तीस की उम्र के बाद कैसे करें गर्भाधान की तैयारी

Preparing for conception in your 30sin hindi

Tees ki umar ke baad pregnancy


एक नज़र

  • कई महिलाएं अपने परिवारों को शुरू करने के लिए 30 साल की उम्र तक इंतजार करती हैं।
  • महिला की प्रजनन गतिविधि के दौरान, अंडाशय अपनी ओव्यूलेटरी और हार्मोनल क्षमता के विभिन्न चरणों से गुजरता है।
  • 20 के दशक की शुरुआत में एक महिला के गर्भ धारण करने की संभावना 25 से 30% तक होती है।
  • 35 से अधिक आयु में स्वस्थ प्रजनन क्षमता पाने के लिए आपकी ओर से अधिक प्रयास करने की जरूरत होती है।
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Introduction

Preparing for conception in your 30s

वर्तमान समय में, उम्र से संबंधित बांझपन की समस्या अधिक आम हो रहा है, क्योंकि कई कारणों से, कई महिलाएं अपने परिवारों को शुरू करने के लिए 30 साल तक इंतजार करती हैं। इसका मुख्य कारणों है कि महिलाएं कैरियर को प्राथमिकता रही हैं और इसलिए भी कि उनके पास अधिक स्वतंत्रता और समानता है। पिछले समय की तुलना में। इस बात से कोई इनकार नहीं है कि यह अद्भुत है। यह स्वतंत्रता और समानता हमें अपने लक्ष्यों, यात्रा, और अन्य सभी चीजों पर ध्यान केंद्रित करने का मौका देती है जिन्हें हम प्राप्त करना चाहते हैं। यह हमें अपने सपनों के लिए एक संभावना बनाने की अनुमति देती है, बजाय यह महसूस करने के कि हमें अपने 20 के दशक में बच्चों की जिम्मेदारियों से घिर जाना हैं। [1]

हालाँकि अब मनुष्य पहले की तरह नहीं रह गए हैं, वो उम्र के साथ अपनी प्रजनन क्षमता में कमी का सामना अधिक कर रहे हैं। इस लेख में, हम चर्चा करेंगे कि उम्र के साथ एक महिला की प्रजनन क्षमता में क्या बदलाव आता है और 30 से अधिक आयु हो जाने पर गर्भाधान की तैयारी कैसे करें। हम 30 के दशक में गर्भाधान के लिए शरीर को तैयार करने के चिकित्सा और प्राकृतिक विकल्पों पर चर्चा करेंगे। इस लेख में सर्विक्स म्यूकस उत्पादन और अंडे, गर्भाशय के स्वास्थ्य में सुधार के लिए युक्तियों के साथ-साथ कुछ प्रजनन-विशिष्ट आहारों का भी उल्लेख किया है। प्रजनन से जुड़े उन मुद्दों के बारे में बात करेंगें, जिन पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

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इस लेख़ में

 

महिलाओं की आयु और प्रजनन क्षमता

Women’s Age and Fertilityin hindi

Mahilaon ki aayu aur prajanan kshamta

महिलाओं की प्रजनन क्षमता मुख्य रूप से मासिक धर्म चक्र पर निर्भर करती है, और महिला प्रजनन आयु के दौरान सबसे अधिक ध्यान देने योग्य घटना भी यही है; हालांकि, सबसे महत्वपूर्ण घटना ओव्यूलेशन है। महिला की प्रजनन गतिविधि के दौरान, अंडाशय अपनी ओव्यूलेटरी और हार्मोनल क्षमता के विभिन्न चरणों से गुजरता है।

मासिक धर्म चक्र सभी प्राइमेट्स प्रजाति का एक प्रजनन चक्र है और महिलाओं में किशोरवस्था आने पर शुरू होता है। महिलाओं में यौवन का आरंभ आमतौर पर 9 से 15 वर्ष की आयु के बीच होता है। मासिक धर्म 40 या मध्य 50 की आयु तक चलता है। यौवनवस्था के दौरान मासिक धर्म चक्र शुरू होने की प्रक्रिया को मेनार्चे (menarche) कहा जाता है। मासिक धर्म आपको स्वस्थ रखने के लिए महत्वपूर्ण रसायन, जिसे हार्मोन कहा जाता है, प्रदान करता है। यह आपके शरीर को हर महीने गर्भवती होने के लिए भी तैयार करता है। एक चक्र को पीरियड के पहले दिन से अगले पीरियड के पहले दिन तक गिना जाता है और मासिक धर्म की औसत लंबाई 28 दिनों की होती है।

एक महिला का जन्म उन सभी अंडों के साथ होता है, जो उसके जीवनकाल में जारी होने वाले हैं। उम्र के साथ उसके अंडे की गुणवत्ता और मात्रा कम हो जाती है। आयु महिला की प्रजनन शक्ति को प्रभावित करने वाला एकमात्र सबसे महत्वपूर्ण कारक है। महिलाओं के अच्छे स्वास्थ्य से गर्भवती होने और स्वस्थ बच्चे होने की संभावना में सुधार होता है, लेकिन अच्छा स्वास्थ्य भी किसी महिला की प्रजनन क्षमता पर उसके उम्र के प्रभाव को खत्म नहीं करता है।

20 के दशक की शुरुआत में एक महिला के गर्भ धारण करने की संभावना 25 से 30% तक होती है। महिलाओं में प्रजनन क्षमता आमतौर पर 30 की उम्र में कम होने लगती है, और यह 35 वर्ष की आयु के बाद अधिक कम हो जाती है। 40 वर्ष की आयु तक, महिलाओं द्वारा गर्भवती होने की संभावना केवल 5% के आसपास बचती है।

महिला की आयु आईवीएफ उपचार की सफलता दर को भी प्रभावित करती है। ऑस्ट्रेलिया से एक अध्ययन में पता चलता है कि एक पूर्ण आईवीएफ चक्र से एक जीवित जन्म की संभावना महिलाओं की उम्र के साथ कम हो जाती है, जैसे:

  • 30 से 34 वर्ष की आयु की महिलाएं: 43% आईवीएफ सफलता दर
  • 35 से 39 वर्ष की महिलाएं: 31% आईवीएफ सफलता दर
  • 40 से 44 वर्ष की महिलाएं। 11% आईवीएफ सफलता दर
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30 की उम्र के बाद गर्भाधान की तैयारी

Preparing for Conception Over 30in hindi

30 ki umar garbhadhan ki taiyari

जितना अधिक आप एक बच्चा होने की प्रतीक्षा करते हैं, गर्भ धारण करना उतना ही चुनौतीपूर्ण हो जाता है। महिलाओं को गर्भ धारण करने के लिए 20 से 30 वर्ष सबसे उपजाऊ अवधि है। 32 वर्ष की आयु तक प्रजनन क्षमता में थोड़ी गिरावट आने लगती है और 35 वर्ष की आयु के बाद गिरावट और अधिक बढ़ जाती है। यदि आप 35 वर्ष और उससे अधिक की उम्र में गर्भनिरोधक का उपयोग किए बिना छह महीने के संभोग के बाद गर्भवती होने में असमर्थ हैं, तो यह सलाह दी जाती है कि आप प्रजनन विशेषज्ञ की मदद लें। [2]

  1. 35 से अधिक आयु में स्वस्थ प्रजनन क्षमता पाने के लिए आपकी ओर से अधिक प्रयास करने की जरूरत होती है। यह महत्वपूर्ण है कि आप नियमित रूप से व्यायाम करें, अच्छी तरह से खाएं, एक प्रजनन विशेषज्ञ को दिखाने पर विचार करें, और अपनी खराब जीवन शैली को कम करें। यह जानने के लिए कि आपके हार्मोन के स्तर में कमी है या नहीं, सभी सुझाए गए हार्मोन टेस्ट अपनाएं। गर्भधारण की संभावना को बढ़ाने के लिए 35 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को निम्नलिखित बातों पर ध्यान देने की आवश्यकता है:
  • गर्भाशय के स्वास्थ्य में सुधार।
  • अंडे की सेहत में सुधार।
  • हार्मोनल संतुलन।
  • पेल्विक मांसपेशियों को मजबूत करना।
  • सर्विक्स म्यूकस उत्पादन बढ़ाना।
  • तनाव को मैनेज करना।
  • ओवुलेशन टाइम जानना और संभोग को उचित समय पर करना।
  • आहार और जीवनशैली की आदतों में सुधार।
 

30 वर्ष से अधिक आयु में गर्भ धारण के चिकित्सा विकल्प

Medical Options for Women Trying to Conceive Over 30in hindi

30 varsh se adhik aayu mein garbh dharan karne ke liye chikitsa Vikalp

यदि आप 6 महीने से स्वाभाविक रूप से गर्भ धारण करने की कोशिश कर रहे हैं और लंबे समय से कोई सकारात्मक परिणाम नहीं मिल रहा है, तो यह आपके लिए प्रजनन विशेषज्ञ से सलाह लेने का समय है। 35 वर्ष से अधिक की कई महिलाओं को डिमिश्ड ओवेरियन रिजर्व (डीओआर) यानी कम अंडाणुओं का सामना करना पड़ता है, जो पूरी तरह से प्राकृतिक और सामान्य है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें अंडाशय अपनी सामान्य प्रजनन क्षमता खो देते हैं।

यदि किसी महिला का ओवेरियन रिजर्व कम है, तो ओव्यूलेशन को उत्तेजित करने के लिए क्लोमिड का सुझाव दिया जा सकता है। आपको इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ), अंतर्गर्भाशयी गर्भाधान (आईयूआई) जैसे सहायक प्रजनन के तरीकों का उपयोग करना पड़ सकता है जिसमें दाता से अंडाणु या हार्मोनल दवाएं भी सहायक हो सकती हैं। यदि आप किसी भी दिए गए चिकित्सा विकल्प को चुनने की योजना बना रहे हैं, तो आपको सभी प्रक्रियाओं से पहले कुछ प्राकृतिक योजनाओं का पालन करना पड़ सकता है। उदाहरण के लिए, आप आईवीएफ चक्र की तैयारी के लिए अपने शरीर को प्राकृतिक रूप से मजबूत कर सकते हैं। यह हमेशा प्रोत्साहित किया जाता है कि जोड़े किसी भी प्रकार के प्रजनन उपचार को अपनाएं, भले ही वह चिकित्सा या प्राकृतिक हो, वो स्वस्थ भोजन करना और व्यायाम करना जारी रखें।

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30 से अधिक आयु में गर्भ धारण करने के लिए प्राकृतिक योजना

Natural Plan for Women Trying to Conceive Over 30in hindi

30 se adhik aayu mein garbh dharan karne ke liye prakritik Yojna

30 वर्ष की आयु के बाद गर्भ धारण करने के लिए कई तरह की सावधानियों और सुझावों को अपनाने की जरुरत हो सकती है। इससे जुड़ी सभी महत्वपूर्ण बातों को नीचे संक्षेप में बताया गया है।

प्रजनन आहार (Fertility Diet)

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अगर आप संतुलित भोजन नहीं करते हैं तो आपको शुरू करना होगा। अकेले आहार में बदलाव के साथ अंडे के स्वास्थ्य में व्यापक सुधार होता है। इसलिए पोषक तत्व से भरा पूरा आहार लेने की सलाह दी जाती है जिसमें बी प्रोपोलिस और बी पॉलेन , स्पिरुलिना, व्हे प्रोटीन पाउडर, व्हीटग्रास, जौ, मक्का और रॉयल जेली जैसे सुपरफर्टिलिटी सुपरफूड शामिल हैं। एंटीऑक्सिडेंट, फोलिक एसिड, आदि जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्वों के साथ कुछ सप्लीमेंट्स भी अंडे के स्वास्थ्य को बढ़ाने में मदद करते हैं।

व्यायाम (Exercise)

यदि आप नियमित रूप से पसीना नहीं बहा रहे हैं, तो आपका शरीर अतिरिक्त विषाक्त पदार्थों को निकालने में सक्षम नहीं होगा, विशेष रूप से ज़ेनोहॉर्मोन्स को। ज़ेनोहॉर्मोन्स एक रासायनिक विष हैं जो अंतःस्रावी तंत्र को बाधित करके हार्मोनल असंतुलन का कारण बन सकता हैं। व्यायाम करने से अवसाद और शरीर से वसा को कम करने में भी मदद मिलती है। व्यायाम करना आपके स्वास्थ्य, सहनशक्ति और ताकत की भावना को बढ़ाता है जिसकी जरुरत प्रसव और उसके बाद मातृत्व निभाने में पड़ सकती है।

यदि आप स्तनपान की योजना बना रही हैं तो गर्भाधान और स्तनपान से पहले आपको अपने शरीर से यथासंभव विषाक्त पदार्थों को बाहर कर देना चाहिए। कुछ अच्छे व्यायाम हैं:

  • चलना
  • बाइकिंग
  • पैलेट्स
  • नृत्य
  • प्रजनन योग
  • स्विमिंग लैप्स
  • केगेल एक्सरसाइज- केगेल, पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करती है। पैल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को खींचने और ढीली छोड़ने से प्रजनन अंगों को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है। यह योनि, गर्भाशय और सर्विक्स की शक्ति का समर्थन और उसमें वृद्धि भी करती है।

यदि आप गर्भधारण करने की योजना बना रही हैं, तो सुनिश्चित करें कि आप दिन में 30 मिनट और सप्ताह में कम से कम 5 बार व्यायाम करें।

फर्टिलिटी क्लींजिंग (Fertility Cleansing)

35 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं, अधिक पर्यावरण विषाक्त पदार्थों का सामना कर चुकी होती है और इसलिए, उनके शरीर में अधिक विषाक्त पदार्थों का संचय होता है। अगर महिलाओं द्वारा खराब आहार का सेवन किया गया है और उनकी जीवनशैली में धूम्रपान या शराब पीना और एक निष्क्रिय जीवन जीना जैसी आदतें शामिल हैं, तो गर्भधारण करने की कोशिश करने से पहले प्रजनन क्षमता की अधिक करने की आवश्यकता हो सकती है।

फर्टिलिटी क्लींजिंग एक प्राकृतिक प्रजनन उपचार है और इसके बाद गर्भवती होने की कोशिश में दंपति को एक महीने का समय लग सकता है, इसलिए ऐसा लग सकता है यही ज्यादा समय है, लेकिन आपको एक मिनट के लिए प्रतीक्षा करने और सोचने की आवश्यकता है: क्या आप अपने बच्चे को एक स्वस्थ शुरुआत नहीं देना चाहते हैं?

क्लीजिंग, शरीर को स्वस्थ रखने का प्राकृतिक तरीका है और गर्भवती होने से पहले यह बहुत फायदेमंद हो सकता है। गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान शरीर वसा भंडार का उपयोग करता है। यह सीधे बच्चे में जाता है। इसलिए, गर्भावस्था की तैयारी के दौरान शरीर के विषाक्त पदार्थों से छुटकारा पाने के लिए नियमित रूप से व्यायाम और क्लीजिंग एक महत्वपूर्ण कदम है।

अंडाणु स्वास्थ्य में सुधार (Improve Egg Health)

अंडे की गिनती और स्वास्थ्य 37-40 की उम्र के आसपास घटने लगता है। अब आपको अपने अंडे के स्वास्थ्य को संरक्षित करने और बढ़ाने की दिशा में काम करना होगा। गर्भ धारण करने की कोशिश करने से पहले कम से कम 3 महीने तक इस पर काम करने का सुझाव दिया जाता है, चाहे वह स्वाभाविक रूप से हो या आईवीएफ या आईयूआई के माध्यम से।अंडे के स्वास्थ्य में सुधार के लिए, पोषण के स्तर को बढ़ाने, परिसंचरण को बढ़ाने और महत्वपूर्ण पोषक तत्वों और प्रजनन सुपरफूड्स के साथ हार्मोनल संतुलन पर ध्यान केंद्रित करना सबसे अच्छा है।

आपके अंडे के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव हैं :

  • पर्याप्त व्यायाम
  • पौष्टिक आहार जिसमें ग्रीक योगर्ट, एवोकाडो आदि शामिल हों।
  • फर्टिलिटी क्लींजिंग
  • फर्टिलिटी सुपरफूड्स जैसे रॉयल जेली, मैका, हरी खाद्य पदार्थ, आदि।
  • तनाव कम करना
  • एंटीऑक्सिडेंट मिश्रण, पूरे भोजन मल्टीविटामिन, CoQ10, आदि सहित प्रमुख पोषक तत्व या सप्लीमेंट्स का सेवन करना।

CoQ10 पर किए गए शोध से पता चला है कि अधिक आयु की महिलाओं द्वारा प्रतिदिन 600 मिलीग्राम CoQ10 सप्लीमेंट लेने से निषेचन दर और अंडे की गुणवत्ता में सुधार होता है।[3]

गर्भाशय के स्वास्थ्य में सुधार (Improve Uterine Health)

35 वर्ष की आयु के बाद हार्मोन के स्तर में धीरे-धीरे परिवर्तन होते हैं। इन परिवर्तनों के कारण, गर्भाशय धीरे-धीरे अपनी मांसपेशियों की टोन खोना शुरू कर देता है। एक मजबूत गर्भाशय सभी महिलाओं में गर्भावस्था और सुरक्षित प्रसव के लिए जरूरी है।

निष्क्रिय जीवन शैली होने से गर्भाशय के स्वास्थ्य में सुधार करना आपके लिए और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। जैसा कि हमने पहले चर्चा की थी, केगेल व्यायाम, पेल्विक मसल्स और गर्भाशय की मांसपेशियों की टोन को सुधारने और संरक्षित करने में मदद करता hai। [4]

कैस्टर ऑइल पैक और प्रजनन मालिश निचले पेट पर बाहरी रूप से की जाती है। यह हार्मोनल संतुलन के सुधार में मदद कर सकती है और गर्भाशय को मजबूत करती है, प्रजनन अंगों में ब्लड फ्लो बढ़ाती है और प्रजनन अंगों के ऊतकों को डेटोक्स करती है। डोंग क्वाई, रेड रास्पबेरी लीफ, क्रैम्प बार्क आदि जैसे विशिष्ट जड़ी-बूटियां भी हैं, जो गर्भाशय की टोन पर सीधा प्रभाव डालती हैं।

गर्भाशय के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव हैं :

  • प्रजनन योग
  • फर्टिलिटी मसाज
  • चलना
  • किगल एक्सरसाइज
  • कैस्टर ऑइल पैक
  • अन्य जड़ी बूटियाँ

सर्विकल म्यूकस उत्पादन (Cervical Mucus production)

हार्मोनल परिवर्तन के साथ सर्विकल म्यूकस उत्पादन में भी गिरावट हो सकती है। यदि आप 35 के बाद गर्भ धारण करने की योजना बना रहे हैं, तो स्वस्थ सर्विकल म्यूकस उत्पादन होना महत्वपूर्ण है। जिन महिलाओं में कम या न के बराबर सर्विकल म्यूकस होता है, उन्हें गर्भधारण करने में कठिनाई होती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि सर्विकल म्यूकस की अनुपस्थिति में गर्भाधान के लिए शुक्राणु का अंडे तक पहुंचना कठिन हो जाता है। [5]

सर्विकल म्यूकस उत्पादन का समर्थन करने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव हैं :

  • प्रतिदिन खूब साफ और फ़िल्टर किया हुआ पानी पिएं
  • हर दिन ओमेगा एसेंसशियल फैटी एसिड की खुराक लें
  • जड़ी-बूटियों जैसे शतावरी, लीकोरिस रूट, रेड क्लोवर, आदि लें।
  • संभोग करते समय एक शुक्राणु-अनुकूल चिकनाई का उपयोग करें। यह शुक्राणुओं को अंडे तक की यात्रा करने में मदद कर सकती है।

तनाव का प्रबंध (Manage Stress)

अपने तनाव पर नियंत्रण रखना चाहिए क्योंकि यह कोर्टिसोल जैसे तनाव हार्मोन को बढ़ाता है। यह शरीर के मुख्य सेक्स हार्मोन GnRH में बाधा डालता है और यौन गतिविधि, ओव्यूलेशन, स्पर्म काउंट और यहां तक ​​कि हार्मोन संतुलन को भी दबा देता है। GnRH एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन और प्रोलैक्टिन स्राव के लिए जिम्मेदार हार्मोन है। इसलिए, जब GnRH स्राव में बाधा होती है, तो एस्ट्रोजन, टेस्टोस्टेरोन, और कामेच्छा कम हो जाती है जिसके परिणामस्वरूप प्रजनन क्षमता कम हो जाती है। [6]

तनाव को प्रबंधित करने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव हैं :

  • ध्यान
  • व्यायाम
  • प्रजनन योग
  • मालिश चिकित्सा
  • अरोमा थेरपी
  • कला
  • संगीत

ऐसे कई तरीके हैं जिनसे व्यक्ति अपने तनाव को प्रबंधित कर सकता है, यह सब व्यक्ति पर निर्भर करता है।

मासिक साइकिल चार्ट (Chart Your Cycle)

आपको अपने चक्र को चार्ट करना शुरू करना चाहिए। 32-35 वर्ष की आयु की महिलाओं में प्रति चक्र गर्भधारण की संभावना लगभग 10% होती है। इसलिए, यदि आप अपने ओव्ल्युशन समय को ध्यान में नहीं रखती हैं, तो गर्भधारण करना आपके लिए बेहद मुश्किल होने वाला है।

आपके पास गर्भवती होने के लिए केवल 6 डे विंडो होती है, जिसमें से आपके पास केवल 2 पीक दिन होते हैं। तो, आपको ओव्यूलेशन से कम से कम 3 दिन पहले और उसके 2 दिन बाद गर्भधारण करने की कोशिश करनी होगी। यदि आपके पुरुष साथी में शुक्राणु का स्वास्थ्य कम है या शुक्राणु की संख्या कम है, तो यह सलाह दी जाती है कि केवल ओवुलेशन के दिन ही सेक्स करें। ओव्यूलेशन से पहले संभोग से परहेज करना पुरुष साथी के शुक्राणुओं की संख्या को बढ़ाने में मदद करता है। [7]

ज्यादातर महिलाओं में, मासिक धर्म शुरू होने से 2 सप्ताह पहले ओव्यूलेशन होता है। आप कब ओवुलेट कर रहीं हैं, यह जानने में चार्टिंग आपकी मदद करेगी। इससे आपको यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि आपको कब गर्भधारण करने की कोशिश करनी है।

हार्मोनल संतुलन बनाएं (Support Hormonal Balance)

आपका पूरा मासिक धर्म चक्र हार्मोनल संतुलन पर निर्भर करता है। हार्मोन और ओव्यूलेशन के एक उचित संतुलन के बिना, गर्भाधान, या स्वस्थ गर्भावस्था नहीं हो सकती है। उम्र के साथ हार्मोन परिवर्तन होते हैं। यदि प्रजनन क्षमता में विशिष्ट हार्मोन का स्तर बहुत अधिक या बहुत कम है, तो यह गर्भपात का कारण बन सकता है या गर्भाधान को रोक सकता है।

एक स्वस्थ गर्भावस्था को सपोर्ट करने वाले प्रमुख हार्मोन प्रोजेस्टेरोन, फॉलिकल स्टिमुलेटिंग हार्मोन (एफएसएच), और एस्ट्राडियोल (ई 2) हैं। उम्र के साथ बदलते हार्मोन का स्तर गर्भाधान के साथ हस्तक्षेप कर सकते हैं और इसलिए, आपको अपने अंतःस्रावी तंत्र को स्वस्थ रखना चाहिए क्योंकि यह हार्मोन संतुलन के लिए जिम्मेदार है।

ज्यादातर मामलों में 35 से अधिक उम्र की महिलाओं को किसी तरह हार्मोनल संतुलन की आवश्यकता होती है। हम महिलाओं को फर्टिलिटी हार्मोन के स्तर को प्रोत्साहित करने में मदद करने के लिए जड़ी बूटियों का उपयोग करना पसंद करते हैं। यहाँ कुछ जड़ी-बूटियाँ और विशिष्ट हर्बल फार्मूले हैं जो महिलाओं के हार्मोनल संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं: [8]

  • वाईटैक्स
  • मैका
  • शतावरी

आपका पुरुष साथी (Your Male Partner)

प्रजनन स्वास्थ्य की जब भी बात आती है तो महिलाओं पर ध्यान केंद्रित किया जाता है, लेकिन पुरुष साथी की प्रजनन क्षमता का क्या? यदि आपका पुरुष साथी भी 35 वर्ष से अधिक है, तो उसके शुक्राणुओं की संख्या और गुणवत्ता निर्धारित करने के लिए उसका परीक्षण करवाना महत्वपूर्ण है। स्वस्थ पुरुष प्रजनन क्षमता को सपोर्ट करने के लिए कई प्राकृतिक तरीके हैं।

30 के दशक में एक स्वस्थ बच्चा हो सकता है और गर्भधारण करना संभव है। एक नैचुरल प्लान के मुताबिक गर्भाशय के स्वास्थ्य को बढ़ाने, अंडे के स्वास्थ्य में सुधार करने और उचित हार्मोनल संतुलन बनाए रखने से गर्भाधान की संभावना को बढ़ाई जा सकती है। सभी-प्राकृतिक योजनाओं को प्रभावी होने में समय लगता है। इसलिए, हम सुझाव देते हैं कि प्राकृतिक प्रजनन योजना को लागू करने के लिए आप अपने आप को 3 महीने का समय दें। योजना का पालन करने के इन तीन महीनों के बाद, आप गर्भधारण का प्रयास करना शुरू कर सकते हैं। यह आपको सफल गर्भाधान के सर्वोत्तम अवसर प्रदान करेगा।

यदि आप आईयूआई या आईवीएफ या क्लोमिड जैसी विधियों के साथ गर्भावस्था को प्राप्त करने की योजना बना रहे हैं, तो आपको अपनी प्रजनन क्षमता में सुधार के लिए जो भी सप्लीमेंट्स या जड़ी-बूटियाँ मिल रही हैं, उन्हें बंद कर देना चाहिए। हालाँकि आपको पोषक तत्वों से भरपूर फ़र्टिलिटी आहार का सेवन जारी रखना चाहिए। यह आपकी गर्भावस्था को सफलतापूर्वक पूरा करने में आपकी मदद करेगा।

 

निष्कर्ष

Conclusionin hindi

Nishkarsh

30 साल की उम्र के बाद महिलाओं में प्रजनन क्षमता घटने लगती है लेकिन गर्भवती होना अभी भी संभव है। आपको कोशिश करते समय बस कुछ अतिरिक्त देखभाल करने की आवश्यकता है और कभी-कभी आपको फर्टिलिटी एक्सपर्ट की भी आवश्यकता हो सकती है।

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references

संदर्भ की सूचीछिपाएँ

1 .

Brady E. Hamilton, Joyce A. Martin, et al. “Births: Provisional Data for 2018”. www.cdc.gov, May 2019.

2 .

www.acog.org. “Having a Baby After Age 35: How Aging Affects Fertility and Pregnancy”. www.acog.org, July 2018.

3 .

Ruben Barakat, Evelia Franco, et al. “Exercise during pregnancy is associated with a shorter duration of labor. A randomized clinical trial”. Published:March 06, 2018.

5 .

Emily Evans-Hoeker, David A. Pritchard, et al. “Cervical mucus monitoring prevalence and associated fecundability in women trying to conceive”. Published online 2013 Jul 11, PMID: 23850303.

6 .

Alice D. Domar, Boston IVF, et al. “The relationship between stress and infertility”. 2018 Mar; 20(1): 41–47, PMID: 29946210.

7 .

americanpregnancy.org. “Fertility Charting Basics”. americanpregnancy.org, 21 July 2020.

8 .

nunm.edu. “How to Boost Fertility Naturally” nunm.edu, March 8, 2019.

आर्टिकल की आख़िरी अपडेट तिथि: : 29 Oct 2020

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