आईवीएफ के जरिए प्रतिमा और आदर्श को दोगुनी खुशी मिली

आदर्श और प्रतिमा की कहानी

आप कितने वर्षों से गर्भ धारण करने का प्रयास कर रहे थे, और एक सफल गर्भवस्था से पूर्व आपने कौन-कौन से उपचार किए?

मेरी और आदर्श की शादी 2013 में हुई थी, और बहुत लोगों की तरह हमें भी लगा था कि कंसीव करना आसान होगा। पर हमारी ज़िंदगी में जो भी परिस्थितियाँ आने वाली थी, उसका हमें कोई अंदाजा ही नहीं था। शादी के एक साल बाद, आदर्श और मैं, फैमिली प्लानिंग में लग गए थे। जब हमारी शादी हुई थी, तब मैं 31, और आदर्श 37 के थे।

6 साल निरंतर प्रयास करने के बाद हमें रिजल्ट मिला था। पहले हमनें 2 बार आई.यू.आई द्वारा कंसीव करने की कोशिश की, पर जब बात नहीं बनी, तब हमनें आई.वी.एफ को अपनाया, जो पहली कोशिश ही सफल हुआ।

जब कोशिश करते हुए, दो साल बीत गए, तब हमनें डॉक्टर से कंसल्ट करने का फैसला किया। हम अपने लिए गए फैसले से खुश थे, और हमारी उम्मीद भी यह सोच कर बढ़ गई थी, की अब सही ट्रीटमेंट की वजह से मैं माँ बन पाउंगी।

प्रतिमा

आपको किन-किन परिस्तिथियों का सामना करना पड़ा? अपनी प्रेरणा पूर्ण सफल यात्रा के बारे में हमें बताएँ।

निरंतर कोशिश करने और असफल होने के कुछ महीनों बाद, हमें लगा कि हमारे साथ ज़रूर कुछ गलत है, पर फिर भी हम उम्मीद कर रहे थे, की कोशिश रंग लाएगी। जब कोशिश करते हुए, दो साल बीत गए, तब हमनें डॉक्टर से कंसल्ट करने का फैसला किया। हम अपने लिए गए फैसले से खुश थे, और हमारी उम्मीद भी यह सोच कर बढ़ गई थी, की अब सही ट्रीटमेंट की वजह से मैं माँ बन पाउंगी।

हम बस जल्द-से-जल्द अपना इलाज करवा के, पॉजिटिव रिजल्ट चाहते थे। हमारे डॉक्टर ने भी हमें इस बात का भरोसा दिलाया, और कुछ जरुरी टेस्ट के बाद हमारा आई.यू.आई प्रोसेस शुरू हुआ।

हमारा पहला आई.यू.आई 2016 में हुआ था, जो फेल हो गया था। हमनें फिर दूसरा प्रयास करने का सोचा, पर वो भी फेल हो गया। हमें लगने लगा की शायद हमारे नसीब में बच्चा है ही नहीं। मैंने फिर से कुछ टेस्ट् कराया, तो पता चला की मेरी फॉलोपियन ट्यूब डैमेज है। तब डॉक्टर ने हमें बताया, कि कंसीव करने के लिए, हमें आई.वी.एफ द्वारा कोशिश करनी चाहिए थी।

हम डॉक्टर के इलाज से बहुत असंतुष्ट थे, क्योंकि डैमेज फॉलोपियन ट्यूब वाली बात हमें पहले नहीं बतायी गई थी। इसका मतलब डॉक्टर ने सही से टेस्ट ही नहीं करवाया था पहले। हमें ऐसा लगा, जैसे की हमें धोखा दिया गया है, क्योंकि अगर मेरे फॉलोपियन ट्यूब सही नहीं थे, तब तो आई.यू.आई की कोई गुंजाईश ही नहीं थी, फिर भी डॉक्टर ने दो बार हमारा आई.यू.आई करवाया।

हमनें फैसला किया कि हम कहीं और से अपना इलाज करवायेंगे। हमने सारी उम्मीद छोड़ दी थी, पर हम फिर भी कोशिश करना चाहते थे। 2019 में, आदर्श ने मुझे एक आखिरी कोशिश करने के लिए मनाया, और इस बार वो मदद के लिए Zealthy के पास पहुंचे, और हमनें Zealthy फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट के साथ अपॉइंटमेंट बुक कर के, अपना आई.वी.एफ का सफर 2019 में शुरू किया। यह शायद हमारी आखिरी कोशिश थी, और हम इस बात के लिए तैयार थे कि अगर इस बार भी सफलता नहीं मिली, तो हम एक बच्चा अडॉप्ट कर लेंगे। पर में फिर भी भगवान से हर वक़्त दुआ मांगती थी, की इस बार ट्रीटमेंट सफल हो जाए।

Zealthy फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट बहुत केयरिंग है, और उन्होंने हमें सफल ट्रीटमेंट का अनुभव देने का इतना प्रयास किया था, की हमारे अंदर भी कॉन्फिडेंस आ गया था। डॉक्टर अपना काम बहुत अच्छे से समझती थी। आई.वी.एफ प्रोसेस शुरू हो गया, और हमारे पास सिर्फ 3 एम्ब्र्यो थे, और उनमें से दो बहुत अच्छे क्वालिटी के थे। मेरी पहले सोनोग्राफी से हमें यह पता चला, की मेरे गर्भ में एक नहीं बल्कि 2 बच्चे है। मैं तो खुशी से पागल हो गई थी, “हे भगवान्! मेरे जुड़वा बच्चे होने वाले है। सफर बहुत मुश्किल था, पर अब कोई फर्क नहीं पड़ता था। उस वक़्त बस एक ही चीज़ मायने रख रहा था की, हमारे जुड़वा बच्चे होने वाले है।

अपने अनुभव से, मैं यह कहना चाहूँगी कि, कड़ी मेहनत की तरह, धैर्य भी सफलता की कुंजी है। कुछ चीजें होने में समय लगता है, और सही समय आने तक आपको मजबूत रहना चाहिए।

प्रतिमा

किस प्रकार Zealthy के आई.वी.एफ फर्टिलिटी विशेषज्ञों और उनकी केयर टीम ने, आपकी यात्रा के दौरान मदद की?

Zealthy ने हमारा बहुत साथ दिया, और हमारी ज़िंदगी में, उम्मीद की किरण लायी। उन्होंने हमें यह विश्वास दिलाया की कुछ भी संभव है, और मैं माँ भी आराम से बन सकती हूँ। Zealthy केयर टीम हमेशा मेरी मदद के लिए तैयार रहती थी। जब मुझे ट्रीटमेंट से जुड़ी कुछ बात समझ नहीं आती थी, तब मैं सीधे उनके ही पास जाती थी, और उन्होंने हमेशा मेरी मदद की है।

बांझपन की समस्या से जूझ रहे अन्य जोड़ों को आप क्या सलाह देना चाहेंगे? वह इस तनाव युक्त स्थिति का सामना किस प्रकार कर सकते हैं?

अपने अनुभव से, मैं यह कहना चाहूँगी कि, कड़ी मेहनत की तरह, धैर्य भी सफलता की कुंजी है। कुछ चीजें होने में समय लगता है, और सही समय आने तक आपको मजबूत रहना चाहिए।

इनफर्टिलिटी टट्रीटमेंट के वक़्त और किन चीज़ो से आपको मदद मिली?

मेरे परिवार का समर्थन मेरी सबसे बड़ी ताकत थी जिसने मुझे पूरी यात्रा में दृढ़ रहने में मदद की।

1 लोगों को यह कहानी मददगार लगी

पोस्टेड ऑन- 01 Jul 2020

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