शिलाजीत - उपयोग, लाभ और दुष्प्रभाव

Shilajit - uses, benefits and side-effects in hindi

Shilajit- upyog, laabh aur dushprabhav in hindi

शिलाजीत में फुल्विक एसिड (fulvic acid) सहित 84 से अधिक खनिज पदार्थ पाए जाते हैं, इसलिए यह कई तरह से स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है।

शिलाजीत कैप्सूल इम्यून सिस्‍टम और याददाश्त को बढ़ाने के लिए एक एंटीऑक्सिडेंट के रूप में कार्य कर सकता है। यह शरीर से अतिरिक्त तरल पदार्थ को कम करने में मदद करता है।

इस लेख में शिलाजीत क्या है, शिलाजीत के क्या प्रयोग हैं, शिलाजीत के दुष्प्रभाव क्या हैं, पुरुषों के लिए शिलाजीत के क्या फ़ायदे हैं और शिलाजीत का उपयोग कैसे करें, इन बिंदुओं पर भी चर्चा की गयी है।

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इस लेख़ में/\

  1. शिलाजीत क्या है और शिलाजीत के क्या प्रयोग हैं?
  2. शिलाजीत के साइड इफेक्ट्स क्या हैं ?
  3. पुरुषों के लिए शिलाजीत के फायदे क्या हैं?
  4. शिलाजीत का उपयोग कैसे करें?
 

1.शिलाजीत क्या है और शिलाजीत के क्या प्रयोग हैं?

What is shilajit and what are the uses of shilajit in hindi

Shilajit kya hain aur shilajit ke kya prayog hain in hindi

शिलाजीत बेहद गाढ़ा और लसलसेदार (resin) पदार्थ है जो काकेसस, गिलगिट, हिमालय, अल्ताई और बाल्टिस्तान जैसे पहाड़ों और चट्टानों पर पाया जाता है।

शिलाजीत आमतौर पर दो रंगों में मौजूद होता है - सफेद और डार्क ब्राउन।

अधिकतर इसका रंग भूरा होता है।

शिलाजीत एक चिपचिपा पदार्थ है जिसका उपयोग आमतौर पर आयुर्वेदिक चिकित्सा में किया जाता है।

यह फुल्विक एसिड के रूप में भी जाना जाता है और सदियों से विभिन्न पौधों के वियोजन (decomposition) से विकसित होता है।

शिलाजीत आपकी सेहत के लिए एक अच्छा और सुरक्षित सप्लीमेंट हो सकता है जो सेहत पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

कभी-कभी शिलाजीत कैप्सूल को आहार के बदले यानि डायट्री सप्लीमेंट फॉर्म (dietary supplement form) में भी लिया जाता है।

निम्नलिखित स्वास्थ्य समस्याओं के लिए शिलाजीत का उपयोग किया जा सकता है :

  • एनीमिया (anemia)
  • तेज दर्द (chronic pain)
  • क्रोनिक फटिग सिंड्रोम (chronic fatigue syndrome)
  • मधुमेह (diabetes)
  • एक्जिमा (eczema)
  • ऑस्टियोआर्थराइटिस (osteoarthritis)
  • अल्सरेटिव कोलाइटिस (ulcerative colitis)

इसके अलावा शिलाजीत हड्डियों को मजबूत बनाने और ऑस्टियोपोरोसिस (osteoporosis) से बचाने में मदद करता है।

कभी-कभी एक्स्पोनेंट्स (exponents) यह भी दावा करते हैं कि शिलाजीत एडाप्टोजेन (adaptogen) के रूप में काम कर सकता है, जो तनाव को कम करने और ऊर्जा को बढ़ाने के लिए उपयोग किए जाने वाले पदार्थों का एक वर्ग है।

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2.शिलाजीत के साइड इफेक्ट्स क्या हैं ?

What are the side-effects of shilajit in hindi

Shilajit ke side effects kya hai in hindi

शिलाजीत के साइड-इफ़ेक्ट्स निम्न हैं :

  • बेशक, शिलाजीत नैचुरल और सुरक्षित है लेकिन आपको कच्चे शिलाजीत का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इसमें भारी धातु के आयरन (metal irons), फंगस (fungus), मुक्त कण (free radicals) या कोई अन्य दूषित पदार्थ हो सकते हैं, जो आपको बीमार कर सकते हैं।
    आप चाहे मेडिकल स्टोर से शिलाजीत खरीदें या इसे ऑनलाइन ऑर्डर करें आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि शिलाजीत कैप्सूल या पाउडर शुद्ध और उपयोग करने के लिए तैयार है।
  • शिलाजीत को स्वास्थ्य के लिए एक हर्बल सप्लीमेंट माना जाता है और इसकी शुद्धता, गुणवत्ता या स्ट्रेंथ को मॉनिटर भी नहीं किया जाता।
    ऐसे में शिलाजीत खरीदने से पहले इसे सावधानी से जांचना चाहिए।
  • यदि किसी व्यक्ति को सिकल सेल एनीमिया (sickle cell anemia), थैलेसीमिया (thalassemia), हेमोक्रोमैटोसिस (hemochromatosis) हो या ब्लड सेल्स में आयरन बहुत अधिक मात्रा में बन रहा हो, तो उसे शिलाजीत लेने से बचना चाहिए।
    यदि आपको शिलाजीत के सेवन के बाद रैशेज, चक्कर आना या हृदय गति बढ़ जाती है तो शिलाजीत लेना बंद कर दें।
 

3.पुरुषों के लिए शिलाजीत के फायदे क्या हैं?

What are the benefits of shilajit for men in hindi

Purusho ke liye shilajit ke fayde in hindi

अब तक शिलाजीत को लेकर किए गए शोधों में इसका प्रभाव बहुत निश्चित है।

हालांकि, कई आरंभिक रिसर्च बताती हैं कि शिलाजीत लेने से कुछ स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं।

इन समस्याओं से गुज़र रहे पुरुषों के लिए शिलाजीत के लाभ निम्न हैं :

  • क्रोनिक फटिग सिंड्रोम - सीएफएस (Chronic Fatigue Syndrome - CFS)

क्रोनिक फटिग सिंड्रोम (सीएफएस) एक ऐसी स्थिति है जो गंभीर थकान का कारण बनती है।

सीएफएस से पीड़ित होने से काम पर जाना मुश्किल हो सकता है और रोजमर्रा की गतिविधियां चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं।

शोधकर्ताओं का मानना है कि शिलाजीत क्रोनिक फटिग सिंड्रोम के लक्षणों को कम कर सकता है और ऊर्जा का संचार कर सकता है।

सीएफएस, माइटोकॉन्ड्रियल डिसफंक्शन (mitochondrial dysfunction) से संबंधित रहा है।

यह तब प्रकट होता है जब आपकी कोशिकाएं पर्याप्त ऊर्जा उत्पन्न नहीं करती हैं।

2012 की एक रिसर्च में शोधकर्ताओं ने प्रयोगशाला में रखे गए चूहों को 21 दिनों के लिए शिलाजीत की खुराक दी।

प्रयोगशाला के चूहों में क्रोनिक फटिग सिंड्रोम की जांच के लिए को उन्हें लगातार 21 दिनों के लिए 15 मिनट तैरने को मजबूर किया गया।

रिसर्च के निष्कर्ष में पाया गया कि शिलाजीत क्रोनिक फटिग सिंड्रोम (सीएफएस) के प्रभाव को कम करने में मदद करता है।

इन निष्कर्षों के आधार पर, शिलाजीत के सेवन से स्वाभाविक रूप से शरीर के माइटोकॉन्ड्रियल फ़ंक्शन में सुधार करने से आपको अपनी ऊर्जा के स्तर में सुधार करने में मदद मिल सकती है।

  • अल्जाइमर रोग (Alzheimer’s disease)

अल्जाइमर रोग एक क्रोनिक न्यूरोडीजेनेरेटिव विकार (neurodegenerative disorder) है, जो याददाश्त में कमी और भ्रमित व्यवहार जैसे दिमाग की समस्याओं का कारण बनता है।

बहुत सी बीमारियों के ट्रीटमेंट के लिए दी जाने वाली दवाओं के दुष्प्रभाव के कारण अल्जाइमर के लक्षण बढ़ जाते हैं।

लेकिन कुछ शोधकर्ताओं का मानना है कि शिलाजीत की मॉलीकुलर कंपोजिशन (molecular composition) के कारण यह अल्जाइमर को बढ़ने से रोकने के साथ-साथ इसके असर को धीमा करने की क्षमता भी रखता है।

शिलाजीत में सबसे आवश्यक घटक फुल्विक एसिड है जो एक एंटीऑक्सिडेंट है।

फुल्विक एसिड टऊ (tau) प्रोटीन के इंफ्लेशन (inflation) को रोककर कॉग्निटिव हेल्थ (cognitive health) प्रदान करता है।

टऊ प्रोटीन हमारे तंत्रिका तंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन इसका संचय (accumulation) मस्तिष्क कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है।

शोधकर्ताओं का मानना है कि शिलाजीत में फुल्विक एसिड टऊ प्रोटीन के असामान्य संचय को अवरुद्ध कर सकता है और संक्रमण को कम कर सकता है।

इतना ही नहीं, शोधकर्ताओं ये भी मानते हैं कि अल्जाइमर के लक्षणों को कम करने में भी फुल्विक एसिड की अहम भूमिका है।

  • कम टेस्टोस्टेरोन स्तर (Low testosterone level)

टेस्टोस्टेरोन एक सेक्स हार्मोन है जिसकी पुरुषों में अधिकता होती है।

लेकिन कुछ पुरुषों में दूसरों की तुलना में टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम होता है।

टेस्टोस्टेरोन कम होने के कुछ संकेत निम्नलिखित हैं :

  • बाल झड़ना (Hair Fall)
  • सेक्स ड्राइव में कमी (Less sex drive)
  • थकान (Tiredness)
  • बॉडी मास बढ़ना (Increased Body Mass)

45 से 55 वर्ष के पुरुषों पर हुई रिसर्च में आधे प्रतिभागियों को प्लेसबो (दवा) दी गई और आधे प्रतिभागियों को शिलाजीत की 250 मिलीग्राम खुराक दिन में दो बार दी गई।

90 दिनों के इंतजार के बाद रिसर्च के नतीजों में पाया गया कि जिन प्रतिभागियों को शिलाजीत की खुराक दी गई थी, उनमें टेस्टोस्टेरोन का स्तर दूसरे प्रतिभागियों के मुकाबले काफी अधिक था , जिन्हें प्लेसबो दिया गया था।

  • इंफर्टिलिटी (Infertility)

शिलाजीत में मौजूद पदार्थों के कारण इसे पुरुष इंफर्टिलिटी यानि बांझपन के लिए सुरक्षित सप्लीमेंट माना जाता है।

एक रिसर्च में 60 इनफर्टाइल पुरुषों के एक समूह को भोजन के बाद लगातार 90 दिनों के लिए दिन में दो बार शिलाजीत दिया गया था।

90 दिनों की समय अवधि के अंत में 60% से अधिक पुरुषों में कुल शुक्राणुओं की संख्या में वृद्धि देखी गई।

  • आयरन की कमी - एनीमिया (Insufficiency of Iron - Anemia)

आयरन युक्त डायट की कमी, खून की कमी या आयरन को अवशोषित करने की कमी के कारण एनीमिया हो सकता है।

एनीमिया के लक्षणों निम्न हैं :

  • कमजोरी (Weakness)
  • थकान (Fatigue)
  • सिरदर्द (Headache)
  • ठंडे हाथ और पैर (Cold hands and feet)
  • इर्रिरेगुलर हार्टबीट (Irregular heartbeat)
  • एजिंग (Aging)

शिलाजीत में उच्च मात्रा में फुल्विक एसिड, मजबूत एंटीऑक्सिडेंट और एंटी इंफ्लेमेट्री होते हैं।

ये शरीर को मुक्त कणों और सेलुलर क्षति से भी बचा सकता है।

निष्कर्ष के रूप में, शिलाजीत का नियमित उपयोग दीर्घायु प्रदान कर सकता है (उम्र बढ़ने की प्रक्रिया धीमी होना और बेहतर स्वास्थ्य)।

शिलाजीत कैप्सूल लेने से शरीर में आयरन के स्तर को लगातार बढ़ाया जा सकता है।

एक रिसर्च में, 18 चूहों को तीन ग्रुप्स (वर्गों) में बराबरी से विभाजित किया गया।

शोधकर्ताओं ने सभी चूहों को एनीमिक (anemic) किया।

फिर तीसरे ग्रुप के चूहों को 11 दिनों के बाद 500 मिलीग्राम शिलाजीत दिया गया।

इसके बाद, शोधकर्ताओं ने 21 वें दिन सभी ग्रुप के चूहों के ब्लड सैंपल लिए गए।

निष्कर्ष से पता चला कि बाकी दो ग्रुप के चूहों के मुकाबले तीसरे ग्रुप के चूहों में हीमोग्लोबिन, हेमटोक्रिट और लाल रक्त कोशिकाओं (आरबीसी) की अधिक मात्रा थी।

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4.शिलाजीत का उपयोग कैसे करें?

How to use shilajit in hindi

Shilajit ka upyog kaise kare in hindi

शिलाजीत कैप्सूल, पाउडर और तरल रूपों में भी उपलब्ध है।

हमेशा अपने डॉक्टर द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार ही शिलाजीत का सेवन करें।

यदि आप शिलाजीत को तरल रूप में खरीदते हैं तो आपको चावल के दाने के आकार के समान शिलाजीत को दिन में एक से तीन बार पीना चाहिए (अपने चिकित्सक द्वारा आपको दिए गए निर्देशों पर विचार करते हुए) या फिर आप दूध के साथ दिन में दो बार शिलाजीत पाउडर को ले सकते हैं।

दिशा-निर्देशों में शिलाजीत के सेवन को सीमित किया गया है।

आप एक दिन में सिर्फ 300 से 500 मिलीग्राम शिलाजीत की गोली या पाउडर का सेवन कर सकते हैं।

शिलाजीत का उपयोग या सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श करना न भूलें।

पुरुष बांझपन सहित कई स्वास्थ्य स्थितियों में भी शिलाजीत लाभदायक साबित हो सकता है।

कोई भी सावधानी से इसका उपयोग कर सकता है।

हालांकि, शिलाजीत के दुष्प्रभावों पर विचार किया जाना चाहिए और यह सिफारिश की जाती है कि आप इसे लेने से पहले डॉक्टर से परामर्श करें।

आप Zealthy.in से संपर्क कर सकते हैं या पुरुष/महिला बांझपन और इसके उपचार से संबंधित अपने सभी सवालों के लिए +916366363030 पर कॉल कर सकते हैं।

आर्टिकल की आख़िरी अपडेट तिथि: 27 Mar 2020

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