हैवी पीरियड्स

हैवी पीरियड्स

Heavy bleeding during periods in hindi

Periods ke doran atyadhik bleeding ya heavy periods in hindi

कई महिलाओं को मासिक धर्म चक्र के दौरान भारी रक्तस्त्राव का सामना करना पड़ता है जिससे उनकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में बाधा पड़ती है।

ऐसे पीरियड्स सामान्य नहीं होते और किसी बीमारी की ओर भी इशारा कर सकते हैं।

प्रत्येक महिला का मासिक धर्म प्रवाह और चक्र (Menstrual cycle and bleeding) अलग होता है।

जब तक कि आप अपने डॉक्टर से बात नहीं करती, तब तक यह जानना मुश्किल है कि आपकी माहवारी सामान्य है, हल्की या भारी।

जो महिलाएं असामान्य रूप से भारी मासिक धर्म के रक्तस्राव का अनुभव करती हैं, उनमें मेनोरेजिया (Menorrhagia) नामक स्थिति हो सकती है।

इस स्थिति के कारण कई बार प्रवाह इतना भारी हो जाता है कि आपको हर घंटे अपने टैम्पोन या पैड (tampoon or pad) को बदलने की ज़रूरत पद सकती है।

पीरियड्स में कितनी ब्लीडिंग हैवी ब्लीडिंग है?

How much blood flow is considered as heavy bleeding? in hindi

periods ke doran kitni bleeding ko heavy bleeding kahenge in hindi

एक माहवारी के दौरान एक महिला को 4-6 दिनों में औसतन 30 से 40 मिलीलीटर (mililitres -mL) खून का नुकसान होता है।

भारी रक्तस्राव वाली महिलाओं को 60 मिलीलीटर या उससे अधिक का नुकसान हो सकता है, लेकिन आमतौर पर 80 मिलीलीटर से अधिक नहीं होता है।

एक सामान्य पैड 5 मिलीलीटर खून सोख लेता है।

इसलिए पूरी महावारी के दौरान 7-8 पैडस का इस्तेमाल सामान्य माना जाता है और इससे अधिक पैड की ज़रूरत हो तो आप हैवी ब्लीडिंग की शिकार हो सकती हैं।

क्योंकि कुल रक्त की हानि को मापना मुश्किल है, यह जानने के लिए कि क्या आप हैवी पीरियड्स की शिकार हैं, अपने डॉक्टर से बात करें।

डॉक्टर उन लक्षणों और स्थितियों की समीक्षा कर सकते हैं जो अधिक रक्तस्राव का कारण हो सकती हैं, और इसका उचित इलाज कर सकते हैं।

हैवी पीरियड्स के लक्षण

Symptoms of heavy periods in hindi

kaise pehchane ki aapko heavy bleeding ho rahi hai in hindi

पीरियड्स में हैवी ब्लीडिंग के लक्षण इस प्रकार हैं :-

  1. दिन में कई बार पैड बदलने की ज़रूरत।

  2. रात में भी नींद से उठकर पैड बदलने की अगर ज़रूरत हो।

  3. अगर माहवारी मे रक्तस्त्राव एक सप्ताह से अधिक चलता रहे।

  4. माहवारी के दौरान होने वाली क्लोट्टिंग में अगर खून के थक्के बड़े हों।

  5. हैवी ब्लीडिंग के कारण अगर रोज़मर्रा का काम करने में दिक्कत आए।

  6. एनेमिया(Anemia) के लक्षण जैसे कि थकान, कमजोरी आदि का महसूस होना।

  7. पेट और पीठ के नीचले हिस्से में पीरियड्स के दौरान दर्द

हैवी पीरियड्स के प्रकार

Types of Heavy Periods in hindi

periods ke doran atyadhik bleeding kitne prakar ki hoti hai in hindi

हैवी पीरियड्स तीन प्रकार के होते हैं :-

  1. मेनोमिट्रोरेजिया (Menometrorrhagia)

    यह असामान्य रूप से भारी, लंबे समय तक और अनियमित गर्भाशय रक्तस्राव (Uterus Bleeding) की स्थिति है।

    इस स्थिति वाली महिलाओं को आमतौर पर मासिक धर्म के दौरान 80 मिलीलीटर या 3 औंस (3 ounce) से अधिक खून बहता है।

    रक्तस्राव अचानक और अक्सर होता है।

    यह ब्लीडिंग उस वक़्त होती है, जब आप मासिक धर्म चक्र की उम्मीद नहीं कर रही होती हैं।

    मेनोमिट्रोरेजिया दो मासिक धर्म संबंधी विकारों का एक कॉम्बिनेशन है :-
    1. मेनोरेजिया (Menorrhagia) - ऐसा भारी गर्भाशय रक्तस्राव जो नियमित अंतराल पर होता है

    2. मेट्रोर्रेगिया (Metrorrhagia)- जो अनियमित या असामान्य रक्तस्राव है

  2. पॉलिमेनोरिया (Polymenorrhea)

    पॉलिमेनोरिया का अर्थ है एक ऐसा मासिक धर्म चक्र जो 21 दिनों से कम के अंतराल पर होता है।

    एक सामान्य मासिक धर्म चक्र 24 से 35 दिनों के बीच होता है।

    पॉलीमेनोरिया असामान्य गर्भाशय रक्तस्राव का ही एक रूप है।

  3. पोस्टमेनोपॉज़ल (Post menopausal)

    पोस्टमेनोपॉज़ल रक्तस्राव उस गर्भाशय रक्तस्त्राव को कहते हैं जो आपके मेनोपॉज़ के कम से कम 12 महीने बाद होता है।

    45 वर्ष से अधिक उम्र वाली महिला को यदि एक वर्ष से अधिक समय तक माहवारी नहीं होती है, तो इसे मेनोपॉज़ माना जाता है।

    इसके बाद योनि से किसी भी प्रकार का रक्तस्राव खतरनाक बीमारी का सूचक हो सकता है और इस पोस्टमेनोपॉज़ल रक्तस्राव का एक डॉक्टर द्वारा जांचना ज़रूरी है।

हैवी पीरियड्स के कारण

Causes of heavy periods in hindi

periods mein heavy bleeding ya heavy periods ke kya karan hote hai in hindi

कई स्थितियां भारी माहवारी का कारण बन सकती हैं।

कुछ महिलाओं को भारी माहवारी की शिकायत हर महीने होती है जबकि कुछ को सिर्फ कुछ खास परिस्थितियों में यह तकलीफ होती है।

एक माहवारी जो अचानक एक महीने से बहुत भारी है, उसके कारण इस प्रकार हो सकते हैं :-

  1. एक्टोपिक प्रेगनेन्सी (Ectopic pregnancy)

    इस प्रकार की गर्भावस्था (pregnancy) आपके गर्भाशय के बाहर विकसित होती है और काफी खतरनाक होती है।

    यह गंभीर स्वास्थ्य मुद्दों का कारण बन सकती है, जिसमें भारी रक्तस्राव और गंभीर दर्द शामिल हैं।

  2. नॉन-हार्मोनल अंतर्गर्भाशयी डिवाइस (Non hormonal intrauterine device - IUD)

    भारी मासिक धर्म रक्तस्राव एक नॉन-हार्मोनल अंतर्गर्भाशयी डिवाइस का एक साइड इफैक्ट है।

    हालांकि, आईयूडी के साथ कुछ महीनों के बाद रक्तस्राव नॉर्मल हो जाते हैं।

  3. दवाएं (Medciations)

    रक्त को पतला करने वाली दवाएं भारी मासिक धर्म प्रवाह को जन्म दे सकती हैं।

ऐसे पीरियड्स जो पहले दिन हैवी होते हैं, उसके कारण इस प्रकार हो सकते हैं :-

कई महिलाओं को पीरियड के पहले दिन भारी ब्लीडिंग होती है और आखिरी दिनों में लाइट ब्लीडिंग होती है।

इसके निम्नलिखित कारण हो सकते हैं :-

  1. हॉर्मोनल बर्थ कंट्रोल (Hormonal birth control pills)

    यदि आपने हाल ही में हार्मोनल बर्थ कंट्रोल का उपयोग करना बंद कर दिया है, तो आपके पीरियड्स पहले कुछ दिनों में बहुत भारी हो सकते हैं क्योंकि आपके शरीर को हार्मोनल बदलाव के अनुसार ढलने में समय लगता है।

  2. दवाएं (Medicines)

    आपके द्वारा ली जाने वाली दवाएं, जैसे की ब्लड प्रैशर या कुछ अन्य दवाएं, आपके पीरियड्स को प्रभावित कर सकती हैं और माहवारी के पहले दिन भारी रक्तस्राव का कारण बन सकती हैं।

लगातार भारी पीरियड्स, उसके कारण इस प्रकार हो सकते हैं :-

यदि हर माहवारी भारी और दर्दनाक हो, तो इसके निम्नलिखित कारण हो सकते हैं।

  1. हार्मोन की समस्या (Hormonal Issues)

    शरीर में, वैसे तो, प्रोजेस्टेरोन (Progesterone ) और एस्ट्रोजन (Estrogen), दो ऐसे हार्मोन जो मासिक धर्म में सबसे बड़ी भूमिका निभाते हैं, और इनकी मात्रा सामान्य रूप से संतुलित रहती है।

    लेकिन बहुत अधिक एस्ट्रोजन की मात्रा मोटी गर्भाशय की लाइनिंग को जन्म दे सकती है।

    इससे भारी रक्तस्राव हो सकता है क्योंकि आपकी माहवारी के दौरान यही लाइनिंग पीरियड्स के रूप में शरीर से बह जाती है।

  2. ब्लीडिंग डिसोर्डर (Bleeding disorder)

    भारी माहवारी वाली कुछ महिलाओं में कोई ब्लीडिंग डिसोर्डर हो सकता है, जिसे वॉन विलेब्रांड (Von Willebrand) रोग भी कहते है।

    ये विकार आपके हेवी रक्तस्राव को रोकना मुश्किल बनाता है।

  3. यूटरीन पोलीप्स (Uterine polyps)

    गर्भाशय की लाइनिंग पर निकलने वाली ये छोटी वृद्धि पीरियड्स को भारी बना सकती है।

  4. गर्भाशय फाइब्रॉएड (Uterine fibroids)

    ये भी गर्भाशय में होने वाली असामान्य वृद्धि है।

    ये आमतौर पर पॉलिप्स से बड़े होते हैं और गर्भाशय के अंदर विकसित होते हैं।

    ये हैवी पीरियड्स का कारण बन सकते हैं।

  5. गर्भाशय कैंसर (Uterine cancer)

    आपके गर्भाशय(Uterus), गर्भाशय ग्रीवा (Cervix) और अंडाशय (Ovaries) में कैंसर भी भारी माहवारी को जन्म दे सकता है।

  6. रजोनिवृत्ति से पहले (Perimenopause)

    रजोनिवृत्ति से ठीक पहले, हार्मोनल परिवर्तन के कारण असामान्य रूप से भारी रक्तस्राव का अनुभव आम है।

  7. गर्भावस्था (Pregnancy)

    बच्चे के जन्म के बाद, हैवी पीरियड्स असामान्य नहीं है।

    बच्चे के जन्म के कुछ महीने बाद यह स्थिति सामान्य हो सकती है और आपके पीरियड्स वापस नॉर्मल हो सकते हैं, हालांकि कभी-कभी यह स्थिति परमानेंट भी हो जाती है और आपके पीरियड्स हैवी रहने लगते हैं।

हैवी पीरियड्स का निदान

Diagnosis of heavy periods in hindi

atyadhik rakt strav ke kaise pehchane in hindi

आपकी ब्लड हीस्टरी और मासिक धर्म चक्रों (Blood report and Menstrual cycle) के बारे में सवालों की एक श्रृंखला से मेनोरेजिया (Menorrhagia) का निदान किया जाता है।

मेनोरेजिया के निदान के लिए किए गए शारीरिक परीक्षण में शामिल हो सकते हैं :-

  1. खून का परीक्षण (Blood Tests)

    थायरॉयड और एनीमिया की जांच के लिए रक्त परीक्षण

  2. पैप परीक्षण (Pap Tests)

    गर्भाशय ग्रीवा (Cervix) से कोशिकाओं (Cells) की जांच

  3. एंडोमेट्रियल बायोप्सी (Endometrial Biopsy)

    एंडोमेट्रियल बायोप्सी कैंसर या असामान्यताओं के लिए गर्भाशय के टिशू (Uterine tissue) की जांच

  4. अल्ट्रासाउंड (Ultrasound)

    रक्त वाहिकाओं, ऊतकों और अंगों (Blood Vessels, Tissues and Organs) के कार्य की जांच के लिए

  5. सोनोहिस्टेरोग्राम (Sonohysterogram)

    गर्भाशय के अस्तर (Uterus lining) में समस्याओं की जांच के लिए

  6. हिस्टेरोस्कोपी (Hysteroscopy)

    हिस्टेरोस्कोपी - पॉलीप्स, (Polyps) फाइब्रॉएड (Fibroids) या अन्य समस्याओं की जाँच के लिए

हैवी पीरियड्स का उपचार

Treatment of Heavy Periods in hindi

kaise kare atyadhik rakt strav ya heavy bleeding ka ilaj ya upchar in hindi

हैवी पीरियड्स के उपचार में शामिल हैं :-

  1. जन्म नियंत्रण गोलियाँ (Birth control pills)

    जन्म नियंत्रण की गोलियाँ और हार्मोनल आईयूडी (Hormonal IUDs) हार्मोन को संतुलित कर पीरियड्स को नॉर्मल करने में मदद कर सकते हैं।

  2. ओवर-द-काउंटर दर्द दवा (Over-the-counter pain medications)

    दर्द की दवाएं जैसे कि इबुप्रोफेन (Ibuprofen) और नेप्रोक्सन सोडियम (Naproxen Sodium), हैवी पीरियड्स को कम करने में मदद कर सकते हैं।

  3. प्रिस्क्रिप्शन दवाएं (Prescription medication)

    भारी महावरी से आराम के लिए आपका डॉक्टर ओरल प्रोजेस्टेरोन (Oral progesterone) जैसी दवाएं लिख सकता है।

  4. सर्जरी (Surgery)

    सर्जरि द्वारा पॉलीप्स या फाइब्रॉएड को हटाने से रक्तस्राव कम हो सकता है।

  5. हिस्टेरेक्टोमी (Hysterectomy)

    कुछ दुर्लभ मामलों में आपके गर्भाशय को पूरी तरह से हटाना ज़रूरी हो सकता है।

    लेकिन ध्यान दे, इस प्रक्रिया के बाद आप गर्भवती नहीं हो पाएंगी।

सारांश - Summary

saransh in hindi

हर महिला का मासिक चक्र अलग होता है।

इसलिए यह जानना कठिन है कि आपके पीरियड्स सामान्य हैं या भारी।

आपका डॉक्टर आपको यह समझने में मदद कर सकता है कि आपके पीरियड्स नॉर्मल हैं या नहीं, और वे आपको सही उपचार भी दे सकते हैं।

zealthy contact

कॉल

zealthy whatsapp contact

व्हाट्सप्प

book appointment

अपॉइंटमेंट बुक करें