dark circles in hindi

डार्क सर्कल्स

Dark circles in hindi

 

कुछ लोगों के आंखों के नीचे की त्वचा का रंग बदल जाता है और उसमें कालापन आने लगता है।

इसे आंखों का काला घेरा (Peri-orbital dark circles या केवल 'dark circles') कहते हैं।

यह समस्या लड़कियों में विशेष रूप से होती है।

आंखों के नीचे काले घेरे यूं तो शरीर में कई तरह की कमज़ोरी का परिणाम है, लेकिन तेज़ रफ्तार जीवन, अनियमित जीवन शैली, तनाव और प्रदूषण के चलते इन दिनों छोटे-छोटे बच्चे डार्क सर्कल की समस्या से पीड़ित है।

 

आंखों के नीचे काले घेरे होने के लक्षण

Symptoms of dark circles in hindi

Aankon ke neeche kaale ghere hone ke lakshan in hindi

Symptoms of dark circles

आंखें चेहरे की खूबसूरती का एक अहम हिस्सा हैं।

कई लोगों की आंखें बहुत खूबसूरत होती हैं लेकिन इनका ठीक से खयाल न रखने से इनके आसपास काले घेरे हो जाते हैं, जिन्हें डार्क सर्कल्स कहते हैं।

आईये जानते हैं कि डार्क सर्कल्स के लक्षण क्या होते हैं:

  1. आंखों के नीचे की स्किन का रंग कला हो जाना।
  2. आंखों के नीचे की स्किन का ढीला पड़ जाना।
  3. चेहरा बीमार सा लगना।
  4. आंखों के नीचे की नसों का नीले रंग का हो जाना।
  5. उम्र से पहले चेहरे का उम्रदराज़ लगना।
 

डार्क सर्कल्स होने के कारण

Causes of dark circles in hindi

Dark circles hone ke karan in hindi

Causes of dark circles in hindi

आंखों के नीचे काले घेरे की समस्या कई कारणों से हो सकती है। कई बार बढ़ती उम्र के कारण और कई बार आपकी कुछ गलतियों के कारण आपके आंखों के नीचे काले घेरे हो जाते हैं।

किन-किन कारणों से आंखों के नीचे काले घेरे हो जाते हैं:

  1. आनुवंशिकता (Genetic reason)

    जेनेटिक्स काले घेरे का सबसे आम और प्रचलित कारण है। आनुवांशिकता कारणों से भी काले घेरे की समस्या हो सकती है। आंखों के नीचे काले घेरे जेनेटिक कारणों से भी हो सकती है जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी परिवार में चलती रही हो। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि त्वचा की पारदर्शिता के कारण ब्लड वेसल्स दिखती हैं इनमें होकर गुजरता रक्त इसे नीला रंग प्रदान करता है। अनेक मामलों में त्वचा की ये बनावट आनुवंशिक कारणों से होती है।

  2. एजिंग के साथ त्वचा का पतला होना

    उम्र बढ़ने की प्रक्रिया त्वचा के पतले होने का कारण बनती है क्योंकि कोलेजन (collagen) का उत्पादन कम हो जाता है और त्वचा की कोमलता खो जाती है। त्वचा के पतले होने पर त्वचा के नीचे लाल-नीली रक्त वाहिकाओं (Blood vessels) दिखाई देने लगती है। त्वचा के नीचे की ब्लड वेसल्स इस डिस्ककलरेशन (Dicolouration) का कारण बनती हैं।

  3. कोलेजेन की कमी

    आंखों के नीचे की त्वचा काफी पतली व संवेदनशील होती है। उम्र के बढ़ने के साथ कोलेजेन के कम बनने के कारण कई बार त्वचा पतली होने लगती है और त्वचा की कसावट खो जाती है। त्वचा के इस तरह पतले हो जाने से आंखों के नीचे लालिमा लिये हुए नीली रक्त वाहिनियां दिखने लगती हैं। त्वचा के नीचे की ब्लड वेसल्स ही काले घेरे की वजह बनती हैं।

  4. सूरज के संपर्क के कारण

    सन एक्सपोज़र आपकी आंखों के नीचे की त्वचा को आसानी से काला कर देता है क्योंकि यह पतली और नाजुक होती है और इसपर नुकसान होने का खतरा अधिक रहता है। ये आपके शरीर में मेलेनिन उत्पादन (Melanin production) को भी बढ़ाता है, जिस कारण डार्क सर्कल्स दिखने लगते हैं।

  5. दवाएं

    कई दवाएं जिनसे ब्लड वेसल्स चौड़ी हो जाती हैं, वो भी काले घेरों का कारण बन सकता हैं।

  6. एनीमिया

    आहार में पोषक तत्वों की कमी एवं संतुलित आहार की कमी भी आंखों के नीचे के क्षेत्र के कालेपन का कारण बन सकता हैं। सामान्यता ये माना जाता है कि आयरन (Iron) की कमी (हमारे शरीर में) काले घेरे का कारण बन सकता हैं। एनीमिया (Anaemia) का सबसे आम प्रकारों में आयरन का कमी होना हैं और ये इस बात की ओर संकेत करता हैं कि शरीर के टिश्यू (Tissues) को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन (Oxygen) नहीं प्राप्त हो रही है। इस वजह से डार्क सर्कल्स हो जाते हैं।

  7. हीमोग्‍लोबिन की कमी

    जिन महिलाओं में हीमोग्‍लोबिन का स्‍तर 10 से कम होता है उनमें आंखों के नीचे काले घेरे होने की संभावना अधिक होती है। अगर हीमोग्लोबिन का स्तर दवा व आहार से नियंत्रित कर लिया जाए, तो काले घेरे की समस्या स्वयं चली जाती है।

  8. थकान

    नींद की कमी त्वचा के पीलेपन का कारण बन सकता हैं एवं इसके चलते त्वचा के नीचे बहने वाला खून ब्लू या काला रंग का दिखाई पड़ता हैं। जिस कारण आंखों के नीचे काले घेरे की समस्या होनी शुरू हो जाती है।

  9. गलत आदतें

    अल्कोहल का सेवन करने से ब्लड वेसल्स (Blood vessels) कमज़ोर हो जाती हैं, जिससे आंखों के नीचे काले घेरे हो जाते हैं और यहां तक कि उन्हें प्रमुख बना देते हैं। इसी तरह का प्रभाव स्मोकिंग (Smoking) करने से भी पड़ता है। स्मोकिंग या धूम्रपान करने से काले घेरे और भी ज़्यादा दिखाई देने लगते हैं क्योंकि निकोटीन (Nicotine) आपके नींद के पैटर्न को बाधित करता है और आंखों के नीचे सूजन का भी कारण बनता है।

  10. पोषण की कमी

    आयरन की कमी का मतलब है कि सेल्स को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पा रहा है जिसकी वजह से आंखों के आसपास कालापन आ रहा है। जो लोग एनीमिया के शिकार होते हैं और शरीर में आयरन की मात्रा बहुत कम होती है उनके आंखों के नीचे की त्वचा बेजान हो जाती है।

  11. नींद की कमी

    नींद की कमी से आपके चेहरे में अपर्याप्त (Inadequate) ब्लड सर्कुलेशन (blood circulation) हो जाता है और आपके ब्लड वेसल्स (blood-vessels) को पतला कर देता है, जिससे काले घेरे हो जाते हैं।

 

 

डार्क सर्कल्स का इलाज

Dark Circles Treatment in hindi

aankhon ke neeche Dark circles ka ilaj in hindi

Dark Circles Treatment in hindi

यहां हम आपको डार्क सर्कल्स के कुछ इलाज बता रहे हैं, जिसके बारे में आप अपने डॉक्टर से बात कर सकते हैं।

  1. केमिकल यानी रासायनिक पीलिंग (Chemical peeling)

    आजकल त्वचा की खूबसूरती को बढ़ाने के लिए कई तरह के तकनीक आ चुकी हैं।

    केमिकल यानी रासायनिक पीलिंग (chemical peeling) उन्हीं में से एक है।

    इस विधि का उपयोग दाग-धब्बों, झाइयों, झुर्रियों और यहां तक कि डार्क सर्कल को ठीक करने के लिए भी किया जा सकता है।

    इसमें रासायनिक पदार्थों का उपयोग किया जाता है। इसके जरिए त्वचा पर बिना किसी कट या चीरा के इलाज किया जा सकता है।

  2. इंटेंस पल्स लाइट ट्रीटमेंट (Intense Pulsed Light treatment)

    ये ट्रीटमेंट त्वचा विषेशज्ञों द्वारा की जाने वाली तकनीक है, जिसमें किसी भी सर्जरी की जरूरत नहीं होती है।

    इस तकनीक के ज़रिये चेहरे के अनचाहे बालों को हटाने, सूर्य की हानिकारक किरणों से त्वचा को हुए नुकसान को ठीक करने, दाग-धब्बों को हटाने, त्वचा की रंगत को हल्का करने और कई अन्य त्वचा संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए किया जाता है।

    ये प्रक्रिया थोड़ी बहुत लेज़र उपचार से मिलती-जुलती होती है, क्योंकि दोनों में ही लाइट का उपयोग किया जाता है।

  3. लेज़र ट्रीटमेंट (Laser treatment)

    लेज़र ट्रीटमेंट में आपके आंखों की नीचे की त्वचा पर इलाज किया जाता है।

    ये भी दाग-धब्बों, डार्क सर्कल, अनचाहे बाल और कई त्वचा संबंधी परेशानियों से निजात पाने के लिए किया जाता है।

    इस उपचार के बाद आपके आंखों के नीचे की त्वचा कोमल और मुलायम तो हो ही जाती है और साथ ही त्वचा की रंगत भी निखरने लगती है।

  4. सर्जरी

    ये जानकर आप हैरान हो जायेंगे, लेकिन काले घेरे हटाने के उपाय के लिए सर्जरी भी की जाती है।

    डार्क सर्कल्स या पफी आइज़ यानी आंखों के नीचे की वसा (Fat) को हटाने के लिए आंखों की सर्जरी को ब्लेफेरोप्लास्टी (Blepharoplasty) या आईलिड सर्जरी (Eyelid surgery) के रूप में जाना जाता है।

    इसे प्लास्टिक सर्जन द्वारा किया जाता है।

आपकी त्वचा इस बात का प्रतिबिंब है कि आपकी डाइट कैसी है, इसलिए अपने आहार में ज्यादा से ज्यादा हेल्दी चीजों को शामिल करें।

ऐसे चीजों का सेवन करें, जो आपको पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व  हो जैसे – विटामिन्स, मिनरल्स, आयरन व प्रोटीन।

इसके अलावा तनाव मुक्त रहें और 7-8 घंटे की नींद ज़रूर लें।

 

सारांश

आंखों के नीचे काले घेरे होने से न सिर्फ चेहरे की खूबसूरती कम होने लगती है, बल्कि व्यक्तित्व पर भी असर पड़ता है।

ऐसे में इसके लक्षणों और कारणों को समझकर उसे ठीक करने की कोशिश करें।