अनिद्रा (नींद न आना) के लक्षण, कारण, उपाय और बचाव

Insomnia in hindi

Anidra Ke Lakshan, Karan Aur Upay in hindi


एक नज़र

  • अच्छे स्वास्थ्य के लिए रात में सात से आठ घंटे की नींद ज़रूरी होती है।
  • यदि अनिद्रा के कारण आपको दिन में काम करने में कठिनाई होती है, तो अपने चिकित्सक से बात करें।
  • अनिद्रा का एक आम कारण तनाव है।
triangle

Introduction

Insomnia_in_Hindi

अनिद्रा एक सामान्य नींद विकार है जिसमें नींद मुश्किल से आती है या नींद बहुत कम समय के लिए आती है या फिर नींद बार-बार खुल जाती है और मरीज़ वापस सोने में सक्षम नहीं हो पाता है।

जब आप नींद से उठते हैं तब भी आप थका हुआ महसूस कर सकते हैं। अनिद्रा आपकी ऊर्जा और मनोदशा को ही प्रभावित नहीं करती बल्कि आपके स्वास्थ्य, कार्य क्षमता और जीवन की गुणवत्ता पर भी विपरीत असर डाल सकती है।

अच्छे स्वास्थ्य के लिए एक मनुष्य को रात में औसतन सात से आठ घंटे की नींद लेना ज़रूरी है, हालांकि यह मात्रा विभिन्न लोगों में अलग-अलग होती है।

loading image

इस लेख़ में

 

अनिद्रा (नींद न आना) के प्रकार

Types of Insomnia in hindi

Insomnia kitne types ki hoti hai in Hindi

अनिद्रा कितने समय तक रहती है- इस आधार पर इसे दो वर्गों में बांटा जा सकता है- अल्पकालिक और दीर्घकालिक (क्रोनिक)।

अल्पकालिक (और तीव्र) अनिद्रा केवल कुछ दिनों या हफ्तों तक रहती है।

तनाव या दर्दनाक घटना के कारण व्यक्ति इस तरह की अनीद्रा से ग्रस्त हो सकता है।

कुछ लोगों को दीर्घकालिक (क्रोनिक) अनिद्रा का अनुभव होता है।

इस प्रकार की अनिद्रा में आदमी एक महीने या उससे अधिक समय तक नींद की कमी से परेशान रह सकता है।

अनिद्रा के कारण के आधार पर भी इसे दो समूहों में बांटा जा सकता है- प्राथमिक और माध्यमिक।

यदि अनिद्रा किसी अन्य स्वास्थ्य मुद्दों से न जुड़ी हो तो इसे प्राथमिक समस्या कहते हैं।

यदि अनिद्रा , अन्य स्वास्थ्य समस्याओं या दवाओं के कारण हो तो इसे माध्यमिक अनिद्रा कहते हैं।

loading image
 

अनिद्रा (नींद न आना) के लक्षण

Insomnia Symptoms in hindi

Insomnia ke lakshan in Hindi

अनिद्रा के लक्षण हो सकते हैं : -

  • रात को सोने में कठिनाई
  • रात भर नींद न आना
  • बहुत जल्दी जाग जाना
  • पूरी रात की नींद के बाद भी थका-थका महसूस होना
  • दिन भर थकान या नींद आना
  • चिड़चिड़ापन, डिप्रेशन या चिंता
  • ध्यान देने में कठिनाई, ध्यान केंद्रित करने या याद रखने में तकलीफ़
  • त्रुटियों या दुर्घटनाओं में वृद्धि
  • नींद को लेकर चिंता करना

डॉक्टर को कब दिखाएँ

यदि अनिद्रा आपके लिए दिन के दौरान कार्य करना कठिन बना देती है, तो अनिद्रा के कारण की पहचान के लिए अपने चिकित्सक से बात करें।

यदि आपके डॉक्टर को लगता है कि आपको नींद की बीमारी हो सकती है, तो आपको विशेष परीक्षण के लिए भेजा जा सकता है।

और पढ़ें:अनिद्रा (नींद न आना) घरेलू और आयुर्वेदिक उपाय
 

अनिद्रा (नींद न आना) के कारण

Insomnia Causes in hindi

Insomnia ke kaaran in Hindi

दीर्घकालिक अनिद्रा के कारणों में शामिल हैं : -

  • तनाव

काम, स्वास्थ्य, कैरियर, परिवार या अन्य किसी भी विषय को लेकर चिंताएं आपके दिमाग को आराम करने में बाधित करता है, जिससे नींद आसानी से नहीं आती।

तनावपूर्ण घटनाएँ या ट्रौमा (trauma) - जैसे किसी क़रीबी की मृत्यु, नौकरी या व्यापार से संबंधित परेशानी, तलाक, आदि भी अनिद्रा का कारण हो सकता है।

  • यात्रा या काम की शिफ्ट

आपकी सर्कैडियन लय (circadian rhythms) एक आंतरिक घड़ी के रूप में कार्य करती है, जो आपके सोने-जागने के चक्र, मेटाबोलिस्म आदि चीजों को कंट्रोल करती है।

यदि शरीर की सर्कैडियन लय बाधित होती है तो आप अनिद्रा की शिकार हो सकती हैं।

विभिन्न टाइम-ज़ोन में यात्रा करने से, विभिन्न शिफ्ट (shift)/ देर रात की शिफ्ट/ या सुबह बहुत जल्दी की शिफ्ट में काम करने से सर्कैडियन लय में बाधा पैदा होती है।

  • नींद संबंधी खराब आदतें

नींद संबंधित खराब आदतों का त्याग करें।

अपने सोने का समय नियमित रखें, दिन में झपकी न लें, और सोने से ठीक पहले ऐसी गतिविधियों में भाग न लें जो उत्तेजना बढ़ाती हो।

रात को घर या कमरे का खराब माहौल और सोने से ठीक पहले भोजन करना या कंप्यूटर/टीवी/ वीडियो गेम/ स्मार्टफोन आदि का प्रयोग करना आपके स्लीप साइकल (sleep cycle) को बाधित कर सकते हैं।

  • देर रात को भोजन करना

सोने से पहले हल्का नाश्ता किया जा सकता है, लेकिन बहुत ज्यादा न खाएं, वर्ना सोते वक़्त आप असहज महसूस कर सकते हैं।

बहुत से लोग हार्टबर्न (heartburn) का अनुभव भी करते हैं, जो आपको जागृत रख सकता है।

क्रोनिक अनिद्रा कुछ शारीरिक स्थितियों या कुछ दवाओं के उपयोग से जुड़ी हो सकती है।

चिकित्सा द्वारा शारीरिक स्थितियों का इलाज करने से नींद में सुधार हो सकता है।

अनिद्रा के कुछ अन्य कारण इस प्रकार हैं : -

  • मानसिक स्वास्थ्य विकार

चिंता संबंधी विकार, जैसे पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (post-traumatic stress disorder) आपकी नींद को बाधित कर सकते हैं।

यदि आप सोने के बाद बहुत जल्दी जाग जाते हैं तो यह डिप्रेशन का संकेत हो सकता है।

कई बार अन्य मानसिक स्वास्थ्य विकारों के कारण भी अनीद्रा की तकलीफ़ हो जाती है।

  • दवाएं

कई दवाओं का सेवन नींद में बाधा डाल सकता है, जैसे कि कुछ एंटीडिप्रेसेंट और अस्थमा या रक्तचाप (BP) के लिए दवाएं।

कई ओवर-द-काउंटर दवाएं - जैसे कि कुछ दर्द निवारक दवाएं, एलर्जी और ठंड की दवाएं, और वजन घटाने वाले उत्पादों - में कैफीन और अन्य उत्तेजक होते हैं जो नींद को बाधित कर सकते हैं।

  • शारीरिक स्थिति

दर्द, कैंसर, मधुमेह, हृदय रोग, अस्थमा, गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स रोग (GERD), अतिसक्रिय थायराइड (overactive thyroid), पार्किंसंस रोग (parkinson's disease) और अल्जाइमर रोग (alzheimer's disease) अनिद्रा का कारण बन सकते हैं।

  • नींद से संबंधित विकार

स्लीप एपनिया (sleep apnea) के कारण आपकी साँसे रात में रुकने लगती हैं, जिससे आपकी नींद बाधित होती है।

रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम (restless legs syndrome) आपके पैरों में एक अप्रिय उत्तेजना पैदा करता है जिससे आपके भीतर उन्हें हिलाने की इच्छा होती है।

इससे भी आपकी नींद बाधित हो सकती है।

  • कैफीन, निकोटीन और शराब

चाय, कोला, कॉफी और अन्य कैफीन युक्त पेय उत्तेजक (stimulants) होते हैं।

दोपहर को लेट से या शाम के वक़्त इन्हें पीने से आपको रात में सोने में दिक्कत महसूस हो सकती है।

अन्य तंबाकू उत्पादों की तरह, निकोटीन भी उत्तेजक है और आपकी नींद में हस्तक्षेप करता है।

शराब नींद दिलाने में सहायक होती है, लेकिन यह गहरी नींद को बाधित करती है और अक्सर रात में नींद खुलने का कारण बनती है।

loading image
 

अनिद्रा (नींद न आना) के ज़ोखिम कारक

Risk factors of Insomnia in hindi

Insomnia kin logo ko adhik hota hai in Hindi

लगभग हर इंसान कभी न कभी अनीद्रा का शिकार होता है।

अनिद्रा का खतरा निम्नलिखित परिस्थितियों में बढ़ जाता है : -

  • अगर आप एक महिला हैं

मासिक धर्म चक्र के दौरान और रजोनिवृत्ति में हार्मोनल बदलाव अनीदरा का कारण बन सकते हैं।

रजोनिवृत्ति के दौरान, रात को पसीना और हॉट फ्लेशेस (hot flashes) अक्सर नींद को बाधित करते हैं।

गर्भावस्था के दौरान भी अनिद्रा आम है।

  • अगर आपकी उम्र 60 वर्ष से अधिक है

नींद के पैटर्न और स्वास्थ्य में बदलाव के कारण, उम्र के साथ अनिद्रा बढ़ जाती है।

आपके मानसिक या शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रभाव डालने वाले कई मुद्दे नींद को बाधित कर सकते हैं।

  • तनाव में रहना

तनावपूर्ण समय और घटनाएँ अस्थायी अनिद्रा का कारण बन सकती हैं।

लंबे समय तक चलने वाला तनाव क्रोनिक अनिद्रा का कारण बन सकता है।

  • अनियमित दिनचर्या

अगर आपकी दिनचर्या नियमित नहीं है, उदाहरण के लिए, यदि आप शिफ्ट में काम करती हैं या आपको लगातार यात्राएं करनी पड़ती हैं तो आपके स्लीप साइकल (sleep cycle) में बाधा पड़ सकती है।

और पढ़ें:एसिडिटी या पेट में जलन के लक्षण, कारण, इलाज और डाइट टिप्स
 

अनिद्रा (नींद न आना) की जटिलताएं

Complications of Insomnia in hindi

Insomnia ki jatiltaayen in Hindi

आपके अच्छे स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त नींद ज़रूरी है।

अनिद्रा आपको मानसिक और शारीरिक रूप से प्रभावित कर सकती है।

अनिद्रा के शिकार लोगों के जीवन की गुणवत्ता अक्सर बाकियों के मुक़ाबले कम पायी जाती है।

अनिद्रा निम्न जटिलताएं पैदा कर सकती हैं : -

  • कार्य-क्षेत्र या स्कूल में आपका प्रदर्शन गिर सकता है
  • ड्राइविंग करते समय दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ जाता है
  • अनीद्रा का रोगी मानसिक स्वास्थ्य विकार, जैसे अवसाद (depression), चिंता (anxiety disorder) या मादक द्रव्यों का सेवन (substance abuse) जैसी बीमारियों से ग्रस्त हो सकता है
  • उच्च रक्तचाप और हृदय रोग जैसे दीर्घकालिक रोगों का जोखिम और गंभीरता बढ़ जाती है
और पढ़ें:खुजली के लक्षण, कारण और उपाय
 

अनिद्रा (नींद न आना) का निवारण

How to prevent Insomnia in hindi

Insomnia se kaise bachen in Hindi


नींद संबंधी अच्छी आदतें अनिद्रा को रोकने में सहायक होती हैं : -

  • अपने सोने के समय और जागने के समय को नियमित रखें
  • एक्टिव रहें - नियमित गतिविधि अच्छी नींद लाने में सहायता करती हैं
  • अपने डॉक्टर से बात करें और इस बात का पता लगाएँ कि कहीं आपकी दवाएं तो आपकी अनिद्रा का कारण नहीं हैं
  • दिन में सोने से बचें या कम से कम सोएँ
  • कैफीन और अल्कोहल से बचें या सीमित करें, और निकोटीन का उपयोग न करें
  • सोने से ठीक पहले भारी भोजन न करें
  • अपने बेडरूम के माहौल को आरामदायक बनाएं
  • सोने से पहले रिलैक्स होने के लिए गर्म स्नान लें या धीमा संगीत (soft music) सुनें या किताबें पढ़ें
और पढ़ें:गले में दर्द के कारण और इलाज
 

अनिद्रा (नींद न आना) का निदान

How is Insomnia diagnosed in hindi

Insomnia ki janch kaise ki jaati hai in Hindi

अनिद्रा का निदान और इसके कारण की खोज निम्न तरीकों से की जाती है : -

  • शारीरिक परीक्षा

यदि अनिद्रा का कारण अज्ञात है, तो आपका चिकित्सक शारीरिक समस्याओं की तलाश के लिए शारीरिक परीक्षा कर सकता है।

कभी-कभी, थायराइड की समस्याओं या अन्य स्थितियों के लिए रक्त परीक्षण भी किया जा सकता है।

  • नींद की आदतों की समीक्षा

यह देखने के लिए कि आप दिन में कितना सोते हैं और आपके सोने-जागने के पैटर्न को समझने के लिए डॉक्टर आपसे नींद से संबंधित प्रश्न पूछेंगे और आपसे एक प्रश्नावली (questionnaire) भरने को भी कह सकते हैं।

आपको कुछ हफ़्तों के लिए नींद की डायरी रखने के लिए भी कहा जा सकता है।

  • नींद का अध्ययन

यदि आपकी अनिद्रा का कारण स्पष्ट नहीं है, या आप नींद के अन्य विकारों, जैसे कि स्लीप एपनिया से ग्रस्त हैं तो आपको एक स्लीप सेंटर (sleep center) में रात बिताने की आवश्यकता हो सकती है।

यहाँ आपकी मस्तिष्क की तरंगों, श्वास, दिल की धड़कन, आंखों की गतिविधियों और नींद के दौरान शरीर की गतिविधियों की निगरानी और रिकॉर्ड करने के लिए टेस्ट किए जाते हैं।

और पढ़ें:डायरिया के कारण, लक्षण और घरेलू उपाय
 

अनिद्रा (नींद न आना) का इलाज

Treatment of Insomnia in hindi

Insomnia ka treatment in Hindi

नींद की आदतों को बदलकर और उन कारणों को दूर कर जो आपकी अनीद्रा से जुड़े हैं जैसे कि तनाव, रोग, दवाएं, आदि आप इस बीमारी से निपट सकती हैं।

यदि ये उपाय काम नहीं करते हैं, तो आपका डॉक्टर विश्राम, संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी, दवाओं आदि का सुझाव दे सकता है।

अनिद्रा का इलाज : -

  • संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी (Cognitive behavioral therapy)

अनिद्रा के लिए संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी (CBT-I) काफी असरदार मानी गयी है।

आमतौर पर, सीबीटी नींद की दवाओं की तुलना में अधिक प्रभावी है।

संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी आपको उन नकारात्मक विचारों और चिंताओं को नियंत्रित करने में मदद करता है जो आपको सोने नहीं देते।

  • स्टिमुलस नियंत्रण चिकित्सा (Stimulus control therapy)

यह विधि आपके दिमाग को नींद का विरोध करने वाले कारकों को हटाने में मदद करती है।

  • विश्राम तकनीकें (Relaxation techniques)

प्रोग्रेस्सिव मेंटल रिलेक्सेशन (Progressive muscle relaxation), बायोफीडबैक (biofeedback), और प्राणायाम (breathing exercises) सोते समय चिंता को कम करने के तरीके हैं।

इन तकनीकों का अभ्यास से मांसपेशियों में तनाव कम होता है।

साथ ही ये श्वास, हृदय गति, और मनोदशा को नियंत्रित कर आराम करने में मदद करती हैं।

  • नींद की बंदिश (Sleep restriction)

यह थेरेपी आपके द्वारा बिस्तर में बिताए गए समय को कम कर देती है और आपको दिन की झपकी से रोकती है, जिससे आंशिक नींद की कमी हो जाती है और आप अगली रात अधिक थक जाते हैं।

इस थकान से आप रात में अच्छी नींद सो पाते हैं।

  • पेस्सिव अवकेनिंग (Remaining passively awake)

इस थेरेपी का उद्देश्य अनीद्रा से संबंधित चिंता को कम करना है।

इस थेरेपी में मरीज़ सोने के बजाय जागते रहने की कोशिश करता है।

ऊपर दी गयी चिकित्सा पद्धतियों के अलावा भी आपका डॉक्टर आपकी जीवनशैली और नींद के वातावरण से संबंधित अन्य रणनीतियों का सुझाव दे सकता है।

और पढ़ें:थाइराइड क्या है - थायराइड के लक्षण, कारण, इलाज और घरेलू उपचार
 

अनिद्रा (नींद न आना) में क्या खाना चाहिए

What to eat in Insomnia in hindi

Aneedra me kya khana chahiye hai in Hindi

निम्नलिखित खाद्य पदार्थ अच्छी नींद लाने में बहुत सहायक हैं : -

  • सोने से पहले बटर के साथ पॉपकॉर्न और ओटमील खाने से अच्छी नींद आने में मदद मिल सकती है।
  • बादाम और अखरोट, में मेलाटोनिन (melatonin), नामक हार्मोन होता है जो अनिद्रा दूर करने में मदद करता है।
  • पनीर कुछ ऐसे अमीनोएसिड (aminoacids) से भरपूर होता है जो अनिद्रा को दूर करने में योगदान कर सकते हैं
  • रात को सोने जाने से पहले एक कप गरम दूध ज़रूर लें।
    यह अच्छी नींद दिलाने में काफी मददगार है।
  • मेलाटोनिन युक्त कुछ फल जैसे केले, अनानास और संतरे भी अच्छी नींद दिलाने में आपकी मदद कर सकते हैं।
और पढ़ें:दाद के उपाय और लक्षण
 

निष्कर्ष

Conclusionin hindi

Nishkarsh

अनिद्रा केवल एक छोटी असुविधा नहीं है।

यह एक वास्तविक नींद विकार है, और इसका इलाज किया जा सकता है।

अगर आपको लगता है कि आपको अनिद्रा है, तो अपने डॉक्टर से बात करें।

संभावित कारणों की खोज करके, आप अपनी आवश्यकता का उचित और सुरक्षित उपचार प्राप्त कर सकते हैं।

क्या यह लेख सहायक था? हां कहने के लिए दिल पर क्लिक करें

आर्टिकल की आख़िरी अपडेट तिथि: : 13 Apr 2020

हमारे ब्लॉग के भीतर और अधिक अन्वेषण करें

लेटेस्ट

श्रेणियाँ

थाइराइड क्या है - थायराइड के लक्षण, कारण, इलाज और घरेलू उपचार

थाइराइड क्या है - थायराइड के लक्षण, कारण, इलाज और घरेलू उपचार

पेट की गैस को जड़ से खत्म करने के उपाय, एसिडिटी में क्या खाना चाहिए?

पेट की गैस को जड़ से खत्म करने के उपाय, एसिडिटी में क्या खाना चाहिए?

मुंह के छाले - क्या हैं कारण, लक्षण और घरेलू उपाय

मुंह के छाले - क्या हैं कारण, लक्षण और घरेलू उपाय

साइटिका के लक्षण, कारण, बचाव और इलाज

साइटिका के लक्षण, कारण, बचाव और इलाज

एसिडिटी के घरेलू और आयुर्वेदिक उपाय

एसिडिटी के घरेलू और आयुर्वेदिक उपाय
balance
article lazy ad