बालों का झड़ना

बालों का झड़ना और पतला होना

Hair Fall and thinning in hindi

kaise roke Baalon ka jhadna aur patla hona in hindi

 

बालों के झड़ने और उगने की प्रक्रिया हर रोज़ होती है। बालों के जड़ों से टूटकर गिरने को ही बालों का झड़ना कहते हैं।

लगातार बालों के झड़ने से ही बाल की वॉल्यूम (volume) कम हो जाती है और बाल पतले हो जाते हैं।

एक दिन में 100 बालों का गिरना नॉर्मल है मगर जब गिरते बालों की संख्या 100 से काफी ऊपर हो जाए तो इसका मतलब है आप हेयरफॉल की शिकार हो चुकी हैं।

 

हेयरफॉल के प्रकार क्या हैं

Types of hair fall in hindi

Hair fall ke kitne prakar hote hai in hindi

हेयरफॉल के प्रकार क्या हैं

हेयरफॉल भी कई तरीकें के होते हैं और बालों के गिरने और पतले होने के पीछे कई कारण हैं।

आइए एक नज़र डालें बालों के झड़ने के कुछ खास प्रकारों पर :

  1. अंड्रोजेनेटिक एलोपिसिया (Androgenic Alopecia)

    यह सबसे आम हेयरफॉल का प्रकार है जिससे लगभग लाखों लोग जूझते हैं। यह महिला और पुरुष दोनों में होता है।

    इस अवस्था में सिर के ज्यादातर बाल गिर जाते हैं।

    महिलाओं में इसे फीमेल हेयर लॉस पैटर्न वहीं पुरुषों में इसे मेल हेयरलॉस पैटर्न कहा जाता है।

    यह अनुवांशिक है मगर सर्जरी ट्रीटमेंट से इसे ठीक किया जा सकता है।

    1. फीमेल हेयरलॉस पैटर्न (Female Pattern Hair Loss)

      अधेड़ उम्र में महिलाओं के बाल तेज़ी से गिरने लगते है। बालों के बीच से मांग चौड़ी नज़र आने लगती हैं और बाल पतले होने लगते हैं। लेकिन यह गंजेपन में ना के बराबर बदलता है।

    2. मेल हेयरलॉस पैटर्न (Male Pattern Hair Loss)

      किशोरावस्था के बाद से यह कभी भी पुरुषों में नज़र आ सकता है।

      इस प्रकार के हेयरफॉल में पुरुषों के स्कैल्प के बीच में रिंगनुमा आकर में बाल गिरते हैं।

      उस रिंग के अलावे पूरे स्कैल्प पर गंजापन हो सकता है।

      यह अनुवांशिक और किसी बीमारी या दवाओं के ज्यादा सेवन से भी हो सकता है।

      मेडिकल ट्रीटमेंट से इसका इलाज़ संभव है।

  2. टेलोजन इफ्लुवियम (Telogen Effluvium)

    बालों का विकास तीन चरणों में होता है। अनाज़ेन, काटज़ेन और टेलोजेन (Anagen, catagen and telogen)।

    अनाज़ेन फेज (Anagen phase) में बाल ग्रोथ फेज में रहते हैं, काटज़ेन फेज में बाल विकास करना बंद करके रोमछिद्रों से थोड़े ढीले पड़ते हैं और टेलोजन ये बाल गिर जाते हैं।

    अनाज़ेन फेज तीन से चार वर्षों तक रहता है।

    मगर एक अवस्था होती है जब अनाज़ेन फेज से बाल टेलोजेन फेज तक पहुंचते हैं मगर उनके गिरने के बाद उस जगह नए बाल नहीं उगते। इसी अवस्था को टेलोजन इफ्लुवियम हेयरलॉस कहते हैं।

    आमतौर ऐसी स्थिति में बाल कुछ सालों बाद वापस आ जाते हैं।

    टेलोजन इफ्लुवियम हेयरलॉस से गुजरने वाली महिलाएं एक दिन में 400 से 500 बाल खोती हैं। जिससे बाल पतले हो जाते हैं।

    यह गंजेपन में ना के बराबर परिवर्तित होता है।

    ऐसा किसी गंभीर बीमारी के चपेट में आने से या लंबे समय तक बीमार रहने के कारण होता है।

  3. अनेजेन इफ्लुवियम (Anagen Effluvium)

    अनेजेन इफ्लुवियम हेयरलॉस में एक साथ सभी बाल गिर जाते हैं। यह किसी बीमारी के मेडिकल ट्रीटमेंट के कारण होता है।

    इसका सबसे बड़ा उदाहरण है कीमोथेरेपी (chemotherapy)। जहां सारे बाल ग्रोथ फेज से सीधे टोलेजेन फेज में प्रवेश कर जाते हैं। 

  4. एलोपेसिया एरियाटा (Alopecia Areata)

    इस अवस्था में शरीर के इम्यून सिस्टम पर प्रभाव पड़ता है जिसमें शरीर के स्वस्थ टिशू मार जाते हैं।

    इसमें बालों के सेल्स भी प्रभावित होते हैं।

    यह बच्चों से लेकर जवानों तक में हो सकता है।

    इस अवस्था में शरीर के दूसरे जगहों से भी बाल गिरने लगते हैं, जैसे भौंह, पलकें इत्यादि। एलोपेसिया एरियाटा हेयरलॉस में स्कैल्प में छोटे छोटे पैचेज़ दिखने लगते हैं। 

  5. सिकाट्रीशियल एलोपिसिया (Cicatricial Alopecia)

    सिकाट्रीशियल एलोपिसिया हेयरलॉस में बालों के रोमछिद्र प्रभावित होने के बाद उनकी जगह हेयर टिशू ले लेते हैं।

    जिससे बाल वहां से दोबारा उग नहीं पातें। ऐसी स्थिति में या तो हेयरफॉल बेहद स्लो होता है या एक बार में ही सारे बाल गिर जाते हैं।

    हेयर टिशू बनने के कारण स्कैल्प में रैशेज, खुजली, संक्रमण भी हो सकता है।

  6. ट्रैक्शन एलोपेसिया (Traction alopecia)

    ट्रैक्शन एलोपिसिया में बालों उस तरफ़ से गिरने लगते हैं जिस तरफ से आप उन्हें बांधती हैं।

    बालों को कसकर बांधने से वो जड़ से कमजोर होकर टूटने लगते हैं।

 

कैसे पता करें कि आपके बाल असामान्य रूप से झड़ रहें हैं

How to identify abnormal hairfall in hindi

kaise pata kare abnormal hair fall in hindi

कैसे पता करें कि आपके बाल असामान्य रूप से झड़ रहें हैं

 

निचे दिए लक्षण बताते हैं की कहीं आपके बाल असामान्य रूप से झड़ रहें हैं:

  1. एक दिन में 100 से ज्यादा बाल गिरना (Losing more than 100 hair in a day)

    एक दिन में पचास से सौ बाल गिरना नॉर्मल है। मगर इससे अधिक बालों का हर रोज़ गिरना बालों के असामान्य रूप से झड़ने का संकेत है।

  2. स्कैल्प में दिखने लगे पैच (Patches on scalp)

    अचानक से स्कैल्प पर आपको जगह जगह पैच नज़र आने लगें तो इसका मतलब है कि आपके बाल असामान्य रूप से झड़ रहें हैं।

  3. अचानक से किसी दिन काफी बाल गिरना (Sudden hair fall)

    कंघी करने के दौरान या बालों में हाथ फेरने के दौरान अगर काफी बाल अचानक से आपके हाथ में आ जाएं तो इसका मतलब है आपके बाल असामान्य रूप से झड़ रहें।

    यह किसी गंभीर बीमारी के लक्षण भी हो सकते हैं।

  4. बालों की वॉल्यूम कम होना (Loss of hair volume)

    अगर जहां तहां कभी तौलिए पर, कभी तकिए पर आपके बाल गिरते नज़र आ रहें है और इसके साथ आपके बालों की वॉल्यूम लगातार कम हो रही है तो यह असामान्य रूप से बालों का झड़ना हो सकता है।

  5. मांग चौड़ी होना (Wide hairline)

    अगर अचानक से बालों की मांग चौड़ी होने लगे तो इसका मतलब साफ है कि जड़ से आपके बाल गिर रहें हैं।

    इस तरह बालों का गिरना असामान्य हो सकता है।

 

बालों के झड़ने के रोकथाम के लिए कौन से ट्रीटमेंट

Treatment for hair fall in hindi

balo ke jhadne ko rokne ke liye treatment in hindi

बालों के झड़ने के रोकथाम ट्रीटमेंट

बालों को असामान्य रूप से झड़ना भले ही आपके हाथ में पूरी तरह से ना हो मगर मेडिकल ट्रीटमेंट के पास इसका इलाज़ ज़रूर है।

मेडिकल ट्रीटमेंट के तहत आप कई तरीकों से बालों के गिरने को रोक सकते हैं या बालों को दोबारा उगा सकते हैं।

एक नज़र कौन से ट्रीटमेंट हैं आपके बालों के लिए फ़ायदेमंद :  

  1. होम्योपैथी (Homeopathic treatment)

    झड़ते बालों पर होम्योपैथ काफी असरदार होता है। एलोपेसिया, गंजापन और झड़ते बालों के लिए होमियोपैथ लंबा असर करता आ रहा है।

    होमियोपैथ की दवाइयां एसिड फ्लोर (Acid Flour), फॉस्फोरस (Phosphorus), लिकोपोडियम (Lycopodium), थूजा (Thuja) और  सिलिसिया (Silicea) झड़ते बालों के लिए काफी असरदार साबित हुईं हैं।

    डॉक्टर के परामर्श से आप इनका इस्तेमाल अपने झड़ते बालों के लिए कर सकते हैं।

  2. आयुर्वेद (Ayurvedic treatment)

    आयुर्वेदिक हेयर ऑयल की मदद की से आप अपने झड़ते बालों को कंट्रोल कर सकती हैं। प्राचीन काल से आयुर्वेद चिकित्सा बालों के लिए असरदार रही है।

    इसके लिए आप किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श लें सकती हैं।

    रोजमेरी एसेंशियल ऑयल (Rosemary Essential Oil), सैज टी (Sage Tea) आयुर्वेद चिकित्सा में बालों के लिए कारगर साबित हुए हैं।

  3. एलोपैथ (Allopathic Treatment)

    एलोपैथ के पास भी आपके गिरते बालों के रोकथाम के लिए कई सारे दवाएं हैं, मगर हर किसी को ये सूट नहीं करते। इसके साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं।

    मिनोक्सीडील (Minoxidil), कॉर्टिसोन (Cortisone), फाइनेस्टराइड (Finasteride), नीऑक्सीन विटामिन्स (Nioxin Vitamins) एलोपैथ की बालों के असरदार दवाएं हैं।

    डॉक्टर के परामर्श के बाद आप इनका इस्तेमाल कर सकती हैं।

  4. हेयरट्रांसप्लांट ट्रीटमेंट (Hair Transplantation)

    स्कैल्प के ज्यादातर हिस्सों में गंजापन आने के बाद ही हेयर ट्रांसप्लांट ट्रीटमेंट का सहारा लिया जाता है।

    यह बालों को जड़ों से दोबारा उगाने में पूरी तरह सक्षम हैं।

    सर पर एक भी बाल ना होने पर भी यह प्रक्रिया दोबारा बालों के विकास के लिए कारगर है।

  5. सही हेयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें (Choose right hair care products)

    बालों के लिए तेल, शैंपू और कंडीशनर के चुनाव के वक्त सावधानी बरतें। रसायन युक्त प्रोडक्ट्स के चुनाव से बचें।

    शुद्ध तेल, माइल्ड शैंपू और कंडीशनर का इस्तेमाल करें। हफ़्ते में दो बार रात को बालों को तेल से मालिश करें। सुबह बाल शैंपू से धो लें।

 

सारांश

Summary in hindi

Saransh in hindi

दिन में 100 बाल से ज्यादा बालों का गिरना ही बालों का झड़ना कहलाता है। यह अधिक स्तर पर पहुंच जाने के बाद गंजेपन का भी रूप ले सकता है।

बालों के झड़ने को रोकने के लिए एलोपैथ, होम्योपैथ, आयुर्वेद और हेयर ट्रांसप्लांट ट्रीटमेंट का सहारा लिया जा सकता है।

नोट : डॉक्टर के परामर्श के बाद ही किसी तरह को दवाओं का सेवन करें।