्टर से खुल कर बात करने में संकोच महसूस कर रही हों तो हम ये समझ सकते हैं।

ओवुलेशन या डिंबोत्सर्जन तब होता है जब आपका अंडाशय (ovaries) एक अंडा (egg) जारी करती हैं।

पीरियड्स के बाद ओवुलेशन तक आने वाले दिनों में, महिला शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर लगातार बढ़ता है।

महिला के अंडाशय (ovaries) एक अंडा (egg) जारी करने के बाद, एस्ट्रोजन का स्तर कम हो जाता है, और प्रोजेस्टेरोन का स्तर बढ़ने लगता है।

ऐसे में इस लेख के माध्यम से आप ओवुलेशन से जुड़ी जानकरियां प्राप्त कर सकती हैं। आइये जानते हैं ओवुलेशन क्या है और इसकी जानकरी कैसे आपको जल्द गर्भवती होने में मदद कर सकती है

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इस लेख़ में/\

  1. ओवुलेशन क्या होता है?
  2. ओवुलेशन साइकिल कब शुरू होता है और कितने दिन तक रहता है?
  3. ओवुलेशन प्रेगनेंसी के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
  4. ओवुलेशन के लक्षण
  5. ओवुलेशन पेन और ओवुलेशन पेन के लक्षण
  6. ओवुलेशन का पता लगाने के लिए टेस्ट और किट
  7. ओवुलेशन का सही समय गर्भाशय ग्रीवा (cervix) में होने वाले परिवर्तन से जानें
  8. ओवुलेशन से संबंधित परेशानियाँ
  9. ओवुलेशन की समस्या का घरेलु इलाज
  10. निष्कर्ष
  11. पूछे गए प्रश्न
 

1.ओवुलेशन क्या होता है?

What is ovulation in hindi

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कई सारी महिलाएँ ओवुलेशन के बारे में नहीं जानती हैं, ऐसे में उनका सवाल होता है कि ओवुलेशन क्या होता है?

हर मासिक चक्र में महिला के ओवरी से अंडे का रिलीज़ होना ओवुलेशन कहलाता है। [1]

हर माहवारी के दौरान महिला के शरीर में प्रजनन हार्मोन्स , अंडाशय (ovaries) को प्रोत्साहित करते हैं इस कारण अपरिपक्व अंडे जिन्हें ओक्साइट्स (oocytes) कहा जाता है, मैच्योर होने लगते हैं।

हालाँकि, ओवुलेशन के शुरुआती समय में बहुत सारे ओक्साइट्स (oocytes) मैच्योर होते हैं मगर सिर्फ एक अंडा ही परिपक्व होकर रिलीज होता है।

इस स्थिति में हर महीने माहवारी के दौरान ओवरियन फॉलिकल (ovarian follicle) जो अंडाशय (ovary) का एक हिस्सा होता है, एक अंडे को रिलीज करता है।

रिलीज के बाद, अंडा फैलोपियन ट्यूब (fallopian tube) से होते हुए नीचे जाता है, जहां यह एक स्पर्म (sperm) के मौजूद होने पर फर्टिलाइज (fertilize) भी हो सकता है। ऐसा होने पर महिला गर्भवती हो सकती है।

ओवुलेशन के समय के आस-पास, महिला सबसे अधिक फर्टाइल (fertile) होती है। यह जानना ज़रुरी है कि ओवुलेशन होने की संभावना कब है, क्योंकि इस समय के दौरान महिला सबसे अधिक फर्टाइल होती है और गर्भधारण की संभावना सबसे अधिक होती है।

कई महिलाओं में यह ग़लतफहमी होती है कि अंडा, बारी-बारी से अंडाशय से निकलता है। यानि अगर इस महीने में दाहिने अंडाशय (ovary) से अंडा (egg) निकलता है तो अगले महीने बायें तरफ के अंडाशय से अंडा निकलेगा।

यह बिलकुल गलत है, क्योंकि ओवुलेशन उस अंडाशय से होता है जिसमे अधिक परिपक्व यानि मैच्योर अंडे (eggs) मौजूद होते हैं। कुछ महिलाओं में कभी-कभी एक ओवरी या अंडाशय ज्यादा सक्रिय हो सकता है।

और पढ़ें:Amenorrhea - Absent or Irregular Periods

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2.ओवुलेशन साइकिल कब शुरू होता है और कितने दिन तक रहता है?

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आमतौर पर महिला का मासिक चक्र औसतन 28 दिनों का होता है। [2] इसके अनुसार ओवुलेशन 14वें दिन पर होता है।

लेकिन हर महिला का शरीर अलग होता है इस कारण मासिक चक्र 28 दिनों से ज्यादा या कम भी हो सकते हैं। इस कारण हर महिला के ओवुलेशन का समय मासिक चक्र के ठीक चौदहवें दिन न हो कर थोड़ा आगे-पीछे भी हो सकता है। इसके अलावा कई बिमारियों और दवाइयों के कारण भी ओवुलेशन में देरी होना सामान्य है।

ज्यादातर महिलाओं में मासिक धर्म 10 से 15 साल की उम्र के बीच शुरू हो जाता है। मासिक धर्म के शुरू होने के बाद महिला ओव्यूलेट करना शुरू कर देती है और गर्भधारण करने में सक्षम हो जाती है।

आमतौर पर माहवारी के 10वें से 16वें दिन (मासिक धर्म के पहले दिन से) के बीच अंडा रिलीज़ होता है। इस प्रक्रिया को ओवुलेशन पीरियड (ovulation period) कहा जाता है। अगर आप प्रेग्नेंट होने का सोच रही हैं तो बहुत बार आपके मन में सवाल उठता होगा कि ओवुलेशन पीरियड्स के कितने दिनों में शुरू होता है।

अगर आप प्रेग्नेंट होने का सोच रही हैं तो बहुत बार आपके मन में सवाल उठता होगा कि ओवुलेशन पीरियड्स के कितने दिनों में शुरू होता है।

महिलाओं में ओवुलेशन, 11 से 21 दिनों के बीच में (आखिरी मासिक धर्म की पहली तारीख से) या अगले मासिक धर्म के शुरू होने के 12 से 16 दिन पहले हो सकता है।

अमेरिकन प्रेगनेंसी एस्सोसिशन के अनुसार, महिलाओं में ओवुलेशन, मासिक धर्म चक्र के 11वे से 21वे दिनों के बीच में कभी भी हो सकता है, इस कारण ओवुलेशन के लक्षणों को समझना आवश्यक है।

आमतौर पर औसतन, लगभग 50 से 51 वर्ष की आयु के बीच ओवुलेशन बंद हो जाता है, जिस स्थिति को रजोनिवृत्ति (menopause) कहते हैं। [3]

प्रेगनेंसी के लिए महिला के अंडे और पुरुष के शुक्राणुओं का मिलना आवश्यक हैं, महिला के अंडे रिलीज़ होने के बाद सिर्फ 24 घंटे तक जीवित रहते है वहीँ पुरुष के शुक्राणु महिला के शरीर में 5 दिन तक जीवित रह सकते है। इस कारण ओवुलेशन के समय पर सम्बन्ध बनाने से प्रेग्नेंट होने की संभावना सबसे अधिक होती है।

अगर आप प्रेग्नेंट होने चाहती हैं और आपने ओवुलेशन डेट के बारे में जानना चाहती हैं तो आप आसानी से शारीरिक लक्षणों से ओवुलेशन को ट्रैक कर सकती हैं।

और पढ़ें:Polycystic ovary syndrome (PCOS) and Infertility | Zealthy

 

3.ओवुलेशन प्रेगनेंसी के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

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जब महिला का एक अंडाणु पुरुष के शुक्राणु से मिल जाता है तो वह फ़र्टिलाइज होकर प्रेगनेंसी के पहले चरण को पार कर लेता है।

यहाँ ये बात ध्यान देने वाली है कि पुरुष का शुक्राणु सम्भोग के बाद महिला के शरीर में पांच दिन (5 days) तक जीवित रह सकता है, यानि अगर आप शुक्रवार को संभोग करते हैं तो पुरुष का शुक्राणु आपके शरीर में मंगलवार तक जीवित रह सकता है।

वहीं ओवुलेशन के बाद ओवरी (ovary) द्वारा जारी अंडा 12 से 24 घंटे तक ही फ़र्टिलाइज (fertilize) होने के लायक रहता है। [4] यानि महिला के अंडे 24 घंटे तक ही जीवित रहते हैं।

महिला के मासिक धर्म चक्र का वह समय जब आपका अंडाणु ओवरी से निकलता है यानि ओवुलेशन का समय, फर्टाइल विण्डो (fertile window) या ओवुलेशन पीरियड फॉर प्रेगनेंसी के नाम से जाना जाता है। इन दिनों में आपके गर्भधारण करने के मौके सबसे अधिक होते हैं।

ओवुलेशन के पांच दिन पहले और ओवुलेशन वाले दिन, नियमित रूप से संभोग करने से गर्भधारण की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती है।

यह बात ध्यान रखने वाली है की ओवरी से अंडा रिलीज़ होने के बाद लगभग 12 से 24 घंटे तक फर्टिलाइज होने में सक्षम होता है।

इसके अलावा, पुरुष के स्पर्म (sperm) अनुकूल परिस्थितियों में, संयोग के पांच दिन बाद तक महिला प्रजनन पथ (reproductive path) के अंदर रह सकते हैं।

आपके गर्भवती होने की संभावना इन पाँच दिनों में भी रहती है जब जीवित स्पर्म फैलोपियन ट्यूब में मौजूद होते हैं। [5]

इसका मतलब यह है कि अगर शुक्राणु (sperm) ओवुलेशन से ठीक पहले के कुछ दिनों में महिला के फैलोपियन ट्यूब में मौजूद हैं, तो प्रेगनेंसी हो सकती है।

हालांकि, ओवुलेशन (ovulation) के जितने करीब के दिनों में, स्पर्म (sperm) फैलोपियन में मौजूद होते हैं, प्रेगनेंसी की संभावना उतनी ही अधिक होती है।

यदि आप ओवुलेशन से पहले पांच दिनों के दौरान संयोग करती हैं और स्पर्म जीवित रहते हैं, तो भी आप गर्भवती हो सकती हैं, भले ही आप ओवुलेशन के दिन संयोग न करें।

और पढ़ें:अजवायन से पाएं पीरियड्स के दर्द से छुटकारा

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4.ओवुलेशन के लक्षण

Ovulation symptoms in hindi

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ओवुलेशन के दौरान महिलाओं के शरीर में कई परिवर्तन आते हैं जिन पर नज़र रख कर आप ओवुलेशन को ट्रैक कर प्रेग्नेंट होने का प्रयास कर सकती हैं। गर्भावस्था को ले कर महिलाओं के मन में कई सवाल उठते हैं और उनमे से एक महत्वपूर्ण सवाल हैं की ओवुलेशन का कैसे पता चलता है और महिलाएं जल्द प्रेगनेंसी के लिए कब सम्बन्ध बनाये। आइये अंडा फटने के बाद ओवुलेशन के लक्षण के बारे में विस्तार से जानते हैं।

यहां ओवुलेशन के सात मुख्य लक्षण दिए गए हैं, जिनकी पहचान आपको होनी चाहिए: [6]

  • आपके शरीर का बेसल तापमान (Basal Body Temperature) थोड़ा गिर जाता है, फिर बढ़ जाता है।
  • आपका सर्विकल म्यूकस (cervical mucus) अंडे की सफेदी के समान अधिक चिकना और पतला हो जाता है।
  • आपका गर्भाशय ग्रीवा (cervix) नरम होकर खुल जाता है।
  • कुछ महिलाओं को पेट के निचले हिस्से में हल्का दर्द महसूस होता है। इसे मित्तेल्स्कर्म दर्द (Mittelschmerz pain) या साधारण भाषा में ओवुलेशन भी कहा जाता है। यह कुछ मिनटों और कुछ घंटों के बीच रह सकता है।[7]
  • आप हलकी ब्लड स्पॉटिंग (blood spotting) देख सकती हैं।
  • आपकी योनि (vagina) में सूजन दिखाई दे सकती है।

और पढ़ें:अनियमित पीरियड्स के लिए गुलाब की चाय के फायदे

 

5.ओवुलेशन पेन और ओवुलेशन पेन के लक्षण

Ovulation symptoms in hindi

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जैसा कि हमने ऊपर बताया कि ओवुलेशन के समय दर्द को मित्तेल्स्कर्म दर्द (mittelschmerz pain) कहा जाता है। यह ओवुलेशन पेन होता है। ओवुलेशन पेन पीरियड शुरू होने के लगभग दो सप्ताह पहले शुरू हो सकता है।

कुछ महिलाओं ओवुलेशन पेन कुछ सेकेंड्स के लिए महसूस हो सकता है तो वहीं कुछ महिलाओं को ओवुलेशन पेन कई घंटों तक भी महसूस हो सकता है। आइये जानते हैं ओवुलेशन में दर्द के लक्षण क्या हैं!

ओवुलेशन में दर्द (ovulation pain) के लक्षण निम्न हैं :

  • ओवुलेशन पेन आमतौर पर पेट के किसी एक साइड में होता है। साधारण शब्दों में समझें तो अगर आपको एक मासिक धर्म से पहले ओवुलेशन पेन पेट के दाहिने तरफ हो रहा हो और तो अगले मासिक धर्म से पहले यह ओवुलेशन पेन आपको पेट के बाएँ हिस्से में हो सकता है।
  • महिला के गर्भाशय की दोनों तरफ एक-एक अंडाशय होता है। प्रत्येक चक्र में किसी भी तरफ के अंडाशय से अंडे की रिहाई यानि अंडा रिलीज हो सकता है। ऐसे में ओवुलेशन पेन की साइड में प्रत्येक चक्र में परिवर्तन हो सकता है।
  • कुछ महिलाओं को ओवुलेशन पेन तेज़ और लंबे समय तक हो सकता है वहीं अन्य महिलाओं को ओवुलेशन में दर्द हल्का और कम समय के लिए हो सकता है।
  • यह दर्द अचानक हो सकता है, जिसके लिए आप पहले से तैयार नहीं होती हैं।

और पढ़ें:अनियमित माहवारी का इलाज

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6.ओवुलेशन का पता लगाने के लिए टेस्ट और किट

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शरीर का बेसल तापमान से पता करे ओवुलेशन (Basal Body Temperature - BBT)

बेसल बॉडी टेम्परेचर (Basal body temperature), वह बॉडी टेम्परेचर है जो आराम के दौरान (आमतौर पर नींद के दौरान) होता है और यह शरीर का सबसे कम तापमान होता है।यह आमतौर पर जागने के तुरंत बाद और किसी भी शारीरिक गतिविधि से पहले, एक बेसल थर्मामीटर (basal thermometer) की मदद से मापा जाता है।

बेसल बॉडी टेम्परेचर मापने के लिए कम से कम दो घंटे की नींद ज़रूरी है।ओवुलेशन के दौरान, महिलाओं में, बेसल बॉडी टेम्परेचर कम से कम 0.2 ° C (0.4 ° F), 72 घंटों के लिए बढ़ जाता है।

ओवुलेशन के समय पर महिलाओं के शरीर में हार्मोनल परिवर्तन होता है यही हार्मोनल परिवर्तन शरीर के तापमान को भी ओवुलेशन के दौरान बढ़ाता है, जिसे बेसल बॉडी तापमान (basal body temperature) या बीबीटी कहते हैं।

बीबीटी की मदद से ओवुलेशन के दिन का अनुमान लगाना आसन हो जाता है।[8]

ओवुलेशन प्रेडिक्टर किट से जाने ओवुलेशन का समय (Ovulation predictor kits - OPK)

फार्मेसी (Pharmacy) में उपलब्ध ओवुलेशन प्रेडिक्टर किट, ओवुलेशन से ठीक पहले मूत्र (urine) में ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन (Luteinizing hormone-LH) , जिसे एलएच के नाम से जाना जाता है, में वृद्धि का पता लगाकर 12 से 24 घंटे पहले ओवुलेशन का सटीक अनुमान लगाया जा सकता है।

ओवुलेशन प्रिडिक्टर किट (ओ.पी.के) आसानी से किसी भी फार्मेसी में ओवर-द-काउंटर मिल जाते हैं।

OPK का उपयोग करना आसान है - आप केवल एक स्टिक पर यूरीन करें और यह आपको बताएगा कि आप ओव्यूलेट करने के लिए तैयार हैं या नहीं।[9]

ओवुलेशन को ट्रैक करे ओवुलेशन कैलेंडर की मदद से (Ovulation Calendar)

आज कल ऐसे कई मोबाईल ऐप (mobile app) और वेबसाइट हैं जो इस बात का पता लगाने में मदद कर सकते हैं कि ओवुलेशन कब होगा। [10]

एक ओवुलेशन कैलेंडर इस बात की भविष्यवाणी करने के लिए डिज़ाइन किया गया है कि महिला सबसे अधिक फर्टाइल कब होगी। कई वेबसाइट और ऐप मौजूद हैं जो इस जांच में सहायता करते हैं।

इसके लिए आपसे निम्नलिखित प्रश्न पूछे जा सकते हैं:

  • आपके अंतिम मासिक धर्म की शुरुआत कब हुई थी?
  • आपके मासिक धर्म चक्र आमतौर पर कितने समय तक होते हैं?

इस प्रकार के कैलेंडर का उपयोग करने के लिए मासिक धर्म की जानकारी रिकॉर्ड करना ज़रूरी है। मासिक धर्म चक्र को ट्रैक रखना किसी भी अनियमितता का पता लगाने के लिए महत्वपूर्ण है।

और पढ़ें:अनियमित माहवारी में गर्भधारण कैसे करे

 

7.ओवुलेशन का सही समय गर्भाशय ग्रीवा (cervix) में होने वाले परिवर्तन से जानें

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आपके ओवुलेशन के पहले गर्भाशय ग्रीवा नीची, कठोर और बंद रहेगी। लेकिन जैसे-जैसे ओवुलेशन करीब होता है, यह शुक्राणु के इंतज़ार में थोड़ा सा खुलेगी, सॉफ्ट होगी और ऊपर की ओर उठेगी ताकि गर्भाधारण (pregnant) होने में आसानी हो।

कुछ महिलाएं इन परिवर्तनों को आसानी से महसूस कर सकती हैं। आप दो उंगलियों का उपयोग करके अपने गर्भाशय ग्रीवा की दैनिक जांच कर सकती हैं [11] और अपने ओवुलेशन कैलेंडर पर अपने ओब्सेर्वेशन (observation) को चार्ट कर सकती हैं।

ओवुलेशन भविष्यवाणी के तरीके और परीक्षण संकेत देते हैं कि ओवुलेशन कब हो सकता है लेकिन वे गारंटी नहीं दे सकते हैं कि आप एक निश्चित समय पर ओव्यूलेट करेंगी या गर्भवती होंगी।

इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप किस विधि या उपकरण को चुनती हैं - या आप उन सभी को आज़माती हैं। ओवुलेशन की सही भविष्यवाणी के लिए बहुत धैर्य की ज़रूरत होती है।

यदि आप अपने दो मासिक धर्म चक्रों के बीच में स्पॉटिंग नोटिस करती हैं, तो यह ओवुलेशन स्पॉटिंग हो सकता है।

स्पॉटिंग हल्का योनि रक्तस्राव है, जो आपके नियमित माहवारी के दौरान नहीं, बल्कि उसके बाहर होता है। आमतौर पर, यह रक्तस्राव आपकी माहवारी के दौरान होने वाले रक्तस्राव से बहुत हल्का होता है।

खून का रंग स्पॉटिंग के कारण का सुराग दे सकता है, क्योंकि रक्तस्राव की गति के आधार पर उसका रंग बदलता है।

कुछ महिलाओं में ओवुलेशन स्पॉटिंग हल्के गुलाबी या लाल रंग के रूप में होती है।

गुलाबी धब्बा एक संकेत है कि रक्त में सर्विकल फ्लुइड (cervical Fluid) भी मिला हुआ है।

महिलाएं आमतौर पर ओवुलेशन के समय अधिक सर्विकल फ्लुइड का उत्पादन करती हैं।

ओवुलेशन स्पॉटिंग आमतौर पर एक या दो दिन तक रहती है।

एस्ट्रोजन हॉर्मोन के स्तर में परिवर्तन अक्सर इस प्रकार के रक्तस्राव का कारण होता है, और ओवुलेशन समय के आसपास हल्की स्पॉटिंग आमतौर पर एक गंभीर समस्या का संकेत नहीं देती है।

और पढ़ें:अनियमित माहवारी या अनियमित पीरियड

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8.ओवुलेशन से संबंधित परेशानियाँ

Ovulation related problems in hindi

Ovulation se sambandhit pareshaniyan in Hindi</strong>

ओवुलेशन (Ovulation) तब होता है जब आपका अंडाशय (ovaries) एक अंडा (egg) जारी करती हैं।

ओवुलेशन ही महिलाओं को गर्भवती होने में मदद करता है. सोचिये अगर आप ओवुलेशन ही नहीं कर रही तो इसका आपके शरीर पे क्या असर होगा।

जब अंडाशय मासिक धर्म चक्र के दौरान ओसाइट्स (oocyte) जारी नहीं करते हैं इस स्थिति को एनोव्यूलेशन कहते है। इसमें ओवुलेशन नहीं होता है।

सामान्यतः एनोव्यूलेशन (Anovulation) जैसी स्थिति महिलाओं मे मेनोपॉज़ के समय पर होती है। लेकिन कई बार मेनोपॉज़ से पहले भी महिला प्रत्येक मासिक धर्म चक्र में ओवुलेट नहीं करती है।

क्रोनिक एनोव्यूलेशन यानि लम्बे समय से ओवुलेट न होना बांझपन का एक सामान्य कारण हो सकता है।

यदि ओवुलेशन अनियमित है, लेकिन पूरी तरह से अनुपस्थित नहीं है, तो इसे ओलिगो-ओव्यूलेशन (Oligo-ovulation) कहा जाता है।

एनोव्यूलेशन और ऑलिगो-ओव्यूलेशन दोनों ओव्यूलेटरी डिसफंक्शन (Ovulatory dysfunction) के प्रकार हैं।

ओव्यूलेटरी डिसफंक्शन महिला बांझपन का एक सामान्य कारण है, जो 40 प्रतिशत महिलाओं में इनफर्टिलिटी का कारण हो सकता है।

आइये ओव्यूलेटरी डिसफंक्शन (Ovulatory dysfunction) के प्रकार के बारे में विस्तार में जानकारी लेते है -

  1. एनोव्यूलेशन (Anovulation)

एनोव्यूलेशन (Anovulation) या ओवुलेशन नहीं होना, एक विकार है जिसमें अंडे ठीक से विकसित नहीं होते हैं, या अंडाशय के फॉलिकल्स (follicles) से जारी नहीं होते हैं।

जिन महिलाओं में यह विकार होता है, उन्हें कई महीनों तक मासिक धर्म नहीं हो पाता है। अन्य महिलाओं मे मासिक धर्म हो सकता है भले ही वे ओवुलेट नहीं कर रही होती हैं।

हालांकि एनोव्यूलेशन हार्मोनल असंतुलन, खाने के विकार और अन्य चिकित्सा विकारों के परिणामस्वरूप हो सकता है, अभी तक इसका सटीक कारण अज्ञात है।

अत्यधिक व्यायाम करने वाली महिला एथलीट भी उनमे होनेवाली ओवुलेशन की प्रक्रिया को रोक सकती हैं।

  1. ओलिगो - ओवुलेशन (Oligo-ovulation)

ओलीगो-ओव्यूलेशन एक विकार है जिसमें ओवुलेशन नियमित रूप से नहीं होता है और महिलाओं मे मासिक धर्म 21 से 35 दिनों के सामान्य चक्र से अधिक लंबा हो सकता है।

ओलिगो - ओवुलेशन का मतलब ओवुलेशन की कमी का होना या ओवुलेशन का न होना होता है।

महिलाओं मे ओवुलेशन न होने के लक्षण -

  • आमतौर पर, एनोव्यूलेशन वाली महिलाओं में अनियमित पीरियड्स (irregular periods) होंगे।
  • ज्यादा खराब स्थिति में, उन्हें अपना चक्र बिल्कुल नहीं आएगा।
  • यदि आपका चक्र 21 दिनों से कम या 36 दिनों से अधिक लंबा है, तो आपको ओवुलेटरी डिस्फ़ंक्शन हो सकता है।
  • यदि आपका चक्र 21 से 36 दिनों की सामान्य सीमा में आता है, लेकिन आपके चक्रों की लंबाई महीने-दर-महीने अलग-अलग होती है, तो यह ओवुलेटरी डिस्फ़ंक्शन का संकेत भी हो सकता है।

एनोव्यूलेशन और ओवुलेटरी डिस्फ़ंक्शन कई कारकों के कारण हो सकता है। ओव्यूलेटरी डिस्फ़ंक्शन का सबसे आम कारण पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम (PCOS) है। [12]

और पढ़ें:इन 6 टिप्स से जानें आपके पीरियड्स नियमित है या नहीं

 

9.ओवुलेशन की समस्या का घरेलु इलाज

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कुछ ब्लड टेस्ट जैसे की प्रोजेस्टेरोन हॉर्मोन की मात्रा जानने के लिए की जाने वाली जाँच और अल्ट्रासाउंड से ओवुलेशन डिस्फ़ंक्शन का पता लगाया जा सकता है।

इसका उपचार एनोव्यूलेशन (Anovulation) के कारण पर निर्भर करता है।

आइये देखते है की ओवुलेशन का ना होना किन इलाज़ों का इस्तेमाल कर के ठीक कर सकते है।

1. लाइफस्टाइल में बदलाव से ओवुलेशन की समस्या का इलाज -

  • जीवन शैली में बदलाव या आहार द्वारा किया जा सकता है। अपने आहारमें ज्यादा प्रोटीन युक्त खाने का सेवन करे, हरिपट्टेदार सब्जिया, बिन्स, अख़रोट, पनीर,मछली, एग, मांस का सेवन ज्यादा करे।
  • इसके साथ ही कैफीन (caffeine) प्रोडक्ट्स जैसे - कॉफ़ी, सोडा आदि का इस्तेमाल कम करे।
  • धूम्रपान और शराब का सेवन न करे।
  • तनावपूर्ण जीवन शैली से दुरी बनाये।
  • पर्याप्त नींद ले।
  • यदि शरीर का कम वजन या अत्यधिक व्यायाम एनोव्यूलेशन का कारण है, तो वजन कम करना या अपने व्यायाम की तीव्रता को कम करना ओवुलेशन को पुनरारंभ करने के लिए पर्याप्त हो सकता है।
  • यदि ओवुलेशन की समस्या शरीर के अधिक वजन या मोटापे की वजह से है तो आपके वर्तमान वजन का 10 प्रतिशत कम करना भी ओव्यूलेशन को पुनः आरंभ करने के लिए पर्याप्त हो सकता है।

2. दवाइयों के उपयोग से ओवुलेशन की समस्या का इलाज -

एनोव्यूलेशन के लिए सबसे आम उपचारों मे प्रजनन संबंधित दवाईयाँ शामिल है ।

आमतौर पर, डॉक्टर क्लोमिड (clomid) नामक दवा का सुझाव देते है। यदि क्लोमिड काम नहीं करता है, तो अन्य प्रजनन उपचार का उपयोग कर सकते हैं। [13]

क्लोमिड 80 प्रतिशत एनोवुलेटरी (anovulatory) महिलाओं में ओव्यूलेशन (ovulation) को ट्रिगर कर सकता है, और छह महीने के उपचार के दौरान लगभग 45 प्रतिशत महिलाओं को गर्भवती होने में मदद करता है।

PCOS वाली महिलाओं के लिए, मेटफॉर्मिन (Metformin) जैसी इंसुलिन-सेंसिटाइजिंग ड्रग्स (

Insulin-sensitizing Drugs) एक महिला को फिर से ओवुलेशन शुरू करने में मदद कर सकती हैं।

पीसीओएस के साथ महिलाओं में ओव्यूलेशन ट्रिगर करने में कैंसर ड्रग लेट्रोज़ोल (letrozole) (फेमरा-Femara) अधिक सफल हो सकता है।

इस उपचारोंसे अगर कोई मदत नहीं हो पाती है तो डॉक्टर आपको आईवीएफ (IVF- in vitro fertilization) उपचार की आवश्यकता हो सकती है।

3. ओवुलेशन की समस्या के इलाज के लिए कुछ घरेलु उपाय -

1. एप्पल साइडर विनेगर (Apple Cider Vinegar) ओव्यूलेशन को सही रखता है -

वैज्ञानिक अध्ययनों से यह साबित हुआ है की एप्पल साइडर विनेगर लेना प्रजनन क्षमता को बढ़ाने के साथ पीरियड्स को नियमित करता है। यह इंसुलिन प्रतिरोध को भी कम करता है सेब के सिरके को पीने का सबसे सही तरीका है कि आप इसे पानी में घोलकर पिएं।

इससे एसिडिटी नहीं होती है।

उपयोग की विधि -

  • एक गिलास पानी में 1 छोटा चम्मच सेब का सिरका मिलाकर पीना चाहिए।

अगर आपको इसका स्वाद अच्छा नहीं लगता है तो इसमें कुछ बूंदें शहद की भी डाल कर पी सकती है।

  • एक पैन में 1 कप पानी गर्म करके उसमें 1 छोटे अदरक का टुकड़ा डालकर उबाल लें। इसके बाद इसमें 1 टीस्पून एप्पल साइडर विनेगर, 1 टेबलस्पून शहद और 1 टेबलस्पून हल्दी डालकर कुछ देर अच्छी तरह पकाएं। पकाने के बाद इसे ठंडा करके बर्फ डालकर पीएं।

2. दाल चीनी (Cinnamon) का ओवुलेशन में इस्तेमाल -

उपयोग की विधि -

  • अगर एक चम्मच दाल चीनी को एक गिलास गर्म पानी के साथ लिया जाए, तो इंसुलिन के स्तर को बढ़ने से रोका जा सकता है। इस कारण आपके ओवुलेशन के प्रक्रिया में भी सुधार आ सकता है।

3. पुदीने (Mint) की चाय से ओवुलेशन की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है -

एक अध्ययन में यह साबित हुआ है कि पुदीने की चाय एंटी-एंड्रोजन (Anti-androgens) का काम करती है। इसे पीने से पीसीओएस-PCOS में राहत मिलती है। ओवुलेशन की समस्या अगर pcos के वजह से हुई हो तो उसमे ये उपाय लाभकर साबित हो सकता है। [14]

उपयोग की विधि -

  • पानी में पुदीने की सूखी पत्तियां डालकर उबाल लें और फिर छानकर पिएं।

4. ओवुलेशन को ठीक करने के लिए मेथी का उपयोग -

यह शरीर में इंसुलिन के स्तर को बढ़ने से रोकता है, हार्मोंस को संतुलित करती है और मेटाबॉलिज्म में सुधार लाती है। [15]

उपयोग की विधि -

  • तीन चम्मच मेथी के बीजों को आठ-दस घंटे के लिए पानी में भिगोकर रखें और फिर इन्हें पीसकर शहद के साथ दिन में तीन बार ले सकते हैं।

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10.निष्कर्ष

Conclusionin hindi

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ओव्यूलेशन मासिक धर्म चक्र के दौरान उस समय को कहते हैं जब एक अंडाशय एक अंडा जारी करता है। गर्भधारण के लिए ओव्यूलेशन महत्वपूर्ण है।

आपके ओव्यूलेशन की भविष्यवाणी करने के कई तरीके हैं जैसे कि तापमान चार्टिंग [16], सर्वाइकल परिवर्तनों को देखना आदि। इसके अलावा आप टेस्ट किट की मदद से भी ओवुलेशन को ट्रैक कर सकती हैं।

आर्टिकल की आख़िरी अपडेट तिथि:: 21 Jul 2020

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संदर्भ/\

  1. Mayoclinic. “Women's health”. Mayoclinic, 12 April 2018.

  2. Beverly G Reed, MD and Bruce R Carr. "The Normal Menstrual Cycle and the Control of Ovulation". Feingold KR, Anawalt B, Boyce A, et al., editors. South Dartmouth (MA): MDText.com, Inc.; 2000, PMID: 25905282.

  3. NCBI. "Menopause: Overview". NCBI, Cologne, Germany: Institute for Quality and Efficiency in Health Care (IQWiG); 2006, 27 September 2017.

  4. AmericanPregnancyAssociation. "Understanding Ovulation". AmericanPregnancyAssociation, 8 January 2020.

  5. NCBI. "Initial advice to people concerned about delays in conception". NICE Clinical Guidelines, No. 156.National Collaborating Centre for Women’s and Children’s Health (UK).London: Royal College of Obstetricians & Gynaecologists; 2013 Feb.

  6. AmericanPregnancyAssociation. "Signs of Ovulation". AmericanPregnancyAssociation, Accessed 18 Feb 2020.

  7. Mayoclinic. “Mittelschmerz”. Mayoclinic, 25 July 2019.

  8. Kaitlyn Steward; Avais Raja et al. "Physiology, Ovulation, Basal Body Temperature"Treasure Island (FL): StatPearls Publishing; 2020 Jan, 24 August 2019.

  9. Medline Plus. "Ovulation home test". Medline Plus, 04 February 2020.

  10. Johnson, Marriott, Zinaman M. "Can apps and calendar methods predict ovulation with accuracy". Curr Med Res Opin. 2018 Sep;34(9):1587-1594, PMID: 29749274 .

  11. American Pregnancy Association. "Cervical Mucus And Your Fertility". American Pregnancy Association, Accessed 18 Feb 2020.

  12. Urman B, Yakin K.”Ovulatory disorders and infertility”. J Reprod Med. 2006;51(4):267-282.PMID: 16737024

  13. Katsikis I, Kita M,et al.Anovulation and ovulation induction”.Hippokratia. 2006;10(3):120-127.PMID: 20351807

  14. Mehmet Akdoğan, Mehmet Numan Tamer, et al. “Effect of Spearmint (Mentha Spicata Labiatae) Teas on Androgen Levels in Women With Hirsutism”. Phytother Res.2007;21(5):444-447.PMID: 17310494

  15. Hassanzadeh Bashtian M, Emami SA,et al. “Evaluation of Fenugreek (Trigonella foenum-graceum L.), Effects Seeds Extract on Insulin Resistance in Women with Polycystic Ovarian Syndrome”. Iran J Pharm Res. 2013;12(2): 475–481.PMID: 24250624

  16. Mayoclinic. “Basal body temperature for natural family planning”. Mayoclinic, 13 November 2018.

अक्सर पूछे गए प्रश्न

ओवुलेशन हर महीने कब होता है?

ओवुलेशन पैटर्न महिला दर महिला और मासिक चक्र के अनुसार बदल सकता है। हालाँकि, आमतौर पर ओवुलेशन पीरियड्स के 12 से 16 दिनों पहले होता है।

क्या ओवुलेशन मासिक चक्र के 14वें दिन ही होता है?

यह एक मिथ है। ओवुलेशन का समय कई कारकों पर निर्भर करता है जैसे - मासिक चक्र की अवधि, हार्मोन का स्तर आदि। इसलिए, यह ज़रुरी नहीं है कि मासिक चक्र के 14वें दिन ही ओवुलेशन हो।

क्या एक मासिक चक्र में एक बार ही ओवुलेशन होता है?

यूँ तो एक मासिक चक्र में एक बार ही ओवुलेशन होता है। हालाँकि, एक ही वक़्त में आपकी ओवरी से दो या दो से अधिक अंडे रिलीज हो सकते हैं। अगर दोनों ही अंडे फर्टिलाइज हो जाते हैं तो जुड़वां बच्चों के जन्म की संभावना हो सकती है।

अगर मासिक चक्र की अवधि कम है तो ओवुलेशन कब हो सकता है?

कम अवधि का मासिक चक्र 21 दिनों से कम का माना जाता है। आमतौर पर, सामान्य मासिक चक्र में ओवुलेशन पीरियड्स से 10-16 दिनों पहले होता है, तो कम अवधि के मासिक चक्र में ओवुलेशन संभवतः 7-10 दिनों पहले हो सकता है।

एक महिला में अण्डों की संख्या कितनी होती है?

एक महिला 7 लाख से 2 मिलियन अण्डों के साथ पैदा होती है और प्यूबर्टी तक पहुँचने के दौरान हर महीने 11,000 हज़ार अंडे खो देती है।

किशोरावस्था के दौरान महिला में 3 से 4 लाख अंडे शेष होते हैं, इनमें से 500 से भी कम अंडे ओव्यूलेट हो पाते हैं। प्यूबर्टी शुरू होते ही महिला हर महीने 1000 अंडे खोने लगती है।

40-50 वर्ष तक यानि मेनोपॉज़ के दौरान महिला अपने ज्यादातर अंडे खो चुकी होती है, जिस कारण गर्भधारण कर पाना मुश्किल हो जाता है।

प्रेग्नेंट होने के लिए सबसे फर्टाइल दिन का पता कैसे करें?

प्रेग्नेंट होने के लिए आपको अपने ओवुलेशन को ट्रैक करना होगा। अपने ओवुलेशन को ट्रैक करके आप गर्भवती होने के लिए सबसे फर्टाइल दिनों का पता लगा सकती हैं।

आप निम्न तरीकों से ओवुलेशन को ट्रैक कर सकती हैं :

  • फर्टाइल दिनों की गणना करके
  • वेजाइनल डिसचार्ज की जाँच करके
  • अन्य शारीरिक संकेतों पर नज़र रखकर जैसे -पेट के एक तरफ दर्द, स्तनों में भारीपन, कोमलता आदि

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