पेट में कीड़े के लक्षण,प्रकार और कारण

Pet Me Kide ke lakshan, prakar aur karan in hindi

Intestinal Worms in Hindi


एक नज़र

  • पेट के कीड़े की प्रत्येक प्रजाति भिन्न लक्षण दिखाती है।
  • कुछ दुर्लभ मामलों में, आंत का कीड़ा आंत में गंभीर रुकावट पैदा कर सकता है, जिससे व्यक्ति को मल त्याग करना मुश्किल हो जाता है।
  • पेट के कीड़े, आंतों से भोजन को पास करने की क्षमता को भी प्रभावित करते हैं।
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Introduction

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पेट के कीड़े, जिन्हें परजीवी कीड़ों (parasitic worms), के नाम से भी जाना जाता है, मानव शरीर में पाये जाने वाले साधारण जीव हैं।

टैपवार्म (tapeworms) और हुकवर्म (hookworms) काफी आम कीड़े हैं जो आंतों में पाएं जाते हैं।

लेकिन इसके अलावा भी कई प्रकार के पेट के कीड़े होते हैं जिनके बारे में आम लोगों को कम जानकारी है।

पेट के कीड़े शरीर में कई लक्षण पैदा कर सकते हैं, जिनमें से कुछ अन्य आंतों के विकारों के लक्षणों से मिलते-जुलते हैं।

पेट के कीड़े डरावने लग सकते हैं, हालांकि, ज्यादातर लोग उपचार से ठीक हो जाते हैं। इस लेख से, हम विभिन्न प्रकार के पेट के कीड़े, उनके लक्षणों और उपचार के बारे में जानेंगे।

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इस लेख़ में

 

पेट कीड़े के लक्षण क्या हैं?

Pet me kide ke lakshan in hindi

Intestinal Worms Symptoms in Hindi

पेट के कीड़े की प्रत्येक प्रजाति भिन्न लक्षण दिखाती है।

लक्षण भी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भिन्न होते हैं।

पेट के कीड़े के कुछ सामान्य लक्षण हो सकते हैं : -

  • भूख में कमी
  • थकान
  • पेट में दर्द
  • सूजन
  • जी मिचलाना
  • वजन घटना
  • पेट ख़राब होना

कुछ मामलों में, पेट के कीड़े व्यक्ति के मल में भी पाये जा सकते हैं।

कुछ दुर्लभ मामलों में, आंत का कीड़ा आंत में गंभीर रुकावट पैदा कर सकता है, जिससे व्यक्ति को मल त्याग करना मुश्किल हो जाता है।

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पेट के कीड़े के प्रकार क्या हैं?

Pet me kide ke prakar in hindi

Types of Intestinal Worms in Hindi

पेट के कीड़े के कई प्रकार के होते हैं।

नीचे, उनमें से कुछ की विस्तृत जानकारी है।

पेट के कीड़े के प्रकार निम्न हैं : -

  • टेपवर्म (Tapeworm)

टेपवर्म एक प्रकार का फ्लैटवर्म है जो आंत में रहता है।

टेपवर्म वाले ज़्यादातर लोगों में या तो कोई लक्षण नहीं दिखाई पड़ता है या बहुत हल्के लक्षणों का अनुभव होता है।

कई अलग-अलग प्रकार के टेपवर्म होते हैं। कुछ टेपवर्म पानी में रहते हैं, और अशुद्ध पानी के माध्यम से वे इंसानी शरीर में प्रवेश कर जाते हैं।

कुछ अन्य टेपवर्म बीफ या पोर्क जैसे मीट में पाये जाते हैं, और यदि व्यक्ति दूषित मांस या कच्चे मांस का सेवन कर लेता है तो इनसे संक्रमित हो जाता है।

  • हुकवर्म (Hookworm)

हुकवर्म एक ऐसा कीड़ा है जो आमतौर पर किसी व्यक्ति के शरीर में दूषित मिट्टी (unsanitary soil) के माध्यम से प्रवेश करता है।

हुकवर्म से संक्रमित अधिकांश लोगों में कोई लक्षण नहीं होते हैं।

कुछ लोग गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल लक्षण (gastrointestinal symptoms) दिखा सकते हैं, खासकर वो जो पहली बार संक्रमित हुए हैं।

  • फ्लूक (Fluke)

फ्लूक एक प्रकार के फ्लैटवर्म हैं। अशुद्ध पीने के पानी के सेवन से आप इनसे संक्रमित हो सकते हैं।

कुछ लोग इसके कोई लक्षण नहीं दिखाते, जबकि कुछ अन्य लोग इनके प्रवेश के महीनों या वर्षों बाद भी लक्षण महसूस कर सकते हैं।

इन लोगों को पित्त नलिकाओं (bile ducts) की सूजन या ब्लोकेज (blockage) की तकलीफ़ हो सकती है।

इनके असामान्य रूप से बड़े यकृत (liver) भी हो सकते हैं या इनकी यकृत रिपोर्ट असामान्य (abnormal) हो सकती है।

  • पिनवॉर्म (Pinworm)

पिनवॉर्म एक छोटा, पतला राउंडवॉर्म होता है।

पिनवॉर्म बाकी प्रकार के कीड़ों की तुलना में कम खतरनाक हैं और कभी-कभी मनुष्यों के कोलोन (colon) और मलाशय (rectum) में रहते हैं।

संक्रमित इंसान के सीधे संपर्क में आने से ये कीड़े फैलते हैं।

संक्रमित इंसान के साथ दूषित वस्तु साझा करने से भी व्यक्ति इस संक्रमण से ग्रस्त हो सकता है।

पिनवॉर्म के कारण आपको गुदा के आसपास खुजली हो सकती है, जो कभी-कभी इतने गंभीर हो जाते हैं की रात को सोना मुश्किल कर देते हैं।

अन्य लक्षण आमतौर पर हल्के होते हैं। बहुत से लोग किसी भी लक्षण का अनुभव नहीं करते हैं।

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पेट के कीड़े के कारण क्या हैं?

Intestinal Worms Causes in hindi

Pet me keede ke karan in hindi

यदि आपने किसी संक्रमित जानवर, जैसे गाय, सूअर, या मछली का अंडरकूकड मांस (undercooked meat) खा लिया हो तो आपके संक्रमित होने का खतरा हो जाता है।

आंत के संक्रमण का अन्य संभावित कारण निम्नलिखित में से एक हो सकता है :-

  • दूषित या गंदा पानी पीने के कारण
  • दूषित मिट्टी के साथ संपर्क
  • दूषित मल के साथ संपर्क
  • सफाई में कमी
  • स्वच्छता में कमी

पेट के कीड़े आमतौर पर दूषित मिट्टी और मल के संपर्क में आने से फैलते हैं।

यदि आप दूषित पदार्थ का सेवन कर लेते हैं, तो कीड़ा आपकी आंत में प्रवेश कर जाता है।

आंत में ये कीड़े प्रजनन (reproduce) करते हैं और बढ़ते हैं।

प्रजनन की वजह से कीड़े न केवल मात्रा में बल्कि आकार में भी बड़े हो जाते हैं और संक्रमण के लक्षण दिखाने लगते हैं।

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पेट में कीड़ों का निदान कैसे किया जाता है?

Diagnosis of Intestinal Worms in hindi

Pet me keede ki janch kaise ki jaati hai in hindi


पेट के कीड़े का निदान के लिए डॉक्टर कई अलग-अलग परीक्षणों का आदेश दे सकते हैं : -

  • संक्रमण के लक्षणों की जाँच करने के लिए मल परीक्षण (fecal tests)
  • कुछ प्रकार के परजीवी का पता लगाने के लिए रक्त परीक्षण
  • कोलोनोस्कोपी (colonoscopy), जो परजीवियों की जांच करने के लिए एक पतले कैमरे का उपयोग करता है।
    यह एक प्रकार का मल परीक्षण है।
  • इमेजिंग परीक्षण (imaging tests) परजीवी से क्षति कि जांच के लिए अन्य अंगों की जांच
  • टेप परीक्षण (tape tests)- एक टेप परीक्षण में जब व्यक्ति सो रहा होता है तब गुदा (anus) के ऊपर टेप का एक टुकड़ा रख दिया जाता है।
    इस टेस्ट के द्वारा अंडों की उपस्थिति की जांच की जाती है।
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पेट के कीड़ों का इलाज क्या है?

Intestinal Worms Treatment in hindi

Pet me keede ka treatment in hindi

पेट के कीड़ों के कई मामलों में, व्यक्ति को किसी भी उपचार की आवश्यकता नहीं होती है।

यदि आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली (immune system) मजबूत है तो दवा के बिना ही कुछ प्रकार के टैपवर्म से छुटकारा पाया जा सकता है।

यदि बिना दवाइयों के राहत नहीं मिलती है तो डॉक्टर आंत के कीड़े से छुटकारा पाने के लिए एक या अधिक एंटीपैरासिटिक दवाएं (antiparasitic medications) लिख सकते हैं।

निम्न लक्षण संकेत दे सकते हैं कि दावा की ज़रूरत है या नहीं : -

  • उल्टी
  • मल के रंग में परिवर्तन
  • मल में खून
  • निर्जलीकरण
  • तेज बुख़ार जो एक से अधिक दिनों तक रहता है
  • अत्यधिक थकान

इलाज़ शुरू करने से पहले, इस बात की पहचान होना ज़रूरी है कि रोगी किस प्रकार के कीड़े से संक्रमित है।

डॉक्टर टैपवर्म के इलाज़ के लिए अक्सर पेरीजिकेंटेल - बिल्ट्रिकाइड (praziquantel - Biltricide) का सुझाव देते हैं।

यह दवा कृमि को नष्ट करने में मदद करती है ताकि कीड़ा पाचन तंत्र से होते हुए मल द्वारा शरीर से बाहर निकल जाये।

हुकवर्म के मामले में, डॉक्टर एंटीहेमिंटिक दवाएं (anthelmintic drugs) खाने का सुझाव देते हैं, जैसे कि मेबेंडाज़ोल (mebendazole) या अल्बेंडाजोल (albendazole)।

ट्रीक्लाबेंडाज़ोल (triclabendazole), फ्लूक के उपचार में मदद कर सकता है, जबकि पिनवॉर्म संक्रमण ओवर-द-काउंटर या प्रिस्क्रिप्शन दवाओं - दोनों में से किसी भी एक से ठीक हो सकता है।

नोट - किसी भी दवा को डॉक्टर की सलाह के बिना न लें!

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पेट में कीड़े होने के नुकसान क्या हैं?

Intestinal Worms Risks & Complications in hindi

Pet me keede ke nuksan in hindi

पेट के कीड़े कई प्रकार के स्वास्थ्य संबंधी ख़तरों को बढ़ा सकते हैं।

कुछ पेट के कीड़े शरीर द्वारा प्रोटीन के अवशोषण (absorption) को बाधित करते हैं या ब्लड लॉस व आयरन लॉस (loss of blood and iron) का कारण बन सकते हैं, जिससे एनीमिया हो सकता है।

बुजुर्ग लोगों में और एड्स के रोगियों में ये जटिलताएं अधिक होती हैं क्योंकि इनकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती है।

पेट के कीड़े, आंतों से भोजन को पास करने की क्षमता को भी प्रभावित करते हैं।

यह समस्या अंततः आंतों की रुकावट (intestinal blockage) का कारण बन सकती है, जिसके लिए तत्काल उपचार की आवश्यकता होती है।

यदि आप गर्भवती हैं तो कृमि संक्रमण आपके लिए अधिक जोखिम पैदा कर सकता है।

गर्भावस्था के दौरान आपके डॉक्टर यह निर्धारित करेंगे कि कौन सी एंटीपैरसिटिक दवा लेना आपके लिए सुरक्षित रहेगा।

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पेट में कीड़ों का खतरा किसे अधिक होता है?

Who are at a greater risk of intestinal worms in hindi

Kin logon ko pet ke kide ka khatra jyada hota hai in hindi

बच्चों को विशेष रूप से पेट के कीड़े होने का खतरा रहता है।

ऐसा इसलिए है क्योंकि वे मैदानों, पार्क, सड़क आदि गंदे वातावरण में खेलते हैं, जहां की मिट्टी दूषित होती है।

कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली के कारण वृद्ध व्यस्कों और एचआईवी वाले लोगों को भी जोखिम ज़्यादा रहता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, विकासशील दुनिया के लगभग 10 प्रतिशत लोग पेट के कीड़ों से संक्रमित हैं।

दूषित पीने का पानी और स्वच्छता की कमी इसका प्रमुख कारण है।

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पेट के कीड़ों की जांच कैसे होती है?

Diagnosis of Intestinal Worms in hindi

Pet ke kidon ki janch kaise hoti hai in hindi

हालांकि, पेट के कीड़े के सभी संभावित स्रोतों से छुटकारा पाना संभव नहीं है, फिर भी जहां संभव हो, वहां से बचने के लिए कुछ कदम उठाना आवश्यक है।

रोकथाम का एक महत्वपूर्ण पहलू बुनियादी स्वच्छता है।

खाना पकाने या भोजन को छूने से पहले हाथ धोना ज़रूरी है।

शौचालय का उपयोग करने के बाद अपने हाथों को साबुन से नियमित रूप से धोएं।

कई पेट के कीड़े भोजन के माध्यम से शरीर में प्रवेश करते हैं।

परिणामस्वरूप, कुछ सुरक्षित खाद्य प्रथाओं का पालन करना आवश्यक है: -

  • मछली और पोर्क, बीफ़ और अन्य लाल मीट को कम से कम 145 ° F के तापमान तक पकाएं
  • चिकन आदि पोल्ट्री को 165 ° F के तापमान तक पकाएं
  • कभी भी अधपके या कच्चे मीट का सेवन न करें
  • मीट और सब्जियों के लिए अलग-अलग कटिंग बोर्ड का उपयोग करें
  • कच्ची मछली का सेवन न करें
  • मछली या मांस को कम से कम 24 घंटे के लिए फ्रीज करें
  • कच्चे फल और सब्जियों को अच्छी तरह से धोएं
  • फर्श पर गिरने वाले किसी भी भोजन को धोएं
  • ऐसी मिट्टी के संपर्क से बचें जो मानव मल से दूषित हो सकती है
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पेट में कीड़े हो तो क्या खाएं?

What to eat if you have Intestinal Worms in hindi

Pet me keede ho to kya khana chahiye in hindi

यदि आपके पेट में कीड़े हो तो पोषक तत्वों से भरपूर संतुलित आहार खाएं।

रिफाइनड शुगर (refined sugars) और प्रोसेस्ड फूड (processed food) कम से कम खाएं।

फाइबर का सेवन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह मल त्याग को नियमित रखता है।

अपने आहार में लहसुन, शहद, कद्दू के बीज और पपीते के बीज शामिल करें क्योंकि ये एंटीपैरासिटिक खाद्य पदार्थों के रूप में काम करते हैं।

कुछ प्राकृतिक चिकित्सक अनाज मुक्त और चीनी मुक्त आहार की सलाह भी देते हैं।

अदरक पेट के एसिड के उत्पादन में मदद कर अप्रत्यक्ष रूप से परजीवियों को नष्ट करने में मदद करता है और आंत को किसी भी प्रकार की आंतरिक क्षति से बचाता है।

नीम के पत्ते जीवाणुरोधी गुणों से भरपूर होते हैं।

अपने पेट को सुरक्षित और स्वस्थ रखने का सबसे अच्छा तरीका है कि खाली पेट कुछ नीम की पत्तियां चबाएं।

ये न केवल पाचन में सुधार करते हैं, बल्कि आंतों में खराब बैक्टीरिया को भी नष्ट करते हैं।

हल्दी अपने एंटी-कैंसर, एंटी-इंफ्लेमेटरी और घाव भरने वाले गुणों के लिए जानी जाती है।

किसी भी रूप में इसका सेवन करें और जादू देखें।

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निष्कर्ष

Conclusionin hindi

Nishkarsh

पेट के कीड़े से संक्रमण कोई गंभीर बीमारी नहीं है।

यह बीमारी या तो कोई लक्षण नहीं दिखाती या कई बार बहुत हल्के लक्षण दिखाती है।

पेट के कीड़े उपचार से या बिना दवाइयों के भी ठीक हो जाते हैं।

यदि आपको लगता है कि आपके पेट में कीड़े हैं तो परीक्षण के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श करें।

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आर्टिकल की आख़िरी अपडेट तिथि: : 21 Apr 2020

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