बोवेन रोग - एक प्रकार का त्वचा कैंसर

Bowen disease in hindi

Bowen rog ki jankari in hindi


एक नज़र

  • बोवेन डिजीज़ के कारण एक व्यक्त की त्वचा पर धीमी गति से घाव होने लगते हैं।
  • ज्यादातर गले का दर्द घरेलू उपायों से ही कुछ दिनों में ठीक हो जाता है।
  • बोवेन की बीमारी के उपचार में कुछ क्रीम का उपयोग किया जा सकता है।
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Introduction

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बोवेन रोग का नाम त्वचा विशेषज्ञ (dermatologist) के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने पहली बार 1912 में इसका वर्णन किया था।

यह तब होता है, जब त्वचा की बाहरी परत (एपिडर्मिस) में असामान्य कोशिकाओं का विकास होता है। ये असामान्य कोशिकाएं सिर्फ एपिडर्मिस के भीतर होती हैं और कहीं और नहीं फैलती हैं।

बोवेन की बीमारी (bowen disease in hindi), एक त्वचा की स्थिति है, जिस कारण त्वचा पर लाल, पपड़ीदार पैच बन जाती है।

ये बीमारी त्वचा की सबसे ऊपर लेयर यानि एपिडर्मिस को प्रभावित करती है। अमेरिकन कैंसर सोसायटी के अनुसार, डॉक्टर इन पैच को स्किन कैंसर का सबसे प्रारंभिक रूप मानते हैं।

इस बीमारी का इलाज आसानी से किया जा सकता है और इससे घबराने की आवश्यकता नहीं होती है।

बोवेन की बीमारी बहुत हद तक एक्टिनिक केराटोसिस (actinic keratosis) से मिलती है, एक अन्य प्रचलित त्वचा की स्थिति है, जो त्वचा पर खुरदरे, लाल धब्बे का कारण बनती है।

हालांकि, इन दोनों बीमारियों के बीच मुख्य अंतर ये है कि बोवेन की बीमारी में पैच, एक्टिनिक केराटोसिस पैच की तुलना में बड़ी होती है।

त्वचा के क्षेत्रों को प्रभावित करने के अलावा, जिसे कोई व्यक्ति आसानी से देख सकता है, बोवेन डिजीज़ के पैच गुदा (anus) और जननांग क्षेत्रों (genital area) पर दिखाई दे सकते हैं।

डॉक्टर इन क्षेत्रों में बोवेन की बीमारी को बोवेनॉइड पैपुलोसिस (bowenoid papulosis) या क्वैरैट के एरिथ्रोप्लासिया (erythroplasia of queyrat) के रूप में संदर्भित करते हैं।

इस बीमारी से आमतौर वे लोग ग्रसित होते हैं जिनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक होने के साथ-साथ गोर रंग के होते हैं। वहीं इस बीमारी से महिलाओं की तुलना में पुरुष से अधिक प्रभावित होते हैं।

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इस लेख़ में

 

बोवेन रोग के लक्षण क्या हो सकते हैं?

Bowen disease symptoms in hindi

Bowen disease ke lakshan

बोवेन डिजीज़ के कारण एक व्यक्त की त्वचा पर धीमी गति से घाव होने लगते हैं।

घाव लाल-भूरे रंग के पैच या सूखी, पपड़ीदार सजीले टुकड़े (scaly plaques) के रूप में दिखाई दे सकते हैं।

इन पैच से खून, पस निकल सकता है और खुजली हो सकती है व छूने पर दर्द हो सकता है।

अन्य त्वचा की स्थिति जो बोवेन की बीमारी के सामान हो सकती है : -

  • खुजली (eczema)
  • फंगस (fungus)
  • सोरायसिस (psoriasis)
  • कुछ अन्य चकत्ते (some other rashes)

हालांकि, बोवेन की बीमारी से पीड़ित अधिकांश लोगों को केवल एक घाव होता है, लेकिन इस स्थिति वाले 10-20% लोग को शरीर के विभिन्न हिस्सों में कई त्वचा के घाव हो जाते हैं।

कभी-कभी, ये त्वचा के घाव कैंसर बन सकते हैं।

इस कारण से, बोवेन की बीमारी वाले व्यक्ति को उन लक्षणों के बारे में पता होना चाहिए, जो कैंसर के हो सकते हैं।

कैंसर के इन संभावित लक्षणों में शामिल हैं : -

  • त्वचा के घाव का सख्त होना
  • एक नोड्यूल (nodule) जो स्पर्श से बहुत कोमल महसूस करता है
  • एक मांस के रंग का नोड्यूल या गांठ की उपस्थिति
  • एक स्किन नोड्यूल, जिससे आसानी से खून बहता है

अगर कोई व्यक्ति अपनी त्वचा में इन परिवर्तनों को नोटिस करता है, तो उन्हें तुरंत एक त्वचा विशेषज्ञ से मिलना चाहिए।

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बोवेन की बीमारी के कारण क्या होते हैं?

Bowen disease causes in hindi

Bowen disease ke karan

बोवेन रोग का एक पैच बिना किसी स्पष्ट कारण के हो सकता है और किसी को भी प्रभावित कर सकता है।

हालांकि, कई चीज़ें हैं जो आपके लिए बोवेन के रोग के कारण बन सकती हैं या फिर इस बीमारी के जोखिम को बढ़ा सकती हैं।

बोवेन रोग होने के निम्नलिखित कारण हैं : -

लम्बे समय तक धूप में रहना (Long-term sun exposure)

बहुत लंबे समय तक सूरज की हानिकारक किरणों के संपर्क में आने से बोवेन की बीमारी होने का जोखिम बढ़ जाता है।

हालांकि, इसको लेकर कोई उचित प्रमाण मौजूद नहीं है क्योंकि अकसर देखा जाता है कि बोवेन रोग के कारण पैचेज़ या घाव उन जगहों पर होते हैं, जो सूरज के संपर्क में नहीं आते हैं।

वहीं ये भी माना जाता है कि जिनकी त्वचा अधिक गोरी होती है उनकी त्वचा सूरज की हानिकारक किरणों के संपर्क में आने से बोवेन रोग का शिकार हो सकती है।

पूर्व में किया गया रेडियोथेरेपी ट्रीटमेंट (Previous radiotherapy treatment)

इतिहास में किये गये रेडियोथेरेपी ट्रीटमेंट के दुष्प्रभाव के कारण भी बोवेन बीमारी हो सकता है जैसे कि - कैंसर के लिए किया गया उपचार।

इम्म्यूनोसप्रेशन (Immunosuppression)

अगर किसी कारण-वश आपका इम्म्यून सिस्टम सही तरीके से काम नहीं कर रहा है, तो ये आपके बोवेन रोग के जोखिम को बढ़ा सकता है।

उदाहरण के लिए, अगर आपको एड्स है या अगर आपका कैंसर का इलाज चल रहा है।

इसके अलावा अगर आपका ऑर्गन ट्रांसप्लांट हुआ था, जैसे किडनी ट्रांसप्लांट या फिर इम्म्यून सिस्टम को सुप्रेस्स करने के लिए दवा का इस्तेमाल किया गया हो।

ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) के साथ संक्रमण (Infection with the human papillomavirus (HPV)


ये एक जर्म (वायरस) है, जो आपकी स्किन और मॉयस्ट मेम्ब्रेन -म्यूकोसा (moist membranes - mucosa) को प्रभावित कर सकता है, जो आपके शरीर के विभिन्न हिस्सों को प्रभावित कर सकता जिसमें मुंह, गला और जननांग क्षेत्र भी शामिल है।

एचपीवी के एक सौ से अधिक प्रकार हैं।

एचपीवी के कुछ प्रकार स्किन वार्ट्स (skin warts) और वेर्रुकास (verrucas) के कारण बन सकते हैं और अन्य जेनिटल वार्ट्स (genital warts) के कारण बन सकते हैं।

हालांकि, कुछ प्रकार किसी भी तरह के कारण नहीं बन सकते हैं।

वहीं कुछ प्रकार के एचपीवी सर्वाइकल कैंसर के साथ-साथ विशेष तरह के कैंसर के विकास के जोखिम को बढ़ाने के लिए जाने जाते हैं।

ऐसा माना जाता है कि एचपीवी जननांग बोवेन रोग (genital Bowen's disease) और बोवेन रोग (Bowen's disease) दोनों के विकास कारण बन सकते हैं और त्वचा के अन्य हिस्सों को भी प्रभावित कर सकते हैं।

एचपीवी टाइप 16, इससे संबंधित है। हालांकि, जिन्हें भी बोवेन रोग होता है उन्हें एचपीवी इन्फेक्शन नहीं होता है।

एचपीवी टीकाकरण (HPV Immunisation) एचपीवी के कैंसर पैदा करने वाले अधिकांश स्ट्रेंस (cancer-causing strains of HPV) से प्रोटेक्ट करता है।

त्वचा पर पूर्व में लगी चोट (previous injury to the skin)

अगर आपको पूर्व में आपकी स्किन पर किसी तरह की चोट लगी थी, जो लगातार (पुरानी) त्वचा को नुकसान पहुँचाती है या जिससे दाग-धब्बे हो गए हैं, तो इससे उस क्षेत्र में बोवेन की बीमारी के विकास का खतरा बढ़ सकता है।

इंफ्लेमेटरी स्किन कंडीशन (Inflammatory skin conditions)

कुछ दुर्लभ मामलों में ही एक्ज़िमा जैसी पुरानी त्वचा की सूजन की समस्या से ग्रसित लोगों में बोवेन रोग विकसित होने की संभावना हो सकती है।

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बोवेन रोग के जोखिम कारक क्या हैं?

What are the risk factors for Bowen's disease? in hindi

Bowen disease ke jokhim karak

डॉक्टर बोवेन की बीमारी (bowen disease in hindi) का सही कारण नहीं जानते हैं, लेकिन उन्होंने इस बीमारी के पीछे कुछ जोखिम कारकों की पहचान की है।

बोवेन डिजीज़ के जोखिम कारक हैं : -

  • उम्र बढ़ना (ageing)
  • क्रोनिक आर्सेनिक एक्सपोज़र - आर्सेनिक, दूषित पानी और कुछ मैन्युफैक्चरिंग एरिया में मौजूद हो सकता है
  • क्रोनिक सन एक्सपोज़र (chronic sun exposure)
  • गोरी त्वचा और धूप
  • ह्यूमन पेपिलोमावायरस (human papillomavirus) से जुड़ा इतिहास
  • कमज़ोर प्रतिरक्षा प्रणाली (weakened immune system)

नेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर रेयर डिसऑर्डर (National Organization for Rare Disorders) के अनुसार, यह स्थिति कोकेशियान लोगों (caucasian people) में 60 साल से अधिक उम्र में होती है।

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बोवेन रोग का उपचार क्या हैं?

Bowen disease treatment in hindi

Bowen disease ilaj

बोवेन की बीमारी का इलाज करते समय डॉक्टर मरीज़ की कई कारकों पर पहले विचार करते हैं।

कारक जैसे कि घाव किस जगह पर है, उनकी उपस्थिति कैसी है और एक व्यक्ति की उम्र और उसकी समग्र स्वास्थ्य स्थिति कैसी है।

प्रत्येक उपचार विकल्प से जुड़े अलग-अलग जोखिम और लाभ हैं, और एक व्यक्ति को डॉक्टर के साथ इन पर चर्चा करनी चाहिए।

उपचार के विकल्प में शामिल हो सकते हैं : -

क्रायोथेरेपी (Cryotherapy)

इस उपचार के तहत स्किन सेल्स को नष्ट करने के लिए एक ठंडी वस्तु (freezing substance) जैसे आर्गन गैस या लिक्विड नाइट्रोजन अप्लाई किया जाता है।

करेटेज (Curettage)

इस सर्जरी में एक विशेष उपकरण का उपयोग कर घाव को जलाया जाता है और स्किन से बाहर निकाल दिया जाता है।

आपकी त्वचा को प्राकृतिक रूप से ठीक करने के लिए छोड़ दिया जाता है और आमतौर पर उपचार के बाद एक पपड़ी (scabs) बन जाती है और फिर गिर जाती है।

क्रायोथेरेपी की तुलना में उपचार उपचार के दौरान कम दर्द हो सकता है।

फोटोडायनामिक थेरेपी (Photodynamic therapy)

इस उपचार के अंतर्गत एक डॉक्टर इस बीमारी के कारण होने वाले घाव पर एक विशेष दवा अप्लाई करते हैं।

इस थेरेपी की मदद से स्किन सेल्स को नष्ट कर दिया जाता है।

इसमें इस्तेमाल किया गया केमिकल फोटोसेंसिटिव (photosensitive) होता है, जिसका मतलब है कि लाइट पर रियेक्ट करता है।

एक स्पेशल लाइट सोर्स को तब त्वचा के प्रभावित पैच पर अप्लाई किया जाता है ताकि फोटोसेंसिटिव केमिकल एक्टिवटे हो सके।

इसके बाद यह बोवेन की बीमारी के पैच को जला देता है और नष्ट कर देता है।

कभी-कभी जिस जगह पर इस उपचार का प्रयोग किया जाता है वहां पर जलन हो सकती है और आपकी त्वचा चिड़चिड़ी हो सकती है।

कुछ दुर्लभ मामलों में इस थेरेपी के बाद, त्वचा का रंग खो सकता है या, कुछ मामलों में, उपचार क्षेत्र, गहरा हो सकता है।

हालाँकि, हमनें पहले ही कहाँ कि ऐसे मामले बेहद कम होते हैं।

सर्जरी (Surgical removal)

इस दृष्टिकोण में घाव को हटाने और कट को बंद करना शामिल है।

कुछ लोग इस विशेष सर्जिकल एप्रोच का विकल्प चुनते हैं, जिसे मोह्स माइक्रोग्राफिक सर्जरी (Mohs micrographic surgery) कहा जाता है, जो टिश्यू को संरक्षित (preserve) करने में मदद करता है।

ये विकल्प सिर, गर्दन और नाखूनों पर हुए घावों के लिए सही माना जा सकता है।

अगर आपको बोवेन की बीमारी है, तो आप अन्य प्रकार के त्वचा कैंसर के लिए अधिक जोखिम में हैं, खासकर अगर आपका इम्यून सिस्टम कमज़ोर है।

ऐसे में आपको अपने डॉक्टर से नियमित फॉलो-अप के लिए जाना चाहिए और त्वचा की जांच करवानी चाहिए।

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बोवेन रोग के लिए कौन-सी क्रीम हैं?

Cream for bowen disease in hindi

Bowen disease ki cream

बोवेन की बीमारी के उपचार में कुछ क्रीम का उपयोग किया जा सकता है।

ये कुछ मामलों में एब्नार्मल सेल्स को नष्ट करने और छुटकारा पाने में मदद कर सकते हैं।

ऐसी क्रीमों में 5-फ्लूरोरासिल (5-fluorouracil (5-FU) शामिल हैं।

5-एफयू ((5-FU) क्रीम को दिन में एक या दो बार लगभग तीन से चार सप्ताह तक और कभी-कभी अधिक समय तक लगाना पड़ सकता है।

क्रीम खुद से अप्लाई करना आसान है।

हालाँकि, क्रीम के इस्तेमाल से त्वचा काफी परेशान हो सकती है।

आपकी त्वचा लाल हो सकती है और वास्तव में तब बदतर दिख सकती है जब आप उपचार का उपयोग कर रहे हों।

बोवेन की बीमारी फिर से होने पर भी इस उपचार को दोहराया जा सकता है।

5-एफयू (5-FU) उपचार विशेष रूप से बोवेन की बीमारी के बड़े पैच या उन क्षेत्रों में उपयोगी हो सकता है जहां त्वचा की स्थिति ठीक नहीं हो सकती है , जैसे कि आपकी टांग।

क्रीम का इस्तेमाल कभी-कभी उन लोगों में भी उपयोग किया जा सकता है, जिन्हें बोवेन रोग के कारण विभिन्न पैच हो गए हैं।

वहीं 5-एफयू क्रीम से उपचार से पहले अन्य उपचार दिए जा सकते हैं।

ऐसा इसलिए है ताकि क्रीम आपकी स्किन में अच्छे से अब्सॉर्ब हो सके।

इनमें आयनटोफोरेसिस (iontophoresis) नामक एक प्रक्रिया शामिल है, जहां एक इलेक्ट्रिक करंट की मदद से आपके टिश्यू तक क्रीम पहुँचता, या आपकी त्वचा का लेज़र उपचार है।

कभी-कभी बोवेन की बीमारी का इलाज करने के लिए इम्मीक्यूमोड (imiquimod) क्रीम का भी उपयोग किया जाता है।

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बोवेन रोग की जटिलताएं क्या हैं?

Bowen disease risk in hindi

Bowen rog ki jatiltayein

आमतौर पर बोवेन डिजीज़ एक गंभीर बीमारी नहीं है।

ये बहुत धीरे-धीरे बढ़ता है, जिसमें महीनों या साल तक लग जाते हैं, और इसके लिए कई बहुत प्रभावी उपचार भी मौजूद हैं।

हालांकि अगर इस ओर ध्यान न दिया जाए या इसे अनुपचारित छोड़ दिया जाए तो चिंता का विषय बन सकता है और एक अलग प्रकार के त्वचा कैंसर के रूप में विकसित हो सकता है, जिसे स्क्वैमस सेल स्किन कैंसर (squamous cell skin cancer) कहा जाता है।

अनुउपचारित छोड़ देने पर ऐसा 20 में से एक के साथ होता है या फिर 30 में से किसी एक साथ ऐसा होता है।

वहीं स्क्वैमस सेल त्वचा कैंसर अक्सर इलाज योग्य है, लेकिन यह शरीर में गहराई से फैल सकता है और कभी-कभी बहुत गंभीर होता है।

इसलिए जटिलताओं से बचने के लिए बोवेन डिसीज़ (bowen disease in hindi) की ओर समय रहते ध्यान देना चाहिए।

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क्या बोवेन की बीमारी से बचाव किया जा सकता है?

Can Bowen's disease be prevented? in hindi

Bowen disease prevention

चूँकि बोवेन की बीमारी के विकास का सबसे लिए महत्वपूर्ण जोखिम कारक है अत्यधिक समय तक धूप में रहना या किसी तरह से सूरज के संपर्क में आना।

ऐसे में इस बीमारी से बचने के लिए खासकर गर्मी के दिनों में धूप से जितना हो सके, उतना बचने की कोशिश करें।

बोवेन की बीमारी से बचाव के टिप्स : -

  • बोवेन रोग से बचने के लिए घर के अंदर रहें या छाया में रहें और खासतौर पर सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच बाहर न निकलें।
  • धूप में निकलने पर कपड़े से चेहरे को कवर करें और हो सके तो फुल स्लीव्स के कपड़े पहने या फिर कैप पहनकर निकलें।
  • धूप में निकलने से 20 मिनट पहले की चेहरे पर हाथों में सनस्क्रीन ज़रूर लगाएं।
  • कम से कम एसपीएफ 15 वाले सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें और जिनकी त्वचा डार्क है या बच्चा है तो उसके लिए एसपीएफ 30 वाले सनस्क्रीन का उपयोग करें।

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आर्टिकल की आख़िरी अपडेट तिथि: : 27 Apr 2020

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