अनियमित माहवारी

अनियमित माहवारी

Irregular periods in hindi

irregular periods or aniyamit periods kab hote hai in hindi

 

पीरियड्स (Periods) आमतौर पर यौवन के दौरान, 10 से 16 साल की उम्र के बीच शुरू होते हैं, और वे रजोनिवृत्ति (Menopause) तक जारी रहते हैं।

एक महिला के दो मासिक धर्म चक्रों (Menstrual cycle) के बीच का अंतराल समान्यतः 28 दिनों का होता है, लेकिन यह हर महिला में थोड़ा भिन्न होता है। कुछ महिलाओं में यह अवधि 24 दिनों से 35 दिनों तक भिन्न हो सकती है।

ज्यादातर महिलाओं में हर साल 11 से 13 मासिक धर्म होते हैं।

एक मासिक धर्म रक्तस्राव आमतौर पर लगभग 5 दिनों तक रहता है, लेकिन यह भी 2 से 7 दिनों तक भिन्न हो सकता है।

जब मासिक धर्म पहली बार शुरू होता है, तो एक नियमित साइकल (Regular cycle) स्थापित होने में 2 साल तक का समय लग सकता है।

प्युबर्टी (Puberty) के बाद, ज्यादातर महिलाओं का मासिक धर्म नियमित हो जाता है और दो मासिक धर्म चक्र के बीच की अवधि समान हो जाती है।

अनियमित मासिक धर्म तब होता है जब मासिक चक्रों के बीच का अंतराल 35 दिनों से अधिक या 21 दिनों से कम होता है, या यदि अंतराल बदलता रहता है।

 

अनियमित माहवारी के लक्षण

Symptoms of irregular periods in hindi

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अनियमित माहवारी के लक्षण

अनियमित माहवारी के लक्षणों में शामिल हैं:

  1. अनियमित अंतराल (Irregular periods)

    ऐसी माहवारी जो 21 दिनों से कम या 35 दिनों से अधिक दूर होती हैं।

  2. मिस्सड पीरियड्स (Missed periods)

    लगातार तीन या अधिक माहवारी का गुम रहना।

  3. अनियमित प्रवाह (Irregular flow)

    मासिक धर्म प्रवाह जो सामान्य से अधिक भारी या हल्का होता है।

  4. लंबा प्रवाह (Long flow)

    ऐसी माहवारी जो सात दिनों से अधिक समय तक रहती है।

  5. दर्द, ऐंठन या उल्टी (Cramps or vomiting)

    पीरियड्स जो दर्द, ऐंठन, मतली या उल्टी के साथ होते हैं।

  6. स्पॉटिंग (Spotting)

    दो पीरियड्स के बीच होने वाली ब्लीडिंग या स्पॉटिंग।

 

अनियमित माहवारी के कारण

Causes of irregular periods in hindi

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अनियमित माहवारी के कारण

अनियमित माहवारी के निम्न कारण होते हैं:

  1. तनाव और जीवन शैली में बदलाव (Stress and lifestyle changes)

    बहुत अधिक या बहुत कम वजन, डाइटिंग (Dieting), व्यायाम (Excercise),  दिनचर्या में बदलाव (Routine chnages), अत्यधिक यात्रा, बीमारी (Disease), या किसी महिला की दिनचर्या में अन्य व्यवधानों के कारण उसके मासिक धर्म पर प्रभाव पड़ सकता है और मासिक धर्म की समस्याएं खड़ी कर सकता है।

  2. गर्भनिरोधक गोलियाँ (Birth Control Pills)

    अधिकांश जन्म नियंत्रण की गोलियों (Birth control pills) में हार्मोन एस्ट्रोजन (Estrogen hormone) और प्रोजेस्टिन (Progestin) का संयोजन (combination) होता है (कुछ में अकेले प्रोजेस्टिन होता है)।

    जन्म नियंत्रण की गोलियों लेने या बंद करने से औरत का महीना प्रभावित हो सकता है।

  3. गर्भाशय पॉलीप्स (Uterine polyps) या फाइब्रॉएड (Fibroids)

    गर्भाशय की लाइनिंग में होने वाली गैर-कैंसर वृद्धि (Non-cancerous growth) को पॉलीप्स कहते हैं।

    गर्भाशय फाइब्रॉएड वो ट्यूमर होते हैं जो गर्भाशय की दीवार पे पैदा होते हैं। ट्यूमर आमतौर पर छोटे होते हैं, लेकिन इनसे पीरियड्स के दौरान भारी रक्तस्राव (heavy bleeding) और दर्द हो सकता है।

    इसी तरह पॉलीप्स भी भारी रक्तस्त्राव और अनियमित पीरियड्स के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं

  4. एंडोमेट्रियोसिस (Endometriosis)

    एंडोमेट्रियल ऊतक (endometrial tissue) हर महीने मासिक धर्म प्रवाह के दौरान गर्भाशय से अलग हो शरीर से बाहर निकल जाता है। एंडोमेट्रियोसिस तब होता है जब एंडोमेट्रियल ऊतक गर्भाशय के बाहर बढ़ने लगता है।

    एंडोमेट्रियोसिस असामान्य रक्तस्राव का कारण हो सकता है।

  5. पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (Pelvic Inflammatory Disease - PID)

    एक जीवाणु संक्रमण (Bacterial Infection) है जो महिला प्रजनन प्रणाली (Reproductive system) को प्रभावित करता है।

    बैक्टीरिया यौन संपर्क के माध्यम से योनि में प्रवेश कर सकते हैं और फिर गर्भाशय और ऊपरी जननांग पथ (upper genital tract) में फैलकर अनियमित माहवारी  और अन्य मासिक धर्म की समस्याओं का कारण बन सकते हैं।

  6. पॉलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम (Polycystic Ovarian Syndrome - PCOS)

    पॉलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम (पीसीओएस) में अंडाशय (Ovaries) बड़ी मात्रा में एण्ड्रोजन (androgen hormone) बनाते हैं, जो पुरुष हार्मोन हैं।

    ये हार्मोनल परिवर्तन अंडे को परिपक्व होने से रोक सकते हैं, और इसलिए ओव्यूलेशन (Ovulation) लगातार नहीं होता है।

    इस कारण से कभी-कभी पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम वाली महिला में अनियमित पीरियड्स होंगे या मासिक धर्म पूरी तरह से रुक जाएँगे।

  7. प्रीमेच्युर ओवरियन इन्सफ़्फ़ीसीएनसी (Premature ovarian insufficiency)

    यह स्थिति 40 वर्ष से कम उम्र की महिलाओं में होती है जिनके अंडाशय (ovaries) सामान्य रूप से कार्य नहीं करते हैं। इस स्थिति में मासिक धर्म बंद हो जाता है।

    यह उन रोगियों में हो सकता है जो किमोथेरेपी (Chemotherapy) और रेडियेशन (Radiation) के साथ कैंसर का इलाज कर रहे हैं, या उनको जिनको प्रीमेच्युर ओवरियन इन्सफ़्फ़ीसीएनसी या कुछ क्रोमोसोमल असामान्यताओं (Chromosomal abnormalities) का पारिवारिक इतिहास है।

  8. असामान्य मासिक धर्म के अन्य कारणों में शामिल हैं:

    1. गर्भाशय कैंसर या सर्वाइकल कैंसर( Cancer of uterus or Cervical cancer)

    2. दवाएं, जैसे कि स्टेरॉयड (Steroids) या थक्कारोधी दवाएं (रक्त को पतला करने वाली दवाएं)

    3. रक्तस्राव विकार (Bleeding disorders)

    4. पिट्यूटरी विकार (Pituitary problems) जो हार्मोनल संतुलन को प्रभावित करते हैं

    5. गर्भपात या गर्भावस्था से जुड़ी जटिलताएँ

    6. अंडर या ओवरएक्टिव थायरॉयड ग्रंथि (Under or overactive thyroid gland)

 

अनियमित माहवारी की पहचान कैसे की जाती है

How to diagnose irregular periods in hindi

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अनियमित माहवारी की पहचान

अनियमित माहवारी की पहचान के लिए डॉक्टर निम्नलिखित शारीरिक संरचनाओं या कार्यों की जांच कर सकते हैं:

  1. हृदय गति, रक्तचाप और वजन (Heart rate, Blood pressure, and Weight)

  2. दिल और फेफड़े (Heart and Lungs)

  3. पैल्विक परीक्षा (Pelvic examination)

आपका डॉक्टर निम्नलिखित लैब टेस्ट या अध्ययन का आदेश भी दे सकता है:

  1. गर्भावस्था परीक्षण (Pregnancy test)

  2. कुछ हार्मोन स्तरों के लिए रक्त परीक्षण (Blood tests for certain hormone levels)

  3. इसमें शामिल हैं: थायराइड उत्तेजक हार्मोन, कोर्टिसोल, प्रोलैक्टिन, कूप उत्तेजक हार्मोन, 17-हाइड्रॉक्सीप्रोजेस्टेरोन, टेस्टोस्टेरोन, डीएचईए आदि टेस्ट्स (Thyroid Stimulating Hormone(TSH), Cortisol, Prolactin, Follicle Stimulating Hormone (FSH), 17-Hydroxyprogesterone, Testosterone, DHEA)

  4. मुक्त कोर्टिसोल के लिए 24 घंटे का मूत्र संग्रह  (24-hour urine collection for free cortisol)

  5. पेल्विक अल्ट्रासाउंड (Pelvic ultrasound)
 

अनियमित माहवारी का उपचार

Irregular periods treatment in hindi

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अनियमित माहवारी का उपचार

अनियमित माहवारी का इलाज़ उसके होनेवाले कारणों पर निर्भर करता है।

जिस कारण से अनियमित महावारी हो रही हो, उस कारण को दूर करने से पीरियड्स नियमित हो जाएँगे।  

  1. यौवन और रजोनिवृत्ति (Puberty and Menopause)

    अनियमित पीरियड्स जो यौवन के दौरान होते हैं या रजोनिवृत्ति के करीब पहुँचने पर होते हैं, ऐसे अनियमित पीरियड्स को  आमतौर पर उपचार की आवश्यकता नहीं होती है।

  2. जन्म नियंत्रण (Birth control)

    यदि गर्भनिरोधक के कारण अनियमित रक्तस्राव होता है, और यह कई महीनों तक जारी रहता है, तो महिला को अन्य विकल्पों के साथ डॉक्टर से बात करनी चाहिए।

  3. PCOS और मोटापा (Obesity)

    PCOS के साथ यदि अधिक वजन हो तो ऐसे मामलों में, मोटापा कम करने से मासिक धर्म को स्थिर करने में मदद मिल सकती है। इससे टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) का स्तर कम होता है और ओवुलेशन (Ovulation) का बेहतर मौका मिलता है।

  4. थायराइड की समस्याएं (Thyroid problems)

    अगर अनियमित माहवारी का कारण अंडर या ओवरएक्टिव थायरॉयड ग्रंथि है, तो थायराइड का इलाज़ ज़रूरी है।

    थायराइड के इलाज़ में दवा, रेडियोएक्टिव आयोडीन थेरेपी (Radioactive iodine therapy) या सर्जरी शामिल हो सकते हैं।

    थायराइड की समस्या को ठीक करने से आमतौर पर अनियमित पीरियड्स ठीक हो जाते हैं।

  5. तनाव और खाने के विकार (Stress issues and Unhealthy food habits)

    अगर भावनात्मक तनाव, खाने की गड़बड़ी, या अचानक वजन घटाने से अनियमित अवधियों की शुरुआत हुई हो तो मनोवैज्ञानिक चिकित्सा (Psychiatric help) से मदद मिल सकती है।

    इसमें विश्राम, तनाव प्रबंधन (stress management) और चिकित्सक से बात करना शामिल हो सकता है।

  6. दवाइयाँ (Medications)

    डॉक्टर टाइप-2 मधुमेह (Type 2 Diabetes) के लिए एक इंसुलिन (Insulin) कम करने वाली मौखिक दवा मेटफॉर्मिन (Metformin) लिख सकते हैं, जो ओव्यूलेशन और नियमित माहवारी सुनिश्चित करने में मदद कर सकता है।

    एस्ट्रोजन (Estrogen) और प्रोजेस्टेरोन (Progesterone) के संयोजन वाली, कम खुराक वाली जन्म नियंत्रण की गोली मदद कर सकती है। यह एण्ड्रोजन (androgen) उत्पादन को कम करेगा और असामान्य रक्तस्राव को सही करने में मदद करेगा।
    वैकल्पिक रूप से, हर महीने 10 से 14 दिनों तक प्रोजेस्टेरोन लेने से पीरियड्स नियमित होने की संभावना होती है।

 

सारांश

Summary in hindi

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ज्यादातर महिलाओं का मासिक धर्म नियमित होता है, लेकिन कुछ स्थितियों में पीरियड अनियमित हो सकते हैं।

अनियमित मासिक धर्म तब होता है जब मासिक चक्रों के बीच का अंतराल 35 दिनों से अधिक या 21 दिनों से कम होता है या यदि अंतराल बदलता रहता है।

अनियमित मासिक धर्म का इलाज़ उसके होने वाले कारणों पर निर्भर करता है।

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