प्रेगनेंसी में एमनीओटिक फ्लूइड कम होना या ऑलिगोहाइड्रामनिओस : कारण, जोखिम, निदान और उपचार

Oligohydramnios : Causes, risks, diagnosis and treatment in hindi

Oligohydramnios kya hai in hindi<br />


Introduction

Oligohydramnios_in_hindi

एमनीओटिक द्रव या प्रेगनेंसी में पानी बच्चे के विकास का बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है। एमनीओटिक द्रव आपके बच्चे की गर्भ में रक्षा करता है और उसके मांसपेशियों, अंगों, फेफड़ों और पाचन तंत्र के विकास में सहायक है।

गर्भाधान के 12 दिनों के बाद एमनियोटिक थैली बनती है और इसके तुरंत बाद प्रेगनेंसी में पानी का उत्पादन होता है। यह पहले मां द्वारा प्रदान किये पानी से बनता है और फिर दूसरी तिमाही से भ्रूण मूत्र एमनीओटिक द्रव के निर्माण का प्राथमिक पदार्थ बन जाता है।

प्रेगनेंसी में पानी बच्चे को मांसपेशियों और अंगों को विकसित करने में मदद करता है जिससे कि उसे घूमने के लिए काफी जगह मिल सके। गर्भ में बढ़ता बच्चा एमनीओटिक द्रव की मदद से गतिमान रहता है।

16 हफ्ते की शुरुआत में, बच्चा एमनीओटिक द्रव को निगलना शुरू कर देगा। कुछ मामलों में, एमनीओटिक द्रव का स्तर बहुत कम या बहुत अधिक हो सकता है।

यदि एमनीओटिक द्रव का स्तर बहुत कम है तो इसे ओलिगोहाइड्रामनिओस कहा जाता है। यदि एमनीओटिक द्रव का स्तर बहुत अधिक है तो इसे पॉलीहाइड्रमनिओस कहा जाता है।

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इस लेख़ में

  1. 1.प्रेगनेंसी में एमनीओटिक फ्लूइड कम होना या ऑलिगोहाइड्रामनिओस क्या है?
  2. 2.प्रेगनेंसी में एमनीओटिक फ्लूइड कम होने याओलिगोहाइड्रामनिओस का कारण क्या हैं?
  3. 3.प्रेगनेंसी में एमनीओटिक फ्लूइड कम होने याओलिगोहाइड्रामनिओस के जोखिम क्या हैं?
  4. 4.प्रेगनेंसी में एमनीओटिक फ्लूइड कम होने या ओलिगोहाइड्रामनिओस का निदान कैसे किया
  5. 5.ओलिगोहाइड्रामनिओस के उपचार क्या हैं?
 

प्रेगनेंसी में एमनीओटिक फ्लूइड कम होना या ऑलिगोहाइड्रामनिओस क्या है?

What is oligohydramnios in hindi

Oligohydramnios kya hai in hindi

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ओलिगोहाइड्रामनिओस, बहुत कम एमनीओटिक फ्लूइड होने की स्थिति है। आमतौर पर, एमनीओटिक द्रव की कमी सूचकांक- एएफआई (amniotic fluid index -AFI) या डीप पॉकेट मेजरमेंट (deep pocket measurements) के माध्यम से डॉक्टर एमनियोटिक द्रव की मात्रा को मापते हैं।

प्रेगनेंसी में एमनीओटिक फ्लूइड कम होना या ओलिगोहाइड्रामनिओस की निम्नलिखित विशेषताएं हैं :

  • कम एमनीओटिक द्रव की मात्रा (diminished amniotic fluid volume - AFV)
  • गर्भ में पानी की मात्रा कम होना यानि दूसरी या तीसरी तिमाही में 500 Ml से कम
  • 2.7 सेमी से कम की सिंगल डीपेस्ट पॉकेट - एसडीपी (single deepest pocket -SDP)
  • 5 सेमी से कम या पांचवें पर्सेंटाइल से कम एमनीओटिक द्रव का स्तर –एएफआई (amniotic fluid index -AFI)

लगभग 4% गर्भवती महिलाएं गर्भ में पानी का नार्मल से कम होने यानि ओलिगोहाइड्रामनिओस की स्थिति से ग्रस्त हो सकती हैं।

गर्भावस्था के दौरान किसी भी वक़्त एक महिला कम एमनीओटिक फ्लूइड की स्थिति से ग्रस्त हो सकती हैं, लेकिन अंतिम तीन महीनों के दौरान इसका ख़तरा सबसे अधिक रहता है।

यदि एक महिला की डिलीवरी में दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक देर हो जाये, तो कम एमनीओटिक फ्लूइड का ख़तरा हो सकता है क्योंकि 42वें सप्ताह तक पहुंचने के बाद गर्भ के तरल पदार्थ मात्रा में आधे रह जाते हैं।

12% गर्भवती महिलाओं में, जिनमें डिलीवरी 41वें हफ्ते के बाद होती है, में कम एमनीओटिक फ्लूइड के कारण जटिलताएं हो सकती हैं ।

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प्रेगनेंसी में एमनीओटिक फ्लूइड कम होने याओलिगोहाइड्रामनिओस का कारण क्या हैं?

What causes oligohydramnios in hindi

Oligohydramnios kyon hota hai in hindi

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प्रेगनेंसी में एमनीओटिक फ्लूइड कम होने या ओलिगोहाइड्रामनिओस के कारण निम्न हैं :

  • जन्म दोष (Birth defects)

गुर्दे या मूत्र पथ के विकास में समस्याएं जो कम मूत्र उत्पादन का कारण बन सकती हैं, जिससे एमनियोटिक द्रव का स्तर कम हो सकता है।

बच्चे के विकास में कमी आने के कारण गर्भाशय की अपर्याप्तता की स्थिति जिसके कारण एमनियोटिक द्रव का असंतुलित होना।

  • नॉन-स्टेरॉडल और स्टेरॉडल ड्रग का जरुरत से अधिक सेवन (Steroidal and non-steroidal)

गैर स्टेरायडल दवाएं प्लेसेंटा को क्रॉस करती हैं जिससे ये भ्रूण और / या नवजात प्रतिकूल परिणाम पैदा कर सकती हैं।

  • ट्विन टू ट्विन ट्रांसफ्यूजन (Twin to twin transfusion)

ट्वीन टू ट्वीन ट्रांसफ्यूजन की अवस्था में संक्रमण होने पर दो भ्रूणों के बीच असमान जल वितरण होता है जिसमें एक दाता के रूप में और दूसरा प्राप्तकर्ता के रूप में कार्य करता है।

अन्य जुड़वां (दाता) के एमनियोटिक थैली में परिणामस्वरूप कम एमनियोटिक द्रव का स्तर की स्थिति उत्पन्न हो जाती है ।

  • प्लेसेंटल समस्याएं (Placental problems)

यदि बच्चा प्लेसेंटा से पर्याप्त मात्रा में खून और पोषक तत्व प्राप्त नहीं कर पाता है, तो वह तरल पदार्थ की रिसायक्लिंग (recycling) को रोक सकता है, जिससे एमनियोटिक द्रव की कमी हो सकती है।

  • झिल्ली का रिसाव या टूटना (Leaking or rupture of membranes)

झिल्ली का समय से पहले टूटना (PROM) भी ​​कम एमनियोटिक द्रव के स्तर का परिणाम हो सकता है।

  • पोस्ट डेट प्रेगनेंसी ( Post Date Pregnancy)

एक पोस्टडेट प्रेग्नेंसी (जो कि 42 सप्ताह से अधिक की होती है) में एमनियोटिक द्रव का स्तर कम हो सकता है, और ओलिगोहाइड्रामनिओस का कारण बन सकता है।

  • मातृ जटिलताएं (Maternal Complications)

मातृ निर्जलीकरण (maternal dehydration), हाइपरटेंशन (hypertension), प्रीक्लेम्पसिया (preeclampsia), मधुमेह (diabetes) और क्रोनिक हाइपोक्सिया (chronic hypoxia) जैसे कारक एमनियोटिक द्रव के स्तर पर प्रभाव डाल सकते हैं।

  • माँ में कुछ स्वास्थ्य स्थितियाँ (health conditions in the mother)

जैसे कि उच्च रक्तचापया डायाबिटीस (diabetes)

  • कुछ दवाओं का उपयोग (Use of certain medications)

जैसे कि एंजियोटेनसिन-परिवर्तित एंजाइम अवरोधक (angiotensin-converting enzyme inhibitors)

और पढ़ें:अस्थानिक गर्भावस्था के लक्षण, कारण और उपचार
 

प्रेगनेंसी में एमनीओटिक फ्लूइड कम होने याओलिगोहाइड्रामनिओस के जोखिम क्या हैं?

What are the risks of oligohydramnios in hindi

Oligohydramnios ke khatre kya hain in hindi

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यदि गर्भावस्था के पहले छ महीनों में महिला ऑलिगोहाइड्रामनिओस ग्रस्त होती हैं, तो गंभीर समस्याएँ पैदा हो सकती हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • भ्रूण के अंगों का संकुचन (compression) जिसके परिणामस्वरूप जन्म दोष (birth defects) जैसे कि छोटे गर्भकालीन आयु के बच्चे के जन्म की संभावना अधिक होती है
  • गर्भपात या स्टिलबर्थ (still birth) की संभावना बढ़ जाती है

यदि गर्भावस्था की दूसरी तिमाही में ऑलिगोहाइड्रामनिओस होता है, तो निम्न जटिलताएं हो सकती हैं:

  • अंतर्गर्भाशयी विकास प्रतिबंध (Intrauterine Growth Restriction - IUGR)
  • अपरिपक्व जन्म (Preterm birth)
  • प्रसव की जटिलताएं जैसे कि कॉर्ड कंप्रेशन (cord compression), मेकोनियम-सना हुआ तरल पदार्थ (meconium-stained fluid), और सिजेरियन डिलीवरी (cesarean delivery)
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प्रेगनेंसी में एमनीओटिक फ्लूइड कम होने या ओलिगोहाइड्रामनिओस का निदान कैसे किया जाता है?

How is oligohydramnios diagnosed in hindi

Oligohydramnios ki diagnosis kaise ki jaati hai in hindi

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निम्न परीक्षणों के द्वारा प्रेगनेंसी में एमनीओटिक फ्लूइड कम होने या ओलिगोहाइड्रामनिओस का निदान संभव है :

  • एमनियोटिक द्रव की मात्रा का अल्ट्रासोनिक माप (Ultrasonographic measurement of amniotic fluid volume)
  • भ्रूण की विकृतियों के मूल्यांकन सहित व्यापक अल्ट्रासोनोग्राफिक परीक्षा (Comprehensive ultrasonographic examination, including evaluation for fetal malformations)
  • चिकित्सकीय संदिग्ध मातृ कारणों के लिए परीक्षण (Testing for clinically suspected maternal causes)

निम्न स्थितियों में प्रेगनेंसी में एमनीओटिक फ्लूइड कम होने या ओलिगोहाइड्रामनिओस का संदेह हो सकता है :

  • यदि गर्भाशय का आकार गर्भ की उम्र के मद्देनज़र कम है
  • यदि भ्रूण की गति कम हो जाती है या धीमी हृदय गति
  • यह आकस्मिक अल्ट्रासोनोग्राफिक निष्कर्षों के आधार पर भी संदेह किया जा सकता है।

यदि ओलिगोहाइड्रामनिओस का संदेह है, तो एमनियोटिक द्रव सूचकांक (एएफआई) का उपयोग करके एमनियोटिक द्रव के स्तर की जांच की जानी चाहिए।

और पढ़ें:कोरोना वायरस के बारे में क्या जानना जरुरी है?
 

ओलिगोहाइड्रामनिओस के उपचार क्या हैं?

What treatments are available for oligohydramnios in hindi

Oligohydramnios ka treatment kya hai in hindi

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प्रेगनेंसी में एमनीओटिक फ्लूइड कम होने का उपचार गर्भ की अवधि पर निर्भर करता है। यदि आप डिलीवरी की नियत तारीख से दूर हैं, तो डॉक्टर आपकी और आपके एमनियोटिक द्रव के स्तर की बहुत बारीकी से निगरानी करेंगे।

आपके बच्चे की गतिविधि पर नज़र रखने के लिए गैर-तनाव परीक्षण (non-stress test) और संकुचन तनाव परीक्षण (contraction stress test) जैसे परीक्षण किए जा सकते हैं। यदि आप डिलीवरी के करीब हैं, तो कम एमनियोटिक द्रव के स्तर के मामले में अधिकांश डॉक्टर प्रसव की सलाह देते हैं।

प्रेगनेंसी में एमनीओटिक फ्लूइड कम होने के अन्य उपचार जिनका उपयोग किया जा सकता है, उनमें शामिल हैं:

  • एमनियो-इंफ्यूजन (amnioinfusion)
  • एमिनोपैच (aminopatch)
  • IV तरल पदार्थ (IV fluids) या मौखिक तरल पदार्थ (oral fluids) द्वारा मातृ पुन: हाइड्रेशन (maternal re-hydration) एमनियोटिक द्रव के स्तर को बढ़ाने में मदद कर सकता है।
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आर्टिकल की आख़िरी अपडेट तिथि: : 10 Jun 2020

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