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तैलीय त्वचा

Oily skin in hindi

oily skin ke bachav in hindi

 

तैलिये त्वचा सेबेशियस ग्लैंड्स (sebacous glands) से अधिक सीबम (sebum) के उत्पादन के कारण होती है।

ऐसी त्वचा एक्ने-प्रोन (acne-prone) होती है, जिसके पोर्स खुले होते हैं। ऑयली स्किन की वजह से स्किन हमेशा चिपचिपी लगती है।

दरअसल त्वचा की कोमलता बरकरार रखने के लिए प्राकृतिक तेल जरूरी है, पर जब ऑयल ग्लांड्स (oil glands) अधिक तेल का सिक्रीशन (secreation) करती है तो स्किन ऑयली हो जाती है।

इस वजह से ब्लैकहेड्स, पिंपल्स और एक्ने की भी समस्या हो जाती है।

तैलीय त्वचा की समस्या से ज्यादातर महिलाओं को जूझना पड़ता है, क्योंकि ऑयली स्किन पर मेकअप ज्यादा देर तक टिक नहीं पाता।

यहां तक कि सनस्क्रीन और फाउंडेशन भी धूप के संपर्क में आते ही पिघलने लगते हैं, जिससे त्वचा तैलीय हो जाती है। ऐसी त्वचा पर गंदगी और धूल जल्दी जमती है।

यही कारण है कि तैलीय त्वचा को अच्छी तरह से साफ किया जाना बेहद जरूरी होता है।

 

तैलीय त्वचा के लक्षण

Symptoms of oily skin in hindi

Taliye twacha ke lakshan in hindi

Symptoms of oily skin in hindi

तैलीय त्वचा तब होती है जब आपका शरीर आवश्यकता से अधिक प्राकृतिक तेल का उत्पादन करता है। तैलीय त्वचा के लक्षण मुख्य रूप से आपके चेहरे के "टी-ज़ोन" एरिया पर दिखाई देते हैं और इसमें शामिल हैं:

  1. जब आपको अपनी त्वचा बहुत चिपचिपी लगने लगे, अक्सर दोपहर तक।
  2. त्वचा, जो मोटी (thick) या खुरदरी (rough) दिखाई देती हो।
  3. टी-ज़ोन (t-zone) (आपकी नाक, ठोड़ी और माथे) के चारों ओर बढ़े हुए पोर्स ऑयली स्किन होने की निशानी है।
  4. सीबम के अधिक उत्पादन के कारण स्किन पर ब्लैकहेड्स (blackheads) और एक्ने (acne) का होना।
  5. जब मोबाइल पर बात करने के बाद, फ़ोन पर तेल के निशान दिखे।
  6. जब मेकअप आपकी स्किन पर बहुत देर तक न टिके।
 

तैलीय त्वचा होने के कारण

Causes of oily skin in hindi

Taliye twacha ke karan in hindi

galat khanpan se oily skin

ऑयली स्किन होने के कारण त्वचा अधिक चमकने लगती है और त्वचा पर हल्का ऑयल हमेशा बना रहता है।ऐसे में ये जानना ज़रूरी है कि त्वचा तैलीय क्यों हो जाती है।

महिलाओं की स्किन ऑयली होने के क्या-क्या कारण होते हैं?

कई कारणों से महिलाओं को ऑयली स्किन की समस्या हो सकती है:

  1. हार्मोन में बदलाव (Hormonal changes)

    वैसे तो ऑयली स्किन होने के कई कारण होते हैं लेकिन तैलीय स्किन का मुख्य कारण मासिक धर्म के समय लड़कियों के शरीर में होने वाले एंड्रोजन होर्मोन (Androgen hormone) के बदलाव को माना जाता है।

    इस समय उनके शरीर में मौजूद ऑयल ग्लैंड्स सक्रिय हो जाती है, जिसके कारण हार्मोन त्वचा में पहले से मौजूद तेल को बाहर निकालने लगता है और इस कारण हमारी त्वचा ऑयली लगने लगती है।

    प्रेगनेंसी के दौरान और मेनोपॉज के पहले महिलाओं में अक्सर एंड्रोजन हार्मोन के स्तर में उतार-चढ़ाव होता है जिस वजह से स्किन ऑयली दिखती है।

  2. तनाव के कारण होती है स्किन ऑयली (Due to stress)

    इस बात से तो हम सब इत्तेफ़ाक़ रखते हैं कि तनाव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। इससे कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। जब हम तनाव में होते हैं, तो हमारे शरीर में हार्मोनल संतुलन बिगड़ जाता है।

    कोर्टिसोल भी एक तरह का हार्मोन है। हमारे तनावग्रस्त होने पर शरीर में इसका रिसाव शुरू हो जाता है, जिससे त्वचा तैलीय होती है।

  3. अनुवांशिक (Genetic reasons)

    अगर किसी के माता-पिता की त्वचा तैलीय है, तो संभव है कि उनके बच्चों की त्वचा भी तैलीय हो सकती है।

    इस स्थिति में बच्चों के चेहरे पर ऑयनी स्किन के छिद्र बड़े हो सकते हैं, जिस कारण तैलीय ग्रंथियोंं से तेल अधिक मात्रा में निकलता है।

  4. स्किन केयर प्रोड्कट का अधिक इस्तेमाल (Excessive use of skin care products)

    हमारे चेहरे की त्वचा सबसे ज्यादा सेंसिटिव होती है। बावजूद इसके, हम चेहरे को निखारने के लिए तरह-तरह के स्किनकेयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं।

    इतना ही नहीं कभी-कभी तो हम ज़रूरत से ज़्यादा चेहरे की स्क्रबिंग करने लग जाते हैं।

    जिस कारण त्वचा से बहुत अधिक तेल निकल जाता है और फिर तेल की इसी कमी को दूर करने के लिए सेबेशियस ग्लैंड्स अधिक तेल का उत्पादन करते हैं।

    जिस कारण स्किन ऑयली हो जाती है। वहीं ज़्यादा मेकअप करने से भी स्किन ऑयली हो जाती है क्योंकि बार-बार मेकअप करने से स्किन के पोर्स बंद हो जाते हैं और त्वचा पहले से भी ज्यादा ऑयली होने लगती है।

  5. मौसम में बदलाव (Climate change)

    मौसम में बदलाव होने का असर चेहरे पर दिखने लगता है।

    ऑयली स्किन का मुख्य कारण ही होता है मौसम में बदलाव। जी हां, गर्मियों में नमी बढ़ने के कारण पसीना ज्यादा आता है और तैलीय ग्रंथीयों से तेल ज़्यादा बाहर निकलता है।

    इस कारण चेहरा ज़रूरत से ज़्यादा ऑयली नजर आता है। वहीं, सर्दियों में त्वचा रूखी हो जाती है, ऐसे में माश्चराइजर की कमी को पूरा करने के लिए स्किन ज़्यादा ऑयली हो जाती है।

  6. हार्मोनल दवाओं का सेवन (hormonal medication) 

    अगर आप हार्मोनल गर्भनिरोधक दवा या फिर हार्मोन रिप्लेसमेंट दवा का सेवन कर रही हैं, तो सावधान हो जाइए।

    हो सकता है कि इन दवाओं के लगातार सेवन से आपकी त्वचा तैलीय हो जाए और कील-मुंहासों का सामना करना पड़े।

  7. गलत खानपान (Unhealthy food)

    कई बार ज्यादा ऑयली खाने से स्किन ऑयली बन सकती है हालांकि इसके कोई प्रमाण अभी तक प्राप्त नहीं हुए हैं कि ऑयली खाना खाने से स्किन भी ऑयली हो जाती है।

तैलीय त्वचा आपके लिए अभिशाप नहीं है।

हालांकि, एक बार जब आप अपनी त्वचा के प्रकार को जान लेते हैं, तो आप यह निर्धारित कर सकते हैं कि इसे कैसे ठीक करने की कोशिश की जाये।

 

सारांश

Summary in hindi

Saransh in hindi

ऑयली स्किन की समस्या अक्सर चेहरे की टी-जोन एरिया पर होती है, ऐसे लोगों के चेहरे पर हल्का ऑयल हर समय बना रहता है और चेहरा चिपचिपा लगता है। तैलीय त्वचा के कारण एक्ने या पिंपल्स भी हो जाते हैं।

हार्मोन और मौसम में बदलाव से लेकर दवाओं के अत्यधिक सेवन के कारण स्किन ऑयली हो जाती है।  

अगर हम इस पर ध्यान दें और अपने दिनचर्या के साथ-साथ खान-पान पर ध्यान दें तो इससे छुटकारा पा सकते हैं।