हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी

हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी और मेनोपॉज़

Hormone replacement therapy and menopause in hindi

hrt aur menopause ki sari jankari in hindi

 

हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी का उपयोग महिलाओं के मेनोपॉज़ से जुड़े लक्षणों का इलाज करने के लिए किया जाता है।

जिसे मेनोपॉज़ल हार्मोन थेरेपी (Menopausal hormone therapy) या पोस्टमेनोपॉज़ल हार्मोन थेरेपी (Post menopausal hormone therapy) के रूप में भी जाना जाता है।

एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रोन प्रजनन हॉर्मोन (reproductive hormones) होते हैं, जिनका स्तर मेनोपॉज़ के दौरान महिलाओं में बेहद कम हो जाता है।

इन हॉर्मोन के घटते स्तर के कारण महिलाओं को कुछ दिक़्क़तों जैसे, योनि के रूखेपन, यूरिनरी इन्फेक्शन (urinary infection), नींद में कमी, गर्भाशय संक्रमण (infection in uterus) आदि का सामना करना पड़ सकता है।

यही कारण है कि महिलाओं की मेनोपॉज़ के लक्षणों में सुधार लाने के लिए उन्हें हॉर्मोन दिया जाता है।

ऐसी स्थिति में पारंपरिक हॉर्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (एचआरटी) का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है।

 

हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी के फायदे

Benefits of hormone replacement therapy in hindi

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हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी के फायदे

ज़्यादातर महिलाओं में 40 वर्ष के बाद प्रभावी रूप से हार्मोन के स्तर में परिवर्तन आता है, जिससे अनेक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

ऐसे में मेनोपॉज़ के नीचे बताये जा रहे लक्षणों को कम करने के लिए हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी का उपयोग किया जा सकता है जैसे:

  1. योनि का सूखापन (vaginal dryness)

  2. ऑस्टियोपोरोसिस (osteoporosis)

  3. मूत्र संबंधी समस्याएं (urinary problems)

  4. बालो का झड़ना (Hair fall)

  5. नींद की समस्या (sleep related issues)

  6. कम प्रजनन क्षमता (infertility)

  7. अनियमित पीरियड्स (irregular periods)

  8. एकाग्रता में कमी (lack of concentration)

  9. पेट का फैट बढ़ जाना (belly fat gain)

  10. ब्रेस्ट श्रिंकेज (breast shrinkage)

  11. हृदय रोग का रिस्क (risk of heart disease)

  12. कैंसर का जोखिम (risk of cancer)

 

हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी के प्रकार

Types Of Hormone Replacement Therapy in hindi

hormone replacement therapy ke prakar in hindi

हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी के प्रकार

हार्मोन थेरेपी दो प्रकार की होती है:

  1. एस्ट्रोजन थेरेपी (Estrogen Therapy)

    इस हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी के अंतर्गत डॉक्टर द्वारा मरीज को एस्ट्रोजन की कम खुराक के सेवन की सिफारिश करता है।

    इस थेरेपी का प्रयोग तब किया जाता है जब गर्भाशय (uterus) निकालने के लिए सर्जरी या हिस्टेरेक्टॉमी (hysterectomy) की गई हो।

    इस थेरेपी में एस्ट्रोजेन को विभिन्न रूपों में प्राप्त किया जा सकता है जो इस प्रकार हैं:

    1. एस्ट्रोजन गोलियां (Estrogen pill)

      गोलियां मेनोपॉज़ के लक्षणों को कम करने के लिए सबसे आम उपचार हैं। इनके सेवन के लिए डॉक्टर द्वारा निर्देश दिए जाते हैं।

      ज्यादातर एस्ट्रोजन की गोलियां बिना भोजन किये दिन में एक बार ली जाती हैं।

    2. एस्ट्रोजन पैच (Estrogen patch)

      इस प्रकार के पैच को पेट की त्वचा पर पहना जाता है। दवा की मात्रा के आधार पर, कुछ पैच कुछ दिनों के अंतर से बदल दिए जाते हैं, जबकि अन्य पैच एक सप्ताह के लिए पहने जा सकते हैं।

    3. सामयिक एस्ट्रोजन (Topical Estrogen)

      हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी के रूप में एस्ट्रोजन क्रीम, जेल और स्प्रे को उपयोग में लाया जा सकता है।

      ये त्वचा के माध्यम से सीधे रक्त प्रवाह में अब्सॉर्ब कर लिए जाते हैं।

      एस्ट्रोजेल (Estrogel) को कलाई से कंधे तक एक हाथ पर लगाया जाता है। एस्ट्रासोर्ब (Estrasorb) क्रीम को पैरों में लगाया जाता है। जबकि एवामिस्ट (Evamist) स्प्रे को बांह पर लगाया जाता है।

    4. योनि एस्ट्रोजन (Vaginal estrogen)

      योनि एस्ट्रोजन एक क्रीम, वैजाइनल रिंग (vaginal ring) या गोलियों के रूप में उपलब्ध होते है।

      यह उपचार सामान्य तौर पर उन महिलाओं के लिए उपयोग में लाया जाता है जो योनि सूखापन (vaginal dryness), खुजली (itching) और संभोग (sexual intercourse) के दौरान जलन या दर्द की समस्या से परेशान हैं।

  2. कॉम्बिनेशन एचआरटी (Combination HRT)  

    हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी को अक्सर कॉम्बिनेशन थेरेपी (combination therapy) कहा जाता है, क्योंकि इस थेरेपी में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन दोनों की संयुक्त खुराक का उपयोग किया जाता है।

    ये थेरेपी उन महिलाओं के लिए है,जिनके यूटेरस को हटाया नहीं गया है। दरअसल प्रोजेस्टेरोन के साथ एस्ट्रोजन लेने से यूटेरिन कैंसर होने का रिस्क कम हो जाता है।वहीँ प्रोजेस्टेरोन भी मेनोपॉज़ के कई लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है, जैसे कि हॉट फ्लेशेज़।

 

कौन सा एचआरटी आपके लिए उपयुक्त है

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कौन सा एचआरटी आपके लिए उपयुक्त है

एचआरटी लेने का तरीका चुनना व्यक्तिगत प्राथमिकता का विषय हो सकता है जब तक कि कोई स्वास्थ्य कारण न हो।

अपने चिकित्सक के साथ अपने मेडिकल इतिहास और विभिन्न प्रकार के एचआरटी पर चर्चा करना महत्वपूर्ण है।

कौन सा एचआरटी आपके लिए लाभदायक हो सकता है:

  1. टेबलेट्स (Tablets)

    अगर आप एचआरटी का एक आसान रूप चाहते है, और अगर आपको हार्ट डिसीज़ (heart disease), स्ट्रोक (stroke) या लिवर प्रोब्लेम्स (liver problems) से जुडी कोई फॅमिली हिस्ट्री नहीं है, तो एचआरटी के रूप में टैबलेट का सेवन कर सकते हैं।

    क्योंकि टेबलेट से इन स्थितियों के रिस्क को थोड़ा बढ़ा सकते हैं, हालांकि रिस्क बेहद कम है।

  2. स्किन पैचेज़ (Skin patches)

    पैचेज़ का इस्तेमाल करना आसान होता है। इसके लिए आपको बस पैच के पीछे का हिस्सा हटाना है और जहां पर आपको अनचाहे बाल नहीं हैं जैसे कि अपर आर्म (upper arm), हिप (hip) और अपर लेग (upper leg) वहां पर इसे लगाना है।

    ऐसा करने से स्किन पैचेज़ हॉर्मोन को अब्सॉर्ब कर लेता और आपके लिवर (liver) को भी प्रभावित नहीं करता और इससे क्लॉट (clot) का खतरा भी नहीं बढ़ता है।

  3. एस्ट्रोजेन जेल (Estrogen gel)

    अगर आप नहीं चाहते कि हफ्ते में दो या तीन बार पैच बदलें या आपको लगता है कि पैच आपकी त्वचा को परेशान कर सकता है।

    अगर आपकी फॅमिली में डायबिटीज़, हार्ट की समस्या या फिर क्लॉट से जुडी समस्या है तो टेबलेट्स लेने की अपेक्षा में जेल का इस्तेमाल करना ज़्यादा अच्छा हो सकता है।

    इसे इस्तेमाल करना भी आसान है।

  4. वजाइनल एचआरटी (Vaginal HRT)

    आप योनि के सूखापन और दर्दनाक संभोग से राहत पाना चाहते हैं और अन्य लक्षणों जैसे कि हॉट फ्लेशेज़ से पीड़ित नहीं हैं, तो वजाइनल एचआरटी आपके लिए उपयुक्त हो सकता है।

    ये एचआरटी बहुत सुरक्षित होता है और रिस्क इसमें बहुत कम है और प्रोजेस्टोजेन के बिना भी लिया जा सकता है, भले ही आपका यूटेरस अबतक निकाला न गया हो।

  5. एस्ट्रोजेन ओनली (Estrogen only)

    अगर आपके गर्भ (womb) रिमूव किया जा चूका है (उदाहरण के लिए, अगर आपकी Hysterectomy हो चुकी है) तो आपके लिए एस्ट्रोजेन ओनली एचआरटी उपयुक्त हो सकता है।

    हालांकि जोखिम कम है, लेकिन प्रोजेस्टेरोन/प्रोजेस्टोजन के बिना उपयोग किए जाने पर एस्ट्रोजन-ओनली एचआरटी आपके गर्भ या ओवेरियन कैंसर के रिस्क को थोड़ा बढ़ा सकता है।

  6. कंबाइंड एचआरटी (Combined HRT)

    अगर आपका यूटेरस अबतक निकाला नहीं गया है तो आपके लिए कंबाइन एचआरटी लेना उपयुक्त है। 

    इसे लेने का दो तरीका है - साइक्लिकल कंबाइंड एचआरटी (cyclical combined HRT), ये उन महिलाओं को रेकमेंड किया जाता है, जिन्हें मेनोपॉज़ के लक्षणों का सामना करना पड़ रहा है या जिनके पीरियड्स अबतक हो रहे हैं।

    और कॉन्टिन्यूअस कंबाइंड एचआरटी (Continous combined HRT) उन महिलाओं के लिए रेकमेंड किया जाता है, जो पोस्ट-मेनोपॉज़ल फेज़ से गुज़र रही हैं और जिन्हें एक साल से पीरियड नहीं हुआ हो।

इसके अलावा नियमित रूप से हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी के फायदे और नुकसान की जांच करने पर ध्यान दें, इसके लिए मैमोग्राम (mammograms) और पैल्विक परीक्षण (pelvic exams) को कराने के लिए डॉक्टर से संपर्क करें।

इसके साथ ही स्वस्थ जीवनशैली का चुनाव करें और शारीरिक गतिविधि और व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।

 

हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी के नुक्सान

Side-effects of hormone replacement therapy in hindi

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हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी के नुक्सान

हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी में अनेक प्रकार के लाभों के साथ-साथ ही कुछ साइड इफेक्ट देखे जा सकते हैं।

इसके जोखिम कारक निम्न बातों पर निर्भर करते हैं, जैसे- एस्ट्रोजन की खुराक और प्रकार, एस्ट्रोजन का अकेला सेवन किया गया है या प्रोजेस्टिन के साथ और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं जैसे: हार्ट और ब्लड वेसल्स डिसीज़ और कैंसर आदि।

आईये जानते हैं एचआरटी से जुड़े साइड-इफेक्ट्स के बारें में:

  1. सूजन (swelling)

  2. स्तन की सूजन या संवेदनशीलता (sensitive breasts)

  3. सिर दर्द (headache)

  4. मूड में परिवर्तन (change in mood)

  5. जी मिचलाना (nausea)

  6. वेयजायनल ब्लीडिंग (vaginal bleeding)

 

सारांश

summary in hindi

saransh in hindi

हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (HRT) मेनोपॉज़ के लक्षणों से राहत के लिए सरकार द्वारा एप्रूव्ड उपचारों में से एक है।

ऐसे में इससे जुड़े लाभ और रिस्क को समझना ज़रूरी है