गर्भावस्था में साइटोमेगालोवायरस: कारण, लक्षण और उपचार

CMV virus or cytomegalovirus in pregnancy - causes, symptoms and treatment in hindi

Pregnancy ke dauran cytomegalovirus (CMV) infection ke karan, symptoms aur treatment in hindi


Introduction

_Pregnancy_ke_dauran_cytomegalovirus__CMV__infection_ke_karan__symptoms_aur_treatment_in_hindi

साइटोमेगालोवायरस (cmv virus) एक सामान्य वायरस है जो किसी को भी संक्रमित कर सकता है।

एक बार यदि कोई इस वायरस से संक्रमित हो जाए तो फिर पूरे जीवन के लिए उसके शरीर में यह वायरस मौजूद रह सकता है।

ज्यादातर लोग इस वायरस से संक्रमित होने के बाद भी शरीर में इसकी मौजूदगी से अनजान रहते हैं क्योंकि यह स्वस्थ लोगों में सामान्यत: समस्याएं पैदा नहीं करता है।

लेकिन अगर आप गर्भवती हैं या आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली (immune system) कमजोर है, तो सीएमवी चिंता का कारण हो सकती है।

गर्भावस्था के दौरान सीएमवी (साइटोमेगालोवायरस) संक्रमण से ग्रस्त महिला अपने बच्चे को वायरस पास (pass) कर सकती है।

जो लोग अंग प्रत्यारोपण (organ transplantation) से गुज़र चुके हैं, और जिनकी इमम्युनिटी का स्तर कम है, उनके लिए साइटोमेगालो वायरस संक्रमण घातक हो सकता है।

साइटोमेगालोवायरस (cmv virus) शरीर के तरल पदार्थ जैसे रक्त, लार (saliva), मूत्र, वीर्य (sperm) और स्तन के दूध के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है।

इस वायरस का कोई इलाज नहीं है। हालांकि, नवजात शिशुओं और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों का इलाज करने में दवाएं मदद कर सकती हैं। आइये इसके बारे में विस्तार से जानते हैं!

loading image

इस लेख़ में

 

साइटोमेगालोवायरस के लक्षण क्या हैं?

What are cytomegalovirus symptoms in hindi

Cytomegalovirus ke symptoms kya hain in hindi

loading image

साइटोमेगालोवायरस (cmv virus) से संक्रमित ज्यादातर स्वस्थ लोग किसी भी लक्षण का अनुभव नहीं करते हैं।

वो लोग जिन्हें सीएमवी के संकेतों और लक्षणों का अधिक खतरा होता है, उनमें शामिल हैं:

  • जन्म से पहले सीएमवी से संक्रमित नवजात शिशु, जिसे जन्मजात सीएमवी (congenital CMV) के रूप में जाना जाता है।
  • जन्म के दौरान या कुछ ही समय बाद संक्रमित होने वाले शिशु- यह पेरिनेटल सीएमवी (perinatal CMV) कहलाता है।
    स्तन के दूध द्वारा संक्रमित बच्चे इसी समूह में आते हैं।
  • कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोग, उदाहरण के लिए अंग प्रत्यारोपण या एचआईवी (HIV) संक्रमण से पीड़ित व्यक्ति।

इन तीनों समूहों में इस बीमारी के लक्षण भिन्न होते हैं।


साइटोमेगालोवायरस (cmv virus) से संक्रमित नवजात शिशु में पाये जाने वाले लक्षण

जन्मजात सीएमवी वाले अधिकांश शिशु जन्म के समय स्वस्थ दिखाई देते हैं।

ऐसे बच्चों में आगे चलकर समय के साथ सीएमवी के लक्षण विकसित हो सकते हैं।

कभी-कभी जन्म के महीनों या वर्षों बाद भी ये लक्षण दिखाई पड़ सकते हैं।

इन देर से होने वाले संकेतों में सबसे आम बहरापन (hearing loss) और विकास में देरी (developmental delay) है।

कुछ शिशुओं में दृष्टि संबंधी समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं।

जन्मजात साइटोमेगालो वायरस संक्रमण वाले शिशु में निम्न लक्षण दिखाई पड़ सकते हैं:

  • समय से पहले जन्म
  • जन्म के वक़्त शिशु के वजन में कमी
  • पीली त्वचा और आँखें (पीलिया)
  • बढ़ा हुआ और खराब लिवर
  • बैंगनी त्वचा के चकते या/और दाने
  • असामान्य रूप से छोटा सिर (माइक्रोसेफाली)
  • बढ़ा हुआ प्लीहा (Enlarged spleen)
  • निमोनिया
  • सिजर्स (Seizures)

कमजोर इमम्युनिटी वाले लोगों में साइटोमेगालोवायरस (cmv virus) के लक्षण

यदि आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो गई है, तो सीएमवी के लक्षण अधिक गंभीर हो जाते हैं और कई अंगों को प्रभावित करते हैं।

इनमें शामिल है : -

  • आंखें
  • फेफड़े
  • लिवर
  • पेट
  • आंत
  • दिमाग

स्वस्थ वयस्क में साइटोमेगालो वायरस संक्रमण के लक्षण

मेटेर्नल (maternal) सीएमवी संक्रमण अक्सर कोई लक्षण नहीं दिखाता है। प्राथमिक सीएमवी के लक्षण, एप्सटेन बर्र वायरस -ईबीवी (Epstein Barr virus (EBV) नामक संक्रमण से मिलते-जुलते होते हैं।

इन लक्षणों में शामिल हैं :-

  • बुख़ार
  • अस्वस्थता
  • सिरदर्द
  • ग्रसनीशोथ (pharyngitis)
  • लिम्फैडेनोपैथी (lymphadenopathy)
  • हेपेटोस्प्लेनोमेगाली (hepatosplenomegaly)
  • आर्गैरलगिया (arthralgia)
  • दाने (rashes)

ज्यादातर स्वस्थ शरीर वाले लोग सीएमवी से संक्रमित होने पर किसी भी लक्षण का अनुभव नहीं करते हैं।

जो लोग पहली बार संक्रमित होते हैं, उनमें निम्नलिखित लक्षण दिखाई पड़ सकते हैं:

  • थकान
  • बुखार
  • गले में खराश
  • मांसपेशी में दर्द

डॉक्टर को कब दिखाना है (When to see a doctor)

अपने चिकित्सक को दिखाएँ यदि:

आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमज़ोर है और आप सीएमवी संक्रमण के लक्षणों का अनुभव कर रहे हैं।

कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों में सीएमवी संक्रमण गंभीर या घातक भी हो सकता है।

जिन लोगों का स्टेम सेल या ऑर्गन ट्रांसप्लांट हुआ है, उन्हें सबसे ज्यादा खतरा रहता है।

यदि गर्भावस्था के दौरान आपको मोनोन्यूक्लिओसिस (mononucleosis) जैसी बीमारी हो जाती है, तो भी आप सीएमवी के लिए चेक-अप ज़रूर करवा लें।

यदि आप सीएमवी से ग्रस्त हैं, लेकिन अन्यथा स्वस्थ हैं और आप किसी भी हल्की, सामान्य बीमारी से ग्रस्त हो जाते हैं तो मुमकिन है कि आपकी सीएमवी बीमारी फिर से लौट आए।

ऐसे में कुछ छोटे- छोटे उपाय जैसे कि भरपूर आराम करना, संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त होते हैं।

कब आपके बच्चे को डॉक्टर को दिखाना ज़रूरी हो जाता है

यदि आप गर्भावस्था के दौरान सीएमवी से संक्रमित थी, तो अपने बच्चे के डॉक्टर को इस बारे में बताना न भूलें।

ऐसी स्थिति में डॉक्टर को नियमित रूप से आपके बच्चे की सुनने या दृष्टि समस्याओं की जांच करनी चाहिए।

loading image
 

गर्भावस्था में साइटोमेगालोवायरस के कारण क्या हैं?

What are the causes of cmv virus or cytomegalovirus in pregnancy in hindi

Cytomegalovirus ke karan kya hain in hindi

loading image

सीएमवी उन वायरस से संबंधित है जो चिकनपॉक्स (chickenpox), हर्पीज सिम्पलेक्स (herpes simplex) और मोनोन्यूक्लिओसिस (mononucleosis) का कारण बनता है। सीएमवी लंबे समय तक निष्क्रिय रहने के बाद पुन: सक्रिय हो सकता है।

यदि आप स्वस्थ हैं, तो सीएमवी मुख्य रूप से निष्क्रिय रहता है। सक्रियता के दौरान आप अन्य लोगों को यह वायरस पास कर सकते हैं।

साइटोमेगालो वायरस संक्रमण अस्थायी संपर्क के द्वारा नहीं फैलता है। वायरस शरीर के तरल पदार्थों - रक्त, मूत्र, लार, स्तन के दूध, आँसू, वीर्य, योनि द्रव आदि के द्वारा फैलता है।

वायरस निम्न तरीकों से फैल सकता है:

  • यदि आप संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थ के संपर्क में आने के बाद अपनी आंखों/नाक या मुंह के अंदर का भाग छू ले तो आप भी वायरस की चपेट में आ सकते हैं
  • संक्रमित व्यक्ति के साथ यौन संपर्क
  • एक संक्रमित मां का दूध
  • ऑर्गन ट्रांसप्लांट (organ transplant) या रक्त संक्रमण
  • एक संक्रमित मां अपने बच्चे को जन्म से पहले या उसके दौरान वायरस पास कर सकती है आपके बच्चे में वायरस के संचरण का जोखिम तब अधिक होता है जब आपको संक्रमण पहली बार हुआ हो
 

साइटोमेगालोवायरस के जोखिम क्या हैं?

What are the risks associated with cytomegalovirus in hindi

Cytomegalovirus ke kya khatre hain in hindi

loading image

साइटोमेगालो वायरस संक्रमण एक व्यापक और आम वायरस है जो लगभग किसी को भी प्रभावित कर सकता है।

वायरस से ग्रस्त अधिकतर स्वस्थ बच्चों और वयस्कों में कोई लक्षण दिखाई नहीं पड़ते जिसके कारण यह बीमारी आसानी से पकड़ में नहीं आती।

बच्चों में गैर-आनुवांशिक सेन्सिन्यूरल श्रवण हानि (non-genetic sensorineural hearing loss) का सबसे सामान्य कारण सीएमवी है।

रोग सूचक सीएमवी के प्रारंभिक नवजात अवधि (early neonatal period) में 7 से 12% तक मृत्यु दर का जोखिम होता है।

सीएनएस क्षति के कारण गंभीर रोग का खतरा बढ़ जाता है, जिससे न्यूरोडेवलपमेंडल देरी (neurodevelopmental delays), श्रवण हानि और दृष्टि हानि हो सकती है।

विभिन्न लोगों में दिखाई पड़ने वाली सीएमवी संक्रमण की जटिलताएँ इस प्रकार हैं:


1. कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोग


साइटोमेगालोवायरस (cmv virus) संक्रमण की जटिलताओं में शामिल हो सकते हैं:

  • रेटिनाइटिस (retinitis) के कारण दृष्टि हानि
  • कॉलन की सूजन- कोलाइटिस (colitis)
  • यकृत की समस्याएँ जैसे कि हेपेटाइटिस (hepatitis)
  • पाचन तंत्र की समस्याएं
  • मस्तिष्क की सूजन (encephalitis)
  • नर्वस सिस्टम की समस्याएं
  • निमोनिया

2. स्वस्थ वयस्क

कुछ दुर्लभ मामलों में साइटोमेगालो वायरस संक्रमण एक स्वस्थ वयस्क में मोनोन्यूक्लिओसिस का कारण बन सकता है।

स्वस्थ वयस्कों के लिए सीएमवी के अन्य दुर्लभ जटिलताओं में पाचन तंत्र, यकृत, मस्तिष्क और नर्वस सिस्टम की समस्याएं शामिल हैं।


3. जन्मजात सीएमवी

जन्मजात सीएमवी वाले शिशु को होने वाली जटिलताओं में शामिल हैं:

  • बहरापन
  • बौद्धिक अक्षमता
  • नज़रों की समस्या
  • तालमेल की कमी
  • मांसपेशियों में कमज़ोरी या समस्याएं
loading image
 

गर्भावस्था में साइटोमेगालोवायरस का निवारण कैसे करें?

How to prevent cmv virus or cytomegalovirus in pregnancy in hindi

Pregnancy me Cytomegalovirus ki roktham kaise Kare in hindi

loading image

साइटोमेगालोवायरस (cmv virus) की सबसे अच्छी रोकथाम स्वच्छता का ख्याल रखना है। गर्भवती महिलाओं के द्वारा, संक्रमण से बचने के लिए, कुछ सरल स्वच्छता संबंधी सावधानियों का पालन करना महत्वपूर्ण है। इससे आप वायरस से ग्रस्त होने से बच सकती हैं।

आप इन सावधानियों को अपना सकती हैं:

  • 15 से 20 सेकंड के लिए साबुन और पानी का उपयोग कर अपने हाथ दिन में कई बार धोएं, खासकर यदि आपका संपर्क छोटे बच्चों और उनके डायपर, मौखिक स्राव आदि के साथ हो।
  • आँसू और लार के साथ संपर्क से बचने के लिए नवजात बच्चे को न चूमें।
    यदि आप गर्भवती हैं तो यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
  • अन्य लोगों के साथ खाना खाने से बचें और न ही उनके द्वारा इस्तेमाल किए गए ग्लास आदि इस्तेमाल करें।
    रसोई के बर्तनों को साझा करने से सीएमवी वायरस फैल सकता है।
  • डिस्पोजेबल वस्तु जैसे डायपर, टिश्यू और अन्य सामान जो शारीरिक तरल पदार्थ से दूषित हो चुके हों, उन्हें डिसपोस (dispose) करने के बाद अपने हाथों को अच्छी तरह से धो लें।
  • बच्चों के खिलौने, काउंटरटॉप्स (countertops) आदि को हमेशा साफ रखें।
    बच्चों के मूत्र या लार के संपर्क में आने वाली किसी भी सतह को साफ करें।
  • सुरक्षित सेक्स का अभ्यास करें।
    वीर्य और योनि तरल पदार्थों के माध्यम से सीएमवी वायरस न फैलने पाये, इसके लिए सेक्स के दौरान कंडोम का इस्तेमाल करें।
  • यदि आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमज़ोर है, तो सीएमवी को रोकने के लिए आप एंटीवायरल दवा ले सकती हैं।
  • साइटोमेगालोवायरस को रोकने के लिए टीकों (experimental vaccines) का परीक्षण किया जा रहा है।
    ये टीके प्रसव उम्र की महिलाओं और शिशुओं में सीएमवी संक्रमण को रोकने के लिए उपयोगी हो सकते हैं।
 

गर्भावस्था में साइटोमेगालोवायरस का निदान कैसे किया जाता है?

How is cmv virus or cytomegalovirus in pregnancy diagnosed in hindi

CMV ki diagnosis kaise hoti hai in hindi

loading image

अधिकांश साइटोमेगालोवायरस (cmv virus) संक्रमणों का निदान नहीं हो पाता है क्योंकि संक्रमित व्यक्ति में आमतौर पर कोई लक्षण नहीं होते हैं।

फिर भी ब्लड टेस्ट और अन्य शरीर के तरल पदार्थ या ऊतक (tissues) के टेस्ट्स कुछ हद तक सीएमवी वायरस का पता लगा सकते हैं।

एक रक्त परीक्षण बता सकता है कि क्या आपको पिछले किसी संक्रमण से सीएमवी वायरस हुआ है।

यह बहुत मददगार नहीं होता है क्योंकि भविष्य के गर्भधारण में वायरस से पुनः संक्रमित होना फिर भी संभव है।

आपके बच्चे के लिए स्क्रीनिंग और परीक्षण (Screening and testing for your baby)

गर्भवती महिलाओं में यह निर्धारित करने के लिए परीक्षण किया जाना चाहिए कि क्या वे कभी सीएमवी से संक्रमित रह चुकी हैं।

एंटीबॉडी (antibodies) वाली गर्भवती महिलाएं अधिकतर अपने अजन्मे बच्चे को संक्रमित नहीं करती हैं।

जिन महिलाओं में सीएमवी के खिलाफ एंटीबॉडी पायी जाती है, उनमें संक्रमण का खतरा कम रहता है।

गर्भावस्था के दौरान साइटोमेगालोवायरस (cmv virus) का पता लगाने के लिए एक प्रसवपूर्व परीक्षण (एमनियोसेंटेसिस- amniocentesis) यह निर्धारित कर सकता है कि क्या भ्रूण में संक्रमण है।

एमनियोसेंटेसिस में आपके एमनियोटिक द्रव (amniotic fluid) की जांच की जाती है।

एमनियोसेंटेसिस की सिफारिश आमतौर पर तब की जाती है जब सीएमवी के कारण होने वाली असामान्यताएं अल्ट्रासाउंड के दौरान देखी जाती हैं।

यदि आपके डॉक्टर को संदेह है कि आपके बच्चे को जन्मजात सीएमवी है, तो जन्म के पहले तीन हफ्तों के भीतर बच्चे का परीक्षण करना महत्वपूर्ण है।

उसके बाद, परीक्षण गलत हो सकते हैं क्योंकि हो सकता है कि तब तक अन्य लोगों के संपर्क में आने से शिशु को संक्रमण हो गया हो।

यदि आपके बच्चे में सीएमवी है, तो आपके डॉक्टर बच्चे के अंगों जैसे कि यकृत और गुर्दे की जांच करने के लिए अतिरिक्त परीक्षणों की सिफारिश कर सकते हैं।

loading image
 

गर्भावस्था में साइटोमेगालोवायरस का इलाज क्या है?

What is the treatment of cmv virus or cytomegalovirus in pregnancy in hindi

Cytomegalovirus treatment in hindi

loading image

उपचार आमतौर पर स्वस्थ बच्चों और वयस्कों के लिए आवश्यक नहीं है। स्वस्थ वयस्क जो सीएमवी मोनोन्यूक्लिओसिस से ग्रस्त होते हैं, वे आमतौर पर दवा के बिना ठीक हो जाते हैं।

लेकिन नवजात शिशुओं और कमज़ोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों को सीएमवी संक्रमण के लक्षण होने पर उपचार की आवश्यकता होती है। उपचार का प्रकार संकेत और लक्षणों और उनकी गंभीरता पर निर्भर करता है।

साइटोमेगालोवायरस (cmv virus) का सबसे आम उपचार एंटीवायरल दवाएं हैं। वे वायरस के फैलने की प्रक्रिया को धीमा कर सकती हैं, लेकिन इसे खत्म नहीं कर सकतीं।

शोधकर्ता सीएमवी के उपचार और रोकथाम के लिए नई दवाओं और टीकों का अध्ययन कर रहे हैं।

नवीनतम उपचार: रोकथाम के एक तरीके के रूप में सीएमवी हाइपरिम्यून ग्लोब्युलिन- सीएमवी एचआईजी (CMV hyperimmune globulin - CMV HIG) का उपयोग जन्मजात संक्रमित नवजात शिशुओं की संख्या को कम कर सकता है।

क्या यह लेख सहायक था? हां कहने के लिए दिल पर क्लिक करें

आर्टिकल की आख़िरी अपडेट तिथि: : 02 Jun 2020

हमारे ब्लॉग के भीतर और अधिक अन्वेषण करें

लेटेस्ट

श्रेणियाँ

गर्भावस्था में क्लैमाइडिया का उपचार और रोकथाम

गर्भावस्था में क्लैमाइडिया का उपचार और रोकथाम

प्रेगनेंसी के दौरान फ्लू

प्रेगनेंसी के दौरान फ्लू

बैक्टीरियल वेजिनोसिस के कारण, लक्षण और उपचार

बैक्टीरियल वेजिनोसिस के कारण, लक्षण और उपचार

गर्भावस्था के दौरान यूरिन इन्फेक्शन (यूटीआई)

गर्भावस्था के दौरान यूरिन इन्फेक्शन (यूटीआई)
balance
article lazy ad