एक्जिमा के कारण, लक्षण, प्रकार और उपचार

Cause, symptoms, types and treatment of eczema in hindi

eczema kya hai, eczema meaning in hindi


Introduction

Eczema_ke_baare_mein_jaaniye

एक्जिमा जिसे मेडिकल भाषा में एक्टोपिक डरमिटाईटिस भी कहा जाता है, त्वचा पर होने वाला संक्रमण है। एक्जिमा होने पर त्वचा पर खुजली और लाल चकत्ते (rashes) हो जाते हैं।”

इस बात से बिल्कुल इंकार नहीं किया जा सकता है कि एक्जिमा में अत्यधिक खुजली के साथ-साथ असुविधा का अनुभव होने लगता है। खुजली के साथ साथ एक्जिमा के कई अन्य लक्षण भी होते हैं जैसे, एक्जिमा होने पर त्वचा पर लाल-चकत्ते पड़ सकते हैं या फिर त्वचा पर सूजन हो सकती है। त्वचा के नमी खोने के कारण एक्जिमा की समस्या होती है और इसमें खुजली इतनी ज़्यादा होती है कि इसे शब्दों में बयान करना भी मुश्किल है।

कभी कभी खुजली और संक्रमण के कारण त्वचा पर फफोले भी पद जाते है और खून भी बहने लगता है। आइए विस्तार से समझने की कोशिश करते हैं कि एक्जिमा क्या है aur क्यों होता है, एक्जिमा के लक्षण क्या हैं और इसका इलाज कैसे किया जाता है।

loading image

इस लेख़ में

 

एक्जिमा क्या है?

What is eczema in hindi

एक्जिमा क्या है हिंदी में

एक्जिमा, एक स्किन डिसऑर्डर (skin disorder) है। एक्जिमा, शरीर के किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकती है, और इस कारण त्वचा पर खुजली और लाल चकत्ते (rashes) हो जाते हैं।

एक्जिमा की बीमारी शिशुओं में काफी प्रचलित है। अगर आपको एक्जिमा होता है, तो ये इस बात को भी दर्शाता है कि आपका इम्यून सिस्टम कमज़ोर है। एक्जिमा किसी चीज के कांटेक्ट में आने की वजह से भी हो सकता है या फिर वातावरण में अचानक आए बदलाव भी एक्जिमा होने का कारण बन सकते हैं।

एक्जिमा को मूल रूप से तीव्र खुजली के रूप में जाना जाता है, जिसमें कभी-कभी खून निकल आता है और स्किन को क्षति होती है। हालांकि कुछ लोगों में एक्जिमा होने पर फफोले भी हो जाते हैं।

एक्जिमा के लक्षण व्यक्ति के उम्र पर बहुत हद तक निर्भर करते हैं लेकिन अधिकतर मामलों में एक्जिमा की शिकायत होने पर स्किन पर खुजली होना, त्वचा का खुरदरा होना या फिर स्किन का फटना शामिल है। हालांकि कई लोगों की एक्जिमा की समस्या जल्दी ठीक हो जाती है, तो वहीं कुछ लोग इस समस्या से उम्र भर परेशान रहते हैं।

और पढ़ें:10 बेहतरीन एक्जिमा ट्रीटमेंट क्रीम
 

एक्जिमा के प्रकार

Types of eczema in hindi

ekjima, व्हाट इस एक्जिमा, सूखा एक्जिमा

loading image

एक्जिमा के लक्षण हर व्यक्ति पर अलग-अलग तरह के होते है। इसके साथ ही इसके प्रभावी उपचार भी आमतौर पर अलग-अलग होते हैं और ये इस बात पर निर्भर करता है कि आपको किस टाइप का एक्जिमा हुआ है। ऐसे में हम आपको यहां एक्जिमा के कुछ प्रकार से अवगत कराने जा रहे हैं।

आइए जानते हैं एक्जिमा के प्रकार के बारे में : -

  • एटॉपिक एक्जिमा (Atopic Eczema)

एक्जिमा (eczema) का सबसे कॉमन टाइप है एटोपिक डर्माटाइटिस है। ये उन लोगों को होता जिन्हे पहले से तेज़ बुख़ार और अस्थमा (asthma) की समस्या होती है। एटोपिक डर्माटाइटिस ज़्यादातर बचपन में होता है लेकिन किसी भी उम्र में लोगों आपको परेशान कर सकता है। इसके कारण स्किन पर दाने हो जाते हैं जो अक्सर आपके कोहनी या घुटनों पर होते हैं। वहीं बच्चों को अक्सर उनके स्कैल्प और गालों पर दाने निकल आते हैं।

  • कॉन्टेक्ट एक्जिमा (Contact Dermatitis)

कॉन्टेक्ट डर्माटाइटिस में किसी चीज़ के बार-बार सम्पर्क में आने से शरीर का इम्यून सिस्टम (immune system) सक्रिय हो जाता है और ये त्वचा में सूजन पैदा करती है, यानि त्वचा के संपर्क में आने के कारण शरीर में एलर्जी रेस्पोंस शुरू हो जाता हैं। जब त्वचा को किसी चीज़ या पदार्थ के संपर्क में आने से नुकसान पहुँचता है तो इस प्रकार का एक्जिमा हो सकता है। इससे आपकी स्किन पर फफोले हो सकते हैं जो कभी भी फट सकते हैं। इसके साथ ही स्किन पर खुजली, लालिमा और जलन की समस्या हो सकती है।

  • डिस्कॉइड एक्जिमा (Discoid Dermatitis)

ये एक्जिमा छोटे घाव के रूप में बाजुएं, टांगों, और छाती पर होता है। वयस्कों (adults) में इस टाइप के एक्जिमा होने की संभावना अधिक होती है। ये एटॉपिक एक्जिमा के साथ-साथ कुछ रेयर मामलों में एलर्जिक कॉन्टेक्ट डर्माटाईटिस (allergic contact dermatitis) से भी संबंधित हो सकता है। वहीं कुछ मामलों में ये एथलीट फुट (athletes foot) नामक, एक फंगस इन्फेक्शन (fungus infection) की एलर्जिक रिएक्शन से भी संबंधित होता है।

  • सेबोरहोइक एक्जिमा (Seborrhoeic Dermatitis)

एक आम त्वचा की स्थिति है जो मुख्य रूप से आपकी स्कैल्प (scalp) को प्रभावित करती है। यह पपड़ीदार पैच, लाल त्वचा और जिद्दी रूसी का कारण बनता है। सेबोरहाइक डर्मेटाइटिस शरीर के तैलीय क्षेत्रों को भी प्रभावित कर सकता है- जैसे चेहरा, नाक के किनारे, भौं, कान, पलकें और छाती।

  • नुम्मूलर एक्जिमा (Nummular Dermatitis)

नुम्मूलर डर्मेटाइटिस में सिक्के के आकार के लाल निशान बनते है। इस एक्जिमा की स्थिति से अक्सर पीठ का निचला हिस्सा, पैर, बाँह की कलाई (Forearms), हाथ के पीछे का हिस्सा और कमर प्रभावित होता है।

  • डिशिड्रोटिक एक्जिमा (Dyshidrotic eczema)

डिहाइड्रोसिस या डिशिड्रोटिक एक्जिमा से हाथ और पैर प्रभावित होते हैं। हालांकि ये हाथ या पैर से पूरी त्वचा में भी फैल सकता है। इस स्थिति में भी फफोले हो जाते हैं, जो फ्लूइड से भरे होते हैं और खुजली का कारण बनते हैं। फफोले सामान्य रूप से लगभग दो से चार सप्ताह तक रहते हैं और मौसम से जुड़े एलर्जी या तनाव से संबंधित हो सकते हैं।

  • स्टैसिस डर्मेटाइटिस (Stasis dermatitis)

जब शरीर में ब्लड सर्कुलेशन ठीक से नहीं होता है तो उससे स्टैसिस डर्मेटाइटिस की स्थिति उत्पन्न होती है। अगर शरीर में खुजली हो रही है या फिर भूरे रंग का दाग दिख रहा है तो ये स्टैसिस डर्मेटाइटिस के लक्षण को दर्शाता है।

और पढ़ें:14 घरेलू उपाय जो तैलीय त्वचा से दिलाएंगे छुटकारा
 

एक्जिमा और सोरायसिस में क्या अंतर है?

What is the difference between Eczema and Psoriasis in hindi

सूखा एक्जिमा ,difference between eczema and psoriasis in hindi

loading image

एक्जिमा, बचपन से जुड़ा डिसऑर्डर होता है, जो कोहनी (elbow) और घुटनों (knee) के पीछे लाल खुजली वाले चकत्ते (rashes) का कारण बनता है। गंभीर होने पर चेहरा प्रभावित होता है। एक्जिमा के कारण त्वचा लाल, सूखी और क्रैक होने लगती है।

वहीं सोरायसिस (psoriasis) एक जीवन भर चलने वाला इम्यून डिसऑर्डर (immune disorder) है, जो त्वचा पर चकत्ते और अन्य लक्षणों को विकसित करता है। सोरायसिस शरीर पर कहीं भी त्वचा पर हो सकता है। हालांकि ये अक्सर घुटनों, कोहनी या स्कैल्प (scalp) पर दाने के रूप में होता है, जिसपर खुजली और दर्द हो सकता। सोरायसिस मोटी लाल या सफेद पैच का कारण बनता है जो सिल्वर रंग और खुरदरा भी दिखाई दे सकता है।

loading image
 

एक्जिमा के लक्षण

Symptoms of eczema in hindi

eczema ke lakshan, eczema kya hai

loading image

पिछले कुछ दशकों में पर्यावरण और वातावरण में आए बदलावों के कारण भी कुछ लोगों को एक्जिमा की शिकायत होने लगी है।

आइए जानते हैं एक्जिमा के लक्षणों के बारे में : -

  1. एक्जिमा प्रभावित हिस्से में बहुत ज़्यादा खुजली होना।
  2. त्वचा पर गांठ या छाले होना।
  3. हाथ का लाल हो जाना और वहां पर खुजली होना।
  4. पैरों में दर्द और भारीपन का भी एहसास होना।
  5. त्वचा का ड्राई और सेंसिटिव (संवेदनशील) हो जाना।
  6. त्वचा पर फफोले (blisters) होना।
  7. त्वचा का पपड़ीदार हो जाना।
और पढ़ें:आँखों के नीचे डार्क सर्कल
 

एक्जिमा होने के कारण

Causes of eczema in hindi

eczema kyun hota hai, ekjima, सूखा एक्जिमा

loading image

हेल्दी स्किन, मॉइस्चर बनाए रखने में मदद करती है और साथ ही शरीर को बैक्टीरिया (bacteria), उत्तेजक पदार्थ और एलर्जेंस (allergens) से बचाती है। एक्जिमा एक ऐसी समस्या है, जो त्वचा की पर्यावरणीय कारकों (envoirnmental factors), उत्तेजित करने वाले पदार्थ और एलर्जी से बचने की क्षमता को प्रभावित करता है।

आइए जानते हैं किन कारणों से एक्जिमा की समस्या होती है : -

1.एक्जिमा का कारण है - अनुवांशिकता

एक्जिमा एक जेनेटिक डिसीज़ माना जाता है, जो एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को प्रभावित कर सकता है।

2. एक्जिमा का कारण बनता है - पर्यावरणीय वातावरण

पर्यावरणीय बदलावों के कारण भी कुछ लोगों को एक्जिमा की समस्या हो सकती है।

3.एक्जिमा होने की वजह है - सूक्ष्म जीव

इनमें स्टेफिलोकोकस ऑरियस (Staphylococcus aureus), वायरस (virus) और कुछ फंगस (fungus) जैसे बैक्टीरिया शामिल हैं।

4. एक्जिमा का कारण है - उत्तेजक पदार्थ

इनमें फल, मांस या सब्जियों के रस के अलावा साबुन (soap), शैंपू (shampoo), सर्फ (detergents) और कीटाणुशोधक (insecticide) शामिल हैं। ये पदार्थ एक्जिमा को उत्तेजित कर सकते हैं।

5. एक्जिमा के कारण बन सकते हैं - खाद्य-पदार्थ

कुछ ऐसे खाद्य-पदार्थ होते हैं, जिनके सेवन से एक्जिमा ट्रिगर कर सकता है। खाने की वजह से एक्जिमा होने की समस्या अक्सर बच्चों में देखी जाती है। ऐसे में आपको एक्जिमा को ट्रिगर करने वाले खाद्य-पदार्थ जैसे दूध, अंडा, नट्स और सोया के सेवन से बचना चाहिए।

loading image
 

एक्जिमा का परीक्षण

Diagnosis of eczema in hindi

सूखा एक्जिमा, एक्जिमा के लक्षण, एक्जिमा क्या है, ekjima,

loading image

एक्जिमा का पता लगाने के लिए डॉक्टर मरीज़ की कई टेस्ट कर सकते हैं। दरअसल समय के साथ एक्जिमा के लक्षण बदलते रहते हैं, ऐसे में कई तरह के टेस्ट करने की ज़रूरत होती है। मरीज़ के सिम्पटम्स को देखकर और उनकी मेडिकल हिस्ट्री (medical history) को भी जानना ज़रूरी होता है।

डॉक्टर इस तरह के प्रश्न पूछ सकते हैं : -

  1. लक्षण कब शुरू हुए?
  2. क्या दाने से आपको खुजली होती है और ये खुजली आपको कितना परेशान करती है?
  3. क्या दाने बढ़ जाते हैं?
  4. क्या आपके यहां एटोपिक एक्जिमा से जुड़ा कोई पारिवारिक इतिहास (family history) है?

इसके बाद आपका डॉक्टर आपको कुछ टेस्ट कराने को कह सकता है।

वैसे तो एक्जिमा के इलाज के लिए कोई एक परीक्षण नहीं है, डॉक्टर आपको नीचे दिए गए टेस्ट कराने को कह सकते हैं।

1. स्किन पैच टेस्ट (Skin patch test)

अगरएक्जिमा, एलर्जी के कारण होने का संदेह है, तो डॉक्टर एलर्जी परीक्षण कर सकता है, जिसमें स्थिति के विशिष्ट ट्रिगर (trigger) की पहचान करने के प्रयास में एक त्वचा "पैच परीक्षण" शामिल हो सकता है।

2. स्किन बायोप्सी (Skin biopsy)

एक्जिमा की बीमारी का पहचान करना कभी-कभी बहुत मुश्किल हो जाता है। दरअसल एक्जिमा के लक्षण कई बार किसी दवा के कारण हुई रिएक्शन या किसी स्किन डिजीज़ के सामान होता है।
ऐसे में स्किन बायोप्सी के दौरान, आपका डॉक्टर प्रभावित त्वचा का एक छोटा सा नमूना निकालकर लैब टेस्ट के लिए भेज सकता है।

और पढ़ें:आयुर्वेद की मदद से करें एक्ज़िमा का इलाज
 

एक्जिमा को ठीक होने में कितना समय लगता है?

How long does eczema last in hindi

ekjima, eczema kyun hota hai, सूखा एक्जिमा

एक्जिमा के प्रकार और उपचार कितना प्रभावी है, इसके आधार पर एक्जिमा के ठीक होने की संभावना होती है। कांटेक्ट डर्माटायटिस आमतौर पर दो से तीन हफ्ते में ठीक हो जाते हैं। अधिकांश स्टैसिस डर्मेटाइटिस को ठीक होने में वर्षों तक लग जाते हैं।

हालांकि आधे से ज़्यादा बच्चे, जिन्हें एटॉपिक डर्माटायटिस की समस्या का सामना करना पड़ा था, वे वयस्क होने के बावजूद इस समस्या से ग्रस्त होते हैं।

और पढ़ें:एंटी-एक्ने डाइट
 

एक्जिमा का इलाज

Treatment for eczema in hindi

eczema kyun hota hai, eczema kya hai, ekjima, सूखा एक्जिमा

एक्जिमा की समस्या से पूरी तरह से राहत देने के लिए अब तक कोई उपचार या ट्रीटमेंट मौजूद नहीं है लेकिन एक्जिमा के लक्षणों से राहत देने के लिए डॉक्टर कुछ दवाओं या एक्जिमा के लिए क्रीम प्रेस्क्राइब कर सकते हैं।

डॉक्टर द्वारा एक्जिमा के लक्षणों का इलाज करने वाली दवा : -

1. टोपिकल कॉर्टिकोस्टेरॉइड क्रीम और जेल (Topical corticosteroid creams and ointments)

ये एक तरह की एंटी-इंफ्लेमेटरी दवा है, जो एक्जिमा के लक्षणों से राहत देने के लिए दी जाती है, जैसे त्वचा पर हुई सूजन और खुजली। इसे सीधे स्किन पर लगाया जाता है।

2. सिस्टेमेटिक कॉर्टिकोस्टेरॉइड (Systemic corticosteroids)

अगर स्किन पर क्रीम या जेल लगाने से राहत नहीं मिलती है तो डॉक्टर सिस्टेमेटिक कॉर्टिकोस्टेरॉइड की सलाह देते हैं। ये इंजेक्शन या टेबलेट के रूप में रूप में लिया जाता है। इनका इस्तेमाल केवल कुछ समय के लिए किया जाता है।

3. एंटीबायोटिक्स (Antibiotics)

अगर एक्जिमा बैक्टीरियल स्किन इन्फेक्शन के साथ होता है तो डॉक्टर एंटीबायोटिक्स की सलाह देते हैं।

4. एंटीवायरल और एंटीफंगल दवाइयां (Antiviral and antifungal medications)

इनका इस्तेमाल फंगल और वायरल इन्फेक्शन को ठीक करने के लिए किया जाता है।

5. एंटीथिस्टेमाइंस (Antihistamines)

अगर आपको रात में झुजलि बहुत अधिक होती है तो उससे राहत देने के लिए और अच्छी नींद के लिए इसकी सलाह की दी जाती है।

6. बैरियर रिपेयर मॉइस्चराइज़र (Barrier repair moisturizers)

ये पानी की कमी को कम करते हैं और त्वचा को ठीक करने का काम करते हैं।

7. फोटोथेरेपी (Phototherapy)

इसे लाइट थेरेपी भी कहा जाता है, जिसमें एक स्पेशल तरह की लाइट का इस्तेमाल किया जाता है। ये कांटेक्ट डर्मेटाइटिस (contact dermatitis), एटोपिक डर्मेटाइटिस (atopic dermatitis), नमम्युलर एक्जिमा (nummular eczema) डायसेरोटिक एक्जिमा (dyshidrotic eczema) और सेब्रिक डर्मेटाइटिस (seborrheic dermatitis) के लिए प्रेस्क्राइब किए जाते हैं। एक्जिमा के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली सबसे सामान्य तरह की फोटोथैरेपी में नैरोबैंड अल्ट्रावायलेट बी (UVB) लाइट होता है।

जबकि कोई इलाज मौजूद नहीं है, ऐसे में ओवर-द-काउंटर क्रीम और दवाएं, सूजन को कम करने में मदद कर सकती हैं।

और पढ़ें:एक्जिमा के कारण, लक्षण, प्रकार और उपचार
 

एक्जिमा से बचाव के लिए बरतें सावधानी, इन खाद्य-पदार्थों के सेवन से बचे

Foods to avoid in eczema in hindi

सूखा एक्जिमा, eczema kyun hota hai, eczema kya hai

कुछ मामलों में देखा जाता है किसी खास पदार्थ के सेवन के लगभग 6-24 घंटे के अंदर रिएक्शन दिखना शुरू हो जाता है। कभी-कभी रिएक्शन दिखने में अधिक समय भी लग सकता है। ऐसे में डॉक्टर आपको उन खाद्य-पदार्थों के सेवन से बचने की सलाह देंगे जिसके कारण एक्जिमा की समस्या पैदा हुई है। ऐसे कई खाद्य-पदार्थ हैं, जो अक्सर स्किन के लिए समस्या का कारण बन सकते हैं या फिर जिनके सेवन से एक्जिमा की समस्या हो सकती है।

एक्जिमा से बचाव करने के लिए निम्नलिखित खाद्य-पदार्थों के सेवन से बचें : -

  • खट्टे फल
  • डेयरी प्रोडक्ट
  • अंडे
  • ग्लूटेन या गेहूं
  • सोया
  • मसाले, जैसे लौंग और दालचीनी
  • टमाटर
  • कुछ प्रकार के नट

जो लोग डिशहाईड्रोटिक एक्जिमा (dyshydrotic eczema) से पीड़ित हैं, उन्हें निम्नलिखित खाद्य-पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए:

  • चॉकलेट
  • ब्लैक टी
  • बीन्स
  • शेल फिश
  • सोयाबीन्स
  • नट्स
  • मसूर

कुछ कारक एक्जिमा होने की संभावनाओं को बढ़ाते हैं। इसलिए, आपको इसे रोकने के लिए सावधानी बरतने की आवश्यकता है। ऐसे में उपयुक्त खाद्य-पदार्थों के सेवन से आपको बचना चाहिए।

और पढ़ें:एक्जिमा के लिए नीम का तेल (neem ka tel)
 

निष्कर्ष

Conclusionin hindi

Nishkarsh

अगर किसी व्यक्ति को त्वचा पर लगातार खुजली हो रही हो या स्किन सेंसिटिव हो जाये, तो समझिये कि उस व्यक्ति को एक्जिमा की समस्या है। ऐसे में इससे जुड़े कारणों और लक्षणों के बारे में जानकारी बहुत ज़रूरी है क्योंकि तभी आप इससे छुटकारा पा सकते हैं।

क्या यह लेख सहायक था? हां कहने के लिए दिल पर क्लिक करें

अक्सर पूछे गए प्रश्न

सभी प्रश्न बंद करें

What is C-section delivery?

Cesarean delivery is also known as C-section. This is a technique of delivery in which the baby is born through a medical and surgical procedure.

When is C-section delivery done?

Cesarean delivery is done for many reasons, such as:

  • If the lady had her first delivery through c-section
  • If the baby is in Breech position
  • If the baby is too big
  • If the pregnant lady has heart disease, diabetes, high blood pressure or a kidney disorder
  • If the amniotic fluid is less
  • If the mother has been in labour for longer than 12 hours and the baby’s heartbeat is slowing down
  • If the mother is pregnant with twins or triplets
  • If the mother experiences placenta problems along with labour pain

In all these conditions, normal delivery is dangerous for both the child and the mother.

How should I prepare for Cesarean operation delivery?

To a great extent, the preparation for C-section delivery is similar to preparation for normal delivery.

You will have to prepare a bag for the hospital and make a post-birth plan for the baby. Your doctor will also discuss pain management options with you before time.

If it is a scheduled c-section, then you will be prohibited from eating the night before the operation. Usually, before beginning the treatment, your doctor asks you to sign a consent form.

Can I eat something before the surgery?

No. 8 hours before the surgery, the doctors will strictly prohibit you from eating anything.

What will happen during the C-section delivery?

During the surgery, first, you will be prepared medically, hydrated with IV Fluid, and cleaned with an antiseptic solution.

In special circumstances, an epidural or spinal anaesthetic can be given, although, in normal circumstances, general anaesthesia will be given.

During the process, the doctors put a horizontal cut between your abdomen and uterus and cuts the umbilical cord after taking the baby out.

After this, your baby’s health checkup is done, your placenta is removed, and the incisions on your uterine and abdominal incisions are stitched up.

Would I be conscious during the C-section?

If it is a planned Cesarean delivery, then you will be given an epidural or spinal anaesthesia, and you will be conscious during the operation.

But in case of an emergency Cesarean delivery, the mother can be given general anaesthesia, in which case you won’t be conscious. This is done to make the C-section quicker and safer.

How much time does a cesarean operation delivery take?

It’s different for different women. The birth of the baby through Cesarean delivery takes 15-20 minutes, apart from this, the entire process of surgery takes 45 minutes.

Will my baby be with me after the Cesarean delivery process is completed?

To a great extent, this depends on hospital policies. Although usually, you can see your baby after its birth, during this time the hospital staff are checking the heartbeat of your baby along with its colour, temperature.

After this, the baby is kept under observation in the recovery room for many hours.

Despite this, you can hold your baby in your arms, try to breastfeed it, and enjoy skin-to-skin contact with it.

Can I breastfeed after getting a C-section delivery?

Breastfeeding after Cesarean delivery is very much like breastfeeding after normal delivery. You can do it provided both you and your baby are healthy.

How long will the recovery take after the C-section delivery?

Although this depends on your health and condition, it takes longer to recover from a Cesarean operation delivery as compared to a normal one.

On average, it can take between 4-6 weeks to recover from a Cesarean delivery.

Is there any risk in C-section delivery?

Cesarean delivery is a big surgery, it has a few complications. You doctor will tell you about the risks and their treatment in detail.

How can Zealthy help me in the context of C-section delivery? Do you provide services for both types of delivery?

Yes, along with C-section we provide facilities for all types of deliveries. Not only does Zealthy help you in selecting a hospital equipped with advanced equipment and techniques and an experienced doctor for Cesarean delivery, but it also helps you find the right and most transparent cost of the treatment.

Apart from this, our assistants provide you with 24*7 assistance for any other health concerns you might experience during the treatment.

आर्टिकल की आख़िरी अपडेट तिथि: : 06 Nov 2020

हमारे ब्लॉग के भीतर और अधिक अन्वेषण करें

लेटेस्ट

श्रेणियाँ

फेशियल हेयर लाइट करने के सरल तरीके

फेशियल हेयर लाइट करने के सरल तरीके

संवेदनशील त्वचा के लिए स्कीन केयर प्रोडक्ट्स

संवेदनशील त्वचा के लिए स्कीन केयर प्रोडक्ट्स

नाक पर काले धब्बे से छुटकारा पाने के तरीके

नाक पर काले धब्बे से छुटकारा पाने के तरीके

ब्लैकहेड्स के लिए सबसे अच्छा स्क्रब

ब्लैकहेड्स के लिए सबसे अच्छा स्क्रब

स्किन एलर्जी ट्रीटमेंट के लिए हल्दी का उपयोग कैसे करें

स्किन एलर्जी ट्रीटमेंट के लिए हल्दी का उपयोग कैसे करें
balance

सम्बंधित आर्टिकल्स

article lazy ad