तैलीय और चिपचिपे बाल

तैलीय और चिपचिपे बाल

Oily and greasy hair in hindi

oily aur chip chipe baal ki dekh bhaal in hindi

 

बालों में प्राकृतिक तेल को बरकरार रखने के लिए सिर की ऊपरी त्वचा सीबम (sebum) नाम का पदार्थ निकलता है।

सीबम का उत्पादन सिर के स्कैल्प में ज्यादा होने के कारण बाल तैलीय हो जाते हैं।

अत्यधिक तेल के कारण बाल चिपचिपे हो जाते हैं।

ज्यादा वक्त तक बालों का तैलीय और चिपचिपा रहना आपके लिए मुसीबत खड़ी कर सकता है।

 

तैलीय बालों के लक्षण और पहचान

Signs and symptoms of oily and greasy hair in hindi

kaise pehchane ki aap ke baal taliye aur greasy nahi hai in hindi

तैलीय बालों के लक्षण

तैलीय और चिपचिपे बाल के होने के पीछे कई कारण हैं।

आइए एक नज़र डालें उन कारणों पर :

  1. शैंपू करने के बाद तैलीय बाल (Oily and greasy hair after shampoo)

    तैलीय बालों पर शैंपू का कोई असर नहीं होता। शैंपू करने के तुरंत बाद आपके बाल तैलीय हो जाएंगे।

  2. स्कैल्प में सेबम (Excess sebum in scalp)

    स्कैल्प में सीबम के अधिक उत्पादन से स्कैल्प में खुजली होती है। स्कैल्प पर हमेशा चिपचिपाहट महसूस होती है।

  3. बाल कंघी से चिपकना (Comb is sticking with hair)

    कंघी करते वक्त चिपचिपे बाल कंघी में रगड़ खाकर चिपकने लगते हैं।

  4. बालों में रूसी (Excess dandruff)

    रूसी, बालों की हर समस्या की जड़ है। यह बालों को तैलीय करने का भी कारण है।

    बालों में अधिक रूसी होने पर समझ जाएं कि आपके बाल तैलीय हो चुकें हैं या होने की कगार पर हैं।

 

तैलीय और चिपचिपे बालों के कारण

Causes of oily and greasy hair in hindi

oily aur chip chipe baalo ke karan in hindi

तैलीय और चिपचिपे बालों के कारण

कई कारणों से बालों को चिपचिपा हो जाना आम बात है मगर सही समय पर इनका ख़्याल रखकर आप इनका उपचार कर सकती हैं।

आइए देखें कहां आपको सावधानी बरतनी है :

  1. सीबम का अधिक उत्पादन (Excess sebum)

    सिर की ऊपरी त्वचा सीबम का उत्पादन करती है, जो स्कैल्प में प्राकृतिक तेल बनाए रखता है।

    मगर स्कैल्प पर सीबम का अधिक उत्पादन ऑयली हेयर होने का सबसे मुख्य कारण है।

    स्कैल्प में अधिक सीबम बनने के बाद आपके बाल उसे सोख लेते हैं, जिसके बाद आपके बाल तैलीय और चिपचिपे हो जाते हैं।

  2. हार्मोन्स में बदलाव (Hormonal Change)

    शारीरिक हार्मोन्स में बदलाव होने के कारण भी आपके बाल तैलीय और चिपचिपे हो सकते हैं।

    गर्भावस्था या बालपन से किशोरावस्था में कदम रखते वक्त यह समस्या देखने को मिलती है।

  3. बीमारी (Diseases)

    ज्यादा दिनों तक बीमार रहने से भी सीबम का उत्पादन अधिक होने लगता है और बाल तैलीय और चिपचिपे हो जाते हैं।

  4. जेनेटिक (Genetic)

    जेनेटिक कारणों से भी आपके बाल तैलीय और चिपचिपे हो सकते हैं।

  5. खानपान में बदलाव (Change in eating habits)

    खान-पान में बदलाव, तैलीय खाना या दवाई ज्यादा लेने से भी स्कैल्प में सीबम अधिक बनने लगता है, जिससे बाल तैलीय और चिपचिपे हो जाते हैं।

  6. पानी कम पीना (Drinking less water)

    कम पानी पीने से भी स्कैल्प में सीबम अधिक मात्रा में बनने लगता है, जिससे बाल तैलीय और चिपचिपे हो जाते हैं।

  7. हीट प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल (Excess use of heat products)

    लगातार हीट प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना से भी आपके बाल प्रभावित हो सकते हैं।

    लगातार हीट प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल आपके बालों को तैलीय और चिपचिपा बना सकता है।

  8. कॉस्मेटिक्स का इस्तेमाल (Excess use of cosmetics)

    बालों को खूबसूरत बनाने के दवाओ के साथ कई तरह के कॉस्मेटिक्स मार्केट में मिलते हैं।

    मगर रसायन युक्त कॉस्मेटिक्स या अधिक तरह के प्रोडक्ट्स का बालों पर इस्तेमाल बालों की क्वालिटी ख़राब करके उन्हें ऑयली और चिपचिपा बना सकता है।

  9. अधिक कंघी करना (Excess combing)

    यह सुनने में अजीब लग सकता है मगर सच है। आप जितनी बार कंघी करते हैं उतनी बार आपके स्कैल्प के रोमछिद्रों से एक प्रकार का एसिड निकलता है।

    जो पूरे बालों में फ़ैल जाता है। यह एसिड आपके बालों में प्राकृतिक तेल बनाए रखने में सहायक है।

    मगर बार बार कंघी करने से बालों में तेल की मात्रा बढ़ने लगती है, जिससे बाल ऑयली हो जाते हैं।

 

तैलीय और चिपचिपे बाल का कैसे करें ख़्याल

How to take care of oily and greasy hair in hindi

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तैलीय और चिपचिपे बाल का कैसे करें ख़्याल

 आइए एक नज़र डालें कैसे करें ख़्याल:

  1. पानी खूब पीएं (Keep hydrated)

    दिन में कम से कम 7-8 ग्लास पानी पीएं। पानी सिर में अधिक सीबम बनने से रोकता है।

  2. खाने पर ध्यान दें (Change food habits)

    खाने में पौष्टिक आहार लें। भोजन में हरी सब्जियां शामिल करें। ज्यादा तैलीय खाना खाने से बचे।

  3. बालों सफाई पर ध्यान दें (Take care of hair cleanliness)

    नियमित तौर पर बालों की सफाई करें। हफ्ते में दो से तीन बार शैंपू ज़रूर करें।

    शैंपू के चुनाव के वक्त सावधानी बरतें, माइल्ड शैंपू ही इस्तेमाल करें।

  4. बालों में ज्यादा दिनों तक तेल (Don't keep your hair oily for long)

    बालों में तेल से मालिश रात के वक्त करें, सुबह बाल धो लें।

    ज्यादा दिनों तक बालों में तेल लगाकर ना रखें।

  5. हीट प्रोडक्ट्स से दूरी (Distance from heat products)

    हेयर ड्रायर, हेयर स्ट्रेटनर का बार बार इस्तेमाल ना करें। प्राकृतिक तरीके से ही बालों को सूखने दें।

    भूलकर भी बालों को स्ट्रेट करने के लिए आयरन का प्रयोग न करें।

  6. अधिक कॉस्मेटिक को कहें ना (Use less cosmetics)

    बालों पर ज्यादा प्रयोग ना करें। अलग अलग कंपनी के प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल लगातार करने से बचे।

    अच्छी क्वालिटी का शैंपू, तेल या कंडीशनर ही इस्तेमाल करें।

  7. धूप में करें बालों की रक्षा (Protect hair from sun)

    धूप की अल्ट्रावायलेट  किरणें (Ultraviolet rays) बालों के सेल्स को डैमेज करके बालों को तैलीय बना सकती हैं।

    ऐसे में जब भी धूप में निकलें बालों को कवर करने कि कोशिश करें।

  8. कसकर बालों को ना बांधें (Don't tie hair tightly)

    बालों को कसकर बांधने से ना सिर्फ़ वो टूटते हैं बल्कि उस वक्त स्कैल्प के रोमछिद्रों से तेल का श्राव बढ़ जाता है।

    इससे बाल तैलीय और चिपचिपे होते हैं।

 

सारांश

Summary in hindi

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बालों के तैलीय और चिपचिपे होने के पीछे सबसे बड़ा कारण स्कैल्प में सीबम का अधिक बनना है।

किसी भी कारण से बालों में सीबम का अधिक उत्पादन बालों को ऑयली बना सकता है।

हार्मोनल बदलाव, अधिक दिनों तक बीमार रहना, हीट प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल, रूसी, बालों को कसकर बांधना या धूप की हानिकारक किरणें, बालों के ऑयली होने का कारण होती हैं।

सही वक्त पर ख़्याल करने से इसका उपचार संभव है।