फिशर के लक्षण, कारण, इलाज, दवा और परहेज

Anal Fissure: Symptoms, Treatment, Medicines And Precautions in hindi

Fissure ke Lakshan, Kaaran, Ilaaz, Medicines aur Bachaaw in hindi


एक नज़र

  • एनल फिशर कोई गंभीर बीमारी नहीं है।
  • घरेलू उपायों से इसका उपचार आसानी से संभव है।
  • एनल फिशर शिशुओं और छोटे बच्चों में आम है।
  • एनल फिशर का सबसे आम कारण कठोर मल पास होना है।
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Introduction

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एनल फिशर (anal fissure) गुदा (anal) के अस्तर (lining) में एक छोटा सा कट या फाड़ है। एनल फिस्सर मल त्याग के दौरान और बाद में गंभीर दर्द और रक्तस्राव का कारण बन सकता है।

कई बार फिशर इतना गहरा होता है कि मांसपेशियों के नीचे की ऊतकों (tissues) तक को उजागर कर देता है। एनलफिशर आमतौर पर एक गंभीर स्थिति नहीं है।

यह सभी उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकता है, और यह अक्सर शिशुओं और छोटे बच्चों में देखा जाता है क्योंकि कब्ज इन आयु समूहों में एक आम समस्या है।

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इस लेख़ में

 

एनल फिशर के लक्षण क्या हैं

What are the symptoms of an anal fissure in hindi

Anal fissure ke lakshan kya hain in hindi

एनल फिशर के निम्न लक्षण हो सकते हैं: -

  • आपके गुदा के आसपास की त्वचा में दरार/कट
  • दरार/कट के बगल त्वचा की छोटी गांठ
  • मल त्याग के दौरान गुदा क्षेत्र में तेज दर्द
  • मल त्यागने के बाद टॉयलेट पेपर पर रक्त की धारियाँ
  • गुदा क्षेत्र में जलन या खुजली
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फिशर के प्रकार

Types of Anal Fissure in hindi

Anal Fissure ke types in Hindi

फिशर कितने दिनों में ठीक होता है, इस आधार पर इसे दो समूहों में वर्गीकृत किया जा सकता है: -

1. एक्यूट एनल फिशर (Acute anal fissure)

यह फिशर आठ सप्ताह के भीतर ठीक हो जाता है।

यह सबसे आम प्रकार का फिशर है, और स्पष्ट किनारों के साथ प्रकट होता है।

2. क्रोनिक एनल फिशर (Chronic anal fissure)

क्रोनिक एनल फिशर आठ सप्ताह से अधिक समय तक बना रहता है।

इसके ठीक होने का कोई निश्चित समय नहीं होता।

उपचार के बिना, यह खुद-ब-खुद ठीक नहीं होता और वर्षों तक बना रह सकता है।

क्रोनिक फिशर एक्यूट एनल फिशर से अधिक गहरा होता है।

क्रोनिक एनल फिशर, ज़्यादातर मामलों में, इलाज से ठीक हो जाता है, लेकिन उपचार के बाद इसकी पुनरावृत्ति आम है।

एनल फिशर किस कारण से होता है, इस आधार पर भी इसे दो रूपों में वर्गीकृत किया जा सकता है: -

1.प्राथमिक (Primary)

आघात के कारण होने वाला फिशर जैसे कि कब्ज या बच्चे की डिलीवरी के कारण।

2.द्वितीयक (Secondary)

एक अंतर्निहित स्थिति के कारण, जैसे कि अल्सरेटिव कोलाइटिस (ulcerative colitis) क्रोहन रोग (Crohn’s disease) या क्लैमाइडिया (Chlamydia)।

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एनल फिशर के कारण क्या हैं

What causes an anal fissure in hindi

Anal fissure kin kaarnon se hota hai in hindi

एनल फिशर का सबसे आम कारण कठोर मल पास होना है।

पुरानी कब्ज या लगातार दस्त भी आपकी गुदा के आस-पास की त्वचा को फाड़ सकते हैं।

अन्य सामान्य कारणों में शामिल हैं : -

  • बच्चे के जन्म या मल त्याग के दौरान तनाव (straining during childbirth or bowel movements)
  • इन्फ़्लेम्मटरी बावेल डिजिज़, जैसे क्रोहन रोग (inflammatory bowel disease (IBD), such as Crohn’s disease)
  • एनोरेक्टल क्षेत्र में रक्त के प्रवाह में कमी (decreased blood flow to the anorectal area)
  • अत्यधिक तंग या स्पास्टिक एनल स्फिंक्टर मांसपेशियां (overly tight or spastic anal sphincter muscles)

दुर्लभ मामलों में, एनल फिशर निम्न कारणों से भी हो सकता है : -

  • सीफिलीस (syphilis)
  • एचआईवी (HIV)
  • गुदा कैंसर (anal cancer)
  • टीबी (tuberculosis)
  • दाद (herpes)
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एनल फिशर का खतरा किन लोगों को अधिक होता है?

Who is at risk for an anal fissure in hindi

Anal fissure ka zokhim kin logo ko zyada hota hai in hindi

छोटे बच्चों में एनल फिशर आम है। गुदा के आसपास के क्षेत्र में रक्त के प्रवाह में कमी के कारण बड़े वयस्क भी एनल फिस्सर से ग्रस्त हो सकते हैं। प्रसव के दौरान तनाव के कारण महिलाओं को एनल फिस्सर होने का खतरा होता है।

इन्फ़्लेम्मटरी बावेल डिजिज़ वाले लोगों को भी एनल फिशर का अधिक जोखिम होता है।

आंतों के अस्तर (intestinal lining) की सूजन की वजह से गुदा के आसपास की त्वचा का फटने की संभावना बढ़ जाती है।

जो लोग अक्सर कब्ज का अनुभव करते हैं, उन्हें भी एनल फिशर का जोखिम अधिक होता है।

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एनल फिशर का निदान कैसे किया जाता है?

How is an anal fissure diagnosed in hindi

Anal fissure ki jaanch kaise hoti hai in hindi

एक डॉक्टर आमतौर पर गुदा के आसपास के क्षेत्र की जांच करके एनल फिशर का निदान कर सकता है। हालांकि, वे निदान की पुष्टि करने के लिए एक रेक्टल परीक्षा (rectal exam) भी कर सकते हैं।

इस परीक्षण के दौरान, डॉक्टर आपके मलाशय में एनोस्कोप (anoscope) नामक उपकरण डालकर गुदा का निरीक्षण कर सकते हैं।

एनोस्कोप का उपयोग करने से आपके डॉक्टर को गुदा या मलाशय के दर्द के अन्य कारणों का पता लगाने में भी मदद मिलती है।

आपके लक्षणों की बेहतर जांच के लिए एक एंडोस्कोपी (endoscopy) की आवश्यकता भी हो सकती है।

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फिशर की जटिलताएं

Anal Fissure Complications in hindi

Anal Fissure ke complications in hindi

एनल फिशर की जटिलताएं इस प्रकार हैं: -

  • फिशर का ठीक न होना

जो एनल फिशर आठ सप्ताह के भीतर ठीक न हो, उसे क्रोनिक (chronic) माना जाता है और उसे आगे के उपचार की आवश्यकता हो सकती है।

  • पुनरावृत्ति

एक बार एनल फिशर ठीक हो भी जाये, तो भी दुबारा होने का खतरा रहता है।

  • आसपास की मांसपेशियों तक फैला हुआ फिशर

एनल फिशर आकार में फैल सकता है जिससे उसका ठीक होना मुश्किल हो जाता है।

फिशर यदि दवाओं से ठीक न हो तो सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है।

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एनल फिशर का इलाज कैसे किया जाता है

How is anal fissure treated in hindi

Anal fissure ka treatment kaise hota hai in hindi

ज्यादातर मामलों में, एनल फिशर अपने आप चार से छह सप्ताह के भीतर ठीक हो जाता है।

कुछ उपचार जो असरदार हैं और असुविधा को दूर करने में मदद कर सकते हैं, उनमें स्टूल सॉफ्टनर (stool softeners) और दर्द निवारक (topical pain relievers) शामिल हैं।

एनल फिशर को आम तौर पर व्यापक उपचार की ज़रूरत नहीं होती है।

कुछ घरेलू उपचार असुविधा को कम करने में मदद कर सकते हैं।

आप घर पर ही निम्न उपायों से एनल फिशर का इलाज कर सकती हैं : -

  • ओवर-द-काउंटर स्टूल सॉफ्टनर (stool softener) का उपयोग करें
  • अधिक तरल पदार्थ पीयेँ
  • फाइबर की खुराक लें और अधिक रेशेदार खाद्य पदार्थ, जैसे कच्चे फल और सब्जियां खाएं
  • गुदा की मांसपेशियों को आराम देने, जलन से राहत देने और एनोरेक्टल क्षेत्र में रक्त के प्रवाह को बढ़ाने के लिए सिट्ज़ बाथ (sitz bath) ले
  • सूजन कम करने के लिए और रक्त के प्रवाह को बढ़ावा देने के लिए नाइट्रोग्लिसरीन मरहम (nitroglycerin ointment) लगायेँ या कोर्टीज़ोन 10 (Cortizone 10) जैसी हाइड्रोकार्टिसोन क्रीम (hydrocortisone cream) का उपयोग करें
  • बेचैनी को कम करने के लिए गुदा में दर्द निवारक दवा जैसे लिडोकाइन (lidocaine) लगाएं

यदि उपचार के दो सप्ताह के भीतर आपको तकलीफ़ से राहत नहीं मिली है, तो अपने डॉक्टर से मिलें।

एक कैल्शियम चैनल अवरोधक मरहम (calcium channel blocker ointment) मांसपेशियों को आराम पहुंचाकर एनल फिशर को ठीक कर सकता है।

एक अन्य संभावित उपचार बोटॉक्स इंजेक्शन (Botox injections) हैं।

इंजेक्शन मांसपेशियों को अस्थायी रूप से पैरालाइज़ करके आपके गुदा में ऐंठन को रोक देगा।

यह नए फिशर्स को बनने से रोकते हुए एनल फिशर को ठीक कर देता है।

यदि आपका एनल फिशर अन्य उपचारों से ठीक नहीं होता है, तो आपका डॉक्टर एक गुदा स्फिंक्टरोटोमी (anal sphincterotomy) रेकमेंड कर सकता है।

इस सर्जिकल प्रक्रिया में मांसपेशियों को आराम देने के लिए एक छोटा चीरा लगाया जाता है।

मांसपेशियों को आराम देने से एनल फिशर ठीक हो जाता है।

यदि आपके घरेलू उपचार के बावजूद आपको एनल फिशर की तकलीफ में आराम नहीं मिलता है तो अपने चिकित्सक से संपर्क करके देखें कि आपको कोई अतिरिक्त परीक्षण की आवश्यकता है या नहीं।

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एनल फिशर को कैसे रोका जा सकता है?

How can an anal fissure be prevented in hindi

Anal fissure se kaise bache in hindi

एनल फिशर को हमेशा रोका नहीं जा सकता है, लेकिन आप निम्नलिखित निवारक उपायों को अपनाकर अपने जोखिम को कम कर सकते हैं: -

  • गुदा क्षेत्र को सूखा रखें
  • हल्के साबुन और गर्म पानी के साथ गुदा क्षेत्र को धीरे से साफ़ करें
  • तरल पदार्थों का सेवन अधिक करें, रेशेदार (fiber) भोजन खाएं और कब्ज से बचने के लिए नियमित व्यायाम करें
  • यदि आपको दस्त हो जाएँ तो तुरंत इसका इलाज करवाएँ
  • मल त्याग के दौरान तनाव से बचें, ज़्यादा ज़ोर न डालें।
    स्ट्रेनिंग (straining) दबाव बनाता है, जिससे पुराना फिशर खुल सकता है या नया फिशर प्रकट हो सकता है।
  • शिशुओं के डायपर बदलते रहें
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एनल फिशर में क्या खाना चाहिए?

What to eat during Anal Fissure in hindi

Anal Fissure ho to kya khaayen in hindi

यदि आपको कब्ज़ है, तो कठोर या सूखे मल पास करने से आपको एनल फिशर हो सकता है।

अपने आहार में अधिक से अधिक फाइबर शामिल करें - विशेष रूप से फलों और सब्जियों को।

इससे आपको कब्ज से छुटकारा पाने में मदद मिलेगी।

प्रति दिन 20 से 35 ग्राम फाइबर लें।

निम्नलिखित खाद्य पदार्थ फाइबर के अच्छे स्रोत हैं: -

  • दलिया
  • साबुत अनाज, जिसमें ब्राउन राइस, पॉपकॉर्न, और व्होल ग्रेन (whole grains)पास्ता, अनाज और ब्रेड शामिल हैं
  • मटर और सेम
  • मेवे
  • खट्टे फल
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निष्कर्ष

Conclusionin hindi

Nishkarsh

एनल फिशर तेज दर्द और मल त्याग के वक़्त रक्त स्त्राव का कारण हो सकता है।

गुदा सर्जरी, सूजन, इन्फ़्लेम्मटरी बावेल डिजिज़, स्थानीय कैंसर और यौन संचारित रोग एनल फिशर के कारण हो सकते हैं।

कुछ स्थितियां जो एनल फिशर को जन्म दे सकती हैं, वे हैं योनि प्रसव, कब्ज़, कठोर मल पास करना आदि।

ज़्यादातर मामलों में एनल फिशर को उपचार की ज़रूरत नहीं होती है।

कुछ घरेलू उपचार से ही यह ठीक हो सकता है।

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आर्टिकल की आख़िरी अपडेट तिथि: : 11 May 2020

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