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Week 25 of your pregnancy

आपकी गर्भावस्था का पच्चीसवां सप्ताह

Week 25 of your pregnancy in hindi

Aapki garbhavastha ka pachiswan saptah in hindi

गर्भावस्था के पच्चीसवें हफ्ते में आप किस तिमाही (your trimester) में हैं : आप गर्भावस्था की दूसरी तिमाही (second trimester) में हैं।

गर्भावस्था के पच्चीसवें हफ्ते में आप कितने महीने की गर्भवती हैं: आप गर्भावस्था के छठे महीने में हैं।

कितने हफ्ते बचे हैं : 15 हफ्ते (105 दिन) बचे हैं।


गर्भावस्था के पच्चीसवें हफ्ते में बच्चा कितना बड़ा हुआ है :

  • इस समय आपका शिशु अब शलजम (rutabaga) के आकार का है।
  • आपके शिशु की लम्बाई लगभग 13.1 इंच (33.6 cm) है।
  • गर्भावस्था के पच्चीसवें हफ्ते में शिशु का वज़न लगभग सात सौ पचास ग्राम (750 gm) होता है।

अब आपकी गर्भावस्था का सफर पच्चीसवें हफ्ते में पहुंच चुका है और अब आप दूसरी तिमाही के अंत के निकट भी पहुंच आ गई हैं। गर्भावस्था का सप्ताह 25 आपके और आपके बच्चे दोनों के लिए कई बदलावों के साथ आता है। आप रेस्टलेस लेग सिंड्रोम (restless leg syndrome), कार्पल टनल सिंड्रोम (carpal tunnel syndrome) और अन्य लक्षण का अनुभव कर सकती हैं, जो इस अवधि के दौरान असहज लेकिन सामान्य हो सकते हैं। वहीं आपका बच्चा भी लगातार बढ़ रहा है और आपसे मिलने के लिए तैयार हो रहा है। गर्भावस्था के 25वें सप्ताह के दौरान आपके और आपके बच्चे के शरीर में होने वाले परिवर्तनों के बारे में अधिक जानने और समझने की कोशिश करते हैं।


इस समय आपको क्या करना चाहिए :

  • हाई फाइबर युक्त आहार लें।
  • सब्जियों और फलों का भरपूर सेवन करें।
  • प्रीनेटल विटामिन लेना जारी रखें।
  • आपने आपको हाइड्रेटेड रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
  • केगल एक्सरसाइज़ करते रहें।
  • ओरल समस्या से बचने के लिए ओरल हाइजीन बनाए रखें।
  • परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताएं।
  • किताबें पढ़ें और उन गतिविधियों में भाग लें जो आपको खुश करती हैं।

गर्भावस्था के पच्चीसवें हफ्ते में आपका शरीर

Your body at week 25 of pregnancy in hindi

Garbhavastha ke pachisvein hafte mein aapka sharir in hindi

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गर्भावस्था के 25वें सप्ताह के दौरान सिर्फ आपके शिशु में ही बदलाव नहीं होता है बल्कि इस सप्ताह के दौरान आपके वज़न में भी वृद्धि होगी और आप नए लक्षणों का अनुभव भी कर सकती हैं।

इस दौरान गर्भावस्था के कुछ लक्षण असुविधाजनक हो सकते हैं, लेकिन याद रखें कि इन लक्षणों से पता चलता है कि आपका शरीर आपके बच्चे को मज़बूत बनाने में मदद कर रहा है।

पच्चीसवें हफ्ते की गर्भावस्था के दौरान पेट में बदलाव (25 weeks pregnant belly)

गर्भावस्था के 25 वें सप्ताह तक, आपका गर्भाशय एक सॉकर बॉल (soccer ball)के आकार का हो जाता है और पेट अब बहुत अधिक बाहर की ओर निकल जाता है।

इस समय माँ बनने वाली महिला को अपने बच्चे की हलचल का और बच्चे के किक का अनुभव भी होने लगता है।

पच्चीसवें हफ्ते की गर्भावस्था के लक्षण (25 Weeks pregnant symptoms)

दूसरी तिमाही के समापन तक, आप प्रेगनेंसी के नए लक्षणों का अनुभव कर सकती हैं, जो आगे भी आपको परेशान कर सकते हैं।

25वें सप्ताह के दौरान आपके द्वारा अनुभव किए जाने निम्न लक्षण :

  • निप्पल्स का रंग गहरा होना
  • स्ट्रेच मार्क्स
  • एड़ियों में सूजन होना
  • पीठ में दर्द होना
  • सीने में जलन
  • सोने में परेशानी होना
  • कब्ज़
  • खर्राटे आना
  • वेरिकोज़ वेन्स (varicose veins)

पच्चीसवें हफ्ते में शारीरिक और भावनात्मक परिवर्तन (Physical and emotional changes at 25 weeks pregnant)

शारीरिक परिवर्तन के रूप में पेट बाहर की ओर अधिक निकल जाता है और इस सप्ताह तक पेट थोड़ा फैला हुआ भी लगने लगता है।

हालांकि अच्छी बात ये है कि हार्मोनल स्तर में वृद्धि होने से बाल घने और चमकदार हो जाते हैं।

वहीं भावनात्मक तौर पर इस सप्ताह के दौरान हार्मोनल उतार-चढ़ाव के कारण मूड स्विंग होते हैं।

वहीं डिलीवरी और लेबर पेन के बारे में सोचकर बेचैनी बढ़ सकती है।

गर्भावस्था के पच्चीसवें हफ्ते में आपका बच्चा

Your baby at week 25 of pregnancy in hindi

Garbhavastha ke pachisvein hafte mein aapka baccha in hindi

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25 वें सप्ताह में, आपका शिशु अब एक शलजम के आकार का हो गया है और उसके वज़न में भी पिछले हफ्ते की तुलना में डेढ़ सौ ग्राम की वृद्धि हुई है।

इतना ही नहीं आपके बच्चे की लंबाई भी बढ़ी है और अब वो लगभग तेरह इंच का हो गया है।

इस सप्ताह के आसपास बच्चे की पलकें पहली बार खुलती हैं और उसके मस्तिष्क, फेफड़े और पाचन तंत्र बना जाते हैं लेकिन पूरी तरह से विकसित नहीं होते हैं।

गर्भावस्था के पच्चीसवें हफ्ते के दौरान बच्चे का विकास (Growth of the baby at 25 week pregnancy)

आपका बच्चा बड़ा हो रहा है, धीरे-धीरे और लगातार वह वसा प्राप्त कर रहा है।

आइए जानते हैं कि गर्भावस्था के 25वें हफ्ते में बच्चे का विकास कहां तक पहुंच जाता है और क्या-क्या होता है।

  • केशिकाएं (capillaries), जो सबसे छोटी रक्त वाहिकाएं (blood vessels) हैं, बच्चे की त्वचा के नीचे और उसके फेफड़ों में विकसित हो चुकी हैं।
  • अब बच्चे की नाक, नाक की तरह दिखने लगती है और नोस्ट्रिल्स अब खुलने लगे हैं।
  • आपके बच्चे की ऑडिटरी सिस्टम (auditory sytem) भी निरंतर विकसित हो रही है, और वह इस सप्ताह आपकी आवाज़ को दूसरों से अलग करने में सक्षम हो सकती/सकता है।
  • मसूड़ों में स्थायी दांतों की कलियां (teeth buds) अधिक हो गई हैं।
  • फेफड़े (lungs) विकसित हो रहे हैं, लेकिन वे अभी भी पूरी तरह से मैच्योर नहीं हुए हैं।
  • आपके बच्चे की हृदय गति अब लगभग 140 बीट (beat) प्रति मिनट हो गई है।
  • बच्चे का वज़न तेज़ी से बढ़ना जारी है।

पच्चीसवें हफ्ते की गर्भवती अवस्था में शिशु की स्थिति (Baby position at 25 weeks pregnant)

अब तक बच्चे की पोज़ीशन जन्म के अनुरूप नहीं हुई है यानि कि सिर अभी भी नीचे की ओर नहीं आया है।

बच्चे का सिर इस हफ्ते भी आपकी छाती की ओर रहता है और पैर नीचे की ओर।

हालांकि अब बहुत जल्द ही आपका बच्चा डिलीवरी के अनुरूप पोज़ीशन में आ जाएगा।

गर्भावस्था के पच्चीसवें हफ्ते में माँ बननी वाली महिला के लिए आहार, स्वास्थ्य टिप्स और दिनचर्या

Diet, fitness tips and lifestyle for moms at 25 week of pregnancy in hindi

Garbhavastha ke pachisvein hafte mein maa banne wali mahila ke liye diet, fitness tips or dincharya in hindi

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प्रेगनेंसी के हर एक चरण के दौरान माँ बनने वाली महिला को संतुलित आहार खाना चाहिए और साथ ही व्यायाम को अपनी लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाये रखना ताकि बच्चे के विकास में किसी भी तरह की कोई परेशानी न आए और बच्चे का जन्म भी अच्छे से हो जाए।

प्रेगनेंसी के पच्चीसवें हफ्ते में आपको क्या खाना चाहिए (What you should eat at 25 week of pregnancy)

  • कैल्शियम आपके बच्चे को मजबूत हड्डियों और दाँतों को विकसित करने में मदद करता है।
    यह एक स्वस्थ तंत्रिका तंत्र, हृदय और मांसपेशियों को विकसित करने में भी मदद करता है।
    ऐसे में गर्भावस्था के इस हफ्ते के दौरान भी कैल्शियम युक्त खाद्य-पदार्थों का सेवन करना महत्वपूर्ण है, जैसे दूध, दही, पालक, अखरोट, बादाम और पनीर।
    इस बात का ध्यान रखें कि आप 500-1000 मिलीग्राम तक कैल्शियम का सेवन, आहार या सप्लीमेंट के माध्यम से डिलीवरी तक ज़रूर करें।
    हालांकि सप्लीमेंट शुरू करने से पहले डॉक्टर की राय ज़रूर लें।
  • इसके अलावा आपको विटामिन बी, सी के साथ-साथ विटामिन ए युक्त भी आहार लेना चाहिए।
    कब्ज़ की समस्या से निजात पाने के लिए फाइबर युक्त खाना खाना चाहिए क्योंकि इससे ब्लड का फ्लो भी सही रहता है।
  • दूसरी तिमाही में आयरन एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व बन जाता है जब रक्त की मात्रा 40-50% बढ़ जाती है।
    आयरन का उपयोग आपके शरीर के सभी हिस्सों और आपके बच्चे को ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए किया जाता है।
    ऐसे में माँ बनने वाली महिला हर रोज़ 30 से 60 मिलीग्राम तक आयरन का सेवन ज़रूर करना चाहिए।
    आयरन युक्त हरी पत्तेदार सब्जियों, ब्रॉकली, एप्रीकॉट और किशमिश जैसे खाद्य पदार्थ ग्रहण करने चाहिए या फिर आपको सप्लीमेंट लेना चाहिए।
    हालांकि सप्लीमेंट शुरू करने से पहले डॉक्टर से बात ज़रूर कर लें।

गर्भावस्था के पच्चीसवें हफ्ते में आपको क्या नहीं खाना चाहिए (What you should not eat or avoid at 25 week of pregnancy)

  • पूरी प्रेगनेंसी के दौरान माँ बनने वाली महिला को स्मोकिंग करने से और अल्कोहल का सेवन करने से परहेज़ करना चाहिए।
  • इसके साथ ही कोल्ड ड्रिंक पीने से भी बचना चाहिए क्योंकि इससे बच्चे के विकास पर प्रभाव पड़ता है।
  • अभी प्रेग्नेंट महिला को जंक फ़ूड और बाहर का खाना भी नहीं खाना चाहिए।
  • ऐसी कोई भी चीज़ जिसमें कच्चा अंडा हो, जैसे कि घर का बना मेयोनेज़ भी नहीं खाना चाहिए।

गर्भावस्था के पच्चीसवें हफ्ते में कौन सा व्यायाम करना सबसे अच्छा होता है (Which exercise is best at 25 week of pregnancy)

इस समय अपने आप को एक्टिव रखने के लिए आपको केगेल (kegal) या पेल्विक फ्लोर व्यायाम (pelvic floor exercise) करना चाहिए।

ये प्रसव के लिए आपकी पैल्विक मांसपेशियों को मजबूत करते हैं, और जन्म के समय भी आपके लिए लाभकारी साबित हो सकते हैं।

गर्भावस्था के पच्चीसवें हफ्ते में किन लक्षणों को देखते हुए डॉक्टर से जल्द-से-जल्द मिलना चाहिए

Which symptoms raises an alarm to visit doctor at 25 week of pregnancy in hindi

Garbhavastha ke pachisvein hafte mein kin lakshano ko dekhte hue doctor se jald se jald milna chahiye in hindi

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अगर आप निम्नलिखित लक्षणों का अनुभव करती हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें :

  • गंभीर ऐंठन, या पेट या पेल्विक में दर्द
  • सांस लेने में तकलीफ़ होना
  • समय से पहले प्रसव के लक्षण का अनुभव करना (जिसमें आपके पेट या पीठ में नियमित कसाव या दर्द शामिल है)
  • योनि से खून आना
  • पेशाब में जलन होना
  • फ्ल्यूड (fluid) लीक होना
  • पेल्विक (pelvic) या योनि में दबाव का अनुभव करना

गर्भावस्था के पच्चीसवें हफ्ते में डॉक्टर से क्या उम्मीद करें

What to expect from your doctor in the twenty fifth week of pregnancy in hindi

Garbhavastha ke pachisvein hafte mein doctor se kya umeed karein in hindi

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प्रेगनेंसी के 22वें से 25वें सप्ताह के बीच प्रेग्नेंट महिला की ये चौथी एंटीनेटल विज़िट (प्रसव पूर्व यात्रा) होती है।

अगर आपको प्रीटर्म लेबर या प्रीटर्म बर्थ से जुड़ा जोखिम है, तो आपके डॉक्टर इस सप्ताह आपको कॉर्टिकोस्टेरॉइड इंजेक्शन (corticosteroids injection) दे सकतीं हैं।

कॉर्टिकोस्टेरॉइड बच्चे के फेफड़े, पाचन तंत्र और मस्तिष्क के विकास को गति देने में मदद करते हैं।

अधिकतर ये इंजेक्शन प्रेगनेंसी के 24वें और 34वें सप्ताह के बीच दिया जाता है।

डॉक्टर के यहां इस समय आपके वज़न, ब्लड प्रेशर और फंडल हाइट की जाँच की जाएगी।

इसके अलावा आपके खान-पान और सप्लीमेंट्स को लेकर भी सलाह दे सकती हैं।

पच्चीसवें हफ्ते की गर्भावस्था के दौरान क्या अल्ट्रासाउंड या किसी अन्य परीक्षण की आवश्यकता है

Whether ultrasound or any other tests required during the twenty fifth week of pregnancy in hindi

Pachisvein hafte ki garbhavastha ke dauran kya ultrasound ya any kisi parikshan ki avashyakta hai in hindi

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अल्ट्रासाउंड (Ultrasound)

अगर आपकी प्रेगनेंसी नार्मल चल रही है तो अब आपको डॉक्टर की ओर से 34वें हफ्ते में अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी जाएगी।

हालांकि अगर प्रेगनेंसी में किसी तरह के रिस्क है तो इस सप्ताह आपका अल्ट्रासाउंड किया सकता है।

टेस्ट (Test)

इस दौरान निम्न टेस्ट्स हो सकते हैं :

  • ग्लूकोज टॉलरेंस टेस्ट (OGTT - Oral glucose tolerance test)

गर्भवती महिला के ब्लड में शुगर के स्तर को देखने के लिए प्रेगनेंसी के 24वें-28वें सप्ताह के बीच ग्लूकोज टॉलरेंस टेस्ट (OGTT - Oral glucose tolerance test) किया जाता है।

इसमें एक चरण या दो चरण शामिल होते हैं :।

1.पहला चरण (First stage)

उपवास की अवधि के बाद ग्लूकोज के स्तर का परीक्षण किया जाता है, जिसके बाद आपको पीने के लिए 75 ग्राम ग्लूकोज दिया जाएगा।

खुराक के एक घंटे और दो घंटे बाद आपके ग्लूकोज के स्तर को फिर से मापा जाता है।

2.दूसरा चरण (Second stage)

यह ग्लूकोज टॉलरेंस टेस्ट से शुरू होता है, जहां आपको पीने के लिए 50 ग्राम ग्लूकोज दिया जाता है और 1 घंटे के बाद ब्लड शुगर लेवल की जांच की जाती है।

अगर परीक्षण परिणाम असामान्य है, तो तीन घंटे का ग्लूकोज टोलेरेंस टेस्ट किया जाता है।

उपवास के बाद और खुराक के 1 घंटे, 2 घंटे और 3 घंटे के बाद ग्लूकोज का स्तर मापा जाता है।

असामान्य परीक्षा परिणाम गर्भकालीन मधुमेह का संकेत है।

  • फीटलफ़िब्रनेक्टिन टेस्ट
    (Fetal fibronectin test)

वहीं इस समय अगर आपके डॉक्टर को आपको लेकर प्रीटरम लेबर के ख़तरे का अंदेशा है, तो वो सप्ताह 22वें-34वें हफ्ते के बीच प्रोटीन, भ्रूण फ़ाइब्रोनेक्टिन (Fetal fibronectin -FFN) की जाँच करने के लिए टेस्ट कर सकते हैं, जो शिशु के आस-पास की झिल्लियों (membranes surrounding the baby) में मौजूद होता है।

गर्भावस्था के पच्चीसवें हफ्ते में संभोग

Sex in the twenty fifth week of pregnancy in hindi

Garbhavastha ke pachisvein hafte mein sex in hindi

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आपकी गर्भावस्था के दौरान से लेकर आपकी ड्यू डेट तक सेक्स करना सुरक्षित होता है।

वास्तव में, कई महिलाओं को पता चलता है कि गर्भावस्था के साथ उनकी सेक्स ड्राइव बढ़ जाती है।

गर्भावस्था के 25 वें सप्ताह तक, कुछ स्थिति आपको असहज कर सकती हैं, इसलिए आप और आपका साथी कुछ नए पोज़ीशन को अपनाकर सेक्स का आनंद ले सकते हैं।

गर्भावस्था के पच्चीसवें हफ्ते में पिता के लिए टिप्स

Tips for father during twenty fifth week of pregnancy in hindi

Garbhavastha ke pachisvein hafte mein pita ke liye tips in hindi

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माँ बनने वाली महिला अब प्रेगनेंसी के पच्चीसवें हफ्ते में पहुंचने के साथ होने वाले बच्चे को लेकर बहुत अपने मन में बहुत सी इच्छाएं दबाएं रखती हैं।

ऐसे में महिला के साथी को ये समझने की कोशिश करनी चाहिए कि बच्चे को लेकर वो क्या-क्या करना चाहती हैं और किस तरह के उनके सपने है।

इसके अलावा होने वाले पिता को अपने साथी का पूरा ख्याल रखना चाहिए।

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