शरीर में कमजोरी या थकान के लक्षण

Fatigue or Tiredness Symptoms in hindi

Sharirik thakan hone ke karan aur jankari in hindi, थकान और कमजोरी के लक्षण, kamjori ke lakshan hindi me, शारीरिक कमजोरी के कारण


एक नज़र

  • शारीरिक और मानसिक थकान दोनों ही हानिकारक हो सकती हैं ।
  • 40 से 50 वर्ष की महिलाओं में शारीरिक थकान और कमजोरी की शिकायत अधिक रहती है ।
  • थकान के लक्षण के महसूस होने पर डॉक्टर से मिल कर सलाह लेना अत्यंत आवश्यक है।
  • लम्बे समय से हो रही शारीरिक थकान को मेडिकल भाषा में क्रोनिक फटीग सिंड्रोम कहा जाता है।
triangle

Introduction

शरीर_में_कमजोरी_के_लक्षण__उपाय_और_बचाव

शारीरिक थकान और कमजोरी से हर व्यक्ति कभी न कभी जरूर गुजरता है। अधिक कार्य के कारण शारीरिक थकान महसूस होना आम बात है, लेकिन यदि आपको हमेशा ही शारीरिक थकान या कमजोरी के लक्षण रहते हैं तो यह चिंता का विषय हो सकता है।

यह सच है कि कोई भी व्यक्ति अगर लंबे समय तक कार्य करता है तो उसके काम करने की क्षमता कम होती जाती है।

इस कम हुई क्षमता को ही थकान और कमजोरी या मेडिकल भाषा में क्रोनिक फटीग सिंड्रोम (chronic fatigue syndrome) कहा जाता है। [1]

अत्यधिक थकान या क्रोनिक फटीग सिंड्रोम वह अवस्था होती है जिसमें शरीर में बहुत कमजोरी होने लगती है और पर्याप्त आराम लेने के बाद भी कमजोरी के लक्षण समाप्त नहीं होते हैं।

शारीरिक कमजोरी के कारण का पता लगाना आसान नहीं है और थकान का स्पष्ट कारण मेडिकल विशेषज्ञ को भी अभी तक ज्ञात नहीं है।

लेकिन थकान के कारणों में सबसे प्रमुख कारण मानसिक तनाव, संक्रमण या बीमारी, शरीर में पोषक तत्वों की कमी आदि हो सकते हैं।

शरीर में थकान के कुछ तथ्य -

  • चूंकि थकान होने का कोई विशेष कारण नहीं होता है और कमजोरी के कई कारण हो सकते हैं, इसलिए डॉक्टर को थकान का सटीक कारण पता करने में समय लग सकता है।
  • शारीरिक थकान का कारण, पता लगाने के लिए, कोई टेस्ट या परीक्षण नहीं होते हैं। इस वजह से आपकी स्थिति का पता लगाने के लिए डॉक्टर आपसे अधिक से अधिक प्रश्न पूछ सकते हैं।
  • शारीरिक थकान वैसे तो किसी को भी हो सकती है, लेकिन 40 से 50 साल की महिलाओं में शारीरिक थकान और कमजोरी की शिकायत अधिक रहती है।

कई बार रोज़मर्रा के कामों में थकान महसूस होती है और थकान के कारण हुई कमजोरी आपकी दिनचर्या मुश्किल बना सकती है।

ऐसे में पर्याप्त आराम करने पर थकान से राहत तो मिल जाती है, मगर कमजोरी से इतनी जल्दी छुटकारा नहीं मिलता है।

थकान व कमजोरी के अलावा आज हर दूसरा व्यक्ति सुस्ती से भी परेशान है। अनियमित दिनचर्या, काम का बोझ और नींद पूरी न होने से लोगों को सुस्ती होने लगती है।

थकान की अगर वैज्ञानिक परिभाषा (definition) की बात करें, तो यह डॉ. गिलब्रैथ (Dr. Gilbreth) द्वारा दी गई है।

गिलब्रैथ के अनुसार मुख्य रूप से थकान को नीचे दिए गए तीन मुख्य तथ्यों (facts) के आधार पर परिभाषित (define) किया जा सकता है।

तीन मुख्य तथ्य जिनपर थकान आधारित है : -

  1. काम करने की क्षमता में कमी होना
  2. काम करने में खुशी का अहसास ना होना
  3. कार्य रहित घंटों (non working hours) में प्रसन्नता का अभाव

आइये जानते हैं शरीर में कमजोरी के लक्षण, थकान के कारण और मांसपेशियों के खिंचाव को कैसे कम किया जा सकता है।

loading image

इस लेख़ में

 

थकान के प्रकार

Types of Fatigue in hindi

mansik aur sharirik thakan ke prakar in hindi, थकान और कमजोरी के लक्षण और प्रकार

वैसे तो थकान अलग-अलग व्यक्ति को अलग-अलग तरीके से महसूस हो सकता है। लेकिन मेडिकल भाषा में इसे दो मुख्य प्रकारों में बांटा गया है - शारीरिक थकान और मानसिक थकान! आइये दोनों को समझते हैं।

1. शारीरिक थकान (Physical Fatigue)

जब आप जब शारीरिक मेहनत करते हैं तो एक स्थिति ऐसी आती है जब शरीर की मांसपेशियों में खिंचाव होने लगता है और शरीर ढीला हो जाता है, इसे शारीरिक थकान कहते हैं। [2]

इस तरह के थकान से राहत पाने का उपाय है, आराम करना! इस तरह के काम से होने वाले थकान में दिल की धड़कने (heart beats) तथा ब्लड प्रेशर (blood pressure) बढ़ सकता है।

थकान के कारण शरीर में जो भी बदलाव होते हैं, वे सभी शरीर की रासायनिक प्रतिक्रियाओं (chemical reactions) पर आधारित होते हैं।

2. मानसिक थकान (Mental Fatigue)

कोई भी व्यक्ति यदि लंबे समय तक कोई मानसिक कार्य (ऑफिस में काम, लैपटॉप, कंप्यूटर पर काम, काउंटर पर ग्राहकों से बात करना) करता है तो धीरे-धीरे उसके मस्तिष्क के कार्य करने की क्षमता घटती जाती है, जिसे मानसिक थकान कहा जाता है।[3]

ऐसे काम को लगातार करते रहने से मानसिक शक्तियों का नुकसान होने लगता है, कार्य क्षमता में कमी आने लगती है और अंत में काम के प्रति इच्छा (interest) ख़त्म हो जाती है। इसी अवस्था को मानसिक थकान कहा जाता है।

अगर किसी काम को समय पर समाप्त करने की बहुत अधिक इच्छाशक्ति (willpower) और हाई मोटिवेशन (high motivation) होता है तो कई बार, लम्बे समय तक, मेंटल फटीग (mental fatigue) का अहसास नहीं होता है।

loading image
 

शरीर में कमजोरी के लक्षण

Signs and Symptoms of Fatigue in hindi

thakan ke lakshan, kamjori ke lakshan hindi me, थकान और कमजोरी के लक्षण

थकान का अनुभव हर व्यक्ति में अलग तरीके से होता है। कुछ व्यक्तियों में थकान धीरे-धीरे बढ़ती है जबकि कुछ लोगों को थकान का अनुभव अचानक से होता है।

वैसे तो शरीर में कमजोरी के लक्षण थोड़े-बहुत हमेशा ही रहते ही रहते हैं। लेकिन जब थकान बहुत अधिक होने लगे और आप दैनिक जीवन के कार्यों को करने में हताश और असफल होने लगे, तो यह चिंता का विषय हो सकता है। ऐसी अवस्था में आपको जल्द से जल्द डॉक्टर से मिलना चाहिए।

जब शारीरिक थकान और कमजोरी छह महीने या उससे अधिक दिनों तक रहती है और व्यक्ति रोज़मर्रा के क़ाम करने में असफल होने लगता है, तो उसे क्रोनिक फटीग सिंड्रोम हो सकता है। [4]

शरीर में कमजोरी के लक्षण को देख कर आप पता लगा सकते हैं कि आपको थकान या क्रोनिक फटीग सिंड्रोम (chronic fatigue syndrome) है या नहीं।

थकान और शरीर में कमजोरी के लक्षण नीचे बताए गए हैं :-[5]

  1. शरीर में ऊर्जा की कमी होना, रात भर नींद लेने के बाद भी थकान और कमजोरी महसूस होना।
  2. ‌शरीर में आलस महसूस करना और किसी भी काम को करने में उत्साह की कमी होना।
  3. रात को नींद नहीं आना‌।
  4. ‌किसी भी काम पर ध्यान केंद्रित करने की क्षमता कम होना।
  5. ‌रोजमर्रा के काम करने में दिक्कत महसूस होना।
  6. डिप्रेशन (depression) महसूस करना, चिंतित रहना या दिल में धड़कने तेज़ होना।
  7. ‌सोचने की क्षमता कम होना‌, गुमराह रहना और निर्णय लेने में कठिनाई महसूस करना।
  8. सुस्ती महसूस होना।
  9. शारीरिक थकान के लक्षणों में ‌मांसपेशियों में दर्द, जोड़ों में दर्द और सिरदर्द होना भी शामिल है।

ज्यादातर मामलों में शारीरिक थकान और कमजोरी के लक्षण साइकल्स के रूप में प्रकट होते हैं यानि आते-जाते रहते हैं।

जैसे, कुछ दिनों या महीनों तक आपको थकान के लक्षण दिखाई देंगे और अगले कुछ समय थकान का कोई लक्षण नहीं होगा।

ऊपर दिए गए थकान के लक्षण सामान्यतः पाए जाने वाले लक्षण हैं लेकिन इनके अलावा भी कमजोरी के अन्य लक्षण हो सकते हैं जैसे -

  • प्रकाश और शोर के प्रति संवेदनशील होना।
  • हाथ और पाँव का ठंडा हो जाना और शरीर का तापमान कम हो जाना।
  • मितली जैसा लगना, ज्यादा पेशाब आना और पेट ख़राब होना (irritable bowel syndrome)
  • वजन में बदलाव और भूख ना लगना भी थकान के लक्षणों में शामिल है।

डिप्रेशन या अवसाद होने पर भी कमजोरी और थकान के लक्षणों का महसूस होना आम है। इसके अलावा थकान कई बीमारियों के कारण भी हो सकता है। आइये जानते हैं शारीरिक थकान और कमजोरी के कारण।

और पढ़ें:अकेलापन कैसे दूर करें
 

थकान और कमजोरी के कारण

Common causes of fatigue in hindi

Thakan ke karan in hindi, kamjori ke lakshan ka karan hindi me, kamjori ka karan in hindi, kamjori ke karan

वर्षों की शोध के बाद भी डॉक्टर थकान का कोई सटीक कारण नहीं जान पाए हैं। अमेरिका के सेंटर ऑफ़ डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (centre of disease control and prevention) की मानें तो शारीरिक थकान और कमजोरी के कारणों का पता लगाने के लिए अभी भी शोध जारी है।

अधिकतर स्थिति में लम्बे समय तक किसी काम को करते रहने से थकान का महसूस होना आम है।

डॉक्टर के अनुसार थकान निम्न स्थितियों से गुज़र रहे व्यक्तियों को अधिक महसूस होती है : -

  • यदि आप संक्रमण से ग्रस्त हों जैसे - वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण।
  • यदि किसी कारण से आपकी इम्युनिटी कमजोर हो।
  • यदि आप हार्मोनल इम्बैलेंस से पीड़ित हो।
  • यदि आप अत्यधिक तनाव या स्ट्रेस में हो।

इसके अलावा तनाव होने के दो मुख्य कारक हैं : -

  • आयु : वैसे तो थकान किसी भी उम्र में हो सकती है लेकिन 40 से 50 साल की उम्र में यह ज्यादा होती है।
  • लिंग : पुरुषों की तुलना में महिलाओं को थकान और कमजोरी ज्यादा महसूस होती है।

रोज प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने से भी थकान हो सकती है, इसलिए यह आवश्यक है कि आप अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए पौष्टिक आहार का सेवन और नियमित व्यायाम करें।

इसके अलावा थकान होने के निम्नलिखित कारण हो सकते हैं : -

व्यक्तिगत कारण (Personal reasons)

थकान होने के व्यक्तिगत कारणों में शामिल है नींद की कमी और काम करने के लिए प्रेरणा का अभाव।

मुद्रा (Postural issues)

कार्य करते समय कर्मचारी के सही मुद्रा (posture) में न होने से भी थकान और साथ-साथ दुर्घटनाओं की संभावना हो सकती है। [6]

उद्योगों में कई मशीनें या उनके ऑपरेशन इस तरह होते हैं कि उनपर काम करने वाले ऑपरेटर (operator) या हेल्पर (helper) को या तो खड़े-खड़े या बैठे-बैठे ही काम करना पड़ता है।

लंबे समय तक एक ही मुद्रा में काम करने की वजह से सभी अंगों में ब्लड सर्कुलेशन नहीं हो पाता और थकान होने लगती है।

शोर भरा वातावरण (Chaotic working environment)

अगर फ़ैक्टरी में शोर-भरा माहौल हो तो वहां पर काम करने वाले लोगों के लिए काम पर ध्यान केंद्रित करना मुश्किल हो जाता है। सामान्य से काम को करने में भी अतिरिक्त शारीरिक ऊर्जा और अतिरिक्त ध्यान लगाना पड़ता है। इससे जल्दी ही थकान हो जाती है और कार्य क्षमता प्रभावित होती है।

क्लाइमेट में परिवर्तन (Climate changes)

रिसर्च में ये बात साबित हुई है कि सामान्य 25 डिग्री सेल्शियस के तापमान में कर्मचारियों की क्षमता सर्वाधिक होती है।

इसके अलावा अगर वातावरण का तापमान बेहद ठंडा अथवा बेहद गर्म है तो कार्य को करने में अधिक ऊर्जा खर्च होती है जो जल्दी थकान का कारण बनती है।

काम के लम्बे घंटे (Long working hours) - एक निर्धारित समय से अधिक कार्य करने से प्रति घंटा कार्य क्षमता में कमी आ सकती है।

डिप्रेशन (Depression) - आजकल की जिंदगी में डिप्रेशन यानि अवसाद किसी को भी हो सकता है और ये थकान का कारण हो सकता है।

शारीरिक कमजोरी (Physical weakness) - शारीरिक कमजोरी से भी थकान जल्दी होती है।

loading image
 

डॉक्टर कैसे पहचानेंगे थकान का कारण

How doctor diagnose fatigue in hindi

kamjori ke lakshan ki pehchan, kamjori ka karan, मांसपेशियों में थकान का कारण है, वीकनेस के लक्षण

थकान के कारण का पता लगाना मुश्किल होता है इसलिए डॉक्टर आपकी दिनचर्या को ले कर सवाल कर सकते हैं।

आपके द्वारा बताये गए लक्षणों के आधार पर ही डॉक्टर ये तय करते हैं कि इसके लिए कौन-से टेस्ट किये जाने चाहिए।

परीक्षण के दौरान डॉक्टर आपसे निम्न सवाल कर सकते हैं : -

चिकित्सकिय विकार (Diseases)

अगर आप किसी मेडिकल कंडीशन जैसे - मधुमेह (diabetes), एनीमिया (anemia) या हृदय से संबंधित विकार जैसे हाइपरटेंशन से पीड़ित हैं और कोई दवाई ले रहे हैं तो डॉक्टर आपसे इन स्थितियों की पूरी जानकारी लेंगे।

मानसिक विकार (Mental Problems)

कई मानसिक विकार जैसे - अवसाद, बैचेनी, सीजोफेरेनिया (schizophrenia), बायोपोलर विकार (bipolar disorder) में थकान और शारीरिक कमजोरी होना सामान्य है। डॉक्टर से सलाह लेकर इन कारणों का पता लगाया जा सकता है।

नींद की बीमारी (Sleep Disorder)

कई ऐसे नींद के विकार हैं जो थकान का कारण बन सकते हैं जैसे - स्लीप एपनिया, अनिंद्रा। डॉक्टर आपके नींद का परीक्षण कर सही कारण का पता लगाते हैं। इसके अलावा नीचे दिए गए परीक्षणों के द्वारा डॉक्टर थकान का पता भी लगाते हैं।

थकान की पहचान करने के लिए किए जाने वाले कुछ मुख्य टेस्ट नीचे दिए गए हैं :-

साइकोफिजिकल परीक्षण (Psychophysical Tests)

  1. इनके अंतर्गत साइकोफिजीकल (psychophysical) बदलावों की स्टडी (study) की जाती है।
  2. इसमें शरीर में उत्पन्न होने वाले कंपन (Oscillations) और बेचैनी (restlessness) की तीव्रता को मापा (measurement) जाता है।
  3. इसके द्वारा थकान के समय व्यक्ति की हार्ट बीट, ऑक्सीजन की मात्रा तथा कई स्किन संबंधी संवेदनाओं का टेस्ट किया जाता है।

रासायनिक परीक्षण (Chemical Test)

  1. इस परीक्षण द्वारा ब्लड (blood), मल-मूत्र (urine), लार (saliva) आदि की इन्वेस्टीगेशन (investigation) की जाती है।
  2. इसमें व्यक्ति के ब्लड, मल-मूत्र या लार का सैंपल लिया जाता है। अलग-अलग केमिकल्स
  3. (chemicals) द्वारा उनकी जांच की जाती है।
  4. कम्पलीट ब्लड काउंट (complete blood count - CBC), इलेक्ट्रोलाइट्स (electrolytes), ग्लूकोज (glucose), विटामिन B-12, थाइरोइड (thyroid) आदि की मात्रा के आधार पर व्यक्ति के शरीर की थकावट या तरोताज़गी को आसानी से पहचाना जा सकता है।

एंटी बॉडी टेस्ट (Antibody Test)

इस परीक्षण के द्वारा आपके डॉक्टर यह पता लगाने की कोशिश करते हैं कि आप किसी संक्रमण से तो ग्रस्त नहीं है।

और पढ़ें:अच्छी नींद और मेटाबॉलिज्म बढ़ाने के लिए आहार
 

शारीरिक कमजोरी और थकान का इलाज

Treatment Of Fatiguein hindi

kamjori ke lakshan ka elaj, वीकनेस के लक्षण और इलाज, थकान और कमजोरी का इलाज

थकान का इलाज हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकता है। डॉक्टर मेडिकल हिस्ट्री और थकान के कारणों का पता लगाने के बाद थकान के इलाज का निर्धारण करते हैं।

दवाइयाँ (Medicine)

वैसे तो शारीरिक थकान को दूर करने की कोई एक दवा नहीं है लेकिन कमजोरी के लक्षणों को पता कर उनको कम करने के लिए आपके डॉक्टर आप को दवाई दे सकते हैं।

कई कारणों में थकान और कमजोरी अवसाद (depression) के कारण भी हो सकती है। इस अवस्था में डॉक्टर आपके अवसाद को कम करने के लिए एंटी-डिप्रेशन (anti-depression) दवाई दे सकते हैं। इसके अलावा दर्दनिवारक गोलियां मांसपेशियों में दर्द और ऐंठन को ख़त्म करने में मदद करती है।

अगर आप अनिंद्रा से ग्रस्त हैं और आप पर्याप्त नींद ले पा रहे हैं तो आपके डॉक्टर आपको नींद की गोलियां भी दे सकते हैं।

जीवन शैली में बदलाव (Change in lifestyle)

जीवनशैली में कुछ आसान बदलावों से आप कमजोरी के लक्षणों को आसानी से कम कर सकते हैं।

चाय और काफी के कम सेवन से थकान के लक्षणों को कम किया जा सकता है और अनिद्रा को भी कम किया जा सकता है।

इसके अलावा पौष्टिक भोजन और व्यायाम भी थकान और सुस्ती को कम करने में सहायक होता है।

अगर आप अनिंद्रा की परेशानी से जूझ रहे हैं तो दिन में सोने से बचें और रात के सोने का समय भी निर्धारित करें।

सोने से पहले गरम दूध के सेवन से भी नींद जल्दी आने में आसानी होती है। ऐसा करने से आप रोज समय पर सोने के आदि हो जायेंगे।

और पढ़ें:अच्छी नींद के लिए घरेलू उपाय
 

थकान से बचाव

Prevention of fatigue in hindi

Thakan se bachav in hindi, वीकनेस के लक्षण से बचाव

काम की भागदौड़ में थोड़ी-बहुत थकान होना जायज़ है, मगर मगर थकान इतनी बढ़ जाये कि सामान्य काम को करने में भी कठिनाई महसूस हो तो इससे बचाव जरूरी हो जाता है। आइए ऐसे ही कुछ आसान से तरीकों के बारे में जानते हैं जिनको अपनाकर आप थकान को कम कर सकते है।

थकान से बचने के उपाय निम्न हो सकते हैं : -

पुरानी बीमारी का इलाज (Treatment of existing medical conditions)

कई बार पहले से शरीर में कुछ बीमारियां होती हैं जैसे - थाइरोइड (thyroid), डायबिटीज़ (diabetes), आर्थराइटिस (arthritis) या विटामिन की कमी

ये सभी स्थितियां थकान का कारण बन सकती हैं। अगर इन बीमारियों का इलाज समय पर किया जाये तो आपकी थकान अपने आप ही चली जाएगी।

पर्याप्त नींद लें (Take enough sleep)

थकान का एक मुख्य कारण नींद की कमी भी है। अगर पर्याप्त नींद ना मिलें तो दिन भर शरीर में थकान बनी रहती है।

इसलिए अगर भरपूर नींद (लगभग 7- 8 घंटे) ली जाये तो थकान की समस्या से बहुत आराम मिलता है।

चलते फिरते रहें ( Be active)

कई बार एक ही मुद्रा में बैठकर, ऑफिस का या कोई अन्य काम करने से शरीर के सभी अंगों में रक्त संचार (blood circulation) सही से नहीं हो पाता है, इस वजह से थकान होने लगती है।

इसलिए बीच-बीच में काम से ब्रेक लेकर थोड़ी स्ट्रेचिंग (stretching) करें और घूमते-फिरते रहें ताकि शरीर मे सुस्ती ना आये।

योग और व्यायाम करें (Do yoga and exercise)

सुबह-सुबह उठकर अगर एक घंटा अपने तन और मन को योग और व्यायाम के लिए समर्पित किया जाए तो शरीर से ना केवल सुस्ती या थकान दूर होती है बल्कि अन्य कई बीमारियां भी दूर रहती हैं।

इसलिए योग और व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करें और थकान व सुस्ती को गुडबाय (good bye) कहें

पौष्टिक भोजन खायें (Eat nutritious food)

हमारे शरीर को किसी भी काम को करने के लिए ऊर्जा की जरूरत होती है। यह ऊर्जा हमें भोजन के द्वारा मिलती है।

भोजन में सभी आवश्यक प्रोटीन, विटामिन होने चाहिए, ताकि शरीर की सभी ज़रूरत पूरी हो सके।

अगर पौष्टिक भोजन ना मिलें तो ऊर्जा की कमी के कारण थकान होने लगती है। इसलिए ऐसे फल-सब्जियों का सेवन करें जो इन सब ज़रूरतों को पूरा कर सके।

खूब सारा पानी पिंए (Drink plenty of water)

हमारे शरीर का 70% भाग पानी का बना होता है। इसलिए शरीर के लिए सबसे जरूरी चीज पानी है।

शरीर में पानी की कमी होने से कई नए रोग जन्म ले लेते हैं और एनर्जी (energy) कम होने लगती है।

इस वजह से शरीर थका हुआ सा महसूस होता है। इसलिए दिन में कम से कम 10-12 गिलास पानी अवश्य पिएं और अपने शरीर को तरोताजा रखें।

और पढ़ें:अनिद्रा में क्या खाएं
 

सारांश

Summaryin hindi

sharer mai kamjori ya thakaan ke lakshan, karan aur thakaan se bachne ke upay

थकान हर व्यक्ति के जीवन का एक साधारण हिस्सा है। कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं जिसे थकान न होती हो।

बढ़ती उम्र के साथ आपको अपने शरीर का खास ध्यान रखने की ज़रूरत होती है। अगर तन और मन दोनों स्वस्थ होंगे तो बुढ़ापे तक भी थकान की शिकायत नहीं होगी।

आपको हमेशा थकान के लक्षणों और इससे बचाव के बारे में जानकारी होनी चाहिए। अगर व्यायाम करने से भी थकान से बचाव न हो पाए तो डाॅक्टर की सलाह अवश्य लें।

क्या यह लेख सहायक था? हां कहने के लिए दिल पर क्लिक करें

references

संदर्भ की सूचीछिपाएँ

1 .

Alfredo Avellaneda Fernández, Álvaro Pérez Martín, et al. "Chronic fatigue syndrome: aetiology, diagnosis and treatment". BMC Psychiatry. 2009; 9(Suppl 1): S1.Published online 2009 Oct 23.PMID: 19857242.

2 .

Hoda M. Abd-Elfattah, Faten H. Abdelazeim, et al. "Physical and cognitive consequences of fatigue: A review".J Adv Res. 2015 May; 6(3): 351–358.Published online 2015 Feb 24. PMID: 26257932.

3 .

Tanaka, Ishii A, et al. "Neural effects of mental fatigue caused by continuous attention load: a magnetoencephalography study".Brain Res. 2014 May 2;1561:60-6, PMID: 24642273.

4 .

Alfredo Avellaneda Fernández, Álvaro Pérez Martín, et al. "Chronic fatigue syndrome: aetiology, diagnosis and treatment".BMC Psychiatry. 2009; 9(Suppl 1): S1.Published online 2009 Oct 23, PMID: 19857242.

5 .

Mateo Cortes Rivera, Claudio Mastronardi, et al. "Myalgic Encephalomyelitis/Chronic Fatigue Syndrome: A Comprehensive Review".Diagnostics (Basel). 2019 Sep; 9(3): 91.Published online 2019 Aug 7, PMID: 31394725.

6 .

Mateo Cortes Rivera, Claudio Mastronardi, et al. "Myalgic Encephalomyelitis/Chronic Fatigue Syndrome: A Comprehensive Review".Diagnostics (Basel). 2019 Sep; 9(3): 91.Published online 2019 Aug 7, PMID: 31394725.

आर्टिकल की आख़िरी अपडेट तिथि: : 10 Jun 2020

हमारे ब्लॉग के भीतर और अधिक अन्वेषण करें

लेटेस्ट

श्रेणियाँ

तनाव के कारण, लक्षण, प्रकार, बचाव और उपचार

तनाव के कारण, लक्षण, प्रकार, बचाव और उपचार

10 भारतीय मशहूर हस्तियां जो हुए थे एंग्जायटी या अवसाद के शिकार

10 भारतीय मशहूर हस्तियां जो हुए थे एंग्जायटी या अवसाद के शिकार

बेचैनी के कारण रात को नींद ना आए तो क्या करें

बेचैनी के कारण रात को नींद ना आए तो क्या करें

जानें पैरों की थकान दूर करने के उपाय

जानें पैरों की थकान दूर करने के उपाय

अचानक घबराहट होना - कारण, लक्षण और उपचार

अचानक घबराहट होना  -  कारण, लक्षण और उपचार
balance

सम्बंधित आर्टिकल्स

article lazy ad