अचानक घबराहट होना - कारण, लक्षण और उपचार

Causes, symptoms and treatment of nervousness in hindi

muh sukhna aur ghabrahat hona


एक नज़र

  • अगर कभी बेचैनी से तुरंत राहत पानी हो तो लैवेंडर ऑयल को सूंघना चाहिए।
  • घबराहट हमारे दिमाग की एक आम प्रतिक्रिया है जो कि किसी स्थिति में हमारे मस्तिष्क में तनाव कम करने के कारण हो जाती है।
  • दिन में एक कप ग्रीन टी का सेवन घबराहट की समस्या को दूर कर देता है।
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Introduction

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वर्तमान की हमारी अस्त-व्यस्त जीवनशैली ने कई बीमारियों को जन्म दे दिया है। अचानक घबराहट होना या तीव्र घबराहट इनमें से एक है। कुछ बीमारियों को कंट्रोल करना हमारे खुद के वश में होता है तो कुछ ऐसी बीमारियाँ होती हैं जिनके लिए चिकित्सीय परामर्श आवश्यक हो जाता है।

हालांकि, जी मिचलाना घबराहट होना एक ऐसी बीमारी है जिससे अधिकांश बड़े से लेकर बच्चे तक ग्रसित होते जा रहे हैं। ये एक ऐसी बीमारी है जिससे व्यक्ति के सामान्य जीवन पर बहुत अधिक प्रभाव पड़ता है और वो पूरी तरह इससे परेशान हो जाता है।

ऐसे में आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से मुंह सुखना और घबराहट होने (muh sukhna aur ghabrahat hona) में क्या संबंध है, घबराहट होने के कारण (ghabrahat hone ke karan) और लक्षण क्या हैं और साथ ही इसके उपचार को विस्तार से समझने की कोशिश करेंगे।

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इस लेख़ में

 

घबराहट क्या है?

What is nervousness in hindi

ghabrahat hone ke karan

घबराहट या नर्वसनेस (nervousness) एक अप्रिय अहसास (unpleasent feeling) है जिसमें इंसान किसी अनचाही घटना के होने की संभावना को लेकर बहुत डरा हुआ और परेशान महसूस करता है।

तीव्र घबराहट किसी को भी और किसी भी बड़ी या छोटी चीज़ को लेकर भी हो सकती है।

कई बार हम छोटी-छोटी चीजों जैसे कि किसी से बात करने में, एग्जाम के रिजल्ट आदि को लेकर बहुत घबरा जाते हैं और वो परिणाम सोचने लगते हैं जिनके होने की संभावना बहुत कम होती है।

थोड़ी बहुत घबराहट होना आम बात है और ये हमारे दिमाग की किसी भी ख़बर के प्रति एक सामान्य प्रतिक्रिया होती है। घबराहट का अनावश्यक बढ़ना दिमाग की कार्य-क्षमता के प्रभावित होने का संकेत है।

घबराहट के कारण (ghabrahat ke karan) व्यक्ति हमेशा अशांत और परेशान रहता है। अधिक घबराहट कई बार तनाव का कारण भी बन जाती है। हमें घबराहट के लक्षणों को पहचान कर, जितना हो सके उतनी जल्दी घबराहट का निवारण करना चाहिए ताकि इससे होने वाली समस्याओं से बच सकें।

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घबराहट के शुरुआती लक्षण क्या हैं?

What are the early symptoms of nervousness in hindi

जी मिचलाना घबराहट होना, achanak ghabrahat hone ka karan

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घबराहट अगर बढ़ जाये तो कई बार इंसान को घबराहट के दौरे यानी पैनिक अटैक (panic attack) या एंग्जायटी (anxiety) आदि जैसी समस्या भी उत्पन्न हो सकती है।ऐसे में ये बहुत जरूरी हो जाता है कि हम समय रहते अपनी घबराहट के लक्षणों को पहचाने और वक़्त रहते इससे निपट सकें।

घबराहट के लक्षण निम्न हैं : -

  1. पेट खराब या जी मिचलाना (Stomach upset or nausea)
    किसी अप्रिय सूचना मिलने पर या काम के दबाव के चलते अगर अचानक से आपका पेट खराब हो जाये या जी मिचलाने (nausea) लगे या आम भाषा में कहें तो उल्टी(vomit) महसूस होना।
  2. दिल की धड़कनें बढ़ना (Increased heart rate)
    अचानक घबराहट होने से दिल की धड़कने तेज़ हो सकती हैं। दरअसल घबराहट का सीधा रिश्ता हमारे दिल से होता है। अगर हम अधिक घबराते हैं तो इस स्थिति में हमारे दिल की धड़कनें काफी तेज हो जाती हैं। ऐसे में कई बार दिल का दौरा पड़ने के भी आसार होते हैं।
  3. शरीर कांपना या ऐंठन होना (Body shivering or strain)
    घबराहट के कारण कुछ लोग शारीरिक रूप से भी परेशान हो सकते हैं और शरीर कंपनी जैसे लक्षण उनमें दिख सकते हैं। कई बार घबराहट के कारण काम करते वक़्त इंसान का शरीर कांपने लगता है या शरीर में किसी प्रकार ऐंठन आने लगती है।
  4. मुंह सुखना और घबराहट होना (Dry mouth)
    घबराहट के कारण कई बार इंसान का मुंह एकदम सुख से जाता है और उसके मुंह से बदबू भी आने लगती है।
  5. हाथ पैरों में पसीने आना (Sweating in hands and legs)
    घबराहट होना पसीना आना, ये भी घबराहट के आम लक्षणों में से एक है। अगर किसी इंसान के हाथ पैरों से अचानक बिना किसी शारीरिक श्रम किये पसीने आने लगे तो ये घबराहट के कारण हो सकता है।
  6. सांस फूलना (Breathlessness)
    बहुत लोगों में देखा जाता है कि घबराहट के कारण उनकी सांस फूलने लगती है। ऐसे में जब किसी काम को करते वक़्त या किसी बात को सोचते वक़्त आपकी सांस फूलने लगे तो ये घबराहट के कारण हो सकता है।
  7. नींद ना आना (Disturbed sleep)
    घबराहट होने के कारण कई बार सही से नींद नहीं आ पाती है और घबराहट गंभीर होने पर अक्सर लोग अनिद्रा के भी शिकार हो जाते हैं।
  8. अचानक ठंड या गर्म महसूस करना (Sudden feeling of cold or hot)
    घबराहट के कारण कई बार इंसान अचानक से अपने शरीर के तापमान में कमी या वृद्धि महसूस करता है, जिस कारण उसे कई बार अचानक ही ठंड या गर्मी लगने लगती है।
  9. बेचैनी या चक्कर आना (Restlessness or dizziness)
    अत्यधिक घबराहट के कारण हमें बेचैनी या चक्कर आने जैसा भी महसूस हो सकता है।
  10. मांसपेशियों में तनाव महसूस होना (Muscle strain)
    अगर आपको भी कोई काम करते वक़्त मांसपेशियों में तनाव महसूस होता है तो ये संकेत है कि आप भी घबराहट के शिकार हो सकते हैं। इस तरह से अचानक घबराहट कारण आपको मांसपेशियों में दर्द का अनुभव भी हो सकता है।
  11. ध्यान केंद्रित न कर पाना (Unable to concentrate)
    अगर आपको कोई काम करते वक़्त या कुछ सोचते वक़्त ध्यान केंद्रित करने में परेशानी होती है और आप सदैव परेशान रहते हैं तो आप भी घबराहट से पीड़ित हो सकते हैं।
और पढ़ें:अकेलापन कैसे दूर करें
 

घबराहट के कारण

Potential causes of nervousness in hindi

जी मिचलाना घबराहट होना

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हमारे जीवन में छोटी मोटी बेचैनी होना आम बात है। ये हमारे दिमाग का तनाव कम करने का तरीका है। परन्तु जब बेचैनी की समस्या अधिक होने लग जाये तो ये हमारे लिए नुकसानदायक है और इसके कारण का पता लगाना जरूरी हो जाता है। इसलिए आईये अब घबराहट होने के कारण को समझने की कोशिश करते हैं।

घबराहट के कारण नीचे दिए गये हैं : -

  1. इंटरव्यू या एग्जाम के टेंशन की वजह से हो सकती है घबराहट (Interview or exam)
    घबराहट के कारण कई होते हैं लेकिन बच्चों में जिस तरह की घबराहट की स्थिति देखी जाती है वो अक्सर उनकी पढ़ाई या फिर परीक्षा से जुड़े टेंशन से संबंधित होते हैं। हालांकि युवावस्था में ये समस्या अक्सर उनके इंटरव्यू के समय देखी जाती है। ये घबराहट पूरी तरह से आम है क्योंकि यहां पर हमारा दिमाग होने वाली संभावनाओं को लेकर काफी चिंतित रहता है।ये हम सभी को कभी न कभी होती ही है।
  2. पहली बार कुछ नया करने के कारण हो सकती है घबराहट (Trying something for first time)
    कई बार जब हम पहली बार कुछ कर रहे होते हैं जैसे कि नई नौकरी का पहला दिन, स्टेज पर पहली परफॉरमेंस या स्कूल कॉलेज का पहला दिन या कोई जरूरी मीटिंग में प्रेजेंटेशन(presentation) ऐसे में हमारे मन में तरह तरह के विचार आते हैं और उस समय भी हमें घबराहट हो जाती है और इस तरह ये घबराहट के कारण बन जाते हैं।
  3. थायराइड के कारण हो सकती है घबराहट (Thyroid)
    थाइरोइड भी घबराहट के कारण हो सकते हैं। कई बार हमारे शरीर में थाइरोइड की मात्रा बढ़ने की वजह से भी हमें घबराहट होने लगती है जिस की वजह से हम अपना काम सही रूप से नहीं कर पाते।
  4. घबराहट की वजह है - सामाजिक डर (Social phobia)
    कई बार इंसान अपने आपको समाज में बहुत छोटा या कमजोर महसूस करने लग जाता है, जिस कारण उसके मन में सामाजिक डर उत्पन्न हो जाता। उसे डर होता है कि वह कुछ भी करेगा तो किसी को पसंद नहीं आएगा और इसी सोशल फोबिया (social phobia) के कारण वह तनाव में आ जाता है और बहुत घबरा जाता है।
  5. घबराहट होने का कारण है - सोशल एंग्जायटी (Social anxiety)
    कई बार इंसान को दूसरों से बात करने या मिलने-जुलने में बहुत डर लगता है जिस वजह से वह भीड़ में कई बार डरा हुआ और घबराया हुआ महसूस करने लगता है।
  6. घबराहट की वजह है - अत्यधिक चिंता करने की आदत (Habit of excessive worrying)
    कुछ लोगों को व्यर्थ ही अधिक चिंता करने की आदत होती है, फिर चाहे वह सामाजिक चिंता हो या घरेलू। इस कारण वो कई बार अत्यधिक सोचने लगते हैं और घबराने लग जाते हैं।
  7. शराब और ड्रग्स का सेवन बनता है घबराहट का कारण (Consumption of alcohol and drugs is a reason of nervousness)
    अचानक घबराहट होना कई कारणों से होता है लेकिन शराब और ड्रग्स का सेवन इसमें बड़ा योगदान करता है। जी हां, नियमित रूप से शराब और ड्रग्स का सेवन हमारा मन कमजोर हो जाता है जिस कारण हम किसी भी स्तिथि को समझने से पहले ही घबराहट का शिकार हो जाते हैं।
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घबराहट को लेकर कब चिंतित होना चाहिए

When to be worried about nervousness in hindi

muh sukhna aur ghabrahat hona

आज के हमारे इस व्यस्त जीवनशैली ने हमें कई बीमारियों को जन्म दे दिया और इसी का एक नतीजा है घबराहट होना। घबराहट होने की समस्या आज सिर्फ बड़ों या बुज़ुर्गों तक ही सीमित नहीं है बल्कि छोटे-छोटे बच्चे भी इसका शिकार होते जा रहे हैं।

ऐसे में समय रहते इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है और इसके लिए जल्द-से-जल्द डॉक्टर से मिलना चाहिए। हालांकि इस स्थिति में मन में ये सवाल आता है कि कब हमें घबराहट की समस्या को लेकर डॉक्टर से मिलना चाहिए तो चलिए अब आपको बताते हैं कि कब डॉक्टर से मिलने की आपको आवश्यकता है।

तीव्र घबराहट या अचानक घबराहट होने पर डॉक्टर से कब मिलना चाहिए : -

  • अगर आपको ऐसा लगने लगे कि आप किसी भी बात को लेकर बहुत अधिक परेशान होने लगे हैं और इससे आपका काम या संबंध प्रभावित हो रहा हो।
  • अगर आपको लगने लगे कि घबराहट या डर का असर आपके मन पर बहुत ज़्यादा पड़ने लगा रहा हो या फिर इस कारण आपका मन उदास रहता हो और मन आपके कंट्रोल में न हो।
  • अगर आप बहुत डिप्रेस महसूस करने लगे रहे हो या फिर आपको घबराहट के अलावा, मानसिक समस्या भी हो।
  • अगर आपको ऐसा अनुभव होने लगे कि घबराहट के पीछे का कारण आपकी शारीरिक स्वास्थ्य समस्या है।
  • अगर आपको ख़ुदकुशी करने जैसे ख्याल मन में आने लगे।

अगर उपयुक्त में से किसी भी स्थिति से आप अपने आपको जुड़ा हुआ मानते हैं तो आपको तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए।

और पढ़ें:अच्छी नींद और मेटाबॉलिज्म बढ़ाने के लिए आहार
 

घबराहट का इलाज

Treatment of nervousness in hindi

ghabrahat hone ke karan

घबराहट का मुख्य तौर पर दो मुख्य आधार पर उपचार किया जाता है। एक उपचार है दवा और दूसरा है मनोचिकित्सा। एक साथ अगर दोनों उपचार की मदद लेने की आपके डॉक्टर आपको सलाह देते हैं और उसका लाभ और अधिक हो सकता है।

हालांकि ये पूरी तरह आपके लक्षण जैसे जी मिचलाना घबराहट होना, मुंह सुखना और घबराहट होना आधार पर डॉक्टर इसका निर्णय लेते हैं। चलिए अब विस्तार से इन उपचार के प्रकार को समझने की कोशिश करते हैं।

घबराहट का इलाज : -

1. घबराहट का इलाज है दवा (Medications for nervousness)

मुँह सूखना और घबराहट होना, ये घबराहट के आम लक्षणों में से एक है। ऐसे में घबराहट के उपचार के लिए कई एंटीडिप्रेसेंट्स असरदार हो सकती हैं। उनमें एस्किटालोप्राम escitalopram (Lexapro) और फ्लुओक्सेटीन fluoxetine (Prozac) शामिल हैं। कुछ निरोधी दवाओं (anticonvulsant medicines) (आमतौर पर मिर्गी के लिए ली गई) और लो डोज़ वाली एंटीसाइकोटिक दवाओं (antipsychotic drugs) को अन्य उपचारों को बेहतर बनाने में मदद करने के लिए जोड़ा जा सकता है। एनसीयोलेटिक्स भी ऐसी दवाएं हैं, जो घबराहट में राहत दे सकती है।

2.घबराहट का इलाज है मनोचिकित्सा (Psychotherapy for nervousness)

यह एक प्रकार की काउंसलिंग है, जो मानसिक बीमारी के प्रति आपकी भावनाओं के आधार पर काम करती है। इसके अंतर्गत एक मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ घबराहट से जुड़े आपके विकार को समझकर उससे निपटने के तरीके के बारे में समझता है। ये घबराहट का एक प्रभावी उपचार हो सकता है।

कॉग्निटिव बबिहेवियर थेरेपी (Cognitive behavioral therapy)

साइकोथेरेपी का ही एक प्रकार है कॉग्निटिव बिहेवियर थेरेपी। ये थेरेपी घबराहट की समस्या से निजात पाने का सबसे प्रभावी रूप माना जाता है। ये थेरेपी आपके सोचने और व्यवहार करने के तरीके को बदलकर आपकी समस्याओं को दूर करने में मदद करती है। इस थेरेपी का मुख्य लक्ष्य घबराहट या चिंता के विकार से ग्रसित लोगों की सोच या व्यवहार के पैटर्न को बदलकर उन्हें अच्छा महसूस कराना होता है।

और पढ़ें:अच्छी नींद के लिए घरेलू उपाय
 

घबराहट को कैसे कम करें

How to cope up with nervousness in hindi

ghabrahat hone ke karan

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अभी तक हमने जाना कि बेचैनी और घबराहट के लक्षण जैसे या फिर जी मिचलाना घबराहट से छुटकारा पाने के लिए किस तरह से दवाएं या थेरेपी मदद कर सकती हैं। लेकिन इसके अलावा अगर आप घरेलू उपायों को भी अपनाएं तो वो भी आपके लिए लाभकारी सिद्ध हो सकता है। इसलिए अब हम आपको उन घरेलू उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें अपनाकर घबराहट की समस्या से आपको निजात मिल सकता है

नीचे कुछ आसान घरेलू उपाय बताएं गए हैं, जिनको अपनाकर आप घबराहट को दूर कर सकते हैं:

  1. लैवेंडर ऑयल की खुशबू से कम होती है बेचैनी (Lavender oil)
    अगर कभी बेचैनी से तुरंत राहत पानी हो तो लैवेंडर ऑयल को सूंघना चाहिए।
    लैवेंडर की खुशबू में एंटी -एंग्जायटी (anti-anxiety) और एंटी-नर्वसनेस (anti-nervousness) गुण होते है जो चुटकियों में मस्तिष्क को शांत कर बेचैनी को कम कर देती है।
  2. योग और एक्सरसाइज से कम होगी घबराहट (Yoga and exercise)
    योग और व्यायाम को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करें।
    प्रतिदिन आधा घंटा रेगुलर एक्सरसाइज से घबराहट की समस्या हमेशा के लिए हो जाएगी।
  3. घबराहट दूर करने के लिए मैडिटेशन (Meditation )
    जब भी कोई व्यक्ति ध्यान लगाता है तो शुद्ध हवा फेफड़ों (lungs) तक पहुंचती है और मस्तिष्क में ब्लड सर्कुलेशन (blood circulation) अच्छे से होता है।
    इससे तनाव कम होता है और धीरे धीरे घबराहट काम होती है।
  4. ग्रीन टी का सेवन दूर करेगा बेचैनी (Green tea)
    ग्रीन टी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स (antioxidants), हार्ट बीटस (heart rate) और ब्लड प्रेशर (blood pressure) को नियंत्रण कर, बेचैनी को कम करते है।
    दिन में एक कप ग्रीन टी का सेवन घबराहट की समस्या को दूर कर देता है।
  5. अश्वगंधा से होगी घबराहट दूर (Ashwagandha)
    अश्वगंधा का प्रयोग बरसों से आयुर्वेद में किया जा रहा है। ये एक आयुर्वेदिक औषधि है जो शरीर की इंद्रियों को शांत कर मस्तिष्क में उत्पन्न तनाव को कम करती है। रोज अश्वगंधा के सेवन से बेचैनी और घबराहट दूर होने में मदद मिल सकती है।

घबराहट कम करनी है तो अखरोट और अलसी के बीज खाएं (Walnut and flax seeds)
अखरोट और अलसी के बीजों में ओमेगा-3 फैटी एसिड (omega-3 fatty acid) भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो तनाव और घबराहट को कम करने वाले हार्मोन्स की मात्रा शरीर मे बढ़ाता है।

और पढ़ें:अनिद्रा में क्या खाएं
 

निष्कर्ष

Conclusionin hindi

achanak ghabrahat hone ke karan

घबराहट हमारे दिमाग की एक आम प्रतिक्रिया है जो कि किसी भी सामाजिक तनाव या मानसिक तनाव की स्थिति में हमारे मस्तिष्क में तनाव कम करने के कारण हो जाती है।थोड़ी घबराहट होना आम बात है परन्तु जब हमें बात-बात पर घबराहट होने लगे या हमारा जी मिचलाने लगे तो ये काफी गंभीर बात है और हमें इसपर विशेष ध्यान देना चाहिए।

अगर घबराहट जरूरत से अधिक होती है तो इंसान को कई बार दिल से संबंधित बीमारियाँ भी होने का खतरा रहता है। जितना हो सके हमें उतना जल्द घबराहट के लक्षणों पर ध्यान देना चाहिए और अपने मन को शांत करके घबराहट को कम करने का प्रयास करना चाहिए।

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आर्टिकल की आख़िरी अपडेट तिथि: : 06 Nov 2020

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