26हफ़्ते प्रेग्नेंट

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Week 26 of your pregnancy

आपकी गर्भावस्था का छब्बीसवां सप्ताह

Week 26 of your pregnancy in hindi

Aapki garbhavastha ka chhabiswan saptah in hindi

गर्भावस्था के 26वें हफ्ते में आप किस तिमाही (your trimester) में हैं : आप गर्भावस्था की दूसरी तिमाही (second trimester) में हैं।

गर्भावस्था के छब्बीसवें हफ्ते में आप कितने महीने की गर्भवती हैं: आप गर्भावस्था के छठे महीने में हैं।

कितने हफ्ते बचे हैं : 14 हफ्ते (98 दिन) बचे हैं।

गर्भावस्था के छब्बीसवें हफ्ते में बच्चा कितना बड़ा हुआ है :

  • इस समय आपका शिशु अब पत्ता गोभी (cabbage) के आकार का है।
  • आपके शिशु की लम्बाई लगभग 14 इंच (35.6 cm) है।
  • गर्भावस्था के छब्बीसवें हफ्ते में शिशु का वज़न लगभग नौ सौ ग्राम (900 gm) होता है।

ये आपकी गर्भावस्था का छठा महीना है और अब आप दूसरी तिमाही की समाप्ति की ओर पहुंचने से महज़ दो कदम यानि दो हफ्ते दूर हैं। इस समय प्रेग्नेंट महीना का छब्बीसवाँ हफ्ता चल रहा है और इस हफ्ते में आप कभी-कभी बहुत परेशान हो सकती हैं तो दूसरे पल ही आप ऊर्जा से भरपूर महसूस कर सकती हैं। ऐसा आपके शरीर में होने वाले बदलावों के कारण होता है, जो बिल्कुल सामान्य है। वहीं इस हफ्ते आपके बच्चे के शरीर में ब्लड सर्कुलेशन की प्रक्रिया पूरी तरह से शुरू हो जाती है। आइए जानते हैं कि प्रेगनेंसी के इस स्टेज पर माँ और बच्चे के शरीर में किस तरह के बदलाव होते हैं और क्या होने वाली माँ को इस हफ्ते किसी तरह के टेस्ट से भी गुज़ारना पड़ता है।

इस समय आपको क्या करना चाहिए :

  • फोलिक एसिड और आयरन जैसे प्रीनेटल विटामिन सप्लीमेंट लेना जारी रखें।
  • ओरल हायजिन बनाए रखें।
  • स्वस्थ जीवन शैली का पालन करें और घर का बना खाना खाएं।
  • हाइड्रेटेड रहने के लिए ढेर सारा पानी पिएं।
  • वॉक करने जैसी मध्यम शारीरिक गतिविधियां करें।
  • आपके शरीर को पर्याप्त आराम की आवश्यकता होती है, इसलिए जितना हो सके उतना आराम करें।

गर्भावस्था के छब्बीसवें हफ्ते में आपका शरीर

Your body at week 26 of pregnancy in hindi

Garbhavastha ke chhabisvein hafte mein aapka sharir in hindi

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इस हफ्ते तक आते-आते आपके वज़न में भी बहुत वृद्धि हो जाती है और साथ ही आपके शरीर कई तरह के बदलावों से गुज़रता है।

वहीं बच्चे के भी वज़न के बढ़ने के कारण आपको पीठ में दर्द का एहसास हो सकता है।

इस समय आपका गर्भाशय आपकी नाभि से ढाई इंच ऊपर तक होता है।

गर्भावस्था के बढ़ते समय के साथ यह और आगे बढ़ेगा।

वहीं इस हफ्ते प्रेग्नेंट महिला को गर्भाशय में चल रही बच्चे की गतिविधियों का अधिक एहसास होने लगेगा।

छब्बीसवें हफ्ते की गर्भावस्था के दौरान पेट में बदलाव (26 weeks pregnant belly)

आमतौर पर, आपका नाभि अब पहले ज़्यादा उभर चुकी होती है और साथ ही त्वचा में कसाव और खुजली महसूस हो सकती है।

इस समय प्रेग्नेंट महिला का बेली बंप साफ़ तौर दिखने लगता है।

छब्बीसवें हफ्ते की गर्भावस्था के लक्षण (26 weeks pregnant symptoms)

प्रेगनेंसी का छब्बीसवाँ सप्ताह बहुत अहम होता है और इस वक़्त माँ बनने वाली महिला के शरीर में कई बदलाव होते हैं।

26वें सप्ताह के दौरान आपके द्वारा अनुभव किए जाने निम्न लक्षण :

  • ब्लोटिंग और गैस की समस्या
  • नज़र का धुंधला होना
  • योनि स्राव में वृद्धि
  • माइग्रेन
  • अनिद्रा
  • उभरी हुई नाभि
  • ब्लड प्रेशर अधिक होना
  • ब्रेक्सटन-हिक्स कॉन्ट्रैक्शन (Braxton-Hicks contraction)

छब्बीसवें हफ्ते में शारीरिक और भावनात्मक परिवर्तन (Physical and emotional changes at 26 weeks pregnant)

इस सप्ताह में शारीरिक परिवर्तन के तौर पर गर्भाशय में अधिक वृद्धि हो जाती है और पेट एक उभरी हुई नाभि के साथ बड़ा दिखने लगता है।

वहीं इस समय ब्लड का फ्लो अधिक होने के कारण पेल्विक और ब्रेस्ट के आस-पास के क्षेत्र में नीली नसें (blue veins) दिखने लगती हैं।

गर्भावस्था के दौरान हार्मोनल परिवर्तन जारी है और ऐसे में भावनात्मक तौर पर गर्भवती महिला के मूड में बदलाव होता रहेगा।

इसके साथ ही प्रेगनेंसी जैसे-जैसे हर हफ्ते आगे बढ़ती जाती है वैसे-वैसे माँ बनने वाली महिला की बेचैनी भी बढ़ने लगती हैं।

गर्भावस्था के छब्बीसवें हफ्ते में आपका बच्चा

Your baby at week 26 of pregnancy in hindi

Garbhavastha ke chhabisvein hafte mein aapka baccha in hindi

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आपका शिशु इस वक़्त एक पत्ता गोभी के आकार का हो जाता है।

बच्चे की लंबाई में भी वृद्धि हो जाती और बच्चा लगभग चौदह सेंटीमीटर का हो जाता है।

वहीं पिछले हफ्ते जहां आपका बच्चा साढ़े सात सौ ग्राम का था अब वो बढ़कर नौ सौ ग्राम का हो गया है।

इस समय तक आते-आते माँ और बच्चे को एक दूसरे जोड़ने वाला गर्भनाल (umbilical cord) अधिक मज़बूत हो जाता है।

इस हफ्ते में बच्चे का दिल ब्लड पंप करना भी शुरू कर देता है।

गर्भावस्था के छब्बीसवें हफ्ते के दौरान बच्चे का विकास (Growth of the baby at 26 week pregnancy)

26वें सप्ताह में, बच्चे के शरीर के अंग निम्नानुसार विकसित हो रहे हैं :

  • अब बच्चा आँख खोलना और बंद करना शुरू कर देता है।
  • त्वचा अभी भी वर्निक्स से कवर रहती है और शरीर की चर्बी (fat) त्वचा के नीचे जमा होने लगती है।
  • पाचन तंत्र (digestive system) अभी भी विकसित हो रहा है।
  • अगर गर्भ में लड़का है तो पुरुष अंडकोष (testicles) पूरी तरह से बन चुके हैं।
  • फेफड़े (lungs) विकसित हो रहे हैं और सांस लेने में सक्षम हैं।
  • बच्चे के दिल ने अब ब्लड पंप करना भी शुरू कर दिया है।

छब्बीसवें हफ्ते की गर्भवती अवस्था में शिशु की स्थिति (Baby position at 26 weeks pregnant)

26वें सप्ताह में, आपका बच्चा आमतौर पर जन्म के लिए एक स्थिति ढूंढना शुरू कर देता है।

इस वक़्त बच्चा मुड़ने लगता है जिससे सिर नीचे की ओर आ सके।

गर्भावस्था के छब्बीसवें हफ्ते में माँ बननी वाली महिला के लिए आहार, स्वास्थ्य टिप्स और दिनचर्या

Diet, fitness tips and lifestyle for moms at 26 week of pregnancy in hindi

Garbhavastha ke chabbisvein hafte mein maa banne wali mahila ke liye diet, fitness tips or dincharya in hindi

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गर्भावस्था महिलाओं के जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है और इसे बेहतर बनाने के लिए और एक स्वस्थ्य बच्चे को जन्म देने के लिए माँ बनने वाली महिला को अपने डाइट पर सबसे ज़्यादा ध्यान देने की आवश्यकता होती है।

इतना ही नहीं प्रेग्नेंट महिला को अपने आपको फिट और एक्टिव रखने के लिए प्रेगनेंसी के इस हफ्ते में भी योग और व्यायाम का सहारा लेना चाहिए।

प्रेगनेंसी के छब्बीसवें हफ्ते में आपको क्या खाना चाहिए (What you should eat at 26 week of pregnancy)

  • इस समय माँ बनने वाली महिला को दूध का सेवन ज़रूर करना चाहिए क्योंकि दूध कैल्शियम से भरपूर होता है, जो आपके बच्चे की हड्डी, दाँतों को मजबूत बनाने में मदद करता है।
    साथ ही, नसों और एंजाइमों के फंक्शन के लिए भी दूध ज़रूरी होता है।
    आपको अब नियमित तौर पर डिलीवरी तक आहार या सप्लीमेंट के रूप में कैल्शियम 500-1000 मिलीग्राम तक लेना चाहिए।
    हालांकि सप्लीमेंट शुरू करने से पूर्व डॉक्टर से बात ज़रूर कर लें।
  • आयरन युक्त आहार भी आपको नियमित रूप से कहते आयरन के अच्छे स्रोत हरी पत्तेदार सब्ज़ियां हैं।
    गर्भवती महिलाओं अपने डाइट में मेथी, पालक और साग को शामिल करना चाहिए।
    साथ ही इस दौरान प्रेग्नेंट महिलाओं को 30-60 मिलीग्राम तक नियमित रूप से आयरन लेना चाहिए, आयरन आप सप्लीमेंट के रूप में भी ले सकती हैं लेकिन इसके पूर्व डॉक्टर की राय आवश्यक है।
  • इस समय आपका बच्चा बढ़ रहा है और सेल्स और टिश्यू के निर्माण के लिए उसे अभी अधिक प्रोटीन की आवश्यकता होती है।
    ऐसे में माँ को प्रोटीन युक्त खाद्य-पदार्थ अपने खाने में शामिल करना चाहिए।
    ऐसे में मीट और अंडे का सेवन करना बहुत अच्छा होता है।
  • फाइबर और सभी प्रकार के विटामिन प्राप्त करने के लिए, आपको सब्जियों का अधिक सेवन करना चाहिए।
    उच्च फाइबर, विटामिन-सी और विटामिन-ए गाजर में पाए जाते हैं।
    कद्दू में जिंक, प्रोटीन, उचित मात्रा में वसा (fair amount of fat) ,फाइबर (iron fiber) और कार्बोहाइड्रेट (carbohydrate) होते हैं।
    टमाटर में विटामिन-सी और विटामिन-ए होता है।
    आलू में कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम, पोटैशियम, फाइबर, फोलेट होता है।
    फूलगोभी विटामिन-सी और फोलिक एसिड की बेहतरीन स्रोत है।
    आपको प्रतिदिन सप्लीमेंट के रूप में 400-600 माइक्रोग्राम तक फोलिक एसिड लेना चाहिए।
    हालांकि डोज़ लेने से पहले अपनी डॉक्टर से बात कर लें।

गर्भावस्था के छब्बीसवें हफ्ते में आपको क्या नहीं खाना चाहिए (What you should not eat or avoid at 26 week of pregnancy)

  • ऑयली खाना खाने से बचें।
  • जंक और फ़ास्ट फ़ूड खाना खाने से दूर रहें।
  • बाहर का खाना न खाएं।
  • कोल्ड ड्रिंक के सेवन से बिल्कुल दूर रहें।

गर्भावस्था के छब्बीसवें हफ्ते में कौन सा व्यायाम करना सबसे अच्छा होता है (Which exercise is best at 26 week of pregnancy)

इस समय आपको डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही व्यायाम करना चाहिए।

हालांकि वॉक करना प्रेगनेंसी के दौरान एक अच्छा विकल्प होता है और आपको एक्टिव बनाए रखने में मदद भी करता है।

इसके अलावा मन की शांति के लिए ध्यान करना भी अच्छा होता है।

गर्भावस्था के छब्बीसवें हफ्ते में किन लक्षणों को देखते हुए डॉक्टर से जल्द-से-जल्द मिलना चाहिए

Which symptoms raises an alarm to visit doctor at 26 week of pregnancy in hindi

Garbhavastha ke chhabisvein hafte mein kin lakshano ko dekhte hue doctor se jald se jald milna chahiye in hindi

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अब जब आप तीसरी तिमाही की ओर जा रहीं हैं, तो आपके ब्रेक्सटन-हिक्स कंट्रक्शन (Braxton-Hicks contractions) होने का अनुभव होने की संभावना बढ़ जाती है।

हालांकि ये एक तरह का फाल्स लेबर (false labour pain) पेन होता है, जिससे ज़्यादा घबराने की आवश्यकता नहीं होती है।

हालांकि अगर आपको बहुत ज़्यादा संकुचन (contractions) का अनुभव हो और बहुत जल्दी-जल्दी हो तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए।

निम्न लक्षणों को देखकर डॉक्टर से जल्द मिलना चाहिए :

  • गंभीर पेट दर्द
  • योनि से रक्तस्राव या तरल पदार्थ का रिसाव
  • बुखार
  • धुंधली दृष्टि (blurred vision)
  • अत्यधिक पैर या चेहरे की सूजन

गर्भावस्था के छब्बीसवें हफ्ते में डॉक्टर से क्या उम्मीद करें

What to expect from your doctor in the twenty sixth week of pregnancy in hindi

Garbhavastha ke chhabisvein hafte mein doctor se kya umeed karein in hindi

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प्रेगनेंसी के 26वें से 29वें सप्ताह के बीच प्रेग्नेंट महिला की डॉक्टर से पांचवी मुलाकात होती है।

इस प्रसव पूर्व दौरे के दौरान आपकी शारीरिक जाँच के अंतर्गत डॉक्टर वज़न (weight) की जाँच, रक्तचाप (blood pressure) और फंडल हाइट (fundal height) की जाँच की जाएगी।

अगर प्रीटर्म लेबर या प्रीटर्म बर्थ से जुड़ा आपको जोखिम है, तो आपकी डॉक्टर आपको इस सप्ताह कॉर्टिकोस्टेरॉइड इंजेक्शन (corticosteroids injection) दे सकतीं हैं।

कॉर्टिकोस्टेरॉइड बच्चे के फेफड़े, पाचन तंत्र और मस्तिष्क के विकास को गति देने में मदद करते हैं।

अधिकतर ये इंजेक्शन प्रेगनेंसी के 24वें और 34वें सप्ताह के बीच दिया जाता है।

छब्बीसवें हफ्ते की गर्भावस्था के दौरान क्या अल्ट्रासाउंड या किसी अन्य परीक्षण की आवश्यकता है

Whether ultrasound or any other tests required during the twenty sixth week of pregnancy in hindi

Chhabisvein hafte ki garbhavastha ke dauran kya ultrasound ya anya kisi parikshan ki avashyakta hai in hindi

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अल्ट्रासाउंड (Ultrasound)

अगर आपकी प्रेगनेंसी नार्मल चल रही है तो अब आपको डॉक्टर की ओर से 34वें हफ्ते में अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी जाएगी।

टेस्ट (Test)

इस दौरान निम्न टेस्ट्स हो सकते हैं :

  • ग्लूकोज टॉलरेंस टेस्ट (OGTT - Oral glucose tolerance test)

गर्भवती महिला के ब्लड में शुगर के स्तर को देखने के लिए प्रेगनेंसी के 24वें-28वें सप्ताह के बीच ग्लूकोज टॉलरेंस टेस्ट (OGTT - Oral glucose tolerance test) किया जाता है।

इसमें एक चरण या दो चरण शामिल होते हैं :।

1.पहला चरण (First stage)

उपवास की अवधि के बाद ग्लूकोज के स्तर का परीक्षण किया जाता है, जिसके बाद आपको पीने के लिए 75 ग्राम ग्लूकोज दिया जाएगा।

खुराक के एक घंटे और दो घंटे बाद आपके ग्लूकोज के स्तर को फिर से मापा जाता है।

2.दूसरा चरण (Second stage)

यह ग्लूकोज टॉलरेंस टेस्ट से शुरू होता है, जहां आपको पीने के लिए 50 ग्राम ग्लूकोज दिया जाता है और 1 घंटे के बाद ब्लड शुगर लेवल की जांच की जाती है।

अगर परीक्षण परिणाम असामान्य है, तो तीन घंटे का ग्लूकोज टोलेरेंस टेस्ट किया जाता है।

उपवास के बाद और खुराक के 1 घंटे, 2 घंटे और 3 घंटे के बाद ग्लूकोज का स्तर मापा जाता है।

असामान्य परीक्षा परिणाम गर्भकालीन मधुमेह का संकेत है।

  • फीटलफ़िब्रनेक्टिन टेस्ट (Fetal fibronectin test)

वहीं इस समय अगर आपके डॉक्टर को आपको लेकर प्रीटरम लेबर के ख़तरे का अंदेशा है, तो वो सप्ताह 22वें-34वें हफ्ते के बीच प्रोटीन, भ्रूण फ़ाइब्रोनेक्टिन (Fetal fibronectin -FFN) की जाँच करने के लिए टेस्ट कर सकते हैं, जो शिशु के आस-पास की झिल्लियों (membranes surrounding the baby) में मौजूद होता है।

गर्भावस्था के छब्बीसवें हफ्ते में संभोग

Sex in the twenty sixth week of pregnancy in hindi

Garbhavastha ke chhabisvein hafte mein sex in hindi

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दूसरी तिमाही के अंत में, सेक्स करना थोड़ा असहज लग सकता है लेकिन अभी भी ये करना सुरक्षित होता है।

अपने चिकित्सक से उचित मार्गदर्शन के साथ, आप इस ओर बढ़ सकते हैं।

गर्भावस्था के छब्बीसवें हफ्ते में पिता के लिए टिप्स

Tips for father during twenty sixth week of pregnancy in hindi

Garbhavastha ke chhabisvein hafte mein pita ke liye tips in hindi

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इस दुनिया में अपने बच्चे का स्वागत करने के लिए कुछ और सप्ताह बाकी हैं और ऐसे में होने वाली माँ की घबराहट बढ़ जाती हैं।

इस स्थिति में महिला के साथी को उसके साथ रहना चाहिए और हर एक पल को ख़ुशियों से भर देना चाहिए।

अब आप और आपके साथी दोनों होने वाले बच्चे के नाम के बारे में सोच-विचार कर सकते हैं और साथ ही पाटर्निटी लीव के बारे में आपस में चर्चा कर सकते हैं।

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