Male infertility | Zealthy

पुरुष बांझपन - कारण, लक्षण, निदान व उपचार

Male Infertility - causes, symptoms, diagnosis and treatment in hindi

Male fertility ke karan, lakshan, nidan aur upchar in hindi

 

पुराने समय से केवल महिला को ही संतान उत्पत्ति का कारण माना जाता रहा है और इसी कारण संतान न होने का दोषी भी महिला को ही माना जाता था।

लेकिन चिकित्सा जगत में हुए अनेक क्रांतिकारी शोधों और उनके परिणाम से यह सिद्ध हो चुका है कि एक शिशु जन्म के लिए महिला और पुरुष समान रूप से भागीदार होते हैं।

साधारण शब्दों में कहा जाये तो पुरुष बांझपन (male infertility) के कारण कई बार पुरुष, महिला के साथ बिना किसी गर्भनिरोधक का इस्तेमाल किए लंबे समय तक सेक्स करने पर भी महिला को गर्भधारण करवाने में असमर्थ होते हैं।

पुरुष बांझपन से जुड़ी अन्य जानकारियाँ जानिए इस लेख में।

 

पुरुष बांझपन क्या होता है?

What is male Infertility? in hindi

Jaaniye purush banjhpan kya hota hai in hindi

What is male infertility | Zealthy

सामान्य रूप से पुरुष बांझपन एक प्रकार की स्वास्थ्य समस्या मानी जाती है जिसके अंतर्गत पुरुष में महिला को गर्भधारण करवाने की क्षमता में कमी आ जाती है।

किसी महिला के गर्भ ठहरने के लिए सेक्स के माध्यम से पुरुष के वीर्य में शुक्राणुओं (sperm) की संख्या का महत्व होता है।

यह स्पर्म पुरुष जननांग द्वारा उत्पादित होते हैं।

जब किसी पुरुष के शरीर में किसी कारणवश यह स्पर्म पर्याप्त मात्रा में उत्पन्न नहीं हो पाते हैं तो यह स्थिति पुरुष बांझपन कहलाती है।

 

सामान्य प्रजनन स्थिति में क्या होता है?

What happen in normal fertility condition in hindi

Samanya prajnan sthitiyon mein kya hota hai in hindi

Normal fertility conditions | Zealthy

सामान्य स्थितियों में पुरुष के शरीर में छोटे-छोटे सेल्स या कोशिकाओं का निर्माण होता है जिसे स्पर्म (sperm) या शुक्राणु कहा जाता है।

महिला-पुरुष के सेक्स संबंध स्थापित करने पर स्पर्म पुरुष जननांग (penis) के माध्यम से महिला के शरीर में प्रवेश कर जाते हैं।

दरअसल पुरुष के जननांग ही इन स्पर्म का निर्माण, स्टोरेज और महिला के शरीर में पहुंचाने का काम करते हैं।

महिला की भांति पुरुष के शरीर में बनने वाले विभिन्न हार्मोन्स इस प्रक्रिया को नियंत्रित करने का काम करते हैं।

पुरुष के जननांग में प्रमुख दो अंडकोश (testicles) होते हैं जिनमें स्पर्म और पुरुष सेक्स हार्मोन - टेस्टोस्टेरोन (testosterone) का निर्माण होता है।

यह अंडकोश की थैली (scrotum) से ढँके होते हैं जो पुरुष के लिंग के नीचे स्थित होती है।

अंडकोश से निकले शुक्राणु, प्रत्येक अंडकोश के पीछे बनी एपीडीडीमिटिस (epididymis) नामक एक ट्यूब में चले जाते हैं।

सेक्स संबंध के समय स्खलन (ejaculation) से एकदम पहले स्पर्म एपीडीडीमिटिस से निकलकर अन्य दूसरी ट्यूब के जोड़े में चले जाते हैं।

इन ट्यूब के जोड़े को वास डेफरेंस (vas deferens) कहा जाता है।

प्रत्येक वास डेफरेंस ट्यूब एपीडीडीमिटिस से लेकर पेलविस (pelvis) में मूत्राशय के पीछे तक जाती है।

वहाँ से प्रत्येक वास डेफरेंस शुक्राणुओं को बाहर ले जाने वाली नस या शुक्राशय (seminal vesicle) साथ जुड़ जाती हैं।

सेक्स के समय पुरुष के स्खलन के समय शुक्राणु, पौरुष ग्रंथि या प्रोस्टेट (prostate) और शुक्राशय से निकले तरल पदार्थ के साथ मिल जाते हैं।

यह मिश्रण सीमन (semen) या वीर्य कहलाता है।

इसके बाद यह वीर्य मूत्राशय से होता हुआ लिंग के माध्यम से बाहर निकल जाता है।

 

सामान्य स्थितियों में गर्भधारण कैसे होता है?

How conception happens in normal condition? in hindi

Samanya sthitiyon mein garbh dharan kaise hota hai in hindi

Conception in normal conditions | Zealthy

पुरुष बांझपन का संबंध इस बात से होता है कि किसी पुरुष का शरीर सामान्य रूप से शुक्राणु का निर्माण करके उन्हें बाहर निकाल रहा है या नहीं।

सेक्स के समय यह वीर्य महिला की योनि के माध्यम से होते हुए पहले फैलोपिन ट्यूब (fallopian tube) और अंत में गर्भाशय तक पहुंचता है।

अब यदि इस प्रक्रिया में महिला के अंडाणु के साथ पुरुष के शुक्राणु के साथ मिल जातें हैं तब निषेचन (fertilization) की प्रक्रिया पूर्ण हो जाती है।

लेकिन यह प्रक्रिया इस रूप में तभी संभव हो पाती है जब महिला व पुरुष के जीन्स, हार्मोन लेवल और सभी अन्य जरूरी स्थितियाँ स्वस्थ व सामान्य होती हैं।

 

पुरुष बांझपन के कारण

Causes of male infertility in hindi

Male infertility ke kya karan in hindi

Causes of male infertility | Zealthy

सामान्य रूप से पुरुष बांझपन के कारण को दो मुख्य आधार जैसे स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी कारणों के रूप में बाँटा जा सकता है।

पुरुषों को कुछ ऐसी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियाँ होती हैं जिनका समय पर इलाज न करवाया जाये तो वह बांझपन के रूप में बदल जाती हैं।

यह परेशानियाँ निम्न रूप में हो सकती हैं :-

  • हाइपोथैलेमस या पीयूष ग्रंथि विकार (Hypothalamic or pituitary disorder)

    प्रत्येक व्यक्ति के मस्तिष्क में एक ग्रंथि होती जिसे पीयूष ग्रंथि (Pituitary Gland) कहते हैं।

    यह ग्रंथि शरीर में बनने वाले टेस्टोस्टेरोन हार्मोन (Testosterone Hormone Disorder) के निर्माण के लिए जिम्मेदार होती है।

    किसी कारणवश जब यह ग्रंथि ठीक से काम नहीं करती है तब पुरुष के शरीर में स्पर्म का निर्माण भी प्रभावित हो सकता है।

    यह स्थिति हाइपोथैलेमस (hypothalamus) या पियूष ग्रंथि विकार (pituitary disorder) कहलाती है।

  • गॉन्ऐड या जननांग विकार (Gonad disorder)

    जब पुरुष के जननांग विशेषकर अंडकोश (testicles) के कार्यों में बाधा आती है तब एरेक्टाइल डिसफंक्शन (erectile dysfunction) की परेशानी उत्पन्न हो सकती है।

    दरअसल एरेक्टाइल डिस्फ़ंक्शन वह स्थिति होती है जब पुरुष सेक्स के दौरान अपनी उत्तेजना को अधिक समय तक बनाए रखने में असफल रहते हैं।

    इस प्रकार एरेक्टाइल डिसफंक्शन पुरुष बांझपन का कारण बन जाती है जिसमें पुरुष अंडकोश में स्पर्म का निर्माण तो होता है लेकिन इन स्पर्म के स्वस्थ न होने की भी संभावना बन जाती है।

    इसके अतिरिक्त वैरिकोसेल नाम की परेशानी भी जननांग विकार का ही एक रूप है।

    इस परेशानी में अंडकोश की नसों में सूजन आ जाती है।

    कभी-कभी व्यक्ति के शरीर में ब्लड पंप करने वाली वाल्व में ख़राबी आने के कारण अंडकोश की नसों में ब्लड के इकट्ठा हो जाने से इनका साइज़ बढ़ जाता है या कहें कि इनमें सूजन आ जाती है।

    इस परेशानी के कारण स्पर्म या तो सूख जाते हैं या फिर कमजोर हो जाते हैं।

    इस बीमारी को वेरिकोसिल (varicocele) भी कहा जाता है।

    एक शोध के अनुसार बांझपन की समस्या से ग्रस्त पुरुषों में से लगभग 30-40% पुरुष इस बीमारी से ग्रस्त होते हैं।

  • स्पर्म के आगे जाने में विकार (Sperm transport disorder)

    स्खलन नलिकाओं (ejaculatory ducts) में रुकावट, एपीडीडीमिटिस (epididymis) और वास डेफ़्रेंरेंस (vas deferens) आदि में कोई परेशानी होना वो कारण हैं जो स्पर्म के निर्माण को प्रभावित कर सकती है।

    दरअसल इन परेशानियों के कारण पुरुष गुप्तांगों में सूजन आ जाती है और इसके कारण स्पर्म बनाने वाली नसों में भी सूजन आ जाती है।

    इसके कारण या तो स्पर्म के बनने की प्रक्रिया कम हो जाती है या फिर स्खलन के समय स्पर्म की निकासी होती ही नहीं है।

    कई बार स्पर्म बाहर स्खलित होने के स्थान पर मूत्राशय में भी प्रवेश कर सकता है।

    लगभग 10-20% पुरुष बांझपन की परेशानी  स्पर्म के निकास प्रक्रिया में बाधा आने के कारण भी होती है।

  • एजोस्पर्मिया (Azoospermia)

    जब किसी कारण से पुरुष के वीर्य (semen) में शुक्राणु (sperm) नहीं होते हैं या फिर बहुत कम मात्रा में होते हैं तब यह बीमारी एजोस्पर्मिया कहलाती है।

    दरअसल पुरुष शरीर में बनने वाला वीर्य ही वह हेल्दी तरल पदार्थ होता है जो शुक्राणु को शरीर में तैरने में सहायता करता है।

    जब वीर्य में स्पर्म या शुक्राणु नहीं होते हैं तब महिला के अंडाणु से निषेचन नहीं हो पाता है और यह स्थिति पुरुष बांझपन की कहलाती है।

  • ओलिगोस्पर्मिया (Oligospermia)

    एक स्वस्थ पुरुष के शरीर में सामान्य रूप से एक वीर्य कोशिका में लगभग 15 लाख शुक्राणु होते हैं।

    यदि किसी कारण से इस संख्या में कमी आती है तब यह बीमारी ओलिगोस्पर्मिया (Oligospermia) कहलाती है और यह अवस्था पुरुष बांझपन की स्थिति बन जाती है।

  • जेनेटिक कारण (Genetic disorder)

    कुछ पुरुष आनुवंशिक जेनेटिक परेशानी के कारण भी बांझपन के शिकार हो जाते हैं।

    इसमें प्रमुख है क्लाइनफेल्टर सिंड्रोम (Qvaainfeltar Syndrome)।

    इसके कारण पुरुष के अंडकोश का आकार छोटा हो जाता है जिससे टेस्टोस्टेरोन हार्मोन के निर्माण में रुकावट आती है।

  • सीमन विकार (Semen Disorder)

    एक स्वस्थ पुरुष के शरीर में सीमन या वीर्य वह हेल्दी तरल पदार्थ होता है जो अपने अंदर शुक्राणुओं को लेकर बहता है।

    लेकिन यदि किसी कारण से शरीर में वीर्य या सीमन की कमी हो जाती है तब इसका सीधा प्रभाव शुक्राणु पर होता है जो पुरुष बांझपन का शिकार माना जाता है।

 

पुरुष बांझपन के जीवनशैली संबंधी कारण और जोखिम तत्व

Issues and risk factors of male infertility due to lifestyle in hindi

Male infertility ke lifestyle sambandhi karan aur risk factors in hindi

Issues and risk factors of male infertility | Zealthy

कभी-कभी पुरुष बांझपन के कारण जीवनशैली से संबंधित भी हो सकते हैं जिनके कारण पुरुष बांझपन की परेशानी बढ़ भी सकती हैं।

यह कारण और जोखिम तत्व इस प्रकार हो सकते हैं :-

  • शराब और सिगरेट  (Alcohol and cigarette)

    अत्यधिक मात्रा में शराब और सिगरेट पीने से पुरुष हार्मोन, टेसटोस्टरोटेन के स्तर में कमी आ जाती है।

    इसके परिणामस्वरूप स्खलन में परेशानी और स्पर्म के बनने पर भी प्रभाव पड़ता है।

    इसके अलावा शराब के सेवन से लीवर भी खराब हो जाता है और इसका भी पुरुष प्रजनन क्षमता पर बुरा असर होता है।

  • तनाव (Stress)

    जीवन में हर समय तनाव का बने रहना किसी भी व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है।

    पुरुष शरीर में तनाव के कारण उन हार्मोन पर बुरा असर पड़ता है जो स्पर्म के निर्माण में मुख्य भूमिका निभाते हैं।

  • व्यायाम की कमी (Less exercise)

    बिना व्यायाम के जीवनशैली बिताने वाले लोग और वे लोग जिनका अधिकतम समय बैठ कर काम करने में निकलता है वह भी पुरुष बांझपन के शिकार हो सकते हैं।

  • बढ़ता वजन (Weight gain)

    शरीर के वजन का अनियमित रूप से बढ़ना भी पुरुष प्रजनन क्षमता पर बुरा असर डालता है।

    मोटापे के कारण भी स्पर्म की गुणवत्ता पर बुरा असर होता है।

  • अंडकोश का सिकुड़ना (Contraction of scrotum sacs)

    मांसपेशियो को मजबूत करने वाली दवा के लंबे प्रयोग से अंडकोश सिकुड़ जाते हैं और स्पर्म के निर्माण में कमी आ जाती है।

    इसके अतिरिक्त कोकेन (cocaine) और मारिजुईयाना (marijuana) जैसी मादक दवाएँ भी स्पर्म की गुणवत्ता और संख्या में कमी कर देती हैं।

  • अवसाद (Depression)

    जो पुरुष अधिकतम अवसाद में रहते हैं उनके प्रजनन क्षमता में भी कमी आ जाती है।

    अवसाद के कारण पुरुषों में सेक्स इच्छा में कमी का आना, स्खलन में परेशानी और वीर्य का देर से या कम मात्रा में निकालना एक आम बात हो सकती है।

  • एक्सरे या रेडिएशन (X-ray or radiation)

    कभी-कभी एक्सरे या रेडिएशन के कारण भी पुरुष के शरीर में स्पर्म के निर्माण और क्वालिटी पर बुरा असर पड़ता है।

    इससे भी पुरुष बांझपन का शिकार हो जाते हैं।

  • दवाइयों का सेवन (Medicines)

    बैन की गई दवाइयों का सेवन नियमित रूप से करने से स्पर्म के निर्माण पर बुरा असर पड़ता है।

  • इन्फेक्शन (Infection)

    कुछ विशेष प्रकार के इन्फेक्शन का होना या जीवन में पहले कभी हुआ कोई इन्फेक्शन पुरुष जननांग को नुकसान पहुँच सकता है।

  • ज़हरीली गैस  (Poisonous gas)

    ज़हरीली गैसों के संपर्क में लंबे समय तक रहने से भी स्पर्म के निर्माण में कमी आ सकती है।

  • गर्म कपड़े (Warm clothes)

    अंडकोश को हर समय गरम रखने वाले कपड़े पहनने से स्पर्म की क्वालिटी पर बुरा असर पड़ता है।

  • दुर्घटना (Accident)

    अंडकोश के साथ कोई दुर्घटना होने से भी पुरुष बांझपन का शिकार हो सकते हैं।

 

पुरुष प्रजनन समस्या से जुड़े लक्षण

Symptoms of male infertility in hindi

male infertility ke symptoms kya ho sakte hain in hindi

Symptoms of male infertility | Zealthy

पुरुष बांझपन के लक्षण निम्न भी हो सकते हैं :-

  1. सेक्स संबंध के समय स्खलन (ejaculation) में परेशानी होना या फिर वीर्य का बहुत कम मात्रा में निकलना।

  2. इसके अलावा सेक्स की इच्छा में कमी, या इरेक्श्न (erection) को बनाए रखने में परेशानी आदि भी पुरुष बांझपन के लक्षण हो सकते हैं।

  1. अंडकोश (testicle area) में दर्द, सूजन या गांठ का होना।

  1. पुरुष वक्ष का असामान्य रूप से बढ़ा होना।

  1. शरीर पर पुरुषोचित निशानी जैसे शरीर और चेहरे पर कम बाल होना।

  1. व्यक्ति के श्वसन तंत्र में बार-बार इन्फेक्शन होना, साथ ही उनके अंदर सूंघने की क्षमता में भी कमी होने लगना।

  1. वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या में प्रति मिली लीटर में 15 लाख से कम की संख्या का होना।

 

पुरुष बांझपन के मूल कारण का निदान कैसे हो सकता है?

How to diagnose causes of male infertility? in hindi

Male infertility ke mool kaaran ka kaise pata lagaye in hindi

पुरुष बांझपन का पता लगाने के लिए सामान्य रूप से डॉक्टर जिन तकनीकों का सहारा लेते हैं वो इस प्रकार हैं :-

  • गहन शारीरिक जांच (Intense physical examination)

    पुरुष बांझपन की जांच के लिए सबसे पहले डॉक्टर मरीज़ की शारीरिक जांच का सहारा लेते हैं।

    इसके लिए डॉक्टर मरीज़ की पेनीस या टेस्टीकल्स में होने वाली कोई बीमारी जैसे एपिडिमिस, वास डेफ्रेंस आदि की जांच करते हैं।

    इसके अलावा अंडकोश में होने वाली सूजन यानि वेरिकोसिल आदि की भी जांच की जाती है।

    इसके अलावा चिकित्सक यह भी जानने का प्रयास करते हैं कि सेक्स संबंध के समय पुरुष का स्खलन सामान्य है या इसमें कोई परेशानी है।

  • सीमन विश्लेषण (Semen analysis)

    सीमन की जांच के माध्यम से डॉक्टर इसकी गुणवत्ता की जांच करने का प्रयास करते हैं।

    दूसरे शब्दों में इसकी तरलता, रंग और इसमें नमी के गुणों को जांचा जाता है।

  • ट्रांसरेक्टरल अल्ट्रासाउंड (Transrectal ultrasound)

    इस अल्ट्रासाउंड के माध्यम से पुरुष प्रजनन अंगों विशेषकर वीर्य ले जाने वाली नसों की जांच करते हैं।

    इस जांच में यह देखा जाता है कि कहीं कोई रुकावट तो नहीं है जिसके कारण वीर्य के प्रवाह में कठिनाई हो रही है।

    इसके अलावा इस अल्ट्रासाउंड की मदद से कैलिफिकेशन (calcification), सिस्ट (cysts) या स्टोन (stone) के मौजूद होने कारण वास डेफेरेंस (vas deferens), सेमीनल वेसिक्ल्स (seminal vesicles) या एजैकुलेटरी डक्ट्स (ejaculatory ducts) में किसी तरह की रुकावट (occlusion) के कारण का पता लगाया जा सकता है।

    कुछ मामलों में ये रुकावट इन अंगों के आकार में किसी गड़बड़ी के कारण भी होती है।

  • स्क्रोटल अल्ट्रासाउंड (Scrotal ultrasound)

    डॉप्लर स्क्रोटल अल्ट्रासाउंड (doppler scrotal ultrasound) की मदद से टेस्टीकुलर टौरशन (testicular torsion), ट्रौमा (trauma), एपिडाइडिमिटीस (epidydimitis), औरचिसटीस (orchitis), वरीहकोशील (varicocele) और ट्यूमर (tumors) जैसी बीमारियों का पता लगाया जाता है जिसके कारण पुरुष बांझपन हो सकता है।

  • क्लैमिडिया टेस्ट (Chlamydia test)

    क्लैमिडिया एक प्रकार का सेक्स जनित रोग होता है और यह भी पुरुष बांझपन का कारण होता है।

    इसलिए डॉक्टर इसकी जांच करके भी कारण जानने का प्रयास करते हैं। 

  • टेस्टीक्यूलर बायोप्सी (Testicular biopsy)

    अगर पुरुष के वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या कम निकलती है तब टेस्टीक्युलर बायोप्सी की जाती है।

    इसमें मरीज़ के दोनों अंडकोशों में से छोटा टुकड़ा लेकर उसकी माक्रोस्कोप के माध्यम से जांच की जाती है।

  • हार्मोनल प्रोफाइल (Hormonal profile)

    इस जांच में यह देखा जाता है कि मरीज़ के अंडकोश में स्पर्म कितनी मात्रा में बन रहे हैं।

    इसके साथ इस इस टेस्ट के माध्यम से महिलाओं में टेस्टोस्टेरोन, एस्ट्रोजेन एल एच (Luteinizing and Follicle Stimulating Hormones) और एस्ट्रोजन (estrogen) के स्तर की भी जांच की जाती है।

 

पुरुष बांझपन का उपचार

Treatment options for male infertility in hindi

Male infertility ka kya treatment ho sakta hai in hindi

Treatment options of male infertility | Zealthy

पुरुष बांझपन के उपचार किस प्रकार किया जा सकता है यह इस बात पर निर्भर करता है कि इस परेशानी का कारण क्या है?

सामान्य रूप से उपचार के लिए सर्जिकल, गैर सर्जिकल आदि तरीकों से किया जा सकता है।

पुरुष बांझपन के उपचार इस प्रकार हैं :-

  • वैरिकोल उपचार  (Varicocele treatments)

    इस तकनीक के उपचार के रूप में मरीज़ को छोटी सी सर्जरी के लिए अस्पताल में जाना होता है, जो कुछ घंटों में ही हो जाती है।

    इसमें सूजे हुए अंडकोशों को ठीक करने की कोशिश की जाती है।

    इसके बाद स्पर्म के निकास, संख्या और बनावट में अंतर आ जाता है।

  • एज़ोस्पर्मिया उपचार (Azoospermia treatments)

    एज़ोस्पर्मिया या अशुक्राणुनियता के अंतर्गत मरीज़ में किसी प्रकार की रुकावट के कारण स्पर्म में शुक्राणु शून्य होते हैं।

    इस परेशानी को भी सर्जिकल उपचार के द्वारा ठीक किया जा सकता है।

    इसके लिए यदि ट्यूब में किसी प्रकार की बाधा या रुकावट है तो उसे सर्जरी के माध्यम से दूर करने का प्रयास किया जाता है।

  • माक्रोसर्जिकल वासोवइक्सोटोमी (Microsurgical vasovasostomy)

    इस सर्जरी में प्रत्येक अंडकोश में वास डेफेरेंस के कटे हुए हिस्सों को जोड़ने के लिए एक सर्जरी की जाती है।

    इसे पुरुष नसबंदी (Vasectomy) को पलटने की क्रिया भी कहा जाता है।

  • ट्रान्स्यूरेथ्रेल्यल रिसेक्षन (Transurethral resection)

    पुरुष प्रजनन अंगों में वो नलियाँ या ट्यूब जो वीर्य निर्वहन का काम करती हैं, अगर उनमें रुकावट आ जाती तब इस सर्जिकल प्रक्रिया द्वारा उन्हें दूर किया जाता है।

    इसके बाद वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या में वृद्धि हो जाती है।

 

पुरुष बांझपन का गैर-सर्जिकल उपचार

Non-surgical treatment of male infertility in hindi

Purush banjhpan ka gair surgical upchar in hindi

Non-surgical treatment of male infertility | Zealthy

कुछ स्थितियों में पुरुष बाझपन के उपचार के लिए सर्जरी के स्थान पर दवा या किसी अन्य विकल्प का सहारा लिया जाता है।

यह प्रायः निम्न प्रकार से हो सकता है :-

  • एनेजुक्यूलेशन (Anejaculation)

    जब पुरुष के शरीर में वीर्य का निर्माण बंद हो जाता है तब यह स्थिति एनेजुक्यूलेशन कहलाती है।

    डॉक्टर इस परेशानी को ठीक करने के लिए पहले कुछ दवाएँ देकर इसे ठीक करने का प्रयास करते हैं।

    लेकिन अगर सफलता नहीं मिलती है तब एक सर्जरी के माध्यम से रुके हुए स्पर्म को दोबारा से शुरू करने या पेनिस को अपने आप उत्तेजित करने लायक बनाया जाता है।

    इसके अतिरिक्त आईवीएफ (IVF) और आईयूआई (IUI) तकनीक  के माध्यम से भी इस परेशानी को दूर करने का प्रयास किया जाता है।

  • हॉरमोन थेरेपी (Hormone therapy)

    कई बार कुछ पुरुष के शरीर में जन्मजात रूप से कुछ हार्मोन की कमी के कारण भी पुरुष बांझपन की शिकायत हो जाती है।

    ऐसे में हार्मोन थेरेपी के माध्यम से इस तकलीफ़ को दूर करने की कोशिश की जाती है।

  • जननांग का इन्फेक्शन (Genitals infection)

    हालांकि पुरुष जननांग का हर इन्फेक्शन बांझपन का कारण नहीं होता है।

    लेकिन फिर भी कुछ इन्फेक्शन जटिल हो भी सकते हैं।

    इसका पता सीमन टेस्ट के माध्यम से लग सकता है।

    इसके लिए दवाइयों के माध्यम से इन्फेक्शन को दूर किया जा सकता है।

    लेकिन इसके लिए भी उन दवाइयों का इस्तेमाल किया जाता है जिनमें स्टेरॉयड (Steroid) का अधिक इस्तेमाल होता है क्योंकि इससे भी स्पर्म के निर्माण पर बुरा असर पड़ता है।

 

पुरुष बांझपन के बचाव का उपाय

Prevention tips for male infertility in hindi

Male infertility se kaise bacha ja sakta hai in hindi

Prevention tips for male infertility | Zealthy

पुरुष बांझपन यदि आनुवंशिक कारण से है तब तो इसका न तो कोई इलाज हो सकता है और न ही इसके बचाव का कोई उपाय हो सकता है।

लेकिन फिर भी अगर कुछ बातों का ध्यान रखा जाये तब पुरुष बांझपन को निम्न उपायों के माध्यम से बचाया जा सकता है :-

  1. मादक पदार्थों जैसे शराब आदि और ड्रग्स के अत्यधिक सेवन से बचें।

  1. स्वयं को ज़हरीली वस्तुओं के प्रभाव और संपर्क से स्वयं को पूरी तरह से बचा कर रखें।

  1. जहां तक संभव हो स्वयं को रेडिएशन के संपर्क में आने से स्वयं को सुरक्षित रखें।

  1. नहाने के लिए अधिक गरम पानी के प्रयोग से बचें क्योंकि इसके कारण अंडकोश में उस गर्मी का असर खराब हो सकता है।

  1. अपने अंदर पहनने के कपड़े ढीले पहनें, कसे हुए कपड़े जननांग को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

  1. अपने को मानसिक तनाव से दूर रखें प्रसन्नचित्त रहें।

  1. शारीरिक वजन को हमेशा नियंत्रित रखें।

  1. हमेशा हेल्दी भोजन करें।

  1. किसी भी जोखिम वाले काम में जननांग को क्षति से बचाने का पूर्ण प्रयास करें।

 

पुरुष बांझपन के लिए डॉक्टर से कब मिलना चाहिए

When to see a doctor for male infertility in hindi

Male infertility ke liye doctor se kab milna chahiye in hindi

Male infertility doctor | Zealthy

कोई भी पुरुष यह कब निर्णय ले सकता है कि उसे बांझपन की शिकायत है और इसके लिए उसे डॉक्टर से मिलना चाहिए।

इस सवाल का जवाब नीचे दी गई स्थितियों के आधार पर लिया जा सकता है :-

  1. जब पुरुष को उत्तेजना या स्खलन में समस्या हो, सेक्स की इच्छा में कमी हो या सेक्स संबंधी क्रिया में कोई कमी या परेशानी दिखाई दे।

  1. अंडकोश संबंधी कोई पुरानी परेशानी हो, प्रोस्टेट या सेक्स संबंधी कोई अन्य परेशानी हो।

  1. जीवन में कभी पेट और जांघ के बीच की जगह (groin), लिंग (penis) या अंडकोश की थैली (scrotum) की सर्जरी हुई हो।

  1. यदि जांघ और पेट के बीच की जगह में किसी प्रकार की सूजन या गांठ महसूस हो या लिंग में से किसी प्रकार का रिसाव होता हो, क्योंकि इनके कारण भी पुरुष महिला को गर्भधारण करवाने में असफल रहता है।

  2. ग्रोन या पेट के निचले हिस्से में किसी प्रकार का दर्द महसूस होता है

आमतौर पर इन स्थितियों के कारण एक पुरुष, लगभग एक वर्ष तक स्त्री साथी के साथ असुरक्षित सेक्स संबंध के बाद भी, उसे गर्भवती बनाने असक्षम होता है।

 

निष्कर्ष

Conclusion in hindi

Nishkarsh in hindi

अगर महिला किसी कारणवश गर्भवती नहीं हो पा रही है तो इसका कारण पुरुष बांझपन भी हो सकता है।

पुरुष बांझपन के जीवनशैली से व स्वास्थ्य विकार से जुड़े कई कारण हैं।

इसका इलाज सर्जिकल व गैर सर्जिकल दोनों प्रकार से होता है।

आनुवंशिक पुरुष बांझपन का इलाज संभव नहीं है।

मगर पुरुष बांझपन के अन्य कारणों से कुछ सावधानियाँ बरत कर बचा जा सकता है।