Male and female condoms

कंडोम के बारे में जानकारी

Condoms in hindi

mahila aur purush condom ki poori jankari in hindi

 

सदियों से गर्भनिरोध के रूप में सुरक्षित दिनों में सेक्स करने की परंपरा चली आ रही है। लेकिन 16वीं या 17वीं शताब्दी से कंडोम का उपयोग गर्भनिरोधक के रूप में पूरे विश्व में होने लगा है।

हालांकि इसके इतिहास के संबंध में एक मत नहीं है। कुछ लोगों का मानना है कि कंडोम का प्रयोग सबसे पहले स्वीडन में हुआ तो वहीं कुछ इसे फ्रांस की देन मानते हैं।

लेकिन कंडोम की पैदाइश कहीं की भी हो, वर्तमान समय में यह सेक्स करने के लिए सबसे सुरक्षित उपाय माना जाता है।

कंडोम के प्रयोग से न केवल पुरुष का वीर्य (Sperm) महिला की योनि में उपस्थित अंडाशय (Egg) से नहीं मिल पाता है बल्कि सेक्स के समय संचारित हो जाने वाले यौन संचारित रोग (Sexually Transmitted Diseases) से भी बचाव हो जाता है।

 

कंडोम किस सामग्री से बनता है

Material used to manufacture condoms in hindi

condoms kiss cheez se banta hai in hindi

कंडोम का अर्थ यहाँ पुरुष कंडोम से लिया जा रहा है। यह एक प्रकार के पाउच या थैलीनुमा आकार के होते हैं जिन्हें पुरुष सेक्स प्रक्रिया से पहले लिंग (Penis) पर चढ़ा लेते हैं।

इससे सेक्स प्रक्रिया के दौरान पुरुष का वीर्य इस थैली नुमा कंडोम में इकठ्ठा हो जाता है और महिला की योनि में प्रवेश करने से बच जाता है।

पुरुष कंडोम को बनाने के लिए एक विशेष प्रकार के रबड़ जिसे लेटेक्स (latex) कहा जाता है, का प्रयोग किया जाता है।

इसके अलावा यह नरम प्लास्टिक (पोलियोरेथेन, नाइट्रिल या पोलिसोर्प्रेन) मैटीरियल के भी बने होते हैं। इस मैटीरियल से बने कंडोम का प्रयोग वो लोग कर सकते हैं जिन्हें लेटेक्स से एलर्जी नहीं होती है।

 

कंडोम की श्रेणियाँ

Categories of condoms in hindi

condoms ki shreniyaan in hindi

कंडोम, प्रयोग करने वालों के आधार पर दो श्रेणियाँ में बांटा गया है:

  1. पुरुष कंडोम

    पुरुष कंडोम का प्रयोग सेक्स प्रक्रिया से पूर्व पुरुष अपने लिंग को ढकने के लिए करते हैं।

  2. महिला कंडोम

    महिला कंडोम के बारे में हालांकि अभी अधिकतम महिलाओं को जानकारी नहीं है, फिर भी यह महिला स्वतंत्रता की ओर एक और कदम माना जाता है।

    इसे महिलाएं अपनी योनि में रखकर गर्भनिरोध की तरह इस्तेमाल करती हैं।

 

पुरुष कंडोम कितने प्रकार के होते हैं

Types of male condoms in hindi

Purush condom kitne prakar ke hote hai in hindi

Types of male condoms

सामान्य रूप से, पुरुष कंडोम सुरक्षित सेक्स के उपाय के रूप में इस्तेमाल होते है।

लेकिन समय के साथ बदलती तकनीक ने सुरक्षा उपाय को एक आनंददायी खेल में बदलने का भी उपाय कर दिया है।

इसके लिए बाज़ार में पुरुष कंडोम के विभिन्न प्रकार उपलब्ध हैं जो सेक्स में सुरक्षा के साथ ही उन अंतरंग पलों को खुशगवार भी बना देते हैं।

कुछ मुख्य प्रकार के कंडोम इस प्रकार हैं:

  1. अंधेरे में जुगनू बनकर चमकने वाले कंडोम (Glow-in-the-Dark Condoms)
  2. खुशबू देने वाले कंडोम (Flavored Condoms)
  3. आकृति वाले या उभरी आकृति वाले (Studded or Textured Condoms)
  4. गरम कंडोम (Warming Condoms)
  5. प्लेजर शेप वाले कंडोम (Pleasure-Shaped condoms)
  6. रंगीन कंडोम (Colored Condoms)
  7. लुब्रिकेटिड कंडोम (Lubricated Condoms)
  8. किस ऑफ मिंट कंडोम (Kiss of Mint Condoms)
  9. फ्रेंच टिकलर (French Ticklers)
  10. टिंगलिंग कंडोम (Tingling Pleasure Condoms)
  11. खाने लायक कंडोम (Edible Condoms)
  12. लेटेक्स कंडोम (latex Condom)
  13. नॉन-लेटेक्स कंडोम (Non-Latex Condom)
  14. एनहांस्ड परफॉरमेंस कंडोम (Enhanced Performance Condom)

यह सभी प्रकार के कंडोम जैसा इनका नाम है, वैसा ही अनुभव करवाने में सक्षम हैं।

जैसे अंधेरे में चमकने वाले कंडोम, अंधेरे में चमकने लगते हैं। इसी प्रकार गरम कंडोम, सेक्स प्रक्रिया में थोड़ा गर्मी का एहसास देते हुए उत्तेजना को बढ़ाने में सहायक होते हैं।

यह सभी कंडोम पुरुष व महिला की उत्तेजना को बढ़ाकर सेक्स को एक आनंदायी प्रक्रिया बनने में सहयोग करते हैं।

 

पुरुष कंडोम का प्रयोग और निस्तारण कैसे करें

How to use and discard male condoms in hindi

Purush condom ko kaise kare istemal aur kaise feke in hindi

कंडोम को सही तरीके से निकालना, प्रयोग करना और उसके बाद उसको सही तरीके से निस्तारण करना (Dispose-off) बहुत जरूरी काम है।

आपको इस काम में कोई परेशानी न हो, इसके लिए निम्न विधि का प्रयोग करें:

  1. कंडोम को प्रयोग करने के लिए सबसे पहले उसे पैकेट में से बाहर निकाल लें। यह ध्यान रखें कि कंडोम को पैकेट में से निकालने के लिए न तो दांतों का ही इस्तेमाल करें और न किसी अन्य नुकीली वस्तु का प्रयोग करें। ऐसा करने से कंडोम में छेद होने का डर रहता है।

  2. कंडोम को पैकेट में से निकाल कर उत्तेजित लिंग के ऊपरी हिस्से पर रखें।

  3. अगर कंडोम में हवा का बुलबुला दिखाई दे तो उसे अंगूठे और उंगली की सहायता से दबा कर बाहर निकाल दें।

  4. अब कंडोम को बहुत आराम से हाथों की सहायता से रोल करते हुए नीचे की ओर इस तरह ले जाएँ जिससे वह लिंग पर पूरा आ जाये।

  5. अगर किसी कारण से कंडोम लिंग पर पूरा नहीं आ पाता है तब उसे हटाकर नया कंडोम ले लें, क्योंकि एक बार लिंग पर आने के बाद इसे दोबारा प्रयोग नहीं किया जा सकता है।

  6. सेक्स प्रक्रिया के बाद कंडोम को लिंग पर से सावधानी से उतार लें। इस बात का ध्यान रखें कि इसमें जमा हुआ वीर्य किसी भी तरह से बाहर न छलक जाये।

  7. अब इसे किसी कागज में लपेटकर कूड़ेदान में फेंक दें। इसको कभी भी फ्लश में न डालें। ऐसा करने से फ्लश के बंद होने का डर होता है।

अगर दोबार सेक्स प्रक्रिया करनी हो तब नया कंडोम लेना चाहिए। एक बार प्रयोग किया हुआ कंडोम दोबारा इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।

 

महिला कंडोम क्या होते हैं

Overview of female condoms in hindi

Mahila condoms kya hote hai in hindi

Types of female condoms

महिला कंडोम का प्रयोग नारी जगत में सेक्स प्रक्रिया में महिला की निजी स्वतंत्रता का प्रतीक माना जाता है। महिला कंडोम को महिला की योनि में रखा जाता है।

इसका प्रयोग करने की स्थिति में अगर पुरुष साथी कंडोम या अन्य किसी गर्भनिरोधक उपाय का प्रयोग नहीं करता है तब भी महिला को किसी प्रकार का भय नहीं हो सकता है।

हालांकि अभी कुछ एड्वान्स्ड़ (advanced) देशों को छोड़कर अन्य देशों में महिला कंडोम के बारे में जागरूकता अभी नहीं है। लेकिन फिर भी कंडोम बनाने वाली कंपनियाँ इस ओर भी ध्यान दे रही हैं।

महिला कंडोम का उद्देशय पुरुष कंडोम की ही भांति महिला को सुरक्षित सेक्स और यौन संचारित रोगों से सुरक्षा प्रदान करना होता है।

महिला कंडोम भी पुरुष कंडोम की भांति लेटेक्स (Latex) के बने होते हैं। अगर इनका सही तरीके से इस्तेमाल किए जाएँ तो यह 95% प्रभावी होते हैं। इन्हें सेक्स प्रक्रिया के आरंभ करने से पूर्व ही महिला की योनि में रखा जाता है। इन्हें भी पुरुष कंडोम की ही भांति केवल एक ही बार प्रयोग में लाया जा सकता है।

 

महिला कंडोम का प्रयोग और निस्तारण कैसे करें

How to use and discard female condoms in hindi

Mahila condoms ka kaise kare istemal aur kahan aur kaise feke in hindi

महिला कंडोम को प्रयोग करने और निस्तारण करने के लिए निम्न विधि का प्रयोग करें:

  1. पैकेट में से कंडोम को बाहर सावधानी से निकाल लें। ऐसा करते समय इस बात का ध्यान रखें कि पैकेट खोलने के लिए नाखून, कैंची या किसी भी नुकीली चीज़ का इस्तेमाल न करें। ऐसा करने से कंडोम में छेद होने का डर हो सकता है।
  2. इस कंडोम में दोनों ओर रिंग बने होते हैं जो आकार में एक छोटा और दूसरा बड़ा होता है और इसका एक हिस्सा बंद होता है।
  3. अब कंडोम के बंद हिस्से को योनि के अंदर सरका लें। जहां तक संभव हो इसे योनि के अंदर तक पहुंचा दें।
  4. अब अपनी उंगली को धीरे से योनि से बाहर निकाल कर कंडोम को अंदर ही छोड़ दें। अब कंडोम का दूसरा सिरा बाहर ही लटका रहने दें।
  5. सेक्स प्रक्रिया में यह सुनिश्चित करें कि पुरुष लिंग इस कंडोम में ही प्रवेश करे और यह कंडोम अपनी जगह से हिल न जाये।
  6. सेक्स प्रक्रिया के बाद कंडोम का वह हिस्सा जो बाहर लटक रहा है उसे थोड़ा सा मोड कर पकड़ लें। इस बात का ध्यान रखें कि इसके अंदर जो वीर्य है वह बाहर न निकल जाये।
  7. अब बाहर निकलते हिस्से को धीरे-धीरे बाहर निकल कर कंडोम को पूरी तरह से बाहर निकाल लें।
  8. इस प्रयोग किए कंडोम को कागज़ में लपेटकर कूड़ेदान में फेंक दें। इसे कभी भी फ्लश में न डालें।

पुरुष कंडोम हो या महिला कंडोम, दोनों का उद्देशय और कार्य एक ही होता है।

इसलिए सुरक्षित सेक्स के उद्देश्य से केवल एक बार में एक ही कंडोम का प्रयोग किया जाना उचित होता है।

यदि दोनों कंडोम का एक साथ प्रयोग किया जाएगा तब इसका उद्देशय पूरा नहीं होगा।

इस स्थिति में दोनों कंडोम की लुब्रिकेशन (Lunbrication) बेकार हो जाएगी। इसलिए एक समय में केवल एक ही कंडोम का प्रयोग उचित होता है।

 

सारांश

सुरक्षित सेक्स प्रक्रिया और यौन संचारित रोगों से बचाव के लिए सेक्स प्रक्रिया में कंडोम का प्रयोग किया जाना चाहिए।

तकनीक के विकास के साथ पुरुष कंडोम में विभिन्नता और महिला कंडोम का विकास हो चुका है।

सुरक्षा और स्वास्थ्य की दृष्टि से एक समय में केवल एक ही कंडोम का प्रयोग करना उचित रहता है।