मासिक धर्म में पेट दर्द

पीरियड में पेट दर्द (ऐंठन)

Menstrual cramps in hindi

periods me pet dard ka karan aur upay

पीरियड्स में पेट दर्द पेट निचले हिस्से में धड़कते हुए या ऐंठन या मरोड़ वाले दर्द को कहते हैं। कई महिलाओं को पीरियड के पहले और दौरान पेट दर्द होता है। कुछ महिलाओं के लिए जहां यह थोड़ा ही कष्टप्रद होता है, वहीं दूसरों के लिए, मासिक धर्म में पेट में दर्द काफी गंभीर हो सकता है और रोजमर्रा के काम-काज में बाधा डाल सकता है।[1] दर्दनाक माहवारी को डिसमेनोरिया (Dysmenorrhea) के नाम से भी जाना जाता है। डिसमेनोरिया किशोर लड़कियों में स्कूल अनुपस्थिति का सबसे उच्च कारण होता है और प्रजनन आयु की महिलाओं में एक आम समस्या का प्रमुख कारण है। गंभीर मासिक धर्म का दर्द टीनएजर्स (teenagers) में सबसे आम है। पीरियड्स के दौरान होने वाला दर्द उम्र के साथ कम हो जाता है। बच्चे के जन्म के बाद भी दर्दनाक माहवारी से ग्रस्त होने की संभावना कम होती है।

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इस लेख़ में/\

  1. मासिक धर्म में पेट दर्द (डिसमेनोरिया) के प्रकार
  2. पीरियड में पेट दर्द (ऐंठन) के लक्षण
  3. पीरियड में पेट दर्द (ऐंठन) के कारण
  4. मासिक धर्म में पेट दर्द (ऐंठन) की पहचान कैसे की जाती है
  5. मासिक धर्म के समय पेट में दर्द के उपाय
  6. सारांश
 

1.मासिक धर्म में पेट दर्द (डिसमेनोरिया) के प्रकार

Types of Menstrual cramps (Dysmenorrhea) in hindi

periods mein dard kitne prakar ke hote hai in hindi

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डिसमेनोरिया के दो प्रकार हैं:

1. प्राथमिक डिसमेनोरिया (Primary Dysmenorrhea)

कुछ महिलाओं के लिए उनके पीरियड्स शुरू से ही दर्दनाक होते हैं। यदि आपके पीरियड्स शुरू से ही दर्दनाक रहे हैं, तो यह मुमकिन है कि आपके मासिक धर्म का दर्द आपके शरीर में होने वाले बदलावों की ओर एक प्रतिक्रिया है। प्राथमिक डिसमेनोरिया वाली महिलाओं में प्रोस्टाग्लैंडीन (prostaglandins) की मात्रा काफी बढ़ी हुई पायी गई है।

2. सेकेण्डरी डिसमेनोरिया (Secondary Dysmenorrhea)

पीरियड्स शुरू होने के काफी दिनों/सालों बाद यदि धीरे-धीरे वे दर्दनाक हो जाते हैं, तो इसे सेकेण्डरी डिसमेनोरिया कहते हैं। सामान्य समस्याएं जो सेकेण्डरी डिसमेनोरिया का कारण हो सकती हैं उनमें फाइब्रॉएड (Fibroids) , एडिनोमायोसिस (Adenomyosis), संक्रमण (Infection) और कॉपर टी आईयूडी (Copper-T IUD) का उपयोग शामिल है।

और पढ़ें:Amenorrhea - Absent or Irregular Periods

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2.पीरियड में पेट दर्द (ऐंठन) के लक्षण

Symptoms of period cramps in hindi

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मासिक धर्म ऐंठन के लक्षणों में शामिल हैं: [2]

1. पेट में दर्द

पेट के निचले हिस्से में होने वाला तेज़ दर्द जो आपकी पीठ के निचले हिस्से और जांघों तक फैल जाता है उसके साथ शरीर सुस्त महसूस होता है। दर्द जो आपकी माहवारी से 1 से 3 दिन पहले शुरू होता है, आपकी माहवारी के पहले दिन काफी तेज़ होता है और शुरू होने के बाद 2 से 3 दिनों में खत्म हो जाता है।

2. पेट में दबाव महसूस करना

लगभग 73 प्रतिशत महिलाओं को पीरियड्स से पहले या इसके दौरान शरीर में सूजन का अनुभव होता है जो अक्सर भारी दबाव की तरह होता है। वास्तव में कोई नहीं जानता कि इसका कारण क्या है, लेकिन माना जाता है कि ऐसा पीरियड्स में वॉटर रिटेंशन के कारण होता है। इसलिए पीरियड के पहले और दौरान पेट में दबाव के साथ भरा-भरा सा महसूस होता है।

3. जी मिचलाना

कुछ महिलाओं को दर्द के साथ जी मचलने की भी शिकायत रहती है।

3. पेट की ख़राबी

पेट की खराबी कभी-कभी उल्टी के साथ आ सकती है।

4. ढीली मल या दस्त

दस्त सामान्य से पतले होते हैं।

5. सिरदर्द या सिर चकराना

सिर में दर्द रहता है या फिर चक्कर आते हैं।

और पढ़ें:Polycystic ovary syndrome (PCOS) and Infertility | Zealthy

 

3.पीरियड में पेट दर्द (ऐंठन) के कारण

Causes of cramps during periods in hindi

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पीरियड में दर्द और ऐंठन गर्भाशय (Uterus) के संकुचन के कारण होता है। यदि यह आपके मासिक धर्म चक्र के दौरान बहुत ज़ोर से सिकुड़ता है, तो यह पास के रक्त वाहिकाओं (blood vessels) को दबा देता है जिसके कारण गर्भाशय में ऑक्सीजन (Oxygen) की आपूर्ति हो जाती है। यह ऑक्सीजन की कमी आपके दर्द और ऐंठन का कारण बनती है। दर्दनाक माहवारी का एक अन्य कारण प्रोस्टाग्लैंडीन (prostaglandin) नामक रसायन होते हैं, जिन्हें गर्भाशय से जारी किया जाता है। हर महीने जब माहवारी के दौरान गर्भाशय की लाइनिंग टूटकर बह जाती है, तो प्रोस्टाग्लैंडीन नामक पदार्थ रिलीज़ होते हैं जो दर्द और सूजन पैदा करते हैं।

पीरियड में पेट दर्द और तीव्र ऐंठन के निम्नलिखित कारण हो सकते हैं:

1. एंडोमेट्रियोसिस (Endometriosis)

एंडोमेट्रियल ऊतक (Endometrial tissue) हर महीने मासिक धर्म प्रवाह के दौरान गर्भाशय से अलग हो शरीर से बाहर निकल जाता है। एंडोमेट्रियोसिस तब होता है जब एंडोमेट्रियल ऊतक गर्भाशय के बाहर बढ़ने लगता है, आमतौर पर आपके फैलोपियन ट्यूब, (fallopian tubes), अंडाशय (ovaries) या आपके पेल्विस की लाइनिंग (tissue lining pelvis) पर।

2. गर्भाशय फाइब्रॉएड (Uterine fibroids)

गर्भाशय की दीवार में होनेवाली ये वृद्धि पीरियड्स के दर्द का कारण बन सकती है।

3. एडेनोमायोसिस (Adenomyosis)

गर्भाशय की लाइनिंग में मौजूद टिशू जो गर्भाशय की दीवारों में बढ़ने लगता है।

4. पेल्विक इंफ़्लेम्मटरी डिसिज (Pelvic inflammatory disease)

महिला के प्रजनन अंगों का यह संक्रमण आमतौर पर यौन संचारित बैक्टीरिया के कारण होता है।

5. सरवाइकल स्टेनोसिस (Cervical stenosis)

कुछ महिलाओं में, गर्भाशय ग्रीवा (cervix) का छिद्र काफी छोटा या संकुचित होता है, जिससे मासिक धर्म प्रवाह बाधित होता है और गर्भाशय के भीतर दबाव के कारण दर्द उत्पन्न होता है।

6. गर्भनिरोधक उपकरणों का प्रयोग (Use of contraceptive devices)

पीरियड्स में पेट में दर्द का कारण गर्भनिरोधक उपकरण हो सकते है उनमे कॉपर टी जैसे आईयूडी (Copper-T IUD) का उपयोग शामिल है।

और पढ़ें:अजवायन से पाएं पीरियड्स के दर्द से छुटकारा

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4.मासिक धर्म में पेट दर्द (ऐंठन) की पहचान कैसे की जाती है

How to diagnose menstrual cramps in hindi

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मासिक धर्म में पेट दर्द की जांच के लिए आपका डॉक्टर आपके मेडिकल इतिहास (Medical history) की समीक्षा करेगा और पैल्विक परीक्षा (pelvic exam) सहित शारीरिक परीक्षा करेगा। पैल्विक परीक्षा के दौरान, आपका डॉक्टर आपके प्रजनन अंगों में असामान्यताओं (Irregularities) की जाँच करेगा और संक्रमण (infection) के लक्षणों की तलाश करेगा। यदि आपके डॉक्टर को संदेह है कि कोई विकार (Disease) आपके मासिक धर्म में ऐंठन पैदा कर रहा है, तो वह अन्य परीक्षणों की सिफारिश कर सकता है, जैसे:

1. पेल्विक अल्ट्रा सोनोग्राफी (Pelvic Ultrasonography)

इस परीक्षण के द्वारा आपके गर्भाशय, गर्भाशय ग्रीवा(Cervix), फैलोपियन ट्यूब (fallopian tubes) और अंडाशय (Ovaries) की अंदरूनी जांच की जाती है।

2. अन्य इमेजिंग परीक्षण (Other imaging tests)

सी.टी. स्कैन (CT scan) या एम.आर.आई. स्कैन (MRI scan) एक अल्ट्रासाउंड की तुलना में अधिक विवरण प्रदान करता है और आपके डॉक्टर को अंदर की स्थिति जानने में मदद कर सकता है।

3. लेप्रोस्कोपी (Laparoscopy)

लैप्रोस्कोपी शरीर की भीतर की स्थिति का पता लगाने में मदद कर सकता है, जैसे एंडोमेट्रियोसिस (Endometriosis), फाइब्रॉएड (Fibroids), डिम्बग्रंथि अल्सर (Ovarian cysts) आदि। [3]

और पढ़ें:अनियमित पीरियड्स के लिए गुलाब की चाय के फायदे

 

5.मासिक धर्म के समय पेट में दर्द के उपाय

Treatment of period cramps in hindi

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1. मासिक धर्म के दर्द के लिए दवाएं (Medications)

दर्दनाक मासिक धर्म ऐंठन को राहत देने का सबसे अच्छा तरीका एंटी-इंफ़्लेम्मटरी दवा (Anti-inflammatory drugs) लेना है।

  • इबुप्रोफेन (ibuprofen) - एडविल, मोट्रिन (Advil, Motrin)
  • केट्रोप्रोफेन (Ketoprofen)
  • नेप्रोक्सेन (Naproxen) - आलेवी, नेप्रोस्य्न (Aleve, Naprosyn)

यह दवाइयाँ बिना प्रिस्क्रिप्शन (prescription) के उपलब्ध हैं और पीरियड्स क्रेम्प्स को रोकने में कारगर हैं। ये दवाएं बेहतर काम करती हैं यदि मासिक धर्म की शुरुआत से पहले ली जाती हैं और आवश्यकतानुसार लंबे समय तक जारी रखी जा सकती हैं। यदि गुर्दे की समस्याओं या पेट की समस्याओं का इतिहास (history) है, तो इस प्रकार की दवा शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श करें।

2 . हार्मोनल जन्म नियंत्रण दवाएं (Hormonal birth control pills)

हार्मोनल जन्म नियंत्रण को शुरू करना मासिक धर्म के दर्द को नियंत्रित करने या रोकने का एक और विकल्प है। यह एक गोली, इंजेक्शन, या एक हार्मोन युक्त आईयूडी (IUD) हो सकता है। [4]

3. मासिक धर्म दर्द के लिए सर्जरी (Surgical option)

मासिक धर्म की ऐंठन के कुछ कारण जैसे फाइब्रॉएड (fibroids), पॉलीप्स (polyps), ओवरियन सिस्ट (ovarian cysts) या एंडोमेट्रियोसिस (endometriosis) के उपचार के लिए सर्जरी का उपयोग किया जा सकता है।

इसके साथ आप मासिक दर्द से छुटकारा पाने के लिए कुछ घरेलू उपयोंका इस्तेमाल भी कर सकते है जिससे आपको पीरियड में दर्द से राहत मिल सकती है।

और पढ़ें:अनियमित माहवारी का इलाज

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6.सारांश

Summaryin hindi

saransh

पीरियड्स के दौरान दर्द या क्रेम्प्स गर्भाशय की मांसपेशियों को सिकुड़ने का कारण बनता है। क्रेम्प्स या ऐंठन पेट के निचले हिस्से में दर्द का कारण बन सकती है, और पीठ के निचले हिस्से और जांघों में दर्द को बढ़ा सकती है। मासिक दर्द और असुविधा को कम करने के लिए, कई ओवर-द-काउंटर दवाएं उपलब्ध हैं। इसके साथ पीरियड खत्म होने के बाद पेट में दर्द गैसेस की समस्या आम बात है क्युकी पीरियडमें महिलाओं की पाचन शक्ति धीमी हो जाती है।

आर्टिकल की आख़िरी अपडेट तिथि:: 17 Jul 2020

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संदर्भ/\

  1. Mayoclinic. “Menstrual cramps”. Mayoclinic, April 08, 2020.

  2. Webmd. “Menstrual Pain”. Webmd, Assessed January 16, 2020.

  3. French L. “Dysmenorrhea”. Am Fam Physician. 2005;71(2):285-291, PMID: 15686299.

  4. Osayande AS, Mehulic S.“Diagnosis and initial management of dysmenorrhea. Am Fam Physician”. 2014;89(5):341-346, PMID: 24695505.

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