Mammography test hindi me

मैमोग्राफी (मैमोग्राम)

Mammography (Mammogram) in hindi

Mammography (Mammogram) ki jankari in hindi

 

पिछले कुछ समय से स्तन कैंसर की बीमारी तेजी से बढ़ रही है। सबसे आम कैंसर ब्रेस्ट कैंसर है जो महिलाओं की मृत्यु का दूसरा सबसे बड़ा कारण हैं।

स्तन कैंसर की 4 स्टेजेस (Stages) होती है। पहले स्टेज में 80% से ज़्यादा तक और दूसरे स्टेज में 60-70% महिलाएं ठीक हो जाती हैं।

तीसरे या चौथे स्टेज में स्तन कैंसर का इलाज़ थोड़ा कठिन हो जाता है। सही समय पर इसका पता लगने पर इलाज संभव होता हैं।

पहले स्तन कैंसर की समस्या केवल उम्रदराज महिलाओं में होती थी लेकिन आजकल लाइफस्टाइल (Lifestyle) की वजह से कम उम्र की महिलाओं में भी स्तन कैंसर होने का खतरा रहता हैं।

आजकल 30 से 40 वर्ष की महिलाओं में स्तन कैंसर होने का खतरा बढ़ गया हैं। अक्सर महिलाएं स्तन कैंसर के लक्षणों को जान नहीं पाती हैं।

स्तन की स्वयं जांच (Breast self examination) करके होने वाले परिवर्तनों को जाना जा सकता हैं।

कुछ भी असामान्य परिवर्तन दिखने पर स्तन कैंसर का पता लगाने के लिए डॉक्टर को संपर्क करें।

डॉक्टर असामान्य परिवर्तनों से जुडी समस्याओं को और स्तन कैंसर का पता लगाने के लिए मैमोग्राफी तकनीक का प्रयोग करते है।

मैमोग्राफी की मदद से यह बात पता चलती हैं कि स्तन में कैंसर है या नही।

 

मैमोग्राफी क्या है

What is mammography in hindi

Mammography kya hai in hindi

Mammography kya hai in hindi

स्तन कैंसर का पता लगाने के लिए मैमोग्राफी तकनीक का प्रयोग किया जाता है। मैमोग्राफी एक तरह का स्तन टेस्ट (Breast test) होता है जिसमें एक्स-रे (X -Ray) के जरिए स्तन की पूरी जांच करके स्तन में होने वाले परिवर्तनों के बारें में जानने की कोशिश की जाती हैं।

एक्स-रे की मदद से स्तन टिशूज (Breast tissues) में असामान्य वृद्धि या परिवर्तन या एब्नार्मल ग्रोथ (abnormal growth) को जानने की प्रक्रिया को मैमोग्राफी कहा जाता है। इसे स्तन स्क्रीनिंग (Breast screening) भी कहा जाता हैं।

मैमोग्राफी को साफ्ट टिशू एक्स-रे (Soft tissue X -ray) भी कहा जाता है क्यूंकि इसकी मदद से स्तन के ऊतकों (Tissues), कोशिकाओं (Cells ) और दुग्ध नलिकाओं (Milk ducts) की क्लियर पिक्चर से स्तन गांठ और दूसरी समस्याओं के बारें में पता लगाया जा सकता हैं।

मेमोग्राफी में स्तन कैंसर ही नहीं, छोटी-से छोटी गांठ या ट्यूमर तक का पता लगाया जा सकता है।

 

मैमोग्राफी के प्रकार

Types of Mammography in hindi

Mammography ke prakar in hindi

Mammography ke prakar in hindi

डॉक्टर स्तन की स्क्रीनिंग करके होने वाले परिवर्तनों और स्तन कैंसर का पता लगाने के लिए तीन तरह की मैमोग्राफी करते हैं -

  1. डिजिटल मैमोग्राफी और फुल फील्ड डिजिटल मैमोग्राफी (Digital mammography or Full-Field Digital Mammography - FFDM)

  2. कंप्यूटर एडेड डिटेक्शन (Computer-Aided Detection - CAD)

  3. ब्रेस्ट टोमोसिन्थिसिस (Breast Tomosynthesis) / थ्री-डिमेन्शनल मैमोग्राफी (Three-dimensional (3-D)Mammography) / डिजिटल ब्रैस्ट टोमोसिन्थिसिस (Digital breast Tomosynthesis - DBT)

 

डॉक्टर क्यों करवाते है मैमोग्राम

Why doctors do Mammogram in hindi

Doctor kyun karwate hai mammogram in hindi

Doctor kyun karwate hai mammogram in hindi

रेडियोलॉजिस्ट या डॉक्टर, मैमोग्राम या ब्रेस्ट एक्स-रे के जरिये स्तन में होने वाले असामान्य परिवर्तनों से जुडी समस्याओं को, और स्तन कैंसर का पता लगाने के लिए मैमोग्राफी तकनीक का प्रयोग करते है।

मैमोग्राम के जरिये डॉक्टर स्तन में होने वाले विभिन्न प्रकार के परिवर्तनों जैसे छोटे सफेद धब्बे (Small white spots) जिन्हे कैल्सीफिकेशन (Calcifications) भी कहते है,  के जरिये गांठ (Lump) या ट्यूमर (Tumor) आदि को जानते हैं।

कैल्सीफिकेशन स्तन के ऊतकों के भीतर कैल्शियम (Calcium) जमा होने को कहा जाता हैं। मैमोग्राम टेस्ट में ये छोटे सफेद धब्बे (small white spots) की तरह दिखते हैं। ये स्तन कैंसर का कारण हो सकते हैं।

 

मैमोग्राफी के लिए खुद को कैसे तैयार करें: मैमोग्राफी से पहले ध्यान रखी जाने वाली बातें

How to prepare yourself for Mammography: Things to know before Mammography in hindi

Mammography ke liye khud ko kaise tyar kare: Mammography se pehle kaun si baaton ka dhyan rakhe in hindi

Mammography se pehle kaun si baaton ka dhyan rakhe in hindi

मैमोग्राफी के दौरान आपको कई बातों का ध्यान रखना होता हैं।

मैमोग्राफी करवाने से पहले पूरी तैयारी करें और साथ ही खुद को फिजिकली (Physically ) और मेंटली (Mentally ) तरीके से तैयार कर ले।

मैमोग्राफी की प्रक्रिया के दौरान इन बातों को ध्यान रखें

  • मैमोग्राफी करवाने से पहले डॉक्टर को अपनी मेडिकल हिस्ट्री (Medical history ) जरूर बतायें।

  • यदि आपने कभी स्तन प्रत्यारोपण (Breast implants) करवाया है तो उसके बारे में पूरी जानकारी डॉक्टर को बतायें।

  • मैमोग्राफी करवाने के समय आभूषण (Jewellery) या किसी तरह के ऑर्नामेंट्स (Ornaments) ना पहनें।

  • मैमोग्राफी करवाने से पहले अपने पीरियड्स का ध्यान रखें। इस समय स्तनों में परिवर्तन होना सामान्य है। सही रिपोर्ट जांनने के लिए पीरियड्स शुरू होने के 5-7 दिन पहले या खत्म होने के 5-7 के बाद मैमोग्राफी करवाएं।

  • मैमोग्राफी करवाने से पहले अपने शरीर पर किसी भी तरह के केमिकल (Chemical) या कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स (Cosmetic products) जैसे क्रीम, पाउडर, लोशन, परफ्यूम आदि को ना लगाएं क्योंकि इन प्रोडक्ट्स में पाये जाने वाले केमिकल, मैमोग्राफी की सही रिपोर्ट को प्रभावित कर सकते हैं।

  • मैमोग्राम करवाने से 2-3 दिन पहले कैफीन युक्त खाद्य प्रदार्थों, कैफीन युक्त पेय जैसे कॉफ़ी, शराब, सिगरेट आदि का सेवन ना करें।

  • यदि आपने हाल ही में कोई स्तन टेस्ट या अल्ट्रा साउंड (Ultrasound ) करवाया हो तो उसकी टेस्ट रिपोर्ट साथ लेकर जाएं।

  • किसी गर्भवती महिला को मैमोग्राफी करवाने से पहले किसी विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह अवश्य लेनी चाहिए।

 

मैमोग्राफी टेस्ट से क्या उम्मीद करें

What to expect from Mammography in hindi

Mammography test se kya umeed kare in hindi

Mammography test se kya umeed kare in hindi

कई महिलाओं को यह ग़लतफहमी रहती है कि मैमोग्राफी सिर्फ उन्हीं को करानी चाहिए जो ब्रेस्टं कैंसर (Breast cancer) से जूझ रही हैं या फिर जिनको ब्रेस्ट कैंसर होने का खतरा हैं।

मैमोग्राफी जनरल फिजिकल एग्जामिनेशन (General physical examination) का एक पार्ट हैं जिसके द्वारा किसी प्रकार की स्तन असामान्यता की जांच की जाती है।

स्तनों में कोई समस्या होने पर डॉक्टर मैमोग्राफी करके समस्या के रूट्स (Roots) तक जाने की कोशिश करते है।

मैमोग्राफी द्वारा छोटी से छोटी गांठ को देखा जा सकता हैं।

 

मैमोग्राफी की जरूरत क्यों हैं

Why do we need Mammography test in hindi

Mammography ki zaroorat kyun hai in hindi

Mammography ki zaroorat kyun hai in hindi
  • मैमोग्राफी से स्तन की असामान्यता या होने वाले परिवर्तनों की जांच की जा सकती है।

  • मैमोग्राफी से अत्यंत छोटे ट्यूमर (Tumour) या गांठ (Lump) का पता चल जाता है।

  • मैमोग्राफी से स्तन कैंसर बीमारी का पता लगाया जा सकता है।

  • जो महिलायें बच्चा होने के बाद बच्चे को स्तनपान नहीं करवा पाती उन्हें मैमोग्राफी जरूर करवानी चाहिए।

  • 40 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को साल में एक बार मेमोग्राफी टेस्ट जरूर करवाना चाहिए।

  • 50 वर्ष या उससे ज्यादा उम्र की महिलाओं को वर्ष में दो बार इस टेस्ट को करवाना चाहिए क्योंकि उनमें स्तन कैंसर का खतरा काफी बढ़ जाता है।

  • मीनोपॉज (Menopause ) के बाद मेमोग्राफी टेस्ट जरूर करवाना चाहिए।

 

मैमोग्राम कितने विश्वसनीय हैं

How reliable are mammogram in hindi

Mammogram kitne vishvasniye hai in hindi

Mammogram kitne vishvasniye hai in hindi

मैमोग्राम स्तन का स्क्रीनिंग टेस्ट होता हैं जिसके द्वारा स्तन कैंसर (Breast cancer) का पता लगाया जा सकता हैं। मैमोग्राफी टेस्ट से लगभग 78 प्रतिशत महिलाओं के स्तन कैंसर का पता लगाया जा सकता हैं, जिसमे 83 प्रतिशत एक्यूरेसी (accuracy) की सम्भावना होती हैं।

  • इनवेसिव स्तन कैंसर (Invasive Breast Cancer) और डक्टल कार्सिनोमा इन सीटू - (Ductal Carcinoma In situ - DCIS) ओवर डायग्नोसिस (Over diagnosis)

    कभी-कभी मैमोग्राम टेस्ट के रिजल्ट्स में इनवेसिव स्तन कैंसर और डक्टल कार्सिनोमा पाया जाता हैं, लेकिन उनके विकसित या फैलने की सम्भावना ना के बराबर होती हैं।

    ऐसे स्थिति में कैंसर का पता लगाकर उसका इलाज करना ओवर डायग्नोसिस (overdiagnosis) कहलाता हैं।

  • मेनोपॉसल हार्मोनल थेरेपी (Menopausal Hormone Therapy - MHT) के दुरान गलत परिणाम

    जो महिलायें मीनोपॉज के बाद मेनोपॉसल हार्मोनल थेरेपी का सहारा लेती है उनके स्तन की डेंसिटी (Density) अधिक होने की वजह से मैमोग्राम के रिजल्ट गलत आ सकते हैं।

  • युवा महिलाओं में हैवी ब्रेस्ट (Heavy breast ) के कारण गलत परिणाम

    अक्सर युवा महिलाओं के स्तन बड़े और भारी होते है, इसलिए मैमोग्राम टेस्ट के परिणाम गलत आने की सम्भावना रहती हैं।

 

मैमोग्राफी के जोखिम क्या हैं

What are the risks of Mammography in hindi

Mammography ke jokhim kya hai in hindi

Mammography ke jokhim kya hai in hindi
  1. रेडिएशन एक्सपोज़र (Radiation exposure)

    कुछ महिलाओं को मैमोग्राफी टेस्ट से रेडिएशन एक्सपोज़र के खतरे से डर लगता है, लेकिन मॉडर्न-डे मैमोग्राफी (Modern-day Mammography) में रेडिएशन एक्सपोज़र बहुत कम होता हैं।

    इसका रेडिएशन एक्सपोज़र चेस्ट एक्स-रे (Chest X-ray) से भी कम होता हैं।

  2. गर्भवती महिला की मैमोग्राफी (Pregnant woman mammography)

    जब किसी गर्भवती महिला की मैमोग्राफी होती है तो उसके गर्भ में पल रहे शिशु पर इसका दुष्प्रभाव हो सकता हैं।

    ऐसे स्थिति में महिला को लेड एप्रन (Led apron) पहनने का सुझाव दिया जाता हैं।

 

सारांश

Summary in hindi

कई बार महिलाओं में देर से स्तन कैंसर का पता लगने से इलाज हो पाना काफी मुश्किल हो जाता है। जिन महिलाओं में इसकी पहचान शुरुआत में हो जाती है, उनका इलाज करना आसान होता है।

इसलिए डॉक्टर नियमित रूप से मैमोग्राफी करवाने की सलाह देते हैं।

मेमोग्राफी के ज़रिये स्तन कैंसर का पता लगाकर स्तन कैंसर से बचा जा सकता है।