Mahilayen ya girls pregnant kab or kaise hoti hai

महिलाओं में गर्भ कब और कैसे ठहरता है?

How a woman gets pregnant? in hindi

Mahilayen ya girls pregnant kab or kaise hoti hai in hindi

प्रजनन पर संसार टिका है। एक महिला का गर्भधारण करना व एक नयी जान को संसार में लाना वाकई एक मुश्किल व महत्वपूर्ण प्रक्रिया है।

स्त्री का शरीर गर्भावस्था के दौरान कई बदलावों से होकर गुजरता है।

मगर सबसे ज़रूरी सवाल है कि एक महिला गर्भवती होती कैसे है, गर्भ ठहरने का कारण क्या हैं, गर्भधारण करने का सबसे उपयुक्त समय क्या है?

आज इस लेख में हम आपको गर्भावस्था से जुड़े इन्हीं पहलुओं के बारे में बताएँगे।

प्रेग्नेंसी क्या है?

What is pregnancy? in hindi

Pregnancy kya hoti hai in hindi

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किसी भी स्त्री के गर्भवती होने में उसके शरीर के प्रजनन अंगों का बहुत बड़ा योगदान होता है।

ये अंग हैं अंडाशय या ओवरी (ovaries), जहां नए जीव का सृजन करने वाले अंडाणु (egg) महिला के कौमार्य से पूर्व तक सुप्त (सोये) अवस्था में रहते हैं।

महिला के युवावस्था में प्रवेश करने के साथ ही मासिक धर्म की शुरुआत होती है।

मासिक धर्म की शुरुआत के साथ यह अंडाणु भी जागृत हो जाते हैं।

दूसरा महत्वपूर्ण अंग होता है डिंबवाहिनी नली यानि फैलोपीयन ट्यूब (fallopian tube) जिसका एक हिस्सा ओवरी से जुड़ा होता है और दूसरा हिस्सा गर्भाशय (uterus) से जुड़ा होता है।

ओवरी से निकला हुआ अंडाणु, फैलोपिन ट्यूब में प्रवेश करके आगे का सफर तय करता है।

पुरुष के साथ सेक्स करने पर महिला की योनि (Vagina) के मार्ग से पुरुष के वीर्य या शुक्राणु (sperm) महिला के शरीर में प्रवेश करते हैं।

शरीर में प्रवेश करने के साथ ही शुक्राणु महिला की फैलोपिन ट्यूब में प्रवेश करते हैं और अगर उन्हें वहाँ जीवित अंडाणु मिल जाता है तब निषेचन (fertilization) की प्रक्रिया पूर्ण हो जाती है। यही स्थिति गर्भधारण कहलाती है।

प्रेग्नेंट कैसे होते हैं?

How a woman gets pregnant? in hindi

Pregnant kaise hote hai in hindi

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सामान्य रूप से निषेचन (fertilization) किसी भी सामान्य महिला के अंडोत्सर्ग या ओव्यूलेशन (ovulation) के चक्र के दौरान होता है।

इस समय महिला का अंडाणु फैलोपिन ट्यूब से परिपक्व (mature) अवस्था में बाहर निकलता है।

एक स्वस्थ महिला के शरीर में ओव्यूलेशन की प्रक्रिया मासिक धर्म के 10 दिन बाद होती है।

एक सामान्य स्वस्थ महिला का मासिक धर्म चक्र (menstrual cycle) 28 दिनों का होता है।

इस अवस्था में इस चक्र की बीच की अवधि यानि 14वां दिन अंडोत्सर्ग यानि ओव्यूलेशन का माना जाता है।

इस समय महिला की ओवरी से अंडा निकल कर फैलोपिन ट्यूब तक जाता है।

यदि इस समय इस ट्यूब में पुरुष का वीर्य मौजूद होता है तब यह अंडा उसके साथ मिलकर निषेचित हो जाता है। निषेचन की सफल प्रक्रिया के बाद ही महिला गर्भवती होती है।

लेकिन कुछ स्थितियों में यह गिनती भिन्न भी हो सकती है।

कुछ महिलाओं का मासिक धर्म चक्र अनियमित अथवा 28 दिन से अधिक यानि 31 दिनों का भी हो सकता है।

इसमें ध्यान देने वाली बात यह है कि महिला का अंडा गर्भनाल में 24 घंटे तक जीवित रहता है और इसी प्रकार ट्यूब में मौजूद वीर्य कुछ दिनों तक जीवित रहते हैं।

यदि इस अवधि में महिला का अंडा फैलोपिन ट्यूब तक पहुँच जाता है तब भी निषेचन प्रक्रिया पूर्ण हो जाती है ।

इसलिए गर्भ ठहरने के लिए निम्न में से किसी एक स्थिति का होना जरूरी होता है :

महिला के अंडाशय से जब अंडा रिलीज होता है तब पुरुष का वीर्य यानि स्पर्म पहले से ट्यूब में मौजूद हो

महिला के अंडाशय से रिलीज हुआ अंडा 24 घंटे तक जीवित रहता है, इन 24 घंटों के समय में पुरुष का वीर्य महिला के फैलोपियन ट्यूब में मौजूद हो

गर्भधारण के लिए सही समय क्या है?

What is the most suitable time to get pregnant? in hindi

Pregnancy ke liye sahi samay kya hai in hindi

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अधिकतर महिलाएं इस दुविधा में रहती हैं कि गर्भधारण के लिए सही समय क्या है?

सामान्य रूप से स्वस्थ महिला का मासिक स्त्राव (Menstruation Discharge) 5 से 7 दिनों तक चलता है।

पीरियड्स शुरू होने के 12वें -18वें दिन तक महिला की प्रजनन क्षमता चरम पर होती है। इन दिनों में पुरुष के साथ सेक्स करने पर गर्भ ठहरने की संभावना अधिकतम होती है।

इस समय को ओव्यूलेशन पीरियड (Ovulation Period) भी कहा जाता है। ओवुलेशन पीरियड को गर्भधारण का सबसे सही समय समझा जाता है।

इस समय के अगले 12-16 दिनों के बाद ही महिला का अगला मासिक धर्म शुरू होता है।

जल्द गर्भवती होने के उपाय क्या हैं?

How to get pregnant faster? in hindi

shighra pregnant hone ke upay in hindi

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सही समय पर गर्भधारण के लिए, सही समय पर सेक्स करना भी जरूरी होता है।

यह समय महिला के ओव्यूलेशन के समय पर निर्धारित होता है।

लगभग सभी डॉक्टर ओव्यूलेशन समय की गणना के लिए निम्न विधि बताते हैं :

  • प्रत्येक महिला के मासिक चक्र के बीच का समय ओव्यूलेशन का होता है।
  • एक स्वस्थ महिला का मासिक चक्र 28 दिन का माना जाता है।
  • पीरियड शुरू होने के 14वें दिन ओव्यूलेशन होता है।
  • पीरियड शुरू होने के 12 से 18 दिनों के बीच में सेक्स करने से गर्भ जल्दी ठहरता है।

महिला का ओव्यूलेशन समय वह होता है जब महिला की प्रजनन क्षमता सबसे अधिक होती है इसलिए इस अवस्था को सबसे उपयुक्त प्रजनन दिन (Favorable Fertile Period) भी कहा जाता है।

अपने मासिक धर्म के सात दिन बाद से लेकर अगले मासिक धर्म के शुरू होने से पहले के सात दिनों तक सेक्स करने पर गर्भ जल्दी ठहर सकता है।

गर्भधारण करने से पहले क्या करें?

What are the tips for women who are trying to conceive? in hindi

pregnant hone ke liye kya taiyari kare in hindi

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विवाह के बाद हर दंपत्ति अपने जीवन में एक नन्हें शिशु का आगमन चाहते हैं।

लेकिन ध्यान रहे कि जब आप अपने परिवार को आगे बढ़ाने का निर्णय ले लेते हैं तब आपके लिए गर्भधारण करने के कई पहलुओं को मद्देनज़र रखना काफी ज़रुरी होता है।

गर्भधारण करने से पहले निम्न बातों पर ध्यान दें :

  • ओव्यूलेशन पीरियड का पता करें (Know your Ovulation)

जब आप अपने परिवार को आगे बढ़ाने का निर्णय लेती हैं तब इसके लिए सबसे पहले अपने ओव्यूलेशन पीरियड का ठीक से पता करना आपके लिए ज़रुरी है।

इसके लिए आप ओव्यूलेशन कैलकुलेटर की मदद ले सकती हैं।

इसके अतिरिक्त आप एक कैलेंडर पर अपनी दो मासिक चक्र की तिथियों को अंकित करके भी अपने सबसे अच्छे प्रजनन दिनों को ज्ञात कर सकती हैं।

  • डॉक्टर से मिलना (Appointment with Doctor)

गर्भधारण करने से पहले भावी माता-पिता को अपने डॉक्टर से अवश्य मिलना चाहिए

इस मुलाक़ात में डॉक्टर पति-पत्नी का चिकित्सीय इतिहास के माध्यम से यह जानने का प्रयास करती हैं कि परिवार में किसी को कोई संक्रामक रोग तो नहीं हुआ है।

ऐसा होने की स्थिति में आने वाले शिशु को इस परेशानी से बचाने के हर संभव उपाय किया जाता है।

  • अनिवार्य पोषण लेना (Take Healthy Diet)

जब आप गर्भधारण का निर्णय लेती हैं तब उस स्थिति में आपको स्वयं को शारीरिक रूप से स्वस्थ रखना जरूरी है।

इसके लिए आपको पूर्ण पोषण युक्त भोजन लेना होगा।

संपूर्ण पोषण युक्त भोजन के अलावा डॉक्टर की सलाह से आप आयरन, कैल्शियम आदि से युक्त सप्लिमेंट ले सकती हैं।

  • स्वस्थ लाइफस्टाइल जीना (Healthy Lifestyle)

स्वस्थ गर्भकाल और स्वस्थ शिशु के जन्म के लिए यह बहुत जरूरी है कि आप स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं।

तनाव रहित जीवन जीने के साथ ही धूम्रपान व मदिरापन जैसे शौक आपको त्यागने होंगे।

  • नियमित व्यायाम (Regular Exercise)

गर्भावस्था के लिए स्वयं को शारीरिक और मानसिक व भावनात्मक रूप से स्वस्थ व मजबूत करने के लिए नियमित रूप से व्यायाम करना होगा।

इससे न केवल आपका शरीर गर्भभार सह सकने योग्य हो सकेगा बल्कि आपके मानसिक स्वास्थ्य में भी मज़बूती आ सकेगी।

निष्कर्ष

Conclusion in hindi

Nishkarsh in hindi

एक नारी के जीवन में गर्भवती होना सबसे सुखद एहसास के समान होता है।

लेकिन गर्भवस्था के आरंभ को लेकर अनेक प्रश्न हर महिला के मन में होते हैं।

जब अंडाणु और शुक्राणु निषेचित होते हैं तब एक स्त्री गर्भवती हो जाती है।

हालाँकि, गर्भधारण की सावधानी के तौर पर गर्भावस्था के निर्णय से पूर्व कई ज़रुरी पहलुओं को ध्यान रखना ज़रुरी होता है।

अक्सर पूछे गए प्रश्न

प्रेग्नेंट होने के लिए सबसे सही उम्र क्या है?Show

चिकित्सीय दृष्टिकोण से 20-30 वर्ष की उम्र के बीच एक महिला की प्रजनन क्षमता सबसे अधिक होती है। इसलिए 20-30 वर्ष की उम्र गर्भधारण के लिए सबसे सही उम्र मानी जाती है।

30 वर्ष के बाद गर्भावस्था में बांझपन, मिसकैरेज, उच्च रक्तचाप, जन्म दोष, गर्भकालीन मधुमेह, सिजेरियन डिलीवरी और मल्टीपल बर्थ जैसे जोखिम हो सकते हैं।

प्रेग्नेंट होने के लिए सबसे फर्टाइल दिन का पता कैसे करें?Show

फर्टाइल दिनों की गणना करके, योनि श्राव की जाँच करके और अन्य शारीरिक संकेतों जैसे -पेट के एक तरफ दर्द, स्तनों में भारीपन और कोमलता आदि पर नज़र रखकर, प्रेगेंट होने के लिए सबसे फर्टाइल दिन का पता लगाया जा सकता है।

क्या प्रेग्नेंट होने के लिए कोई बेस्ट सेक्स पोजीशन होता है?Show

यूँ तो प्रेग्नेंट होने के लिए कोई बेस्ट सेक्स पोजीशन नहीं होता है। मगर, आईयूआई के एक रिसर्च में ये पाया गया है कि जो महिलाएं इनसेमीनेशन (गर्भधान) के बाद कुछ देर तक लेटी रहीं, उनमें गर्भधारण की सफलता दर अधिक है।

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