प्रेगनेंसी के दौरान फ्लू

Flu during pregnancy in hindi

Pregnancy ke dauran flu in hindi


Introduction

Pregnancy_ke_dauran_flu_in_hindi

हर गर्भवती महिला को गर्भावस्था के दौरान फ्लू होने का खतरा रहता है। सेंटर ऑफ़ डिजीज कंट्रोल के अनुसार ज्यादातर गर्भवती महिलाओं में फ्लू के गंभीर लक्षण नज़र आने और फ्लू से जुड़ी जटिलताएं होने की संभावना रहती है।

सेंटर के अनुसार ऐसा होने का कारण है कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के फेफड़े, दिल और इम्म्युन सिस्टम के कार्य में बदलाव आता है।

फ्लू, सामान्य कफ और कोल्ड से भिन्न होता है। यह इन्फ्लूएंजा नामक वायरस से फैलता है जो नाक, मुंह और फेफड़ों को प्रभावित करते हैं।

आमतौर पर इन्फ्लूएंजा वायरस को चार केटेगरी ए, बी, सी और डी में बांटा जाता है। ए और बी प्रकार के इंफ्लुएंजा के कारण अधिकतर सर्दी के मौसम में होने वाली परेशानी होती है, जिसे मौसमी फ्लू भी कहा जाता है ।

इंफ्लुएंज़ा ए वायरस कभी-कभी फ्लू की बीमारी को विश्व स्तर पर महामारी के रूप में भी बदल देता है। जबकि इंफ्लुएंज़ा सी वायरस के कारण होने वाली बीमारी अधिक गंभीर नहीं होती है। इंफ्लुएंजा डी अधिकतर मवेशी जानवरों में होती है।

गर्भावस्था के दौरान फ्लू होने पर महिला को ब्रोंकाइटिस (bronchitis) होने का जोखिम भी रहता है जो आगे चलकर नियुमोनिया (pneumonia) में बदल सकता है।

जिन लोगों को ब्रोंकाइटिस होता है, उनके ब्रोंकियल ट्यूब्स में संक्रमण और सूजन हो जाती है। ब्रोंकियल ट्यूब्स वो एयर पैसेज होते हैं जो मुंह और नाक को फेफड़ों से जोड़ते हैं।

फ्लू का सही समय पर इलाज न कराने पर, गर्भावस्था पर नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकता है। प्रेगनेंसी में फ्लू आपके भ्रूण को भी नुकसान पंहुचा सकता है। इसके नकारात्मक प्रभाव के कारण समय से पहले बच्चे का जन्म या लो बर्थ वेट बेबी हो सकता है।

इसके अलावा गर्भावस्था में बर्ड फ्लू या स्वाइन फ्लू होने का भी ख़तरा होता है। जो महिलाएं मांसहारी हैं और चिकेन या पोर्क का सेवन करती हैं उनमें इस तरह का फ्लू होने की संभावना अधिक होती है।

बेहतर है कि प्रेगनेंसी की प्लानिंग करते समय या प्रेगनेंसी के दौरान आप अधिक मांसाहार न करें या फिर इसके बारे में डॉक्टर से सलाह ले लें।

आइये प्रेगनेंसी के दौरान फ्लू या गर्भावस्था में वायरल फ्लू के कारण, लक्षण, जोखिम और उपचार को समझते हैं और देखते हैं कि किस तरह से प्रेगनेंसी में फ्लू से बचा जा सकता है।

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इस लेख़ में

  1. 1.प्रेगनेंसी के दौरान फ्लू किस कारण से हो सकता है?
  2. 2.गर्भावस्था के दौरान वायरल फ्लू होने का पता कैसे लगेगा?
  3. 3.गर्भावस्था के दौरान फ्लू होने के जोखिम क्या हैं?
  4. 4.गर्भावस्था में फ्लू वैक्सीनेशन लेने से फ्लू से कैसे बचाव हो सकता है?
  5. 5.क्या गर्भावस्था में फ्लू वेक्सीनेशन लेना सुरक्षित है?
  6. 6.गर्भावस्था में फ्लू होने पर क्या उपचार करना चाहिए?
  7. 7.गर्भावस्था में फ्लू होने पर सबसे अधिक सुरक्षित दवाई क्या हो सकती है?
  8. 8.क्या गर्भावस्था में फ्लू खतरनाक हो सकता है?
  9. 9.गर्भावस्था में फ्लू होने से कैसे बचा जा सकता है?
 

प्रेगनेंसी के दौरान फ्लू किस कारण से हो सकता है?

What are the causes of flu during pregnancy in hindi

pregnancy mein flu hone ke karan in hindi

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गर्भावस्था में फ्लू, इन्फ्लुएंजा वायरस के शरीर में प्रवेश करने के कारण होता है। इंफ्लुएंजा वायरस एक नहीं बल्कि अनेक प्रकार के वायरसों का समूह होता है।

इसलिए इन सभी वायरसों का उपचार करने के लिए समय-समय पर नए टीकों का आविष्कार और निर्माण होता रहा है।

प्रेगनेंसी के दौरान होने वाला फ्लू सामान्य लग सकता है लेकिन यह सामान्य बुख़ार-सर्दी से गंभीर होता है। सामान्य जुकाम कुछ दिनों में ठीक हो सकता है लेकिन फ्लू के लक्षण गंभीर हो सकते हैं और यह काफी लंबे समय तक भी रह सकता है।

अगर आपको फ्लू नहीं है तो फ्लू से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से भी यह आप तक फ़ैल सकता है। फ्लू छीकनें या खांसने पर मुंह से निकलने वाले लार की बड़ी बूंदों से फैलता है।

फ्लू से प्रभावित व्यक्ति के निम्न प्रकार के संपर्क में आने के कारण गर्भावस्था में फ्लू हो सकता है :

  1. खाँसने और छींकने के कारण निकलने वाली बुँदे
  2. प्रभावित व्यक्ति से हाथ मिलाने
  3. गले लगने
  4. गहन चुंबन करने
  5. पेय पदार्थों को बांटने
  6. प्रभावित व्यक्ति द्वारा छुई गई दरवाज़े की नॉब या कोई अन्य ठोस वस्तु को छूने से

इस प्रकार गर्भवती महिला यदि इनमें से किसी भी कारण से फ्लू संक्रमित व्यक्ति से संपर्क में आती है तो वह भी फ्लू से संक्रमित हो सकती है।

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गर्भावस्था के दौरान वायरल फ्लू होने का पता कैसे लगेगा?

What are the symptoms of the flu while pregnant in hindi

Pregnancy mein flu hone ke lakshan kya ho sakte hain in hindi

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फ्लू का वायरस हवा में घुलकर गर्भवती महिला को भी संक्रमित कर सकता है। यह ध्यान रखना बेहद जरुरी है कि सामान्य कोल्ड से, फ्लू का संक्रमण बेहद गंभीर होता है और इसके लक्षण अचानक से आते हैं।

इसके साथ ही सामान्य कोल्ड के लक्षण 5 से 7 दिन रह सकते हैं लेकिन फ्लू के लक्षण गंभीर होते हैं और कई दिनों तक रह सकते हैं। कुछ मामलों में फ्लू के लक्षण सुधार होने के बाद वापस आ सकते हैं।

गर्भावस्था में फ्लू के लक्षण निम्न रूप में दिखाई दे सकते हैं : -

  1. तेज़ खांसी
  2. नाक बहना या बलगम जम जाना
  3. आँखों में दर्द और पानी बहना
  4. गला खराब होना
  5. थकान रहना
  6. ठंड लगकर हल्का बुख़ार रहना या बुख़ार का बहुत तेज़ होना
  7. सिर में दर्द रहना
  8. सांस लेने में परेशानी होना
  9. छाती या पेट में लगातार दर्द या भारीपन महसूस होना
  10. लंबे समय तक सिर चकराना, भ्रम की स्थिति का बने रहना और खड़े होने में परेशानी होना
  11. दौरे पड़ना
  12. पेशाब न होना या महसूस न होना
  13. मांसपेशियों में तेज दर्द होना
  14. बहुत अधिक कमजोरी महसूस होना
  15. बुख़ार या खांसी में सुधार होने के बाद भी वापस लौट आना और गंभीर रूप ले लेना
  16. किसी भी मेडिकल परेशानी जो पहले से है उसका गंभीर रूप ले लेना
  17. अत्यधिक उल्टी होना
  18. गर्भस्थ शिशु की हरकतों में कमी आना
  19. योनि स्त्राव आना
  20. नाक और कान में इन्फेक्शन के लक्षण भी हो सकते हैं
 

गर्भावस्था के दौरान फ्लू होने के जोखिम क्या हैं?

What are the risk factors of flu during pregnancy in hindi

garbhavastha mein flu ke jokhim in hindi

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फ्लू के लक्षण कभी-कभी गंभीर रूप ले लेते हैं। यह स्थिति तब और अधिक गंभीर हो जाती है जब महिला को गर्भावस्था के दौरान फ्लू का सामना करना पड़ता है।

गर्भावस्था के दौरान फ्लू के कारण निम्न जोखिम हो सकते हैं : -

  1. न्यूमोनिया के रूप में फेफड़ों में इन्फेक्शन
  2. समय से पूर्व प्रसव होना
  3. लो बर्थ बेबी का जन्म
  4. गर्भ के शिशु में विभिन्न विकार जैसे न्यूरल ट्यूब में विकार जो मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी में विकार उत्पन्न करती है
  5. शारीरिक अंगों में विकृति आदि
  6. गर्भ के शिशु के स्वास्थ्य में कमी होना
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गर्भावस्था में फ्लू वैक्सीनेशन लेने से फ्लू से कैसे बचाव हो सकता है?

How does the flu shot help to protect you from flu in pregnancy hindiin hindi

Pregnancy mein flu se bachne ke liye flu-vaccination kaise help kar sakta hai in hindi

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गर्भावस्था में फ्लू होने पर महिला व गर्भ के शिशु के स्वास्थ्य व विकास पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में फ्लू शॉट या फ्लू-वैक्सीनेशन, गर्भवती महिला में नज़र आने वाले फ्लू के गंभीर लक्षण और इससे होने वाले अन्य समस्याओं के जोखिम को कम कर सकता है।

प्रेगनेंसी में लक्षण नज़र आने के 48 घंटों के अंदर वैक्सीनेशन लेना मददगार साबित हो सकता है। बिना डॉक्टर की सलाह के ओवर-द-काउंटर मेडिसीन लेने से बचें।

हालाँकि, गर्भावस्था के दौरान फ्लू होने पर, उपचार कराने से बेहतर है, पहले से इसके लिए तैयार रहना। कहने का मतलब है कि अगर आप प्रेगनेंसी की प्लानिंग कर रहीं हैं तो बेहतर होगा कि आप प्रेग्नेंट होने से पहले ही फ्लू-वैक्सीनेशन लगवा लें।

आमतौर पर यह देखा गया है कि इन टीकों का असर ६ महीने से एक वर्ष तक रहता है। इसलिए गर्भधारण करने से पहले डॉक्टर की सलाह से फ्लू से बचाव का उपाय कर लेना चाहिए।

 

क्या गर्भावस्था में फ्लू वेक्सीनेशन लेना सुरक्षित है?

Are flu vaccinations safe during pregnancy in hindi

Kya pregnancy mein flu-vaccination lenaa safe hota hai in hindi

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सामान्य रूप में गर्भावस्था में फ्लू वैक्सीनेशन सुरक्षित होता है। लेकिन गर्भावस्था से पहले या दौरान, फ्लू वैक्सीनेशन लेने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

इसके साथ ही यदि आपको किसी खाने कि चीज़ से या फिर फ्लू वैक्सीनेशन से एलर्जी है तो प्रेगनेंसी डॉक्टर को इसकी बारे में ज़रुर बता दें।

कुछ महिलाओं को अंडे और उससे बनी चीजों से एलर्जी हो सकती है, इसलिए फ्लू वैक्सीनेशन से पहले डॉक्टर को इस संबंध में बता दें क्योंकि कुछ फ्लू वैक्सीन अंडे से बने होते हैं।

इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को फ्लू वैक्सीनेशन को इंजेक्शन के रूप में ही लें क्योंकि नाक से लिया जाने वाला ‘स्प्रे वाला टीका’ नुकसान पंहुचा सकता है।

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गर्भावस्था में फ्लू होने पर क्या उपचार करना चाहिए?

How is the flu treated during pregnancy in hindi

Pregnancy mein flu hone par kya treatment ho sakta hai in hindi

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यदि गर्भावस्था के दौरान फ्लू हो तो महिला को तुरंत चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए। जैसे ही महिला को फ्लू के लक्षण प्रतीत होते हैं उन्हें 48 घंटों के अंदर डॉक्टर से मिलना चाहिए।

गर्भवती महिला को फ्लू के उपचार के लिए सर्दी-खांसी या दर्द निवारक दवाएं बिना चिकित्सक की सलाह के नहीं लेनी चाहिए।

उपचार के तौर पर, महिला को पानी व तरल पदार्थों का सेवन अत्यधिक मात्रा में करना चाहिए, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। इसके साथ ही शारीरिक तकलीफों को कम करने के लिए भरपूर आराम भी जरूरी होता है।

 

गर्भावस्था में फ्लू होने पर सबसे अधिक सुरक्षित दवाई क्या हो सकती है?

Safe medications for the flu during pregnancy in hindi

Pregnancy mein flu hone par safe treatment kya ho sakta hai in hindi

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गर्भावस्था में फ्लू इन्फेक्शन की कोई सर्वमान्य दवा नहीं होती है। वायरल इन्फेक्शन में ली जाने वाली एंटी वायरल दवा, खांसी ठीक करने वाले सिरप और सामान्य दर्द निवारक दवाएं गर्भावस्था में सुरक्षित नहीं मानी जाती हैं।

फिर भी चिकित्सक की सलाह से बंद नाक को खोलने के लिए नेजल स्प्रे का प्रयोग किया जा सकता है। ध्यान रखें, कोई भी उपचार या दवा का सेवन बिना किसी चिकित्सक कि सलाह से नहीं करना चाहिए।

 

क्या गर्भावस्था में फ्लू खतरनाक हो सकता है?

Can the flu be dangerous during pregnancy in hindi

Pregnancy mein flu hone se mahilao ko jokhim ho sakta hai in hindi

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कभी-कभी फ्लू गंभीर रूप लेकर निमोनिया के रूप में परिवर्तित हो सकता है जो या तो केवल फ्लू वायरस के इन्फेक्शन के कारण हो सकता है या फिर फ्लू के वायरस और बैक्टीरिया दोनों के मिले-जुले असर के कारण हो सकता है।

फ्लू के कारण होने वाले गंभीर परिणाम शरीर के कुछ भागों में सूजन के रूप में भी दिखाई दे सकते हैं : -

  • हृदय में सूजन (myocarditis)
  • मस्तिष्क (encephalitis)
  • मांसपेशियों में सूजन (myositis, rhabdomyolysis)

कभी-कभी फ्लू के गंभीर परिणाम श्वसन तंत्र और/अथवा किडनी के फेल होने के रूप में भी दिखाई दे सकते हैं। तकनीकी रूप से कहा जाये तो फ्लू का वायरस जब श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है तब सम्पूर्ण शरीर में सूजन हो सकती है जो मौत का कारण भी बन सकती है।

इसके साथ ही फ्लू के कारण पहले से चली आ रही परेशानियां भी गंभीर रूप ले सकती हैं। जैसे अगर महिला को पहले से अस्थमा है तब फ्लू के कारण उन्हें अस्थमा या दमे के दौरे अधिक रूप में पड़ने लग सकते हैं।

जो महिलाएं पहले से हृदय की किसी परेशानी से प्रभावित हैं उन्हें भी फ्लू के कारण हृदय की किसी भी गंभीर परेशानी से गुजरना पड़ सकता है।

 

गर्भावस्था में फ्लू होने से कैसे बचा जा सकता है?

How can I prevent flu during pregnancy in hindi

pregnancy mein flu ko hone se kaise roka ja sakta hai in hindi

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गर्भधारण करने के बाद फ्लू से बचाव के लिए निम्न उपाय : -

  • गर्भधारण करने से पहले या दौरान फ्लू वैक्सीनेशन (Flu vaccination during pregnancy in hindi)

गर्भावस्था में फ्लू होने की संभावना को रोकने के लिए यह जरूरी है गर्भवती महिला, फ्लू वैक्सीनेशन का कोर्स समय से पूरा कर लें।

इस टीके की मदद से महिला के शरीर में फ्लू का प्रतिरोध करने वाली एंटीबॉडीज़ का निर्माण हो सकता है।

  • गर्भावस्था में अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखना (Maintain good hygiene in pregnancy in hindi)

गर्भकाल में स्वास्थ्य को अच्छा बनाए रखने के लिए जरूरी है कि कुछ आदतों को अपने जीवन में शामिल किया जाए।

इनमें निम्न खासतौर से शामिल किए जाने चाहिए :

  • परिवार में फ्लू या साधारण सर्दी-खांसी से प्रभावित व्यक्ति से दूरी रखें
  • सार्वजनिक स्थल पर फेस मास्क पहन कर जाएँ
  • हाथ धोने के लिए सेनेटाइजर या किटाणुमुक्त साबुन का इस्तेमाल करें
  • बाहर का कुछ खाने-पीने में सावधानी बरतें
  • गर्भावस्था में इमम्यून सिस्टम को मजबूत बनाएँ (Make your immune system strong in pregnancy in hindi)

गर्भावस्था में स्वाभाविक रूप से महिला का इमम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है।

इसके कारण महिला किसी भी संक्रामक रोग का शिकार सरलता से हो सकती है।

इसलिए इस अवस्था में संतुलित आहार का सेवन इमम्यून सिस्टम को मजबूत कर सकता है।

इससे गर्भवती महिला के शरीर में विभिन्न रोगों से लड़ने की शक्ति मिलती है।

  • गर्भावस्था में स्वस्थ जीवनशैली अपनाएँ (Adopt healthy lifestyle in pregnancy in hindi)

स्वस्थ जीवनशैली के रूप में गर्भवती महिला को डॉक्टर की सलाह से नियमानुसार खान-पान के साथ पर्याप्त आराम और व्यायाम में संतुलन स्थापित करना होगा।

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आर्टिकल की आख़िरी अपडेट तिथि: : 02 Jun 2020

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