एमेनोरिया

एमेनोरिया

Amenorrhea in hindi

Amenorrhea ya no periods kya hota hai in hindi

 

एमेनोरिया तब होता है जब मासिक धर्म, प्रजनन (Breeding) वर्षों के दौरान, यौवन और रजोनिवृत्ति (Puberty and Menopause) के बीच अनुपस्थित (absent) होता है।

यह एक बीमारी नहीं है, और इसका मतलब यह नहीं है कि महिला बांझ (Infertile) है, लेकिन यह एक स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है, जिस पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

यौवन के आसपास, मासिक धर्म शुरू होता है, और फिर यह सामान्य रूप से महीने में एक बार 50 वर्ष की आयु तक रहता है। 50 की आयु के आसपास  रजोनिवृत्ति शुरू होते ही पीरियड पूरी तरह से रुक जाते हैं।

गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान, मासिक धर्म का बंद हो जाना आम है और यह एमेनोरिया की श्रेणी में नहीं आता।  यदि मासिक धर्म उस समय पर नहीं होता जब सामान्य रूप से इसकी उम्मीद होती है, तो यह एमेनोरिया है।

 

एमेनोरिया के प्रकार

Types of Amenorrhea in hindi

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एमेनोरिया के प्रकार

सामान्य तौर पर एमेनोरिया दो प्रकार के होते हैं:

  1. प्राइमरी एमेनोरिया (Primary  Amenorrhea)

    प्राइमरी एमेनोरिया उस स्थिति को कहते हैं जब यौवन के दौरान पीरियड्स शुरू नहीं होते हैं। अगर 16 साल की उम्र तक पीरियड्स शुरू नहीं होते हैं, तो व्यक्ति को डॉक्टरी मदद लेनी चाहिए।

    प्राथमिक एमेनोरिया दुर्लभ है।

  2. सेकेण्डरी एमेनोरिया (Secondary Amenorrhea)

    यह तब होता है जब पीरियड्स शुरू तो हो जाते हैं, लेकिन फिर आगे जाकर वे किसी कारण रुक जाते हैं।

    मेडिकल भाषा में निम्नलिखित परिस्थितियों को सेकेण्डरी एमेनोरिया की श्रेणी में माना जाता है:

    1. यदि किसी महिला को नियमित रूप से पीरियड्स होते थे लेकिन फिर 3 महीने तक लगातार पीरियड्स नहीं होते या फिर
    2. यदि किसी महिला को अनियमित पीरियड्स (Irregular periods) होते थे लेकिन फिर 6 महीने तक लगातार पीरियड्स नहीं होते।
 

एमेनोरिया के लक्षण

Symptoms of Amenorrhea in hindi

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एमेनोरिया के लक्षण
  1. मासिक धर्म न होना (No menstrual bleeding)

    मुख्य लक्षण मासिक धर्म की कमी है। हालांकि, कारण के आधार पर, अन्य लक्षण हो सकते हैं। इसमें शामिल है:

    1. दूधिया निप्पल डिस्चार्ज (Milky Nipple Discharge)
      स्तनों से सफ़ेद डिस्चार्ज हो सकता है।
    2. बाल झड़ना (Hair Loss)
      बाल सामान्य से अधिक झड़ते हैं।
    3. सरदर्द (Headache)
      सिर में दर्द रहता है।
    4. दृष्टि बदल जाती है (Vision changes)
      नज़र कमजोर हो सकती है।
    5. अतिरिक्त चेहरे के बाल (Additional facial hair)
      चेहरे पर सामन्य से ज़्यादा बाल निकाल आते हैं।
    6. स्तन विकास में कमी (Less Developed Breasts)
      प्राथमिक अमेनोरिया वाली महिलाओं में यह लक्षण दिखाई पड़ सकता है।
 

एमेनोरिया के कारण

Causes of Amenorrhea in hindi

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एमेनोरिया के कारण

प्राइमरी और सेकेण्डरी अमेनोरिया के कारण अलग होते हैं:

प्राइमरी एमेनोरिया के कारण

  1. आनुवंशिक कारण (Genetic Causes)

    प्राइमरी एमेनोरिया का एक सामान्य कारण विलंबित मासिक धर्म का पारिवारिक इतिहास (family history) है।

    हालांकि, कभी-कभी एक आनुवंशिक (genetic)समस्या होती है। अंडाशय (ovaries) को ठीक से काम करने से रोकने वाली आनुवंशिक स्थितियों में शामिल हैं:

    1. टर्नर सिंड्रोम (Turner syndrome)
      यह एक क्रोमोसोमल (Chromosomal) स्थिति है जो महिलाओं में विकास को प्रभावित करती है।
    2. एण्ड्रोजन असंवेदनशीलता सिंड्रोम (Androgen Insensitivity Syndrome)  
      इसमें टेस्टोस्टेरोन उच्च स्तर की ओर जाता है।
    3. मुलरियन दोष (Müllerian Defects)
      यह एक प्रकार की प्रजनन अंगों की विकृति (Defect)है।
    4. जन्म से मौजूद (Congenital defects)
      जन्म से मौजूद प्रजनन अंगों से संबंधित समस्या हो सकती है। कभी-कभी, गर्भाशय (Uterus) और फैलोपियन ट्यूब (Fallopian Tubes) गायब हो सकते हैं।
      कभी-कभी, फैलोपियन ट्यूब सही ढंग से काम नहीं करती हैं या फिर गर्भाशय ग्रीवा (Cervix) और गर्भाशय ठीक से नहीं बने होते हैं।
      ऐसे मामलों में, प्रजनन विकास सामान्य पैटर्न का पालन नहीं करेगा, और मासिक धर्म संभव नहीं हो सकता है।

सेकेण्डरी एमेनोरिया के कारण

सेकेण्डरी एमेनोरिया कई कारणों से हो सकता है, जैसे:  

  1. बहुत कम बॉडी मास इंडेक्स (Low Body Mass Index)

    जब बीएमआई 19 से नीचे आता है, तो माध्यमिक एमेनोरिया विकसित होने का जोखिम काफी बढ़ जाता है।

  2. अत्यधिक वजन घटाने, अत्यधिक व्यायाम, और तनाव (Excessive weight loss, Excessive exercise and Stress)

    शारीरिक बीमारी या खाने की कमी के कारण अत्यधिक वजन घट सकता है जिसके परिणामस्वरूप पीरियड्स रुक जाते हैं।

    कड़े व्यायाम के कारण खिलाड़ियों में सेकेण्डरी एमेनोरिया आम है। गंभीर भावनात्मक उथल-पुथल या अत्यधिक तनाव भी महिला के पीरियड्स को रोक सकता है।

  3. दवाएं (Medications)

    कुछ दवाओं, जैसे गर्भनिरोधक दवाओं (birth control pills) और कई मनोरोग दवाओं के कारण पीरियड्स रुक सकते हैं।

    मासिक धर्म को प्रभावित करने वाली अन्य दवाओं में एलर्जी की दवाएं, रक्तचाप (Blood Pressure) की दवाएं, कैंसर की दवाएं, आदि भी शामिल हैं।

  4. लंबे समय तक स्वास्थ्य की स्थिति (Prolonged Illnesses)

    एमेनोरिया एक दीर्घकालिक बीमारी का भी परिणाम हो सकता है, जैसे कि

    1. पॉलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम ( Polycystic Ovary Syndrome -PCOS)
    2. समय से पहले डिम्बग्रंथि विफलता (Premature Ovarian Failure)
  5. हार्मोनल समस्याएँ (Hormonal Problems)

    जैसे कि पिट्यूटरी समस्याएं या अंडरएक्टिव थायरॉयड (Underactive Thyroid), हार्मोन असंतुलन पैदा कर सकता है, और इसके परिणामस्वरूप मासिक धर्म की समस्याएं हो सकती हैं।

 

एमेनोरिया का निदान

Diagnosis of Amenorrhea in hindi

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एमेनोरिया का निदान

प्राइमरी एमेनोरिया का निदान

यदि किसी महिला ने 16 साल की उम्र तक मासिक धर्म शुरू नहीं किया है, तो डॉक्टर आपके परिवार के इतिहास के बारे में पूछ सकते हैं और कई परीक्षण कर सकते हैं।

इनमें निम्नलिखित हार्मोन के स्तर का पता करने के लिए परीक्षण शामिल होंगे:

  1. फोल्लिकल स्टिमुलेटिंग हार्मोन (Follicle Stimulating Hormone - FSH)
  2. ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन (Luteinizing Hormone - LH)
  3. थायराइड स्टिमुलेटिंग हार्मोन (Thyroid Stimulating Hormone - TSH)

सेकेण्डरी एमेनोरिया का निदान

सेकेण्डरी एमेनोरिया के निदान में शामिल हो सकते हैं:

  1. गर्भावस्था परीक्षण (Pregnancy test)
  2. थायराइड परीक्षण (Thyroid function test)
  3. अंडाशय परीक्षण (Ovary function test)
  4. एण्ड्रोजन और अन्य हार्मोन परीक्षण (Androgen and other hormone tests)
  5. एमआरआई, सीटी या अल्ट्रासाउंड स्कैन (MRI, CT, or ultrasound scan)
  6. हिस्टेरोस्कोपी (Hysteroscopy)
 

एमेनोरिया का इलाज

Treatment of Amenorrhea in hindi

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एमेनोरिया का इलाज

प्राथमिक एमेनोरिया का इलाज

प्राथमिक एमेनोरिया का उपचार, व्यक्ति की उम्र और अंडाशय के परीक्षण के परिणाम पर निर्भर करता है। यदि देर से मासिक धर्म होने का पारिवारिक इतिहास है, तो माहवारी देर से शुरू हो सकती है।

यदि आनुवंशिक या शारीरिक समस्याएं हैं जिनमें प्रजनन अंग शामिल हैं, तो सर्जरी आवश्यक हो सकती है। हालांकि, यह गारंटी नहीं देगा कि सामान्य मासिक धर्म चक्र होगा।

सेकेण्डरी एमेनोरिया का इलाज

इसका इलाज़ कारणों पर निर्भर करेगा। कारण का इलाज़ होने पर एमेनोरिया स्वयं ही ठीक हो जाएगी।

  1. जीवनशैली कारक (Lifestyle changes)

    यदि व्यक्ति अत्यधिक व्यायाम कर रहा है, तो व्यायाम योजना या आहार का परिवर्तन मासिक चक्र को स्थिर करने में मदद कर सकता है।

  2. तनाव (Stress)

    यदि भावनात्मक या मानसिक तनाव एक समस्या है, तो मनोचिकित्सक परामर्श (Psychiatric counselling) मदद कर सकता है।

  3. वजन बहुत कम होना (Excessive weight loss)

    कुछ स्वास्थ्य स्थितियों के कारण वजन कम हो सकता है। एक डॉक्टर इनका परीक्षण कर सकता है और उचित उपचार दे सकता है। 

  4. अंडरएक्टिव थायरॉइड (Underactive thyroid)

    अगर किसी अंडरएक्टिव थायराइड के कारण मासिक धर्म रुक जाता है, तो डॉक्टर थायरॉयड का उपचार लिख सकता है।

  5. पॉलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम (Polycystic ovary syndrome )

    डॉक्टर उचित उपचार सुझाएगा। यदि पीसीओएस के कारण अतिरिक्त वजन होता है, तो वे वजन घटाने वाले आहार की सलाह दी जा सकती है।

  6. समय से पहले अंडाशय की विफलता (Ovulation failure)

    हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (Hormone replacement Therapy - HRT) के द्वारा मासिक धर्म वापस आ सकता है।

 

सारांश

Summary in hindi

saransh in hindi

मासिक धर्म चक्र की अनुपस्थिति को एमेनोरिया कहा जाता है। गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान मासिक धर्म का रुकना आम है।

यदि इसके अलावा, मासिक धर्म समय पर नहीं होता है तो यह एमेनोरिया है। एमेनोरिया दो प्रकार के होते हैं और इसका इलाज़ होने वाले कारणों पर निर्भर करता है।