Eczema ke baare mein jaaniye

एक्ज़िमा

Eczema in hindi

एक्ज़िमा एक स्किन डिसऑर्डर (disorder) है। जो शरीर के किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकती है, और इस कारण त्वचा पर खुजली और लाल चकत्ते (rashes) हो जाते हैं।

ये बीमारी शिशुओं में काफी प्रचलित है।

अगर आपको एक्ज़िमा होता है तो ये इस बात को भी दर्शाता है कि आपका इम्यून सिस्टम कमज़ोर है

एक्ज़िमा को मूल रूप से तीव्र खुजली के रूप में जाना जाता है, जिसमें कभी-कभी खून निकल आता है और त्वचा को क्षति होती है।

हालांकि कई लोगों की एक्ज़िमा की समस्या जल्दी ठीक हो जाती है तो वहीं कुछ लोगों को ये समस्या उम्र भर परेशान करती है।

एक्ज़िमा और सोरायसिस में क्या अंतर है

What is the difference between Eczema and Psoriasis in hindi

Eczema aur psoriasis me kya antar hai in hindi

एक्ज़िमा बचपन से जुड़ा डिसऑर्डर होता है, जो कोहनी (elbow) और घुटनों (knee) के पीछे लाल खुजली वाले चकत्ते (rashes) का कारण बनता है।

गंभीर होने पर चेहरा प्रभावित होता है। एक्जिमा के कारण त्वचा लाल, सूखी और क्रैक होने लगती है।

वहीं सोरायसिस (Psoriasis) एक जीवन भर चलने वाला इम्यून डिसऑर्डर (Immune disorder) है, जो त्वचा पर चकत्ते और अन्य लक्षणों को विकसित करता है।

सोरायसिस शरीर पर कहीं भी त्वचा पर हो सकता है। हालांकि ये अक्सर घुटनों, कोहनी या स्कैल्प (scalp) पर दाने के रूप में होता है, जिसपर खुजली और दर्द हो सकता।

सोरायसिस मोटी लाल या सफेद पैच का कारण बनता है जो सिल्वर रंग और खुरदरा भी दिखाई दे सकता है।

एक्ज़िमा के प्रकार

Types of eczema in hindi

Eczema ke prakaar in hindi

एक्ज़िमा के लक्षण हर व्यक्ति पर अलग-अलग तरह के होते है।

इसके साथ ही इसके प्रभावी उपचार भी आमतौर पर अलग-अलग होते हैं और ये इस बात पर निर्भर करता है कि आपको किस टाइप का एक्ज़िमा हुआ है।

ऐसे में हम आपको यहां एक्ज़िमा के कुछ प्रकार से अवगत कराने जा रहे हैं।

आईये जानते हैं एक्ज़िमा के प्रकार के बारें में:

  1. एटॉपिक एक्ज़िमा (Atopic Eczema)

    एक्जिमा (Eczema) का सबसे कॉमन टाइप है एटोपिक डर्माटाइटिस है।

    ये उन लोगों को होता जिन्हे पहले से तेज़ बुखार और अस्थमा (Asthma) की समस्या होती है।

    एटोपिक डर्माटाइटिस ज़्यादातर बचपन में होता है लेकिन किसी भी उम्र में लोगों आपको परेशान कर सकता है।

    इसके कारण स्किन पर दाने हो जाते हैं जो अक्सर आपके कोहनी या घुटनों पर होते हैं।

    वहीं बच्चों को अक्सर उनके स्कैल्प और गालों पर दाने निकल आते हैं

  2. कॉन्टेक्ट एक्जिमा (Contact Dermatitis)

    कॉन्टेक्ट डर्माटाइटिस में किसी चीज़ के बार-बार सम्पर्क में आने से शरीर का इम्यून सिस्टम (immune system) सक्रिय हो जाता है और ये त्वचा में सूजन पैदा करती है।

    जब त्वचा को किसी चीज़ या पदार्थ के संपर्क में आने से नुकसान पहुंचता है तो इस प्रकार का एक्ज़िमा हो सकता है।

    इससे आपकी स्किन पर फफोले हो सकते हैं जो कभी भी फट सकते हैं।

    इसके साथ ही स्किन पर खुजली, लालिमा और जलन की समस्या हो सकती है

  3. डिस्कॉइड एक्ज़िमा (Discoid Dermatitis)

    ये एक्ज़िमा छोटे घाव के रूप में बाजुएं, टांगों, और छाती पर होता है। वयस्कों (adults) में इस टाइप के एक्ज़िमा होने की संभावना अधिक होती है।

    ये एटॉपिक एक्ज़िमा के साथ-साथ कुछ रेयर मामलों में एलर्जिक कॉन्टेक्ट डर्माटाईटिस (Allergic contact dermatitis) से भी संबंधित हो सकता है।

    वहीं कुछ मामलों में ये एथलीटस फुट (Athletes foot) नामक, एक फंगस इन्फेक्शन (Fungus infection) की एलर्जिक रिएक्शन से भी सम्बंधित होता है।

  4. सेबोरहोइक एक्जिमा (Seborrhoeic Dermatitis)

    एक आम त्वचा की स्थिति है जो मुख्य रूप से आपकी स्कैल्प (scalp) को प्रभावित करती है।

    यह पपड़ीदार पैच, लाल त्वचा और जिद्दी रूसी का कारण बनता है।

    सेबोरहाइक डर्मेटाइटिस शरीर के तैलीय क्षेत्रों को भी प्रभावित कर सकता है- जैसे चेहरा, नाक के किनारे, भौं, कान, पलकें और छाती।

  5. नुम्मूलर एक्जिमा (Nummular Dermatitis)

    नुम्मूलर डर्मेटाइटिस में सिक्के के आकार के लाल निशान बनते है।

    इस एक्जिमा की स्थिति से अक्सर पीठ का निचला हिस्सा, पैर, बांह की कलाई (Forearms), हाथ के पीछे का हिस्सा और कमर प्रभावित होता है

एक्ज़िमा के लक्षण

Symptoms of eczema in hindi

Eczema ke lakshan in hindi

पिछले कुछ दशकों में पर्यावरण और वातावरण में आए बदलावों के कारण भी कुछ लोगों को एक्ज़िमा की शिकायत होने लगी है।

आईये जानते हैं एक्ज़िमा के लक्षणों के बारे में:

  1. एक्ज़िमा प्रभावित हिस्से में बहुत ज़्यादा खुजली होना।

  2. त्वचा पर गांठ या छाले होना।

  3. हाथ का लाल हो जाना और वहां पर खुजली होना।

  4. पैरों में दर्द और भारीपन का भी एहसास होना।

  5. त्वचा का ड्राई और सेंसिटिव हो जाना।

  6. त्वचा पर फफोले (blisters) होना।

  7. त्वचा का पपड़ीदार हो जाना।

एक्ज़िमा होने के कारण

Causes of eczema in hindi

Eczema hone ke karan in hindi

हेल्दी स्किन, मॉइस्चर बनाए रखने में मदद करती है और साथ ही शरीर को बैक्टीरिया (bacteria), उत्तेजक पदार्थ और एलर्जेंस (allergens) से बचाती है।

एक्जिमा एक ऐसी समस्या है, जो त्वचा की पर्यावरणीय कारकों (envoirnmental factors), उत्तेजित करने वाले पदार्थ और एलर्जी से बचने की क्षमता को प्रभावित करता है।

आईये जानते हैं की किन कारणों से एक्ज़िमा की समस्या होती है:

  1. अनुवांशिक (Genetic)

    एक्ज़िमा (Eczema) एक जेनेटिक डिसीज़ माना जाता है, जो एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को प्रभावित कर सकता है।

  2. पर्यावरणीय वातावरण (Envoirnment)

    पर्यावरणीय बदलावों के कारण भी कुछ लोगों को एक्ज़िमा की समस्या हो सकती है

  3. सूक्ष्मजीव (Microorganisms)

    इनमें स्टेफिलोकोकस ऑरियस (Staphylococcus aureus), वायरस (virus) और कुछ फंगस (fungus) जैसे बैक्टीरिया शामिल हैं।

  4. उत्तेजक पदार्थ (Stimulants)

    इनमें फल, मांस या सब्जियों के रस के अलावा साबुन (soap), शैंपू (shampoo), सर्फ (detergents) और कीटाणुशोधक (insecticide)शामिल हैं।

    ये पदार्थ एक्जिमा को उत्तेजित कर सकते हैं।

एक्ज़िमा का परिक्षण

Diagnosis of eczema in hindi

Eczema ka parikshan in hindi

एक्ज़िमा का पता लगाने के लिए डॉक्टर मरीज़ की कई टेस्ट कर सकते हैं।

दरअसल समय के साथ एक्ज़िमा के लक्षण बदलते रहते हैं, ऐसे में कई तरह के टेस्ट करने की ज़रूरत होती है।

मरीज़ के सिम्पटम्स को देखकर और उनकी मेडिकल हिस्ट्री (medical history) को भी जानना ज़रूरी होता है।

डॉक्टर इस तरह के प्रश्न पूछ सकते हैं:

  1. लक्षण कब शुरू हुए?

  2. क्या दाने से आपको खुजली होती है और ये खुजली आपको कितना परेशान करती है?

  3. क्या दाने बढ़ जाते हैं?

  4. क्या आपके यहां एटोपिक एक्जिमा से जुड़ा कोई पारिवारिक इतिहास (Family history) है?

इसके बाद आपका डॉक्टर आपको कुछ टेस्ट कराने को कह सकता है।

वैसे तो एक्ज़िमा के इलाज के लिए कोई एक परीक्षण नहीं है, डॉक्टर आपको नीचे दिए गए टेस्ट कराने को कह सकता है।

  1. स्किन पैच टेस्ट (Skin patch test)

    अगर एक्ज़िमा, एलर्जी के कारण होने का संदेह है, तो डॉक्टर एलर्जी परीक्षण कर सकता है, जिसमें स्थिति के विशिष्ट ट्रिगर (trigger) की पहचान करने के प्रयास में एक त्वचा "पैच परीक्षण" शामिल हो सकता है।

  2. स्किन बायोप्सी (Skin biopsy)

    एक्ज़िमा की बीमारी का पहचान करना कभी-कभी बहुत मुश्किल हो जाता है। दरअसल एक्ज़िमा के लक्षण कई बार किसी दवा के कारण हुई रिएक्शन या किसी स्किन डिजीज़ के सामान होता है।

    ऐसे में स्किन बायोप्सी के दौरान, आपका डॉक्टर प्रभावित त्वचा का एक छोटा सा नमूना निकालकर लैब टेस्ट के लिए भेज सकता है।

एक्ज़िमा का इलाज

Eczema treatment in hindi

Eczema ka ilaj in hindi

अधिकांश लोगों में इस बीमारी के सिम्पटम्स को कंट्रोल करने के लिए सही उपचार या ट्रीटमेंट से फायदा हो सकता है लेकिन सीरियस एक्ज़िमा कंडीशन को कण्ट्रोल कर पाना मुश्किल होता है।

ऐसे में डॉक्‍टर से सलाह-मशवरा करके उपचार की और रूख करने से फायदा होता है।

हालांकि इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि एक्ज़िमा की बीमारी से जुड़ा कोई इलाज नहीं है।

साथ ही इस बात का भी पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि आखिर किस तत्‍व के कारण स्किन सेंसिटिव हुई है।

ऐसी स्थिति में त्वचा की देखभाल से जुड़े उपाय आपके लिए कारगर साबित हो सकते हैं।

  1. फ्रेगरेंस-युक्त साबुन, कपड़े धोने के लिए इस्तेमाल किये जाने वाले डिटर्जेंट से स्किन को दूर रखें क्योंकि इससे स्किन पर रिएक्शन हो सकता है।

  2. त्‍नमी बरकरार रखने के लिए स्किन पर माश्‍चराइजर ज़रूर लगाए।

  3. टेम्परेचर (temperature) और नमी (humidity) में अचानक बदलाव भी स्किन के लिए अच्छा नहीं होता है।

  4. स्किन को रगड़ने से बचें।

  5. ढीले-ढाले कपड़े पहनें और एक्ज़िमा को कण्ट्रोल करने के लिए सही और पूरा इलाज करें।

अपने आप को इस समस्या से बचाने और लक्षणों को नियंत्रित करने के लिए कुछ उपाय कर सकते हैं।

अपनी जीवन शैली में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव करके एक्ज़िमा की समस्या से निजात पाया जा सकता है।

सारांश

अगर किसी व्यक्ति को त्वचा पर लगातर खुजली हो रही हो या स्किन सेंसिटिव हो जाये, तो समझिये कि उस व्यक्ति को एक्ज़िमा की समस्या है।

ऐसे में इससे जुड़े कारणों और लक्षणों के बारें में जानकारी बहुत ज़रूरी है क्योंकि तभी आप इससे छुटकारा पा सकते हैं।

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