प्रजनन क्षमता बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल

How to use Ayurvedic Herbs to Enhance Fertility in hindi

Prajnan kshamta badhane ke liye aayurvedic herbs ka istemaal


एक नज़र

  • आयुर्वेद की उत्पत्ति भारत में हुई और इसका प्रचलन 5,000 वर्षों से अधिक समय से होता आ रहा है।
  • 90 प्रतिशत से अधिक भारतीय किसी न किसी रूप में आयुर्वेदिक चिकित्सा का उपयोग करते हैं।
  • सदियों पहले वेदों में आयुर्वेद का जिक्र किया गया था।
  • आयुर्वेद का उद्देश्य विशिष्ट लक्षणों को टारगेट करने की बजाय पूरे सिस्टम को रिबूट करना है।
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Introduction

How_to_use_Ayurvedic_Herbs_to_Enhance_Fertility

प्राचीन आयुर्वेद पद्धति की खोज प्रजनन क्षमता की ओर एक उम्मीद भरा रास्ता है। भले ही यह तरीका अधिक मेहनत और लंबा समय ले सकता है, लेकिन, यह आपको तनाव कम करने में मदद करेगा, और आपके स्वास्थ्य में सुधार भी कर सकता है, जो बदले में आपको गर्भ धारण करने में मदद करेगा।

आयुर्वेद एक संस्कृत शब्द है जिसका अर्थ है जीवन या प्रकृति का विज्ञान। यह शरीर, मन और आत्मा के उपचार और रखरखाव का एक सिस्टम है। आयुर्वेद की उत्पत्ति भारत में हुई और इसका प्रचलन 5,000 वर्षों से अधिक समय से है। एक कॉमप्लीमेंटरी थेरेपी या कई विकारों के लिए एक वैकल्पिक उपचार के रूप में इसकी लोकप्रियता में वृद्धि हुई है, जिसमें बांझपन भी शामिल है। [1]

आयुर्वेद का उद्देश्य विशिष्ट लक्षणों को टारगेट करने की बजाय पूरे सिस्टम को रिबूट करना है, इस प्रकार उन समस्याओं को हल करना है, जो काफी बढ़ गए हैं। पुरुष और महिला दोनों की प्रजनन क्षमता तनाव, अनुचित आहार, गतिहीन जीवन शैली और कई और अधिक कारकों से प्रभावित होती है। इन कारकों ने, आपके शरीर को विषाक्त पदार्थों से मुक्त करना और शरीर को पोषक तत्व से नरिश करना महत्वपूर्ण बना दिया है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आपका शरीर और दिमाग आदर्श अवस्था में हैं।

ऐसे कपल की संख्या में वृद्धि हुई है जो महंगी सहायक प्रजनन विधियों पर निर्भर हैं। इस संदर्भ में, बांझपन समस्याओं के लिए मार्गदर्शन और समाधान के लिए आयुर्वेदिक विज्ञान पर एक नज़र डालना एक बेहतर विकल्प है।

फर्टिलिटी हर्ब गाइड (Fertility Herb Guide)

अनगिनत अन्य कारकों में, आहार और नशीली दवाओं का उपयोग किसी की फर्टिलिटी निर्धारित करने में एक प्रमुख भूमिका निभाता है। यदि कोई दंपत्ति गर्भधारण करने की योजना बना रहें हैं, तो इन दोनों कारकों को ध्यान में रखते हुए ग्राउंड वर्क शुरू करना चाहिए। यदि आप अन्य विकल्पों से पहले प्राकृतिक विकल्पों पर विचार कर रहे हैं, तो हमारे द्वारा तैयार किए गए प्रजनन हर्ब गाइड आपकी मदद कर सकता है। लेकिन, पहले अपने डॉक्टर से परामर्श अवश्य करें।

नीचे सबसे आम प्रजनन समस्याएं और जड़ी बूटियों की एक सूची दी गई है जो शरीर की किसी विशेष समस्या के संबंध में मदद कर सकते हैं। भले ही यह लिस्ट लंबी है लेकिन यह पूरी नहीं है क्योंकि समय के साथ इसमें कई और जड़ी-बूटियों को शामिल किया जाएगा।

  1. अनुपस्थित अवधि (Absent Period - Amenorrhea)
  2. ग्रीवा बलगम (Cervical Mucus)
  3. एंडोमेट्रियोसिस (Endometriosis)
  4. एस्ट्रोजन का संतुलन (Estrogen Balance)
  5. ओवेरियन सिस्ट (Ovarian Cysts)
  6. पीसीओएस (PCOS)
  7. अंडे का खराब स्वास्थ्य (Poor Egg Health)
  8. प्रोजेस्टेरोन संतुलन (Progesterone Balance)
  9. स्पर्म काउंट और हेल्थ (Sperm Count and Health)
  10. तनाव-संबंधी बांझपन (Stress-Related Infertility)
  11. गर्भाशय का स्वास्थ्य (Uterine Health)
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इस लेख़ में

  1. 1.अनुपस्थित माहवारी के लिए आयुर्वेदिक उपचार
  2. 2.सर्वाइकल म्यूकस में सुधार लाये यह जड़ी बूटी
  3. 3.एंडोमेट्रियोसिस के लिए आयुर्वेदिक उपचार
  4. 4.एस्ट्रोजन बैलेंस को बनाये रखे यह आयुर्वेदिक जड़ी बूटी
  5. 5.ओवेरियन सिस्ट का आयुर्वेदिक ईलाज
  6. 6.पीसीओएस का आयुर्वेदिक ईलाज
  7. 7.अंडे का खराब स्वास्थ्य
  8. 8.प्रोजेस्टेरोन बैलेंस
  9. 9.तनाव से जुड़ा बांझपन
  10. 10.गर्भाशय स्वास्थ्य
  11. 11.सारांश
 

अनुपस्थित माहवारी के लिए आयुर्वेदिक उपचार

Ayurvedic Herbs For No periodsin hindi

mahwari na hone par ayurvedic upchar

एमेनोरिया, एक चिकित्सा स्थिति है जिसमें एक महिला को पीरियड्स नहीं होते हैं, जिसका अर्थ है कि वह एक या अधिक मासिक धर्म मिस कर जाती है। यदि आप लगातार, कम से कम तीन मासिक धर्म मिस कर चुकी हैं, तो आपको एमेनोरिया होने की संभावना सबसे अधिक होती है। यदि आपको 15 साल की उम्र तक मासिक धर्म शुरू नहीं हुआ है, तो संभव है कि आपको एमेनोरिया है। नीचे कुछ जड़ी-बूटियों की लिस्ट है, जो आपको मिस्ड पीरियड को वापस लाने में मदद कर सकती हैं।

शतावरी की जड़ें (Shatavari root - Asparagus Racemosus)

महिलाओं में मासिक धर्म चक्र के संतुलन के लिए शतावरी जड़ी बूटी के रूप में काफी प्रसिद्ध है। यह जड़ी बूटी, शतावरी की जड़ की एक किस्म है, जिसका आयुर्वेद में औषधीय रूप से उपयोग किया जाता है। शतावरी एक महिला के प्रजनन अंगों पर बेहतर असर दिखाती है। शतावरी की जड़ को एस्ट्रोजन को रेगुलेट करने और ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन (luteinizing hormone) के उत्पादन का समर्थन करने के लिए जाना जाता है, जो ओवुलेशन को ट्रिगर करने के लिए जिम्मेदार है। शतावरी को महिला हार्मोन को मजबूत करने के लिए भी जाना जाता है। [2]

व्हाइट पियोनिया (Paeonia Officinalis)

व्हाइट पियोनिया, आमतौर पर रक्त को समृद्ध करने और मासिक धर्म चक्र को रेगुलेट करने के लिए उपयोग की जाती है। सफेद पियोनिया रक्त के निर्माण और प्रजनन अंगों तक इसका संचार बढ़ाने में मदद करती है। यह हार्मोन संतुलन में भी मदद करती है और मासिक धर्म के दौरान राहत दिलाने और दर्द कम करने में सहायक होती है।

यारो (Yarrow - Achillea millefolium)

यह गर्भाशय में मांसपेशियों की गतिविधि को बढ़ाती है और इस तरह गर्भाशय को मासिक धर्म लाने के लिए उत्तेजित करती है। यह जड़ी बूटी गर्भाशय की मांसपेशियों को उत्तेजित करती है जो बदले में एंडोमेट्रियम (endometrium) को बहने में मदद करती है, जिससे उन महिलाओं में मासिक धर्म नियमित हो जाता है जिन्हें पीरियड्स की समस्या हो रही है और जो गर्भधारण करना चाहती हैं।

डॉंग क्वाई की जड़ें (Dong Quai root - Angelica Sinensis)

डॉंग क्वाई की जड़ें, अनुपस्थित मासिक धर्म चक्र के लिए बहुत प्रभावी है। यह आयरन से भरपूर होती है, रक्त के निर्माण में मदद करती है और गर्भाशय में सर्कुलेशन को बढ़ाती है। यह गर्भाशय को मजबूत और टोन करके हार्मोनल कंट्रोल को भी नियंत्रित करती है और मासिक धर्म के समय में सुधार लाती है। [3] यह कभी-कभी मासिक धर्म में ऐंठन, प्रीमेन्स्ट्रुअल सिंड्रोम (पीएमएस) और रजोनिवृत्ति के लक्षणों को दूर करने के लिए भी सुझाया जाती है।

मदरवर्ट एरियल पार्ट्स (Motherwort aerial parts - Leonurus cardiaca)

मदरवर्ट, गर्भाशय को उत्तेजित करने और सहारा प्रदान करने के लिए जानी जाती है, ताकि गर्भाशय सही ढंग से काम कर सके, जो बदले में मासिक धर्म लाने में मदद करता है। मदरवर्ट को मासिक धर्म चक्र को रेगुलेट करने में मदद करने के लिए जाना जाता है, खासकर जब महिला चिंतित या तनावग्रस्त हो।

मगवॉर्ट (Mugwort - Artemisia vulgaris)

यह जड़ी बूटी एक हल्की गर्भाशय उत्तेजक (mild uterine stimulant) है और दुनिया भर में उन महिलाओं में मासिक धर्म को प्रोत्साहित करने के लिए उपयोग की जाती है, जो एमनेरिया (amenorrhea) से जूझ रही हैं। यह अपने हल्के नर्वस एक्शन के साथ, तनाव और चिंता को दूर करने में मदद कर सकती है। यह स्वस्थ पाचन को बढ़ावा भी देती है।

अन्य जड़ी-बूटियां जो अनुपस्थित पीरियड्स (amenorrhea), हार्मोनल संतुलन और गर्भाशय के बेहतर कार्य में मदद करती हैं : -

  • मैका रूट (Maca root - Lepidium Meyenii)
  • ब्लैक कोहोश की जड़ (Black Cohosh root - Actaea Racemosa)
  • पार्सले टैप की जड़, पत्ते, बीज (Parsley tap root, leaves, seeds - Petroselinum crispum)
  • वीटेक्स (Vitex - Vitex agnus-castus)
  • ट्रिबुलस एरियल पार्ट और फल (Tribulus aerial parts and fruit - Tribulus Terrestris)
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सर्वाइकल म्यूकस में सुधार लाये यह जड़ी बूटी

Ayurvedic Herbs For Improving Cervical Mucus in hindi

Cervical mucus main sudhar ke liye ayurvedik jadi buti

सर्वाइकल म्यूकस, योनि स्राव का एक प्रमुख घटक है। महिलाओं को गर्भवती होने के लिए पर्याप्त सर्वाइकल म्यूकस का उत्पादन करना महत्वपूर्ण है। फर्टाइल सर्वाइकल म्यूकस, शुक्राणु को महिला प्रजनन पथ (female reproductive tract) के अंदर जीवित रहने में मदद करता है।

यह गर्भाशय में, सर्विक्स (cervix) और फिर फैलोपियन ट्यूब में भी इसके मूवमेंट को सक्षम बनाता है। स्वस्थ सर्वाइकल म्यूकस के उत्पादन का समर्थन करने के लिए ओमेगा -6 जैसे आवश्यक फैटी एसिड की आपूर्ति करने वाली जड़ी-बूटियों का उपयोग करना चाहिए।

डैंडडेलीयन के पत्ते और जड़ें (Dandelion leaf and root - Taraxacum officinale)

यह जड़ी बूटी कड़वी होती है और म्यूकस मेम्ब्रेन को उत्तेजित करती है, जो उन्हें अधिक तरल पदार्थ स्रावित करने में सक्षम बनाता है। डैंडडेलीयन की जड़, लीवर डिटऑक्सिफिकेशन (detoxification) और स्वास्थ्य का समर्थन करती है जो बदले में शरीर में हार्मोनल संतुलन प्रदान करती है।

शतावरी की जड़ (Shatavari root - Asparagus Racemosus)

शतावरी की जड़ें शांतिदायक औषधि हैं, इसका मतलब है यह सुखदायक, कोटिंग एजेंट और एक बलगम निकालने वाली औषधि के रूप में कार्य करती है। शांतिदायक एक्शन वाली अधिकांश जड़ी-बूटियों में लसदार पदार्थ (mucilage) होता है। लसदार पदार्थ, बलगम झिल्ली के लिए एक रक्षक और टॉनिक के रूप में कार्य करता है और कम सर्वाइकल म्यूकस वाली महिलाओं के लिए सहायक है।

लिकोराइस की जड़ (Licorice root - Glycyrrhiza glabra)

लिकोराइस की जड़ एक जानी-मानी शांतिदायक औषधि है। इसका मतलब यह है कि यह स्वस्थ बलगम झिल्ली के स्राव को बढ़ावा देती है। यह इंडोक्राइन सिस्टम (endocrine system) की मदद करके हार्मोनल संतुलन का समर्थन करने के लिए भी जाना जाती है।

रेड क्लोवर (Red Clover - Trifolium pratense)

रेड क्लोवर, सर्वाइकल म्यूकस बढ़ाने और योनि का सूखापन दूर करनी के लिए जाना जाती है। यह जड़ी-बूटी प्रजनन अंगों तक परिसंचरण बढ़ाने के लिए भी जाना जाती है।

बोरेज सीड ऑयल (Borage seed oil - Borago officinalis)

यह ओमेगा-6 में उच्च है जो एक आवश्यक फैटी एसिड है। यह ग्रीवा बलगम उत्पादन को बढ़ाता है और हार्मोन को संतुलित करने में भी मदद करता है।

इवनिंग प्रिमरोज ऑयल (Evening Primrose Oil - Oenothera biennis)

इवनिंग प्रिमरोज़ तेल, गर्भधारण का प्रयास कर रहीं महिलाओं के लिए एक आशीर्वाद है। इस जड़ी-बूटी के सबसे लाभदायक उपयोगों में से एक यह है कि यह ग्रीवा बलगम की गुणवत्ता को बढ़ाती है और इसे शुक्राणु के लिए अधिक फर्टाइल मीडियम बनाती है। [4]

कुछ अन्य जड़ी बूटियां जो ग्रीवा बलगम उत्पादन में मदद कर सकती हैं : -

  • मार्शमैलो रूट (Marshmallow root - Althea officinalis)
  • ओरेगन ग्रेप रूट Oregon Grape root (Mahonia aquifolium)
  • यारो (Yarrow - Achillea millefolium)
 

एंडोमेट्रियोसिस के लिए आयुर्वेदिक उपचार

Ayurvedic Herbs For Endometriosis in hindi

Endometriosis ke upchar ke liye ayurvedic davaiyan

ज्यादातर मामलों में एंडोमेट्रियोसिस एक दर्दनाक विकार होता है। इस स्थिति में, गर्भाशय के अंदर बढ़ने वाले टिशू, गर्भाशय के बाहर बढ़ने लगते हैं। आमतौर पर एंडोमेट्रियोसिस में अंडाशय, पेल्विस टिशू लाइनिंग और फैलोपियन ट्यूब शामिल होते हैं। कुछ दुर्लभ मामलों में, एंडोमेट्रियल टिशू, पेल्विक अंगों की सीमा से बाहर फैलने लगता है। एंडोमेट्रियोसिस, अत्यधिक दर्द और सूजन से जुड़ा हुआ विकार है। नीचे कुछ जड़ी बूटियाँ दी गई हैं जो आपके काम आ सकती हैं!

बी प्रॉपपोलिस (Bee Propolis - Apis mellifera)

बी प्रॉपपोलिस, पेड़ की कलियों, पेड़ की छाल, पेड़ के पत्तों, और कुछ अन्य वनस्पति स्रोतों का मिश्रण है जो मधुमक्खियाँ अपने छोटे छेदों को सील करने और प्रवेश द्वार की सुरक्षा के लिए बनाती हैं।

फर्टिलिटी एंड स्टेरिलिटी द्वारा प्रकाशित एक अध्ययन ने साबित कर दिया कि लगभग 9 महीने तक दिन में दो बार बी प्रॉपपोलिस का सेवन करने वाली 60% महिलाएं जो एंडोमेट्रियोसिस-संबंधित बांझपन का सामना कर रही थी वे मेडिकल ट्रीटमेंट ग्रुप के विपरीत 20% गर्भधारण करने में सक्षम थीं।

एक इंफलेमेट्री रेस्पॉन्स, एंडोमेट्रियोसिस दर्द, आसंजन गठन (adhesion formation) और स्कार टिशू को ट्रिगर करती है। बी प्रॉपपोलिस को एंटी-इंफ्लेमेटरी साबित किया गया है जो कि एंडोमेट्रियोसिस को कम कर सकता है। [5]

रेहमानिया रूट (Rehmannia root - Rehmannia Glutinosa)

रेहमानिया की जड़, गर्भाशय की ऐंठन और सूजन को कम करने में बहुत सहायक है। यह मध्य-चक्र रक्तस्राव और अत्यधिक रक्तस्राव को रोकने के लिए काम करती है जो एंडोमेट्रियोसिस के साथ महिलाओं द्वारा सामना किए जाने वाले दो सामान्य समस्याएं हैं।

लाल रास्पबेरी की पत्तियां (Red Raspberry leaf - Rubus idaeus)

रास्पबेरी की पत्तियां, मासिक धर्म के दौरान रक्त के प्रवाह को सामान्य करने और गर्भाशय की मांसपेशियों को टोन करने में मदद करती हैं। इसे महिला प्रजनन अंगों के लिए सबसे प्रभावी सामान्यकृत जड़ी-बूटियों में से एक माना जाता है।

गोल्डेनसील की जड़ (Goldenseal root - Hydrastis Canadensis)

इस जड़ी बूटी में एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीबायोटिक और रोगाणुरोधी गुण होते हैं। यह शरीर में विदेशी टिशू वृद्धि के कारण होने वाले दर्द और सूजन को कम करने में मदद करती है। यह सूजन को कम करके स्कार टिशू और आसंजन गठन (adhesion formation) को भी रोकती है।

डॉंग क्वाइ की जड़ (Dong Quai root - Angelica Sinensis)

यह जड़ी बूटी, फ्रेश हेल्दी ब्लड को लाने में मदद करती है जो टिशू डैमेज, अतिरिक्त टिशू के विकास, और बढ़ते परिसंचरण के साथ स्कार टिशू और आसंजन गठन को सीमित करती है। उचित परिसंचरण शरीर से मृत टिशू (dead tissue) , विषाक्त पदार्थों (toxins), चयापचय अपशिष्ट (metabolic waste) और रोगग्रस्त टिशू (diseased tissue) को हटाने में सक्षम बनाती है।

कुछ अन्य जड़ी-बूटियां जो सूजन को कम करने में मदद करती हैं, उचित प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया का समर्थन करती हैं, और एंडोमेट्रियोसिस में दर्द का प्रबंधन करती हैं : -

  • एगेनीसिया के फूल, जड़, बीज (Echinacea flower, root, seed - Echinacea Purpurea, Angustifolia)
  • व्हाइट पियोनिया White Peony (Paeonia Officinalis)
  • फीवरफ्यू Feverfew (Tanacetum parthenium)
  • जमैकन डॉगवुड रूट (Jamaican Dogwood root - Piscidia erythrina)
  • मैका (Maca - Lepidium /Meyenii)
  • अदरक की जड़ (Ginger root - Zingiber officinale)
  • हॉर्सटेल एरियल पार्ट्स (Horsetail aerial parts - Equisetum arvense)
  • नेटल्स एरियल पार्ट (Nettles aerial parts - Urtica dioica)
  • दालचीनी की छाल (Cinnamon bark - Cinnamomum spp.)
  • अरंडी का तेल (Castor Oil - Ricinus communis)
  • बर्डॉक रूट (Burdock root - Arctium lappa)
  • यारो (Yarrow - Achillea millefolium)
  • अश्वगंधा (Ashwagandha - Withania Somnifera)
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एस्ट्रोजन बैलेंस को बनाये रखे यह आयुर्वेदिक जड़ी बूटी

Ayurvedic Herbs For Estrogen Balance in hindi

Estrogen balance ke liye ayurvedic herbs

हार्मोनल असंतुलन, प्रजनन स्वास्थ्य और परिवार को बढ़ाने के लिए, चल रहे उपचार के परिणामों को प्रभावित कर सकता है। हार्मोन, केमिकल मेसेन्जर के रूप में जाने जाते हैं जो कि बच्चे को बनाने की प्रक्रिया कैसे होगी इसकी संरचना करते हैं, जिसका अर्थ है कि हार्मोन प्रजनन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। स्वस्थ एस्ट्रोजन बैलेंस को बढ़ावा देने के लिए हर्बल फाइटोएस्ट्रोजेन (पौधे से मिलने वाला एक रसायन जो शरीर में बने एस्ट्रोजन हॉर्मोन की तरह ही होता हैं) यौगिकों पर विचार किया जाना चाहिए। ये शरीर को हानिकारक एक्सनोएस्ट्रोजेन (xenoestrogens) से बचाते हैं जो मानव निर्मित रसायनों से प्राप्त होते हैं।

बरडॉक की जड़ (Burdock root - Arctium lappa)

बरडॉक रूट, पोषण प्रदान करती है और लीवर को साफ करने में सहायक है जिससे हार्मोनल संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है। बरडॉक की जड़ एस्ट्रोजन की तरह, लीवर के चयापचय में मदद करती है, जो शरीर के हार्मोनल स्तर को फिर से संतुलित करने में मदद कर सकती है। यह एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरोन के स्राव को रेगुलेट करने में भी मदद करती है, जो हार्मोनल स्तर में असंतुलन का मूल कारण हो सकता है।

इवनिंग प्रिमरोज ऑयल (Evening Primrose Oil - Oenothera biennis)

ईवनिंग प्रिमरोज़ ऑयल लिनोलेइक एसिड (Linoleic Acid - LA), गामा लिनोलेनिक एसिड (Gamma Linolenic Acid - GLA) और ओमेगा-6- सभी आवश्यक फैटी एसिड में समृद्ध है और समग्र हार्मोनल संतुलन का समर्थन करती है।

फ्लैक्स सीड (Flaxseed - Linum Usitatissimum)

फ्लैक्स सीड में लिग्नन्स (lignans) की उच्च मात्रा होती है। लिग्नन्स, फाइटोएस्ट्रोजेन (phytoestrogens) का दूसरा सबसे मजबूत समूह है। [6] टोरंटो विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने उन अध्ययनों को साझा किया है, जिनमें पाया गया है कि अलसी के लिग्नांस ने साइटोक्रोम P450 एंजाइम अरोमाटेस पर अंकुश लगाया है, जो एस्ट्रोजेन के लिए टेस्टोस्टेरोन और एंड्रॉस्टेनेडिऑन (androstenedione) के रुपांतरण को उत्प्रेरित (catalyzes) करती है।

ये फाइबर में भी उच्च होती हैं। इसलिए, फाइबर और लिगनेन्स का संयोजन शरीर से अतिरिक्त एस्ट्रोजेन को हटाने में मदद करता है और इसे एक्सनोएस्ट्रोजेन से भी बचाता है।

ट्रिबुलस (Tribulus - Tribulus Terrestris)

ट्रिबुलस, महिलाओं में एस्ट्रोजेन के स्वस्थ स्तर का समर्थन करती है। यह साबित चुका है कि ट्रिबुलस महिलाओं में ओव्यूलेशन को सामान्य करने में मदद करती है जो कि एक महिला के मासिक धर्म चक्र में फॉलिक्यूलर फेज के दौरान सेवन किए जाने पर एनोवुलेटरी इंफर्टिलिटी (anovulatory infertility) का निदान करते हैं।

लिकोराइस की जड़ (Licorice root - Glycyrrhiza Glabra)

लिकोराइस की जड़ को एक एडेपटोजेन जड़ी बूटी ( adaptogen herb) के रूप में जाना जाता है जो समग्र हार्मोनल संतुलन के लिए इंडोक्राइन सिस्टम का समर्थन करती है। यह एस्ट्रोजन (फाइटोएस्ट्रोजन) की नकल भी करती है। लिकोराइस, लीवर के स्वास्थ्य की भी रक्षा करती है।

कई अन्य जड़ी-बूटियों से एस्ट्रोजन संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है : -

  • मैका रूट (Maca root - Lepidium Meyenii)
  • मिल्क थीस्ल सीड (Milk Thistle seed - Silybum Marianum)
  • रेड क्लोवर (Red Clover - Trifolium Pratense)
  • सीवीड, पत्तेदार भागों, प्रजातियों की विविधता (Seaweed, leafy parts, variety of species)
  • तिल के बीज (Sesame seeds - Sesamum indicum)
  • शतावरी जड़ (Shatavari root - Asparagus Racemosus)
  • डैंडडेलियन रूट (Dandelion root - Taraxacum Officinale)
 

ओवेरियन सिस्ट का आयुर्वेदिक ईलाज

Ayurvedic Herbs For Ovarian Cysts in hindi

Ovarian cyst ka ayurvedic eelaj

ओवेरियन सिस्ट, ओवरी के अंदर या सतह पर, ठोस या फ्लूइड से भरे पॉकेट के रूप में विकसित हो सकते हैं। सिस्ट संक्रमित हो सकते हैं और पेल्विक संक्रमण का कारण बन सकते हैं जो फैलोपियन ट्यूब में स्कार पैदा कर सकता है, जो आगे चलकर बांझपन का कारण बन सकता है।

कुछ मामलों में, ओवेरियन सिस्ट में एंडोमेट्रियोसिस हो सकता है जिससे बांझपन भी हो सकता है।

ब्लैक कोहोश की जड़ (Black Cohosh root - Actaea Racemosa)

यह जड़ी बूटी ओवरी के दर्द से राहत के लिए अच्छी है और मासिक धर्म चक्र के रेगुलेशन को भी बढ़ावा देती है।

अरंडी का तेल (Castor Oil - Ricinus Communis)

कैस्टर ऑयल पैक, पेट पर लगाया जाता है जिससे यह परिसंचरण को बढ़ाता है। यह सीधे त्वचा के नीचे अंगों और टिशू के डिटऑक्सीफिकेशन (detoxification) और उपचार को बढ़ावा देता है जिसमें अंडाशय भी शामिल हैं।

सीवीड (Seaweed - variety of species)

ओवेरियन सिस्ट अक्सर एस्ट्रोजेन के डोमिनेंस से जुड़े होते हैं। जैसा कि शोधकर्ताओं ने पाया है कि सीवीड में उच्च फाइबर सामग्री होती है जो एस्ट्रोजन चयापचय में सुधार करती है।

मैका रूट (Maca root - Lepidium Meyenii)

मैका को पिट्यूटरी, थायरॉयड और एड्रेनल ग्रंथियों, (हार्मोनल संतुलन में शामिल ग्रंथियों), और इंडोक्राइन सिस्टम के लिए पौष्टिक माना जाता है। यह एस्ट्रोजन / प्रोजेस्टेरोन के स्तर को संतुलित करने की दिशा में काम करती है और समग्र हार्मोनल संतुलन को बढ़ावा देती है जो अप्रत्यक्ष रूप से समग्र मासिक धर्म चक्र का समर्थन करता है। [7]

मिल्क थीस्ल सीड (Milk Thistle seed - Silybum Marianum)

हार्मोनल संतुलन के लिए लीवर का स्वास्थ्य बहुत महत्वपूर्ण है और यह जड़ी बूटी इसके लिए सबसे अच्छी है। अतिरिक्त हार्मोन की तरह, शरीर से विषाक्त पदार्थों को फ़िल्टर करने में लीवर प्रमुख भूमिका निभाती है।

अन्य आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ जो नियमित ओव्यूलेशन, हार्मोनल संतुलन और उचित परिसंचरण को बढ़ावा देने में मदद करती हैं और इस प्रकार अप्रत्यक्ष रूप से ओवेरियन सिस्ट का उपचार करती हैं : -

  • डॉंग क्वाई रूट (Dong Quai root - Angelica Sinensis)
  • ब्लू कोहोश रिजोम और रूट (Blue Cohosh rhizome and root - Caulophyllum Thalictroides)
  • ट्रिबुलस, एरियल पार्ट और फल (Tribulus, aerial parts and fruit - Tribulus Terrestris)
  • विटेक्स (Vitex - Vitex Agnus-Castus)
  • यारो एरियल पार्ट्स (Yarrow aerial parts - Achillea Millefolium)
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पीसीओएस का आयुर्वेदिक ईलाज

Ayurvedic Herbs For PCOS (Polycystic Ovarian Syndrome) in hindi

PCOS ke liye ayurvedic davaiyan

पीसीओएस को आम माना जाता है, लेकिन यह उपचार योग्य है, जो बांझपन का कारण बन सकता है। पीसीओएस हार्मोनल संतुलन और आपकी ओवरी से अंडे के रिलीज और अंडे के विकास में हस्तक्षेप करता है। यदि कोई अंडे रिलीज नहीं होते हैं, तो आप गर्भवती नहीं हो सकती हैं।

सॉव पाल्मेटो बेरी (Saw Palmetto berry - Serenoa Repens)

यह जड़ी बूटी पीसीओएस से जूझने वाली महिलाओं के लिए लाभदायक है क्योंकि यह 5 अल्फा-रिडक्टेस के उत्पादन को कम करके डीएचटी (DHT) के उत्पादन पर अंकुश लगाती है, जो शरीर के अत्यधिक बालों के विकास और सिर पर बालों के पतलेपन को रोकने में मदद करती है।

दालचीनी की भीतरी छाल (Cinnamon inner bark - Cinnamomum Verum, C.zeylanicum)

अध्ययन ने साबित किया है कि इंसुलिन प्रतिरोध वाली महिलाओं के लिए दालचीनी उपयोगी है। यह ब्लड शुगर के स्तर को संतुलित करने में मदद करती है। फर्टिलिटी एंड स्टेरिलिटी जो 2007 में प्रकाशित हुई थी, के अध्ययन से पता चला है कि दालचीनी पीसीओएस से पीड़ित महिलाओं में इंसुलिन प्रतिरोध को बहुत कम कर देती है। इस अध्ययन में हिस्सा लेने वाली आधी महिलाओं ने 8 सप्ताह तक दालचीनी के अर्क का सेवन किया, दूसरी ओर, अन्य महिलाओं ने वास्तविक दवाएं लीं। दवाओं का सेवन करने वाली महिलाओं की तुलना में जिन महिलाओं ने दालचीनी के अर्क का सेवन किया था उनमें इंसुलिन प्रतिरोध काफी हुआ।

व्हाइट पियोनिया रूट (White Peony root - Paeonia Lactiflora)

लिकोराइस रूट के साथ, इस हर्ब को मिलाकर लेने से बेहतर परिणाम देखने को मिलता है, खासकर जब मांसपेशियों को आराम देने और मासिक धर्म के दौरान दर्द को कम करने की बात आती है। यह पीसीओएस से गुजर रही महिलाओं में फ्री टेस्टोस्टेरोन के स्तर और सीरम को कम करता है। [8]

एल्यूथेरो रूट और स्टेम बार्क (Eleuthero root and stem bark - Eleutherococcus Senticosus)

एल्यूथेरो जड़ और स्टेम छाल एडाप्टोजेन (adaptogen) जड़ी-बूटियां हैं जो समग्र इंडोक्राइन फंक्शन का समर्थन करती हैं, जिससे हेल्दी हार्मोनल बैलेंस होता है।

मैका रूट (Maca root - Lepidium Meyenii)

मैका, महिलाओं और पुरुषों दोनों में प्रोजेस्टेरोन के स्तर को बढ़ाने में मदद करती है। यह स्वस्थ मासिक धर्म चक्र के लिए शरीर में प्रोजेस्टेरोन और एस्ट्रोजन के स्तर को संतुलित करने में भी मदद करती है।

कुछ अन्य जड़ी-बूटियाँ जो पीसीओएस के लक्षणों से राहत दिलाने में मदद करती हैं :-

  • विटेक्स (Vitex - Vitex Agnus-Castus)
  • ट्रिबुलस, हवाई भागों और फल (Tribulus, aerial parts and fruit - Tribulus Terrestris)
  • लिकोराइस रूट (Licorice root - Glycyrrhiza Glabra)
  • जिमनेमा लीफ (Gymnema leaf - Gymnema Silvestris)
  • बर्डॉक रूट (Burdock root - Arctium Lappa)
  • अश्वगंधा जड़ (Ashwagandha root - Withania Somnifera)
  • शिसांद्रा फल और बीज (Schisandra fruit and seed - Schisandra Chinensis)
 

अंडे का खराब स्वास्थ्य

Poor Egg Health in hindi

Ande ka kharab swasthya

अंडे की गुणवत्ता में गिरावट प्राकृतिक और उम्र के साथ अपरिहार्य होती है यानि यह बदली नहीं जा सकती है। स्वस्थ अंडों के लिए वातावरण बनाने की आवश्यकता होती है, जहां उचित इंडोक्राइन फंक्शन, प्रजनन अंगों को बेहतर परिसंचरण, हार्मोनल संतुलन के लिए जड़ी बूटियों के इस्तेमाल पर विचार करने की जरूरत होती है। अंडे के स्वास्थ्य को तनाव भी प्रभावित करता है; इसलिए, तनाव में, ऐसी जड़ी-बूटियों का सेवन किया जाना चाहिए जो हेल्दी स्ट्रेस रिएक्शन में सहायता करती हैं और नसों को आराम दिलाती हैं।

फ़ो-टी रूट (Fo-ti root - Polygonum Multiflorum)

फ़ो-टी रूट एक एडाप्टोजेन है, जो हेल्दी इम्मयून और स्ट्रेस रेस्पॉन्स के साथ-साथ समग्र इंडोक्राइन फंक्शन का समर्थन करती है। फो-टी रूट, लीवर और किडनी का भी पोषण प्रदान करती है। यह लॉन्ग टर्म हेल्थ और हार्मोनल संतुलन की रक्षा के लिए सबसे शक्तिशाली जड़ी-बूटियों में से एक माना जाती है। यह प्रजनन अंगों तक हेल्दी ब्लड सर्कुलेशन का भी समर्थन करती है।

अश्वगंधा रूट (Ashwagandha root - Withania Somnifera)

अश्वगंधा, स्वस्थ हार्मोनल संतुलन के लिए समग्र इंडोक्राइन सिस्टम के कार्य में सहायता करती है। यह अंडे के स्वास्थ्य के साथ-साथ ओवेरीयन रेस्पॉन्स के लिए एक महत्वपूर्ण कारक है। यह एक शानदार एडाप्टोजेनिक जड़ी बूटी है जो महिलाओं में तनाव के स्तर को कम करते हुए अंडे की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद करती है।

बी प्रॉपोलिस (Bee Pollen/Propolis)

बी प्रॉपोलिस प्रतिरक्षा और प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में बहुत अच्छे परिणाम देने के लिए जानी जाती है। यह शरीर में स्ट्रेस रेस्पॉन्स, इन्फ्लैमेशन और स्वस्थ इम्मयून को बढ़ावा देने में मददगार पाई गई है।

अरंडी का तेल (Castor Oil - Ricinus communis)

कैस्टर ऑयल जब पेट पर पैक के रूप में लगाया जाता है, तो इसका उपयोग त्वचा के नीचे के टिशू और अंगों को ठीक करने के साथ-साथ परिसंचरण में सुधार के लिए भी किया जा सकता है। यह लसीका प्रणाली (lymphatic system) की उत्तेजना के माध्यम से, उस क्षेत्र की सफाई करता है, जहां पैक लगाया जाता है। [9]

मैका रूट (Maca root - Lepidium Meyenii)

मैका रूट, शरीर को तनाव की क्षति से बचाने के लिए काम करती है और इसे अंडे के स्वास्थ्य में सहायता और वृद्धि के मददगार पाया गया है। यह थायरॉयड ग्रंथियों (thyroid glands), एड्रेनल (adrenal), पिट्यूटरी (pituitary), और इंडोक्राइन सिस्टम (ये सभी हार्मोनल संतुलन में शामिल हैं) के लिए पौष्टिक भोजन है।

निम्नलिखित जड़ें भी खराब अंडा स्वास्थ्य को बढ़ाने में मदद करती हैं : -

  • डॉंग क्वाई रूट (Dong Quai root - Angelica Sinensis)
  • बर्डॉक रूट (Burdock root - Arctium lappa)
  • अदरक की जड़ (Ginger root - Zingiber officinale)
  • लेमन बाम लीफ (Lemon Balm leaf - Melissa officinalis)
  • मिल्क थीस्ल सीड (Milk Thistle seed - Silybum marianum)
  • मदरवॉर्ट, एरियल पार्ट्स (Motherwort, aerial parts - Leonurus cardiaca)
  • ओट स्ट्रॉ (Oat straw - Avena sativa)
 

प्रोजेस्टेरोन बैलेंस

Progesterone Balance in hindi

Progesterone Balance in hindi

कुछ ऐसी जड़ी-बूटियाँ हैं जो प्रोजेस्टेरोन के उत्पादन में सहायता करती हैं। अतिरिक्त एस्ट्रोजन को कम करना, प्रोजेस्टेरोन के स्तर को वापस लाने के लिए महत्वपूर्ण है।

एक्सनोहार्मोन्स (xenohormones) से बचाकर और एक्सनोएस्ट्रोजन (xenoestrogens) से शरीर की रक्षा करके, जड़ी बूटियों प्रोजेस्टेरोन के स्तर में सुधार करने में मदद कर सकती हैं। शरीर से अतिरिक्त एस्ट्रोजेन को हटाने के लिए जड़ी बूटियों की मदद के बारे में अधिक जानकारी एस्ट्रोजेन बैलेंस सेक्शन में पढ़ें।

शिसांद्रा फल और बीज (Schisandra fruit and seed - Schisandra Chinensis)

शिसांद्रा एक एडाप्टोजेन है जो स्वस्थ हार्मोनल संतुलन का समर्थन करती है। यह इंडोक्राइन सिस्टम का समर्थन करके हार्मोनल संतुलन को बढ़ावा देती है जिससे उचित प्रतिरक्षा और तनाव प्रतिक्रिया भी होती है।

अल्फाल्फा एरियल पार्ट (Alfalfa aerial parts - Medicago sativa)

अल्फाल्फा पोषण से भरा है, और इसमें कुछ फाइटोएस्ट्रोजेन भी शामिल होते हैं। यह एक्सनोहार्मोन्स (xenohormones) के खिलाफ शरीर की रक्षा करने में भी मदद करता है।

एल्यूथेरो रूट और स्टेम बार्क (Eleuthero root and stem bark - Eleutherococcus Senticosus)

एल्यूथेरो रूट और स्टेम बार्क समग्र हार्मोनल संतुलन का समर्थन करके अपने एडेप्टोजेनिक गुणों के माध्यम से उचित इंडोक्राइन फंक्शन में सहायता करती है।

विटेक्स, चैस्ट ट्री बेरी, ड्राइड बेरी (Vitex, Chaste tree berry, dried berry - Vitex agnus-castus)

विटेक्स, ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन (LH) उत्पादन को बढ़ाता है जबकि फॉलिकल स्टिमुलेटिंग हार्मोन (FSL) के उत्पादन को हल्का करता है। यह अप्रत्यक्ष रूप से प्रोजेस्टेरोन उत्पादन और एक सफल गर्भावस्था को प्राप्त करने और बनाए रखने की संभावना को बढ़ाता है। [10]

अश्वगंधा की जड़ (Ashwagandha root - Withania Somnifera)

अश्वगंधा, उचित हार्मोनल संतुलन के लिए समग्र इंडोक्राइन सिस्टम के फ़ंक्शन का समर्थन करती है।

निम्नलिखित अन्य जड़ें हैं जो प्रोजेस्टेरोन संतुलन का समर्थन करती हैं : -

  • बर्डॉक रूट (Burdock root - Arctium lappa)
  • मैका रूट (Maca root - Lepidium Meyenii)

स्पर्म की संख्या और स्वास्थ्य = Sperm Count and Health in hindi = Sperm Count and Health in hindi

पुरुष बांझपन के सबसे आम कारण, असामान्य शुक्राणु कार्य, कम शुक्राणु उत्पादन, या रुकावट हैं जो स्पर्म डिलीवरी को रोकते हैं। निम्नलिखित जड़ी बूटियां, न केवल शुक्राणुओं की संख्या में सुधार करने के लिए बल्कि शुक्राणु की समग्र गतिशीलता, स्वास्थ्य और मोरफॉलोजी में सुधार करने में सक्षम देखी गई हैं।

अमेरिकन जिनसेंग रूट (American Ginseng root - Panax quinquefolius)

अमेरिकन जिनसेंग, स्तंभन दोष में मदद करती है और पुरुषों के यौन प्रदर्शन में सुधार करती है और यह एक स्वस्थ सेक्स ड्राइव में भी सहायता कर सकती है। यह एचपीए (hypothalamus-pituitary-adrenal) एक्सिस को मजबूत करती है, तनाव प्रबंधन, हार्मोनल संतुलन और साथ ही इम्मयून फ़ंक्शन का भी समर्थन करती है।

अश्वगंधा की जड़ (Ashwagandha root - Withania Somnifera)

अश्वगंधा को सेक्स ड्राइव और कम शुक्राणुओं की संख्या को बढ़ाने के लिए उपयोग किया, यह हार्मोनल संतुलन के लिए समग्र इंडोक्राइन सिस्टम के कार्य को बढ़ावा देती है। इसका उपयोग करते हुए, जर्नल एविड बेस्ड कॉम्पटिशन अल्टरनेटिव मेड की इंडियन स्टडीज में यह बताया गया कि अश्वगंधा के उपयोग से उन पुरुषों के सीमेन की गुणवत्ता में सुधार देखने को मिला जो स्ट्रेस-रिलेटेड फर्टिलिटी से ग्रस्त थे। [11]

एपिमेडियम (Epimedium - Epimedium grandiflorum)

एपिमेडियम एक कामोत्तेजक है जो यौन इच्छा के साथ-साथ प्रदर्शन को भी बढ़ाता है। इस सक्रिय इनग्रेडिएंट इकारिन (icariin) को नाइट्रिक ऑक्साइड को बढ़ाने के लिए सहायक देखा गया है, जिससे चरम सीमा तक परिसंचरण में सुधार होता है। एपिमेडियम को लंबे समय तक इरेक्शन में भी उपयोगी माना जाता है।

फो-टी रूट (Fo-ti root - Polygonum Multiflorum)

इस जड़ी बूटी का पारंपरिक रूप से उन पुरुषों के लिए उपयोग किया जाता है जिनमें कम कामेच्छा या शुक्राणु की संख्या, स्तंभन दोष और खराब शुक्राणु गतिशीलता देखी जाती है। फो-टी को प्रजनन क्षमता की आयु बढ़ाने में मददगार माना जाता है।

गोजी बेरी, ड्राई फ्रूट (Goji berry, dried fruit - Lycium barbarum, L.chinense)

गोजी बेरी, बेहतर लीवर के कार्य के समर्थन के माध्यम से हार्मोनल संतुलन का समर्थन करते हैं और ये बेहद पौष्टिक होते हैं। वे शुक्राणु को ओवरहीटिंग से बचाते हैं। यह अपने उच्च एंटीऑक्सिडेंट सामग्री के माध्यम से शुक्राणु की मात्रा, गुणवत्ता और हार्मोन के स्तर को भी बढ़ाते हैं।

निम्नलिखित अन्य जड़ें हैं जो स्पर्म काउंट और स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सहायता करती हैं : -

  • मैका रूट (Maca root - Lepidium Meyenii)
  • सॉ पामेटो बेरीज़ (Saw Palmetto berries - Serenoa repens)
  • जिन्कगो पत्ते (Ginkgo leaves - Ginkgo biloba)
  • कॉर्डिसेप्स मशरूम (Cordyceps mushroom - Cordyceps Sinensis)
  • शिसांद्रा फल और बीज (Schisandra fruit and seed - Schisandra Chinensis)
  • ट्रिबुलस, एरियल पार्ट और फल (Tribulus, aerial parts and fruit - Tribulus Terrestris)
 

तनाव से जुड़ा बांझपन

Stress Related Infertility in hindi

Tanav se juda bajhpan

अध्ययनों ने साबित किया है कि चिंता और तनाव किसी की भी प्रजनन क्षमता को चुनौती देते हैं। तनाव, चिंता, अवसाद और अन्य सभी मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियाँ बेहद मुश्किल से दूर जाती हैं, खासकर जब आपको वास्तव में उनकी आवश्यकता होती है।

हार्मोनल असंतुलन और अंडाणु और शुक्राणु का खराब स्वास्थ्य पुराने तनाव के कारण हो सकते हैं जो कामेच्छा की कमी पैदा करता है। हेल्दी स्ट्रेस रेस्पॉन्स में सहायता करने वाली जड़ी-बूटियां तंत्रिका तंत्र को पोषण देती हैं, साथ ही इंडोक्राइन कार्य में सहायक भी बनती हैं।

शिसांद्रा, फल, और बीज (Schisandra, fruit, and seed - Schisandra Chinensis)

शिसांद्रा एक एडाप्टोजेन है जो एंडोक्राइन सिस्टम समर्थन के माध्यम से स्वस्थ हार्मोनल संतुलन का समर्थन करती है। यह उचित तनाव और इम्मयून रेस्पॉन्स को भी बढ़ावा देती है। [12] डॉ. बेवर्ली येट्स अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ नेचुरोपैथिक चिकित्सकों के लिए राष्ट्रीय मीडिया प्रतिनिधि हैं। वह शिज़ांद्रा के पारंपरिक और नैदानिक ​​उपयोग को एक एडेपोजेन के रूप में साझा करती है, जिसका अर्थ है कि यह मानसिक और शारीरिक तनाव के समय में शरीर की मदद करती है। वह कई अध्ययनों को भी साझा करती है जहां शिसंद्रा मनुष्यों और जानवरों के लिए फायदेमंद साबित हुई है जो मानसिक थकान, कमजोरी और शारीरिक थकावट का अनुभव कर रहे हैं।

बी प्रोपोलिस (Bee Pollen/Propolis)

बी प्रोपोलिस प्रजनन क्षमता को बढ़ाने के साथ-साथ प्रतिरक्षा को बढ़ाने के लिए भी जाना जाता है। ये शरीर में स्वस्थ तनाव प्रतिक्रिया, प्रतिरक्षा और सूजन में सहायता करने के में सहायक पाए गए हैं।

कैमोमाइल फूल (Chamomile flowers - Matricaria recutita)

कैमोमाइल फूल एक तंत्रिका और हल्के सीडेटिव हैं; ये तनाव को कम करने के साथ-साथ तंत्रिका तंत्र को शांत करने और शरीर में आरामदायक स्थिति पैदा करने में मदद कर सकते हैं।

एलेउथेरो रूट और स्टेम बार्क (Eleuthero root and stem bark - Eleutherococcus Senticosus)

एलुथेरो रूट/छाल, गंभीर तनाव से जूझ रहे लोगों के लिए अच्छा है क्योंकि यह प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करती है। यह लोगों को बेहतर महसूस करने और बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करती है, साथ ही तेजी से इम्मयून सप्रेशन से भी उबरने में मदद करती है।

फो-टी रूट (Fo-ti root - Polygonum Multiflorum)

टीसीएम के अनुसार, यह जिंग को रिस्टोर करती है जो लाइफ एसेंस के रूप में भी जाना जाता है। फो-टी रूट थायराइड और एड्रेनल फंक्शन दोनों का समर्थन करती है जो तनाव के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील होते हैं।

निम्नलिखित जड़ें हैं जो तनाव से संबंधित बांझपन का समर्थन करती हैं : -

  • लेमन बाम लीफ (Lemon Balm leaf - Melissa officinalis)
  • लिंडन फूल और ब्रैक्ट (Linden flower and bract - Tilia Platyphyllos, T.cordata)
  • मैका रूट (Maca root - Lepidium Meyenii)
  • मदरवॉर्ट एरियल पार्ट्स (Motherwort aerial parts - Leonurus cardiaca)
  • रोज डामासीना मिल(Rosa damascena Mill)
  • शतावरी के जड़ (Shatavari root - Asparagus Racemosus)
  • रेईशी मशरूम (Reishi mushroom - Ganoderma Lucidum)
  • अश्वगंधा की जड़ (Ashwagandha root - Withania Somnifera)
 

गर्भाशय स्वास्थ्य

Uterine Health in hindi

Uterine Health in hindi</strong>

फाइब्रॉएड और एंडोमेट्रियल पॉलीप जैसी गर्भाशय संबंधी असामान्यताएं, गर्भाशय और भ्रूण का अस्तर के इंटट्रैकशन को बिगाड़ सकती है। ये गर्भाशय की असामान्यताएं, आरोपण और गर्भावस्था की दर को कम कर सकती हैं। यह मासिक धर्म चक्रों के बीच अनियमित रक्तस्राव भी पैदा कर सकती है। विभिन्न जड़ी-बूटियां हैं जो गर्भाशय की मांसपेशियों पर सीधा प्रभाव डालती हैं; वे आराम से गर्भाशय को टोन करने का काम करते हैं।

बोरेज सीड ऑयल (Borage seed oil - Borago officinalis)

यह अपने उच्च ओमेगा 6 आवश्यक फैटी एसिड कंटेन्ट के माध्यम से गर्भाशय की मांसपेशियों को हल्के से उत्तेजित करती है। बोरेज सीड ऑयल को गर्भाशय की स्मूद मसल टिशू को कान्ट्रैक्ट और रिलैक्स करने के लिए जाना जाता है।

रेड क्लोवर (Red Clover - Trifolium pratense)

कैल्शियम और मैग्नीशियम में उच्च होने के नाते जो स्मूद मसल के के कार्य के लिए आवश्यक है, रेड क्लोवर मांसपेशियों में ऐंठन को रोकने में मदद करती है, जिससे यह महिलाओं के लिए बहुत दर्दनाक मासिक धर्म ऐंठन और गर्भाशय की ऐंठन के लिए सहायक होता है।

अरंडी का तेल (Castor Oil - Ricinus communis)

कैस्टर ऑयल जब पेट पर लगाया जाता है, तो यह सर्कुलेशन को बढ़ा सकता है और साथ ही गर्भाशय सहित त्वचा के नीचे के टिशू और अंगों की हीलिंग को बढ़ावा देता है। यह गर्भाशय के टिशू के सही गठन और काम को बढ़ाता है।

इवनिंग प्रिमरोज़ ऑयल (Evening Primrose Oil - Oenothera biennis)

ईवनिंग प्रिमरोज़ तेल में एलए (LA) और जीएलए (GLAs) के उच्च स्तर का गर्भाशय कोशिकाओं पर सीधा प्रभाव पड़ता है। ये स्मूद मसल टिशू को कान्ट्रैक्ट और रिलैक्स करता है। गर्भाशय पर इसका प्रभाव गर्भाशय की मांसपेशियों की टोनिंग है जो गर्भावस्था की तैयारी में मदद करती है।

डॉंग क्वाई रूट (Dong Quai root - Angelica Sinensis)

2004 में, यूरोपीय दवा एजेंसी असेसमेंट द्वारा एंजेलिका सिनेंसिस पर एक क्लिनिकल ​​अध्ययन साझा किया गया था। यहां, लगभग 5 वर्षों से, अनियमित मासिक धर्म, हल्की मासिक धर्म प्रवाह, या अधिक दर्द वाले पीरियड से जूझने वाली 148 महिलाओं को एक चीनी हर्बल फार्मूला दिया गया था। यह फार्मूला मुख्य रूप से डॉंग क्वाई या एस्ट्रागालस और डॉंग क्वाई के संयोजन से बना था। खुराक दिन में दो बार 2,500-5,000mg थी और इसमें 4 हफ्तों तक 2–3 उपचार शामिल थे। परिणाम: 39% में काफी प्रभावी परिणाम थे, जिसका अर्थ है कि दर्द कम हो गया, या मासिक धर्म चक्र नियमित हो गया, या मासिक धर्म प्रवाह पिछले प्रवाह की तुलना में कम से कम एक तिहाई बढ़ गया। 54% प्रतिभागियों ने दर्द में कमी देखी और मासिक धर्म के लक्षण कम गंभीर हो गए। [13]

निम्नलिखित भी गर्भाशय के स्वास्थ्य में सुधार करने में समर्थन करते हैं : -

  • हिबिस्कस सूखे फूल की पंखुड़ियाँ (Hibiscus dried flower petals - Hibiscus sabdariffa)
  • नेटल्स के एरियल पार्ट्स, बीज (Nettles aerial parts, seed - Urtica dioica)
  • ब्लू कोहोश रिजोम और रूट (Blue Cohosh rhizome and root - Caulophyllum thalictroides)
  • लाल रास्पबेरी पत्ती (Red Raspberry leaf - Rubus idaeus)
 

सारांश

Summaryin hindi

Saransh

प्राचीन काल से आयुर्वेद भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। आज की तकनीक और विज्ञान के साथ, हम देख सकते हैं कि क्यों- आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों को प्रजनन के लिए भी महत्वपूर्ण माना गया है।

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references

संदर्भ की सूचीछिपाएँ

1 .

Yogini S. Jaiswal and Leonard L. Williams. “A glimpse of Ayurveda – The forgotten history and principles of Indian traditional medicine”. Published online 2016 Feb 28, PMID: 28053888.

2 .

Tierra, Planetary Herbology. “An Integration of Western Herbs into the Traditional Chinese and Ayurvedic Systems” (Twin Lakes, WI: Lotus Press 1988) p.321.

3 .

Zoe Middlebrooks. “An Ayurvedic Approach to the Treatment of Secondary Amenorrhea”. ayurvedacollege.com, 5 December 2013.

4 .

early-pregnancy-tests.com. “Hostile Cervical Mucus and Evening Primrose Oil for Fertility”. early-pregnancy-tests.com, 13 August 2020.

6 .

Kaely McDevitt. “Flaxseed For Hormone Balance”. manitobaflax.com, 9 October 2018.

8 .

Lindsay Stafford Mader. “Treating PCOS Naturally”. herbalgram.org, 3 March 2013.

9 .

Tracy. “Five Fertility Secrets I Wish I Had Known Sooner”. raisedgood.com, 13 August 2020.

10 .

urmc.rochester.edu. “Chaste Tree (Chasteberry)”. urmc.rochester.edu, 13 August 2020.

11 .
12 .

Adriana Nowak, Małgorzata Zakłos-Szyda, et al. “Potential of Schisandra chinensis (Turcz.) Baill. in Human Health and Nutrition: A Review of Current Knowledge and Therapeutic Perspectives”. Published online 2019 Feb 4, PMID: 30720717.

13 .

ema.europa.eu. “Assessment report on Angelica sinensis (Oliv.) Diels,radix”. ema.europa.eu, 13 August 2020.

आर्टिकल की आख़िरी अपडेट तिथि: : 27 Oct 2020

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